Yati Narasimhanand hate speech creates communal divide, AIUMB calls for strict legal action

April 08,2021 New Delhi

All India Ulama and Mashaekh Board (AIUMB), an apex body of India’s Sunni Sufi Muslims have condemned the hate speech made by Yati Narasimhanand Saraswati, declaring him a ‘hate preacher disguised as sadhu sant’.

AIUMB Chhattisgarh branch has lodged a complaint against Narasimhanand Saraswati, saying that he’s trying to harm the syncretic culture and the peaceful Ganga-Jamani Tehzib of India. “He insulted Hazrat Muhammad ( pbuh), the benefactor of humanity and messenger of mercy for the whole world, and is making offensive remarks against his noble personality which is completely reprehensible”, the statement said. It should be noted that in Islam, religious leaders of any religion are respectable and to make insulting remarks against them, by using abusive words is haraam (strictly prohibited). Similarly, the person who hurt the feelings of millions of Muslims in India by abusing Prophet Muhammad (pbuh) should be considered a criminal and must be strictly dealt with as per the law of the land, it added.
Having stated the above, All India Ulama and Mashaekh Board Chattisgarh Unit led by Qari Mohammad Imran Ashrafi and General Secretary Noman Akram Hamid filed the report in Thana City Kotwali and requested the government and administration to take strict action against Narasimhanand and punish him.

In fact, the people of the organisation to which Narsinghanad is associated should also take action against him so that such people can be restrained, the AIUMB Chhattisgarh branch said.

It is a known fact that even before this incident, Yati Narasimhanand Saraswati has made inflammatory statements to disrupt social harmony and communal unity in the country. In one earlier incident, he insulated the Indian Ironmen and our former President Dr. A, P, J Abdul Kalam by calling him a ‘Pakistani agent’.

With such an absurd statement, this person has been defaming the respected national heroes of India, which we Indians cannot tolerate at all. Therefore, the administration should seriously and promptly rectify this gross violation of the law which is spewing venom and promoting communal disharmony. Then only the current anger in the Muslim community will end and such hate rhetoric can be curbed.

Source: ClickTV

Yati Narasimhanand hate speech creates communal divide, AIUMB calls for strict legal action

ऐआईयूएमबी छत्तीसगढ़ शाखा ने नरसिंहानन्द के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी

रायपुर, 06,अप्रेल, 2021
ऑल इंडिया उलमा व मशाएख़ बोर्ड 36 गढ़ यूनिट
ने नरसिंहानंद सरस्वती साधू संत के भेष में छुपे हुए दंगाई
के खिलाफ थाना सिटी कोतवाली में शिकायत दर्ज की।
नरसिंहानंद सरस्वती हिन्दोस्तान की गंगा जमनी तहज़ीब को खंडित करने वाला नेता है जिसने अपने एक इंटरव्यू में पूरे संसार के लिए रहमत और इंसानियत के मुहसिन हज़रत मुहम्मद ﷺ की शान में गुस्ताख़ी की और आप की शख्सियत पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर रहा है जो निंदनीय है यह भी स्पष्ट रहे कि इस्लाम धर्म में किसी भी धर्म के सम्मानित और धर्म गुरुओं को बुरा भला कहने से मना किया गया है, उसी धर्म के संस्थापक पैगम्बर ए इस्लाम के ख़िलाफ़ अपमानजनक शब्दो का इस्तेमाल कर उक्त व्यक्ति ने भारत के करोड़ो मुसलमानों की भावनाओं को ठेस पहुचाई है।
आज ऑल इंडिया उलमा व मशाएख़ बोर्ड 36 गढ़ यूनिट के उपाध्यक्ष क़ारी मोहम्मद इमरान अशरफ़ी एवं जनरल सेक्रेटरी नोमान अकरम हामिद की अगुआई में थाना सिटी कोतवाली में नामज़द रिपोर्ट कर शासन एवं प्रशासन से अनुरोध किया कि उक्त व्यक्ति के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई कर सज़ा दे और ये व्यक्ति जिस भी पार्टी से जुड़ा हुआ है उस पार्टी के लोग भी इस के खिलाफ ऐक्शन ले ताकि ऐसे लोगो पर लगाम लगे।
ज्ञात हो कि इससे पहले भी इसने सामाजिक समरसता और साम्प्रदायिक एकता को खंडित करने वाले बयान दिए हैं, कभी भूतपूर्व राष्ट्रपति डॉ.ए,पी,जे अब्दुल कलाम को पाकिस्तानी एजेंट बताकर भारतीय आयरनमेन का अपमान किया था।
अपने ऐसे बेतुके बयान से भारत के सम्मानित साधू संतो के समाज को भी ये व्यक्ति बदनाम कर रहा है जिसे हम कतई तौर पर बर्दाश्त नही कर सकते.
अतः प्रशासन इसपर गंभीरता पूर्वक अतिशीघ्र उचित करवाई करे ताकि समाज में उत्पन्न रोष का अंत हो और ऐसे बयानबाज़ों पर अंकुश भी लग सके

