AIUMB & World Sufi Forum extend help in Centre’s bid to mainstream the Madrasas and uplift minorities

New Delhi: June 13, 2019

 The World Sufi Forum’s chairman, Syed Mohammad Ashraf Kichhowchhawi, President & Founder of All India Ulama & Mashaikh Board (AIUMB), an apex body of Sufi Muslims in India applauded and spiritedly welcomed the Centre’s decision to mainstream and modernise the Madrasas across the country.

The Modi government’s focus on the development of the Madrasa education is part of the actual inclusive policies aimed at the betterment of the Muslim minority community rather than the appeasement politics, he said.

Syed Mohammad Ashraf Kichhowchhawi said: “For this historic initiative, I personally thank Prime Minister Narendra Modi and Union Minister for Minority Affairs Mukhtar Abbas Naqvi and pray for the ultimate success in the implementation of this desirable proposal. This goes in full spirit of ‘Sabka Saath Sabka Vikas’ if the plan is put into action.”

He further said that if Madrasas are connected with formal education and mainstream education, lakhs of students enrolled over there can contribute more vigorously to the development of the nation. Syed Kichhowchhawi showed full cooperation to uphold the cause of “Hold Quran in one hand and computer in other” in the nook and corner of the country.

This welcome move reflects an ongoing internal overhaul in the outlook of the BJP leadership towards the Muslims. While the Modi government is gearing up for a major reformation in the madrasa education system, AIUMB seeks to extend all possible support in introducing the new vocational courses, tech-based education programmes and professional skill development will in the Madrasa educational curricula.

As an apex organisation of Indian Sufi Muslims, All Indian Ulama and Mashaikh Board (AIUMB), reaffirms its commitment to work with the Narendra Modi government for mainstreaming the Madrasas, countering extremism and radicalism, setting up education centres to curb the foreign radical ideologies.

“The AIUMB will help prepare the syllabus for such education centres in Muslim areas where counter-extremism Islamic courses based on pluralistic Indian ethos are taught”, said the founder and president of AIUMB and chairman of World Sufi Forum. “Sufism is a way of life and is above religion. It stands for peace. Wherever Sufi ideology got weakened, terrorism grew. The example is Kashmir,” he added.

Kichhowchhawi, however, warned of intermediaries between the Muslims and the Modi government and said that they want the Prime Minister to establish direct contact with the mainstream minorities of India, including the Muslims. He also reminded of PM Modi’s remarks in his Mann ki Baat in which he spoke about his interaction with the Sufi leaders: “I had the opportunity of meeting Sufi saints and scholars… Perhaps, it has become the foremost need for the world to know the true picture of Islam… I am confident that Sufi culture, which is associated with love and generosity will spread this message far and wide. It will benefit Islam as well as humankind”.

In the World Sufi Forum held in March 2016, the AIUMB had submitted a 15-point memorandum to Modi government, demanding among other things, setting up of a Sufi research centre in Delhi and creation of a “Sufi circuit” to promote syncretic Sufi culture, tourism to Indian Sufi shrines.

AIUMB welcomes PM Modi’s assurance to minorities as message of inclusion in India

Hazrat Sayyed Mohammed Ashraf Kichhouchi, the founder president of All India Ulama and Mashaikh Board (AIUMB), and Chairman of World Sufi Forum, hailed the agenda of the new government on minorities which came in the speech of Prime Minister Narendra Modi at the parliamentary party meeting of the National Democratic Alliance (NDA).

Now it is a matter of great concern to repose the faith in the slogans of the new government such as #SabkaVishwas or  “winning everyone’s faith”. He welcomed PM Modi’s assurance to minorities in India stating:

‘After Sabka Saath, Sabka Vikas, win Sabka Vishwas’ is PM Modi’s message of inclusion which is welcomed by the Sufi community since the beginning.

The All India Ulama and Mashaikh Board, in their congratulatory message sent to the Prime Minister, had said that the continuous development of the country without winning the faith of every minority community is not possible. By highlighting this  crucial issue in his speech, the new government has adopted it as the original mantra given by PM Modi.

AIUMB President also told the media that the minorities of the country will get a share in the development of India without discrimination, as it clearly seems from the PM’s pledge.

He further said: “We appreciate this statement and pray that in the new story of the country’s development, the contribution of Indian Muslims would be remarkable, if the government makes an honest effort in this direction. This would be the biggest achievement against poverty and hatred”.

Communal harmony and love is is the mantra of development, he said.


सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास सराहनीय हम स्वागत करते हैं : सय्यद मोहम्मद अशरफ

25 मई / मक्का, सऊदी अरब

आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष एवम् वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दुबारा एनडीए के नवनिर्वाचित संसदीय दल के नेता चुने जाने के बाद दिये गए भाषण में नई सरकार का एजेंडा प्रस्तुत करते हुए अल्पसंख्यकों में विश्वास पैदा करने की बात एवम् सरकार के नये नारे “सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास” की सराहना करते हुए कहा कि हम इसका स्वागत करते हैं।
आल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड ने प्रधानमंत्री को भेजे गए अपने बधाई संदेश में प्रधानमंत्री से यही बात कही थी कि बिना देश के अल्पसंख्यक वर्ग को विश्वास में लिए देश का सतत विकास संभव नहीं है, अपने भाषण में इस बात को कहकर और नई सरकार के मूल मंत्र के रूप में इसे अंगीकृत कर उन्होंने बताया है कि देश के अल्पसंख्यक वर्ग को बिना भेदभाव के भारत के विकास में भागीदारी मिलेगी।
किछौछवी ने कहा कि हम इस बयान की सराहना करते हैं और दुआ करते हैं कि मुल्क तरक्की की नई कहानी लिखे जिसमें भारतीय मुसलमानों का योगदान भी उल्लेखनीय हो, यदि सरकार इस दिशा में ईमानदार प्रयास करती है तो गरीबी और नफरत के खिलाफ यह सबसे बड़ी कामयाबी होगी, उन्होंने कहा कि मोहब्बत सबके लिए नफरत किसी से नहीं का मंत्र ही विकास का मंत्र है।

बधाई संदेश! माननीय प्रधानमंत्री महोदय भारत सरकार,नई दिल्ली।

आल इंडिया उलमा व माशाइख़ बोर्ड 17 वीं लोकसभा चुनावों में आपको एवम् आपके दल को मिली अताशीत सफलता पर एवम् आपको दोबारा देश का प्रधानमंत्री बनने पर मुबारकबाद पेश करता है इस यकीन के साथ कि आपके नेतृत्व में हिंदोस्तान में समृद्धि व खुशहाली आएगी।
आपके द्वारा दिया गया नारा “सबका साथ – सबका विकास” ज़मीन पर चरितार्थ होगा और भारत के बहुसंख्यक एवम अल्पसंख्यक वर्ग मिलकर भारत भूमि की तरक्की के लिए कार्य करेंगे, बोर्ड का मानना है कि जब तक देश में अल्पसंख्यक वर्ग में विश्वास नहीं होगा तबतक देश के सतत विकास की परिकल्पना अधूरी है अतः आपके कुशल नेतृत्व में देश के सबसे बड़े अल्पसंख्यक समुदाय में विश्वास पैदा होगा। हम आपको शुभकामनाएं प्रेषित करते हैं कि देश के सामने जो भी चुनौतियां हैं आप उन पर अपने कुशल नेतृत्व के द्वारा विजय प्राप्त करें और भारत को दिन दूनी रात चौगनी तरक्की की ओर अग्रसर करे।

धन्यवाद ।

सय्यद मोहम्मद अशरफ किछोछ्वी
संस्थापक एवं अध्यक्ष
आल इंडिया उलमा व माशाइख़ बोर्ड

इमाम हसन की पैदाइश पर आल इंडिया उलमा मशाईख बोर्ड के सदर दफ्तर में कार्यक्रम आयोजित

हमशबीहे पयंबर ,दूसरे इमाम और पांचवे खलीफा हैं इमाम हसन – मुख्तार अशरफ
21 मई /नई दिल्ली, आल इंडिया उलमा मशाईख बोर्ड के केंद्रीय कार्यालय में हज़रत इमाम हसन अलैहिस्सलाम की विलादत के मौके पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया ,पूरे देश में बोर्ड की सभी शाखाओं में भी कार्यक्रम का आयोजन हुआ ।रमज़ान माह की 15 तारीख को हज़रत इमाम हसन अलैहस्सलाम का जन्म हुआ इस विषय पर बोलते हुए मौलाना मुख्तार अशरफ ने कहा कि लोगों में एक गलत बात मशहूर है कि खलीफए राशिद सिर्फ 4 हैं जबकि यह सही नहीं है अल्लाह के रसूल ने फरमाया कि 30 साल तक खिलाफत रहेगी और उसके बाद मुलूकियत दाखिल हो जाएगी अब यह 30 साल हज़रत इमाम हसन की खिलाफत के 6 माह को मिलाकर ही पूरे होते हैं ऐसे में खुलफाए राशिदीन की तादाद 4 मानना ज़ुल्म है।
मौलाना ने कहा कि अहलेबैत क़ुरान की तफसीर हैं इनकी जिंदगानी क़ुरान का प्रेक्टिकल नमूना है हमें क़ुरान समझना है तो दरे आहलेबैत से समझना है । सदर दफ्तर में कल ही खत्म कुरआन भी हुआ मौलाना मुख्तार अशरफ ने नमाजे तरावीह में क़ुरान सुनाया ,इस मौके पर हुसैन शेरानी ने इमाम हसन की शान में मनकबत पेश की ,प्रोग्राम की शुरवार तिलावते क़ुरान से मुमताज़ अशरफ ने की प्रोग्राम के आखिर में नज़र पेश की गई और सय्यद शादाब हुसैन रिज़वी ने मुल्क और दुनिया के अमनो अमान के लिए दुआ कराई।इस मौके पर बड़ी तादाद में लोग मौजूद रहे।


