बुजुर्गों की कुर्बानी भूले तो आज़ादी का मकसद भी भूल बैठेंगे : सय्यद मोहम्मद अशरफ

15 अगस्त नई दिल्ली
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड ने इस बार कॉविड 19 के चलते स्वतंत्रता दिवस पर होने वाले अपने कार्यक्रम को ऑनलाइन किया और देश भर की सभी शाखाओं में भी ज़रूरी एहतियाती क़दम उठाते हुए झंडा रोहण किया गया सोशल मीडिया पर हुए कार्यक्रम “हम भारत के लोग” में बोलते हुए बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफ़ी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने कहा कि अगर हम बुजुर्गों कि कुर्बानी भूल जायेंगे तो आज़ादी के असल मकसद से भी दूर हो जायेंगे ।उन्होंने कहा कि हमें अपने बड़ों को याद करना होगा कि किस क़दर परेशानियां उठा कर उन्होंने इस मुल्क को आज़ादी दिलाई ,हमें इस आज़ादी का मोल समझना होगा तभी हम इसके साथ इंसाफ कर सकेंगे,स्वतंत्रता दिवस की सभी को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि अपनी ज़िम्मेदारी निभा कर मुल्क को आगे ले जाना है हमें इस बात को नहीं भूलना चाहिए।

बोर्ड के राष्ट्रीय कार्यकारणी सदस्य एवं कर्नाटक के प्रदेश अध्यक्ष हज़रत सय्यद तनवीर हाशमी ने कहा कि आज का यह दिन स्वतंत्रता सेनानियों के अथक प्रयासों से हमें मिला है ,हमने गुलामी की जंजीरों को तोड़ा लेकिन अफसोस हम नफरतों के दौर में जी रहे हैं हमें समझना होगा कि हिंदोस्तान की मजबूती का राज आपसी मोहब्बत भाईचारा और हमारी गंगा जमुनी तहजीब है इसे हर हाल में बचा कर रखना होगा तभी मुल्क बचेगा हज़रत ने भी सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी।

बोर्ड के राष्ट्रीय कार्यकारणी सदस्य और दरगाह रदौली शरीफ के सज्जादा नशीन हज़रत अम्मार अहमद निय्यार मियां ने आजादी की मुबारकबाद पेश करते हुए कहा हमारे बुजुर्गों ने देश को आजाद करा लिया लेकिन अब हमें भ्रष्टाचार व जहालत से आजादी हासिल करनी है तभी हम बुलंदियां हासिल कर सकेंगे

लोगों की खिताब करते हुए बोर्ड के राष्ट्रीय कार्यकारणी सदस्य हज़रत सय्यदी मियां मकनपुर शरीफ ने कहा कि यह हर भारतीय के लिए खुशी का दिन है हर भारतीय आज जोश में उमंग में है हमें याद रखना होगा कि हमारे बड़ों ने अपना खून दिया है इस आज़ादी के लिए, अगर वतन पर वक़्त आए तो हमें भी हर पल तैयार रहना होगा तालीम हासिल कर अपने मुल्क के काम आना है इस जज्बे को दिलों में बैठाने का यह दिन है ताकि हमारा मुल्क दुनियां का सबसे विकसित मुल्क बने।
बोर्ड के संयुक्त राष्ट्रीय सचिव एवं दरगाह अजमेर शरीफ के गद्दीनशींन हज़रत सय्यद सलमान चिश्ती ने लोगों को यौमे आज़ादी की मुबारकबाद पेश की उन्होंने कहा कि हमारा देश आज के दिन आजाद हुआ यह सब जानते हैं लेकिन हम उन नामों को धीरे धीरे भूलते जा रहे हैं जिनकी कुर्बानियों से यह मौका आया हमें लगातार लोगों को याद दिलाना होगा कि इस दिन की हमने क्या कीमत चुकाई है आज़ादी के असली माना क्या है।

