قرآنی آیات پر عدالت کافیصلہ دستور ہند اور مسلمانوں کے جذبات کاترجمان:سید محمد اشرف کچھوچھوی

اپریل14/،نئی دہلی(پریس ریلیز)
جیسا کہ توقع تھی سپریم کورٹ نے پیر کو اتر پردیش شیعہ وقف بورڈ کے سابق چیئرمین وسیم رضوی کی رٹ پٹیشن کو مسترد کردیا ہے، جس میں اس نے مبینہ طور پر تمام تر تاریخی حقائق کو یکسر نظر انداز
کرتے ہوئے قرآن پاک سے کچھ آیات کو ہٹانے کا مطالبہ کیا تھا۔ ان کا دعویٰ تھا کہ یہ آیات مبینہ طور پر غیر مسلموں کے خلاف تشدد کو فروغ دے رہی ہیں۔جو کہ ایک جھوٹ اور زہریلا پروپیگنڈا کے سوا کچھ نہ تھا۔دراصل وسیم بد بخت نے اپنے اس زہریلے اور گستاخانہ بیان سے اپنی کرپشن اور بد اعمالیوں سے جانچ ایجینسیوں کی توجہ ہٹانی تھی۔جس میں ناکام رہا۔اس کی جانچ کی فائل بھی کھل گئی ہے اور الحمد للہ!اس کی پی آئی ایل بھی سپریم کورٹ سے خارج ہوگئی۔
جسٹس آر ایف نریمن کی سربراہی والی بنچ نے رٹ پٹیشن کو خارج کرتے ہوئے کہا کہ یہ ایک بالکل بے وقوفانہ،غیر سنجیدہ پٹیشن ہے۔یہی نہیں عدالت نے درخواست دائر کرنے پر درخواست گزار پر50 ہزار روپے کا جرمانہ عائد کیا ہے۔ جب معاملہ کو اٹھایا گیا تو جسٹس نریمن نے وکیل سے پوچھا کہ کیا وہ درخواست کو لے کر سنجیدہ ہیں؟ سینئر ایڈووکیٹ آر کے رائے زادہ،جو رضوی کی طرف سے وکیل ہیں، نے جواب دیا کہ وہ مدرسہ تعلیم کے ضوابط تک درخواست کو محدود رکھے ہوئے ہیں۔ اس نے کہا کہ بعض آیات کا لفظی ترجمہ غیرمسلموں کے خلاف تشدد کو فروغ دیتا ہے اور اس لیے انھیں پڑھانے سے بچوں کو یقین ہوسکتا ہے۔
وکیل نے کہا کہ میری تجویزیہ ہے کہ یہ پیغام غیر مسلموں کے خلاف تشدد کی وکالت کرتا ہے۔ بچوں کو معصوم عمر میں مدرسوں میں اسیر بنا کر رکھا جاتاہے۔ طلبہ کوایسی تعلیم نہیں دی جانی چاہیے اور ایسے نظریات کی مارکیٹنگ میں کوئی جگہ نہیں ہوسکتی۔ میں نے مرکزی حکومت کو کارروائی کے لیے لکھا ہے، لیکن کچھ بھی نہیں ہوا۔مرکزی حکومت اور مدرسہ بورڈ کو یہ یقینی کرنے کے لیے بلایا جا سکتا ہے کہ تشدد کی وکالت کرنے والی آیات کی لغوی تعلیم سے بچنے کے لیے کیا اقدامات اٹھائے گئے ہیں۔حالانکہ بنچ اس معاملے پر غور کرنے کو تیار نہیں تھی اور اس درخواست کو‘’بالکل فضول، سطحی اور غیر سنجیدہ‘ قرار دیتے ہوئے مسترد کردیا اور 50,000 روپے جرمانہ عائد کیا۔
ہم عدالت عالیہ کے شکر گزار ہیں کہ اس نے بر وقت صحیح اور آئینی قدم اٹھا تے ہوئے وسیم رضوی کی دائر کردہ پی آئی ایل کو خارج کردیا،جس سے آنے والے دورا کے ایک اہم فتنے کا سد باب ہوگیا۔رہ گئی بات وسیم رضوی کے وکیل کی دلیل کی تو اس میں کوئی دم خم نہیں،اس کے دلیلوں کو عادالت عالیہ نے یکسر مسترد کردیا۔ یہ ایک حقیقت ہے کہ یہ کامیابی کسی ایک فرد یاتنظیم کی نہیں ہے کہ بلکہ پورے ملک کے تمام محبین وطن اور فرزندان اسلام کی اجتماعی کوششوں کا نتیجہ ہے،اس میں ہر مکتب فکر کے لوگوں نے کوشش کی،خاص کر وسیم رضوی جس فرقے سے ہو نے کادعویدار ہے اس نے بھی بڑھ چڑھ کر اس کے رد وابطال میں حصہ لیا۔آل انڈیا علما ومشائخ بورڈ ہمیشہ ہی مسلم مسائل کو امن اور قانون کے دائرے میں رہتے ہوئے حل کر نے کی وکالت کرتا ہے۔الحمد للہ۔بورڈ کی اکثر شاخوں کی جانب سے اس کے خلاف احتجاج اور مظاہرہ ہوا،اور حسب قانون وانتظام میمورنڈم بھی جگہ جگہ پیش کیاگیا۔اور آئندہ بھی اس طرح کے مسائل میں اسی طرح کا لائحہ عمل طے کیا جائے گا۔البتہ میں عدالت عالیہ سے درخواست کروں گا کہ صرف جرمانے سے وسیم رضوی کے جرم پر پردہ نہیں ڈالاجاسکتا۔اسے ہر حال میں گرفتا رکیا جائے اور اسے قرار واقعی سزادی جائے۔بورڈ کے تمام رضا کاران،ممبران،اور عوام اہل سنت کا شکریہ جنھوں نے میری آواز پر لبیک ک ہتے ہوئے،بورڈ کے بینر تلے اس ملعون ک؁ خلاف جمع ہو کر اپنے جذبہ ایمانی کاثبوت پیش کیا۔اللہ تعالی ہمیں اسی طرح استقامت اور پامردی سے ملت کے کاموں کو کرنے کی توفیق رفیق ؑطا فرمائے۔آمین

