सरहद पर गोली और मीडिया की बोली दोनों ही से देश को खतरा : सय्यद मोहम्मद अशरफ

17 जून,2020 बुधवार, नई दिल्ली

आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफ़ी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने न्यूज 18 न्यूज चैनल के एंकर अमीश देवगन द्वारा हज़रत ख्वाजा गरीब नवाज़ रहमतुल्लाह अलैहि की शान में अभद्र एवं अशोभनीय टिप्पणी किए जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है उन्होंने कहा मुल्क नाज़ुक दौर से गुजर रहा है ऐसे में मुल्क की मीडिया का यह गैर जिम्मेदाराना रुख भारत की एकता पर खतरा है।
इस तरह के गैरजिम्मेदार लोगों पर तुरंत कार्यवाही की जानी चाहिए क्योंकि हज़रत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती रहमतुल्लाह अलैहि से न सिर्फ देश के मुसलमान बल्कि देश एवं विदेश के सभी धर्मों के लोग श्रद्धा रखते हैं अमीश देवगन की टिप्पणी से सभी की भावनाएं आहत हुई हैं और इस प्रकार की भाषा हमारी गंगा जमुनी तहजीब और भारतीय मूल्यों के विपरीत है।हज़रत ने कहा कि इस संबंध में बोर्ड ने भारत के प्रधानमंत्री ,गृहमंत्री,महामहिम राष्ट्रपति महोदय सहित भारत के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिख कर कार्यवाही की मांग की है एवं भारत की एकता की चोट पहुंचाने वाले ऐसे व्यक्ति के विरूद्ध पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है।


हज़रत ने कहा कि हम अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए अपनी सेना एवं भारत सरकार के साथ है और हर संभव सहयोग एवं देश रक्षा हेतु प्राणों की बाज़ी लगाने को भी तैयार हैं पूरे देश को इस संकट के समय में एकजुट रहना है लेकिन ऐसे घिनौने बोल बोलने वालों पर लगाम लगाई जानी चाहिए और तुरंत इनपर कठोरतम कार्यवाही की जानी चाहिए।

Yunus Mohani

पौधारोपण अभियान में जुटा ऑल इंडिया उलमा मशाइख बोर्ड

मस्जिद ग़रीब नवाज़ के संस्थापक हाजी सय्यद इफ्तेखार हुसैन के हाथों हुआ पौधरोपण

13 जून महाराजगंज,
आल इंडिया उलमा मशाईख बोर्ड की महाराजगंज शाखा द्वारा कोरोना वायरस की महामारी के बीच में एक अनूठा अभियान शुरू किया गया है , पौधारोपण अभियान जिसके अन्तर्गत लगातार अलग अलग जगहों पर पेड़ लगाये जाने हैं,इस बात की जानकारी आल इंडिया उलमा मशाईख बोर्ड महाराजगंज शाखा के प्रवक्ता मास्टर शमीम अशरफी ने दी।


मस्जिद ग़रीब नवाज़ के संस्थापक एवं व्यस्थापक हाजी सय्यद इफ्तेखार हुसैन साहब ने
बताया कि पेड़ लगाना सुन्नत है कोरोना की वजह से जिस तरह लोगों ने देखा कि प्रकृति ने खुद को दुबारा से रिचार्ज किया लिहाज़ा अब हम सब की बड़ी ज़िम्मेदारी है कि इसे अब दूषित न करें ,खूब पेड़ लगाए ताकि आने वाले समय में पूरी पृथ्वी पहले ही की भांति हरी भरी नजर आए उन्होंने बताया कि बोर्ड का यह राष्ट्रव्यापी अभियान कई वर्षों से चल रहा है और बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी के आह्वाहन पर मुसलमानों के सभी त्योहारों पर यह कार्य किया जाता रहा है ,और जहां मानवता के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वाह बोर्ड द्वारा किया जा रहा है भूखों को खाना खिलाया जा रहा है वहीं आने वाली नस्लों को साफ हवा मिले इसके लिए भी प्रयास तेज हैं।

