वतन पे जान लुटाने वालों का हम सब पर क़र्ज़ : सय्यद मोहम्मद अशरफ

कोलकाता में 16 फरवरी को सूफी कांफ्रेंस आयोजित

14 फरवरी,2020 कोलकाता,

आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फ़ोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने पिछले साल आज ही के दिन हुए पुलवामा अटैक में वतन पर अपनी जान लुटा देने वाले भारत के वीर जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वतन पर जान लुटाने वालो का हम सब पर कर्ज है।

उन्होंने कहा कि जब हमारे जवान मुश्किल से मुश्किल मौसम और हालात से जूझते हुए हमारी सरहदों की हिफ़ाज़त करते हैं तब हम अपने घरों में चैन की नींद सोते हैं, हमारी हर सुकून भरी नींद पर इनका अहसान है, हमें यह नहीं भूलना चाहिए। सभी देशवासियों को मिलकर उनके परिवारों की हर तरह की मदद करनी चाहिए ताकि जो अपना सबकुछ हमारे वतन के लिए न्योछावर कर गए उनके परिवार एक बेहतर जिंदगी गुजार सकें।
हज़रत ने कहा कि हमें हर वक़्त अपने जवानों की कुर्बानी याद रहनी चाहिए, इससे भ्रष्टाचार भी कम होगा और समाज में आपसी भाईचारा भी बढ़ेगा, उन्होंने पूरे देश का आह्वाहन करते हुए कहा कि आइए हम सब देश के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए यह संकल्प लें कि अब इन वीर सपूतों के सम्मान में हम देश को दीमक की तरह खोखला कर रहे भ्रष्टाचार के विरूद्ध खड़े होंगे और अपने अपने स्तर पर जहां भी संभव होगा इसे रोकने का प्रयास करेंगे, यही इन वीरों के प्रति हमारी असली श्रद्धांजलि होगी।
वह यहां कोलकाता में आल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड द्वारा 16 फरवरी रविवार को आयोजित होने वाली सूफी कॉन्फ्रेंस के लिए आए हुए हैं, इस कॉन्फ्रेंस में देश की बड़ी विख्यात ख़ानक़ाहों के सज्जादानशीन प्रतिनिधि, उलमा और बुद्धिजीवी शिरकत कर रहे हैं और कोलकाता की धरती पर आयोजित होने वाली यह अपनी तरह की पहली कॉन्फ्रेंस है जिसमें बड़ी तादाद में लोगों के जुटने की बात हो रही है।

Yunus Mohani

नफरत का कारोबार देश को बर्बाद कर देगा :सय्यद मोहम्मद अशरफ

31 जनवरी, नई दिल्ली
आल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फ़ोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने कल दिल्ली में हुए गोलीकांड पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि नफरत का कारोबार देश को बर्बाद कर देगा इसे फौरन रोका जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जिस तरह देश के युवा भटक रहे हैं उससे देश को गंभीर खतरा है ,बेरोजगार और मायूस लोग घिनौनी सियासत का हथियार बन रहे हैं उनकी अपनी न कोई सोच है और न ही कोई विचारधारा ,अगर इस क्रम को समय रहते न तोड़ा गया तो हम सबको तबाही के खौफनाक मंज़र देखने पड़ सकते हैं। मोहब्बत की हवा अगर न चली तो नफरत के अलाव में देश जल जायेगा लिहाज़ा हम सब की साझा ज़िम्मेदारी है कि इसे हर हाल में रोका जाये।
हज़रत ने कहा यह कैसी तस्वीर है जिसमें हमलावर गोली चला रहा है और उसके पीछे पुलिस के लोग हाथ बांधे कुछ भयावह घट जाने के इंतजार में हैं, आखिर यह देश में कौनसी सोच पनप रही है जो अपने विचारो से असहमति जताने वालों को गोली मार देने की बात करती हो इसपर गंभीरता से विचार कर रोक लगाई जानी चाहिए।
उन्होंने लोगों से धैर्य और शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि हर नफरत को सिर्फ मोहब्बत से हराया जा सकता है , हिंसा किसी भी समस्या का हल नहीं बल्कि स्वयं एक सबसे अधिक गंभीर समस्या है। हमें सूफिया के अमल से सीखते हुए इस नफरत को हराना होगा,और वह तरीका है नफरत किसी से नहीं, मोहब्बत सबके लिए।