ऐआईयूएमबी छत्तीसगढ़ शाखा ने नरसिंहानन्द के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी

रायपुर, 06,अप्रेल, 2021
ऑल इंडिया उलमा व मशाएख़ बोर्ड 36 गढ़ यूनिट
ने नरसिंहानंद सरस्वती साधू संत के भेष में छुपे हुए दंगाई
के खिलाफ थाना सिटी कोतवाली में शिकायत दर्ज की।
नरसिंहानंद सरस्वती हिन्दोस्तान की गंगा जमनी तहज़ीब को खंडित करने वाला नेता है जिसने अपने एक इंटरव्यू में पूरे संसार के लिए रहमत और इंसानियत के मुहसिन हज़रत मुहम्मद ﷺ की शान में गुस्ताख़ी की और आप की शख्सियत पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर रहा है जो निंदनीय है यह भी स्पष्ट रहे कि इस्लाम धर्म में किसी भी धर्म के सम्मानित और धर्म गुरुओं को बुरा भला कहने से मना किया गया है, उसी धर्म के संस्थापक पैगम्बर ए इस्लाम के ख़िलाफ़ अपमानजनक शब्दो का इस्तेमाल कर उक्त व्यक्ति ने भारत के करोड़ो मुसलमानों की भावनाओं को ठेस पहुचाई है।
आज ऑल इंडिया उलमा व मशाएख़ बोर्ड 36 गढ़ यूनिट के उपाध्यक्ष क़ारी मोहम्मद इमरान अशरफ़ी एवं जनरल सेक्रेटरी नोमान अकरम हामिद की अगुआई में थाना सिटी कोतवाली में नामज़द रिपोर्ट कर शासन एवं प्रशासन से अनुरोध किया कि उक्त व्यक्ति के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई कर सज़ा दे और ये व्यक्ति जिस भी पार्टी से जुड़ा हुआ है उस पार्टी के लोग भी इस के खिलाफ ऐक्शन ले ताकि ऐसे लोगो पर लगाम लगे।
ज्ञात हो कि इससे पहले भी इसने सामाजिक समरसता और साम्प्रदायिक एकता को खंडित करने वाले बयान दिए हैं, कभी भूतपूर्व राष्ट्रपति डॉ.ए,पी,जे अब्दुल कलाम को पाकिस्तानी एजेंट बताकर भारतीय आयरनमेन का अपमान किया था।
अपने ऐसे बेतुके बयान से भारत के सम्मानित साधू संतो के समाज को भी ये व्यक्ति बदनाम कर रहा है जिसे हम कतई तौर पर बर्दाश्त नही कर सकते.
अतः प्रशासन इसपर गंभीरता पूर्वक अतिशीघ्र उचित करवाई करे ताकि समाज में उत्पन्न रोष का अंत हो और ऐसे बयानबाज़ों पर अंकुश भी लग सके