यूथ विंग के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना अब्दुल मोइद अजहरी ने भी लोगों को इस मौके पर बधाई दी साथ ही देश के सामने खड़े खतरों और चुनौतियों की तरफ इशारा करते हुए कहा कि नफरत का जिस तरह प्रसार हो रहा है उससे देश कमजोर होगा और दुश्मन इससे खुश हो रहा है हम सब की साझा ज़िम्मेदारी है कि नफरत की फैलती आग को रोके और मुल्क की हिफाज़त के लिए दीवार बनकर खड़े हों।
कार्यक्रम का संचालन मौलाना मुख्तार अशरफ ने किया कार्यक्रम का समापन देश की तरक्की खुशहाली और शांति की दुआ के साथ हुआ।
Yunus Mohani

कुर्बानियों से मिली आज़ादी की हिफाज़त हमारी ज़िम्मेदारी : सय्यद मोहम्मद अशरफ

कुर्बानियों से मिली आजादी इसकी हिफ़ाज़त हमारी ज़िम्मेदारी – सय्यद अशरफ
14 अगस्त 2020 नई दिल्ली
आल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफ़ी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने आजादी की पूर्व संध्या पर सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए कहा कि यह आज़ादी हमें बड़ी कुर्बानियों के बाद हासिल हुई है इसकी हिफाज़त हम सब की ज़िम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि नफरतों से देश को कमजोर करने की भयानक साजिश चल रही है और एक प्रयास किया जा रहा है कि भारत की सुंदरता अनेकता में एकता को खत्म कर दिया जाए ,इससे सिर्फ देश कमजोर होगा और घाट लगाये बैठे दुश्मन इसका भरपूर फायदा उठायेगा ,सभी देशवासियों को इस साजिश को समझ लेना चाहिए और किसी भी प्रकार की हिंसा से दूर रहना चाहिए हमें अपने देश को आगे बढ़ाना है और यह हम आपस में लड़ कर नहीं कर सकते हमारी आपसी लड़ाई हमारे देश को कमजोर करती है।
हज़रत ने कहा कि सभी को सबकी भावनाओं की इज्जत करनी चाहिए और सभी धर्मों का सम्मान करना चाहिये यही निर्देश हमें हमारा धर्म भी देता है वतन से मोहब्बत आधा ईमान है यह पैग़म्बरे इस्लाम की तालीम है हमें इसपर अमल करते हुए अपने मुल्क को आगे ले जाना है हमें अपने बुजुर्गों कि कुर्बानी नहीं भूलनी चाहिए कि किस तरह 40 हज़ार से ज़्यादा उलमा की लाशे पेड़ों पर लटका दी गई लेकिन हमारे क़दम पीछे नहीं गए यह इस आजादी का मोल है यह आसानी से हासिल नहीं हुई।
उन्होंने कहा सभी लोग स्वतंत्रता दिवस पर शान से तिरंगा लहराते हुए यह निश्चय करें कि अब एक सूत्र के साथ हम इस देश को आगे ले जाएंगे नफरत किसी से नहीं मोहब्बत सबके लिए।

यूनुस मोहानी

غریبوں کی بھوک اور اپنی انا کو مٹانے کا تہوار ہے عیدالاضحیٰ :سید محمد اشرف

جولائی 31 2020 نئی دہلی ، آل انڈیا علماء و مشائخ بورڈ کے قومی صدر اور ورلڈ صوفی فورم کے چیئرمین حضرت سید محمد اشرف کچھوچھوی نے عید الاضحی کے موقع پر عوام کو مبارکباد دیتے ہوئے کہا کہ یہ تہوار لوگوں کی بھوک مٹانے اور ان کی انا کو مٹانے کا ہے. اپنے مالک ، پالنہار کے سامنے سرشار ہونے اور اسکی مرضی سے زندگی گزارنے اور قربانی پیش کرنے کا ایک سبق ہے عید الاضحٰی۔

