तालीमे नबी पर अमल किये बिना अमन मुमकिन नहीं: सय्यद मोहम्मद अशरफ

नवंबर 1, शुक्रवार लखनऊ,
वर्ल्ड सूफी फ़ोरम के चेयरमैन और आल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड के अध्यक्ष सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने लखनऊ में एक धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि तालीमे नबी पर अमल क़िये बिना अमन संभव नहीं है उन्होंने कहा कि अल्लाह के प्यारे रसूल हज़रत मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया कि अगर आपका पड़ोसी आपके दुर्व्यवहार की वजह परेशान है तो आप मुसलमान नहीं हो सकते ,अब पड़ोसी को देखा जाए तो एक घर दूसरे घर का पड़ोसी है,एक मोहल्ला दूसरे मोहल्ले का पड़ोसी है,एक शहर दूसरे शहर का पड़ोसी है,एक प्रदेश दूसरे प्रदेश का पड़ोसी और एक देश दूसरे देश का पड़ोसी है इस तरह पूरा संसार आपस में पड़ोसी है तो सार यही निकलता है कि अगर लोग सिर्फ इस एक शिक्षा पर अमल कर ले और अपने पड़ोसी का ख्याल रख लें तो पूरे संसार में शांति स्थापित हो जायेगी।
उन्होंने कहा कि पैगम्बर ने कहा कि सबसे बड़ा पुण्य का काम लोगों को खाना खिलाना है,लोग इस तालीम पर अमल करें तो संसार से भूकमरी समाप्त हो जायेगी ,हम सबको इस पर अमल करना है जब हम अमल करके दिखा देंगे तो लोग चाहे जितनी कोशिश कर लें हमारे खिलाफ किसी के दिल में नफरत पैदा नहीं कर सकते ,यही काम सूफिया ने किया उन्होंने नबी की तालीम पर अमल किया और पूरा संसार उनका दीवाना हो गया,और चाहे कोई कितनी नफरत की बात करे उनके आस्तानों पर अकीदतमंदो की भीड़ कम नहीं होती।
हज़रत ने कहा कि हम सबको अगर अमन चाहिए तो खुद को उसी सांचे में ढालना होगा जो सुन्नत के मुताबिक हो आजकल लोग सिर्फ अच्छी बाते बता रहे हैं उसपर खुद अमल नहीं करते यही वजह है कि समाज में बुराइयां फैल रही हैं,लगातार लोग घाटे में जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि समाज में नफरत नहीं बढ़ रही है ऐसा जो लोग कह रहे हैं उनका दृष्टिकोण सही नहीं है मोहब्बत कम हो रही है यह सही बात है ,जब मोहब्बत घटेगी तो उसी अनुपात में नफरत फैलेगी यही हो रहा है इसे रोकने का एक मात्र साधन नबी की शिक्षाओं पर अमल करना है।
यह मुबारक महीना है इसका एहतराम यह है कि हम सब नबी के बताए रास्ते पर चलें और लोगों के लिए राहत और आसानी पैदा करने वाले बन जाएं लोग हमें देख कर कहें कि यहां हमें कोई खतरा नहीं है यह मोहम्मद सल्लल्लाहू अलैहि वसल्लम के गुलाम हैं इनके पास हमारी इज्जत ,दौलत जान सब सुरक्षित है,सभी को आमदे रसूल की मुबारकबाद देते हुए हज़रत ने कहा कि इस पूरे हफ्ते को आल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड वीक ऑफ ह्यूमिनिटी के तौर पर मनाता है आप सब इसे उसी तरह मनाइए लोगों की खूब मदद कीजिए गरीबों यतीमो के काम आइए ,लोगों को खाना खिलाइए ,पेड़ लगाए ,साफ सफाई रखे और दुरूद की महफ़िल साजाएं।

By: Yunus Mohani

वसीम रिज़वी की गिरफ्तारी को लेकर आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड की राष्ट्रपति से गुहार

