देश का माहौल खराब करने की हो रही है साजिश : सय्यद मोहम्मद अशरफ

07 जनवरी 2021 नई दिल्ली,
आल इंडिया उलमा मशाईख बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफ़ी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने एक नफरत के वाहक द्वारा हज़रत ख्वाजा गरीब नवाज की शान में गुस्ताखी कर सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने पर सरकार से मांग की है कि इस तरह के लोगों पर सख्त से सख्त कार्यवाही की जाये,क्योंकि इस तरह की बाते करने वाले देश के दुश्मन है और देश को तोड़ने की साजिश कर रहे हैं ,क्योंकि हज़रत ख्वाजा गरीब नवाज में हर धर्म और मजहब के लोग आस्था रखते हैं लिहाज़ा यह देश एवम दुनिया के करोडों करोड़ लोगों की भावनाओं को आहत करने वाला है और इस प्रकार देश का माहौल खराब करने की साजिश रची जा रही है।
उन्होंने कहा कि यह देश गंगा जमुनी तहजीब का देश है यहां सभी की भावनाओं का आदर होता है ऐसे में ऐसे लोग देश के हर कोने में नजर आ रहे हैं जो देश को कमज़ोर करने की कोशिश में दिन रात एक किए हैं यह साफ तौर से विदेशी साजिश जान पड़ती है ,हमारी सीमाओं पर अपनी गंदी नजर गड़ाये लोग हमारे मुल्क के माहौल को खराब करने के लिए इस तरह के लोगों को प्रोत्साहन से रहे हो सकते है इसकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए और नफरत के वाहकों को तुरंत सलाखों के पीछे भेजा जाना चाहिए।
हज़रत ख़्वाजा गरीब नवाज़ की शान में गुस्ताखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जा सकती यह भारत की ज़मीन सूफ़ी संतों की ज़मीन है इनके दरबार से मुहब्बत का संदेश आम होता है और भारत की सुन्दरता यहां दिखाई देती है लेकिन यह नफरत के सौदागर इसे बर्दाश्त नहीं कर पा रहे और विदेशी ताकतों के हाथों में खेल कर देश को कमज़ोर करने में लगे हुए हैं।
हज़रत ने कहा कि हमने प्रधानमंत्री और ग्रह मंत्री को पत्र लिखकर मांग की है कि जल्द से जल्द ऐसे लोगों की गिरफ्तारी हो और देश का माहौल खराब करने वालों को सलाखों के पीछे धकेला जाए ,हज़रत ने कहा कि पूरे देश में अलग अलग जगहों पर इस प्रकार का काम ऐसे देशद्रोहियों के द्वारा किया जा रहा है अभी मध्य प्रदेश से जिस प्रकार धार्मिक स्थलों पर हमले के जो वीडियो वायरल हुए वह सब इसी ओर इशारा करते हैं।
उन्होंने कहा कि हज़रत ख्वाजा गरीब नवाज पर भद्दी अपमानजनक टिप्पणी करने वाले व्यक्ति को तुरंत गिरफ्तार करने की हम मांग करते हैं भारत को कमज़ोर करने वालो को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता सरकार फौरन कार्यवाही करे ।

