देश भक्ति का सैलाब है मुल्क में, भारत का भविष्य सुनहरा : सय्यद मोहम्मद अशरफ

26 जनवरी, नई दिल्ली
आल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फ़ोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने सभी देशवासियों को 71वां गणतंत्र दिवस की बधाई देते हुए कहा कि आज देश में देश भक्ति का सैलाब आया है जिसने दुनिया को संदेश दिया है कि भारत का भविष्य बहुत सुनहरा है।
उन्होंने लोगों को शिक्षा के लिए आंदोलन चलाने की बात कही, उन्होंने कहा कि सभी को इस ओर ध्यान देना है और लोगों को जिनके पास पैसे हैं, जो अपने बच्चों को पढ़ाने के अलावा दूसरे बच्चे की फीस जमा कर सकता है वह करे, जो दो बच्चों की फीस भर सकता है भरे और जो 4 बच्चे पढ़ा सकता है पढ़ाए क्योंकि मुल्क और समाज की तरक्की शिक्षा से ही होगी।
हज़रत ने कहा कि लोगों को हिंसा से अराजकता से बिल्कुल बचते हुए लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखनी चाहिए,हमें ख्याल रखना चाहिए कि किसी भी हालत में देश का नुक़सान न होने पाए, यह खुशी की बात है कि लोगों में जिस तरह का ज़ज़्बा अपने संविधान और देश के लिए देखा जा रहा है, जो बताता है कि मुल्क का भविष्य सुनहरा है और किसी भी विदेशी ताकत में यह ताकत नहीं है कि वह हमारे इस चमन को बांट पाए।
आज हर हाथ में तिरंगा है, हर ज़ुबान पर संविधान यह भारत की ताकत को दर्शाता है कि भले हज़ार असहमतियां हों लेकिन देश की बात आएगी हमारे तिरंगे के सम्मान की बात आएगी तो हम एकजुट हैं, सरकार और जनता के बीच खींचतान तो लोकतंत्र की खूबसूरती है लेकिन इसमें हिंसा का कोई स्थान नहीं है, सभी को गणतंत्र दिवस की बधाई और यह अपील भी कि इस चमन को आग से बचा कर रखना है ताकि यह फूल खूब खिले, खूब महके, वतन में हमेशा फसले बाहर रहे।

Yunus Mohani

मुल्क के नवजवानो ने बता दिया है मुल्क का भविष्य सुनहरा – सय्यद अशरफ

15 जनवरी नई दिल्ली,
आल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फ़ोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने कल दिल्ली के शाहीन बाग में चल रहे प्रदर्शन में शिरकत की उन्होंने इस मौके पर बामसेफ के अध्यक्ष वामण मेश्राम से मुलाक़ात भी की वह भी धरने को अपना समर्थन देने आए थे,धरना स्थल से लौटते समय उन्होंने प्रेस से कहा कि मुल्क की आवाम के दिल में मुल्क और संविधान को लेकर जो मोहब्बत है उसने यह बता दिया है कि मुल्क का भविष्य सुनहरा है।

हज़रत ने कहा कि जिस तरह लोगों ने मज़हब और जात पात का जाल तोड़ कर एकजुटता दिखाई है उसने मुल्क के दुश्मनों को सीधा संदेश दिया है कि भारत को कमजोर नहीं किया जा सकता किसी लम्हे के लिए लोगों को धोखा दे कर उन्हें वरगलाया जा सकता है लेकिन यह भाव हरगिज़ स्थाई नहीं रह सकता क्योंकि भारत की मिट्टी में गंगा जमुनी तहजीब बसती है,यहां ईद और दीवाली एक दूसरे को गले लगाकर ही पूरी होती है ,यह एकजुटता तोड़ने में दुश्मन टूट जाएगा मुल्क नहीं टूटने वाला है।

उन्होंने सरकार से इस मामले को गंभीरता से देखने और लोगों से संवाद स्थापित करने की सलाह देते हुए कहा कि मुल्क हट से नहीं संविधान से चलता है हमें और किसी भी प्रदर्शनकारी को किसी भी मजलूम को नागरिकता दिए जाने से कोई विरोध नहीं है ,लेकिन मजहबी कैद हरगिज़ सही नहीं है मजलूम कोई भी हो हमें उसके साथ खड़े होना होगा।
देश के युवाओं से संवाद स्थापित होना चाहिए ,उनकी समस्याओं को सुना जाना चाहिए और न्याय होना चाहिए ,जब पूरे देश में विरोध है तो पुनः विचार होना ,जेएनयू , ए एम यू,जामिया में छात्रों के साथ जो हिंसा हुई है उसकी सही जांच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही होनी चाहिए।हिंसा की कोई गुंजाइश नहीं है लोग इसका ख्याल रखें कि कोई बलवाई उनके बीच न घुसने पाए।

