सब अल्लाह के बन्दे हैं, भाई भाई बन कर रहो : सय्यद मोहम्मद अशरफ

17 नवंबर/लखनऊ
आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड  के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने मोहसिने इंसानियत नबिए रहमत हज़रत मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहू  अलैहि वसल्लम की हदीस बयान करते हुए कहा कि फरमाने नबी है “बदगुमानी से बचो क्योंकि बदगुमानी की अक्सर बातें झूठी होती है,लोगों के ऐब तलाश करते न फिरो,आपस में हसद न करो,और बुग़ज़ न रखो किसी की पीठ पीछे बुराई न करो बल्कि सब अल्लाह के बन्दे हैं आपस में भाई भाई बन कर रहो” नबी की इस तालीम पर लोगों ने अमल छोड़ा है इसी लिए दुनिया में इतनी बद अमनी है।
हज़रत ने कहा कि अगर हम बदगुमान नहीं होंगे तो कोई लाख चाह ले लेकिन हमारे बीच लड़ाई नहीं करवा सकता, इसी तरह अगर हम एक दूसरे के लिए खैर चाहेंगे, आपस में हसद नहीं करेंगे तो मोहब्बत का जो माहौल बनेगा उससे हमारी दुनिया भी खूबसूरत होगी और हमे आखिरत में भी उसका सिला मिलेगा।उन्होंने कहा कि सीरत के हर पहलू पर हमें गौर व फिकर करना  है और उस पर अमल करना है क्योंकि इसके सिवा कुछ निजात का जरिया नहीं, क्योंकि नबी की सीरत हुकमे खुदा से जुदा मुमकिन नहीं।
रसूले मक़बूल सल्लल्लाहू अलैहि वसल्लम ने इरशाद फ़रमाया कि “तुममें बदतरीन शख्स वह है जो चुगलखोरी करते फिरते हैं और दोस्तों के बीच ताल्लुकात खराब कराते फिरते हैं” इस हदीस को खूब याद रखना होगा क्योंकि जिसे रसूल बदतरीन कह रहे हैं वह यकीनन बड़ी बुराई में है लिहाजा इससे बचिये, अगर कोई शख्स  ऐसा है तो उसे सुधारने की कोशिश कीजिए वरना उसकी बात मत सुनिए, ऐसे लोग आपके आंगन में नफरत का बीज बोते हैं और फिर आपका या फिर आपके अपनों का लहू इसे सीचने के काम में बेकार जाता है।
आपस में मोहब्बत कीजिए, मीलाद का यही पैगाम है, लड़ाने वालों से होशियार रहिए, मोहब्बत को फरोग दीजिए इसी में हम सब की भलाई है। हज़रत ने कहा, मुल्क में जिस तरह का माहौल बनाया जा रहा है इससे होशियार रहिए क्योंकि सियासत के खूनी पंजे मजहब, ज़ात नहीं देखते सिर्फ उन्हें लहू से मतलब होता है जिससे वह सत्ता पा सकें।  सिर्फ मुसलमान ही नहीं बल्कि मुल्क में रहने वाले सभी लोग नफरत को नकार दें तो खुद बखुद मोहब्बत का निज़ाम कायम हो जाएगा।
यूनुस मोहानी