By: Yunus Mohani

نفرت پھیلانے والوں سے سختی سے نمٹے سرکار: سید محمد اشرف

اکتوبر18. 2020 ، نئی دہلی، (پریس ریلیز) آل انڈیا علماء و مشائخ بورڈ کے قومی صدر اورورلڈ صوفی فورم کے چیئرمین حضرت سید محمد اشرف کچھوچھوی نے ملک میں بڑھتی نفرت اور اس کام میں مصروف ایسی تنظیموں کی مذمت کرتے ہوئے کہا کہ ملک میں امن کو برقرار رکھنے کے لئے حکومت کو نفرت کے تاجروں کے ساتھ سختی سے نمٹنا ہوگا۔
انہوں نے آل انڈیا صوفی سجادہ نشین کونسل کے قومی کنوینر حضرت عبد الخادر قادری وحید پاشا کو فون کے ذریعے سے انجام بھگتنے و جان سے مارنے کی دھمکی پی ایف آئی / ایس ڈی پی آئی کا ممبر بتانے والے فاضل کی طرف سے دیئے جانے پر غصے کا اظہار کیا ہے۔ اعتماد اخبار میں شائع ہونے والے مضمون جس میں SDPI / PFI کے ذریعہ عوام کو آگاہ کیا گیا تھا اور ان کی سچائی کا اعلان کرتے ہوئے عوام کو ایسی تنظیم سے دوررہنے کے لئے کہا گیا تھا، جس سے ہندوستان کے امن نظام کی دیکھ بھال میں رکاوٹ پیدا ہوتی ہے۔ مضمون میں کہا گیا ہے کہ پی ایف آئی / ایس ڈی پی آئی ایک ایسی تنظیم ہے جو ایک بنیاد پرست سلفی آئیڈیالوجی سے متاثر ہے جس کا نظریہ دہشت گردی کو فروغ دیتاہے اور آئی ایس آئی ایس جیسی تنظیم سے مماثلت رکھتا ہے۔ اس کے ذریعہ ہندوستان کی سینکڑوں سال پرانی صوفی روایت پر حملہ کیا جا رہا ہے جس میں محبت ہی محبت ہے۔
اس مضمون پر جس شخص نے خود کو PFI / SDPI کا ممبر قرار دیا ہے اس کی طرف سے جس طرح کا ردعمل دیا گیا ہے وہ اس تنظیم کی ہولناکی کو سمجھانے کے لئے کافی ہے، آخرکس طرح کی تعلیم حاصل کی جا رہی ہے جس سے انسان حیوان بنا جا رہا ہے، احتجاج کا پرتشدد طریقہ فکر کی غلاظت کو بے نقاب کرتا ہے۔حضرت نے کہا کہ جو بھی شخص نفرت پھیلاتا ہے اور کسی مذہب سے اپنے آپ کو جوڑتا ہے اسے کسی مہذب معاشرے میں برداشت نہیں کیا جانا چاہئے، کیونکہ ماب لنچنگ جیسے سنگین جرم ہو یا پھر دہشت گرد کی بزدلانہ حرکت یہ سب ملک کی داخلی سلامتی کے لیے خطرہ ہے۔انہوں نے واضح طور پر نفرت انگیز تنظیموں کے خلاف سخت کارروائی کا مطالبہ کیا۔ حضرت نے کہا کہ ملک کی ترقی امن کے بغیر ممکن نہیں اور ایسے بزدلانہ لوگ ملک کے دشمن ہیں جو نفرت کا کاروبار پھیلائے ہوئے ہیں۔

नफरत फैलाने वालों से सख्ती से निपटे सरकार: सय्यद मोहम्मद अशरफ

18 अक्टूबर 2020, नई दिल्ली,प्रेस रिलीज
आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफ़ी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने देश में बढ़ती नफरत और इस काम में लगी ऐसी संस्थाओं की कड़ी निन्दा करते हुए कहा कि देश में अमन कायम रहे इसके लिए सरकार को नफरत के कारोबारियों से सख्ती से निपटना होगा।
उन्होंने आल इंडिया सूफ़ी सज्जादा नशीन काउंसिल के राष्ट्रीय संयोजक हज़रत अब्दुल खादेर कादरी वहीद पाशा को फोन के माध्यम से अंजाम भुगतने व जान से मारने की धमकी पीएफआई/ एसडीपीआई का सदस्य बताने वाले व्यक्ति फाजिल के द्वारा दिए जाने पर रोष व्यक्त किया है,उर्दू अख़बार एत्माद में प्रकाशित लेख ,’जिसमें एसडीपीआई /पीएफआई के माध्यम से जनता को सचेत किया गया था एवम उनकी सत्यता बयान करते हुए जनता से ऐसे संगठन से दूरी बनाने की बात कही गई थी, जिससे भारत की शांति व्यवस्था बनाए रखने में व्यवधान पैदा होता है।लेख में कहा गया है कि पीएफआई/एसडीपीआई एक कट्टरपंथी सल्फी विचारधारा से प्रेरित संगठन है, जिसकी विचारधारा आतंकवाद को बढ़ावा देती है ,और आईं एस एआई एस जैसे संगठन से मेल खाती है ,इसके द्वारा भारत की सैकड़ों वर्ष पुरानी सूफ़ी परंपरा पर हमला किया जा रहा है जिसमें प्रेम ही प्रेम है ।
इस लेख पर पीएफआई / एसडीपीआई का खुद को सदस्य बताने वाले व्यक्ति द्वारा जिस तरह की प्रतिक्रिया दी गई है वह इस संगठन की भयावयता को बताने के लिए काफी है,आखिर किस तरह की सीख दी जा रही है जिससे इंसान हैवान बना जा रहा है, विरोध का हिंसक तरीका विचार की गन्दगी को सामने रखता है,।
हज़रत ने कहा कि नफरत फैलाने वाला कोई भी हो और खुद को किसी भी धर्म से जोड़ता हो उसे सभ्य समाज में बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए,क्योंकि मोब्लिंचिंग जैसे घिनौने अपराध हो या फिर आतंकवाद की कायराना घटना यह सब देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा हैं ।
उन्होंने साफ तौर से हर प्रकार की नफरत फैलाने वाली घिनौनी सोच रखने वाले संगठनों पर सख्ती के साथ कार्यवाही करने की मांग की हज़रत ने कहा कि देश की तरक्की शांति के बिना संभव नहीं है और ऐसे कायर लोग देश के दुश्मन हैं जो नफरत का कारोबार फैलाए हुए है।