Yunus Mohani

یوم جمہوریہ پرآل انڈیا علماء و مشائخ بورڈ کی صدارت و سرپرستی میں بچیوں نے دکھایا ہنر

جامعہ فاطمہ نسواں میں جشن یوم جمہوریہ کا انعقاد
خوریجی، نئی دہلی (پریس رلیز)
یوم جمہوریہ کا جشن ہر ہندوستانی کے لئے ایک قانونی، دستوری، ملکی اور سماجی تہوار ہے۔ یہ وہ موقعہ ہے جس دن ملک کے مخلتف مذاہب، برادریوں، زبانوں، تہذیبوں اور علاقوں کے پھولوں کو دستور ہند کے گملے میں سجا کر ایک گلدستہ بنایا گیا تھا۔ 26 جنوری 1950 کو یہ دستور نافذ کیا گیا جس نے ملک کے ہر باشندے کو برابری کا حق دیا۔ان خیالات کا اظہار خوریجی خاص میں لڑکیوں کے ادارہ جامعہ فاطمہ نسواں کے ناظم جناب عرفان صاحب نے کیا۔
طالبات سے خطاب کرتے ہوئے ماہنامہ کنزلایمان کے مدیر مولانا ظفر الدین برکاتی نے کہا کہ ماضی کے آزادی اور انقلاب کی تاریخ میں اگر چہ مردوں کے تذکروں کا غلبہ ہے لیکن وہاں بھی خواتین کا خاطر خواہ رول موجودہ ہے۔جھانسی کی رانی لکشمی بائی اور بیگم حضرت محل کے نام قابل ذکر ہیں۔ دستور ہند تیار کرنے کے لئے 249 ارکان پر مبنی دستور ساز کمیٹی نے 7رکنی ایک صدارتی کمیٹی تشکیل دی تھی جس میں ایک خاتون اعجاز رسول کا نام بھی ہے۔دستور ہند کے نفاذ کے وقت ہندوستانی پرچم کی تزئین کا کام بھی ایک خاتون سریا طیب نے کیا تھا۔کل جب اکیسویں صدی کی تاریخ لکھی جائے گی تو اس میں سر فہرست نام ان خواتین کا ہوگا جنہوں نے شاہین باغ سے پورے ملک میں انقلاب کی شمع جلائی ہے۔
مولانا مختار اشرف نے اپنے خطاب کے دوران ماں کے قدموں کے نیچے جنت، بیوی کے حقوق، بہن کے فرائض اور بیٹی کی فضیلت پر قرآن آیات اور نبوی ارشادات کے حوالے سے روشنی ڈالی۔انہوں نے کہا کہ جس طرح اسلام کا دستور ہمارے لئے ضروری ہے اسی طرح ہمارے ملک کا دستور بھی ہمارے لئے واجب العمل ہے۔ کیونکہ اس پر عمل آوری کا حکم ہمیں ہمارا قرآن اور صاحب قرآن دیتے ہیں۔
نیا سویرا نیوز کے چیف ایڈیٹر عبد المعید ازہری نے اپنی گفتگو کے دوران کہا کہ خدا نے انسان کو صرف عبادت کے لئے نہیں پیدا کیا کیونکہ عبادت کے لئے تو فرشتوں کی بڑی تعداد موجود ہے۔اور عبادت صرف نما ز روزہ اور دیگر فرائض نہیں ہیں۔بلکہ ایک انسان کی زندگی کسی دوسرے کے لئے باعث تکلیف نہ ہو اور ہر فرد کی زندگی میں خدا کی مخلوق سے محبت اور اس کے لئے درد ہو یہ بھی عبادت اور خدا کی اس میں رضا بھی ہے۔ہر وہ علم جس سے خود کی ذات اور ارد گرد کے ماحولیات میں مثبت تبدیلی نہ آئے وہ سودمند نہیں ہے۔
پروگرام کے اخیرمیں آل انڈیا علماء و مشائخ بورڈ صدر دفتر کے ترجمان محمد حسین شیرانی نے دستور ہند کا پہلا صفحہ پڑھ کر اس کی حفاظت کا عزم و عہد لیا۔ بورڈ دہلی کے سکریٹری سید شاداب حسین رضوی نے شکریہ ادا کیا۔ پروگرام میں جامعہ فاطمہ نسواں کی طالبات شبانہ ناز،کہکشاں مزمل نے یوم جمہوریہ اور شہریت ترمیمی قانون پر تقریریں کیں، کنیز نوری،جنت الفردوس، سائمہ شاکر،اقرا عثمان،منتشا محسن، فرح اعجاز اور نعیمہ نیاز نے قومی ترانہ، گیت، نظم پیش کئے۔پروگرام میں محمد عظیم اشرف، منا بھائی، عبد القیوم، حافظ قمرالدین، حافظ سلیم الدین جامعہ کے اساتذہ، استانیہ، دیگر ذمہ داروں کے علاوہ جامعہ کی طالبات اور خوریجی علاقہ کی ذمہ دار خواتین موجود تھیں۔