और इसी अभियान के अन्तर्गत मस्जिद ग़रीब नवाज़ के संस्थापक एवं ओलमा मशाइख़ बोर्ड महराजगंज के सरपरस्त हाजी सय्यद इफ़्तेख़ार हुसैन ने मस्जिद कम्पस में पौधे लगाए।और लोगों से भी एक व्यक्ति एक पौधा अभियान में जुड़ने की अपील की।
इस मौके पर मौलाना क़मर आलम अलीमी साहब, डॉक्टर नेहाल अशरफी, सय्यद सेराज अहमद, सय्यद अफ़ज़ाल अहमद सय्यद वक़ार अहमद, सय्यद वहाज अहमद, शकील हाशमी, आसिफ हाशमी साहबान मौजूद रहे।

ईद के नाम पर फिज़ूलख़र्ची के बजाये ज़रूरतमंदों की मदद करे मुसलमान: ए.आई.यू.एम.बी

उलमा मशाइख बोर्ड की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग

04 मई, शेरानी आबाद, नागौर , राजस्थान

आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड दिल्ली के ज़िम्मेदार हाफिज हुसैन शेरानी ने बताया कि बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फ़ोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी समेत बोर्ड एग्जीक्यूटिव कॉउंसिल की ईद को लेकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग मीटिंग हुई जिस में भारतीय मुसलमानों से अपील करते हुए कहा गया कि:
रमजानुल मुबारक के पूरे महीने में विशेष रूप से आखिरी अशरे में अच्छी तरह से इबादत करें, सरकार द्वारा बरती जाने वाली सावधानियों का पालन करें और कोरोनो वायरस के खात्मे के लिए दुआ करें, पूरी दुनिया और हमारा प्यारा देश भारत कोरोना वायरस से परेशान है, एक हजार से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं, हजारों मरीजों का इलाज किया जा रहा है, अर्थव्यवस्था प्रभावित है, पूरा देश निराशा की स्थिति में है, ऐसे हालात में ईद के नाम पर ज़्यादा फ़िज़ूल खर्ची न करें, कपड़ों की खरीदारी हरगिज़ न करें , बल्कि नए के बजाय पुराना साफ सुथरा कपड़ा पहनें, और ज़रूरतमंदों की मदद करें, रमजान के आखिरी दिनों में अगर बाजार खुल भी जाए तो कृपया खरीदारी के लिए न जाएं, भीड़ जमा होगी तो खतरा है कहीं आप वायरस का शिकार न हो जाएँ, एक अच्छा भारतीय होने के नाते हमारी नैतिक ज़िम्मेदारी है हम इस आज़माइश के दौर में ईदुल फ़ित्र सादगी, और चुप्पी के साथ मनाएं, फितरा आखिरी अशरा से पहले अदा करने की कोशिश करें ताकि ज़रूरतमंदो तक उनका हक़ पहुँच जाए और अपने इलाक़े के इमाम व मोअज़्ज़िन का खास ख्याल रखें।


मीटिंग में कनाडा से शाह हसन जामी, कर्नाटक से हज़रत सैय्यद तनवीर हाशमी, महाराष्ट्र से हज़रत सैय्यद आलमगीर अशरफ, तेलंगाना से हज़रत सैय्यद आले मुस्तफा पाशा, यूपी से हज़रत सय्यदी मियां, यूनुस मोहानी, दिल्ली से हज़रत सैय्यद फरीद निज़ामी, मौलाना मकबूल और राजस्थान से हाजी सैय्यद सलमान चिश्ती व हुसैन शेरानी शामिल रहे.

