AIUMB condemns shooting at synagogue in Poway, California

New Delhi, 29 April 2019

All India Ulama & Mashaikh Board releases the following statement condemning the Saturday shooting at the Congregation Chabad in Poway, California:

“There is no worse form of terrorist extremism than an attack on a place of worship — whether it be arson at churches in Louisiana, mass shootings at mosques in Christchurch, New Zealand, the attacks on Churches in Sri Lanka or this weekend’s attack on a synagogue in Poway, California. This evil must be confronted by all of us, especially faith leaders who at times have to overcome threats from within their own community to speak up against extremism. We cannot be bystanders in this war against the right of any community to worship in peace. Enough is enough”

देश भर में उलमा व मशाईख़ बोर्ड का रोष विरोध प्रदर्शन, मदरसों और दरगाहों से दी गई शहीदों को श्रद्धांजली

महाराज गंज, यूपी

आल इंडिया उलमा व मशाईख़ बोर्ड द्वारा देश भर में पुलवामा में हुए आतंकी हमले के विरुद्ध विरोध प्रदर्शन जारी है। कल बोर्ड के युवा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष सय्यद आलमगीर अशरफ ने इंदौर की एक जामे मस्जिद से ख़िताब करते हुए इस आतंकी हमले की कड़ी निंदा की थी और आज राजकोट में एक प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन करने जा रहे हैं जिस में दोषियों के ख़िलाफ़ जल्द और कड़ी सज़ा की मांग की जाएगी। सय्यद अशरफ के मुताबिक़ बोर्ड देश के कोने कोने से इस आवाज़ को उठाएगा और जब तक सज़ा नहीं मिल जाती विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।

इसी कड़ी में यूपी के महाराज गंज ज़िले के नौतनवा में सय्यद अफ़ज़ाल अहमद और मौलाना क़मर आलम की अगुवाई में हमले के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन हुआ जिस में नौतनवा के लगभग सभी मदरसों के विद्यार्थियों, अध्यापकों, मस्जिदों के इमामों ने भाग लिया और एक साथ बोर्ड की आवाज़ को मज़बूत किया कि सब्र का पैमाना भर चुका है। अब ज़ालिम और क़ातिल को बख्शा ना जाये।

मदरसा अशरफिया दारुल उलूम और मदरसा गौसिया बरकतुल उलूम के प्रबंधकों और अध्यापकों ने विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेते हुए कहा कि मुल्क पर उठने वाली किसी भी नज़र को हम किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं कर सकते।

विरोध प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे मौलाना कमर आलम ने कहा कि यह मुल्क हमारा है और इस मुल्क का हर बाशिंदा हमारा भाई है। मुल्क की सरहदों पर सिपाही हमारी रक्षा में खड़े हैं। आज उन पर हुआ यह जघन्य हमला हम पर और हमारी आन बान और शान पर हमला है जो हमें किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं। अगर सरकार इन के ख़िलाफ़ कुछ नहीं कर सकती तो हम सर पर कफ़न बाँध कर मुल्क की हिफाज़त के लिए तैयार हैं।

मास्टर शमीम अशरफी ने कहा कि हमारे सिपाही हमारा अभिमान और स्वाभिमान हैं। हम उन के परिवार के साथ हैं। उन्हीं इन्साफ दिला कर रहेंगे और और हमला में लिप्त एक एक अपराधी को जब तक सज़ा नहीं मिल जाती चुप नहीं बैठेंगे।

इन के अलावा प्रदर्शन में हाफिज़ कलीम उल्लाह, मौलाना ज़ुल्फ़िकार, मौलाना रफ़ीक, कारी जुनैद अशरफी, मौलाना उमर, मुहम्मद इदरीस खान अशरफी, अतीक़ अंसारी, शम्स तबरेज़, मुहम्मद नियाज़ कुरैशी, आज़ाद अशरफ कुरैशी, महबूब आलम, इरशाद खान और सद्दाम हुसैन समेत मदरसों छात्र, प्रबंधक, अध्यापक और मस्जिदों के इमाम शामिल हुए।

 

Source: Nayasavera.net

देश भर में उलमा व मशाईख़ बोर्ड का रोष विरोध प्रदर्शन, मदरसों और दरगाहों से दी गई शहीदों को श्रद्धांजली

उलमा मशाइख बोर्ड के आह्वाहन पर मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षकों की लडाई लड़ रहे सभी बड़े संगठन आये एक साथ

6 फ़रवरी ,लखनऊ ,

विगत 36 महीनों से वेतन न मिलने पर समस्याओं से जूझ रहे मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षक अलग अलग संगठन बना कर अपनी लडाई को लड़ रहे थे जिससे आपस में एक संवाद हीनता की स्थिति उत्पन्न हो गयी थी और लडाई शिथिल पड़ रही थी .

