यज़ीद के नाम का नारा लगाने वाले इंसानियत के दुश्मन : सय्यद मोहम्मदअशरफ

18 सितंबर, शुक्रवार किछौछा अम्बेकरनगर
आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफ़ी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने खानकाहे अशरफियां शेखे आज़म सरकारें कलां में उर्स मख़दूम अशरफ जहांगीर सिमनानी रहमतुल्लाह अलैहि के एक कार्यक्रम में बोलते हुए पाकिस्तान में यजीद ज़िंदाबाद जैसे नारो के साथ निकाली गई रैली की पुरजोर निंदा की ,उन्होंने कहा यह लोग जो यजीद ज़िंदाबाद का नारा लगा रहे हैं यह अहलेबैत के दुश्मन हैं यानी अमन के दुश्मन है और पूरी इंसानियत के दुश्मन हैं।
उन्होंने कहा कि हम न तो सहाबा की शान में गुस्ताखी बर्दाश्त कर सकते हैं और न ही अहलेंबैत की गुस्ताखी, उनकी शान पर हमारी जान कुर्बान है,दुनिया में जिस तरह के हालात बन रहे हैं ऐसे में दुश्मनों के पैसों पर पलने वाले इस तरह की बातों को उठा रहे हैं ,जिससे हमारे दिल को तकलीफ हो और लोग सड़कों पर आमने सामने आ जायें और अपने असल मकसद इत्तेहाद और अमन से भटक जायें।
उन्होंने हाल में हुए इजरायल और यूएई समझौते को इस पूरी घटना की वजह करार दिया ,उन्होंने कहा क्योंकि इत्तेहाद बैनुल मुस्लेमीन से इस्लाम के दुश्मनों को खतरा है उन्हें लगता है अगर यह एक जगह हुए तो इन्हें तरक्की से नहीं रोका जा सकता है लिहाज़ा कभी आसिफ अशरफ जलाली जैसे फितनेबाज़ जनाबे फातिमा सलामुल्लाहअलहिया की शान में गुस्ताखी करता है और उसके बाद आसिफ रज़ा अल्वी का जनाबे सिद्दीके अकबर रज़ीअल्लाहुतालाअन्हु की शान में गुस्ताखी करना इसी कड़ी का हिस्सा है इस तरह के लोगों को हमें अपनी सफों से बाहर निकालना होगा यह अमन के दुश्मन हैं और गैरों के हाथ में खेलने वाले बेज़मीर लोग,उन्होंने कहा कि यह भी अजीब इत्तेफाक़ है कि यह दोनो जिनकी वजह से अब तक छिपे हुए यजीदी पैरोकार खामोश थे बाहर निकल पड़े और इन दोनों का नाम भी एक ही है,।
पाकिस्तान में जिस तरह का मसलकी हंगामा खड़ा हुआ है उससे हम भारतीय मुसलमानों को होशियार रहना चाहिए और अपने मुल्क में बदमनी के हर मुमकिन खतरे को पहले से भांप कर उसको उठने नहीं देना चाहिए,जो कुछ भी इस वक़्त हो रहा है यह विदेशी साजिश का हिस्सा है जिसके जरिए हमें अपने असल मकसद से भटका कर तरक्की से रोका जा रहा है हम ऐसी हर साजिश की पुरजोर मुखालफत करते हैं और ऐसे लोगों से होशियार रहने की अपील करते हैं हमें अपने मुल्क में ऐसे लोगों की सोच को पनपने नहीं देना है ताकि हमारे मुल्क की फिज़ा खराब न हो।

