आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड 28 को करेगा सामाजिक न्याय सम्मेलन: सय्यद मोहमम्द अशरफ

17 जनवरी /नई दिल्ली –आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड के अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहमम्द अशरफ किछौछवी ने पत्रकारों को बताया कि आगामी 28 जनवरी 2019 को बोर्ड लखनऊ के इंदिरा गाँधी प्रतिष्ठान में एक सम्मेलन आयोजित कर रहा है जिसका नाम सामजिक न्याय सम्मलेन होगा .उन्होंने बताया कि इस सम्मलेन में बोर्ड के पूरे भारत से सभी ज़िम्मेदार शिरकत करेंगे जिनमे देश की तमाम ख़ानक़ाहों  के सज्जादानशीन और उलमा के साथ ही मुस्लिम बुद्धिजीवी लगभग 1500 की तादाद  में देश के मौजूदा हालात और मुस्लिम समाज के मसाइल  पर चर्चा करेंगे और उसके हल के लिए एक एजेंडा तय करेंगे.

उन्होंने कहा कि अब तक सिर्फ हमारे तुष्टिकरण का ढिंढोरा पीटा गया है हमारे समाज के विकास के लिए कोई ठोस रणनीति नहीं बनाई गई यहाँ तक कि अपने घोषणा पत्र में वादा करने के बाद भी मायूसी ही हमारे हिस्से में आई है लिहाज़ा इस सूरते हाल को देखते हुए सर से सर जोड़कर अब हमें एक ऐसा कार्यक्रम बनाना होगा जिससे देश के विकास में हमारे युवा भी बराबर  के शरीक हों , हज़रात ने कहा कि प्रतिभाओं की  कमी नहीं है लेकिन सही दिशा में प्रयास न होने से नाकामी का बोझ कौम पर बढ़ रहा है.

हज़रत ने कहा कि हुकूमते हिन्द ने 10% आरक्षण सवर्ण जातियों को तो दे दिया लेकिन संविधान की मूल भावना के  विरूद्ध आर्टिकल 341 पर प्रतिबन्ध को समाप्त नहीं किया जो मुसलमानों के पिछड़ेपन का एक कारण है, हमें इसके लिए भी बड़ी लडाई लड़नी है जिस पर भी सामाजिक न्याय सम्मेलन में विस्तृत चर्चा होगी और आने वाले समय के लिए रणनीति तय की  जाएगी .

मुसलामानों की शिक्षा भी एक बड़ा मसला है, मदरसा बोर्ड में जिस तरह के लोग बैठाले गए हैं उनसे एक बड़ा नुक्सान मुसलमानों को हो रहा है वहीँ मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षकों का वेतन भी नहीं दिया जा रहा है जिससे उनकी ज़िन्दगी दो भर हो गई है, इन विषयों पर भी सम्मेलन में व्यापक चर्चा के बाद रणनीति बनाई जाएगी.

By: Yunus Mohani

 

शाह फैसल का इस्तीफ़ा कश्मीरी नवजवानों का हौसला तोड़ने वाला : AIUMB

12 जनवरी, नई दिल्ली

आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड ने इंडियन सिविल सर्विसेज़ टापर शाह फैसल के इस्तीफे को एक बचकाना और जज्बाती क़दम बताते हुए कहा है कि उनके इस क़दम से उन तमाम मुस्लिम नवजवानों के हौसले को गहरा आघात पहुंचा है जो उन्हें अपना आइडियल मान रहे थे और सिविल सर्विसेज़ में जाने की तय्यारी कर रहे थे .

बोर्ड ने एक प्रेस नोट जारी कर कहा है कि उनका यह फैसला कश्मीर के नवजवानों के हक़ में नहीं बल्कि कश्मीरी अवाम को नुक्सान पहुँचाने वाला है क्योंकि उनके इस क़दम से लोगों में एक अविश्वास की भावना पैदा होगी जो उनके लिए घातक है. शाह फैसल ने जब सिविल सर्विसेज़ में टॉप किया तो कश्मीर के तमाम नवजवानों में एक हौसला पैदा हुआ और उन्हें एक बेहतर राह दिखी कि इस तरह वह मुख्य धारा का हिस्सा बनकर तरक्क़ी भी कर सकते हैं और लोगों की मदद भी.