12 Sept, 2019 महाराजगंज
आल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड की महराजगंज शाखा ने महामहिम राष्ट्रपति को जिलाधिकारी महराजगंज के माध्यम से शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन एवं विवादित फिल्म (आयशा द मदर ऑफ बिलीवर्स) के निर्माता वसीम रिज़वी के विरूद्ध सख्त कानूनी कार्यवाही किए जाने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा। बोर्ड के महाराजगंज यूनिट द्वारा 6 सूत्रीय ज्ञापन दिया गया जिसमें वसीम रिज़वी द्वारा निर्मित दुनिया भर के मुसलमानों की भावनाओं को आहत पहुंचाने वाली फिल्म को भारतीय सेंसर बोर्ड द्वारा मंजूरी न दिए जाने की मांग की गई। साथ ही फिल्म के निर्माता के उद्देश्य की जांच करवाने एवं इस फिल्म के निर्माण के लिए पैसा कहां से आया इस बात की जांच करवाने की मांग की गई। बोर्ड के लोगों का मानना है कि इस फिल्म के निर्माण में किसी आतंकी संगठन का पैसा लगा है या फिर किसी विदेशी साजिशकर्ता का क्योंकि इस फिल्म का उद्देश्य लोगों में नफरत पैदा कर देश में अशांति फैलाना है।क्योंकि यह फिल्म भारत के संविधान द्वारा प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सीमा से बाहर जाकर समुदाय विशेष की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से बनी है।

अतः इसकी रिलीज़ पर तत्काल रोक अति आवश्यक है। यह हमारे देश की आंतरिक सुरक्षा का मामला है। इससे पहले बोर्ड की महाराजगंज शाखा द्वारा बीते शुक्रवार को इस फिल्म के विरूद्ध प्रदर्शन किया गया और हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। जिलाधिकारी से मिलने गए प्रतिनिधिमंडल द्वारा जिलाधिकारी को ज्ञापन के साथ हस्ताक्षरित बैनर भी सौंपा गया जिसे जिलाधिकारी महोदय द्वारा महामहिम राष्ट्रपति महोदय को प्रेषित किया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में सय्यद अफजाल, मौलाना बरकत हुसैन, मौलाना अब्दुल्ला, मौलाना कमरे आलम, आज़ाद अशरफी, इद्रीस खान अशरफी, महताब आलम, डॉक्टर नेहाल, महबूब आलम, शमीम अशरफी आदि शामिल रहे।

آل انڈیا علما و مشائخ بورڈ صدر دفتر میں ذکر شہدائے کربلا

شہادت حسین ؓ کا مقصد نظام عدل و انصاف کو قائم کرنا: محمد حسین شیرانی
(ستمبر11،نئی دہلی (پریس ریلیز)
شہادت حسین ؓ کے مقصود کو سمجھیں تو معلوم ہوگا کہ آپ کا مقصدکتاب و سنت کے قانون کو صحیح طور پر رواج دینا، نظام عدل و انصاف کو قائم کرنا، حق کے مقابلہ میں باطل سے نہ ڈرنا، خوف و ہراس اور مصیبت و مشقت میں نہ گھبرانا اور ہر وقت اپنے مالک حقیقی کو یاد رکھنا اور اسی پر توکل اور ہر حال میں خداکا شکر ادا کرناتھا، ان مقاصد کو آج ملت فراموش کر چکی ہے جس کی وجہ سے تاریکی میں پھنستی جا رہی ہے۔ ہمیں چاہئے کہ ہم شہادت حسین ؓ کے مقصود کو سمجھیں، اس سے پیغام حاصل کریں اور تاریک زندگیوں کو روشن و منور کریں۔ان خیالات کا اظہار محمد حسین شیرانی نے کیا۔
محمد عظیم اشرف نے کہا کہ امام عالی مقام حضرت امام حسینؓ کی شہادت تاریخ کا ایک الم ناک حادثہ ہے جسے امت کبھی فراموش نہیں کر سکتی، صدیاں گزرنے کے بعد بھی شہادت کربلا لوگوں کو یاد ہے لیکن حقیقت یہ ہے کہ اس عظیم شہادت کے باوجود آج امت نے امام عالی مقام کی قربانیوں اور مقصود شہادت کو فراموش کر دیا ہے، دین اور نبوی تعلیمات کے لئے جو نا قابل فراموش کارنامہ امام عالی مقام اور آپ کے مبارک خاندان نے انجام دیا اس کو نظر انداز کر دیاجس کی وجہ سے ملت خسارے میں ہے۔
محفل میں حافظ محمد قمرالدین نے منقبت پیش کی، محمد اشرف ایس، محمد جنید، صدام حسین،طفیل احمد،حسنین خان،محمد شعیب، توصیف،شاداب اور الفیض وغیرہ نے شرکت کی، محفل کا اختتام صلوٰہ وسلام،فاتحہ خوانی اور ملک میں امن و امان کی دعا کے ساتھ ہوا۔