By: सलीम चिश्ती

पैग़म्बरे इस्लाम की शान में गुस्ताखी करने वाले मुल्क में फसाद फैलाना चाहते हैं : सय्यद मोहम्मद अशरफ

3 अप्रैल 2021, शनिवार, नई दिल्ली
पैग़म्बरे इस्लाम की शान में नरसिंहानंद नाम के विदेशी एजेंट द्वारा अशोभनीय टिप्पणी किए जाने पर सख्त गुस्से का इज़हार करते हुए आल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफ़ी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने कहा कि मुल्क में बड़े पैमाने पर दंगे भड़काने की साजिश की जा रही है, कोरोना वायरस के दुबारा बड़ रहे संक्रमण के बीच देश को अस्थिर करने की व्यापक साजिश रची जा रही है ,दुनिया जानती है कि नबी की शान में गुस्ताखी को किसी भी कीमत पर मुसलमान बर्दाश्त नहीं कर सकते और यह ऐसा मामला है जिसपर मुसलमान किसी मसलक में बंटे बिना एकजुट है लिहाज़ा देश में बड़े पैमाने पर दंगे करवाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यह मामला बहुत गंभीर है, एक देश और इंसानियत के दुश्मन द्वारा पैग़म्बरे अमन के खिलाफ जिस तरह की अपमानजनक टिप्पणी की गई है ,जिससे मुसलमानों में शदीद गुस्सा है लगातार विदेशी ताकतों द्वारा प्रयास हो रहा है और इसी के चलते विद्या प्रकाशन प्राईवेट लिमिटेड द्वारा छापी गई कक्षा 4 में पढ़ाई जाने वाली किताब में पहले एक फर्जी खाका पैग़म्बरे इस्लाम का छापा गया और उसी समय नरसिंहानंद नामक वैचारिक आतंकवादी द्वारा ऐसी घिनौनी बात की गई जो साफ तौर से देश को सांप्रदायिक दंगों में झिकने की व्यापक साजिश दिखाई पड़ती है,जब देश के 5 राज्यों में चुनाव चल रहा है ऐसे में ऐसी घटना होना साफ इशारा करता है कि यह एक गहरी साजिश है।
सभ्य समाज में इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता ,किसी भी धर्म का चोला ओढ़ कर किसी दूसरे धर्म के खिलाफ जहर उगलने वाला व्यक्ति किसी भी कीमत पर धार्मिक नहीं हो सकता वह सिर्फ आतंकी ही हो सकता है और आतंकवादियों की समाज में कोई जगह नहीं है सरकार को इस व्यक्ति की तुरंत गिरफ्तार करना चाहिए और उससे कड़ी पूछताछ कर इस गहरी साजिश का पर्दाफाश करना चाहिए।
हज़रत ने कहा कि देश के मुसलमानों में गहरा गम और गुस्सा है हम सभी से शांति बनाए रखने की अपील करते हैं ताकि इन आतंकवादियों की साजिश कामयाब न होने पाए अपने गुस्से का इज़हार कानूनी तौर पर करें किसी भी कीमत पर कानून का उल्लंघन न करें ,पैगम्बर की शान में गुस्ताखी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता और मुसलमान सबकुछ अपने नबी की शान के लिए लुटा सकता है हमारी जान आका की शान पर कुर्बान है लेकिन हमें ध्यान रहना चाहिए कि अगर हमने नबी की तालीम से मुंह मोड़ा तो हम भी गुस्ताखी करेंगे लिहाज़ा आतंक का मुक़ाबला कानून का सहारा लेकर किया जाना चाहिए,पैग़म्बरे अमन की तालीम है अमन कायम करना इसे हमें नहीं भूलना है और इन आतंकियों को जवाब देना है कि उस नबी के उम्मती है जिसने दुनिया को जन्नत बनाने का हुनर अपने अनुयायियों को सिखाया।
उन्होंने कहा कि सरकार तुरंत इस पर कार्यवाही करे,उन्होंने बताया कि आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड व्यापक तौर से देशव्यापी मुहिम चलाएगा और जबतक इस आतंकी को गिरफ्तार नहीं किया जाता तबतक हैं खामोश नहीं बैठने वाले ,हमने देश के प्रधानमंत्री और गृहमंत्री सहित अल्पसंख्यक आयोग को शिकायत कर कार्यवाही की मांग की है और देश भर में एफआईआर कराई जा रही है,देश में किसी भी तरह माहौल खराब नहीं होना चाहिए अगर ऐसा होता है तो आतंकी विचार जीतेगा इस बात को खास ख्याल रखा जाना चाहिए।