Abdul Moid Azhari

देश भक्ति का सैलाब है मुल्क में, भारत का भविष्य सुनहरा : सय्यद मोहम्मद अशरफ

26 जनवरी, नई दिल्ली
आल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फ़ोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने सभी देशवासियों को 71वां गणतंत्र दिवस की बधाई देते हुए कहा कि आज देश में देश भक्ति का सैलाब आया है जिसने दुनिया को संदेश दिया है कि भारत का भविष्य बहुत सुनहरा है।
उन्होंने लोगों को शिक्षा के लिए आंदोलन चलाने की बात कही, उन्होंने कहा कि सभी को इस ओर ध्यान देना है और लोगों को जिनके पास पैसे हैं, जो अपने बच्चों को पढ़ाने के अलावा दूसरे बच्चे की फीस जमा कर सकता है वह करे, जो दो बच्चों की फीस भर सकता है भरे और जो 4 बच्चे पढ़ा सकता है पढ़ाए क्योंकि मुल्क और समाज की तरक्की शिक्षा से ही होगी।
हज़रत ने कहा कि लोगों को हिंसा से अराजकता से बिल्कुल बचते हुए लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखनी चाहिए,हमें ख्याल रखना चाहिए कि किसी भी हालत में देश का नुक़सान न होने पाए, यह खुशी की बात है कि लोगों में जिस तरह का ज़ज़्बा अपने संविधान और देश के लिए देखा जा रहा है, जो बताता है कि मुल्क का भविष्य सुनहरा है और किसी भी विदेशी ताकत में यह ताकत नहीं है कि वह हमारे इस चमन को बांट पाए।
आज हर हाथ में तिरंगा है, हर ज़ुबान पर संविधान यह भारत की ताकत को दर्शाता है कि भले हज़ार असहमतियां हों लेकिन देश की बात आएगी हमारे तिरंगे के सम्मान की बात आएगी तो हम एकजुट हैं, सरकार और जनता के बीच खींचतान तो लोकतंत्र की खूबसूरती है लेकिन इसमें हिंसा का कोई स्थान नहीं है, सभी को गणतंत्र दिवस की बधाई और यह अपील भी कि इस चमन को आग से बचा कर रखना है ताकि यह फूल खूब खिले, खूब महके, वतन में हमेशा फसले बाहर रहे।

