सरहद पर गोली और मीडिया की बोली दोनों ही से देश को खतरा : सय्यद मोहम्मद अशरफ

17 जून,2020 बुधवार, नई दिल्ली

आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफ़ी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने न्यूज 18 न्यूज चैनल के एंकर अमीश देवगन द्वारा हज़रत ख्वाजा गरीब नवाज़ रहमतुल्लाह अलैहि की शान में अभद्र एवं अशोभनीय टिप्पणी किए जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है उन्होंने कहा मुल्क नाज़ुक दौर से गुजर रहा है ऐसे में मुल्क की मीडिया का यह गैर जिम्मेदाराना रुख भारत की एकता पर खतरा है।
इस तरह के गैरजिम्मेदार लोगों पर तुरंत कार्यवाही की जानी चाहिए क्योंकि हज़रत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती रहमतुल्लाह अलैहि से न सिर्फ देश के मुसलमान बल्कि देश एवं विदेश के सभी धर्मों के लोग श्रद्धा रखते हैं अमीश देवगन की टिप्पणी से सभी की भावनाएं आहत हुई हैं और इस प्रकार की भाषा हमारी गंगा जमुनी तहजीब और भारतीय मूल्यों के विपरीत है।हज़रत ने कहा कि इस संबंध में बोर्ड ने भारत के प्रधानमंत्री ,गृहमंत्री,महामहिम राष्ट्रपति महोदय सहित भारत के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिख कर कार्यवाही की मांग की है एवं भारत की एकता की चोट पहुंचाने वाले ऐसे व्यक्ति के विरूद्ध पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है।


हज़रत ने कहा कि हम अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए अपनी सेना एवं भारत सरकार के साथ है और हर संभव सहयोग एवं देश रक्षा हेतु प्राणों की बाज़ी लगाने को भी तैयार हैं पूरे देश को इस संकट के समय में एकजुट रहना है लेकिन ऐसे घिनौने बोल बोलने वालों पर लगाम लगाई जानी चाहिए और तुरंत इनपर कठोरतम कार्यवाही की जानी चाहिए।

Yunus Mohani

पौधारोपण अभियान में जुटा ऑल इंडिया उलमा मशाइख बोर्ड

मस्जिद ग़रीब नवाज़ के संस्थापक हाजी सय्यद इफ्तेखार हुसैन के हाथों हुआ पौधरोपण

13 जून महाराजगंज,
आल इंडिया उलमा मशाईख बोर्ड की महाराजगंज शाखा द्वारा कोरोना वायरस की महामारी के बीच में एक अनूठा अभियान शुरू किया गया है , पौधारोपण अभियान जिसके अन्तर्गत लगातार अलग अलग जगहों पर पेड़ लगाये जाने हैं,इस बात की जानकारी आल इंडिया उलमा मशाईख बोर्ड महाराजगंज शाखा के प्रवक्ता मास्टर शमीम अशरफी ने दी।


मस्जिद ग़रीब नवाज़ के संस्थापक एवं व्यस्थापक हाजी सय्यद इफ्तेखार हुसैन साहब ने
बताया कि पेड़ लगाना सुन्नत है कोरोना की वजह से जिस तरह लोगों ने देखा कि प्रकृति ने खुद को दुबारा से रिचार्ज किया लिहाज़ा अब हम सब की बड़ी ज़िम्मेदारी है कि इसे अब दूषित न करें ,खूब पेड़ लगाए ताकि आने वाले समय में पूरी पृथ्वी पहले ही की भांति हरी भरी नजर आए उन्होंने बताया कि बोर्ड का यह राष्ट्रव्यापी अभियान कई वर्षों से चल रहा है और बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी के आह्वाहन पर मुसलमानों के सभी त्योहारों पर यह कार्य किया जाता रहा है ,और जहां मानवता के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वाह बोर्ड द्वारा किया जा रहा है भूखों को खाना खिलाया जा रहा है वहीं आने वाली नस्लों को साफ हवा मिले इसके लिए भी प्रयास तेज हैं।

और इसी अभियान के अन्तर्गत मस्जिद ग़रीब नवाज़ के संस्थापक एवं ओलमा मशाइख़ बोर्ड महराजगंज के सरपरस्त हाजी सय्यद इफ़्तेख़ार हुसैन ने मस्जिद कम्पस में पौधे लगाए।और लोगों से भी एक व्यक्ति एक पौधा अभियान में जुड़ने की अपील की।
इस मौके पर मौलाना क़मर आलम अलीमी साहब, डॉक्टर नेहाल अशरफी, सय्यद सेराज अहमद, सय्यद अफ़ज़ाल अहमद सय्यद वक़ार अहमद, सय्यद वहाज अहमद, शकील हाशमी, आसिफ हाशमी साहबान मौजूद रहे।