By: Husain Sherani

वसीम रिज़वी के खिलाफ ऑल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड का विरोध प्रदर्शन

6 सितम्बर, 2019(महराजगंज:नौतनवा)
शुक्रवार को स्थानीय कस्बे के परसोहिया मोहल्ले में स्थित अशरफी जामा मस्जिद के बाहर आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड की जिला कार्यकारिणी द्वारा जुमा की नमाज़ के बाद वसीम रिज़वी द्वारा हज़रत आयशा (र.अ) पर फिल्म बनाकर गुस्ताखी के विरोध में हस्ताक्षर अभियान चलाया गया तथा जमकर विरोध प्रदर्शन किया गया। लोगों की मांग है कि देश की सरकार फौरन वसीम रिज़वी के विरूद्ध कार्यवाही करे और इसकी फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाए। वसीम रिज़वी की यह फिल्म जहां अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार के दायरे से निकलकर एक वर्ग विशेष की धार्मिक भावनाओं को आहत करने की श्रेणी में है वहीं कानूनी रूप से अपराध है। उसका यह कृत देश में अशांति फैलाने का घिनौना प्रयास है। बोर्ड के महराजगंज के जिला अध्यक्ष मौलाना बरकत हुसैन मिस्बाही ने बताया कि इस संबंध में हस्ताक्षर युक्त बैनर सहित ज्ञापन जिलाधिकारी महोदय के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति जी को भेजा जाएगा। इस अवसर पर मुख्य रूप से हाफ़िज कलीमुल्लाह, मौलाना जुल्फेकार, महताब आलम, डॉक्टर नेहाल, फ़िरोज खान, शमसुद्दीन कुरैशी, साहबे आलम कुरैशी, मोहम्मद इद्रीस अशरफी, आज़ाद अशरफ क़ुरैशी, सरवरे आलम, शमसाद क़ुरैशी, मोहम्मद अनस अंसारी, गुलफ़ाम क़ुरैशी, नासिफ अंसारी, मोकररम, मोहम्मद इमरान खान, आज़ाद अशरफी, शमीमुद्दीन अशरफी, सरफराज अहमद समेत तमाम लोग उपस्थित रहे।

پروگرام میں دعوت دینے کے لیے جمعیۃ علماء ہند کا شکریہ، بحثیت قوم ہمیں خود احتسابی کی ضرورت: سید محمداشرف کچھوچھوی

دہلی:۵/اگست
ملک میں جاری ماب لنچنگ کے انسانیت سوز واقعات اور فرقہ پرستی کے بڑھتے قدم کو روکنے کے لیے جمعیۃ علماء ہند کے زیر اہتمام تالکٹورہ انڈوراسٹیڈیم نئی دہلی میں امن و یکتا سمیلن منعقد ہوا جس میں ہند و، مسلم، سکھ، عیسائی سمیت تمام مذاہب و مسالک کے رہنماؤں نے شرکت کی.
آل انڈیا علماء و مشائخ بورڈ کے بانی و صدر اور ورلڈ صوفی فورم کے چیئرمین حضرت سید محمد اشرف کچھوچھوی نے پروگرام میں دعوت کے لیے جمعیۃ علماء ہند کا شکر یہ ادا۔ انھوں نے کہا کہ اسلام سلامتی اور خیرخواہی کا درس دیتا ہے۔ ہمارے رسول صلی اللہ علیہ وسلم کی سیر ت موجود ہے کہ آپ نے کس طرح اپنے دشمنوں کے ساتھ خیر خواہی کا معاملہ پیش کیا.