Yunus Mohani

डर के माहौल में शिक्षा संभव नहीं और बिना शिक्षा विकास : सय्यद मोहम्मद अशरफ

जेएनयू केम्पस में नाक़ाबपोश गुंडों का हमला देश के भविष्य पर हमला
6 जनवरी मुम्बई,
आल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फ़ोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने कल जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय के कैम्पस में हुई हिंसा की कड़ी निन्दा करते हुए कहा कि जो भी यूनिवर्सिटी कैम्पस में घुस कर इस तरह की हिंसा कर रहे थे फौरन उनकी गिरफ्तारी होनी चाहिए क्योंकि डर के माहौल में शिक्षा संभव नहीं है और शिक्षा के बिना विकास संभव नहीं।
हज़रत ने कहा कि यह वाकई हैरत में डालने वाली बात है कि इतने हथियारबंद लोग विश्विद्यालय में कैसे प्रवेश कर गये और लोकल सुरक्षा कर्मी उन्हें रोकते नहीं हैं, आखिर यह किस तरह का माहौल बन रहा है, अगर ऐसा ही चलता रहा तो लोग अपने बच्चों को कैसे पढ़ने के लिए भेजेंगे, इस तरह कैसे भारत पढ़ेगा और आगे बढ़ेगा।
उन्होंने कहा कि इस मामले में राजनीत नहीं होनी चाहिए यह भारत के भविष्य का सवाल है, सभी लोगों को एकजुट होकर इस तरह की घटनाओं को रोकने का प्रयास करना होगा यदि ऐसा नहीं हुआ तो देश का विकास बाधित होगा। जिन बच्चों को चोट आई है हम उनके जल्द स्वस्थ्य होने की दुआ करते हैं और छात्र छात्राओं को विश्वास दिलाना चाहते हैं कि देश के सभी अमन पसंद लोग आपके साथ खड़े हैं, आपको भयभीत होने की जरूरत नहीं है।
सभी विश्विद्यालयों के छात्र छात्राओं से हम यह अपील भी करते हैं कि किसी भी तरह की हिंसा का विरोध कीजिए और अगर आपके बीच कोई ऐसा करने की कोशिश करता है तो उसे रोक दीजिए, आप देश का भविष्य हैं और हम सब आपके साथ हैं। देश की कानून व्यवस्था पर भरोसा रखिए, मतभेद होना चाहिए मनभेद नहीं यही तरक्की की राह है, किसी के बहकावे में न आएँ न ही अफवाहों पर ध्यान दें।

यूनुस मोहानी

ननकाना साहिब गुरुद्वारे पर हमला नबी की तालीम के सख्त खिलाफ : सय्यद मोहम्मद अशरफ

4 जनवरी (2020)शनिवार,मुम्बई
आल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फ़ोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने ननकाना साहिब गुरुद्वारे को घेर कर पत्थरबाजी की घटना की निन्दा करते हुए कहा है कि यह काम नबी की तालीम के सख्त खिलाफ है,उन्होंने कहा कि जब पैगम्बर ए इस्लाम सल्लाल्लाहू अलैहि वसल्लम ने मदीना स्टेट बनाया तो वहां के अल्पसंख्यकों के अधिकार रखे और उनकी इबादतगाहों तथा उनकी जान माल की हिफ़ाज़त का वादा किया।
उन्होंने कहा, पाकिस्तान की सरकार इस मामले में फौरन दखल दे और हर कीमत पर ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाए तथा गुरुद्वारे की पवित्रता को बरकरार रखा जाए। चूंकि ननकाना साहिब में सिख भाइयों के प्रथम गुरु गुरु नानक देव जी का जन्म हुआ इसलिए इस जगह से उनकी अकीदत है,जिसका सम्मान किया जाना चाहिए।
हज़रत ने पाकिस्तान के लोगों से अपील करते हुए कहा कि नबी की तालीम पर अमल करें क्योंकि इस तरह अगर कोई करता है तो यह सीधा उस पैग़म्बरे अमन की तालीम की अव्हेलना है लिहाज़ा सब बाहर निकलकर सिख भाइयों की मदद के लिए आएँ।
उन्होंने कहा कि भारत का हर मुसलमान सिख भाइयों के साथ है और हम इस तरह के कृत्य को बर्दाश्त नहीं करते, इसकी कड़ी निन्दा करते हैं क्योंकि किसी को किसी की धार्मिक भावनाओं को आहत करने का अधिकार इस्लाम नहीं देता है, इस्लाम की तालीम हर जगह ज़ुल्म और ज़ालिम के खिलाफ मजलूम के साथ खड़े होना है।