रमज़ान के सबक को पूरे साल याद रखने के अज़्म लेने का दिन है ईद : सय्यद अशरफ

25 मई ,दिल्ली
आल इन्डिया उलमा व मशाईख बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फ़ोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने देश एवम दुनिया के तमाम लोगों को ईद के पर्व की बधाई देते हुए कहा कि ईद का दिन हमने जो इबादतें की है पूरे रमज़ान के महीने में हमारे अल्लाह से उसकी मजदूरी मिलने का दिन है ,उन्होंने आगे कहा कि याद रखिए यह दिन सिर्फ खुश होने के लिए नहीं बल्कि इस बात का अपने रब से वादा करने का भी दिन है कि हमने माहे रमज़ान में जो सीखा है पूरे साल हम उस पर अमल करेंगे ,हमने खुद भूखा रह कर जो उन लोगों की भूख का अहसास किया है जिनके पास खाना नहीं है लिहाज़ा हम यह पूरी कोशिश साल के आइंदा महीनों में भी करते रहेंगे कि कोई भूखा न सोने पाये अगर ऐसा न हुआ तो रमज़ान का सबक हमने लिया ही नहीं।
हज़रत ने कहा कि पूरी दुनिया कोरोना की आफत से दो चार हैं लिहाज़ा हमें मदद का सिलसिला बंद नहीं करना है और लोगो की मदद करते रहना है ,इस बार की ईद एक अलग ही तरह की है जहां हम लोगो को गले नहीं लगा पायेंगे लेकिन इस बार दिल ज़रूर जुड़ें हैं गले मिलने का दिखावा नहीं है दिल मिले हैं क्योंकि इस लॉकडाउन ने हमें रिश्तों की अहमियत समझाई है हमें हमारे पड़ोसी के लिए हमारा फ़र्ज़ याद दिलाया है लिहाज़ा यह ईद ज़्यादा खुशी की ईद है।
हमें ईदगाहों में नमाज़ न पढ़ पाने का गम है लेकिन हम अल्लाह के बन्दों की मदद कर अपने रब का शुक्र अदा कर रहे हैं कि मालिक तूने हमें इस लायक बनाया कि हम तेरे बन्दों की मदद कर सके।उन्होंने कहा कि सभी लोग अपने घरों में रहकर ईद मनाएं अपने वालिदैन ,अपने बीवी बच्चो,भाई बहनों के साथ और सब मिलकर अपने रब से दुआ करें कि दुनिया जल्द इस कहर से आज़ाद हो और हम सब मस्जिदों को अपने सजदों से सजा दें।
उन्होंने कहा कि लॉकडाउन 31 मई तक है तो इस बार हमारे पास शव्वाल के 6 रोज़े रखने का पूरा मौका है जो पहले हम अपनी काहिली की वजह नहीं रख पा रहे थे इस बार हम अपने अल्लाह को राज़ी करने के लिए उसका भी एहतमाम करें,अपना फितरा जरूरतमंद तक ईद की नमाज़ से पहले पहुंचा दें और फिर अपने घर में अपने रब का शुक्र अदा करें।
सभी को ईद की खूब मुबारकबाद इस दुआ के साथ कि मालिक दुनिया को इस आफत से अपने हबीब के सदके आज़ाद कर दे और दुनिया में हर बीमार को शिफा दे,परेशानहालों की परेशानी दूर फरमाए और हमारा मुल्क अमन का गहवारा बने और खूब तरक्की करे।

Yunus Mohani

ईद के नाम पर फिज़ूलख़र्ची के बजाये ज़रूरतमंदों की मदद करे मुसलमान: ए.आई.यू.एम.बी

उलमा मशाइख बोर्ड की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग

04 मई, शेरानी आबाद, नागौर , राजस्थान

आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड दिल्ली के ज़िम्मेदार हाफिज हुसैन शेरानी ने बताया कि बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फ़ोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी समेत बोर्ड एग्जीक्यूटिव कॉउंसिल की ईद को लेकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग मीटिंग हुई जिस में भारतीय मुसलमानों से अपील करते हुए कहा गया कि:
रमजानुल मुबारक के पूरे महीने में विशेष रूप से आखिरी अशरे में अच्छी तरह से इबादत करें, सरकार द्वारा बरती जाने वाली सावधानियों का पालन करें और कोरोनो वायरस के खात्मे के लिए दुआ करें, पूरी दुनिया और हमारा प्यारा देश भारत कोरोना वायरस से परेशान है, एक हजार से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं, हजारों मरीजों का इलाज किया जा रहा है, अर्थव्यवस्था प्रभावित है, पूरा देश निराशा की स्थिति में है, ऐसे हालात में ईद के नाम पर ज़्यादा फ़िज़ूल खर्ची न करें, कपड़ों की खरीदारी हरगिज़ न करें , बल्कि नए के बजाय पुराना साफ सुथरा कपड़ा पहनें, और ज़रूरतमंदों की मदद करें, रमजान के आखिरी दिनों में अगर बाजार खुल भी जाए तो कृपया खरीदारी के लिए न जाएं, भीड़ जमा होगी तो खतरा है कहीं आप वायरस का शिकार न हो जाएँ, एक अच्छा भारतीय होने के नाते हमारी नैतिक ज़िम्मेदारी है हम इस आज़माइश के दौर में ईदुल फ़ित्र सादगी, और चुप्पी के साथ मनाएं, फितरा आखिरी अशरा से पहले अदा करने की कोशिश करें ताकि ज़रूरतमंदो तक उनका हक़ पहुँच जाए और अपने इलाक़े के इमाम व मोअज़्ज़िन का खास ख्याल रखें।