शाह फैसल के इस फैसले से जहाँ उस विचारधारा को बल मिलेगा जो नवजवानों को वरगला कर आतंकवाद की तरफ मोड़ने के काम में लगी हुई है वहीँ उन नवजवानों को नुक्सान होगा जिनके हौसले पस्त हुए हैं.

By: यूनुस मोहानी

दंगा भड़काना चाहता है वसीम रिज़वी, सरकार करे कार्यवाही : सय्यद मोहम्मद अशरफ

9 जनवरी /लखनऊ,

आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने वसीम रिज़वी के सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो पर कड़ा एतराज़ जताते हुए उसे अमन का दुश्मन करार दिया है ,उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार एवं केंद्र सरकार से मांग की है कि फ़ौरन ऐसे असामाजिक तत्व के खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मुक़दमा लिख कर कड़ी कार्यवाही की जाये. उन्होंने कहा कि यह शख्स लगातार अपनी भड़काऊ और बेतुकी बातों से देश एवं प्रदेश का अमन खराब करना चाहता है .
हज़रत ने कहा एक महत्त्वपूर्ण पद पर बैठा यह शख्स संविधान की मर्यादों को तोड़ रहा है और देश में दंगा फैला कर लगातार देश को अस्थिर करने की घिनौनी साजिश रच रहा है, यह शख्स कट्टरपंथी विचार से प्रेरित है और उसे फैलाना चाहता है. उन्होंने भारत सरकार से मांग की है कि फ़ौरन ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाये क्योंकि प्रदेश में जहाँ कुम्भ का मेला चल रहा है ऐसे में अगर हालात  खराब हुए तो उन्हें नियंत्रित करना मुश्किल होगा लिहाज़ा इस पर त्वरित कार्यवाही कि जाये.
उन्होंने कहा कि सुफिया ने सदैव मोहब्बत का संदेश दिया है और इस संदेश का यह असर है कि लखनऊ में दंगे बंद हो गये लेकिन शांति के दुश्मनों से यह देखा नहीं जा रहा है और वह इस सामाजिक ताने बाने को तोड़ देने पर तुल गये हैं हालांकि यह एक अंतर्राष्ट्रीय साजिश का हिस्सा है जिसकी एक कड़ी वसीम रिज़वी भी हो सकते हैं इसकी जांच की जानी चाहिए.

By: यूनुस मोहानी

इबादगाहों की जंग सियासतदानों की खुराक है: सय्यद मोहम्मद अशरफ

5 ,जनवरी/संभल,

आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने एक जलसे को संबोधित करते हुए कहा कि “इबादगाहों की जंग सियासतदानों की खुराक है” उनका। यह बयान देश में चल रही नफरत की सियासत के संबंध में था उन्होंने कहा आम जनता को उसके मूल मुद्दों से भटकाने के लिए यह तरीका अपनाया गया है।
हज़रत ने कहा जब कोई मसला मुल्क की सबसे बड़ी अदालत में है तो उसपर लगातार बयानबाज़ी सिर्फ जज्बात भड़काने के लिए है ,आम लोगों को इसे समझना चाहिए क्योंकि अगर हम आपस में झगड़े तो मुल्क का नुक़सान होगा और घिनौनी सियासी चाल कामयाब हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि इंसानी जान बहुत कीमती है लोग एक दूसरे के खून के प्यासे घूम रहे हैं हालांकि यह बहुत कम तादाद में है ज़्याातर लोग मोहब्बत वाले हैं लेकिन अमन वालों की खामोशी की वजह से यह लोग कामयाब होते दिखते हैं और देश माहौल खराब करते हैं हम सब की साझा ज़िम्मेदारी है कि इनके खतरनाक मनसूबों को कामयाब न होने दे।
ज़ुल्म कहीं भी हो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए और उसका मुकाबला किया जाना चाहिए अगर हम सब इन सियासी चालो को नहीं समझे तो अपना और अपने वतन का नुक़सान करेंगे लिहाज़ा सभी को समझना चाहिए कि जिसकी इबादत करते हैं वह ज़ालिम को पसंद नहीं करता ।सभी को अपने मूल मुद्दों से भटकना नहीं चाहिए और वह है शिक्षा ,स्वास्थ्य,और रोजगार यह सब बिना शांति के संभव नहीं है।