کرونا کے خاتمے کی دعاؤں کے ساتھ شروع ہوا عرس مخدومی

ستمبر16 کچھوچھہ، امبیڈکر نگر
عرس حضرت مخدوم اشرف جہانگیر سمنانی رحمۃاللہ علیہ کرونا کے چلتے انتظامی اصولوں کی پابندیوں کے ساتھ شروع ہو گیا ہے جس میں عام زائرین کو آنے سے منع کیا گیا ہے اور اعلان کیا گیا ہے کہ عقیدت مند اپنے گھروں میں ہی فاتحہ خوانی کریں اور آس پاس کے غریبوں کی مدد کریں، تمام ضروری احتیاطی تدابیر اختیار کرتے ہوئے صرف مقامی لوگ درگاہ شریف آسکتے ہیں۔
اس موقع پر آل انڈیا علماء و مشائخ بورڈ کے صدر اورورلڈصوفی فورم کے چیئرمین حضرت سید محمد اشرف کچھوچھوی نے خانقاہ اشرفیہ شیخ اعظم سرکار کلاں میں پرچم کشائی کی رسم ادا کی اور پوری دنیا سے اس خطرناک وائرس کے خاتمے کے لئے دعا کی۔انہوں نے اس موقع پر کہا کہ یہ بڑا دکھ کا موضوع ہے کہ ہم لوگوں کو مخدوم پاک کے آستانے پر آنے سے کچھ وقت کے لئے روک رہے ہیں لیکن لوگوں کو بیماری سے بچانا بھی حضرت مخدوم پاک کا ہی پیغام ہے۔ ہر ولی کو کسی نہ کسی نبی کامعجزہ کرامت کے طور پر ملا ہے۔حضرت مخدوم اشرف جہانگیر سمنانی رحمۃ اللہعلیہ پرتوے عیسیٰ ہیں،یعنی آپ مریضوں کو رب کی عطا کی ہوئی کرامت سے فائدہ پہنچاتے ہیں۔ یہی وجہ ہے کہ پورے سال مخدوم پاک کے آستانے پر مریضوں کا ہجوم لگا رہتا ہے اور ہزاروں کی تعداد میں پریشان حال مخلوق آپ کی بارگاہ سے صحتیابی کی بیش قیمتی دولت سے مالامال ہوتی ہے۔چنانچہ جب پوری دنیا اس بیماری کے چکر میں پھنس گئی ہے کہ لوگ مل بھی نہیں سکتے ہیں تو ہم آپ کی بارگاہ سے اپنے رب کو پکارتے ہیں کہ دنیا کو اس بیماری سے نجات ملے۔
حضرت نے دنیا بھر میں آباد عاشقان مخدوم پاک کو عرس کی مبارکباد پیش کرتے ہوئے کہا کہ سبھی لوگ ضروری احتیاط برتیں اور گھروں میں ذکر کا ورد کرکے اپنے رب کو راضی کریں، یہ وقت سخت ہے لوگوں کی مدد کریں بنا ان کی ذات،مسلک اور مذہب پوچھے۔