आल इंडिया उलमा व मशायख बोर्ड ने इनकी लड़ाई को अपना समर्थन देते हुए जहाँ 28 जनवरी को सामाजिक न्याय सम्मलेन से इस आवाज़ को ज़ोरदार तरीके से उठाया वहीँ बड़ा क़दम उठाते हुए सभी संगठनों के प्रमुखों से मिलकर उनके विचारों को सुना बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने एक संयुक्त मोर्चा बनाकर सभी संगठनों से इसमें सदस्य रहने का प्रस्ताव रखा जिसके माध्यम से लड़ाई को एकजुटता के साथ लड़ा जा सके और संवादहीनता की जो स्थिति पनप रही है उसे रोका जा सके .
हज़रत के इस प्रस्ताव को सभी बड़े संगठनों से स्वीकार किया और प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कर अपनी मजूरी दी यह इस लड़ाई को लड़ने वाले सभी शिक्षकों की पहली जीत है और जल्द ही उनकी समस्या का समाधान निकलने की ओर पहला क़दम है .
उत्तर प्रदेश में इन शिक्षकों की संख्या लगभग 30 हज़ार है जिनको एक संयुक्त मोर्चा बना कर एकजुट किया गया है .

By: यूनुस मोहानी

सत्ता में भागीदारी है समाज की समस्याओं का हल : सय्यद आलमगीर अशरफ

4 फरवरी/जालौन ,आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड युवा शाखा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना सय्यद आलमगीर अशरफ ने कल जालौन में एक सभा को संभोधित करते हुए कहा कि “सत्ता में भागीदारी है समाज की समस्याओं का हल” उन्होंने कहा,  28 जनवरी को आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने देश की तमाम बड़ी खानक़ाहों के सज्जादानशीन व प्रतिनिधियों और बोर्ड के तमाम राज्यों के अध्यक्षों और पदाधिकारियों की मौजूदगी में भागीदारी की मांग के बाद पूरे देश में यह बात चल चुकी है और लोग अपना मन बना रहे हैं कि  भागीदारी के बिना  हम किसी के साथ नहीं जा सकते।
मौलाना ने कहा कि अब झूठे वादे और खोखले दावों पर हमें भरोसा नहीं है,  हमें जो हमारी तादाद के हिसाब से भागीदारी देगा हम उसके साथ होंगे, उन्होंने साफ कहा कि बोर्ड ने साफ तौर से ऐलान कर दिया है कि हम अपने लोगों की लड़ाई हर जगह लड़ेंगे और सियासी रहनुमाई भी करेंगे क्योंकि समाज को तब तक कुछ हासिल नहीं हो सकता जब तक सत्ता में आप भागीदार न हो जाएं ।
सभा को संबोधित करते हुए मौलाना कैसर रज़ा मदारी ने कहा कि हम शेखुल हिन्द हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ मियां की आवाज़ में अपनी आवाज़ मिलाते हुए हर बच्चे बच्चे तक यह पैग़ाम पहुंचा दें कि अब सिर्फ बात भागीदारी की होगी क्योंकि सिर्फ मदारिस और दारुल उलूम से कौम के मसले हल नहीं किए जा सकते, इसके लिए हमें सियासत में हिस्सेदार बनना होगा, सिर्फ वोटर और सपोर्टर बन कर नहीं बल्कि सत्ता में भागीदार बन कर हम सामाजिक न्याय की लड़ाई जीत सकते हैं।
सभा में हजारों लोगों ने शिरकत की और बोर्ड के ऐलान का समर्थन किया, कार्यक्रम  का समापन  सलात व  सलाम के बाद मुल्क में शांति की दुआ के साथ हुआ।
By : यूनुस मोहानी