मीटिंग में कनाडा से शाह हसन जामी, कर्नाटक से हज़रत सैय्यद तनवीर हाशमी, महाराष्ट्र से हज़रत सैय्यद आलमगीर अशरफ, तेलंगाना से हज़रत सैय्यद आले मुस्तफा पाशा, यूपी से हज़रत सय्यदी मियां, यूनुस मोहानी, दिल्ली से हज़रत सैय्यद फरीद निज़ामी, मौलाना मकबूल और राजस्थान से हाजी सैय्यद सलमान चिश्ती व हुसैन शेरानी शामिल रहे.

आख़िर में कोरोना वायरस की महामारी से छुटकारा पाने के लिए ख़ास दुआ की गई ।

By: Husain Sherani

उलमा मशाईख बोर्ड दिल्ली व अल अशरफ ट्रस्ट का रमज़ान में राशन बाँटने का सिलसिला जारी !

26 अप्रैल 2020, नई दिल्ली

आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड और अल अशरफ ट्रस्ट के तत्वाधान में ज़रूरतमन्द व असहाय लोगों तक मदद पहुंचाने का सिलसिला रमज़ान के मुबारक महीने में भी जारी है, बोर्ड के लोग हर जगह ज़रूरतमंदों तक राशन किट और दूसरी ज़रूरी सहायता पहुंचा रहे हैं।
बोर्ड दिल्ली शाखा के सेक्रेटरी सय्यद शादाब हुसैन रिज़वी अशरफी के नृतत्व में सय्यद सऊद अख्तर व उम्मे फातिमा अशरफ अन्य के साथ मिलकर दिल्ली में लॉक डाउन के पहले दिन से दिल्ली के कोने कोने में पहुँच कर हक़दार तक राशन पहुँचा रहे हैं, यह सिलसिला रमज़ान शरीफ में भी जारी है, पहले रोज़े बोर्ड दिल्ली शाखा ने लगभग 100 हक़दार घरों तक राशन पहुँचाया ताकि उन्हें रोज़े रखने में कोई परेशानी पेश न आए.

बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी की लोगों से हर जरूरतमंद शख्स की हर संभव मदद पहुंचाने की अपील के बाद से राष्ट्रीय स्तर पर यह काम किया जा रहा है।

बोर्ड ने सभी से अपील की है कि देशभर में लोग सिर्फ अपने घर के 100 मीटर के दायरे की ज़िम्मेदारी उठा लें तो पूरे देश में कहीं कोई भूख से नहीं मर सकता, इस तरह हम भूख के साथ कोरोना को हरा कर नई तारीख लिख सकते हैं कि जिस देश में इतनी बड़ी आबादी रहती हो वहां लाकडाउन के बावजूद भी लोगों ने यह बताया कि इंसानियत के जरिए हम बड़ी से बड़ी चुनौती को पार कर सकते हैं। नबी की तालीम यही है कि अगर तुम्हारा पड़ोसी भूखा है और तुम खाना खा रहे हो तो तुम हरगिज़ मोमिन नहीं हो सकते, देश के 30 करोड़ मुसलमान इस पर अमल कर देश के सभी भूखों का पेट भर दे इसके लिए उन्हें सिर्फ 2 लोगों के खाने का इंतजाम करना है।

हक़दार तक हक़ पहुँचाना असल इबादत : सय्यद मोहम्मद अशरफ

22 अप्रैल, बुधवार: किछौछा अम्बेडकर नगर।
आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फ़ोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी अपनी ख़ानक़ाह खानकाहे अशरफिया शैखे आजम सरकारें कलां में बोर्ड और अल अशरफ ट्रस्ट के तत्वाधान में पिछले कई दिनों से हक़दार तक उनका हक़ पहुंचा रहे हैं, लगातार यहां से जरूरतमंदों को राशन बांटा जा रहा है, रमज़ान राशन किट के तौर पर ख़ानक़ाह से लगभग 600 हक़दार घरों तक राशन पहुँचाया जायेगा।
इस मौक पर हज़रत ने कहा कि रमज़ानुल मुबारक का पाक महीना शुरू होने वाला है, हमारी ज़िम्मेदारी बनती है लोगों तक राशन पहुँचाया जाये ताकि रमजान में उन्हें रोज़े रखने की कोई परेशानी पेश ना आये। उन्होंने कहा कि रमज़ान के महीने में हम खुसूसी इबादतें करते हैं लेकिन कोरोना वायरस की वजह से हुकूमत ने लॉक डाउन लागू कर रखा है और शरीअत ने भी इंसानी ज़िंदगी को बड़ी एहमियत दी है इसलिए इंसानी ज़िंदगी की हिफाज़त करते हुए एहकामे शरीअत की पाबन्दी की जानी चाहिए।
हमें चाहिए, लॉक डाउन में पिछले दिनों की तरह इमाम, मोअज़्ज़िन समेत सिर्फ पांच लोग पांच वक़्त की नमाज़ों की तरह तरावीह का भी एहतेमाम करें । ज़्यादा से ज़्यादा क़ुरान मजीद की तिलावत की जाये, कहीं भी किसी भी हालत में भीड़ नहीं लगानी है , हमारी दीनी और समाजी दोनों ज़िम्मेदारी है कि कहीं कोई भूखा न रह जाए, इसका खास ख्याल रखें।
हज़रत ने खुसूसी कहा, लाउड स्पीकर का इस्तेमाल सेहरी और इफ्तार का वक़्त बताने के लिए छोटे से एलान के लिए किया जाये और सेहरी के लिए जगाने वगैरह के लिए लाउड स्पीकर का इस्तेमाल न करें।
उन्होंने रमज़ानुल मुबारक में लोगों से घर में ही रहकर इबादत करने और कोरोना वायरस की महामारी से छुटकारा पाने के लिए ख़ास दुआ करने की अपील की ।

