जिससे मुल्क में खुशहाली आती हो उस बात का समर्थन : सय्यद मोहम्मद अशरफ

13 दिसंबर,2020,नई दिल्ली,रविवार
आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफ़ी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने एक बयान जारी कर कहा कि हम हर उस बात का समर्थन करते हैं जिससे देश के हर नागरिक को उसका हक़ मिलता हो और देश में खुशहाली आती हो।
उन्होंने कहा कि देश में जिस तरह देश का किसान सड़कों पर है और लगातार हुकूमत से कृषि बिल वापिस लेने की मांग की जा रही है उसमें सरकार और किसानों दोनों के जरिए अलग बात की जा रही है, जहां किसानों की बात है उनका मानना है कि यह देश के किसानों के हक़ में नहीं वहीं सरकार कह रही है कि यह किसानों को बहुत फायदा पहुंचाने वाला है,लेकिन सरकार ने काफी हद तक कानून में बदलाव की बात की है जिससे यह समझ तो आता है कि कुछ कमी ज़रूर रह गई ऐसे में गंभीरता से विचार की ज़रूरत है।
हमारा मुल्क खेती पर निर्भर है ऐसे में अपने खेत छोड़ कर किसान सड़क पर हैं इससे देश का नुकसान हो रहा है लिहाज़ा सरकार को इस पर फौरन फैसला लेना चाहिए और इस गतिरोध को समाप्त करना चाहिए, उन्होंने कहा कि किसी भी हाल में आंदोलन को मज़हबी रंग नहीं देना चाहिए और न हीं इसे हिंसक होना चाहिए जिस तरह कुछ पोस्टर को लेकर विवाद हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण है।
सभी गतिरोध के बाद भी देशहित सर्वोपरि रखना है इसे सरकार को भी समझना चाहिए, उन्होंने कहा कि हर जायज़ मांग का हम समर्थन करते हैं जिससे देश का फायदा होता है हर उस बात का विरोध सबको करना चाहिए जिससे देश का अहित होता है।
हज़रत ने कहा कि हमारा काम है कि देश की और देश के लोगों की दोनों की सेवा करें, अभी हमारे देश के लोग सड़कों पर अगर आये है तो भी हमारा कर्तव्य है कि इनकी सेवा सत्कार की जाये, यह बात सरकार को भी समझ आनी चाहिए, उन्होंने कहा कि हमने बोर्ड के लोगों को निर्देशित किया है कि वह खिदमते खल्क के जज्बे के साथ लोगों की खिदमत करें और लोगों की परेशानी में काम आयें यही धर्म है,।
उन्होंने यह भी कहा कि देश के किसानों की जायज़ मांगों को सरकार को फौरन मान लेना चाहिए और इस मसले को जल्द से जल्द हल करना चाहिए ।

By: Yunus Mohani

अग्निकांड में तबाह परिवारों के साथ खड़ा है बोर्ड, जल्दी मिलेगा प्रतिनिधिमंडल: सय्यद अशरफ

29 नवंबर रविवार,नई दिल्ली,
आल इंडिया उलमा मशाइख़ बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफ़ी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने संजरी चौक मालेगांव महाराष्ट्र में हुए भीषण अग्निकांड पर अफसोस जताते हुए कहा है कि ऐसे दौर में जब कोरोना महामारी की वजह से कारोबार चौपट है ऐसे में जिन लोगों के आशियाने जल गए हम सब उनके साथ खड़े है आल इंडिया उलमा मशाईख बोर्ड का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही मौके पर पहुंच कर जिन लोगों का नुकसान हुआ है उनसे मुलाक़ात करेगा और मुमकिन मदद करने की कोशिश करेगा,
हज़रत ने कहा कि सभी का फ़र्ज़ है कि वह मुसीबतजदा लोगों की मदद को आगे आएं बिना किसी भेदभाव के यही हमारा इन्सानी और दीनी फरीजा है ग्यारहवीं के इस मुकद्दस महीने में इस बार गौसे आजम की न्याज को इस तरह भी करे क्योंकि इस बार हर साल की तरह घरों में ढेग पकवा कर आप लोगों को बुला कर नहीं खिला पा रहे हैं क्योंकि महामारी का दौर चल रहा है तो इसे इस तरह किया जाए कि इस तरह जहां ज़रूरत है वहां हम खुद को पहुंचाएं और परेशान लोगों की मुमकिन मदद करें।
हज़रत ने महाराष्ट्र सरकार से भी अपील की है कि वह पीड़ित परिवारों को उचित मदद करे ताकि उनके नुकसान की भरपाई की जा सके।
उन्होंने कहा कि लोगों की मदद करते वक्त उनका मजहब,मसलक और जात पात न देखी जाए बल्कि हर परेशानहाल की मदद को आगे आया जाए इससे जहां हमसे हमारा खुदा खुश होगा वहीं समाज में मोहब्बत भी फैलेगी जो नफरत के जहर को खतम कर देगी।

