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मज़हब मोहब्बत सिखाता है नफरत नहीं : सय्यद मोहम्मद अशरफ

संभल/19 नवंबर मज़हब मोहब्बत सिखाता है नफरत नहीं, यह बात हज़रत इमाम हसन की शहादत के मौके पर आयोजित एक धर्मसभा में आल इंडिया उलेमा व मशायख बोर्ड के संस्

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संभल/19 नवंबर

मज़हब मोहब्बत सिखाता है नफरत नहीं, यह बात हज़रत इमाम हसन की शहादत के मौके पर आयोजित एक धर्मसभा में आल इंडिया उलेमा व मशायख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने कहीं उन्होंने कहा हर धर्म मोहब्बत का पैग़ाम देता है तो फिर धर्म के नाम पर नफरत फैलाने वाले यह लोग कौन है ? आखिर मजहब के नाम पर खून बहाने वाले भोले भाले लोगों को किस तरह गुमराह कर पा रहे हैं ?
उन्होंने कहा कि यह इसलिए कामयाब हो पा रहे हैं क्योंकि हम मजहब को समझना ही नहीं चाहते हम झूठ और फरेब का शिकार हैं लोग हमें हर तरह फरेब दे रहे हैं यहां तक कि हम इबादतगाहों के विवाद में उलझे हुए हैं जब दुनिया दूसरे गृह पर बसने की बात कर रही है उस दौर में हमारा यह हाल है ।
हज़रत ने कहा हमें अपने बुजुर्गों से सीखना होगा कि मुश्किल दौर में किस तरह अमन कायम किया जाए यही तालीम हमें हज़रत इमाम हसन मुज्तबा अलहिससलाम की ज़िन्दगी में मिलती है आपने बताया कि किस तरह अमन को कायम करने के लिए कुर्बानी दी जाय ।आज इस दौर के किसी हुक्मरान में यह हिम्मत नहीं कि अगर अमन और सत्ता में से उसे कोई एक चुनना हो तो वह अमन चुने और अमन को कायम करने के लिए सत्ता को त्याग दे यह अमल इमाम का ही है और हमारी ज़िम्मेदारी है कि इसे अपनी ज़िन्दगी में उतारे तभी हम इस दुनिया को शांति का गहवारा बनाए रख सकते हैं ।
“मोहब्बत सबके लिए नफरत किसी से नहीं “यह संदेश हज़रत इमाम हसन अलैहस्सलाम की ज़िन्दगी में मिलता है आपने अपने क़ातिल का बदला भी अपने रब पर छोड़ दिया और अमन के लिए अज़ीम कुर्बानी पेश की।

By: Yunus Mohani

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