حضرت نے کہا کہ یہ وہ قربانی ہے جو اللہ کے پیارے نبی حضرت ابراہیم خلیل اللہ اور حضرت اسماعیل ذبیح اللہ کی سنت ہے جسے انہوں نے اپنے رب کے حکم سے ادا کیا ، جبکہ ہمارے نبی حضرت محمد مصطفی صلی اللہ علیہ وآلہ وسلم نے اس کو فاقہ کشی کے خلاف ایک عظیم جنگ قرار دیا ہے۔ اور حکم دیا کہ قربانی کے گوشت کے تین حصے کیے جائیں ، جس کا ایک حصہ غریبوں کا ہو ، ایک رشتہ دار، دوست واحباب اور ایک خود کھا سکتا ہے ، اس طرح ان تین دن کے دوران ہر شخص کو کھانا پہنچانے کا اہتمام کیا جائے جس سے کسی شخص کی خود اعتمادی کو بھی تکلیف نہ پہنچے،اور یہ بھی پتہ چلے کہ کس کے پاس کھانا نہیں ہے اور بعد میں اس کی مدد کی جائے ، ہمیں اس پوشیدہ پیغام کو سمجھنا ہوگا تبھی ہم حقیقی مقصد تک پہنچیں گے۔

انہوں نے کہا کہ قرآن مجید میں واضح طور پر لکھا ہے کہ آپ کا خون اور گوشت مجھ تک نہیں پہنچتا ، لیکن پہنچتا ہے تو صرف تقویٰ ، اور تقویٰ اپنے رب کے سامنے سرشار ہونے کا نام ہے، آپ کی انا کی تباہی کا نام ہے ، لہذا اس تہوار کے اصل مقصد کو سمجھتے ہوئے صفائی کے خصوصی خیال کے ساتھ منائیں ، کسی بھی قیمت پر قانون کی خلاف ورزی نہ کریں ، جن جانوروں کی قانونی ممانعت ہے ہرگز قربانی نہ کریں ، جبکہ اپنے ساتھی بھائیوں کے جذبات کا خیال رکھیں۔

بورڈ نے قربانی کے تعلق سے جو ہدایات جاری کی ہیں ان پر عمل کرتے ہوئے عید منائیں، سبھی کو عید الاضحی کی پرخلوص مبارکباد.

نفلی قربانی کے بجائے لاک ڈاؤن میں بے روزگار غریب مزدوروں کی مالی مدد کریں: سید محمد اشرف

نئی دہلی (پریس ریلیز) ۲۵/جولائی

آل انڈیا علما ء و مشائخ بورڈ کے بانی وصدر اور ورلڈ صوفی فورم کے چیئرمین حضرت سید محمد اشرف کچھوچھوی نے کورونا وبا میں آنے والے تہوار عید الاضحی کے موقع پر مسلمانان ہند سے اپیل کرتے ہوئے کہا کہ ہمیں گورنمنٹ کے ذریعہ جاری کی گئی ضروری ہدایات پر عمل کرتے ہوئے قربانی کی سنت پر عمل کرنا ہے کیونکہ معاشرے کو ہر طرح کے فساد،بیماری،وبا وغیرہ سے بچنے کی ذمہ داری ہم پر ہمارے دین نے ڈالی ہے جسے ہمیں انجام دینا ہے جس میں ہمیں خاص باتوں کا خیال رکھنا ہے جس سے برادران وطن کے جذبات کو ٹھیس نہ پہنچے،اس لئے راستوں اور عوامی جگہوں پر قربانی نہ کریں بلکہ ممکن ہو تو بڑے احاطوں میں اہتمام کریں، جن جانوروں پر قانونی طور پر پابندی ہے ان کی قربانی کرنے سے پرہیز کریں۔ قربانی کا خون نالیوں میں نہ بہائیں بلکہ اسے دفن کریں، جانوروں کا وہ حصہ جو نہیں کھایا جاتا دفن کریں۔صاف صفائی کا خاص خیال رکھیں، کسی کو آپ کی وجہ سے پریشانی نہ ہو۔ قربانی کا ویڈیو بنا کر سوشل میڈیا پر نہ ڈالیں۔قربانی کے گوشت کو غریبوں اور پریشان حال لوگوں تک پہنچانے کا خاص انتظام کریں۔جو لوگ نفلی قربانی کا ارادہ رکھتے ہیں بہتر ہے کہ وہ سیلاب، کورونا وبا کے چلتے لاک ڈاؤن میں بھوک سے پریشان بے روزگار غریب مزدوروں یا دوسری مصیبتوں میں مبتلا لوگوں کی مالی مدد کریں، نظم و ضبط بنائے رکھیں اور قانون کی خلاف ورزی نہ کریں۔قربانی کے گوشت کو کھلا نہ لے جائیں، پولیس انتظامیہ کی مددکریں۔