By: यूनुस मोहानी

पैगंबर की शान में किसी भी तरह की गुस्ताखी नाकाबिले बर्दाश्त : सय्यद मोहम्मद अशरफ

29 अक्टूबर, नई दिल्ली
आल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफ़ी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने फ्रांस में पैग़म्बरे अमन व शांति हज़रत मुहम्मद मुस्तफा सल्लाल्लाहु अलैहि वसल्लम की शान में की गई गुस्ताखी पर सख्त गुस्से का इजहार करते हुए कहा कि फ्रीडम ऑफ स्पीच,और फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन के नाम पर यह को गुस्ताखी की जा रही है मुसलमान इसे बर्दाश्त नहीं कर सकते इसके लिए फ्रांस के राष्ट्रपति को माफी मांगनी चाहिए ,और जब तक ऐसा नहीं होता हमें खुलकर और पूरी ताकत से इनका बहिष्कार करना चहिए।
हज़रत ने कहा कि भारत सरकार से मांग करते हैं कि वह भारतीय मुसलमानों की भावनाओ का सम्मान करते हुए फ्रांस पर दबाव बनाये कि वह अपने देश में हो रही इस तरह की गुस्ताखी पर रोक लगाए ,उन्होंने बताया कि बोर्ड ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग को भी इस आशय का पत्र लिखा है कि संयुक्त राष्ट्र ह्यूमन राइट्स चार्टर का सभी को सम्मान करना चाहिए और इसके अनुच्छेद 42 का पालन होना चहिए अतः इसका पालन करते हुए फ्रांस को विश्व समुदाय से माफी मांगनी चाहिए ,साथ ही यह भी मांग की गई है कि ईशनिंदा कानून को पास कर इसका सख्ती से पालन किया जाय ताकि किसी भी तरह की गंदी सोच को पनपने से रोका जा सके।
उन्होंने मुसलमानों सहित सभी अमन पसंद लोगों से अपील की कि शांति व्यवस्था को बनाए रखते हुए फ्रांस का कड़ा विरोध किया जाए और जबतक माफी नहीं आती इनके सामान का बहिष्कार करें।
हज़रत ने सभी को ईदमिलाुन्नबी साल्लल्लाहू अलैहि वसल्लम की मुबारकबाद देते हुए कहा कि इस बार इस जश्न को ऐसे मनाया जाए कि हम सब मिलकर नबी की सुन्नत पर अमल करते हुए अच्छे अखलाक वाले बने और अपने नबी का चर्चा अपने अमल से करें।

खानकाहों से मोहब्बत का संदेश जारी होता है नफरत की हिमायत नहीं: सय्यद मोहम्मदअशरफ

25 अक्टूबर,दिल्ली
आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफ़ी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने दरगाह ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती रहमतुल्लाह अलैहि के खादिम सरवर चिश्ती के पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया की हिमायत करने पर सख्त गुस्से का इजहार करते हुए कहा कि दरगाहे प्रेम और भाईचारे का संदेश देने की जगह है न कि किसी संदिग्ध और कट्टरपंथी सोच वाले संगठन की हिमायत करने की।
उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह उनकी ज़ाती सोच है इसका आम मुसलमानों की राय से कोई ताल्लुक नहीं है,इसे पूरी तरह खारिज किया जाना चाहिए क्योंकि अगर इस तरह के संदेश दरगाह के प्लेटफॉर्म से कोई शकस देता है इससे समाज में गलत संदेश जाता है इसे सख्ती के साथ रोका जाना चाहिए, पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया की गतिविधियां संदिग्ध पाई गई है और जांच चल रही है उसकी विचारधारा सबको पता है कट्टरपंथी विचारों से देश का सौहार्द्य बिगड़ता है जिससे देश का नुकसान है हमें ऐसे विचारों को किसी भी कीमत पर प्रोत्साहन नहीं देना है ,और इन्हें बढ़ने से रोकना है क्योंकि देश के युवाओं को भ्रमित नहीं होने देना है।
हज़रत ने सरवर चिश्ती के बयान पर कहा कि यह नासमझी में दिया गया बयान है उन्हें सोचना चाहिए कि वह जहां बैठ कर यह बात कर रहे हैं उस बारगाह का संदेश क्या है ?अजमेर भारतीय मुसलमानों का मरकज़ है वहां बैठ कर ऐसी फिजूल बात करना गुमराह करने जैसा है।