وسیم رضوی کی سیاسی مفاد کے لئے گھٹیا حرکت: سید محمد اشرف کچھوچھوی

آل انڈیا علماء ومشائخ بورڈ کا عدالتی کارروائی کا انتباہ
نئی دہلی 13/مارچ(پریس ریلیز)
وسیم رضوی کے قرآن کریم کی 26/ آیات کو قرآن پاک سے ہٹانے اور مذکورہ آیات کو دہشت گردی کو فروغ دینے کا سبب قرار دیتے ہوئے سپریم کورٹ میں عرضی داخل کرنے پر آل انڈیا علما ومشائخ بورڈ کے قومی صدر و ورلڈ صوفی فورم کے چیئرمین حضرت سید محمد اشرف کچھوچھوی نے عدالتی کارروائی کی بات کہتے ہوئے عوام سے مشتعل نہ ہونے، احتجاج و مظاہرہ و جلسے اور سوشل میڈیا پر گالی گلوج نہ کرنے کی اپیل کی ہے۔ بورڈ کے صدر نے کہا کہ وسیم رضوی کی یہ حرکت صرف پبلیسٹی بٹورنے اور سیاسی مفادات حاصل کرنے کی غرض سے کی گئی گھٹیا حرکت ہے، ملحد وسیم رضوی نے قرآن کریم کے حوالے سے جو بد بختانہ اور گستاخانہ بیان دیاہے وہ کسی بھی طرح قابل قبول نہیں،یہ وہ مطالبہ ہے جس کی جرات وہمت پچھلی صدیوں میں بڑا سے بڑا دشمن اسلام نہیں کر سکا۔حتیٰ سرکار رسالت مآب کے زمانے میں اہل کتاب یہودونصاریٰ بھی نہ کر سکے۔افسوس کہ مسلمانوں کا ہمیشہ سے المیہ رہاہے کہ جوکام دشمن پوری طاقت وقوت کے باوجود نہیں کر سکتا اسے مسلمانوں میں سے دلال کھڑے کر کے کروانے کی کوشش کرتا ہے۔
حضرت نے مزید کہا کہ قرآن اللہ کی کتاب ہے اور رسول اکرم کا قیامت تک باقی رہنے والا معجزہ ہے جس میں تبدیلی کی ذرہ برابر بھی گنجائش نہیں،وسیم رضوی کی حرکت کوئی نئیبھی نہیں ہے،اس سے پہلے بھی کئی بار اسلام اور شعائر اسلام کے خلاف ایسی حرکتیں ہوتی رہی ہیں۔اسلام دشمن طاقتوں کو سب سے زیادہ تکلیف جس بات سے ہے وہ قرآن کا محفوظ ومامون ہو نا ہے،کیونکہ دنیا جہان کی کتا بیں بد ل گئیں مگر قرآن آج تک نہیں بدلااور یہ اس کی حقانیت کی دلیل ہے۔قرآن کریم میں صاف لکھا ہے کہ قرآن کو اللہ نے نازل کیا ہے اور وہی اس کی حفاظت کرنے والاہے۔لہٰذا قرآن پاک کا ایک لفظ بھی ادھر ادھر نہیں کیا جا سکتا۔ لیکن اس کا یہ بھی مطلب نہیں کہ ہم ہاتھ پر ہاتھ دھرے بیٹھے رہیں،بلکہ ہر قانونی طریقے سے اس کی مخالفت کی جائے،اس کے خلاف احتجاج درج کرایاجائے۔مگر صبر اور ہوش وحواس کادامن ہاتھ سے نہ جانے دیاجائے۔کسی بھی علاقے کے ذمہ داران جب آپ کو آواز دیں تو قانونی بالادستی قائم رکھتے ہوئے احتجاج میں شریک ہوں اور زیادہ سے زیادہ ضلع مجسٹریٹ اور گورنر کومیمورنڈم دیں۔اگر کورٹ میں کارروائی ہوتی ہے تو اس کو فالوکریں اور اپنا ہر ممکن تعاون پیش کریں۔