इंसाफ से मुल्क मजबूत होता है लोगों का विश्वास बढ़ता है : सय्यद मोहम्मद अशरफ

31 अक्टूबर /नई दिल्ली,
मलियाना कांड में आरोपी पी.ए. सी. के 16 जवानों को दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा उम्रकैद की सज़ा दिये जाने पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने कहा कि ” इंसाफ से मुल्क मज़बूत होता है,लोगों का विश्वास बढ़ता है ” उन्होंने कहा देर से सही लेकिन इंसाफ मिला है हमें मुल्क की अदालत पर पूरा भरोसा है।
हज़रत ने कहा कि लोकतंत्र में अगर इंसाफ से विश्वास उठ जाए तो कुछ शेष नहीं बचता। दोषियों को उनके अपराध का दण्ड मिलना ही चाहिए इसके लिए धर्म, ज़ात,पद का कोई भेद नहीं किया जा सकता, अपराधी को मात्र अपराधी के रूप में ही देखा जाना चाहिए ।
कानून तोड़ने वाला, उसका मज़ाक बनाने वाला कोई भी हो उसको सज़ा ज़रूर मिलनी चाहिए, मलियाना में जिस तरह निर्दोषों को मारा गया उनके परिवार वालों के लिए आज कुछ राहत का दिन है जिन्होंने अपने घर के नौजवान खोए वह उस दिन को तो नहीं भूल सकते लेकिन उन्होंने न्याय के लिए जो निरंतर प्रयास किया आज उसकी जीत हुई और अपराधियों को न्यायालय ने सज़ा दी है यह ऐसे समय में जब देशवासियों का एक एक करके देश की मुख्य संस्थाओं से विश्वास डगमगाया है न्यायपालिका में विश्वास को बढ़ाने वाला फैसला है।
उन्होंने कहा कि बिना इंसाफ के अमन को कायम नहीं किया जा सकता, नाइंसाफी ही अशांति का कारण होती है, इसलिए सभी को समान और समय पर न्याय प्रदान करना आवश्यक है। देश के संविधान और न्यायालय पर हमारा पूरा विश्वास है।
By: यूनुस मोहानी

मस्जिद मन्दिर का फैसला अदालत करेगी आप अपने भविष्य का फैसला कीजिए : सय्यद मोहम्मद अशरफ

29/अक्टूबर,नई दिल्ली
बाबरी मस्जिद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई कब होगी इसका फैसला अब जनवरी में होगा इस पर बात करते हुए आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड  के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने साफ कहा कि ,”मस्जिद – मन्दिर का फैसला अदालत करेगी,आप अपने भविष्य का फैसला कीजिए” उन्होंने कहा कि अगर हमारे बच्चे अनपढ़ रहे ,हमारे नवजवान बेरोजगार रहे और लोगों को सही इलाज नहीं मिला तो यह बात  आप खुद सोचिए आपकी ज़िन्दगी कैसे होगी देश के हर नागरिक को इस दिशा में सोचना चाहिए।
देश में जिस तरह की बहस चल रही है उससे सिर्फ नुकसान के कुछ हासिल नहीं होगा लोग अपना भला बुरा नहीं सोच पा रहे हैं और वही सोचने और समझने पर मजबूर हैं जो उन्हें साजिश के तौर पर समझाया और दिखाया जा रहा है ,न तो यह खुद उनके हित में है और न ही हमारे मुल्क के।
उन्होंने कहा कि मुसलमानों को समझना चाहिए कि मुद्दा क्या है? जबकि आज हालात ऐसे हैं कि हम खुद में उलझे हुए हैं सही गलत का फैसला नहीं कर पा रहे हैं और कहीं न कहीं गलत लोगों के फेंके जाल में फस कर उनके ही एजेंडे को बढ़ाते हुए नजर आते हैं आपको समझना चाहिए कि हम कहां खड़े हैं और इस हालत को हम कैसे बदलेंगे इस पर सोचना चाहिए।
हज़रत ने कहा कि हमारे पास रसूले अकरम सल्लल्लाहू अलैहि वसल्लम की तालीम मौजूद है हालात को कैसे हमवार बनाया जाता है उसके लिए हयाते तय्यबा के हर पहलू पर हमें न सिर्फ गौर करना है बल्कि उसपर अमल भी करना है किस तरह मुश्किल हालात में हक कहा जाता है उसके लिए करबला मौजूद है जो सबक है हमारे लिए और औलिया अल्लाह किस तरह मोहब्बत के पैगाम को नफरत के तूफान के बीच सुनाते हैं और हवा बदल देते हैं हमें इस पर गौर और फिक्र करनी होगी।
मस्जिद को सजदो से सजाइए ,अपने बच्चो को पढ़ाइए,अफवाहों से दूर रहिए और एक अच्छे शहरी की सारी ज़िम्मेदारी निभाइए यही आपका भविष्य तय करेंगे यही मुसलमान की पहचान है कि वह अल्लाह और उसके रसूल के हुक्म पर अमल करे अपने वतन से मोहब्बत करे और लोगों के लिए फायदा पहुंचाने वाला हो बिना मजहब का  और ज़ात पात का फर्क किये।
हज़रत ने इंडोनेशिया में हुई विमान दुर्घटना पर गहरा दुख जताया उन्होंने कहा कि हम दुआ करते हैं कि सभी लोग सलामत बचा लिए जाएं और कोई जान का नुक़सान न हो हमारी संवेदनाएं उन परिवारों के साथ हैं जिनके घर के लोग इस हवाई जहाज़ में सवार थे अल्लाह उनको अपने हबीब के सदके इस मुसीबत के वक़्त में हिम्मत और सब्र अता फरमाए।
By: यूनुस मोहानी