बुजुर्गों की कुर्बानी भूले तो आज़ादी का मकसद भी भूल बैठेंगे : सय्यद मोहम्मद अशरफ

15 अगस्त नई दिल्ली
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड ने इस बार कॉविड 19 के चलते स्वतंत्रता दिवस पर होने वाले अपने कार्यक्रम को ऑनलाइन किया और देश भर की सभी शाखाओं में भी ज़रूरी एहतियाती क़दम उठाते हुए झंडा रोहण किया गया सोशल मीडिया पर हुए कार्यक्रम “हम भारत के लोग” में बोलते हुए बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफ़ी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने कहा कि अगर हम बुजुर्गों कि कुर्बानी भूल जायेंगे तो आज़ादी के असल मकसद से भी दूर हो जायेंगे ।उन्होंने कहा कि हमें अपने बड़ों को याद करना होगा कि किस क़दर परेशानियां उठा कर उन्होंने इस मुल्क को आज़ादी दिलाई ,हमें इस आज़ादी का मोल समझना होगा तभी हम इसके साथ इंसाफ कर सकेंगे,स्वतंत्रता दिवस की सभी को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि अपनी ज़िम्मेदारी निभा कर मुल्क को आगे ले जाना है हमें इस बात को नहीं भूलना चाहिए।

बोर्ड के राष्ट्रीय कार्यकारणी सदस्य एवं कर्नाटक के प्रदेश अध्यक्ष हज़रत सय्यद तनवीर हाशमी ने कहा कि आज का यह दिन स्वतंत्रता सेनानियों के अथक प्रयासों से हमें मिला है ,हमने गुलामी की जंजीरों को तोड़ा लेकिन अफसोस हम नफरतों के दौर में जी रहे हैं हमें समझना होगा कि हिंदोस्तान की मजबूती का राज आपसी मोहब्बत भाईचारा और हमारी गंगा जमुनी तहजीब है इसे हर हाल में बचा कर रखना होगा तभी मुल्क बचेगा हज़रत ने भी सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी।

बोर्ड के राष्ट्रीय कार्यकारणी सदस्य और दरगाह रदौली शरीफ के सज्जादा नशीन हज़रत अम्मार अहमद निय्यार मियां ने आजादी की मुबारकबाद पेश करते हुए कहा हमारे बुजुर्गों ने देश को आजाद करा लिया लेकिन अब हमें भ्रष्टाचार व जहालत से आजादी हासिल करनी है तभी हम बुलंदियां हासिल कर सकेंगे

लोगों की खिताब करते हुए बोर्ड के राष्ट्रीय कार्यकारणी सदस्य हज़रत सय्यदी मियां मकनपुर शरीफ ने कहा कि यह हर भारतीय के लिए खुशी का दिन है हर भारतीय आज जोश में उमंग में है हमें याद रखना होगा कि हमारे बड़ों ने अपना खून दिया है इस आज़ादी के लिए, अगर वतन पर वक़्त आए तो हमें भी हर पल तैयार रहना होगा तालीम हासिल कर अपने मुल्क के काम आना है इस जज्बे को दिलों में बैठाने का यह दिन है ताकि हमारा मुल्क दुनियां का सबसे विकसित मुल्क बने।
बोर्ड के संयुक्त राष्ट्रीय सचिव एवं दरगाह अजमेर शरीफ के गद्दीनशींन हज़रत सय्यद सलमान चिश्ती ने लोगों को यौमे आज़ादी की मुबारकबाद पेश की उन्होंने कहा कि हमारा देश आज के दिन आजाद हुआ यह सब जानते हैं लेकिन हम उन नामों को धीरे धीरे भूलते जा रहे हैं जिनकी कुर्बानियों से यह मौका आया हमें लगातार लोगों को याद दिलाना होगा कि इस दिन की हमने क्या कीमत चुकाई है आज़ादी के असली माना क्या है।

यूथ विंग के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना अब्दुल मोइद अजहरी ने भी लोगों को इस मौके पर बधाई दी साथ ही देश के सामने खड़े खतरों और चुनौतियों की तरफ इशारा करते हुए कहा कि नफरत का जिस तरह प्रसार हो रहा है उससे देश कमजोर होगा और दुश्मन इससे खुश हो रहा है हम सब की साझा ज़िम्मेदारी है कि नफरत की फैलती आग को रोके और मुल्क की हिफाज़त के लिए दीवार बनकर खड़े हों।
कार्यक्रम का संचालन मौलाना मुख्तार अशरफ ने किया कार्यक्रम का समापन देश की तरक्की खुशहाली और शांति की दुआ के साथ हुआ।
Yunus Mohani