Yunus Mohani

गिरीराज के खिलाफ हो कड़ी कार्यवाही ,आल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड ने अल्पसंख्यक आयोग में की शिकायत ।।

10 मई , नई दिल्ली , बेगूसराय बिहार से भारतीय जनता पार्टी के लोकसभा प्रत्याशी गिरिराज सिंह द्वारा इस्लाम धर्म के प्रवर्तक हज़रत मुहम्मद साहब और उनकी बेटी हज़रत फातिमा पर अभद्र एवम अमर्यादित टिप्पणी के बाद पूरे देश के मुसलमानों में काफी गुस्सा है ।आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड ने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग से गिरिराज सिंह की शिकायत की और आयोग से उक्त के विरूद्ध कड़ी से कड़ी कार्यवाही करने की मांग की।
बोर्ड ने लिखित शिकायत पत्र के माध्यम से आयोग से कहा कि गिरिराज सिंह द्वारा किए गए कृत से न सिर्फ मुसलमानों की अपितु समस्त सभ्य समाज की भावनाऐं आहत हुई हैं ,यह कृत भारतीय कानून के अनुसार देशद्रोह की श्रेणी में आता है क्योंकि इससे दो समुदायों के मध्य वैमनस्यता फैल सकती थी अतः इसके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाय ताकि देश में रहने वाले अल्पसंख्यक वर्ग को न्याय मिल सके।
बोर्ड के अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने लोगों से शांति बनाए रखते हुए कानूनी कार्यवाही करने की अपील की।


By: Younus Mohani

AIUMB condemns shooting at synagogue in Poway, California

New Delhi, 29 April 2019

All India Ulama & Mashaikh Board releases the following statement condemning the Saturday shooting at the Congregation Chabad in Poway, California:

“There is no worse form of terrorist extremism than an attack on a place of worship — whether it be arson at churches in Louisiana, mass shootings at mosques in Christchurch, New Zealand, the attacks on Churches in Sri Lanka or this weekend’s attack on a synagogue in Poway, California. This evil must be confronted by all of us, especially faith leaders who at times have to overcome threats from within their own community to speak up against extremism. We cannot be bystanders in this war against the right of any community to worship in peace. Enough is enough”

AIUMB strongly condemned the acts of terror in Sri Lanka

New Delhi,  April 23.

The All India Ulama & Mashaikh Board (AIUMB) strongly condemned the acts of terror triggered by multiple bomb blasts on the Easter morning on worshipers in churches and many guests at hotels in Sri Lanka that destroyed mercilessly more than 300 innocent lives and critically injured more than 500 people.

AIUMB offered condolences to all bereaved families and shared the grief and pain as fellow human beings.

AIUMB, in no uncertain terms, stated that acts of terror and violence against fellow human beings is a brutal assault on the dignity of humanity or Karamat-e-Insani, which is the most important objective of the Sharia in Islam.

AIUMB founder and President Hazrat Syed Mohammad Ashraf  said that acts of terror such as this leave deep wounds as they destroy innocent lives and families.

“As we condemn terror and violence resolutely with courage we resolve to work towards Reconciliation and Peace that are foundational principles of Sufism in Islam. We join in spirit with all people of good will and seekers of peace”, he added.