انہوں نے کہا کہ ماب لنچنگ کے خلاف موثر قانون بنایا جائے. مذہب، ذات پات، رنگ و نسل، زبان اور فرقوں کی بنیاد پر بانٹنے والے ملک اور قوم کے بدترین دشمن ہیں.

نئی دہلی میں 25 اگست 2019 کو یک روزہ ” بھارت کی تعمیر و ترقی میں مسلمانوں کی حصے داری” سیمینار

نئی دہلی: 25 اگست 2019 ء کو بروز اتوار دوپہر دو بجے سے شام چھ بجے تک آل انڈیا علما و مشائخ بورڈ کے زیر اہتمام غالب اکیڈمی درگاہ حضرت نظام الدین اولیاء دہلی میں یک روزہ سیمینار بعنوان” بھارت کی تعمیر و ترقی میں مسلمانوں کی حصے داری” ہونا طے پایا ہے جس میں آپ کی شرکت کامیابی کی ضمانت ہے.موضوع کے تحت سیمینار میں ” بھارت

کو سونے کی چڑیا بنانے اور مرکز امن و شانتی بنائے رکھنے پر مسلم حکمرانوں ، نوابوں اور علمائے کرام کی مسلسل کوششوں کا تذکرہ ” بطور خاص تحریر و تقریر کا عنوان ہوگا، تاکہ سیمینار کے مندوبین، حاضرین و سامعین اور ناظرین کو بتا سکیں کہ جنگ آزادی میں ایک لاکھ چالیس ہزار علمائے دین اور ہزاروں مسلمانوں کی قربانی ، تحریک آزادی کے نامور مسلم قائدین کی سیاسی بصیرت اور علمائے ہند کی سماجی قیادت. بہمنی، مغلیہ، سوری، غلامان، خلجی حکمرانوں اور مسلم نوابوں کی تعمیری خدمت ، بھارتی پرچم ترنگا کے مرکز لال قلعہ کی تاریخی شان و شوکت ، بھارت کے سیاسی سماجی نظام اور مشرقی علوم و فنون کی تعمیر و ترقی میں مسلمانوں کی ہزار سو سالہ خدمات پر دانشوروں کا قومی اجتماع اور مذاکرہ یہ تقاضا کرتا ہے کہ بھارت کی تہذیب اور دستور ہند کے تاریخی تقاضوں کا خیال رکھا جائے تب ہوگا ” سب کا ساتھ ، سب کا وکاس” اور پھر حاصل ہوگا ” سب کا وشواس

अहंकार और नफरत को ज़िबाह किये बिना पूरा नहीं कुर्बानी का मकसद – सय्यद अशरफ

11 अगस्त ,लखनऊ
लोगों को ईद उल अजहा की मुबारकबाद देते हुए आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने कहा कि अल्लाह की राह में कुर्बानी का असल मकसद तब पूरा होगा जब हम अपने घमंड गुरूर और नफ़रत को भी खतम कर दें और लोगों के लिए आसानी पैदा करने वाले बन जाएं।
उन्होंने कहा कि मुल्क में जिस तरह से नफरतें सर चढ़ कर बोल रही हैं उन्हें खतम करना हमारा काम है ,हमें खुद आगे बढ़ कर लोगों को गले लगाना है सुन्नते इब्राहिमी तो हम अदा कर रहे हैं सीरते रसूल पर भी हमारी नजर रहनी चाहिए और अगर हमारी ज़िन्दगी का हर लम्हा उसमें ढल गया तो हम कामयाब हो जायेंगे ,फिर कोई हमसे नफरत नहीं कर सकेगा।
हज़रत ने लोगों से कहा कि कुर्बानी ज़रूर करें जिनपर वाजिब है लेकिन अपने हमवतन भाइयों के जज्बात का ख्याल रखें,हमारी वजह से किसी को किसी भी तरह की परेशानी न हो,साफ सफाई का खूब ख्याल रखे,जिन जानवरों पर पाबंदी है हरगिज़ उनकी कुर्बानी न करें,कानून का पालन करे और खून को नालियों में न बहाएं,सोशल मीडिया पर एहतियात बरतें कि किसी भी कुर्बानी वाली विडियो को शेयर न करें,।
हज़रत ने अपील करते हुए कहा कि जो लोग नफली कुर्बानी करना चाहते हैं वह मुल्क में परेशान हाल लोगों की मदद करें ,कुर्बानी भुखमरी के खिलाफ सबसे बड़ी जंग है इस बात का ख्याल रखते हुए जरूरतमंदो तक उनका हिस्सा हर हाल में पहुंचाएं ,दुनिया में जहां भी इंसानियत परेशान है ज़ुल्म का शिकार है उनके लिए दुआ करें और मुल्क की फिज़ा खुशगवार रहे इसकी दुआ करें।उन्होंने आल इंडिया उलमा मशाईख बोर्ड की जानिब से लोगों को मुबारकबाद पेश करते हुए यह भी कहा कि सभी बोर्ड के जिम्मेदार अपनी अपनी जगह पर लोगों में जागरूकता फैलायें,ताकि लोग असल मकसद तक पहुंच सके।