By: यूनुस मोहानी

ज़रूरतमंदों की मदद भी आंदोलन का हिस्सा: शाह हसन जामी

29 दिसंबर,नई दिल्ली।
आल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड ने हर साल की तरह इस साल भी एक निर्देश अपनी सभी शाखाओं में जारी कर कहा है कि लोगों की मदद की जाए बिना उनकी जात और धर्म पूछे, इस भयानक सर्दी में यूं लोगों तक गर्म कपड़े कम्बल जैसी ज़रूरी चीज़ें पहुंचाई जाऍ जिनके पास अपना बदन ढकने के लिए गर्म कपड़े नहीं है।
इसी क्रम में बोर्ड के राष्ट्रीय महासचिव शाह हसन जामी के द्वारा दिल्ली के श्रम विहार, कालिंदी कुंज इलाके में यह काम शुरू किया गया, यहाँ झुग्गी झोंपड़ी में रहने वाले वह लोग हैं जिनके पास इस भयानक सर्दी से बचाव करने के लिए ओढ़ने का साधन नहीं है।

बोर्ड के कार्यालय प्रभारी हुसैन शेरानी ने सुश्री ऐमन और मौलाना अज़ीम अशरफ के साथ मिलकर कंबल बांटे ।
जिससे काफी लोगों को राहत मिली साथ ही यह संदेश भी दिया गया कि हम लोगों के लिए आसानियां पैदा करने वाले बने न कि मुसीबत।

जामिया में पुलिसिया दमन भारत के भविष्य पर हमला :सय्यद मोहम्मद अशरफ

15 दिसंबर, नई दिल्ली
आल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फ़ोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के अंदर घुस कर जामिया के छात्र छात्राओं पर पुलिस के लाठीचार्ज की कड़ी निन्दा की है।
हज़रत ने कड़े शब्दों में कहा कि यह भारत के भविष्य पर हमला है केंद्र सरकार को फौरन स्थिति को संभालना चाहिए, देश में जिस तरह का माहौल पनप रहा है वह बेहतर नहीं है लोगों में चिंता और भय है सरकार को इसे दूर करना चाहिए, हज़रत ने छात्रों से भी शांति की अपील करते हुए कहा कि कानून को किसी भी हाल में हाथ में न लें शांति और संयम बनाए रखे।
हज़रत ने दिल्ली पुलिस की इस बर्बर कार्यवाही को निकम्मापन करार दिया,उन्होंने कहा कि अगर बिना इजाज़त विश्विद्यालय में पुलिस घुसी है तो इसकी जांच होनी चाहिए और दोषियों पर कड़ी कार्यवाही की जानी चाहिए, विश्विद्यालय पढ़ने की जगह है पुलिसिया तांडव की नहीं इसके लिए सरकार को फौरन क़दम उठाने चाहिए। बच्चों के साथ कोई गलत बर्ताव नहीं किया जाए और उन्हें सकुशल उनके घर भेजा जाय।

By: Yunu Mohani

आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड का CAB और NRC के विरोध दिल्ली में प्रदर्शन

लक्ष्मी नगर,नई दिल्ली 13/12/2019

देश के सभी अमन वाले शेहरियों की जानिब से गुस्से का इज़हार करने के लिए NRC और CAB के ख़िलाफ़ ज़बरदस्त मुज़ाहरा पेश कर राजधानी दिल्ली का लक्ष्मी नगर इलाक़ा भी गवाह बना, नमाज़ ए जुमा के बाद इलाके के हज़ारों लोग NRC और CAB के खिलाफ इकट्ठे हुए।

जुलूस में आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड दिल्ली शाखा के महासचिव सय्यद शादाब हुसैन रिज़वी ने कहा कि किसी भी बुरे काम को रोकना हर मुसलमान का फर्ज़ है और ईमान का हिस्सा है और मुसलमानों पर वाजिब है कि वह देश के संविधान की हिफाज़त करे। उन्होंने और कहा कि यह समय सारे शिकवे भूलाकर तमाम अमन वाले और सेक्युलर लोगों को एक साथ आने का है क्योंकि इन दोनों बिलों के परिणाम सिर्फ मुसलानों को ही नहीं बल्कि देश के विभिन्न वर्गों को दूरगामी नुकसान देंगे।

