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पैगंबर की शान में गुस्ताखी बर्दाश्त नहीं फौरन कार्यवाही हो : सय्यद मोहम्मद अशरफ

12 अगस्त 2020 बुधवार नई दिल्ली आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफ़ी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने

ईद उल अज़हा के मौक़े पर मज़हब के साथ मुल्क के क़ानून का भी पूरा पालन करें मुसलमान : सय्यद मोहम्मद अशरफ
تصوف وصوفی اورحضرت مخد وم اشرف جہانگیر سمنانی
नौनिहालों की मौत निरंकुश अफसरशाही और भ्रष्टाचार का नतीजा : सय्यद मोहम्मद अशरफ

12 अगस्त 2020 बुधवार नई दिल्ली
आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफ़ी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने कल बैंगलुरू में एक लड़के द्वारा फेसबुक पर पोस्ट कर पैगम्बरे इस्लाम की शान में अभद्र एवम अशोभनीय टिप्पणी किए जाने पर कड़े शब्दों में कहा कि इस तरह की घटनाओं को सरकार फौरन रोके और दोषी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की जाए।
कल शाम बैंगलुरू में यह खबर फैलते ही कि किसी विधायक के भतीजे ने ऐसी पोस्ट की है वहां के स्थानीय लोगों ने विधायक के घर के बाहर जमा होकर प्रदर्शन किया और उसके बाद पुलिस से उस लड़के की गिरफ्तारी की मांग की इसी बीच वहां से कुछ शरारती लोगों द्वारा उपद्रव किए जाने की खबर भी आई विषय पर बोर्ड ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए का उत्त रण लड़के की गिरफ्तारी की मांग कर्नाटक के मुख्मंत्री से की है।
हज़रत ने कहा जो लोग देश तोड़ना चाहते हैं और देश में नफरत फैलाना चाहते हैं उनके द्वारा ही इस तरह का काम किया जा रहा है सुरक्षा एजेंसियों को इस पर कड़ी निगाह रखनी चाहिए और ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्ती से निपटा जाना चाहिए दरअसल ऐसे लोग वैचारिक आतंकवादी हैं,जो बहुत खतरनाक है ।
उन्होंने कहा मुसलमानों को भी कानून के दायरे में रहकर विरोध दर्ज कराना चाहिए क्योंकि हिंसा पैगम्बर की तालीम नहीं है ,और हैं भी ऐसा करके कानून का उल्लंघन करके पैगम्बर की तालीम को अनदेखा कर रहे हैं जो अपनी तरह से गुस्ताखी है लिहाज़ा इस बात का ख्याल रखा जाए कि लोकतांत्रिक तरीके से ही अपनी बात रखी जाए ।
पथराव और आगजनी की तालीम हमें हमारा मजहब नहीं देता और जिनकी शान के लिए सड़कों पर आए हैं यह उनके दुश्मनों का अमल है इस बात को समझना होगा हालांकि कुछ खबरे ऐसी भी आ रही हैं कि भीड़ में कुछ से शरारती तत्वों ने घुस कर ऐसा काम किया है इसकी जांच होनी चाहिए।
पैग़म्बरे इस्लाम की शान में ज़रा भी गुस्ताखी मुसलमान बर्दाश्त नहीं कर सकता ऐसा करने वाले इंसानियत के दुश्मन हैं और देश के गद्दार वैचारिक आतंकवाद के वाहक है।

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