Husain Sherani

नफरत का इलाज सिर्फ मोहब्बत है, इसी से समाज का इलाज सम्भव: सय्यद मोहम्मद अशरफ

नफरत का इलाज सिर्फ मुहब्बत है इसे से समाज का इलाज संभव – सय्यद अशरफ

19 फरवरी 2021 शुक्रवार, अजमेर राजस्थान

हज़रत ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती रहमतुल्लाह अलैहि के उर्स के मौके पर आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफ़ी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने दुनिया भर में हज़रत ख़्वाजा गरीब नवाज से अकीदत रखने वालों को उर्स की बधाई देते हुए कहा कि दुनिया का इलाज सिर्फ मुहब्बत है ,क्योंकि मुहब्बत नाइंसाफी को खतम करती है और इंसाफ हर बुराई को खतम कर देता है ,क्योंकि बिना इंसाफ कायम किए अमन नहीं हो सकता।

नाइंसाफी से नफरत पनपती है और नफरत सिर्फ नुकसान कर सकती है इससे कोई फायदा हासिल नहीं किया जा सकता है,उन्होंने उर्स के मौके पर चिश्ती मंज़िल झालरा दरगाह अजमेर शरीफ में आयोजित बोर्ड की प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने यह विचार रखे।
बोर्ड की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य हज़रत अम्मार अहमद अहमदी उर्फ नय्यर मियां रुदौली शरीफ ने कहा कि समाज में हमेशा मुहब्बत का संदेश इन सूफियों की बारगाह से दिया जाता रहा है , इन वालियों की चौखट पर कभी किसी से उसका मज़हब,उसकी जात उसकी पहचान नहीं पूछी गई हमेशा बिना किसी भेदभाव के लोगों की ज़रूरत को पूरा किया गया यही वजह है कि हज़रत ख्वाजा गरीब नवाज़ के आंगन में एक ऐसा गुलदस्ता नजर आता है जिसमें हर रंग ,नस्ल के फूल है जो आप पर निसार हुए जाते है उन्होंने सभी को उर्स की मुबारकबाद दी।
बोर्ड के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य हज़रत सय्यदी मियां मदारी मकनपुर शरीफ ने कहा कि आपसी भाईचारे की जो सीख सूफियों ने दी वह हमारे मुल्क की मजबूती की जमानत है अगर इसे तोड़ा गया तो देश का नुकसान तय है,मुहब्बत ही एक ऐसा रास्ता है जिससे दुनिया को खूबसूरत बनाया जा सकता है उन्होंने लोगों को उर्स की मुबारकबाद देते हुए कहा कि हज़रत ख्वाजा गरीब नवाज़ से अकीदत का पहला क़दम यह है कि सबसे मुहब्बत की जाए।
बोर्ड के कर्नाटक राज्य के प्रदेश अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य हज़रत सय्यद तनवीर मियां ने कहा कि हज़रत ख्वाजा गरीब नवाज़ रहमतुल्लाह अलैहि का पैग़ाम नफरत किसी से नहीं मुहब्बत सबके लिए इस दौर में कामयाबी का नारा है क्योंकि जिस तरह हर रोज़ नफरत को परोसा जा रहा है और आग लगाने की कोशिश हो रही है यही पैग़ाम है जो हमें महफूज़ रख सकता है उन्होंने लोगों को उर्स की मुबारकबाद देते हुए कहा कि अब होशियार भी रहना होगा क्योंकि नफरत ने मुखौटा बदला है और मुहब्बत के आंगन को अपनी साजिशों के लिए इस्तेमाल करने का मंसूबा बना लिया है लिहाज़ा नफरत वाला अगर कोई संदेश या किसी नफरत के एजेंडे को पैरवी अगर यहां का सहारा लेकर की जाए तो समझ जाए कि यह नकली पैकिंग वाला है जिसने खाल ओढ़ ली है।
बोर्ड के राष्ट्रीय सचिव सय्यद सलमान चिश्ती ने लोगों को उर्स की मुबारकबाद देते हुए कहा कि दुनिया कोरोना के बाद काफी बदली है और हमने समझ लिया कि नफरत से सिर्फ नुकसान है और मुहब्बत ही अकेला रास्ता है कामयाबी का लिहाज़ा सभी हुज़ूर गरीब नवाज़ के पैग़ाम पर अमल करें।

इस मौके पर बोर्ड द्वारा मास्क का वितरण जायरीनों के बीच किया गया और देश एवम दुनिया की सलामती की दुआ की गई देश में मुहब्बत ,अमन,और इंसाफ कायम रखने का अज्म भी लिया गया।
यूनुस मोहानी