कोविड 19 के खात्मे की दुआओं के साथ शुरू हुआ उर्स मखदूमी

16 सितंबर बुधवार, किछौछा अम्बेडकर नगर,

उर्स हज़रत मख़दूम अशरफ जहांगीर सिमनानी रहमतुल्लाह अलैहि का उर्स कोरोना के चलते प्रशासनिक दिशा निर्देशों के पालन के साथ शुरू हो गया है, जिसमें आम जायरीनों को आने से मना कर दिया गया है और ऐलान किया गया है कि अकीदतमंद अपने घरों में ही फतिहाखवानी करें और वहां आस पास मौजूद गरीबों की मदद करें, दरगाह शरीफ पर सिर्फ स्थानीय लोग ही सभी जरूरी एहतियात का पालन करते हुए आ सकते हैं।
इस अवसर पर आल इंडिया उलमा मशाईख बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफ़ी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने खानकाहे अशरफियां शेखे आज़म सरकारे कलां में परचमकुशाई की रस्म अदा की और पूरी दुनिया से इस खतरनाक वायरस की समाप्ति की दुआ की उन्होंने इस अवसर पर कहा कि यह बड़ा दुख का विषय है कि हम लोगों को मख़दूम के आस्ताने पर आने से कुछ समय के लिए रोक रहे हैं लेकिन लोगों को बीमारी से बचाना भी हज़रत मख़दूम पाक का ही संदेश है,हर वली को किसी न किसी नबी का मोजज़ा करामत के रूप में मिला और हज़रत मख़दूम अशरफ जहांगीर सिमनानी रहमतुल्लाह अलैहि परतवे ईसा हैं यानी आप मरीजों को रब की अता की हुई करामत से फायदा पहुंचाते हैं यही वजह है कि पूरा साल मख़दूम पाक के आस्ताने पर बीमारों का तांता लगा रहता है और हज़ारों की तादाद में परेशान हाल मखलूक आपकी बारगाह से सेहतयाबी की बेशकीमती दौलत से मालामाल होती है।लिहाज़ा जब पूरी दुनिया ऐसी बीमारी के चक्रव्यूह में फस गई है कि लोग आपस में मिलजुल भी नहीं पा रहे हैं हम आपकी बारगाह से अपने रब को पुकारते हैं कि दुनिया को इस बीमारी से निजात मिले।
हज़रत ने दुनिया भर में बसने वाले आशिकाने मख़दूम को उर्स की मुबारकबाद देते हुए कहा कि सभी लोग ज़रूरी एहतियात बरते और घरों में खूब ज़िक्र अस्कार कर अपने रब को राजी करें यह वक़्त सख्त है लोगों की मदद करें बिना उनकी ज़ात , मसलक,और मजहब पूछे ।

ज़ुल्म के खिलाफ उठने वाली हर आवाज़ का नाम है हुसैन : सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी

29 अगस्त 2020 नई दिल्ली
आल इंडिया उलमा व मशायख बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफ़ी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने मोहर्रम में ऑनलाइन चल रहे अपने एक प्रोग्राम में करबला के यूनीवर्सल पैग़ाम को बताते हुए कहा कि कर्बला में हज़रत इमाम हुसैन अैहिस्सलाम की शहादत के बाद रहती दुनिया तक ज़ुल्म के खिलाफ उठने वाली हर आवाज़ इस अज़ीम शहादत का सदका है।
उन्होंने कहा कि ज़ुल्म के खिलाफ अपने छोटे छह माह के बच्चे जनाबे अली असगर को पेश कर इमाम ने बताया कि हक के लिए अगर ज़रूरत हो तो फिर बड़ी से बड़ी कुर्बानी भी पेश करनी पड़े तो पैर पीछे मत खींचो बल्कि अपना सबकुछ लुटा कर भी हक की बुलंदी तुम्हारी फतह है और ज़ालिम की हार।
करबला का यही सबक है कि ज़ुल्म को सहना भी गुनाह है इमाम का यह कौल कि “जुल्म के खिलाफ जितनी देर से उठोगे कुर्बानी उतनी बड़ी देनी पड़ेगी” सबको याद रखना चाहिये ।लिहाज़ा सबको मजलूम के साथ खड़ा होना है और ज़ालिम के खिलाफ, यही दुनिया में इंसाफ को कायम करने का रास्ता है और इसी अमल से शांति की स्थापना संभव है ।क्योंकि जब समाज जागृति होता है तो ज़ालिम कमजोर हो जाता है इसीलिए शायर ने कहा कि इंसान को ज़रा बेदार तो हो लेने दो हर कौम पुकारेगी हमारे हैं हुसैन।हज़रत ने करबला के शहीदों को सलाम पेश करते हुए कहा कि हुसैन हर मजलूम की हिम्मत का नाम है और जुल्म के खिलाफ उठने वाली हर आवाज़ का नाम भी।