आख़िर में कोरोना वायरस की महामारी से छुटकारा पाने के लिए ख़ास दुआ की गई ।

By: Husain Sherani

AIUMB महराजगंज का राहत सामग्री बांटने का इंतजाम


महराजगंज, अप्रैल 08.2020.
वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन एवं ऑल इंडिया ओलमा मशाइख़ बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष
#हज़रत_सय्यद_मोहम्मद_अशरफ_किछौछवी_साहब की अपील पर उनके चाहने वालों ने आज नौतनवां की #मस्जिद_ग़रीब_नवाज़ के कैम्पस में राहत सामग्री बांटने का इंतजाम #हाजी_सय्यद_इफ्तखार_साहब व
#मौलाना_सय्यद_अबरार_साहब के नेतृत्व में किया गया। जहां एक तरफ कोरोना जैसी महामारी है वहीं पर उससे बड़ी समस्या भूख की महामारी भी है। ऐसे मुश्किल वक़्त में हर इंसान को हर इंसान का ख्याल रखना चाहिए सभी अमीर को सभी ग़रीब के मदद के लिए खुल कर आगे बढ़ना चाहिए। ताकि भूख के वायरस से अपना कोई भी भाई भूखा सोने न पाए।
यह पोस्ट डालने का मक़सद सिर्फ और सिर्फ इतना है कि इस काम मे हिस्सा लेने वालों की हौसला अफजाई की जा सके ताकि इनलोगों में ख़िदमत का जज़्बा बरक़रार रहे। और इनके द्वारा सराहनीय कार्यों से प्रेरित होकर और भी लोग आगे बढ़े।और गरीबों जरूरतमन्दों की मदद करें। हाजी सय्यद इफ्तेखार साहब और मौलाना सय्यद अबरार साहब ने अपने हाथों से जरूरत मन्दों में राशन सामग्री वितरण की इस मौके पर हिंदुस्तान अखबार के वरिष्ठ पत्रकार अतीक़ अहमद अब्बासी, दूरदर्शन चैनल के राहुल तिवारी जी, स्वततंत्र चेतना के नव युवक पत्रकार राजा अग्रहरि उपस्थित रहे। इस मौके पर सय्यद सेराज अहमद, सय्यद अफजाल अहमद, सय्यद बेलाल अहमद, सय्यद वहाज अहमद, और मस्जिद ग़रीब नवाज़ के ख़तीब व इमाम मौलाना क़मर आलम अलिमि साहब और अशरफी जामा मस्जिद परसोहिया के ख़तीब व इमाम हाफिज कलीमुल्लाह साहब, मोहम्मद रफ़ीक़ अशरफी मोहम्मद अतीक़ अशरफी मोहम्मद मोबीन इमरान खान अंकित छेतरी संजय राजभर मोहम्मद वाहिद शकील हाशमी आज़ाद अशरफ अशरफी व साहब आलम कुरैशी वगैरह ने इस कार्य मे अपना भरपूर योगदान दिया।

#AiumbDonatesForCovid-19
#IslamicTeachings
#SaveHumanity
#SufiWay
#International_Durood_Week
#SyedAshraf

AIUMB मुरादाबाद शाखा ने ज़रूरतमंदो को राशन और ज़रूरी सामान बांटा

8 April, Moradabad
आल इंडिया उलेमा व मशाईख बोर्ड ज़िला मुरादाबाद की शाखा के ऑफिस अशरफ नगर नसीरपुर मदरसा अल्जामीअतु साबिरा लिल बनात में बोर्ड के जिम्मेदारो ने गरीब मजदूर और ज़रूरतमंदो को राशन और ज़रूरी सामान बांटा। मुरादाबाद शाखा के ज़िला सचिव कारी मो आमिर रज़ा अशरफी ने बताया कि राशन के सामान में आटा चावल दाल तेल चीनी चाय की पत्ती दूध खर्च पानी के लिये कुछ पैसे भी बाटे गये। बोर्ड के ज़िला कनवेनर कारी हसनैन अशरफी , कारी मजहर अशरफी , मौलाना नासिर अशरफी , मौलाना शफीक मिस्बही ,मौलाना नसीम अशरफी , कारी नजारुल हसन, मो. रज़ा, आदि ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। बताते चलें कि बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष सय्यद मो अशरफ किक्छौछवि के हुक्म पर पूरे मुल्क की शाखाओं के ज़रिए मदद का कार्य चल रहा है। और बोर्ड ने शबे बारात के मौके पर अपने घरों में रह कर ही इबादत करने और कब्रिस्तान में ना जाकर घर पर ही फातिहा और दुआ करने की अपील की है। एवं पूर्णबंद का पूरी तरह से पालन करने और मुल्क की सलामती की अपील की है।