ऑल इंडिया उलमा माशाईख बोर्ड के कार्यकर्ताओं ने वृक्षारोपण कर मनाया अपने अध्यक्ष का जन्मदिन।

5 जुलाई 2020, नौतनवां महाराजगंज
ऑल इंडिया उलमा माशाइख़ बोर्ड के कार्यकर्ताओं ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफ़ी फोरम के चेयरमैन विश्वविख्यात इस्लामिक धर्मगुरु हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी का जन्मदिन वृक्षारोपण कर मनाया इस अवसर पर लोगों ने अलग अलग स्थान पर पेड़ लगाये ।
देश के हर हिस्से में आल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड के कार्यकर्ताओं ने बड़े पैमाने पर पेड़ लगाये और ज़मीन को हरा भरा रखने का संकल्प दोहराया वैसे भी स्वयं बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने हर मौके पर लोगों से पेड़ लगाने की अपील की है ताकि हमारे इस काम से हम अपनी आने वाली नस्लों को शुद्ध हवा दे पाएं।वहीं इसके साथ हज़रत सय्यद अशरफ किछौछवी ने यह भी कहा कि पेड़ लगाते वक्त यह भी याद रखना चाहिए कि हमें पेड़ जैसा बनना है जो हमें हवा देता है,फल देता है , छाया देता है और जब सूख जाता है तो जलाने के काम आता है और किसी से उसका मजहब उसकी ज़ात उसका मसलक नहीं पूछता यही सूफिया का तरीका रहा है।उनकी इसी बात से प्रेरणा लेकर आज उनके जन्मदिन पर बोर्ड के कार्यकर्ताओं ने वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया।
महाराजगंज में हाजी सय्यद इफ्तेखार साहब, मौलाना कमरे आलम अलीमी साहब, सय्यद अफ़ज़ाल अहमद, सय्यद वहाज अहमद, सय्यद मोहम्मद अता, सय्यद मोहम्मद हस्सान, सय्यदा हिबा बतूल शकील हाशमी आसिफ हाशमी, वसीम सिद्दीकी,मोहम्मद अतीक़ अंसारी ओलमा मशाइख़ बोर्ड के जिला अध्यक्ष मौलाना बरकत हुसैन मिस्बाही व मीडिया इंचार्ज मास्टर शमीम अशरफी ने नौतनवां के G N मार्केट कंपाउंड में वृक्षारोपण कर राष्ट्रीय अध्यक्ष का जन्मदिन मनाया।