जिससे मुल्क में खुशहाली आती हो उस बात का समर्थन : सय्यद मोहम्मद अशरफ

13 दिसंबर,2020,नई दिल्ली,रविवार
आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफ़ी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने एक बयान जारी कर कहा कि हम हर उस बात का समर्थन करते हैं जिससे देश के हर नागरिक को उसका हक़ मिलता हो और देश में खुशहाली आती हो।
उन्होंने कहा कि देश में जिस तरह देश का किसान सड़कों पर है और लगातार हुकूमत से कृषि बिल वापिस लेने की मांग की जा रही है उसमें सरकार और किसानों दोनों के जरिए अलग बात की जा रही है, जहां किसानों की बात है उनका मानना है कि यह देश के किसानों के हक़ में नहीं वहीं सरकार कह रही है कि यह किसानों को बहुत फायदा पहुंचाने वाला है,लेकिन सरकार ने काफी हद तक कानून में बदलाव की बात की है जिससे यह समझ तो आता है कि कुछ कमी ज़रूर रह गई ऐसे में गंभीरता से विचार की ज़रूरत है।
हमारा मुल्क खेती पर निर्भर है ऐसे में अपने खेत छोड़ कर किसान सड़क पर हैं इससे देश का नुकसान हो रहा है लिहाज़ा सरकार को इस पर फौरन फैसला लेना चाहिए और इस गतिरोध को समाप्त करना चाहिए, उन्होंने कहा कि किसी भी हाल में आंदोलन को मज़हबी रंग नहीं देना चाहिए और न हीं इसे हिंसक होना चाहिए जिस तरह कुछ पोस्टर को लेकर विवाद हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण है।
सभी गतिरोध के बाद भी देशहित सर्वोपरि रखना है इसे सरकार को भी समझना चाहिए, उन्होंने कहा कि हर जायज़ मांग का हम समर्थन करते हैं जिससे देश का फायदा होता है हर उस बात का विरोध सबको करना चाहिए जिससे देश का अहित होता है।
हज़रत ने कहा कि हमारा काम है कि देश की और देश के लोगों की दोनों की सेवा करें, अभी हमारे देश के लोग सड़कों पर अगर आये है तो भी हमारा कर्तव्य है कि इनकी सेवा सत्कार की जाये, यह बात सरकार को भी समझ आनी चाहिए, उन्होंने कहा कि हमने बोर्ड के लोगों को निर्देशित किया है कि वह खिदमते खल्क के जज्बे के साथ लोगों की खिदमत करें और लोगों की परेशानी में काम आयें यही धर्म है,।
उन्होंने यह भी कहा कि देश के किसानों की जायज़ मांगों को सरकार को फौरन मान लेना चाहिए और इस मसले को जल्द से जल्द हल करना चाहिए ।

By: Yunus Mohani

अग्निकांड में तबाह परिवारों के साथ खड़ा है बोर्ड, जल्दी मिलेगा प्रतिनिधिमंडल: सय्यद अशरफ

29 नवंबर रविवार,नई दिल्ली,
आल इंडिया उलमा मशाइख़ बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफ़ी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने संजरी चौक मालेगांव महाराष्ट्र में हुए भीषण अग्निकांड पर अफसोस जताते हुए कहा है कि ऐसे दौर में जब कोरोना महामारी की वजह से कारोबार चौपट है ऐसे में जिन लोगों के आशियाने जल गए हम सब उनके साथ खड़े है आल इंडिया उलमा मशाईख बोर्ड का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही मौके पर पहुंच कर जिन लोगों का नुकसान हुआ है उनसे मुलाक़ात करेगा और मुमकिन मदद करने की कोशिश करेगा,
हज़रत ने कहा कि सभी का फ़र्ज़ है कि वह मुसीबतजदा लोगों की मदद को आगे आएं बिना किसी भेदभाव के यही हमारा इन्सानी और दीनी फरीजा है ग्यारहवीं के इस मुकद्दस महीने में इस बार गौसे आजम की न्याज को इस तरह भी करे क्योंकि इस बार हर साल की तरह घरों में ढेग पकवा कर आप लोगों को बुला कर नहीं खिला पा रहे हैं क्योंकि महामारी का दौर चल रहा है तो इसे इस तरह किया जाए कि इस तरह जहां ज़रूरत है वहां हम खुद को पहुंचाएं और परेशान लोगों की मुमकिन मदद करें।
हज़रत ने महाराष्ट्र सरकार से भी अपील की है कि वह पीड़ित परिवारों को उचित मदद करे ताकि उनके नुकसान की भरपाई की जा सके।
उन्होंने कहा कि लोगों की मदद करते वक्त उनका मजहब,मसलक और जात पात न देखी जाए बल्कि हर परेशानहाल की मदद को आगे आया जाए इससे जहां हमसे हमारा खुदा खुश होगा वहीं समाज में मोहब्बत भी फैलेगी जो नफरत के जहर को खतम कर देगी।