अदालत के फैसले पर सोशल मीडिया में न हो बहस : सय्यद मोहम्मद अशरफ

30 सितंबर, नई दिल्ली
आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफ़ी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में लखनऊ के सी बी आई कोर्ट के आए फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया देने से इन्कार करते हुए कहा कि हमारा काम नहीं कि हम अदालतों के फैसले पर टीका टिप्पणी करें यह वकीलों का विषय है उन्होंने सभी से अपील करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर इस फैसले पर बहस न करें इससे बचें।
हज़रत ने ख़ास तौर से मुस्लिम युवाओं से कहा कि यह सब्र और होशियारी का वक़्त है हमें किसी भी कीमत पर नफरत के कारोबारियों की चाल को कामयाब करने में मदद नहीं करनी है और अगर आप सोशल मीडिया के जरिए इस फैसले पर बात करते हैं तो हम उनके मददगार अनजाने में बन जाते हैं, हमें खबर भी नहीं होती कि हम क्या कर रहे हैं और अपनी नासमझी के चलते हम जाल में फांस जाते हैं।
अभी मुल्क में जिस तरह कोरोना का कहर टूटा हुआ है, किसान सड़कों पर हैं, नवजवान बेरोजगार हैं ऐसे में हमें इस बहस से बचने की जरूरत है और अपने मुल्क की फिज़ा को बेहतर बनाने की कोशिश में जुटे रहना है। अदालतों को अपना काम करना है और हम सबको अपना, हमारा काम है मोहब्बत सबके लिए नफरत किसी से नहीं अगर हम अपना काम ईमानदारी से करेंगे तो बदलाव यकीनी है और इसी बदलाव में तरक्की की राह है।

