हिंसा रोकने के लिए बयान नहीं युवाओं को रोज़गार दे सरकार – सय्यद मोहम्मद अशरफ

डीसा गुजरात :(18 जुलाई)
आल इंडिया उलमा मशाइख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने गुजरात में एक जलसे को संबोधित करते हुए कहा कि सियासत जान ले लेती है, चुनावी मौसम में हमे होशियार रहना होगा, किसी भी क़ीमत पर बहकावे में आकर अमन को खराब नहीं होने देना है.
हज़रत अपने एकदिवसीय दौरे पर गुजरात आये हुए थे, गुजरात के हालात पर चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि घिनौनी राजनीत का दौर है अब लोग असल मुद्दों से भटकाना चाहेंगे, कोई भी राजनेता विकास ,स्वास्थ्य या आपके रोज़गार की बात नहीं करेगा, सब बात कर रहे हैं जाति,धर्म की अब हमें समझना होगा कि हम क्या चाहतें हैं.
उन्होंने आये दिन भीड़ द्वारा की जा रही हिंसा पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह भीड़ बेरोज़गारों की वही टोली है जो अपने मुद्दे से भटक गयी है और हिंसा में अपना भविष्य तलाश कर रही है, दरअसल हमारे बेरोजगार युवा राजनीत का ईधन बन गए हैं, समाज के बुद्धजीवी वर्ग को आगे आना होगा इस गुमराह टोली को रास्ते पर लाने के लिए.
हज़रत ने प्रधानमंत्री जी को सलाह देते हुए कहा कि हिंसक टोलियों पर कड़े बयान देना समस्या का हल नहीं है, युवा वर्ग को रोज़गार देना इस समस्या का हल है, अब देश में हर हाथ को काम देने की बात की जानी चाहिए सिर्फ बात न हो उसे अमली जामा पहनाया जाए, स्वरोजगार स्थापित करने के लिए सरकार योजना बनाये. उन्होंने कहा कि हर साल बेरोज़गार युवाओं की संख्या बढ़ रही है, युवा शक्ति हताशा का शिकार है और उसकी उर्जा को नफरत फैलाने वाले गलत इस्तेमाल कर रहे हैं. हताश और कुंठित युवा खुद आसानी से देश के दुश्मनों के चंगुल में फँस जाता है और समाज के लिए समस्या पैदा करता है इसे रोकना होगा.
उन्होंने ने लोगों से कहा कि हम सब को खुद प्रयास कर नफरतों को रोकना होगा, इसके लिए हज़रत ख्वाजा गरीब नवाज़ रहमतुल्लाहअलैहि की तालीम “ मोहब्बत सबके लिए, नफरत किसी से नहीं ” पर अमल करना होगा.