लोगों के आह्वान पर जनाब मौहम्मद शादाब खान लोगों से मुख़ातिब हुए, मौहम्मद शादाब ने कहा कि एक तरफ देश को तानाशाही की तरफ ले जाया जा रहा है, दूसरी तरफ अमन वाले लोग सो रहे हैं, पहले तीन तलाक के मामले में अहले हदीस और वहाबी चुप रहे कि यह हनफियों का मामला है, फिर 370 पर तमाम मुसलमान चुप रहे कि यह कश्मीरियों का मामला है तो कभी अमन के नाम पर बाबरी मस्जिद मामले में मुसलमानों को चुप रखा गया, कभी दहशतगर्द कहा गया फिर भी मुसलमान चुप रहा, लेकिन अब यह मामला सिर्फ लोकत्रंत्र का नही बल्कि मुसलमानों की इज़्ज़त-आबरू का है। कार्यक्रम को सफल बनाने में जनाब वक़ार चौधरी, जनाब रईसुद्दीन सैफी, मौहम्मद अज़हर, साद अहमद, अनीसुल हक़, साकिब सैफी ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया।

By: Husian Sherani

موجودہ مشکل حالات میں سیرت عبد القادر جیلانی ؓ امید کی ایک کرن


آل انڈیا علما ومشائخ بورڈ کے زیر اہتمام منعقد یوم عبد القادر جیلانی میں علماءکا اظہار خیال
مولانا مقبول احمد سالک مصباحی نے کہا کہ تصوف حالات کے دھارے میں بہنے اور کمزوری وبزدلی کی کمزور تاویلات کانام نہیں،تصوف درحقیقت اللہ کے ماسوا کسی بھی شئی سے نہ ڈرنے کا کانام ہے،صوفی کی آنکھوں میں اللہ کے سوا کسی کا خوف نہیں ہوتا،خواہ ارباب اقتدار کتنا ہی طاقت ور کیوں نہ ہو،حضرت شیخ عبد القادر جیلانی اپنے کردار وعمل سے امت محمدیہ کو یہی پیغام دیا ہے۔انھوں نے کہا کہ حضرت غوث اعظم کی اکیانوے سالہ زندگی اس پر شاہد عدل ہے کہ آپ کسی بھی سلطان وشہنشاہ کے سامنے کبھی نہیں جھکے،بلکہ اسے اپنی خداد دعوتی کردار وعمل سے مرعوب ومسخر کردیا۔قادری سلسلہ کی ایک خصوصیت یہ بھی ہے کہ اس کے مریدین وخلفانے بیت المقدس کی آزادی میں کلیدی کردار ادا کیا ہے،اس سے اس سلسلہ کی ڈائنامک خصوصیت کا پتہ چلتا ہے۔اور یہ بھی واضح کرتا ہے کہ اصؒ مجاہد فی سبیل اللہ صوفیا اور اولیا اللہ ہی ہیں جو نفس امارہ اور شیطانی طاقتوں کے خلاف جہاد کرتے رہتے ہیں۔

مولانا رئیس ازہری (اسلامی اسکالر)نے کہا کہ اگر آج مسلمانوں کو اپنی زندگی کامیاب بنانی ہے تو اسے سرکار غوث اعظمؓ کی تعلیمات پر عمل پیرا ہونا ہوگا۔ آپ نے تعلیمات سرکار غوث اعظم ؓ کی جھلکیاں پیش کیں کہ توحید پر جمے رہو، توحید کے رنگ میں رنگے رہو، توحید کی رسی مضبوطی سے پکڑے رہو کیونکہ توحید ہی سرمایہ نجات ہے۔آپ نے مزید کہا کہ اولیاء کرام کی مجلسوں میں شرکت کرنے سے تزکیہ نفس ہوتا ہے۔

مولانا مختار اشرف اسلامی اسکالر جامعہ ملیہ اسلامیہ نے کہا کہ ہمیں اس پر بھی غور کرنا چاہیے کہ قرآن پاک نے سچوں کے ساتھ رہنے کا حکم کیوں دیا ہے؟اس کانکتہ یہ ہے کہ علم کوئی بھی شخص حاصل کرکے علامہ بن سکتا ہے،مگر ضروری نہیں کہ وہ سچا بھی ہو۔صحبت سچوں کی ہی اکسیر ہے، سرزمین ہند میں سچوں کے امام حضرت خواجہ معین الدین چشتی ہیں،ان سے قطب الدین جڑے تو بختیا ر کاکی ہوگئے،فریدالدین ان سے جڑے تو گنج شکر ہوگئے،ان سے نظام الدین جڑ ے تو محبوب الہی ہو گئے،سید اشرف کسی سچے کی صحبت میں بیٹھے تو مخدوم سمناں ہوگئے اور یہ سلسلہ خیرو برکت اسی طرح رواں دواں رہا۔انھوں نے کہا کہ آج ملک میں مسلمانوں کے خلاف جو ماحول بن رہا ہے تو یہ ہماری دعوتی کوتاہیوں کی وجہ سے ہے،در اصل فتوی تصوف پر غالب آگیا،حکمت پرعلم غالب آگیا،صوفیا پس منظر میں چلے گئے،سماج پر ظاہر پرست علما غالب آگئے اور سب کچھ بدل کر رکھ دیا،ضرورت اس بات کی ہے کہ فتوی پر دعوت کو غالب کیا جائے،اور صوفیا کے طریقہ دعوت کو عام کیاجائے۔