कुर्बानियों के बाद मिली है आज़ादी नफरत इसे बर्बाद न करने पाये: सय्यद मोहम्मद अशरफ

15 अगस्त लखनऊ,

आल इंडिया उलमा मशाईख बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने अहले वतन को जश्ने आज़ादी की मुबारकबाद देते हुए कहा कि बड़ी कुर्बानियों के बाद गुलामी की जंजीरों से आज़ादी मिली है अब फैल रही नफरत इसे बर्बाद कर देगी।

हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने इस मौके पर कहा कि बोर्ड नफरतों को खत्म कर मोहब्बत बांटने का काम कर रहा है,और यह काम तेजी से हो भी रहा है,मुसलमान अपने मुल्क से मोहब्बत करते हैं क्योंकि नबी का फरमान है कि वतन से मोहब्बत ईमान का हिस्सा है,फिर कोई मुसलमान कैसे अपने देश से गद्दारी कर सकता है,हां कुछ ग़लत लोग हैं जिनके सिर्फ नाम मुसलमानों जैसे है मगर वह गद्दार है मजहब के भी और वतन के भी ऐसे लोगों पर सख्त नजर रखी जानी चाहिए ,।

बोर्ड के आह्वाहन पर देश की ज़्यादातर खानकाहों में झण्डा फहराया गया,और यह सिलसिला मदरसों से बढ़कर मस्जिद के सहन तक पहुंच गया है,दरगाह निज़ामुद्दीन औलिया के प्रांगण में भी झण्डा फहराया गया जिसमें बोर्ड दिल्ली शाखा के जिम्मेदार सय्यद फरीद निजामी ने झण्डा फहराया,दरगाह अजमेर शरीफ में चिश्ती मंज़िल में झण्डा फहराया गया जिसमें बोर्ड के संयुक्त सचिव सय्यद सलमान चिश्ती ने झण्डा फहराया,हैदराबाद में तेलंगाना प्रदेश के अध्यक्ष सय्यद आले मुस्तफा पाशा ने झण्डा फहराया,कर्नाटक में सय्यद तनवीर हाशमी ने खानकाह बीजापुर में झण्डा फहराया

पंजाब में रमज़ान अशरफी ने झण्डा फहराया, राजस्थान में कारी अबुलफतेह ने झण्डा फहराया साथ ही छत्तीसगढ़ में मौलाना मोहम्मद अली फारुकी ने झण्डा फहराया।

आज जश्ने आज़ादी के मौके पर पूरे देश में बोर्ड की हर शाखा में झण्डा फहराया गया और राष्ट्रगान हुआ, हर जगह सभा आयोजित की गई और लोगों में मिठाई बांटी गई। लखनऊ में बोर्ड के प्रदेश कार्यालय में भी झण्डा फहराया गया और राष्ट्रगान गाया गया जिसमें बोर्ड के जिम्मेदारों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर बढ़ रही नफरत को रोकने के लिए बोर्ड के लखनऊ शाखा के अध्यक्ष मौलाना इश्तियाक क़ादरी ने मस्जिदों में फ़्री क्लीनिक शुरू करने की बात की और अपनी मस्जिद में इसे शुरू करने का ऐलान किया,उन्होंने कहा कि पूरे मुल्क में मस्जिदों में यह काम शुरू किया जाना चाहिए।