AIUMB सम्भल शाखा के ज़िम्मेदारों ने बांटा ज़रूरत मंदों को राशन किट

8 April, Sambhal.
अल अशरफ ट्रस्ट व आल इंडिया उलेमा मशाइख़ बोर्ड यूथ ब्रिगेड की टीम भी लॉक डाउन में राहत सामग्री बांटने में जुट गई है। बुधवार की देर शाम दोनो संगठनों ने राशन किट का वितरण किया। लॉक डाउन में ज़़्रूरत मंदों व असहाय लोगों को भूखे पेट न रहने का निर्णय लेते हुए पदाधिकारी किट लेकर लाक डाउन की वजा सै ज़रूरत मंदों के घर पहुंचे। जानकारी के अनुसार 20 किलो वज़नी किट में घरेलू खानपान का सभी जरूरी सामान रखा गया है। फहद शाह अशरफी, मोहम्मद अशरफ़ अशरफी, हाजी नकी, गुल फ़राज़, शुऐब अशरफी, मौलाना अज़ीम अशरफ (हेड ऑफ़िस ए॰आई॰यू॰एम॰बी॰ दिल्ली ), हाजी नकी,कासिम अशरफी, जाने आलम, आफताब, मोहम्मद बिलाल, कारी इरफान, कारी मुशर्रफ़, कारी शमीम अहमद, कारी वसीम, कारी फहीम, सग़ीर अहमद, कारी फुरकान अशरफी आदि शामिल रहे।

घरों में रहकर कोरोना को और आपसी सहयोग से भूख को हराना है : AIUMB

उलमा मशाईख बोर्ड व अल अशरफ ट्रस्ट ने शेरानी आबाद में राहत बांटी।

12 अप्रैल 2020 रविवार , शेरानी आबाद, नागौर, राजस्थान,

आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड और अल अशरफ ट्रस्ट के तत्वाधान में गरीब और असहाय लोगों तक मदद पहुंचाने का सिलसिला दूर दराज गावों में पहुंच चुका है और बोर्ड के लोग हर जगह ज़रूरतमंदों तक राशन किट और दूसरी ज़रूरी सहायता पहुंचा रहे हैं।
दिल्ली ऑफिस के ज़िम्मेदार हाफ़िज़ हुसैन शेरानी ने मोहम्मद खान, गौस मोहम्मद, मोहम्मद रफीक व अन्य के साथ मिलकर इसी कड़ी में शेरानी आबाद के गौसिया मोहल्ला में राहत बांटी, लगातार यह सिलसिला जारी है, बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी की लोगों से हर जरूरतमंद शख्स की हर संभव मदद पहुंचाने की अपील के बाद से राष्ट्रीय स्तर पर यह काम किया जा रहा है।
बोर्ड ने सभी से अपील की है कि देशभर में लोग सिर्फ अपने घर के 100 मीटर के दायरे की ज़िम्मेदारी उठा लें तो पूरे पूरे देश में कहीं कोई भूख से नहीं मर सकता, इस तरह हम भूख के साथ कोरोना को हरा कर नई तारीख लिख सकते हैं कि जिस देश में इतनी बड़ी आबादी रहती हो वहां लाकडाउन के बावजूद भी लोगों ने यह बताया कि इंसानियत के जरिए हम बड़ी से बड़ी चुनौती को पार कर सकते हैं। नबी की तालीम यही है कि अगर तुम्हारा पड़ोसी भूखा है और तुम खाना खा रहे हो तो तुम हरगिज़ मोमिन नहीं हो सकते, देश के 30 करोड़ मुसलमान इस पर अमल कर देश के सभी भूखों का पेट भर दे इसके लिए उन्हें सिर्फ 2 लोगों के खाने का इंतजाम करना है।