By: यूनुस मोहानी

पैगंबर की शान में किसी भी तरह की गुस्ताखी नाकाबिले बर्दाश्त : सय्यद मोहम्मद अशरफ

29 अक्टूबर, नई दिल्ली
आल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफ़ी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने फ्रांस में पैग़म्बरे अमन व शांति हज़रत मुहम्मद मुस्तफा सल्लाल्लाहु अलैहि वसल्लम की शान में की गई गुस्ताखी पर सख्त गुस्से का इजहार करते हुए कहा कि फ्रीडम ऑफ स्पीच,और फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन के नाम पर यह को गुस्ताखी की जा रही है मुसलमान इसे बर्दाश्त नहीं कर सकते इसके लिए फ्रांस के राष्ट्रपति को माफी मांगनी चाहिए ,और जब तक ऐसा नहीं होता हमें खुलकर और पूरी ताकत से इनका बहिष्कार करना चहिए।
हज़रत ने कहा कि भारत सरकार से मांग करते हैं कि वह भारतीय मुसलमानों की भावनाओ का सम्मान करते हुए फ्रांस पर दबाव बनाये कि वह अपने देश में हो रही इस तरह की गुस्ताखी पर रोक लगाए ,उन्होंने बताया कि बोर्ड ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग को भी इस आशय का पत्र लिखा है कि संयुक्त राष्ट्र ह्यूमन राइट्स चार्टर का सभी को सम्मान करना चाहिए और इसके अनुच्छेद 42 का पालन होना चहिए अतः इसका पालन करते हुए फ्रांस को विश्व समुदाय से माफी मांगनी चाहिए ,साथ ही यह भी मांग की गई है कि ईशनिंदा कानून को पास कर इसका सख्ती से पालन किया जाय ताकि किसी भी तरह की गंदी सोच को पनपने से रोका जा सके।
उन्होंने मुसलमानों सहित सभी अमन पसंद लोगों से अपील की कि शांति व्यवस्था को बनाए रखते हुए फ्रांस का कड़ा विरोध किया जाए और जबतक माफी नहीं आती इनके सामान का बहिष्कार करें।
हज़रत ने सभी को ईदमिलाुन्नबी साल्लल्लाहू अलैहि वसल्लम की मुबारकबाद देते हुए कहा कि इस बार इस जश्न को ऐसे मनाया जाए कि हम सब मिलकर नबी की सुन्नत पर अमल करते हुए अच्छे अखलाक वाले बने और अपने नबी का चर्चा अपने अमल से करें।

खानकाहों से मोहब्बत का संदेश जारी होता है नफरत की हिमायत नहीं: सय्यद मोहम्मदअशरफ

25 अक्टूबर,दिल्ली
आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफ़ी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने दरगाह ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती रहमतुल्लाह अलैहि के खादिम सरवर चिश्ती के पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया की हिमायत करने पर सख्त गुस्से का इजहार करते हुए कहा कि दरगाहे प्रेम और भाईचारे का संदेश देने की जगह है न कि किसी संदिग्ध और कट्टरपंथी सोच वाले संगठन की हिमायत करने की।
उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह उनकी ज़ाती सोच है इसका आम मुसलमानों की राय से कोई ताल्लुक नहीं है,इसे पूरी तरह खारिज किया जाना चाहिए क्योंकि अगर इस तरह के संदेश दरगाह के प्लेटफॉर्म से कोई शकस देता है इससे समाज में गलत संदेश जाता है इसे सख्ती के साथ रोका जाना चाहिए, पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया की गतिविधियां संदिग्ध पाई गई है और जांच चल रही है उसकी विचारधारा सबको पता है कट्टरपंथी विचारों से देश का सौहार्द्य बिगड़ता है जिससे देश का नुकसान है हमें ऐसे विचारों को किसी भी कीमत पर प्रोत्साहन नहीं देना है ,और इन्हें बढ़ने से रोकना है क्योंकि देश के युवाओं को भ्रमित नहीं होने देना है।
हज़रत ने सरवर चिश्ती के बयान पर कहा कि यह नासमझी में दिया गया बयान है उन्हें सोचना चाहिए कि वह जहां बैठ कर यह बात कर रहे हैं उस बारगाह का संदेश क्या है ?अजमेर भारतीय मुसलमानों का मरकज़ है वहां बैठ कर ऐसी फिजूल बात करना गुमराह करने जैसा है।