سید شاداب حسین رضوی رکن دہلی اسٹیٹ حج کمیٹی اورجنرل سکریٹری آل انڈیا علما ومشائخ بور ڈ نے کہا کہ موجودہ حالات اگر چہ مشکل ہیں مگر ہمیں مایوس ہونے کی ضرورت نہیں بلکہ انتہائی دانش مندی اور صبر ورضاسے اس کا سامنا کرنا ہے،بالخصوص جذباتی نعروں سے احتراز کرنا ہے،قانونی چارہ جوئی اور عوامی رائے عامہ کی بیداری،اور مسائل کی گہرائی تک جانے کی ضرورت ہے۔انھوں نے کہا کہ حالات بد سے بدتر ہوسکتے ہیں مگر مومن کبھی مایوس نہیں ہوتا۔

مولانا عظیم اشرف نے کہا کہ مسلمانوں کی افتا دطبع یہ ہے کہ وہ اپنی مرضی سے مسائل کا حل چاہتا ہے جب کہ یہ ناممکن ہے،حل مسائل کے لیے قرآن پاک نے ہمیں جو گائیڈ لائن دیا ہے اس کی اتباع ضروری ہے،قرآن نے واضح الفاظ میں کہا ہے کہ سربلندی اور کامیابی کے لیے ضروری ہے کہ مسلمان اللہ سے ڈرتا رہے اور سچوں کے ساتھ رہے،انھوں نے کہا کہ موجودہ حالات کی تبدیلی کے لیے ضروری ہے کہ مسلمان اپنے حالات خوبدلیں،بد اعمالیوں،بالخصوص کبیرہ گناہوں سے بچیں،صوفیا کرام خاص کر حضرت شیخ عبد القادر جیلانی کی سیرت طیبہ کو اپنے لیے مشعل راہ بنائیں۔
محمد حسین شیرانی نے میٹنگ کا ایجنڈا رکھا جس پر ممبران نے کھل کر اپنی رائے کا اظہا رکیا۔میٹنگ میں خاص کر موجودہ حالات کے تناظر میں مسلمانوں کا رویہ کیا ہو،اس پر بھی غور وخوض ہوا۔
علما ودانشوران نے ان خیالات کا اظہار آل انڈیا علما ومشائخ بور ڈ کی مرکزی آفس میں منعقدہ ماہانہ مشاورتی نشست میں کیا۔نشست کا آغازتلاوت کلام پاک سے مولانا آصف رضانے کیا۔بعدہ سید محمد ریحان (جامعہ ملیہ اسلامیہ)اور حافظ قمر الدین (نیا سویرا نیوز پورٹل)نے نعت پاک پیش کی۔
اس موقعہ سے حاضرین کی ضیافت کا اہتمام بھی کیاگیا۔حضرت شیخ عبد القادر جیلانی رضی اللہ عنہ کی گیارہویں کی مناسبت سے ایصال ثواب کا اہتمام بھی کیاگیا۔صلاۃ وسلام اور مولانا سالک مصباحی کی دعا پر مجلس کا اختتام ہوا۔
شرکاء میں جناب ایڈووکیٹ تہذیب الرحمن،مولانا مظفر ازہری،مولانا محمد قاسم، ماسٹر شبر خصالی،عظمت علی،محمد اشرف امان الرحمن وغیرہ موجود رہے۔

By: Maulana Maqbool Ahmad Salik Misbahi