شراکت داری کے بغیر سماجی انصاف ایک دھوکہ

بورڈ کے بینرتلے علماومشائخ ،دانشوروں نے سماجی انصاف کے لئے متحد ہوکرلڑائی لڑنے کا عزم کیا
(لکھنؤ۔۲۸ جنوری (پریس رلیز
آل انڈیا علماء و مشائخ بورڈ کے زیر اہتمام اندرا گاندھی پرتشٹھان،لکھنؤ میں ایک پروگرام ”ساماجک نیائے سمیلن” کا انعقاد کیا گیا جس میں پورے ملک سے بورڈ کے عہدیداروں، مسلم دانشوروں اور علماء نے حصہ لیا۔اس کانفرنس میں ملک کے سبھی بڑی درگاہوں کے سجادہ نشین اور نمائندوں نے شرکت کی۔
اس موقع پر اجتماع سے خطاب کرتے ہوئے بورڈ کے بانی وصدر حضرت سید محمد اشرف کچھوچھوی نے کہا کہ یہاں مسلم سماج کے ہر طبقے کے لوگ ملک کے ہر کونے سے آئے ہوئے ہیں، تمام لوگ جانتے ہیں کہ جس طرح کی پریشانی سے آج معاشرہ پریشان ہے، انصاف کے نام پر آپ سے ووٹ لیا جاتاہے اور بعد میں آپ کودھوکہ ملتا ہے۔
انہوں نے سوال کیاکہ ہم کب تک دھوکہ کھانا چاہتے ہیں ،یہ سوال ہر شخص سے ہے۔ انہوں نے کہا کہ ہمارا ملک ایک جمہوری ملک ہے جہاں سب کو ووٹ دے کر اظہار رائے کا اختیارہے لیکن آخر کب تک ہم دوسروں کی رائے پر چلیں گے؟ سوال یہ بھی ہے کہ کیا بناشراکت داری کے آپ کچھ کرسکتے ہیں؟ حضرت کچھوچھوی نے کہا کہ آرٹیکل 341پر جوجدوجہد چل رہی ہے کیا وہ کہیں تک پہنچی؟
اشرف کچھوچھوی نے کہا کہ اب ہم سب مل کر اس جنگ کو لڑیں اور کسی کو ہمارے جدوجہد کا غلط فائدہ نہ اٹھانے دیں اور یہ اسی وقت ممکن ہے جب اقتدار میں ہماری حصہ داری طے ہو، ہم جعلی مسکراہٹ اور جھوٹے وعدوں پر نہیں بلکہ شراکت داری کے نام پر اپنا فیصلہ کریں۔حضرت نے کہا کہ شراکت داری کے بغیر انصاف ممکن نہیں ہے، یہ صرف دھوکہ دہی ہے۔
خانقاہ شیخ العالم ردولی شریف کے سجادہ نشین اور بورڈ کے قومی مجلس عملہ کے رکن حضرت شاہ عمار احمد احمدی (نیر میاں) نے کہا کہ مدرسہ بورڈ میں جس طرح کی بدعنوانی پھیلی ہوئی ہے اس کے لئے بھی قدم اٹھائے جانے چاہئے اور یہ بھی تب ہی ممکن ہوگا جب ہم اقتدار میں حصہ داری کریں، میں حضرت اشرف میاں کی بات سے متفق ہوں کہ بدعنوانی کو ختم کئے بغیر مدارس کی حالت سنوارنے کی بات کرنا خود ایک بے ایمانی ہے۔
کرناٹک سے تشریف لائے حضرت سید تنویر ہاشمی نے کہا کہ درگاہوں سے محبت کا پیغام دیا جاتا ہے، یہ واحدایک ایسی جگہ ہے جہاں ہر مذہب کے لوگ بغیر کسی امتیاز کے آتے ہیں اور محبت کے پھول پیش کرتے ہیں، انکی حفاظت ضروری ہے اوراس کے لئے بورڈ مسلسل مطالبہ کر تارہا ہے کہ درگاہ ایکٹ بنا کر ان کی حفاظت کی جائے لیکن لوگ وعدہ کرکے مکر گئے لہذا ہمیں اب شراکت داری کی طرف جاناہوگا۔ انہوں نے کہا کہ اگر آپ اقتدار میں شریک نہیں ہوں گے تو نقصان ہی ہوگا ۔
درگاہ خواجہ غریب نواز کے گدی نشین سید سلمان چشتی نے کہا کہ نفرت کی ہر آواز کو ہمیں محبت سے دبا دینا ہے، لیکن اگر انصاف نہیں ہوا تو ایک بے چینی رہتی ہے، سماجی انصاف کے بغیر ترقی کاخواب ہی جھوٹا ہے۔ یہ کس طرح ممکن ہے کہ ایک انسان کے پاس ساری طاقت ہو اور دوسرا محروم رہے پھر دونوں کو برابر بوجھ اٹھانے کے لیے کہا جائے۔یقیناطاقتور شخص زیادہ بوجھ اٹھائے گا اور یہی عدم توازن معاشرے میں ٹکراؤ کی وجہ ہے۔