By: Younus Mohani

इंसाफ से ही कायम हो सकता है अमन : सय्यद मोहमद अशरफ

17 दिसंबर / नई दिल्ली
1984 सिख दंगों पर हाई कोर्ट के फैसले पर बात करते हुए आल इन्डिया उलमा व मशाईख बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहमद अशरफ किछौछवी ने कहा कि ” इंसाफ से ही अमन कायम हो सकता है” उन्होंने कहा भारत के संविधान ने सबको न्याय के समक्ष समान माना है यानी सबके लिए न्याय की परिकलपना की है  व्यावाहरिक तौर पर यह पूर्णता किया जाना अभी शेष है।
हज़रत ने कहा कि दंगो में जिन लोगों ने अपनो को खोया और जिनकी ज़िंदगियां जीवित रहते हुए भी मुर्दों जैसी हो गई लेकिन उन्होंने न्याय की उम्मीद नहीं छोड़ी आज 34 साल बाद उनके लिए बड़ा दिन है। उन्होंने यह भी कहा कि न्याय में देरी न्याय न मिलने के समान ही है।
देश में हुए तमाम दंगों के मुजरिमों को सजा मिलनी चाहिए और न्याय में देरी नहीं होनी चाहिए चाहे ज़ुल्म करने वाला किसी भी पद पर हो उसका कितना भी रूसूख हो अगर दोषी है तो सजा मिलना जरूरी है वरना लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ती है और न्याय व्यवस्था से विश्वास डिगता है जो समाज और देश दोनों के लिए सही नहीं है।
हज़रत ने कहा, धर्म भी न्याय की शिक्षा देता है और पैगम्बर ने इसे स्थापित किया, मीसाक़े  मदीना पर अमल करने वाला राज्य अमन का गहवारा बन गया ।उन्होंने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि बेगुनाह लोगों का खून बहाने वाले चाहे मलियाना, भागलपुर, भरतपुर, मुजफ्फरनगर, गुजरात या मुंबई दंगों के मुजरिम हो सभी  को भी सजा मिलेगी और पीड़ितों को न्याय।
By: यूनुस मोहानी