سائنس نے بھی کیا معراج النبی ﷺ کا اعتراف

نئی دہلی، 4مارچ، پریس ریلیز
درگاہ بھورے شاہ رحمۃ اللہ علیہ، نزد نظام الدین ریلوے اسٹیشن ،نئی دہلی میں کل رات جشن معراج النبی ﷺ اور خواجہ غریب کانفرنس کا انعقاد ہوا جس میں آل انڈیا علماء و مشائخ بورڈ کے صدرا ورلڈ صوفی فورم کے چیئر مین حضرت سید محمد اشرف کچھوچھوی نے بطور مہمان خصوصی شرکت کی۔ حضرت نے کہا کہ واقعہ معراج کی حقیقت کو دور جدید کی سائنسی ایجادات نے ثابت کر دیا ہے۔ انسان سات سمندرپار کسی دیہات میں بیٹھا ویڈیو لنک سے تصویر اور آواز کے ساتھ بات کر سکتا ہے، ایک ہی وقت میں ہندوستان میں بھی ہے اور امریکہ میں بھی موجود ہے، بذریعہ کمپیوٹر براہ راست مشاہدہ ہورہاہے، معجزات ، مشاہدات و کشف وکرامات جیسے روحانی معاملات کے منکرین کی عقلی دلیلوں کو سائنس نے مسترد کر دیا ہے۔حضرت نے معترضین کا سوال کہ اتنی طویل و عظیم مسافت ایک رات میں کیسے طے ہو سکتی ہے تو ان کو برقی رو کی تیز رفتاری سے مثال دیتے ہوئے کہا کہ جب بجلی کا ایک بلب ایک لاکھ چھیاسی ہزار میل کے فاصلے پر سوئچ دبانے سے ایک سیکنڈ میں جل جاسکتا ہے تو رسول اللہ ﷺ معراج کیوں نہیں کر سکتے۔ آپ نے کہا کہ ذہن کو صاف کرنے اور غور کرنے کی ضرورت ہے۔
حضرت نے خواجہ غریب نواز کی تعلیمات پربھی روشنی ڈالی، آپ نے کہا کہ ہمیں اس نفرت کے دور میں خواجہ معین الدین چشتی رحمۃ اللہ علیہ کی پیروی کرنی ہوگی ،تبھی ہم کامیاب ہوسکتے ہیں۔ حضرت نے مسجد اور درگاہ بھورے شاہ کمیٹی کے نوجوانوں کو دعاؤں سے نوازتے ہوئے کہا کہ جب تک نوجوانوں کے دلوں میں محبت رسول و محبت اولیا ہے تب تک ہماری قوم کو کوئی گمراہ نہیں کرسکتا۔
پروگرام کی صدارت حضرت سید شاہ بختیار حسن صاحب صابری فریدی چشتی، سجادہ نشین خانقاہ چشتیہ فریدیہ صابریہ قادریہ عالیہ دھموارہ شریف نے کی۔پروگرام کا اختتام صلوٰ ۃ وسلام اور ملک میں امن وامان کی دعا کے ساتھ ہوا۔

रमज़ान में पूरे जोश के साथ वोट करें मुसलमान : सय्यद मोहम्मद अशरफ

March: 30, महाराजगंज,

वर्ल्ड सूफ़ी फोरम एवं ऑल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष हज़रत मौलाना सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने नौतनवां में अपने प्रेसवार्ता के दौरान रमज़ान में मुसलमानों के वोट डालने को लेकर छिड़ी बहस पर कहा कि रमज़ान में मुसलमान वोट नहीं कर पाएंगे यह एक प्रोपेगन्डा है, ताकि मुसलमानों में इसके निगेटिव सोच पैदा हो और वो वोट न कर सकें।

उन्होने कहा कि इस मसले को तूल न दिया जाए रमज़ान जैसे पाक पवित्र महीना में जहाँ मुसलमान अपने दिलो दिमाग को फ्रेश रखता है। और रोज़ा रहते हुवे अपने सारे कामो को भी करता है तो वो वोट क्यों नहीं कर सकता? रमज़ान को लेकर एक भरम की स्थिति मुसलमनों में पैदा की जा रही है जो ग़लत है। मुसलमान रोज़ा रख कर अपने दिलो दिमाग को फ्रेश कर के अपने हक़ का इस्तेमाल बढ़ चढ़ कर करेगा। मुल्क को तरक़्क़ी अमन व शांति और विकास देने वाली सरकार को चुनेगा।

उन्होने आखिर में कहा कि उलमा हज़रात अपने अपने इलाके में अवाम से वोट की अहमियत बतायें, साथ ही परशासन के लोगों को चाहिये कि वोट डालने वाले दिन वैसा इंतेज़ाम करें, ताकि रोजे़दारों को ज्यादा देर तक लाइन में न खड़ा होना पड़े।