تلنگانہ سے آئے سید آل مصطفی پاشا نے کہا کہ مسلم سماج کی اس ملک میں سب سے بڑی جنگ آرٹیکل 341 پر لگی پابندی کوہٹوانا ہے۔انہوں نے کہا حکومتیں ہمیں الجھا کر اصل مسئلے سے ہٹائے رکھنا چاہتی ہیں اور سیاسی جماعتیں ہمارے درمیان تصادم کرانا چاہتی ہیں جو ہمیں کمزور کرنے کی سازش ہے لہذا اب ہمیں ہوشیار ہوکر اقتدار میں شرکت یقینی کرنی ہوگی تاکہ ہم اپنی جنگ لڑنے کے خود قابل ہوں اورجیت بھی سکیں۔انہوں نے بورڈ کے صدر کی حمایت کرتے ہوئے کہا کہ ہم اپنے قائد کے ہر کے فیصلے میں ان کے ساتھ ہیں۔
مکنپور درگاہ سے آئے بورڈ کے قومی مجلس عملہ کے رکن حضرت سیدسیدالانوارسیدی میاں نے حج کمیٹی میں ہو رہی بدعنوانی کا مسئلہ اٹھایا اورکہا کہ حاجیوں کے ساتھ سوتیلا برتاؤ ہو رہا ہے اورزیادہ پیسے لے کر سہولتیں نہیں مل رہی ہیں۔ اس بدعنوانی کوختم کرنا ہوگا اور یہ بھی شراکت داری کے ساتھ ہی ممکن ہے ۔ انہوں نے کہا کہ ہم نے اپنا اپناقائد اشرف میاں کوبنایا ہے اور ہمیں ان کی حوصلہ افظائی بھی کرنی ہے اورساتھ بھی دینا ہے۔
احمد آباد سے تشریف لائے سید نصیر الدین چشتی نے کہا کہ آج ہم جہاں کھڑے ہیں اگر ہم ا بھی بھی اپنی قیادت مضبوط نہیں کر پائے تو سماجی انصاف کی لڑائی کبھی نہیں جیتی جا سکتی لہذا ہم سب اشرف میاں کے ساتھ برابری سے اس جنگ میں شریک ہیں اور ان کی ہر طرح کی حمایت کرتے ہیں۔
بورڈ کی ایڈوائزری کمیٹی کے رکن پروفیسر خواجہ اکرام الدین نے تعلیمی نظام اور مدرسے کے موضوع پر بات کرتے ہوئے مدرسہ بورڈ کی بدعنوانی کے بارے میں تفصیلی بحث کرتے ہوئے مدارس کی بہتری کے بارے میں بتایا۔ خواجہ اکرام نے کہا تعلیم اگر معیاری نہیں ہوگی تو نقصان تو ہوگا ہی اس کے لئے متحد ہوکر بورڈ کو مضبوط کرنا ہے اورشراکت داری کی اس جنگ کو لڑناہے۔
اجلاس کوریٹایرڈ IAS افسر انیس انصاری نے بھی خطاب کیا اور آرٹیکل 341 کے سلسلے میں لوگوں کو بیدار کیا۔
جدید مدرسہ استاد یونین کے صدر سمیت دیگر عہدیداروں نے اپنے مسئلہ کو بورڈ کے پلیٹ فارم کے ذریعے متعارف کرایا۔دہلی سے آئے پروفیسر سید اختر نے بھی مدرسہ ایجوکیشن کو بہتر بنانے پر اپنی بات رکھی۔اس کے ساتھ دیگر علماء نے بھی کانفرنس سے خطاب کیا اور شراکت داری کی بات پر بورڈ کے فیصلے کی تائید کرتے ہوئے کرتے ہوئے کہا کہ ہم بڑی مشکل سے قائد کوتلاش کرپائے ہیں اب ہم آپ کے فیصلے کے ساتھ ہیں۔
اس موقع پر بورڈ نے تمام سیاسی جماعتوں کومخاطب کرتے ہوئے میمورنڈم پڑھا اوربعد میں سبھی سیاسی جماعتوں کومیمورنڈم بھیجا گیا۔
پروگرام میں آئے ہوئے مہمانوں کا استقبال بورڈ کے ریاستی صدر سید شادان شکوہ مداری نے کیا اورنظامت کے فرائض مولانااشتیاق قادری نے انجام دیا۔

