मुल्क के नवजवानो ने बता दिया है मुल्क का भविष्य सुनहरा – सय्यद अशरफ

15 जनवरी नई दिल्ली,
आल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फ़ोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने कल दिल्ली के शाहीन बाग में चल रहे प्रदर्शन में शिरकत की उन्होंने इस मौके पर बामसेफ के अध्यक्ष वामण मेश्राम से मुलाक़ात भी की वह भी धरने को अपना समर्थन देने आए थे,धरना स्थल से लौटते समय उन्होंने प्रेस से कहा कि मुल्क की आवाम के दिल में मुल्क और संविधान को लेकर जो मोहब्बत है उसने यह बता दिया है कि मुल्क का भविष्य सुनहरा है।

हज़रत ने कहा कि जिस तरह लोगों ने मज़हब और जात पात का जाल तोड़ कर एकजुटता दिखाई है उसने मुल्क के दुश्मनों को सीधा संदेश दिया है कि भारत को कमजोर नहीं किया जा सकता किसी लम्हे के लिए लोगों को धोखा दे कर उन्हें वरगलाया जा सकता है लेकिन यह भाव हरगिज़ स्थाई नहीं रह सकता क्योंकि भारत की मिट्टी में गंगा जमुनी तहजीब बसती है,यहां ईद और दीवाली एक दूसरे को गले लगाकर ही पूरी होती है ,यह एकजुटता तोड़ने में दुश्मन टूट जाएगा मुल्क नहीं टूटने वाला है।

उन्होंने सरकार से इस मामले को गंभीरता से देखने और लोगों से संवाद स्थापित करने की सलाह देते हुए कहा कि मुल्क हट से नहीं संविधान से चलता है हमें और किसी भी प्रदर्शनकारी को किसी भी मजलूम को नागरिकता दिए जाने से कोई विरोध नहीं है ,लेकिन मजहबी कैद हरगिज़ सही नहीं है मजलूम कोई भी हो हमें उसके साथ खड़े होना होगा।
देश के युवाओं से संवाद स्थापित होना चाहिए ,उनकी समस्याओं को सुना जाना चाहिए और न्याय होना चाहिए ,जब पूरे देश में विरोध है तो पुनः विचार होना ,जेएनयू , ए एम यू,जामिया में छात्रों के साथ जो हिंसा हुई है उसकी सही जांच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही होनी चाहिए।हिंसा की कोई गुंजाइश नहीं है लोग इसका ख्याल रखें कि कोई बलवाई उनके बीच न घुसने पाए।

उन्होंने कहा कि यह धर्म विशेष का मामला नहीं है देश का है और सड़क पर किसी एक धर्म के लोग नहीं है बल्कि सभी भारत के लोग हैं इसका यही स्वरूप भारत की हकीकत है इसे समझा जाना चाहिए,छात्र और महिलाएं नेतृत्व कर रही हैं हम मुल्क के अच्छे भविष्य के लिए दुआ करते है।

Yunus Mohani