کرونا کے خاتمے کی دعاؤں کے ساتھ شروع ہوا عرس مخدومی

ستمبر16 کچھوچھہ، امبیڈکر نگر
عرس حضرت مخدوم اشرف جہانگیر سمنانی رحمۃاللہ علیہ کرونا کے چلتے انتظامی اصولوں کی پابندیوں کے ساتھ شروع ہو گیا ہے جس میں عام زائرین کو آنے سے منع کیا گیا ہے اور اعلان کیا گیا ہے کہ عقیدت مند اپنے گھروں میں ہی فاتحہ خوانی کریں اور آس پاس کے غریبوں کی مدد کریں، تمام ضروری احتیاطی تدابیر اختیار کرتے ہوئے صرف مقامی لوگ درگاہ شریف آسکتے ہیں۔
اس موقع پر آل انڈیا علماء و مشائخ بورڈ کے صدر اورورلڈصوفی فورم کے چیئرمین حضرت سید محمد اشرف کچھوچھوی نے خانقاہ اشرفیہ شیخ اعظم سرکار کلاں میں پرچم کشائی کی رسم ادا کی اور پوری دنیا سے اس خطرناک وائرس کے خاتمے کے لئے دعا کی۔انہوں نے اس موقع پر کہا کہ یہ بڑا دکھ کا موضوع ہے کہ ہم لوگوں کو مخدوم پاک کے آستانے پر آنے سے کچھ وقت کے لئے روک رہے ہیں لیکن لوگوں کو بیماری سے بچانا بھی حضرت مخدوم پاک کا ہی پیغام ہے۔ ہر ولی کو کسی نہ کسی نبی کامعجزہ کرامت کے طور پر ملا ہے۔حضرت مخدوم اشرف جہانگیر سمنانی رحمۃ اللہعلیہ پرتوے عیسیٰ ہیں،یعنی آپ مریضوں کو رب کی عطا کی ہوئی کرامت سے فائدہ پہنچاتے ہیں۔ یہی وجہ ہے کہ پورے سال مخدوم پاک کے آستانے پر مریضوں کا ہجوم لگا رہتا ہے اور ہزاروں کی تعداد میں پریشان حال مخلوق آپ کی بارگاہ سے صحتیابی کی بیش قیمتی دولت سے مالامال ہوتی ہے۔چنانچہ جب پوری دنیا اس بیماری کے چکر میں پھنس گئی ہے کہ لوگ مل بھی نہیں سکتے ہیں تو ہم آپ کی بارگاہ سے اپنے رب کو پکارتے ہیں کہ دنیا کو اس بیماری سے نجات ملے۔
حضرت نے دنیا بھر میں آباد عاشقان مخدوم پاک کو عرس کی مبارکباد پیش کرتے ہوئے کہا کہ سبھی لوگ ضروری احتیاط برتیں اور گھروں میں ذکر کا ورد کرکے اپنے رب کو راضی کریں، یہ وقت سخت ہے لوگوں کی مدد کریں بنا ان کی ذات،مسلک اور مذہب پوچھے۔

कोविड 19 के खात्मे की दुआओं के साथ शुरू हुआ उर्स मखदूमी

16 सितंबर बुधवार, किछौछा अम्बेडकर नगर,

उर्स हज़रत मख़दूम अशरफ जहांगीर सिमनानी रहमतुल्लाह अलैहि का उर्स कोरोना के चलते प्रशासनिक दिशा निर्देशों के पालन के साथ शुरू हो गया है, जिसमें आम जायरीनों को आने से मना कर दिया गया है और ऐलान किया गया है कि अकीदतमंद अपने घरों में ही फतिहाखवानी करें और वहां आस पास मौजूद गरीबों की मदद करें, दरगाह शरीफ पर सिर्फ स्थानीय लोग ही सभी जरूरी एहतियात का पालन करते हुए आ सकते हैं।
इस अवसर पर आल इंडिया उलमा मशाईख बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफ़ी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने खानकाहे अशरफियां शेखे आज़म सरकारे कलां में परचमकुशाई की रस्म अदा की और पूरी दुनिया से इस खतरनाक वायरस की समाप्ति की दुआ की उन्होंने इस अवसर पर कहा कि यह बड़ा दुख का विषय है कि हम लोगों को मख़दूम के आस्ताने पर आने से कुछ समय के लिए रोक रहे हैं लेकिन लोगों को बीमारी से बचाना भी हज़रत मख़दूम पाक का ही संदेश है,हर वली को किसी न किसी नबी का मोजज़ा करामत के रूप में मिला और हज़रत मख़दूम अशरफ जहांगीर सिमनानी रहमतुल्लाह अलैहि परतवे ईसा हैं यानी आप मरीजों को रब की अता की हुई करामत से फायदा पहुंचाते हैं यही वजह है कि पूरा साल मख़दूम पाक के आस्ताने पर बीमारों का तांता लगा रहता है और हज़ारों की तादाद में परेशान हाल मखलूक आपकी बारगाह से सेहतयाबी की बेशकीमती दौलत से मालामाल होती है।लिहाज़ा जब पूरी दुनिया ऐसी बीमारी के चक्रव्यूह में फस गई है कि लोग आपस में मिलजुल भी नहीं पा रहे हैं हम आपकी बारगाह से अपने रब को पुकारते हैं कि दुनिया को इस बीमारी से निजात मिले।
हज़रत ने दुनिया भर में बसने वाले आशिकाने मख़दूम को उर्स की मुबारकबाद देते हुए कहा कि सभी लोग ज़रूरी एहतियात बरते और घरों में खूब ज़िक्र अस्कार कर अपने रब को राजी करें यह वक़्त सख्त है लोगों की मदद करें बिना उनकी ज़ात , मसलक,और मजहब पूछे ।