بہار اسٹیٹ مدرسہ ایجوکیشن بورڈ کے نصاب سے انگریزی مضمون کو ختم کرنے سے بہارمدارس کے بچوں کا مستقبل خطرے میں: سید محمد اشرف کچھوچھوی 

چتوڑگڑھ،راجستھان،۱؍ستمبر(پریس ریلیز) بہار اسٹیٹ مدرسہ ایجوکیشن بورڈ کی جانب سے فوقانیہ اور مولوی امتحانات سے لازمی پیپر انگریزی جو 100 نمبر کا تھا جسے ہٹا نے سے سیدھا نقصان طلبہ و طالبات کا ہوگا۔ ان خیالات کا اظہار آل انڈیا علماء و مشائخ بورڈ کے قومی صدراور ورلڈ صوفی فورم کے چیئرمین حضرت سید محمد اشرف کچھوچھوی نے چتوڑ گڑھ سے جاری ایک بیان میں کیا۔
بورڈ کے قومی صدر نے کہا کہ طلبہ و طالبات کو کسی بھی یونیورسٹی میں کسی بھی شعبے میں داخلہ لینے کے لئے یا روزگار حاصل کرنے کے لئے انگریزی زبان کا ہونا لازمی ہے۔موجودہ دور میں زیادہ تر علمی معلومات اسی زبان میں میسرہیں جس سے مستفیدہونے کے لیے ضروری ہے کہ اس زبان پر تحریری اور زبانی اعتبار سے دسترس حاصل کی جائی لیکن اس کو ہٹاکر بہار مدرسہ بورڈ نے طلبہ و طالبات کے مستقبل کے ساتھ کھلواڑ کیا ہے اور ساتھ ہی ایجوکیشن بورڈ کے ذریعہ قدیم مدت سے چلی آرہی روایتوں سے ہٹ کر جمعہ کے دن امتحان بھی کرایا گیا ہے جو کہ غلط ہے۔
ان حرکتوں سے پتہ چلتا ہے کہ حکومت بہار نے پورا ارادہ کر لیا ہے کہ مدرسہ بورڈ ختم کردیا جائے جس کا تازہ نمونہ یہ بھی ہے کہ اگست کی آخری تاریخوں میں فوقانیہ اور مولوی جماعت کا امتحان کروایا جا رہا ہے تاکہ کوئی بھی طلبہ و طالبات دیگر کالجوں اور یونیورسٹیوں میں داخلہ نہ لے سکیں کیونکہ ملک کے بیشتر تعلیمی اداروں میں جولائی ماہ ہی میں داخلہ کی کار روائی مکمل کر لی جاتی ہے۔
انہونے یہ بھی کہا کہ یادرکھئے اگر مدرسہ بورڈ کو حکومت نے ختم کردیا تو ہمارے بچوں کا مستقبل تو ختم ہوگا ہی ساتھ ہی ہمارے گھروں میں بے روزگاری بھی بڑھے گی اس لئے آل انڈیا علما و مشائخ بورڈ حکومت بہار سے اسکو بحال کرنے کا پر زور مطالبہ کرتا ہے۔

आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड ने संयुक्त राष्ट्र संघ और हॉलैंड सरकार को दर्ज कराया विरोध

पैग़म्बर ए अमन की शान में गुस्ताखी ना क़ाबिल ए बर्दाश्त: सय्यद अशरफ

18 अगस्त (दिल्ली)