By: Husain Sherani

AIUMB महराजगंज का राहत सामग्री बांटने का इंतजाम


महराजगंज, अप्रैल 08.2020.
वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन एवं ऑल इंडिया ओलमा मशाइख़ बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष
#हज़रत_सय्यद_मोहम्मद_अशरफ_किछौछवी_साहब की अपील पर उनके चाहने वालों ने आज नौतनवां की #मस्जिद_ग़रीब_नवाज़ के कैम्पस में राहत सामग्री बांटने का इंतजाम #हाजी_सय्यद_इफ्तखार_साहब व
#मौलाना_सय्यद_अबरार_साहब के नेतृत्व में किया गया। जहां एक तरफ कोरोना जैसी महामारी है वहीं पर उससे बड़ी समस्या भूख की महामारी भी है। ऐसे मुश्किल वक़्त में हर इंसान को हर इंसान का ख्याल रखना चाहिए सभी अमीर को सभी ग़रीब के मदद के लिए खुल कर आगे बढ़ना चाहिए। ताकि भूख के वायरस से अपना कोई भी भाई भूखा सोने न पाए।
यह पोस्ट डालने का मक़सद सिर्फ और सिर्फ इतना है कि इस काम मे हिस्सा लेने वालों की हौसला अफजाई की जा सके ताकि इनलोगों में ख़िदमत का जज़्बा बरक़रार रहे। और इनके द्वारा सराहनीय कार्यों से प्रेरित होकर और भी लोग आगे बढ़े।और गरीबों जरूरतमन्दों की मदद करें। हाजी सय्यद इफ्तेखार साहब और मौलाना सय्यद अबरार साहब ने अपने हाथों से जरूरत मन्दों में राशन सामग्री वितरण की इस मौके पर हिंदुस्तान अखबार के वरिष्ठ पत्रकार अतीक़ अहमद अब्बासी, दूरदर्शन चैनल के राहुल तिवारी जी, स्वततंत्र चेतना के नव युवक पत्रकार राजा अग्रहरि उपस्थित रहे। इस मौके पर सय्यद सेराज अहमद, सय्यद अफजाल अहमद, सय्यद बेलाल अहमद, सय्यद वहाज अहमद, और मस्जिद ग़रीब नवाज़ के ख़तीब व इमाम मौलाना क़मर आलम अलिमि साहब और अशरफी जामा मस्जिद परसोहिया के ख़तीब व इमाम हाफिज कलीमुल्लाह साहब, मोहम्मद रफ़ीक़ अशरफी मोहम्मद अतीक़ अशरफी मोहम्मद मोबीन इमरान खान अंकित छेतरी संजय राजभर मोहम्मद वाहिद शकील हाशमी आज़ाद अशरफ अशरफी व साहब आलम कुरैशी वगैरह ने इस कार्य मे अपना भरपूर योगदान दिया।

#AiumbDonatesForCovid-19
#IslamicTeachings
#SaveHumanity
#SufiWay
#International_Durood_Week
#SyedAshraf