हाकिम बदलने से नहीं निज़ाम बदलने से होगा विकास : सय्यद मोहम्मद अशरफ

15 दिसंबर /नई दिल्ली
हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी, अध्यक्ष आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड एवं चेयरमैन वर्ल्ड सूफी फोरम ने देश के मौजूदा हालात पर चर्चा करते हुए कहा कि “हाकिम बदलने से नहीं निज़ाम बदलने से होगा विकास ” उन्होंने अभी हाल में 5 राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजों पर यह अहम बात कही।
हज़रत ने कहा कि कुछ लोग सिर्फ शासक बदल जाने से बदलाव की उम्मीद रखते हैं, वह धोखे में हैं क्योंकि जब तक व्यवस्था को सही नहीं किया जाएगा तब तक हालात का बदलना मुमकिन नहीं है, नयी हुकूमत अपनी प्राथमिकताएं यदि पुरानी सरकार वाली ही रखेगी तो बदलाव क्या होगा ? यदि गरीब को इलाज ,शिक्षा किसान को उसकी फसल का सही मूल्य,सस्ती दरों पर खाद बीज नहीं मिलेगा तो क्या बदलेगा? अगर हमारे नवजवान बेरोजगार ही रहेंगे तो क्या विकास होगा ?
हज़रत ने पांचों राज्यो में चुन कर आयी सरकारों को शुभकामनाए देते हुए कहा कि इंसाफ के साथ ईमानदारी से काम करते हुए लोगो को फायदा पहुंचाने का काम यह सरकार करें हम ऐसी कामना करते हैं। हज़रत ने सबसे महत्वपूर्ण बात मुसलमानों को संबोधित करते हुए कही उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर जिस तरह की ओछी टिप्पणियां की जा रही है वह बहुत ग़लत हैं और नफरत को बढ़ाने वाली हैं लोगों को इससे बचना चाहिए।
चुनाव में एक दल की जीत हुई एक की हार इसे धर्म से जोड़ना और गलत टिप्पणियां करने से हमारा और मुल्क दोनों का नुक़सान है अब चुनाव समाप्त हो चुके हैं तो सभी प्रदेशवासियों को मिलकर नई सरकार की प्राथमिकताएं वहीं हों जिसकी जनता को जरूरत है इसके लिए दबाव बनाना चाहिए न कि इस तरह की बात करनी चाहिए जिससे किसी को चिढ़ हो और नफरत के सौदागरों को मौका मिले।
By: Yunus Mohani

सब अल्लाह के बन्दे हैं, भाई भाई बन कर रहो : सय्यद मोहम्मद अशरफ

17 नवंबर/लखनऊ
आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड  के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने मोहसिने इंसानियत नबिए रहमत हज़रत मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहू  अलैहि वसल्लम की हदीस बयान करते हुए कहा कि फरमाने नबी है “बदगुमानी से बचो क्योंकि बदगुमानी की अक्सर बातें झूठी होती है,लोगों के ऐब तलाश करते न फिरो,आपस में हसद न करो,और बुग़ज़ न रखो किसी की पीठ पीछे बुराई न करो बल्कि सब अल्लाह के बन्दे हैं आपस में भाई भाई बन कर रहो” नबी की इस तालीम पर लोगों ने अमल छोड़ा है इसी लिए दुनिया में इतनी बद अमनी है।
हज़रत ने कहा कि अगर हम बदगुमान नहीं होंगे तो कोई लाख चाह ले लेकिन हमारे बीच लड़ाई नहीं करवा सकता, इसी तरह अगर हम एक दूसरे के लिए खैर चाहेंगे, आपस में हसद नहीं करेंगे तो मोहब्बत का जो माहौल बनेगा उससे हमारी दुनिया भी खूबसूरत होगी और हमे आखिरत में भी उसका सिला मिलेगा।उन्होंने कहा कि सीरत के हर पहलू पर हमें गौर व फिकर करना  है और उस पर अमल करना है क्योंकि इसके सिवा कुछ निजात का जरिया नहीं, क्योंकि नबी की सीरत हुकमे खुदा से जुदा मुमकिन नहीं।
रसूले मक़बूल सल्लल्लाहू अलैहि वसल्लम ने इरशाद फ़रमाया कि “तुममें बदतरीन शख्स वह है जो चुगलखोरी करते फिरते हैं और दोस्तों के बीच ताल्लुकात खराब कराते फिरते हैं” इस हदीस को खूब याद रखना होगा क्योंकि जिसे रसूल बदतरीन कह रहे हैं वह यकीनन बड़ी बुराई में है लिहाजा इससे बचिये, अगर कोई शख्स  ऐसा है तो उसे सुधारने की कोशिश कीजिए वरना उसकी बात मत सुनिए, ऐसे लोग आपके आंगन में नफरत का बीज बोते हैं और फिर आपका या फिर आपके अपनों का लहू इसे सीचने के काम में बेकार जाता है।
आपस में मोहब्बत कीजिए, मीलाद का यही पैगाम है, लड़ाने वालों से होशियार रहिए, मोहब्बत को फरोग दीजिए इसी में हम सब की भलाई है। हज़रत ने कहा, मुल्क में जिस तरह का माहौल बनाया जा रहा है इससे होशियार रहिए क्योंकि सियासत के खूनी पंजे मजहब, ज़ात नहीं देखते सिर्फ उन्हें लहू से मतलब होता है जिससे वह सत्ता पा सकें।  सिर्फ मुसलमान ही नहीं बल्कि मुल्क में रहने वाले सभी लोग नफरत को नकार दें तो खुद बखुद मोहब्बत का निज़ाम कायम हो जाएगा।
यूनुस मोहानी