“पैग़म्बर ए अमन की शान में गुस्ताखी ना क़ाबिल ए बर्दाश्त” आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष व वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन सय्यद मोहम्मद अशरफ किछोछ्वी ने हॉलैंड के एक सांसद द्वारा पैग़म्बर ए अमन का कार्टून बनाने का कॉम्पीटिशन पार्लियामेंट हाउस में उनकी पार्टी के दफ्तर में आयोजित करने के देहश्तगरदान काम पर कही. हज़रत ने कहा कि किसी भी मज़हब कि तौहीन आतंकवाद ही है, उनहोंने बताया कि आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड ने संयुक्त राष्ट्र संघ व हॉलैंड सर्कार को अपना विरोध पत्र लिख कर दर्ज कराया है और मांग की है कि ऐसा करने वाले किसी व्यक्ति/संस्था को कड़ी से कड़ी सज़ा दी जाए और ताकि भविष्य में कोई ऐसा करने का प्रयत्न भी ना करे. उन्होंने कहा भारत सरकार से भी बोर्ड मांग करता है कि इस मसले पर अपना विरोध हॉलैंड सरकार से जताए क्योंकि इससे भारत में रहने वाले करोड़ों भारतीय मुसलमानों की भावनाएँ आहत हुई हैं. पैग़म्बर की शान में गुस्ताखी मुसलमान बर्दाश्त नहीं कर सकता इसलिए नफरत फैलाने वले उनके जज्बात को इसी के जरिये भड़काना चाहते हैं, जो कि एक वैश्विक षडयंत्र का हिस्सा है. हमें नफरत को पछाड़ने के लिए ऐसा करने वालों को रोकना होगा.

सिर्फ जश्ने आज़ादी मनाना नहीं बल्कि आज़ादी को महफूज़ भी रखना है: सय्यद मोहमम्द अशरफ

15 अगस्त /दिल्ली “सिर्फ जश्ने आज़ादी मनाना नहीं बल्कि आज़ादी को महफूज़ भी रखना है “यह बात आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड और वर्ल्ड सूफी फोरम के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहमम्द अशरफ किछौछवी ने जश्ने आज़ादी के मौक़े पर कही उन्होंने मुल्क के सभी लोगों को यौमे आज़ादी की मुबारकबाद देते हुए कहा कि यह मुल्क का राष्ट्रिय पर्व है .

सभी को पूरे हर्षो उल्लास के साथ इसमें शरीक होना चाहिए क्योंकि देश से हम हैं हमारी पहचान हमारे मुल्क से है इसकी आज़ादी को बरक़रार रखना हम सबकी सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी है .उन्होंने कहा कि आज़ादी को छीनने के लिए बड़ी ताकतें लगी हुई हैं लेकिन हम हिन्दोस्तानी अपना सबकुछ लुटाकर भी इसे किसी को छीनने नहीं देंगे .

हज़रत ने कहा कि हमारे बीच में नफरत के बीज इसीलिए बोये जा रहे हैं कि हम एक होकर अपने मुल्क को भी बचाने न खड़े हो सके क्योंकि हमारा इतिहास यही रहा है जब देश की बात आई है तो हम सब एक नज़र आये हैं और देश के दुश्मन यह जानते हैं कि अगर यह एक रहे तो इन्हें मात देना मुमकिन नहीं है .

उन्होंने कहा कि हिन्दू मुस्लिम नहीं हिन्दोस्तानी बन कर सोचिये कि नफरत का नतीजा क्या होगा ?मोहब्बत से नफरतों को हरा दीजिये यही देशभक्ति का तकाजा है.अब अगर कोई नफरत की बात करे तो समझ जाइये यह देश का दुश्मन है देश तोडना चाहता है .लोगों के बहकावे में मत आइये सबको गले लगाइये.