बुजुर्गों की कुर्बानी भूले तो आज़ादी का मकसद भी भूल बैठेंगे : सय्यद मोहम्मद अशरफ

15 अगस्त नई दिल्ली
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड ने इस बार कॉविड 19 के चलते स्वतंत्रता दिवस पर होने वाले अपने कार्यक्रम को ऑनलाइन किया और देश भर की सभी शाखाओं में भी ज़रूरी एहतियाती क़दम उठाते हुए झंडा रोहण किया गया सोशल मीडिया पर हुए कार्यक्रम “हम भारत के लोग” में बोलते हुए बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफ़ी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने कहा कि अगर हम बुजुर्गों कि कुर्बानी भूल जायेंगे तो आज़ादी के असल मकसद से भी दूर हो जायेंगे ।उन्होंने कहा कि हमें अपने बड़ों को याद करना होगा कि किस क़दर परेशानियां उठा कर उन्होंने इस मुल्क को आज़ादी दिलाई ,हमें इस आज़ादी का मोल समझना होगा तभी हम इसके साथ इंसाफ कर सकेंगे,स्वतंत्रता दिवस की सभी को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि अपनी ज़िम्मेदारी निभा कर मुल्क को आगे ले जाना है हमें इस बात को नहीं भूलना चाहिए।

बोर्ड के राष्ट्रीय कार्यकारणी सदस्य एवं कर्नाटक के प्रदेश अध्यक्ष हज़रत सय्यद तनवीर हाशमी ने कहा कि आज का यह दिन स्वतंत्रता सेनानियों के अथक प्रयासों से हमें मिला है ,हमने गुलामी की जंजीरों को तोड़ा लेकिन अफसोस हम नफरतों के दौर में जी रहे हैं हमें समझना होगा कि हिंदोस्तान की मजबूती का राज आपसी मोहब्बत भाईचारा और हमारी गंगा जमुनी तहजीब है इसे हर हाल में बचा कर रखना होगा तभी मुल्क बचेगा हज़रत ने भी सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी।

बोर्ड के राष्ट्रीय कार्यकारणी सदस्य और दरगाह रदौली शरीफ के सज्जादा नशीन हज़रत अम्मार अहमद निय्यार मियां ने आजादी की मुबारकबाद पेश करते हुए कहा हमारे बुजुर्गों ने देश को आजाद करा लिया लेकिन अब हमें भ्रष्टाचार व जहालत से आजादी हासिल करनी है तभी हम बुलंदियां हासिल कर सकेंगे

लोगों की खिताब करते हुए बोर्ड के राष्ट्रीय कार्यकारणी सदस्य हज़रत सय्यदी मियां मकनपुर शरीफ ने कहा कि यह हर भारतीय के लिए खुशी का दिन है हर भारतीय आज जोश में उमंग में है हमें याद रखना होगा कि हमारे बड़ों ने अपना खून दिया है इस आज़ादी के लिए, अगर वतन पर वक़्त आए तो हमें भी हर पल तैयार रहना होगा तालीम हासिल कर अपने मुल्क के काम आना है इस जज्बे को दिलों में बैठाने का यह दिन है ताकि हमारा मुल्क दुनियां का सबसे विकसित मुल्क बने।
बोर्ड के संयुक्त राष्ट्रीय सचिव एवं दरगाह अजमेर शरीफ के गद्दीनशींन हज़रत सय्यद सलमान चिश्ती ने लोगों को यौमे आज़ादी की मुबारकबाद पेश की उन्होंने कहा कि हमारा देश आज के दिन आजाद हुआ यह सब जानते हैं लेकिन हम उन नामों को धीरे धीरे भूलते जा रहे हैं जिनकी कुर्बानियों से यह मौका आया हमें लगातार लोगों को याद दिलाना होगा कि इस दिन की हमने क्या कीमत चुकाई है आज़ादी के असली माना क्या है।

यूथ विंग के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना अब्दुल मोइद अजहरी ने भी लोगों को इस मौके पर बधाई दी साथ ही देश के सामने खड़े खतरों और चुनौतियों की तरफ इशारा करते हुए कहा कि नफरत का जिस तरह प्रसार हो रहा है उससे देश कमजोर होगा और दुश्मन इससे खुश हो रहा है हम सब की साझा ज़िम्मेदारी है कि नफरत की फैलती आग को रोके और मुल्क की हिफाज़त के लिए दीवार बनकर खड़े हों।
कार्यक्रम का संचालन मौलाना मुख्तार अशरफ ने किया कार्यक्रम का समापन देश की तरक्की खुशहाली और शांति की दुआ के साथ हुआ।
Yunus Mohani