दिल्ली में मदरसा छात्र की हत्या बेखौफ गुंडाराज की मिसाल : सय्यद मोहम्मद अशरफ

26 अक्टूबर / नई दिल्ली ,

दिल्ली के मदरसे में पढ़ने वाले 8 साल के छोटे से बच्चे को जिस तरह क़त्ल किया गया वह मुल्क की राजधानी में बेखौफ गुंडाराज की घिनौनी मिसाल है यह बात आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के अध्यक्ष और वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने कही।
उन्होंने कहा कि यह मुल्क भर में नफरत के बढ़ते प्रदूषण का असर है हवाओं में ज़हर घोल दिया गया है , मुट्ठी भर लोग पूरे देश को इस आग में झोंक देने की फिराक में है। हज़रत ने कहा कि मालवीय नगर के मदरसे के बच्चे को जिस तरह मार दिया गया वह कानून व्यवस्था के मुंह पर गुंडों का तमाचा है ।
देश में जानलेवा नफरत का वायरस फैल गया है सबको इसे रोकने के लिए काम करना होगा मजहबी पहचान के आधार पर जो जहरीला खेल चल रहा है वह भारत के हित में नहीं है।हज़रत ने मांग की है कि बच्चे के कातिलों को सख्त से सख्त सज़ा दी जाए क्योंकि माब लिंचिंग अब बच्चों के क़त्ल तक पहुंच गई है।
सभी को मिलजुल कर इसका मुकाबला करना चाहिए नफरत को हरगिज़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा ।उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि यह जो तमाशा चल रहा है यह देशहित में नहीं है इसे सरकार तत्काल सख्ती से रोके और बच्चे के परिवार को मुआवजा दिया जाए।हज़रत ने यह भी पूछा कि राजनेता इस वक़्त कहां है कोई नजर क्यों नहीं आता ।

By: Yunus Mohani

हक़ कभी ज़ुल्म से समझौता नहीं करता, यही है कर्बला का सबक़: सय्यद मोहम्मद अशरफ

20 सितम्बर /किछौछा

आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने कहा कि “हक कभी ज़ुल्म से समझौता नहीं करता यही कर्बला का सबक है” सिर्फ इतना ही नहीं उन्होंने आगे कहा कि हमें हक का पैरोकार होने के लिए उनके किरदार को अपनाना पड़ेगा जो अहले हक हैं और फिर हम देखेंगे कि ज़ालिम क्यों न कितना भी ताक़तवर हो वह हारा हुआ ही नज़र आएगा .

उन्होंने कहा कि यज़ीदियत हर दौर में हुसैनियत से हारती रहेगी क्योंकि हक से कभी बातिल जीत नहीं सकता सत्य से असत्य को विजय नहीं मिल सकती कुछ देर को सत्य परेशान हो सकता है लेकिन उसे पराजित नहीं किया जा सकता जब परेशानी आये तो सब्र से काम लेना है सब्र की मेराज का नाम हुसैन है .

हज़रत ने कहा कि धोके में आने की ज़रूरत नहीं है बस साबिर तलाश कीजिये हक़ मिल जायेगा क्योंकि कुरान में साफ़ कहा गया है कि “अल्लाह सब्र करने वालों के साथ है”ज़िक्रे हुसैन हर दौर में हुआ है और हर दौर में होगा क्योंकि इससे हमें प्रेरणा मिलती है सत्य की राह पर चलने की और ईमान ताज़ा हो जाता है .

उन्होंने कहा कि अपने किरदार को वैसा कर लेना जैसा इस्लाम चाहता है उसके लिए अहलेबैत के किरदार को अपनाना होगा और जब आप इसे अपना लेंगे तो कोई सरकार कोई कानून बना ले आप उससे प्रभावित इसलिए नहीं होंगे क्योंकि आप कोई ऐसा अमल नहीं करेंगे जिससे कोई आप पर या आपके मज़हब पर ऊँगली उठा सके .