इंसाफ से मुल्क मजबूत होता है लोगों का विश्वास बढ़ता है : सय्यद मोहम्मद अशरफ

31 अक्टूबर /नई दिल्ली,
मलियाना कांड में आरोपी पी.ए. सी. के 16 जवानों को दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा उम्रकैद की सज़ा दिये जाने पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने कहा कि ” इंसाफ से मुल्क मज़बूत होता है,लोगों का विश्वास बढ़ता है ” उन्होंने कहा देर से सही लेकिन इंसाफ मिला है हमें मुल्क की अदालत पर पूरा भरोसा है।
हज़रत ने कहा कि लोकतंत्र में अगर इंसाफ से विश्वास उठ जाए तो कुछ शेष नहीं बचता। दोषियों को उनके अपराध का दण्ड मिलना ही चाहिए इसके लिए धर्म, ज़ात,पद का कोई भेद नहीं किया जा सकता, अपराधी को मात्र अपराधी के रूप में ही देखा जाना चाहिए ।
कानून तोड़ने वाला, उसका मज़ाक बनाने वाला कोई भी हो उसको सज़ा ज़रूर मिलनी चाहिए, मलियाना में जिस तरह निर्दोषों को मारा गया उनके परिवार वालों के लिए आज कुछ राहत का दिन है जिन्होंने अपने घर के नौजवान खोए वह उस दिन को तो नहीं भूल सकते लेकिन उन्होंने न्याय के लिए जो निरंतर प्रयास किया आज उसकी जीत हुई और अपराधियों को न्यायालय ने सज़ा दी है यह ऐसे समय में जब देशवासियों का एक एक करके देश की मुख्य संस्थाओं से विश्वास डगमगाया है न्यायपालिका में विश्वास को बढ़ाने वाला फैसला है।
उन्होंने कहा कि बिना इंसाफ के अमन को कायम नहीं किया जा सकता, नाइंसाफी ही अशांति का कारण होती है, इसलिए सभी को समान और समय पर न्याय प्रदान करना आवश्यक है। देश के संविधान और न्यायालय पर हमारा पूरा विश्वास है।
By: यूनुस मोहानी

मस्जिद मन्दिर का फैसला अदालत करेगी आप अपने भविष्य का फैसला कीजिए : सय्यद मोहम्मद अशरफ