 

By: Yunus Mohani

अफवाहें आग लगा रही हैं और नफरत जानें ले रही हैं : सय्यद मोहम्मद अशरफ

15 जुलाई/ खुंजा राजस्थान

अफवाहें आग लगा रही हैं और नफरत जाने ले रही है, यह बात एक जलसे को खिताब करते हुए वर्ल्ड सूफी फोरम एवम आल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने कही, उन्होंने कर्नाटक में गूगल के इंजीनियर मोहम्मद आज़म की एक अफवाह के चलते भीड़ के ज़रिए हत्या पर बोलते हुए कहा कि मुल्क खतरनाक दौर से गुज़र रहा है, सोशल मीडिया जहां एक ताक़तवर ज़रिया है अपनी बात रखने का, नफरत के सौदागरों ने उसे हथियार बना लिया है।
उन्होंने कहा कि अब वक़्त अा गया है सरकार को फौरन कोई ऐसा तरीका अपनाना होगा जिससे यह प्लेटफार्म भी बच जाए और वैचारिक आतंकी इसे अपना हथियार भी न बना सके।हज़रत ने कहा, बच्चा चोरी के इल्जाम में एक पढ़े लिखे इंसान को वहशी भीड़ मार देती है, यह कैसा समाज हमने बना दिया है, क्या यही विकास का मॉडल है ?

हज़रत ने कहा कि क़ुरआन में अल्लाह ने फरमाया कि" ईमान वालों जब तुम्हारे पास कोई खबर आए तो उसकी खूब तहक़ीक़ कर लिया करो "लिहाजा यही उसूल है कि किसी बात को मान लेने से पहले उसकी तहकीक ज़रूरी है आज लोग बिना तहक़ीक़ के हर बात को सच मान कर नफरत की आग में बेगुनाहों की जान लेने पर तुले हैं।

उन्होंने कहा, कहीं दलित, कहीं मुस्लिम कहीं महिलाएं नफरत का शिकार हो रही हैं,ऐसे में हुकूमत की ज़िम्मेदारी बनती है कि वह ऐसे इंतज़ाम करे जिससे वैचारिक आतंकी कामयाब न होने पाए, हज़रत ने शदीद ग़म और ग़ुस्से का इजहार करते हुए कहा कि एक तरफ पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में ज़हरीली सोच के मालिक बम धमाके कर बेगुनाहों की जान ले रहे हैं, और हमारे मुल्क में अफवाह को बम की शक्ल में इस्तेमाल कर बेगुनाहों की जान ली जा रही है, हम इसकी सख्त मज़म्मत करते हैं और अहले अमन से अपील करते हैं कि लामबंद होकर नफरत की आंधियों के खिलाफ खड़े हो जाइए, मोहब्बत के चिराग का मुहाफिज़ खुदा है।

By: यूनुस मोहानी

मुसलमान खुद हैं जिम्मेदार सुधार करें : सय्यद मोहम्मद अशरफ

7 जनवरी/ नई दिल्ली
मुसलमान खुद जिम्मेदार हैं सुधार करें यह बात हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया के उर्स के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए आल इंडिया उलेमा व मशायख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने मौजूदा समय में तीन तलाक़ को लेकर चल रही बहस पर कहीं ।
उन्होंने कहा मुसलमान खुद शरीयत पर अमल नहीं करते और इस आधार पर जब कहीं और से बात आती है तो परेशान हो जाते हैं यह हमारी अपनी कमजोरी है,सूफिया ने शरीयत को अपने अमल में ढाल कर पेश किया यही वजह है इनके आस्तानो पर हर मजहब के लोग अकीदत के फूल पेश करते नजर आते हैं हम खुद को अमल की बुनियाद पर सुधारने को तैयार नहीं हो रहे जिसकी वजह है कि जो शरीयत जानते है न इस्लाम वह रोज़ रोज़ नई नई तरह की बात उठा कर हमारे जज्बात को भड़काना चाहते हैं।
हज़रत ने कहा हमें होशियार रहना होगा अपने लोगों को जागरूक करना होगा,यह हमारी ज़िम्मेदारी है हमें होश से काम लेना है वरना याद रखिए हम खुद ही अपने घरों में आग लगाने वाले होंगे, नफरत को कामयाब होने दीजिए खुद को शरीयत पर अमल करने वाला बना लीजिए शरीयत का तहफ्फुज खुद बखुद होगया।
महफ़िल में दरगाह निज़ामुद्दीन औलिया के सज्जादानशीन हज़रत सय्यद अहमद अली निजामी, वली अहद दरगाह हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया सय्यद फरीद अहमद निजामी सहित काफी बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।समापन सलातो सलाम के बाद विश्वशांति की दुआ के साथ हुआ ।

By: YunusMohani