Yunus Mohani

यह वक़्त मुश्किल है आइए मदद के लिए हाथ बढ़ाये: सय्यद मोहम्मद अशरफ

06 अप्रैल सोमवार, किछौछा, अम्बेडकर नगर
आल इंडिया उलमा व मशायख बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फ़ोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने अपनी खानकाह खानकाहे अशरफियां शैखे आजम सरकारें कलां में लोगों की मदद के लिए दरवाजे खोल दिए हैं और लगातार यहां से जरूरतमंदों को राशन बांटा जा रहा है इस मौके पर हज़रत ने कहा कि यह वक़्त इंसानियत के लिए बहुत भारी है एक तरफ भूख है एक तरफ महामारी है लिहाज़ा सभी को मदद का हाथ आगे बढ़ाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हम जहां महामारी को सोशल डिस्टेंसिंग के जरिए रोक सकते हैं हमारे पास कोई चारा नहीं है इसीलिए हुकूमत ने पूरे मुल्क को लॉकडाउंन किया है हमें इसका सख्ती से पालन करना है और कहीं भी किसी भी हालत में भीड़ नहीं लगानी है वहीं दूसरा सबसे बड़ा संकट भूख है क्योंकि सभी काम धंधे बंद हो गए हैं ऐसे में गरीबों पर दो वक़्त की रोटी जुटाने का संकट आ गया है अब हमारी दीनी और समाजी दोनों ज़िम्मेदारी है कि कहीं कोई भूखा न रह जाए।
हज़रत ने कहा कि महामारी के दौरान जो तरीका हमें हमारे रसूल ने बताया दुनिया आज उसे ही मान रही है हमें किसी के बहकावे में नहीं आना है जान बचाना फ़र्ज़ है लिहाज़ा उसके लिए जो ज़रूरी है किया जाना चाहिए और किसी को भी ज़िद्द नहीं पालनी चाहिए,वहीं हमें याद रहना चाहिए कि अगर हमारा पड़ोसी भूखा है और हम खाना खा रहे हैं तो हम मोमिन नहीं हो सकते लिहाज़ा हमें अपने पड़ोसी का ख्याल रखना है और याद रखिए पड़ोसी का कोई मज़हब नहीं बताया गया कोई भी हो सकता है और यह हुक्म आपके चारों तरफ 40 घर तक है अगर हम अपनी ज़िम्मेदारी समझ लें तो कोई भूख से नहीं मर सकता।
हज़रत ने तब्लीग़ी जमात के इज़तमे पर कहा कि उनके पेशवा को सामने आना चाहिए साथ ही अपने लोगों को निर्देशित करना चाहिए कि वह सब सहयोग करें ।वहीं झूठी खबरें फैलाने वालों को चेतावनी भी दी कि देश का नुक़सान मत करिए ।हज़रत ने कहा कि आल इंडिया उलमा व मशायख बोर्ड की जानिब से मुल्क में लगभग हर जगह इस तरह से लोगो की मदद की जा रही है मैं खुद भी लोगो तक मदद पहुंचाने की कोशिश कर रहा हूं आप भी अपनी ज़िम्मेदारी निभाए साथ ही उन्होंने शबे बारात के मौके पर लोगों से घर में ही रहकर इबादत करने को कहा और ख़ास दुआ करने की बात कही।

Yunus Mohani

कोरोना वायरस से ज़्यादा खतरनाक है नफरत का वायरस : सय्यद मोहम्मद अशरफ

17 मार्च, 2020 महराजगंज
आल इंडिया व मशाइख़ बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फ़ोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कोरोना वायरस से अधिक खतरनाक नफरत का वायरस है।
उन्होंने कहा कि हम कोरोना से बचने के लिए मास्क तो पहन रहे हैं लेकिन नफरत से बचने के लिए ज़हरीली जुबानों को नहीं रोक रहे हैं,हम वायरस से बचने के लिए बार बार हैंडवाश या साबुन से हाथ धो रहे हैं लेकिन उन हाथों को लोगों की मदद के लिए नहीं बढ़ा रहे, खांसते या छींकते वक़्त बीमारी के डर से मुंह को ढाप रहे हैं लेकिन किसी जरूरतमंद के कपड़ों का इंतजाम नहीं कर रहे।
हज़रत ने कहा कि दुनिया कोरोंना से एकजुट होकर लड़ लेगी इसकी दवा बनाकर इसे हरा भी देगी लेकिन इससे ज़्यादा खतरनाक बीमारी का इलाज होते हुए भी इसे खतम करने को तैयार नहीं है।
जबकि सिर्फ एक मुस्कुराहट इस वायरस से बचा सकता है,एक ख़ामोशी,इंसाफ और लोगों की मदद करने का जज्बा इसका इलाज है अगर सब इस काम में लग जाएं तो इस वायरस को खतम कर इसपे जीत हासिल की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि हम कोरोना को सुन्नते रसूल पे अमल कर हरा देंगे क्योंकि डॉक्टर जो बचाव के तरीके बता रहे हैं वह नबी की सुन्नत है इसी तरह हम नफरत के वायरस को भी नबी की सुन्नत पर अमल कर हरा सकते हैं जो सूफिया ने करके दिखाया और संदेश सुनाया कि नफरत किसी से नहीं मोहब्बत सबके लिए।