इस मौके पर उन्होंने कहा कि मस्जिद में जब बंदा जाता है तो उसकी रूह का इलाज होता है वहां अगर उसके जिस्म का इलाज भी होने लगेगा तो मकसद पूरा हल होगा और यह क्लीनिक हर मजहब के लोगों के लिए होगी जो फ्री में गरीबों को दवा देगी और इलाज होगा इससे यकीनन नफरतें खतम होंगी ।
रायेबरेली, संभल,मुरादाबाद, मेरठ,फैजाबाद,मकनपुर सहित देश में बोर्ड की हर शाखा में बड़ी धूमधाम से जश्ने आज़ादी मनाया गया।



AIUMB President questions the Triple Talaq Bill, which abolishes the practice but also criminalises husbands at the same time

New Delhi: August 3, 2019

Talking to the media outlets, Maulana Syed Ashraf Kichchawchchvi, founder and president of All India Ulema & Mashaikh Board, an apex body of Sunni-Sufi Muslims in India, questioned as to how the Triple Talaq Bill, which abolishes the practice of triple Talaq but also criminalises the husband at the same time, would help in the family’s domestic life. He asked: “When the Supreme Court has already struck down the practice, then what does the government intend by bringing a law to imprison and punish the Muslim husbands?”

Maulana Syed Kichchawchchvi further asks as to who will provide the allowance to the wife and her children as long as the husband is imprisoned and how can this law ensure that the malpractice will not happen? What is the guarantee of the couple living happily even after the husband is put behind the bars for three years? And not only the imprisonment, in many cases, he will have to suffer the harassments and custodial persecutions on the complaints from the wife and her relatives.
“We do not reject the Triple Talaq Bill outright. But we demand a fair probe into the related issues and more nuances need to be studied to introduce a proper and more practical law on against the instant divorce. Otherwise, the law itself will appear ‘instantly framed’ and hastily decided just like the practice of the instant divorce (triple Talaq)”, he said.

By: Ghulam Rasool Dehlvi

AIUMB के शादाब हुसैन रिज़वी अशरफी बने दिल्ली हज कमेटी के सदस्य।

3 जुलाई,नई दिल्ली
दिल्ली हज कमेटी में सामाजिक संगठन से लिए जाने वाले सदस्य के रूप में आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड दिल्ली शाखा के अध्यक्ष सय्यद शादाब हुसैन रिज़वी अशरफी को नामित किया गया है।
सय्यद शादाब लंबे समय से हज यात्रियों की सेवा निस्वार्थ भाव से करते रहे हैं और लगातार हाजियों की हर संभव मदद करते रहे हैं ,उनके इस समर्पण भाव को देखकर उन्हें इस पद के लिए उपयुक्त समझा गया । सय्यद शादाब लगातार AiUMB के जरिए सामाजिक कार्य करते रहे हैं और दिल्ली में 2016 मार्च में संपन्न हुए विश्व शांति के उद्देश्य से आयोजित वर्ल्ड सूफी फोरम में अग्रणी भूमिका में रहे और लगातार समाज में व्याप्त बुराइयों के विरूद्ध अभियान चलाते रहे हैं।
शांति बहाली और मोहब्बत का संदेश जन जन तक पहुंचाने की उनकी शैली लोकप्रिय है ।
सय्यद शादाब को दिल्ली हज कमेटी का सदस्य बनाए जाने पर आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष एवम् वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने मुबारकबाद देते हुए कहा कि हमारी दुआ है कि आजमीने हज की और खिदमत करे और अपनी मेहनत और कोशिश से वहां हाजियों को होने वाली तकलीफों को दूर करने में कामयाब हो ,अपने ओहदे को एजाज़ नहीं ज़िम्मेदारी मानते हुए काम करें।हज़रत ने दिल्ली सरकार को भी शुक्रिया कहा।

By: यूनुस मोहानी