कुर्बानियों से मिली आज़ादी की हिफाज़त हमारी ज़िम्मेदारी : सय्यद मोहम्मद अशरफ

कुर्बानियों से मिली आजादी इसकी हिफ़ाज़त हमारी ज़िम्मेदारी – सय्यद अशरफ
14 अगस्त 2020 नई दिल्ली
आल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफ़ी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने आजादी की पूर्व संध्या पर सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए कहा कि यह आज़ादी हमें बड़ी कुर्बानियों के बाद हासिल हुई है इसकी हिफाज़त हम सब की ज़िम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि नफरतों से देश को कमजोर करने की भयानक साजिश चल रही है और एक प्रयास किया जा रहा है कि भारत की सुंदरता अनेकता में एकता को खत्म कर दिया जाए ,इससे सिर्फ देश कमजोर होगा और घाट लगाये बैठे दुश्मन इसका भरपूर फायदा उठायेगा ,सभी देशवासियों को इस साजिश को समझ लेना चाहिए और किसी भी प्रकार की हिंसा से दूर रहना चाहिए हमें अपने देश को आगे बढ़ाना है और यह हम आपस में लड़ कर नहीं कर सकते हमारी आपसी लड़ाई हमारे देश को कमजोर करती है।
हज़रत ने कहा कि सभी को सबकी भावनाओं की इज्जत करनी चाहिए और सभी धर्मों का सम्मान करना चाहिये यही निर्देश हमें हमारा धर्म भी देता है वतन से मोहब्बत आधा ईमान है यह पैग़म्बरे इस्लाम की तालीम है हमें इसपर अमल करते हुए अपने मुल्क को आगे ले जाना है हमें अपने बुजुर्गों कि कुर्बानी नहीं भूलनी चाहिए कि किस तरह 40 हज़ार से ज़्यादा उलमा की लाशे पेड़ों पर लटका दी गई लेकिन हमारे क़दम पीछे नहीं गए यह इस आजादी का मोल है यह आसानी से हासिल नहीं हुई।
उन्होंने कहा सभी लोग स्वतंत्रता दिवस पर शान से तिरंगा लहराते हुए यह निश्चय करें कि अब एक सूत्र के साथ हम इस देश को आगे ले जाएंगे नफरत किसी से नहीं मोहब्बत सबके लिए।