कुर्बानियों से मिली आज़ादी की हिफाज़त हमारी ज़िम्मेदारी : सय्यद मोहम्मद अशरफ

कुर्बानियों से मिली आजादी इसकी हिफ़ाज़त हमारी ज़िम्मेदारी – सय्यद अशरफ
14 अगस्त 2020 नई दिल्ली
आल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफ़ी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने आजादी की पूर्व संध्या पर सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए कहा कि यह आज़ादी हमें बड़ी कुर्बानियों के बाद हासिल हुई है इसकी हिफाज़त हम सब की ज़िम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि नफरतों से देश को कमजोर करने की भयानक साजिश चल रही है और एक प्रयास किया जा रहा है कि भारत की सुंदरता अनेकता में एकता को खत्म कर दिया जाए ,इससे सिर्फ देश कमजोर होगा और घाट लगाये बैठे दुश्मन इसका भरपूर फायदा उठायेगा ,सभी देशवासियों को इस साजिश को समझ लेना चाहिए और किसी भी प्रकार की हिंसा से दूर रहना चाहिए हमें अपने देश को आगे बढ़ाना है और यह हम आपस में लड़ कर नहीं कर सकते हमारी आपसी लड़ाई हमारे देश को कमजोर करती है।
हज़रत ने कहा कि सभी को सबकी भावनाओं की इज्जत करनी चाहिए और सभी धर्मों का सम्मान करना चाहिये यही निर्देश हमें हमारा धर्म भी देता है वतन से मोहब्बत आधा ईमान है यह पैग़म्बरे इस्लाम की तालीम है हमें इसपर अमल करते हुए अपने मुल्क को आगे ले जाना है हमें अपने बुजुर्गों कि कुर्बानी नहीं भूलनी चाहिए कि किस तरह 40 हज़ार से ज़्यादा उलमा की लाशे पेड़ों पर लटका दी गई लेकिन हमारे क़दम पीछे नहीं गए यह इस आजादी का मोल है यह आसानी से हासिल नहीं हुई।
उन्होंने कहा सभी लोग स्वतंत्रता दिवस पर शान से तिरंगा लहराते हुए यह निश्चय करें कि अब एक सूत्र के साथ हम इस देश को आगे ले जाएंगे नफरत किसी से नहीं मोहब्बत सबके लिए।

यूनुस मोहानी

غریبوں کی بھوک اور اپنی انا کو مٹانے کا تہوار ہے عیدالاضحیٰ :سید محمد اشرف

جولائی 31 2020 نئی دہلی ، آل انڈیا علماء و مشائخ بورڈ کے قومی صدر اور ورلڈ صوفی فورم کے چیئرمین حضرت سید محمد اشرف کچھوچھوی نے عید الاضحی کے موقع پر عوام کو مبارکباد دیتے ہوئے کہا کہ یہ تہوار لوگوں کی بھوک مٹانے اور ان کی انا کو مٹانے کا ہے. اپنے مالک ، پالنہار کے سامنے سرشار ہونے اور اسکی مرضی سے زندگی گزارنے اور قربانی پیش کرنے کا ایک سبق ہے عید الاضحٰی۔

حضرت نے کہا کہ یہ وہ قربانی ہے جو اللہ کے پیارے نبی حضرت ابراہیم خلیل اللہ اور حضرت اسماعیل ذبیح اللہ کی سنت ہے جسے انہوں نے اپنے رب کے حکم سے ادا کیا ، جبکہ ہمارے نبی حضرت محمد مصطفی صلی اللہ علیہ وآلہ وسلم نے اس کو فاقہ کشی کے خلاف ایک عظیم جنگ قرار دیا ہے۔ اور حکم دیا کہ قربانی کے گوشت کے تین حصے کیے جائیں ، جس کا ایک حصہ غریبوں کا ہو ، ایک رشتہ دار، دوست واحباب اور ایک خود کھا سکتا ہے ، اس طرح ان تین دن کے دوران ہر شخص کو کھانا پہنچانے کا اہتمام کیا جائے جس سے کسی شخص کی خود اعتمادی کو بھی تکلیف نہ پہنچے،اور یہ بھی پتہ چلے کہ کس کے پاس کھانا نہیں ہے اور بعد میں اس کی مدد کی جائے ، ہمیں اس پوشیدہ پیغام کو سمجھنا ہوگا تبھی ہم حقیقی مقصد تک پہنچیں گے۔

