डर के माहौल में शिक्षा संभव नहीं और बिना शिक्षा विकास : सय्यद मोहम्मद अशरफ

जेएनयू केम्पस में नाक़ाबपोश गुंडों का हमला देश के भविष्य पर हमला
6 जनवरी मुम्बई,
आल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फ़ोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने कल जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय के कैम्पस में हुई हिंसा की कड़ी निन्दा करते हुए कहा कि जो भी यूनिवर्सिटी कैम्पस में घुस कर इस तरह की हिंसा कर रहे थे फौरन उनकी गिरफ्तारी होनी चाहिए क्योंकि डर के माहौल में शिक्षा संभव नहीं है और शिक्षा के बिना विकास संभव नहीं।
हज़रत ने कहा कि यह वाकई हैरत में डालने वाली बात है कि इतने हथियारबंद लोग विश्विद्यालय में कैसे प्रवेश कर गये और लोकल सुरक्षा कर्मी उन्हें रोकते नहीं हैं, आखिर यह किस तरह का माहौल बन रहा है, अगर ऐसा ही चलता रहा तो लोग अपने बच्चों को कैसे पढ़ने के लिए भेजेंगे, इस तरह कैसे भारत पढ़ेगा और आगे बढ़ेगा।
उन्होंने कहा कि इस मामले में राजनीत नहीं होनी चाहिए यह भारत के भविष्य का सवाल है, सभी लोगों को एकजुट होकर इस तरह की घटनाओं को रोकने का प्रयास करना होगा यदि ऐसा नहीं हुआ तो देश का विकास बाधित होगा। जिन बच्चों को चोट आई है हम उनके जल्द स्वस्थ्य होने की दुआ करते हैं और छात्र छात्राओं को विश्वास दिलाना चाहते हैं कि देश के सभी अमन पसंद लोग आपके साथ खड़े हैं, आपको भयभीत होने की जरूरत नहीं है।
सभी विश्विद्यालयों के छात्र छात्राओं से हम यह अपील भी करते हैं कि किसी भी तरह की हिंसा का विरोध कीजिए और अगर आपके बीच कोई ऐसा करने की कोशिश करता है तो उसे रोक दीजिए, आप देश का भविष्य हैं और हम सब आपके साथ हैं। देश की कानून व्यवस्था पर भरोसा रखिए, मतभेद होना चाहिए मनभेद नहीं यही तरक्की की राह है, किसी के बहकावे में न आएँ न ही अफवाहों पर ध्यान दें।

यूनुस मोहानी