यूनुस मोहानी

पैगंबर की शान में गुस्ताखी बर्दाश्त नहीं फौरन कार्यवाही हो : सय्यद मोहम्मद अशरफ

12 अगस्त 2020 बुधवार नई दिल्ली
आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफ़ी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने कल बैंगलुरू में एक लड़के द्वारा फेसबुक पर पोस्ट कर पैगम्बरे इस्लाम की शान में अभद्र एवम अशोभनीय टिप्पणी किए जाने पर कड़े शब्दों में कहा कि इस तरह की घटनाओं को सरकार फौरन रोके और दोषी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की जाए।
कल शाम बैंगलुरू में यह खबर फैलते ही कि किसी विधायक के भतीजे ने ऐसी पोस्ट की है वहां के स्थानीय लोगों ने विधायक के घर के बाहर जमा होकर प्रदर्शन किया और उसके बाद पुलिस से उस लड़के की गिरफ्तारी की मांग की इसी बीच वहां से कुछ शरारती लोगों द्वारा उपद्रव किए जाने की खबर भी आई विषय पर बोर्ड ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए का उत्त रण लड़के की गिरफ्तारी की मांग कर्नाटक के मुख्मंत्री से की है।
हज़रत ने कहा जो लोग देश तोड़ना चाहते हैं और देश में नफरत फैलाना चाहते हैं उनके द्वारा ही इस तरह का काम किया जा रहा है सुरक्षा एजेंसियों को इस पर कड़ी निगाह रखनी चाहिए और ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्ती से निपटा जाना चाहिए दरअसल ऐसे लोग वैचारिक आतंकवादी हैं,जो बहुत खतरनाक है ।
उन्होंने कहा मुसलमानों को भी कानून के दायरे में रहकर विरोध दर्ज कराना चाहिए क्योंकि हिंसा पैगम्बर की तालीम नहीं है ,और हैं भी ऐसा करके कानून का उल्लंघन करके पैगम्बर की तालीम को अनदेखा कर रहे हैं जो अपनी तरह से गुस्ताखी है लिहाज़ा इस बात का ख्याल रखा जाए कि लोकतांत्रिक तरीके से ही अपनी बात रखी जाए ।
पथराव और आगजनी की तालीम हमें हमारा मजहब नहीं देता और जिनकी शान के लिए सड़कों पर आए हैं यह उनके दुश्मनों का अमल है इस बात को समझना होगा हालांकि कुछ खबरे ऐसी भी आ रही हैं कि भीड़ में कुछ से शरारती तत्वों ने घुस कर ऐसा काम किया है इसकी जांच होनी चाहिए।
पैग़म्बरे इस्लाम की शान में ज़रा भी गुस्ताखी मुसलमान बर्दाश्त नहीं कर सकता ऐसा करने वाले इंसानियत के दुश्मन हैं और देश के गद्दार वैचारिक आतंकवाद के वाहक है।

نفلی قربانی کے بجائے لاک ڈاؤن میں بے روزگار غریب مزدوروں کی مالی مدد کریں: سید محمد اشرف

نئی دہلی (پریس ریلیز) ۲۵/جولائی

آل انڈیا علما ء و مشائخ بورڈ کے بانی وصدر اور ورلڈ صوفی فورم کے چیئرمین حضرت سید محمد اشرف کچھوچھوی نے کورونا وبا میں آنے والے تہوار عید الاضحی کے موقع پر مسلمانان ہند سے اپیل کرتے ہوئے کہا کہ ہمیں گورنمنٹ کے ذریعہ جاری کی گئی ضروری ہدایات پر عمل کرتے ہوئے قربانی کی سنت پر عمل کرنا ہے کیونکہ معاشرے کو ہر طرح کے فساد،بیماری،وبا وغیرہ سے بچنے کی ذمہ داری ہم پر ہمارے دین نے ڈالی ہے جسے ہمیں انجام دینا ہے جس میں ہمیں خاص باتوں کا خیال رکھنا ہے جس سے برادران وطن کے جذبات کو ٹھیس نہ پہنچے،اس لئے راستوں اور عوامی جگہوں پر قربانی نہ کریں بلکہ ممکن ہو تو بڑے احاطوں میں اہتمام کریں، جن جانوروں پر قانونی طور پر پابندی ہے ان کی قربانی کرنے سے پرہیز کریں۔ قربانی کا خون نالیوں میں نہ بہائیں بلکہ اسے دفن کریں، جانوروں کا وہ حصہ جو نہیں کھایا جاتا دفن کریں۔صاف صفائی کا خاص خیال رکھیں، کسی کو آپ کی وجہ سے پریشانی نہ ہو۔ قربانی کا ویڈیو بنا کر سوشل میڈیا پر نہ ڈالیں۔قربانی کے گوشت کو غریبوں اور پریشان حال لوگوں تک پہنچانے کا خاص انتظام کریں۔جو لوگ نفلی قربانی کا ارادہ رکھتے ہیں بہتر ہے کہ وہ سیلاب، کورونا وبا کے چلتے لاک ڈاؤن میں بھوک سے پریشان بے روزگار غریب مزدوروں یا دوسری مصیبتوں میں مبتلا لوگوں کی مالی مدد کریں، نظم و ضبط بنائے رکھیں اور قانون کی خلاف ورزی نہ کریں۔قربانی کے گوشت کو کھلا نہ لے جائیں، پولیس انتظامیہ کی مددکریں۔