बुजुर्गों की कुर्बानी भूले तो आज़ादी का मकसद भी भूल बैठेंगे : सय्यद मोहम्मद अशरफ

15 अगस्त नई दिल्ली
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड ने इस बार कॉविड 19 के चलते स्वतंत्रता दिवस पर होने वाले अपने कार्यक्रम को ऑनलाइन किया और देश भर की सभी शाखाओं में भी ज़रूरी एहतियाती क़दम उठाते हुए झंडा रोहण किया गया सोशल मीडिया पर हुए कार्यक्रम “हम भारत के लोग” में बोलते हुए बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफ़ी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने कहा कि अगर हम बुजुर्गों कि कुर्बानी भूल जायेंगे तो आज़ादी के असल मकसद से भी दूर हो जायेंगे ।उन्होंने कहा कि हमें अपने बड़ों को याद करना होगा कि किस क़दर परेशानियां उठा कर उन्होंने इस मुल्क को आज़ादी दिलाई ,हमें इस आज़ादी का मोल समझना होगा तभी हम इसके साथ इंसाफ कर सकेंगे,स्वतंत्रता दिवस की सभी को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि अपनी ज़िम्मेदारी निभा कर मुल्क को आगे ले जाना है हमें इस बात को नहीं भूलना चाहिए।

बोर्ड के राष्ट्रीय कार्यकारणी सदस्य एवं कर्नाटक के प्रदेश अध्यक्ष हज़रत सय्यद तनवीर हाशमी ने कहा कि आज का यह दिन स्वतंत्रता सेनानियों के अथक प्रयासों से हमें मिला है ,हमने गुलामी की जंजीरों को तोड़ा लेकिन अफसोस हम नफरतों के दौर में जी रहे हैं हमें समझना होगा कि हिंदोस्तान की मजबूती का राज आपसी मोहब्बत भाईचारा और हमारी गंगा जमुनी तहजीब है इसे हर हाल में बचा कर रखना होगा तभी मुल्क बचेगा हज़रत ने भी सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी।

बोर्ड के राष्ट्रीय कार्यकारणी सदस्य और दरगाह रदौली शरीफ के सज्जादा नशीन हज़रत अम्मार अहमद निय्यार मियां ने आजादी की मुबारकबाद पेश करते हुए कहा हमारे बुजुर्गों ने देश को आजाद करा लिया लेकिन अब हमें भ्रष्टाचार व जहालत से आजादी हासिल करनी है तभी हम बुलंदियां हासिल कर सकेंगे

लोगों की खिताब करते हुए बोर्ड के राष्ट्रीय कार्यकारणी सदस्य हज़रत सय्यदी मियां मकनपुर शरीफ ने कहा कि यह हर भारतीय के लिए खुशी का दिन है हर भारतीय आज जोश में उमंग में है हमें याद रखना होगा कि हमारे बड़ों ने अपना खून दिया है इस आज़ादी के लिए, अगर वतन पर वक़्त आए तो हमें भी हर पल तैयार रहना होगा तालीम हासिल कर अपने मुल्क के काम आना है इस जज्बे को दिलों में बैठाने का यह दिन है ताकि हमारा मुल्क दुनियां का सबसे विकसित मुल्क बने।
बोर्ड के संयुक्त राष्ट्रीय सचिव एवं दरगाह अजमेर शरीफ के गद्दीनशींन हज़रत सय्यद सलमान चिश्ती ने लोगों को यौमे आज़ादी की मुबारकबाद पेश की उन्होंने कहा कि हमारा देश आज के दिन आजाद हुआ यह सब जानते हैं लेकिन हम उन नामों को धीरे धीरे भूलते जा रहे हैं जिनकी कुर्बानियों से यह मौका आया हमें लगातार लोगों को याद दिलाना होगा कि इस दिन की हमने क्या कीमत चुकाई है आज़ादी के असली माना क्या है।

यूथ विंग के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना अब्दुल मोइद अजहरी ने भी लोगों को इस मौके पर बधाई दी साथ ही देश के सामने खड़े खतरों और चुनौतियों की तरफ इशारा करते हुए कहा कि नफरत का जिस तरह प्रसार हो रहा है उससे देश कमजोर होगा और दुश्मन इससे खुश हो रहा है हम सब की साझा ज़िम्मेदारी है कि नफरत की फैलती आग को रोके और मुल्क की हिफाज़त के लिए दीवार बनकर खड़े हों।
कार्यक्रम का संचालन मौलाना मुख्तार अशरफ ने किया कार्यक्रम का समापन देश की तरक्की खुशहाली और शांति की दुआ के साथ हुआ।
Yunus Mohani