उन्होंने सरकार द्वारा तीन तलाक़ पर लाये गए अधध्याधेश पर कहा कि यह चुनावी दौर है ऐसे में ये क़दम चुनावी रणनीत का हिस्सा भर है इससे मुस्लिम औरतों की ज़िन्दगी बेहतर नहीं होगी बल्कि समाज में अपराध अधिक बढ़ेंगे सरकार को इस ओर ध्यान देना चहिये था क्योंकि लोकतंत्र में जनता के हित की बात होनी चहिये न कि दल के हित की उन्होंने यह भी कहा कि मुस्लिम समाज को भरोसे में लेकर फैसला किया जाना चाहिए था.

हज़रत ने कहा कि हमें अपने किरदार को अहलेबैत के किरदार में ढालना होगा फिर आप यहाँ भी इज्ज़तवालों में शुमार होंगे और वहां भी.

By: Yunus Mohani

वोट हमारा हक, वोटर बनना हमारी जिममेदारी : सय्यद मोहम्मद अशरफ

5/सितंबर , चित्तौड़गढ़

“वोट हमारा हक़ और वोटर बनना हमारी ज़िम्मेदारी” आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष  व
वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने यह बात जगह जगह लोगों के नाम वोटर लिस्ट से गायब होने पर लोगों को आगाह करते हुए कही।
हज़रत ने कहा, हर तरफ से आवाज़ उठ रही है कि वोटर लिस्ट में नाम गायब हैं और हर चुनाव में ये होता आया है, पूरे पूरे मोहल्ले के लगभग लोगों के नाम वोटर लिस्ट से गायब होते हैं , लोग अपने मताधिकार का प्रयोग करने से वंचित रह जाते हैं और उनका लोकतंत्र में जो सबसे बड़ा अधिकार है वह उसका फायदा नहीं उठा पाते।
उन्होंने एनआरसी की बात करते हुए कहा की आसाम में गरिकता के लिए जूझ रहे हैं ,अगर समाज बेदार नहीं हुआ और उसने अपना कर्तव्य नहीं निभाया तो कल ऐसे लोगों की स्थिति भी वैसी ही हो सकती है कि उन्हें अपनी नागरिकता को साबित करने के लिए दर दर की ठोकरें खाना पड़े और अपने ही देश में शरणार्थी जैसी स्थिति हो जाए ।
हज़रत किछौछवी ने कहा कि मैंलोगों से आह्वाहन करता हूं कि भारत के निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची का पुनरीक्षण कार्य किया जा रहा है, सभी 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके लोग अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वा लें ताकि आने वाले समय में आपको आपके संवैधानिक अधिकार से वंचित न किया जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि सब लोग मतदाता सूची में न सिर्फ नाम जुड़वाएं बल्कि वोट भी ज़रूर करें क्योंकि आपके वोट न करने से यदि कोई ग़लत व्यक्ति चुना जाता है तो उसके द्वारा किए गए गलत कार्यों के आप भी भागीदार होते हो क्योंकि आपने मताधिकार का प्रयोग न करके गलत व्यक्ति को मौक़ा दिया।
हज़रत ने कहा कि खासतौर पर मुसलमान इन चीज़ों से दूर रहते हैं, उन्हें अपनी ज़िम्मेदारी समझनी चाहिए,वहीं उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि किसी भी प्रकार की हीलहवाली लोकतंत्र में बर्दाश्त नहीं की जाएगी सभी वैधपत्र रखने वाले लोगों को मताधिकार का प्रयोग करने का हक़ है, यदि किसी कारणवश उस व्यक्ति का नाम वोटरलिस्ट में न हो तो उसे आधार के ज़रिए वोट करने का मौक़ा चाहिए और आधार को वोटर आइडी से जोड़ दिया जाना चाहिए।