29/अक्टूबर,नई दिल्ली
बाबरी मस्जिद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई कब होगी इसका फैसला अब जनवरी में होगा इस पर बात करते हुए आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड  के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने साफ कहा कि ,”मस्जिद – मन्दिर का फैसला अदालत करेगी,आप अपने भविष्य का फैसला कीजिए” उन्होंने कहा कि अगर हमारे बच्चे अनपढ़ रहे ,हमारे नवजवान बेरोजगार रहे और लोगों को सही इलाज नहीं मिला तो यह बात  आप खुद सोचिए आपकी ज़िन्दगी कैसे होगी देश के हर नागरिक को इस दिशा में सोचना चाहिए।
देश में जिस तरह की बहस चल रही है उससे सिर्फ नुकसान के कुछ हासिल नहीं होगा लोग अपना भला बुरा नहीं सोच पा रहे हैं और वही सोचने और समझने पर मजबूर हैं जो उन्हें साजिश के तौर पर समझाया और दिखाया जा रहा है ,न तो यह खुद उनके हित में है और न ही हमारे मुल्क के।
उन्होंने कहा कि मुसलमानों को समझना चाहिए कि मुद्दा क्या है? जबकि आज हालात ऐसे हैं कि हम खुद में उलझे हुए हैं सही गलत का फैसला नहीं कर पा रहे हैं और कहीं न कहीं गलत लोगों के फेंके जाल में फस कर उनके ही एजेंडे को बढ़ाते हुए नजर आते हैं आपको समझना चाहिए कि हम कहां खड़े हैं और इस हालत को हम कैसे बदलेंगे इस पर सोचना चाहिए।
हज़रत ने कहा कि हमारे पास रसूले अकरम सल्लल्लाहू अलैहि वसल्लम की तालीम मौजूद है हालात को कैसे हमवार बनाया जाता है उसके लिए हयाते तय्यबा के हर पहलू पर हमें न सिर्फ गौर करना है बल्कि उसपर अमल भी करना है किस तरह मुश्किल हालात में हक कहा जाता है उसके लिए करबला मौजूद है जो सबक है हमारे लिए और औलिया अल्लाह किस तरह मोहब्बत के पैगाम को नफरत के तूफान के बीच सुनाते हैं और हवा बदल देते हैं हमें इस पर गौर और फिक्र करनी होगी।
मस्जिद को सजदो से सजाइए ,अपने बच्चो को पढ़ाइए,अफवाहों से दूर रहिए और एक अच्छे शहरी की सारी ज़िम्मेदारी निभाइए यही आपका भविष्य तय करेंगे यही मुसलमान की पहचान है कि वह अल्लाह और उसके रसूल के हुक्म पर अमल करे अपने वतन से मोहब्बत करे और लोगों के लिए फायदा पहुंचाने वाला हो बिना मजहब का  और ज़ात पात का फर्क किये।
हज़रत ने इंडोनेशिया में हुई विमान दुर्घटना पर गहरा दुख जताया उन्होंने कहा कि हम दुआ करते हैं कि सभी लोग सलामत बचा लिए जाएं और कोई जान का नुक़सान न हो हमारी संवेदनाएं उन परिवारों के साथ हैं जिनके घर के लोग इस हवाई जहाज़ में सवार थे अल्लाह उनको अपने हबीब के सदके इस मुसीबत के वक़्त में हिम्मत और सब्र अता फरमाए।
By: यूनुस मोहानी

दिल्ली में मदरसा छात्र की हत्या बेखौफ गुंडाराज की मिसाल : सय्यद मोहम्मद अशरफ

26 अक्टूबर / नई दिल्ली ,

दिल्ली के मदरसे में पढ़ने वाले 8 साल के छोटे से बच्चे को जिस तरह क़त्ल किया गया वह मुल्क की राजधानी में बेखौफ गुंडाराज की घिनौनी मिसाल है यह बात आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के अध्यक्ष और वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने कही।
उन्होंने कहा कि यह मुल्क भर में नफरत के बढ़ते प्रदूषण का असर है हवाओं में ज़हर घोल दिया गया है , मुट्ठी भर लोग पूरे देश को इस आग में झोंक देने की फिराक में है। हज़रत ने कहा कि मालवीय नगर के मदरसे के बच्चे को जिस तरह मार दिया गया वह कानून व्यवस्था के मुंह पर गुंडों का तमाचा है ।
देश में जानलेवा नफरत का वायरस फैल गया है सबको इसे रोकने के लिए काम करना होगा मजहबी पहचान के आधार पर जो जहरीला खेल चल रहा है वह भारत के हित में नहीं है।हज़रत ने मांग की है कि बच्चे के कातिलों को सख्त से सख्त सज़ा दी जाए क्योंकि माब लिंचिंग अब बच्चों के क़त्ल तक पहुंच गई है।
सभी को मिलजुल कर इसका मुकाबला करना चाहिए नफरत को हरगिज़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा ।उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि यह जो तमाशा चल रहा है यह देशहित में नहीं है इसे सरकार तत्काल सख्ती से रोके और बच्चे के परिवार को मुआवजा दिया जाए।हज़रत ने यह भी पूछा कि राजनेता इस वक़्त कहां है कोई नजर क्यों नहीं आता ।

By: Yunus Mohani