हलाल रिज़्क़, इंसाफ और मोहब्बत से बचेगी दुनिया : सय्यद मोहम्मद अशरफ

उलमा व मशाइख बोर्ड अध्यक्ष की कोरोना वायरस से सावधान रहने की अपील!

15 मार्च रविवार,सुनौली
आल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फ़ोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने कल सुनौली नेपाल बार्डर पर एक धर्म सभा को संबोधित करते हुए मौजूदा समय में दुनिया पा कोरोंना वायरस के खतरे पर बात करते हुए कहा कि “हलाल रिज्क,इंसाफ और मोहब्बत से बचेगी दुनिया”!
हज़रत ने कहा कि हमारे पैदा करने वाले रब ने हमें बता दिया कि हम क्या खा सकते हैं और क्या नहीं जब हम उससे मुंह मोड़ेंगे तो इस तरह की मुसीबत में गिरफ्तार हो जाएंगे,सिर्फ खान पान से ही नहीं बल्कि इंसाफ न करने पर भी ऐसी स्थिति उत्पन्न होगी दुनिया तरह तरह की मुसीबत में फंसती जा रही है तरक्की के नाम पर रोज इंसानियत को नेस्तनाबूद करने वाले हथियारों को बनाया जा रहा है जिस हथियार से दुनिया को सबसे ज़्यादा नुक़सान पहुंच सकता है जिससे सबसे ज़्यादा जाने जा सकती है उसे सबसे बेहतर हथियार माना जा रहा है और उस मुल्क को सबसे ज़्यादा विकसित राष्ट्र माना जा रहा है,जबकि होना तो यह चाहिए था कि सबसे ज़्यादा विकसित मुल्क उसे मना जाए जहां इंसान की जिंदगी को सबसे ज़्यादा बेहतर करने पर काम हो,जहां इंसाफ का निज़ाम कायम हो,और सबसे अच्छा हथियार वह हो जिससे सबसे काम इंसानी जानो का नुकसान हो।
उन्होंने कहा कि दुनिया आज कोविड19 की वजह चीन के लोगों के गलत खान पान को मान रही है चमगादड़ को इसका मुख्य कारण माना जा रहा है लेकिन इसी खतरे को आज से 1500 साल पहले हमारे नबी ने बता दिया था और सबको यह बता दिया कि क्या खाया जा सकता है और क्या नहीं अगर नबी की बात पर अमल हो तो मुमकिन नहीं कि इस तरह की बीमारी फैले,सिर्फ इतना ही नहीं इस बीमारी से बचने के जो उपाय डॉक्टर बता रहे थे यह तो सब प्यारे नबी की सुन्नत हैं खांसी अाए तो मुंह ढंक लो छींक अाए तो मुंह ढंक लो हाथ धो वज़ू करो जिससे नांक और मुंह में को गंदगी है साफ हो जाए ।
मुसलमानों को कोरोंना से नहीं अपने रब से डरना चाहिए और अपने रसूल की सुन्नत पर अमल करना चाहिए आप अपने आप इस खतरनाक बीमारी से बच जाएंगे साफ सफाई का ख्याल रखें हाथो को साफ रखें ।
हलाल रिज्क बीमारियों से बचाता है ,वहीं इंसाफ से अमन कायम होता है और अमन होने से तरक्की होती है ,हुकूमत को इंसाफ का निज़ाम कायम करना चाहिए जिस तरह के हालात से मुल्क दो चार है इसमें इंसाफ के जरिए लोगों में भरोसा कायम किया जाना चाहिए और नफरतों को मिटा कर मोहब्बत का वातावरण बनाया जाना चाहिए क्योंकि यदि नफरत नहीं रुकी तो कोरोंना से अधिक घातक साबित होगी और इस वायरस की एक ही वैक्सीन है वह है मोहब्बत।

Yunus Mohani