रमज़ान के सबक को पूरे साल याद रखने के अज़्म लेने का दिन है ईद : सय्यद अशरफ

25 मई ,दिल्ली
आल इन्डिया उलमा व मशाईख बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फ़ोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने देश एवम दुनिया के तमाम लोगों को ईद के पर्व की बधाई देते हुए कहा कि ईद का दिन हमने जो इबादतें की है पूरे रमज़ान के महीने में हमारे अल्लाह से उसकी मजदूरी मिलने का दिन है ,उन्होंने आगे कहा कि याद रखिए यह दिन सिर्फ खुश होने के लिए नहीं बल्कि इस बात का अपने रब से वादा करने का भी दिन है कि हमने माहे रमज़ान में जो सीखा है पूरे साल हम उस पर अमल करेंगे ,हमने खुद भूखा रह कर जो उन लोगों की भूख का अहसास किया है जिनके पास खाना नहीं है लिहाज़ा हम यह पूरी कोशिश साल के आइंदा महीनों में भी करते रहेंगे कि कोई भूखा न सोने पाये अगर ऐसा न हुआ तो रमज़ान का सबक हमने लिया ही नहीं।
हज़रत ने कहा कि पूरी दुनिया कोरोना की आफत से दो चार हैं लिहाज़ा हमें मदद का सिलसिला बंद नहीं करना है और लोगो की मदद करते रहना है ,इस बार की ईद एक अलग ही तरह की है जहां हम लोगो को गले नहीं लगा पायेंगे लेकिन इस बार दिल ज़रूर जुड़ें हैं गले मिलने का दिखावा नहीं है दिल मिले हैं क्योंकि इस लॉकडाउन ने हमें रिश्तों की अहमियत समझाई है हमें हमारे पड़ोसी के लिए हमारा फ़र्ज़ याद दिलाया है लिहाज़ा यह ईद ज़्यादा खुशी की ईद है।
हमें ईदगाहों में नमाज़ न पढ़ पाने का गम है लेकिन हम अल्लाह के बन्दों की मदद कर अपने रब का शुक्र अदा कर रहे हैं कि मालिक तूने हमें इस लायक बनाया कि हम तेरे बन्दों की मदद कर सके।उन्होंने कहा कि सभी लोग अपने घरों में रहकर ईद मनाएं अपने वालिदैन ,अपने बीवी बच्चो,भाई बहनों के साथ और सब मिलकर अपने रब से दुआ करें कि दुनिया जल्द इस कहर से आज़ाद हो और हम सब मस्जिदों को अपने सजदों से सजा दें।
उन्होंने कहा कि लॉकडाउन 31 मई तक है तो इस बार हमारे पास शव्वाल के 6 रोज़े रखने का पूरा मौका है जो पहले हम अपनी काहिली की वजह नहीं रख पा रहे थे इस बार हम अपने अल्लाह को राज़ी करने के लिए उसका भी एहतमाम करें,अपना फितरा जरूरतमंद तक ईद की नमाज़ से पहले पहुंचा दें और फिर अपने घर में अपने रब का शुक्र अदा करें।
सभी को ईद की खूब मुबारकबाद इस दुआ के साथ कि मालिक दुनिया को इस आफत से अपने हबीब के सदके आज़ाद कर दे और दुनिया में हर बीमार को शिफा दे,परेशानहालों की परेशानी दूर फरमाए और हमारा मुल्क अमन का गहवारा बने और खूब तरक्की करे।

Yunus Mohani

उलमा मशाईख बोर्ड दिल्ली व अल अशरफ ट्रस्ट का रमज़ान में राशन बाँटने का सिलसिला जारी !

26 अप्रैल 2020, नई दिल्ली

आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड और अल अशरफ ट्रस्ट के तत्वाधान में ज़रूरतमन्द व असहाय लोगों तक मदद पहुंचाने का सिलसिला रमज़ान के मुबारक महीने में भी जारी है, बोर्ड के लोग हर जगह ज़रूरतमंदों तक राशन किट और दूसरी ज़रूरी सहायता पहुंचा रहे हैं।
बोर्ड दिल्ली शाखा के सेक्रेटरी सय्यद शादाब हुसैन रिज़वी अशरफी के नृतत्व में सय्यद सऊद अख्तर व उम्मे फातिमा अशरफ अन्य के साथ मिलकर दिल्ली में लॉक डाउन के पहले दिन से दिल्ली के कोने कोने में पहुँच कर हक़दार तक राशन पहुँचा रहे हैं, यह सिलसिला रमज़ान शरीफ में भी जारी है, पहले रोज़े बोर्ड दिल्ली शाखा ने लगभग 100 हक़दार घरों तक राशन पहुँचाया ताकि उन्हें रोज़े रखने में कोई परेशानी पेश न आए.

बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी की लोगों से हर जरूरतमंद शख्स की हर संभव मदद पहुंचाने की अपील के बाद से राष्ट्रीय स्तर पर यह काम किया जा रहा है।

बोर्ड ने सभी से अपील की है कि देशभर में लोग सिर्फ अपने घर के 100 मीटर के दायरे की ज़िम्मेदारी उठा लें तो पूरे देश में कहीं कोई भूख से नहीं मर सकता, इस तरह हम भूख के साथ कोरोना को हरा कर नई तारीख लिख सकते हैं कि जिस देश में इतनी बड़ी आबादी रहती हो वहां लाकडाउन के बावजूद भी लोगों ने यह बताया कि इंसानियत के जरिए हम बड़ी से बड़ी चुनौती को पार कर सकते हैं। नबी की तालीम यही है कि अगर तुम्हारा पड़ोसी भूखा है और तुम खाना खा रहे हो तो तुम हरगिज़ मोमिन नहीं हो सकते, देश के 30 करोड़ मुसलमान इस पर अमल कर देश के सभी भूखों का पेट भर दे इसके लिए उन्हें सिर्फ 2 लोगों के खाने का इंतजाम करना है।

AIUMB & World Sufi Forum extend help in Centre’s bid to mainstream the Madrasas and uplift minorities

New Delhi: June 13, 2019

 The World Sufi Forum’s chairman, Syed Mohammad Ashraf Kichhowchhawi, President & Founder of All India Ulama & Mashaikh Board (AIUMB), an apex body of Sufi Muslims in India applauded and spiritedly welcomed the Centre’s decision to mainstream and modernise the Madrasas across the country.

The Modi government’s focus on the development of the Madrasa education is part of the actual inclusive policies aimed at the betterment of the Muslim minority community rather than the appeasement politics, he said.

Syed Mohammad Ashraf Kichhowchhawi said: “For this historic initiative, I personally thank Prime Minister Narendra Modi and Union Minister for Minority Affairs Mukhtar Abbas Naqvi and pray for the ultimate success in the implementation of this desirable proposal. This goes in full spirit of ‘Sabka Saath Sabka Vikas’ if the plan is put into action.”

He further said that if Madrasas are connected with formal education and mainstream education, lakhs of students enrolled over there can contribute more vigorously to the development of the nation. Syed Kichhowchhawi showed full cooperation to uphold the cause of “Hold Quran in one hand and computer in other” in the nook and corner of the country.

This welcome move reflects an ongoing internal overhaul in the outlook of the BJP leadership towards the Muslims. While the Modi government is gearing up for a major reformation in the madrasa education system, AIUMB seeks to extend all possible support in introducing the new vocational courses, tech-based education programmes and professional skill development will in the Madrasa educational curricula.

As an apex organisation of Indian Sufi Muslims, All Indian Ulama and Mashaikh Board (AIUMB), reaffirms its commitment to work with the Narendra Modi government for mainstreaming the Madrasas, countering extremism and radicalism, setting up education centres to curb the foreign radical ideologies.

“The AIUMB will help prepare the syllabus for such education centres in Muslim areas where counter-extremism Islamic courses based on pluralistic Indian ethos are taught”, said the founder and president of AIUMB and chairman of World Sufi Forum. “Sufism is a way of life and is above religion. It stands for peace. Wherever Sufi ideology got weakened, terrorism grew. The example is Kashmir,” he added.

Kichhowchhawi, however, warned of intermediaries between the Muslims and the Modi government and said that they want the Prime Minister to establish direct contact with the mainstream minorities of India, including the Muslims. He also reminded of PM Modi’s remarks in his Mann ki Baat in which he spoke about his interaction with the Sufi leaders: “I had the opportunity of meeting Sufi saints and scholars… Perhaps, it has become the foremost need for the world to know the true picture of Islam… I am confident that Sufi culture, which is associated with love and generosity will spread this message far and wide. It will benefit Islam as well as humankind”.

In the World Sufi Forum held in March 2016, the AIUMB had submitted a 15-point memorandum to Modi government, demanding among other things, setting up of a Sufi research centre in Delhi and creation of a “Sufi circuit” to promote syncretic Sufi culture, tourism to Indian Sufi shrines.