कोरोना वायरस से ज़्यादा खतरनाक है नफरत का वायरस : सय्यद मोहम्मद अशरफ

17 मार्च, 2020 महराजगंज
आल इंडिया व मशाइख़ बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फ़ोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कोरोना वायरस से अधिक खतरनाक नफरत का वायरस है।
उन्होंने कहा कि हम कोरोना से बचने के लिए मास्क तो पहन रहे हैं लेकिन नफरत से बचने के लिए ज़हरीली जुबानों को नहीं रोक रहे हैं,हम वायरस से बचने के लिए बार बार हैंडवाश या साबुन से हाथ धो रहे हैं लेकिन उन हाथों को लोगों की मदद के लिए नहीं बढ़ा रहे, खांसते या छींकते वक़्त बीमारी के डर से मुंह को ढाप रहे हैं लेकिन किसी जरूरतमंद के कपड़ों का इंतजाम नहीं कर रहे।
हज़रत ने कहा कि दुनिया कोरोंना से एकजुट होकर लड़ लेगी इसकी दवा बनाकर इसे हरा भी देगी लेकिन इससे ज़्यादा खतरनाक बीमारी का इलाज होते हुए भी इसे खतम करने को तैयार नहीं है।
जबकि सिर्फ एक मुस्कुराहट इस वायरस से बचा सकता है,एक ख़ामोशी,इंसाफ और लोगों की मदद करने का जज्बा इसका इलाज है अगर सब इस काम में लग जाएं तो इस वायरस को खतम कर इसपे जीत हासिल की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि हम कोरोना को सुन्नते रसूल पे अमल कर हरा देंगे क्योंकि डॉक्टर जो बचाव के तरीके बता रहे हैं वह नबी की सुन्नत है इसी तरह हम नफरत के वायरस को भी नबी की सुन्नत पर अमल कर हरा सकते हैं जो सूफिया ने करके दिखाया और संदेश सुनाया कि नफरत किसी से नहीं मोहब्बत सबके लिए।

हलाल रिज़्क़, इंसाफ और मोहब्बत से बचेगी दुनिया : सय्यद मोहम्मद अशरफ

उलमा व मशाइख बोर्ड अध्यक्ष की कोरोना वायरस से सावधान रहने की अपील!

15 मार्च रविवार,सुनौली
आल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फ़ोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने कल सुनौली नेपाल बार्डर पर एक धर्म सभा को संबोधित करते हुए मौजूदा समय में दुनिया पा कोरोंना वायरस के खतरे पर बात करते हुए कहा कि “हलाल रिज्क,इंसाफ और मोहब्बत से बचेगी दुनिया”!
हज़रत ने कहा कि हमारे पैदा करने वाले रब ने हमें बता दिया कि हम क्या खा सकते हैं और क्या नहीं जब हम उससे मुंह मोड़ेंगे तो इस तरह की मुसीबत में गिरफ्तार हो जाएंगे,सिर्फ खान पान से ही नहीं बल्कि इंसाफ न करने पर भी ऐसी स्थिति उत्पन्न होगी दुनिया तरह तरह की मुसीबत में फंसती जा रही है तरक्की के नाम पर रोज इंसानियत को नेस्तनाबूद करने वाले हथियारों को बनाया जा रहा है जिस हथियार से दुनिया को सबसे ज़्यादा नुक़सान पहुंच सकता है जिससे सबसे ज़्यादा जाने जा सकती है उसे सबसे बेहतर हथियार माना जा रहा है और उस मुल्क को सबसे ज़्यादा विकसित राष्ट्र माना जा रहा है,जबकि होना तो यह चाहिए था कि सबसे ज़्यादा विकसित मुल्क उसे मना जाए जहां इंसान की जिंदगी को सबसे ज़्यादा बेहतर करने पर काम हो,जहां इंसाफ का निज़ाम कायम हो,और सबसे अच्छा हथियार वह हो जिससे सबसे काम इंसानी जानो का नुकसान हो।
उन्होंने कहा कि दुनिया आज कोविड19 की वजह चीन के लोगों के गलत खान पान को मान रही है चमगादड़ को इसका मुख्य कारण माना जा रहा है लेकिन इसी खतरे को आज से 1500 साल पहले हमारे नबी ने बता दिया था और सबको यह बता दिया कि क्या खाया जा सकता है और क्या नहीं अगर नबी की बात पर अमल हो तो मुमकिन नहीं कि इस तरह की बीमारी फैले,सिर्फ इतना ही नहीं इस बीमारी से बचने के जो उपाय डॉक्टर बता रहे थे यह तो सब प्यारे नबी की सुन्नत हैं खांसी अाए तो मुंह ढंक लो छींक अाए तो मुंह ढंक लो हाथ धो वज़ू करो जिससे नांक और मुंह में को गंदगी है साफ हो जाए ।
मुसलमानों को कोरोंना से नहीं अपने रब से डरना चाहिए और अपने रसूल की सुन्नत पर अमल करना चाहिए आप अपने आप इस खतरनाक बीमारी से बच जाएंगे साफ सफाई का ख्याल रखें हाथो को साफ रखें ।
हलाल रिज्क बीमारियों से बचाता है ,वहीं इंसाफ से अमन कायम होता है और अमन होने से तरक्की होती है ,हुकूमत को इंसाफ का निज़ाम कायम करना चाहिए जिस तरह के हालात से मुल्क दो चार है इसमें इंसाफ के जरिए लोगों में भरोसा कायम किया जाना चाहिए और नफरतों को मिटा कर मोहब्बत का वातावरण बनाया जाना चाहिए क्योंकि यदि नफरत नहीं रुकी तो कोरोंना से अधिक घातक साबित होगी और इस वायरस की एक ही वैक्सीन है वह है मोहब्बत।

Yunus Mohani

نئی نسل کو بچانے کے لیےخاندان کی ہر بیٹی کو تعلیم یافتہ بنایا جائے : سید محمد اشرف