बुजुर्गों की कुर्बानी भूले तो आज़ादी का मकसद भी भूल बैठेंगे : सय्यद मोहम्मद अशरफ

15 अगस्त नई दिल्ली
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड ने इस बार कॉविड 19 के चलते स्वतंत्रता दिवस पर होने वाले अपने कार्यक्रम को ऑनलाइन किया और देश भर की सभी शाखाओं में भी ज़रूरी एहतियाती क़दम उठाते हुए झंडा रोहण किया गया सोशल मीडिया पर हुए कार्यक्रम “हम भारत के लोग” में बोलते हुए बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफ़ी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने कहा कि अगर हम बुजुर्गों कि कुर्बानी भूल जायेंगे तो आज़ादी के असल मकसद से भी दूर हो जायेंगे ।उन्होंने कहा कि हमें अपने बड़ों को याद करना होगा कि किस क़दर परेशानियां उठा कर उन्होंने इस मुल्क को आज़ादी दिलाई ,हमें इस आज़ादी का मोल समझना होगा तभी हम इसके साथ इंसाफ कर सकेंगे,स्वतंत्रता दिवस की सभी को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि अपनी ज़िम्मेदारी निभा कर मुल्क को आगे ले जाना है हमें इस बात को नहीं भूलना चाहिए।

बोर्ड के राष्ट्रीय कार्यकारणी सदस्य एवं कर्नाटक के प्रदेश अध्यक्ष हज़रत सय्यद तनवीर हाशमी ने कहा कि आज का यह दिन स्वतंत्रता सेनानियों के अथक प्रयासों से हमें मिला है ,हमने गुलामी की जंजीरों को तोड़ा लेकिन अफसोस हम नफरतों के दौर में जी रहे हैं हमें समझना होगा कि हिंदोस्तान की मजबूती का राज आपसी मोहब्बत भाईचारा और हमारी गंगा जमुनी तहजीब है इसे हर हाल में बचा कर रखना होगा तभी मुल्क बचेगा हज़रत ने भी सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी।

बोर्ड के राष्ट्रीय कार्यकारणी सदस्य और दरगाह रदौली शरीफ के सज्जादा नशीन हज़रत अम्मार अहमद निय्यार मियां ने आजादी की मुबारकबाद पेश करते हुए कहा हमारे बुजुर्गों ने देश को आजाद करा लिया लेकिन अब हमें भ्रष्टाचार व जहालत से आजादी हासिल करनी है तभी हम बुलंदियां हासिल कर सकेंगे

लोगों की खिताब करते हुए बोर्ड के राष्ट्रीय कार्यकारणी सदस्य हज़रत सय्यदी मियां मकनपुर शरीफ ने कहा कि यह हर भारतीय के लिए खुशी का दिन है हर भारतीय आज जोश में उमंग में है हमें याद रखना होगा कि हमारे बड़ों ने अपना खून दिया है इस आज़ादी के लिए, अगर वतन पर वक़्त आए तो हमें भी हर पल तैयार रहना होगा तालीम हासिल कर अपने मुल्क के काम आना है इस जज्बे को दिलों में बैठाने का यह दिन है ताकि हमारा मुल्क दुनियां का सबसे विकसित मुल्क बने।
बोर्ड के संयुक्त राष्ट्रीय सचिव एवं दरगाह अजमेर शरीफ के गद्दीनशींन हज़रत सय्यद सलमान चिश्ती ने लोगों को यौमे आज़ादी की मुबारकबाद पेश की उन्होंने कहा कि हमारा देश आज के दिन आजाद हुआ यह सब जानते हैं लेकिन हम उन नामों को धीरे धीरे भूलते जा रहे हैं जिनकी कुर्बानियों से यह मौका आया हमें लगातार लोगों को याद दिलाना होगा कि इस दिन की हमने क्या कीमत चुकाई है आज़ादी के असली माना क्या है।