उन्होंने कहा कि यह धर्म विशेष का मामला नहीं है देश का है और सड़क पर किसी एक धर्म के लोग नहीं है बल्कि सभी भारत के लोग हैं इसका यही स्वरूप भारत की हकीकत है इसे समझा जाना चाहिए,छात्र और महिलाएं नेतृत्व कर रही हैं हम मुल्क के अच्छे भविष्य के लिए दुआ करते है।

Yunus Mohani

मस्जिद मन्दिर का फैसला अदालत करेगी आप अपने भविष्य का फैसला कीजिए : सय्यद मोहम्मद अशरफ

29/अक्टूबर,नई दिल्ली
बाबरी मस्जिद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई कब होगी इसका फैसला अब जनवरी में होगा इस पर बात करते हुए आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड  के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने साफ कहा कि ,”मस्जिद – मन्दिर का फैसला अदालत करेगी,आप अपने भविष्य का फैसला कीजिए” उन्होंने कहा कि अगर हमारे बच्चे अनपढ़ रहे ,हमारे नवजवान बेरोजगार रहे और लोगों को सही इलाज नहीं मिला तो यह बात  आप खुद सोचिए आपकी ज़िन्दगी कैसे होगी देश के हर नागरिक को इस दिशा में सोचना चाहिए।
देश में जिस तरह की बहस चल रही है उससे सिर्फ नुकसान के कुछ हासिल नहीं होगा लोग अपना भला बुरा नहीं सोच पा रहे हैं और वही सोचने और समझने पर मजबूर हैं जो उन्हें साजिश के तौर पर समझाया और दिखाया जा रहा है ,न तो यह खुद उनके हित में है और न ही हमारे मुल्क के।
उन्होंने कहा कि मुसलमानों को समझना चाहिए कि मुद्दा क्या है? जबकि आज हालात ऐसे हैं कि हम खुद में उलझे हुए हैं सही गलत का फैसला नहीं कर पा रहे हैं और कहीं न कहीं गलत लोगों के फेंके जाल में फस कर उनके ही एजेंडे को बढ़ाते हुए नजर आते हैं आपको समझना चाहिए कि हम कहां खड़े हैं और इस हालत को हम कैसे बदलेंगे इस पर सोचना चाहिए।
हज़रत ने कहा कि हमारे पास रसूले अकरम सल्लल्लाहू अलैहि वसल्लम की तालीम मौजूद है हालात को कैसे हमवार बनाया जाता है उसके लिए हयाते तय्यबा के हर पहलू पर हमें न सिर्फ गौर करना है बल्कि उसपर अमल भी करना है किस तरह मुश्किल हालात में हक कहा जाता है उसके लिए करबला मौजूद है जो सबक है हमारे लिए और औलिया अल्लाह किस तरह मोहब्बत के पैगाम को नफरत के तूफान के बीच सुनाते हैं और हवा बदल देते हैं हमें इस पर गौर और फिक्र करनी होगी।
मस्जिद को सजदो से सजाइए ,अपने बच्चो को पढ़ाइए,अफवाहों से दूर रहिए और एक अच्छे शहरी की सारी ज़िम्मेदारी निभाइए यही आपका भविष्य तय करेंगे यही मुसलमान की पहचान है कि वह अल्लाह और उसके रसूल के हुक्म पर अमल करे अपने वतन से मोहब्बत करे और लोगों के लिए फायदा पहुंचाने वाला हो बिना मजहब का  और ज़ात पात का फर्क किये।
हज़रत ने इंडोनेशिया में हुई विमान दुर्घटना पर गहरा दुख जताया उन्होंने कहा कि हम दुआ करते हैं कि सभी लोग सलामत बचा लिए जाएं और कोई जान का नुक़सान न हो हमारी संवेदनाएं उन परिवारों के साथ हैं जिनके घर के लोग इस हवाई जहाज़ में सवार थे अल्लाह उनको अपने हबीब के सदके इस मुसीबत के वक़्त में हिम्मत और सब्र अता फरमाए।
By: यूनुस मोहानी