عرس اعلی حضرت اشرفی میاں کچھوچھہ شریف کے سالانہ پرگرام میں حضور اشرف ملت کا فرمان
ہر سال کی طرح امسال بھی عالم اسلام کی عظیم ہستی،مجدد سلسلہ اشرفیہ،اعلیٰ حضرت سیدمحمد علی حسین اشرفی میاں کچھوچھوی قدس سرہ کا سالانہ عرس پاک نہایت تزک واحتشام کے ساتھ منعقد ہوا جس میں محفل عید میلاد النبی سے خطاب فرماتے ہوئے حضرت اشرف ملت نے کہا کہ اگر امت مسلمہ اپنی آنے والی نسلوں کو بچانا چاہتی ہے تو اسے اپنے گھر کی کم سے کم ایک بچی کو دینی تعلیم وتربیت سے آراستہ کرنا ہوگا۔انھوں نے کہا کہ بعض خلاف اولی مسائل کا سہا را لے کر خواتین کو مکمل طور پر معاشرتی دھارے سے کاٹ کر علاحدہ کردیا گیا ہے جس کی وجہ سے ان کو دینی مسائل سیکھنے کا موقع کم سے کم ملتا ہے۔اور ہر بچی مدرسہ میں جاکر تعلیم بھی حاصل نہیں کر سکتی ہے اس لیے صنف نازک کو ایساماحول فراہم کرنا ہی ہو گا جس سے وہ دین ومذہب کی سمجھ حاصل کرسکے۔مزارات پر عورتوں کی حاضری تمام فتا وی کے باوجود نہیں رک سکی، لہٰذا اب اس کو روکنے پر قوت صرف کرنے کی بجائے اسے بار آور بنا یا جائے،اوراعراس میں ان کی حاضری کوانھیں دین کی تعلیم وتر بیت سے جو ڑنے کا ایک حسین موقع بنا دیا جائے۔آخر مفتیان کرام عورتوں کے لیے نسواں اجتماعات منعقد کرہی رہے ہیں تو اجتماع کی نیت سے عرس میں جانا کیونکر ممنوع ہو سکتا ہے۔انھوں نے عورتوں کی فعال کا رکردگی کی ایک مثال پیش کرتے ہوئے کہا کہ مرکزی حکومت کے ظالمانہ کالا قانون سی اے اے، این آر سی، اور این پی آر، کی مخالفت کا پرچم جس طبقے نے بلند کیاہے اور قوم وملت کی عزت وآبرو بچائی ہے،اور یہ نتیجہ ہے ان کے دنیا وی تعلیم سے جڑنے کا،اب اگروہی طبقہ دینی تعلیم سے بھی جڑ گیا تو اندازہ کرسکتے ہیں کہ کیسا عظیم الشاان انقلاب آسکتا ہے۔
پروگرام کا آغاز تلاوت کلا م پاک سے ہوا،اس کے بعد محمدثاقب سلمہ متعلم جامعہ اشرفیہ مختا رالعلوم ٹانڈہ اور دیگر مداحان رسالت نے نعت ومنقبت کا نذرانہ پیش کیا۔اس کے بعدمفکر اسلام حضرت مولانا حبیب الرحمن علوی مداری سدھارتھ نگری ایکزیکٹوممبر بورڈ نے اشرف ملت کی قائدانہ صلاحیت کے موضوع پر پرمغز خطاب فرمایا۔اور کہا کہ قائد کے بغٖیر بڑی سے بڑی فوج بھی ناکام ہو جاتی ہے۔اللہ کا لاکھ لاکھ شکر واحسان ہے کہ امت مسلمہ کا یہ مسئلہ حضرت اشرف ملت کے منظر عام پر آنے کے بعد حل ہو چکا ہے،قومی وملی مسائل پر اشرف ملت کی نگاہ بہت باریک ہے،اس لیے پوری قوم کو قائد تلاش کرنے کی بجائے ان کی قیادت پر متفق ہو جاناچاہیے۔اور آل انڈیا علما ومشائخ بور ڈ اس کے لیے سب سے موزوں پلیٹ فارم ہے۔جو پچھلی ایک دہائی سے قوم وملت کی ترجمانی کر رہاہے۔علامہ مداری نے کہا کہ جو لوگ بورڈ کی بے بنیادافوہوں کی وجہ سے مخالفت کررہے ہیں ان کو اپنا محاسبہ کرنا چاہیے،اور قوم وملت کے سرمایے کو برباد ہو نے سے بچا ناچاہیے۔یہ ایک سنہرا موقع ہے اس سے فائد ہ اٹھا نا چاہیے۔