بہار اسٹیٹ مدرسہ ایجوکیشن بورڈ کے نصاب سے انگریزی مضمون کو ختم کرنے سے بہارمدارس کے بچوں کا مستقبل خطرے میں: سید محمد اشرف کچھوچھوی 

چتوڑگڑھ،راجستھان،۱؍ستمبر(پریس ریلیز) بہار اسٹیٹ مدرسہ ایجوکیشن بورڈ کی جانب سے فوقانیہ اور مولوی امتحانات سے لازمی پیپر انگریزی جو 100 نمبر کا تھا جسے ہٹا نے سے سیدھا نقصان طلبہ و طالبات کا ہوگا۔ ان خیالات کا اظہار آل انڈیا علماء و مشائخ بورڈ کے قومی صدراور ورلڈ صوفی فورم کے چیئرمین حضرت سید محمد اشرف کچھوچھوی نے چتوڑ گڑھ سے جاری ایک بیان میں کیا۔
بورڈ کے قومی صدر نے کہا کہ طلبہ و طالبات کو کسی بھی یونیورسٹی میں کسی بھی شعبے میں داخلہ لینے کے لئے یا روزگار حاصل کرنے کے لئے انگریزی زبان کا ہونا لازمی ہے۔موجودہ دور میں زیادہ تر علمی معلومات اسی زبان میں میسرہیں جس سے مستفیدہونے کے لیے ضروری ہے کہ اس زبان پر تحریری اور زبانی اعتبار سے دسترس حاصل کی جائی لیکن اس کو ہٹاکر بہار مدرسہ بورڈ نے طلبہ و طالبات کے مستقبل کے ساتھ کھلواڑ کیا ہے اور ساتھ ہی ایجوکیشن بورڈ کے ذریعہ قدیم مدت سے چلی آرہی روایتوں سے ہٹ کر جمعہ کے دن امتحان بھی کرایا گیا ہے جو کہ غلط ہے۔
ان حرکتوں سے پتہ چلتا ہے کہ حکومت بہار نے پورا ارادہ کر لیا ہے کہ مدرسہ بورڈ ختم کردیا جائے جس کا تازہ نمونہ یہ بھی ہے کہ اگست کی آخری تاریخوں میں فوقانیہ اور مولوی جماعت کا امتحان کروایا جا رہا ہے تاکہ کوئی بھی طلبہ و طالبات دیگر کالجوں اور یونیورسٹیوں میں داخلہ نہ لے سکیں کیونکہ ملک کے بیشتر تعلیمی اداروں میں جولائی ماہ ہی میں داخلہ کی کار روائی مکمل کر لی جاتی ہے۔
انہونے یہ بھی کہا کہ یادرکھئے اگر مدرسہ بورڈ کو حکومت نے ختم کردیا تو ہمارے بچوں کا مستقبل تو ختم ہوگا ہی ساتھ ہی ہمارے گھروں میں بے روزگاری بھی بڑھے گی اس لئے آل انڈیا علما و مشائخ بورڈ حکومت بہار سے اسکو بحال کرنے کا پر زور مطالبہ کرتا ہے۔

World Sufi Forum and AIUMB congratulate Turkish President Recep Tayyip Erdogan for his Re-election

New Delhi, June 27
Founder of World Sufi Forum and AIUMB President Hazrat Syed Ashraf Kichchauchwi has sent a letter of felicitation to Turkish President Recep Tayyip Erdogan for his historic re-election in the Turkish presidential election.
In the letter, AIUMB President has congratulated the Turkish President and said that, this victory belongs to the peoples of the friendly nation of Turkey. The Turkish people have strengthened the hand of the re-elected President Recep Tayyip Erdogan by voting in favour of the President Erdogan.
“We hope that under the dynamic leadership of President Erdogan, Turkey will move ahead towards peace, progress and prosperity”, he said.
“We are praying for the long life, good health and constant success for the Turkish President Recep Tayyip Erdogan”, he said.