यूथ विंग के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना अब्दुल मोइद अजहरी ने भी लोगों को इस मौके पर बधाई दी साथ ही देश के सामने खड़े खतरों और चुनौतियों की तरफ इशारा करते हुए कहा कि नफरत का जिस तरह प्रसार हो रहा है उससे देश कमजोर होगा और दुश्मन इससे खुश हो रहा है हम सब की साझा ज़िम्मेदारी है कि नफरत की फैलती आग को रोके और मुल्क की हिफाज़त के लिए दीवार बनकर खड़े हों।
कार्यक्रम का संचालन मौलाना मुख्तार अशरफ ने किया कार्यक्रम का समापन देश की तरक्की खुशहाली और शांति की दुआ के साथ हुआ।
Yunus Mohani

पैगंबर की शान में गुस्ताखी बर्दाश्त नहीं फौरन कार्यवाही हो : सय्यद मोहम्मद अशरफ

12 अगस्त 2020 बुधवार नई दिल्ली
आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफ़ी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने कल बैंगलुरू में एक लड़के द्वारा फेसबुक पर पोस्ट कर पैगम्बरे इस्लाम की शान में अभद्र एवम अशोभनीय टिप्पणी किए जाने पर कड़े शब्दों में कहा कि इस तरह की घटनाओं को सरकार फौरन रोके और दोषी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की जाए।
कल शाम बैंगलुरू में यह खबर फैलते ही कि किसी विधायक के भतीजे ने ऐसी पोस्ट की है वहां के स्थानीय लोगों ने विधायक के घर के बाहर जमा होकर प्रदर्शन किया और उसके बाद पुलिस से उस लड़के की गिरफ्तारी की मांग की इसी बीच वहां से कुछ शरारती लोगों द्वारा उपद्रव किए जाने की खबर भी आई विषय पर बोर्ड ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए का उत्त रण लड़के की गिरफ्तारी की मांग कर्नाटक के मुख्मंत्री से की है।
हज़रत ने कहा जो लोग देश तोड़ना चाहते हैं और देश में नफरत फैलाना चाहते हैं उनके द्वारा ही इस तरह का काम किया जा रहा है सुरक्षा एजेंसियों को इस पर कड़ी निगाह रखनी चाहिए और ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्ती से निपटा जाना चाहिए दरअसल ऐसे लोग वैचारिक आतंकवादी हैं,जो बहुत खतरनाक है ।
उन्होंने कहा मुसलमानों को भी कानून के दायरे में रहकर विरोध दर्ज कराना चाहिए क्योंकि हिंसा पैगम्बर की तालीम नहीं है ,और हैं भी ऐसा करके कानून का उल्लंघन करके पैगम्बर की तालीम को अनदेखा कर रहे हैं जो अपनी तरह से गुस्ताखी है लिहाज़ा इस बात का ख्याल रखा जाए कि लोकतांत्रिक तरीके से ही अपनी बात रखी जाए ।
पथराव और आगजनी की तालीम हमें हमारा मजहब नहीं देता और जिनकी शान के लिए सड़कों पर आए हैं यह उनके दुश्मनों का अमल है इस बात को समझना होगा हालांकि कुछ खबरे ऐसी भी आ रही हैं कि भीड़ में कुछ से शरारती तत्वों ने घुस कर ऐसा काम किया है इसकी जांच होनी चाहिए।
पैग़म्बरे इस्लाम की शान में ज़रा भी गुस्ताखी मुसलमान बर्दाश्त नहीं कर सकता ऐसा करने वाले इंसानियत के दुश्मन हैं और देश के गद्दार वैचारिक आतंकवाद के वाहक है।

ऑल इंडिया उलमा माशाईख बोर्ड के कार्यकर्ताओं ने वृक्षारोपण कर मनाया अपने अध्यक्ष का जन्मदिन।