اس کے بعد امیرا لقلم حضرت علامہ ومولانا مفتی صوفی مقبول احمد سالک مصباحی بانی ومہتمم جامعہ خواجہ قطب الدین بختیار کاکی،نئی دہلی نے اطاعت امیر کے موضوع پر شاندار خظاب فرمایا اور کہا کہ امت مسلمہ کے تمام مسائل کا حل صرف اور صرف اطاعت امیر میں ہے۔۴۱سو سالوں سے امت مسلمہ جو انارکی وبے چینی اور افتراق وانتشار کا شکا رہے اس کی بنیا دی وجہ امیر کی عدم اطاعت ہے۔اگر روز اول سے ہی امیر وقت کی اطاعت کی گئی ہو تی تو نہ قتل عثمان غنی کا بلوہ پیش آتا اور نہ حضرت مولاعلی،حضرت امام حسن کی مظلومانہ شہادت پیش آتی۔اور نہ ہی آ نے والے وقت میں معرکہ کرب وبلا کا سانحہ پیش آتا،جس کا درد آج تک بھلایا نہ جاسکا۔مولانا سالک مصباحی نے کہا کہ آج بھی نہ عالم اسلام کا کوئی متفقہ قائد ہے اور نہ مسلمانان ہند کا ہی کوئی رہبر ورہنما ہے،شتر بے مہار کی طرح ہر قبیلہ اور مسلک جد اجد اراستے پر گامزن ہے۔جس کی وجہ سے پچھلے ستر سالوں میں مسلمان ستر بار اجتماعی قتل عام کا شکار ہو چکا ہے۔اورابھی حال میں دہلی میں ہونے والی تباہی کا درد ناک منظر سب کے سامنے ہے۔ مولانا مصباحی نے کہا کہ اب نہ کوئی نیا نبی آنے والا ہے اور نہ وحی الٰہی نازل ہونے والی ہے،اب ہمیں ہی کچھ کرنا ہوگا۔اور وقت بہت مختصر رہ گیا ہے،دشمن ہمارے صفایا کی پوری تیاری کرچکا ہے۔یکے بعد دیگرے سب کا نمبر آنے والاہے۔
مجاہد اسلام مولانا سید محمد عالم گیر اشرف اشرفی الجیلانی بانی سنی سینٹر ناگپورنے کہا کہ منافق اگر صحیح بات بھی کہے تو نہ سنا جائے جیسا کہ قرآن کریم میں ارشاد باری تعالی ہوا۔اور منافقین کہتے ہیں کہ آپ اللہ کے رسول ہیں اور اللہ گواہی دیتا ہے کہ آپ اللہ کے رسول ہیں اور یہ منافقین سخت جھوٹے ہیں۔وجہ اس کی روح کلمہ سے منافقین کی ناواقفیت ہے۔اور روح کلمہ سے مراد ذات مصطفیٰ اور خاندان مصطفی ہے۔دور رسالت میں ذات مصطفٰی کے منکرین تھے اور اس کے بعد خاندان مصطفیٰ کے منکرین کی کثرت ہے۔اور یہ دونوں کے دونوں روح کلمہ سے ناواقف ہو نے کی وجہ سے مردود ومبغوض ہیں۔اور افسوس کہ آج بھی یہ دونوں ہمارے درمیان موجود ہیں۔اور ملت کے لیے ناسور ہیں۔مجاہد اسلام نے اس بات پر زور دیا کہ سادات کرام کی تعظیم وتوقیر کی تحریک کو آگے بڑھا یا جائے،اور سماج میں ان کے تئیں احترام وتکریم کے جذبات کو فروغ دیا جائے۔سادات اگرچہ کسی کی تعظیم وتوقیر کے محتاج نہیں ہیں مگر ان کی تعظیم وتوقیر سے مسلمانوں میں طاقت وقوت پیدا ہوتی ہے۔
عرس کا یہ پروگرام سہ روزہ تقریبات پر مشتمل رہا۔جس کی تفصیل کچھ اس طرح ہے۔
۹/رجب المرجب،۱۴۴۱ھ مطابق ۵/مارچ ۰۲۰۲ ء بروز جمعرات ۴۲/واں عرس سرکار کلاں مخدوم المشائخ حضرت سید شاہ محمد مختا راشرف الاشرفی الجیلانی قدس سرہ العزیز
پروگرام: (۱)بعد نماز عصر: رسم پرچم کشائی وترانہ اشرفی،(۲)بعد نماز عشا: تقاریر علمائے کرام
۰۱/رجب المرجب،۱۴۴۱ھ مطابق ۶/مارچ ۰۲۰۲ ء بروز جمعہ۸/واں عرس شیخ اعظم محمد اظہا راشرف الاشرفی الجیلانی قدس سرہ العزیز بانی جامع اشرف وسجادہ نشین آستانہ عالیہ اشرفیہ حسنیہ سرکارکلاں درگاہ کچھوچھہ شریف و عرس عالم ربانی،ضلع امبیڈکر نگر،یو پی
پروگرام: (۱)بعد نمازفجر: قرآن خوانی،(۲)صبح ۹/بجے دن تا ۱/بجے دن: نعت ومنقبت ومحفل سماع،وقل شریف،(۳)بعد نماز عشا: تقاریر علمائے کرام
۱۱/رجب المرجب،۱۴۴۱ھ مطابق ۷/مارچ ۰۲۰۲ ء بروزہفتہ عرس اعلی حضرت شیخ لمشائخ سید شاہ ابو احمد المدعو محمد علی حسین الاشرفی الجیلانی،رضی اللہ تعالی عنہ