शेरानी आबाद के सूफ़ी नगर में ऑल इंडिया उलमा मशाईख बोर्ड ने वृक्षारोपण किया l

20 जुलाई 2020, शेरानी आबाद

ऑल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड दिल्ली के ज़िम्मेदार हाफ़िज़ हुसैन शेरानी ने बताया कि बोर्ड के कार्यकर्ता अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफ़ी फोरम के चेयरमैन विश्वविख्यात इस्लामिक धर्मगुरु हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी के आह्वान पर देश के विभिन्न स्थानों पर वृक्षारोपण कर रहे हैं और ज़मीन को हरा भरा रखने का संकल्प दोहरा रहे हैं, वैसे भी स्वयं बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने हर मौके पर लोगों से पेड़ लगाने की अपील की है ताकि हमारे इस काम से हम अपनी आने वाली नस्लों को शुद्ध हवा दे पाएं।

वहीं इसके साथ हज़रत सय्यद अशरफ किछौछवी ने यह भी कहा कि पेड़ लगाते वक्त यह भी याद रखना चाहिए कि हमें पेड़ जैसा बनना है जो हमें हवा देता है,फल देता है,छाया देता है और जब सूख जाता है तो जलाने के काम आता है और किसी से उसका मजहब उसकी ज़ात उसका मसलक नहीं पूछता यही सूफिया का तरीका रहा है। उनकी इसी बात से प्रेरणा लेकर आज शेरानी आबाद के सूफ़ी नगर भेणियाद में शहादत अली खान के नेतृत्व में कई घरों में हरे भरे पेड़ पौधे लगाए, उनके साथ यूसुफ खान, मोहम्मद हुसैन, मौती खान, मोहम्मद इरशाद, मोहम्मद अरशद व मोहम्मद तारीफ मौजूद रहे ।

सरहद पर गोली और मीडिया की बोली दोनों ही से देश को खतरा : सय्यद मोहम्मद अशरफ

17 जून,2020 बुधवार, नई दिल्ली

आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफ़ी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने न्यूज 18 न्यूज चैनल के एंकर अमीश देवगन द्वारा हज़रत ख्वाजा गरीब नवाज़ रहमतुल्लाह अलैहि की शान में अभद्र एवं अशोभनीय टिप्पणी किए जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है उन्होंने कहा मुल्क नाज़ुक दौर से गुजर रहा है ऐसे में मुल्क की मीडिया का यह गैर जिम्मेदाराना रुख भारत की एकता पर खतरा है।
इस तरह के गैरजिम्मेदार लोगों पर तुरंत कार्यवाही की जानी चाहिए क्योंकि हज़रत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती रहमतुल्लाह अलैहि से न सिर्फ देश के मुसलमान बल्कि देश एवं विदेश के सभी धर्मों के लोग श्रद्धा रखते हैं अमीश देवगन की टिप्पणी से सभी की भावनाएं आहत हुई हैं और इस प्रकार की भाषा हमारी गंगा जमुनी तहजीब और भारतीय मूल्यों के विपरीत है।हज़रत ने कहा कि इस संबंध में बोर्ड ने भारत के प्रधानमंत्री ,गृहमंत्री,महामहिम राष्ट्रपति महोदय सहित भारत के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिख कर कार्यवाही की मांग की है एवं भारत की एकता की चोट पहुंचाने वाले ऐसे व्यक्ति के विरूद्ध पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है।


हज़रत ने कहा कि हम अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए अपनी सेना एवं भारत सरकार के साथ है और हर संभव सहयोग एवं देश रक्षा हेतु प्राणों की बाज़ी लगाने को भी तैयार हैं पूरे देश को इस संकट के समय में एकजुट रहना है लेकिन ऐसे घिनौने बोल बोलने वालों पर लगाम लगाई जानी चाहिए और तुरंत इनपर कठोरतम कार्यवाही की जानी चाहिए।

Yunus Mohani