5 जुलाई 2020, नौतनवां महाराजगंज
ऑल इंडिया उलमा माशाइख़ बोर्ड के कार्यकर्ताओं ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफ़ी फोरम के चेयरमैन विश्वविख्यात इस्लामिक धर्मगुरु हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी का जन्मदिन वृक्षारोपण कर मनाया इस अवसर पर लोगों ने अलग अलग स्थान पर पेड़ लगाये ।
देश के हर हिस्से में आल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड के कार्यकर्ताओं ने बड़े पैमाने पर पेड़ लगाये और ज़मीन को हरा भरा रखने का संकल्प दोहराया वैसे भी स्वयं बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने हर मौके पर लोगों से पेड़ लगाने की अपील की है ताकि हमारे इस काम से हम अपनी आने वाली नस्लों को शुद्ध हवा दे पाएं।वहीं इसके साथ हज़रत सय्यद अशरफ किछौछवी ने यह भी कहा कि पेड़ लगाते वक्त यह भी याद रखना चाहिए कि हमें पेड़ जैसा बनना है जो हमें हवा देता है,फल देता है , छाया देता है और जब सूख जाता है तो जलाने के काम आता है और किसी से उसका मजहब उसकी ज़ात उसका मसलक नहीं पूछता यही सूफिया का तरीका रहा है।उनकी इसी बात से प्रेरणा लेकर आज उनके जन्मदिन पर बोर्ड के कार्यकर्ताओं ने वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया।
महाराजगंज में हाजी सय्यद इफ्तेखार साहब, मौलाना कमरे आलम अलीमी साहब, सय्यद अफ़ज़ाल अहमद, सय्यद वहाज अहमद, सय्यद मोहम्मद अता, सय्यद मोहम्मद हस्सान, सय्यदा हिबा बतूल शकील हाशमी आसिफ हाशमी, वसीम सिद्दीकी,मोहम्मद अतीक़ अंसारी ओलमा मशाइख़ बोर्ड के जिला अध्यक्ष मौलाना बरकत हुसैन मिस्बाही व मीडिया इंचार्ज मास्टर शमीम अशरफी ने नौतनवां के G N मार्केट कंपाउंड में वृक्षारोपण कर राष्ट्रीय अध्यक्ष का जन्मदिन मनाया।

सरहद पर गोली और मीडिया की बोली दोनों ही से देश को खतरा : सय्यद मोहम्मद अशरफ

17 जून,2020 बुधवार, नई दिल्ली

आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफ़ी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने न्यूज 18 न्यूज चैनल के एंकर अमीश देवगन द्वारा हज़रत ख्वाजा गरीब नवाज़ रहमतुल्लाह अलैहि की शान में अभद्र एवं अशोभनीय टिप्पणी किए जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है उन्होंने कहा मुल्क नाज़ुक दौर से गुजर रहा है ऐसे में मुल्क की मीडिया का यह गैर जिम्मेदाराना रुख भारत की एकता पर खतरा है।
इस तरह के गैरजिम्मेदार लोगों पर तुरंत कार्यवाही की जानी चाहिए क्योंकि हज़रत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती रहमतुल्लाह अलैहि से न सिर्फ देश के मुसलमान बल्कि देश एवं विदेश के सभी धर्मों के लोग श्रद्धा रखते हैं अमीश देवगन की टिप्पणी से सभी की भावनाएं आहत हुई हैं और इस प्रकार की भाषा हमारी गंगा जमुनी तहजीब और भारतीय मूल्यों के विपरीत है।हज़रत ने कहा कि इस संबंध में बोर्ड ने भारत के प्रधानमंत्री ,गृहमंत्री,महामहिम राष्ट्रपति महोदय सहित भारत के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिख कर कार्यवाही की मांग की है एवं भारत की एकता की चोट पहुंचाने वाले ऐसे व्यक्ति के विरूद्ध पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है।


हज़रत ने कहा कि हम अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए अपनी सेना एवं भारत सरकार के साथ है और हर संभव सहयोग एवं देश रक्षा हेतु प्राणों की बाज़ी लगाने को भी तैयार हैं पूरे देश को इस संकट के समय में एकजुट रहना है लेकिन ऐसे घिनौने बोल बोलने वालों पर लगाम लगाई जानी चाहिए और तुरंत इनपर कठोरतम कार्यवाही की जानी चाहिए।

Yunus Mohani