जो देश का दुश्मन वह हमारा दुश्मन : सय्यद मोहम्मद अशरफ

चित्तौड़गढ़।

चीन ने अपनी जनसंख्या को अपनी ताकत में बदल दिया और इसके बल पर आज विश्व की विकसित अर्थव्यवस्था बन चुका है। लेकिन हम इसी बात को लेकर रो रहे हैं । हम जनसंख्या नियंत्रण कानून के नाम पर राजनीति कर रहे हैं।
यह बात सैयद सरदार अहमद अशरफी के सालाना उर्स में सम्मिलित होने आए आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष सैयद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कही।
हज़रत ने कहा कि हमारे देश में संसाधनों की कोई कमी नहीं है। लेकिन कर्ताधर्ताओं की इच्छा शक्ति की कमी से सही दिशा में कार्य नहीं हो रहे हैं। संसाधन बढ़ाए जा सकते हैं, देश में शिक्षा संस्थानों की उपलब्धता बढ़ाई जा सकती है, रोजगार के अवसर बढ़ाए जा सकते हैं।
उन्होंने कश्मीर में सेना पर पत्थर बाजी के सवाल के जवाब में कहा कि कश्मीर से कन्याकुमारी और गुजरात से पश्चिम बंगाल तक कहीं भी और कोई भी मेरे देश और देश के कानून के विरुद्ध आवाज उठाएगा तो वह मेरा सबसे बड़ा दुश्मन होगा। चाहे वह मेरा भाई हो, चाहे रिश्तेदार हो, दोस्त हो चाहे कोई भी हो।
किछौछवि ने कहा कि आज हर इंसान एक दूसरे से इल्जामी सवाल कर रहा है और इल्जामी जवाब दे रहा है। जैसे कोई किसी को कहे कि चोरी मत करो तो सामने वाला जवाब देता है कि तुम्हारा भाई भी तो चोर है। इस तरह की मानसिकता से समाज में सुधार नहीं होगा हमें महसूस करना पड़ेगा जो गलत है वह गलत है हर आदमी की जिम्मेदारी है कि वह अपने को बेहतर बनाएं। हमें अपनी जाति धर्म क्षेत्र भाषा से ऊपर उठकर अपने आप को बेहतर बनाना होगा ऐसी राह निकालनी होगी जिससे समाज का विकास हो।
मैं मानता हूं कि धर्म हमें हमेशा उस राह पर डालता है जो हमें बेहतर बनाती है। आज विडंबना यह है कि धर्म की आड़ में ही अधर्म किया जा रहा है और उसे धर्म बताने की शिक्षा दी जा रही है ऐसे चंद लोग हैं जिन्हें हमें पहचानना है, हमारी खामोशी जुर्म को बढ़ाने में मददगार होती है ,और हम इसमें भागीदार हो जाते हैं। देशवासियों से यह अपेक्षा है कि जहां कहीं भी बुराई देखें उसके खिलाफ खड़े हो जाएं। सय्यद मोहम्मद अशरफ ने महाभारत का उदाहरण देते हुए बताया कि जब अर्जुन ने युद्ध के समय अपने सामने खड़े अपने परिजनों पर बाण चलाने के लिए मना कर दिया तो कृष्ण ने उन्हें समझाया कि जो सामने खड़े हैं वह तुम्हारे अपने हैं लेकिन जालिम है मैंने तुम्हें जुल्म के खिलाफ खड़ा किया जुल्म करने वाला कोई भी हो अगर अच्छा बनना है तो जुल्म के खिलाफ खड़ा होना होगा ,उस समय यह नहीं देखा जाएगा कि सामने आपका दोस्त है या रिश्तेदार है अगर वह ज़ालिम है तो तुम्हें उसके विरोध में खड़ा होना होगा। धर्म हमेशा सार्वभौमिक बात करता है जो दुनिया में सभी जगह सही होती है हम जिस धर्म की बात करते हैं लेकिन उसे मानते नहीं है। उन्होंने अल्पसंख्यक कल्याण के प्रयासों को नाकाफी बताया और कहा कि हमने बदलाव के साथ ही इस क्षेत्र में भी परिवर्तन की उम्मीद की थी लेकिन चेहरे बदले हैं काम नहीं। विकास योजनाएं आम भारतीयों को ध्यान में रखकर बनाई जानी चाहिए, राजनीति और वोट के लिए नहीं ध्रुवीकरण के लिए योजनाएं नहीं बनानी चाहिए। जब तक देश के हर नागरिक का विकास नहीं होगा तब तक देश का विकास नहीं हो सकता है ।
उन्होंने यूरोप का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां पर जिसके पास कोई काम नहीं है वह भी हमसे अच्छी जिंदगी बिता रहा है।
हज़रत ने तीन तलाक के मुद्दे को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह पूरी तरह से राजनैतिक मुद्दा है समाज से इस संबंध में कभी कोई आवाज नहीं उठी। आने वाले चुनाव में समर्थन देने की बात पर उन्होंने कहा कि हम सभी में आपस में तुलना करेंगे और जो बेहतर होगा देश हित में होगा उसके बारे में सोचेंगे ।
इसके साथ ही उन्होंने राम मंदिर के मुद्दे पर बोलते हुए कहा कि राम मंदिर मुद्दा आपस में बैठकर सुलझाया जा सकता है या फिर न्यायालय के आदेश की पालना की जा सकती है।लेकिन आपस में वही लोग सुलझा सकते हैं जो पक्षकार हैं, यह प्रकरण नयायालय में विचाराधीन है तो हमें न्यायालय पर भरोसा करना चाहिए। चुनाव सामने आते ही राम मंदिर के मुद्दे को उठाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हम हिंदुस्तानी बहुत ज्यादा भावुक है हम जानते हैं कि सामने वाला हमारी भावुकता का फायदा उठा रहा है लेकिन हम बार-बार उसके फरेब में आ जाते हैं हमें अपने आप में सुधार करना होगा।
प्रेस वार्ता के दौरान सज्जादा नशीन मोहम्मद सलीम अशरफी मौलाना मोहम्मद इब्राहिम अशरफी और यूसुफ अशरफी सहित कई अकीदतमंद उपस्थित रहे।