By: सलीम चिश्ती

पैगंबर की शान में गुस्ताखी बर्दाश्त नहीं फौरन कार्यवाही हो : सय्यद मोहम्मद अशरफ

12 अगस्त 2020 बुधवार नई दिल्ली
आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफ़ी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने कल बैंगलुरू में एक लड़के द्वारा फेसबुक पर पोस्ट कर पैगम्बरे इस्लाम की शान में अभद्र एवम अशोभनीय टिप्पणी किए जाने पर कड़े शब्दों में कहा कि इस तरह की घटनाओं को सरकार फौरन रोके और दोषी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की जाए।
कल शाम बैंगलुरू में यह खबर फैलते ही कि किसी विधायक के भतीजे ने ऐसी पोस्ट की है वहां के स्थानीय लोगों ने विधायक के घर के बाहर जमा होकर प्रदर्शन किया और उसके बाद पुलिस से उस लड़के की गिरफ्तारी की मांग की इसी बीच वहां से कुछ शरारती लोगों द्वारा उपद्रव किए जाने की खबर भी आई विषय पर बोर्ड ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए का उत्त रण लड़के की गिरफ्तारी की मांग कर्नाटक के मुख्मंत्री से की है।
हज़रत ने कहा जो लोग देश तोड़ना चाहते हैं और देश में नफरत फैलाना चाहते हैं उनके द्वारा ही इस तरह का काम किया जा रहा है सुरक्षा एजेंसियों को इस पर कड़ी निगाह रखनी चाहिए और ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्ती से निपटा जाना चाहिए दरअसल ऐसे लोग वैचारिक आतंकवादी हैं,जो बहुत खतरनाक है ।
उन्होंने कहा मुसलमानों को भी कानून के दायरे में रहकर विरोध दर्ज कराना चाहिए क्योंकि हिंसा पैगम्बर की तालीम नहीं है ,और हैं भी ऐसा करके कानून का उल्लंघन करके पैगम्बर की तालीम को अनदेखा कर रहे हैं जो अपनी तरह से गुस्ताखी है लिहाज़ा इस बात का ख्याल रखा जाए कि लोकतांत्रिक तरीके से ही अपनी बात रखी जाए ।
पथराव और आगजनी की तालीम हमें हमारा मजहब नहीं देता और जिनकी शान के लिए सड़कों पर आए हैं यह उनके दुश्मनों का अमल है इस बात को समझना होगा हालांकि कुछ खबरे ऐसी भी आ रही हैं कि भीड़ में कुछ से शरारती तत्वों ने घुस कर ऐसा काम किया है इसकी जांच होनी चाहिए।
पैग़म्बरे इस्लाम की शान में ज़रा भी गुस्ताखी मुसलमान बर्दाश्त नहीं कर सकता ऐसा करने वाले इंसानियत के दुश्मन हैं और देश के गद्दार वैचारिक आतंकवाद के वाहक है।