پروگرام: (۱)بعد نمازفجر: قرآن خوانی،(۲)صبح ۹/بجے دن تا ۱/بجے دن : نعت ومنقبت ومحفل سماع،وقل شریف مع فاتحہ ودعا (۳) بعد نماز ظہر: تقسیم لنگر
پروگرام کی سیادت وسرپرستی شیخ الہند حضور اشرف ملت ابوالنواز حضرت سید محمد اشرف الاشرفی الجیلانی،بانی وصدر آل انڈیا علما ومشائخ بور ڈ وچیر مین ورلڈ صوفی فورم،نئی دہلی نے فرمائی۔نظامت کے فرائض راقم السطورمحمد عرفان اشرفی خطیب وامام غوثیہ مسجد ڈالی گنج کراسنگ لکھنؤ نے انجام دی۔جب کہ نگرانی وترتیب کا فریضہ آل انڈیا علما ومشائخ بور ڈ کے قومی ترجمان امیر القلم مولانا مقبول احمد سالک مصباحی دہلوی نے انجام دیا۔پروگرام میں قرب وجوار کے عوام اہل سنت،سنی صوفی مسلمان،اورعلما ومشائخ کے علاوہ دورو دراز کے مریدین ومتوسلین اور علما ومشائخ نے بھی شرکت کی۔مولانا برکت حسین مصباحی پرنسپل،اور قاری مہتاب عالم استاذ جامعہ کاملیہ مفتاح العلوم،حافظ کاشف علی گو رکھپوری،قدیر جویلری کولھوئی بازار،مہراج گنج یوپی،مولانا مفتی تاج الدین اشرفی پرنسپل جامعہ اشرفیہ مختار العلوم ٹانڈہ،حضرت شیخ سرفراز احمد اشرفی خلیفہ حضور اشرف ملت (ہالینڈ)حضرت پیر محمد علی نقش بندی میرٹھ اورمولانا ابن علی اشرفی دوارکا (نئی دہلی) مولانا عظیم اشرف سنبھلی وغیرہ نے اپنی شرکت سے پروگرام کوکامیاب بنایا۔
جس دن خانقاہ اشرفیہ حسنیہ سرکار کلاں میں عرس کا اختتام ہوتا ہے اسی دن خانقاہ شیخ اعظم سرکار کلاں میں عرس کا آغاز ہوتا ہے تاکہ کسی طرح کی تکرار اور مریدین کے لیے زحمت کا ذریعہ نہ بنے۔اور خانقاہ شیخ اعظم کا عرس بھی سہ روزہ ہوتا ہے،جیسا کہ اشتہار سے ظاہر ہے۔امسال آخری قل شریف میں خانقاہ اشرفیہ حسنیہ سرکار کلاں کے صاحب سجادہ حضرت سید محمود اشرف اشرفی الجیلانی بھی رونق افروز ہوئے جس سے عرس اشرفی کا رنگ دوبالا ہوگیا۔اور دونوں برادران کو ایک جگہ ایک مجلس میں دیکھ کر زائرین اور خانوادہ کے افراد کے چہرے کھل اٹھے،۔حضور قائد ملت نے کرم نوازی فرماتے ہوئے آخری قل شریف میں دعا بھی فرمائی۔حضور قائد ملت کے ساتھ ساتھ آپ کے نور نظر ولی عہد،بھی جلوہ افروزرہے۔مزیدبرآں حضرت سید احسن میاں اشرفی جیلانی چیف ایڈیٹر مجلہ سرکارکلاں،حضور اشرف ملت کے برادر اصغر حضرت سید حماد اشرف اشرفی جیلانی،حضرت سید حسن میاں اشرفی جیلانی،حضرت سید راشد میاں اشرفی جیلانی حضرت سید عسکری میاں اشرفی جیلانی جانشین محدث اعظم،دامت برکاتہم وغیرہ کی آمد آمد نے پروگرام کو عرش نشین بناد یا۔
پروگرام کے اختتام پرتمام افراد خانہ، علماومشائخ، زائرین وحاضرین اور جامع اشرف کے تمام طلبہ واساتذہ کی لنگر عام سے ضیافت کی گئی۔اور یہ مبارک سلسلہ الحمد للہ تینوں دن جاری وساری رہتا ہے۔ ہر سال کی طرح امسال بھی ملک کے مختلف صوبوں اور علاقوں کے عقیدت منداں اور رضاکاران شریک ہوئے اورخانقاہ میں منعقد ہونے والی تمام تقریبات کو بحسن وخوبی انجام دیا۔خصوصیت کے ساتھ مختار العلوم کے طلبہ،اساتذہ،بہار وبنگال، راجستھان اور سنبھل ومراد آباد کے زائرین کی جان توڑ کوششیں بڑی قیمتی ہو تی ہیں۔اللہ تعالی ان تمام حضرات کو جزائے خیر عطا فرمائے۔اور بالخصوص غوث العالم،تارک السلطنت سلطان سید اشرف جہاں گیر سمنانی قدس رضی اللہ تعالی عنہ کے فیوض وبرکات سے مالامال فرمائے۔آمین