بہار اسٹیٹ مدرسہ ایجوکیشن بورڈ کے نصاب سے انگریزی مضمون کو ختم کرنے سے بہارمدارس کے بچوں کا مستقبل خطرے میں: سید محمد اشرف کچھوچھوی 

چتوڑگڑھ،راجستھان،۱؍ستمبر(پریس ریلیز) بہار اسٹیٹ مدرسہ ایجوکیشن بورڈ کی جانب سے فوقانیہ اور مولوی امتحانات سے لازمی پیپر انگریزی جو 100 نمبر کا تھا جسے ہٹا نے سے سیدھا نقصان طلبہ و طالبات کا ہوگا۔ ان خیالات کا اظہار آل انڈیا علماء و مشائخ بورڈ کے قومی صدراور ورلڈ صوفی فورم کے چیئرمین حضرت سید محمد اشرف کچھوچھوی نے چتوڑ گڑھ سے جاری ایک بیان میں کیا۔
بورڈ کے قومی صدر نے کہا کہ طلبہ و طالبات کو کسی بھی یونیورسٹی میں کسی بھی شعبے میں داخلہ لینے کے لئے یا روزگار حاصل کرنے کے لئے انگریزی زبان کا ہونا لازمی ہے۔موجودہ دور میں زیادہ تر علمی معلومات اسی زبان میں میسرہیں جس سے مستفیدہونے کے لیے ضروری ہے کہ اس زبان پر تحریری اور زبانی اعتبار سے دسترس حاصل کی جائی لیکن اس کو ہٹاکر بہار مدرسہ بورڈ نے طلبہ و طالبات کے مستقبل کے ساتھ کھلواڑ کیا ہے اور ساتھ ہی ایجوکیشن بورڈ کے ذریعہ قدیم مدت سے چلی آرہی روایتوں سے ہٹ کر جمعہ کے دن امتحان بھی کرایا گیا ہے جو کہ غلط ہے۔
ان حرکتوں سے پتہ چلتا ہے کہ حکومت بہار نے پورا ارادہ کر لیا ہے کہ مدرسہ بورڈ ختم کردیا جائے جس کا تازہ نمونہ یہ بھی ہے کہ اگست کی آخری تاریخوں میں فوقانیہ اور مولوی جماعت کا امتحان کروایا جا رہا ہے تاکہ کوئی بھی طلبہ و طالبات دیگر کالجوں اور یونیورسٹیوں میں داخلہ نہ لے سکیں کیونکہ ملک کے بیشتر تعلیمی اداروں میں جولائی ماہ ہی میں داخلہ کی کار روائی مکمل کر لی جاتی ہے۔
انہونے یہ بھی کہا کہ یادرکھئے اگر مدرسہ بورڈ کو حکومت نے ختم کردیا تو ہمارے بچوں کا مستقبل تو ختم ہوگا ہی ساتھ ہی ہمارے گھروں میں بے روزگاری بھی بڑھے گی اس لئے آل انڈیا علما و مشائخ بورڈ حکومت بہار سے اسکو بحال کرنے کا پر زور مطالبہ کرتا ہے۔

आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड ने संयुक्त राष्ट्र संघ और हॉलैंड सरकार को दर्ज कराया विरोध

पैग़म्बर ए अमन की शान में गुस्ताखी ना क़ाबिल ए बर्दाश्त: सय्यद अशरफ

18 अगस्त (दिल्ली)

“पैग़म्बर ए अमन की शान में गुस्ताखी ना क़ाबिल ए बर्दाश्त” आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष व वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन सय्यद मोहम्मद अशरफ किछोछ्वी ने हॉलैंड के एक सांसद द्वारा पैग़म्बर ए अमन का कार्टून बनाने का कॉम्पीटिशन पार्लियामेंट हाउस में उनकी पार्टी के दफ्तर में आयोजित करने के देहश्तगरदान काम पर कही. हज़रत ने कहा कि किसी भी मज़हब कि तौहीन आतंकवाद ही है, उनहोंने बताया कि आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड ने संयुक्त राष्ट्र संघ व हॉलैंड सर्कार को अपना विरोध पत्र लिख कर दर्ज कराया है और मांग की है कि ऐसा करने वाले किसी व्यक्ति/संस्था को कड़ी से कड़ी सज़ा दी जाए और ताकि भविष्य में कोई ऐसा करने का प्रयत्न भी ना करे. उन्होंने कहा भारत सरकार से भी बोर्ड मांग करता है कि इस मसले पर अपना विरोध हॉलैंड सरकार से जताए क्योंकि इससे भारत में रहने वाले करोड़ों भारतीय मुसलमानों की भावनाएँ आहत हुई हैं. पैग़म्बर की शान में गुस्ताखी मुसलमान बर्दाश्त नहीं कर सकता इसलिए नफरत फैलाने वले उनके जज्बात को इसी के जरिये भड़काना चाहते हैं, जो कि एक वैश्विक षडयंत्र का हिस्सा है. हमें नफरत को पछाड़ने के लिए ऐसा करने वालों को रोकना होगा.

सिर्फ जश्ने आज़ादी मनाना नहीं बल्कि आज़ादी को महफूज़ भी रखना है: सय्यद मोहमम्द अशरफ

15 अगस्त /दिल्ली “सिर्फ जश्ने आज़ादी मनाना नहीं बल्कि आज़ादी को महफूज़ भी रखना है “यह बात आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड और वर्ल्ड सूफी फोरम के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहमम्द अशरफ किछौछवी ने जश्ने आज़ादी के मौक़े पर कही उन्होंने मुल्क के सभी लोगों को यौमे आज़ादी की मुबारकबाद देते हुए कहा कि यह मुल्क का राष्ट्रिय पर्व है .

सभी को पूरे हर्षो उल्लास के साथ इसमें शरीक होना चाहिए क्योंकि देश से हम हैं हमारी पहचान हमारे मुल्क से है इसकी आज़ादी को बरक़रार रखना हम सबकी सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी है .उन्होंने कहा कि आज़ादी को छीनने के लिए बड़ी ताकतें लगी हुई हैं लेकिन हम हिन्दोस्तानी अपना सबकुछ लुटाकर भी इसे किसी को छीनने नहीं देंगे .

हज़रत ने कहा कि हमारे बीच में नफरत के बीज इसीलिए बोये जा रहे हैं कि हम एक होकर अपने मुल्क को भी बचाने न खड़े हो सके क्योंकि हमारा इतिहास यही रहा है जब देश की बात आई है तो हम सब एक नज़र आये हैं और देश के दुश्मन यह जानते हैं कि अगर यह एक रहे तो इन्हें मात देना मुमकिन नहीं है .

उन्होंने कहा कि हिन्दू मुस्लिम नहीं हिन्दोस्तानी बन कर सोचिये कि नफरत का नतीजा क्या होगा ?मोहब्बत से नफरतों को हरा दीजिये यही देशभक्ति का तकाजा है.अब अगर कोई नफरत की बात करे तो समझ जाइये यह देश का दुश्मन है देश तोडना चाहता है .लोगों के बहकावे में मत आइये सबको गले लगाइये.

 

By: Yunus Mohani