انہوں نے کہا کہ قرآن مجید میں واضح طور پر لکھا ہے کہ آپ کا خون اور گوشت مجھ تک نہیں پہنچتا ، لیکن پہنچتا ہے تو صرف تقویٰ ، اور تقویٰ اپنے رب کے سامنے سرشار ہونے کا نام ہے، آپ کی انا کی تباہی کا نام ہے ، لہذا اس تہوار کے اصل مقصد کو سمجھتے ہوئے صفائی کے خصوصی خیال کے ساتھ منائیں ، کسی بھی قیمت پر قانون کی خلاف ورزی نہ کریں ، جن جانوروں کی قانونی ممانعت ہے ہرگز قربانی نہ کریں ، جبکہ اپنے ساتھی بھائیوں کے جذبات کا خیال رکھیں۔

بورڈ نے قربانی کے تعلق سے جو ہدایات جاری کی ہیں ان پر عمل کرتے ہوئے عید منائیں، سبھی کو عید الاضحی کی پرخلوص مبارکباد.

نفلی قربانی کے بجائے لاک ڈاؤن میں بے روزگار غریب مزدوروں کی مالی مدد کریں: سید محمد اشرف

نئی دہلی (پریس ریلیز) ۲۵/جولائی

آل انڈیا علما ء و مشائخ بورڈ کے بانی وصدر اور ورلڈ صوفی فورم کے چیئرمین حضرت سید محمد اشرف کچھوچھوی نے کورونا وبا میں آنے والے تہوار عید الاضحی کے موقع پر مسلمانان ہند سے اپیل کرتے ہوئے کہا کہ ہمیں گورنمنٹ کے ذریعہ جاری کی گئی ضروری ہدایات پر عمل کرتے ہوئے قربانی کی سنت پر عمل کرنا ہے کیونکہ معاشرے کو ہر طرح کے فساد،بیماری،وبا وغیرہ سے بچنے کی ذمہ داری ہم پر ہمارے دین نے ڈالی ہے جسے ہمیں انجام دینا ہے جس میں ہمیں خاص باتوں کا خیال رکھنا ہے جس سے برادران وطن کے جذبات کو ٹھیس نہ پہنچے،اس لئے راستوں اور عوامی جگہوں پر قربانی نہ کریں بلکہ ممکن ہو تو بڑے احاطوں میں اہتمام کریں، جن جانوروں پر قانونی طور پر پابندی ہے ان کی قربانی کرنے سے پرہیز کریں۔ قربانی کا خون نالیوں میں نہ بہائیں بلکہ اسے دفن کریں، جانوروں کا وہ حصہ جو نہیں کھایا جاتا دفن کریں۔صاف صفائی کا خاص خیال رکھیں، کسی کو آپ کی وجہ سے پریشانی نہ ہو۔ قربانی کا ویڈیو بنا کر سوشل میڈیا پر نہ ڈالیں۔قربانی کے گوشت کو غریبوں اور پریشان حال لوگوں تک پہنچانے کا خاص انتظام کریں۔جو لوگ نفلی قربانی کا ارادہ رکھتے ہیں بہتر ہے کہ وہ سیلاب، کورونا وبا کے چلتے لاک ڈاؤن میں بھوک سے پریشان بے روزگار غریب مزدوروں یا دوسری مصیبتوں میں مبتلا لوگوں کی مالی مدد کریں، نظم و ضبط بنائے رکھیں اور قانون کی خلاف ورزی نہ کریں۔قربانی کے گوشت کو کھلا نہ لے جائیں، پولیس انتظامیہ کی مددکریں۔

ऑल इंडिया उलमा माशाईख बोर्ड के कार्यकर्ताओं ने वृक्षारोपण कर मनाया अपने अध्यक्ष का जन्मदिन।

5 जुलाई 2020, नौतनवां महाराजगंज
ऑल इंडिया उलमा माशाइख़ बोर्ड के कार्यकर्ताओं ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफ़ी फोरम के चेयरमैन विश्वविख्यात इस्लामिक धर्मगुरु हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी का जन्मदिन वृक्षारोपण कर मनाया इस अवसर पर लोगों ने अलग अलग स्थान पर पेड़ लगाये ।
देश के हर हिस्से में आल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड के कार्यकर्ताओं ने बड़े पैमाने पर पेड़ लगाये और ज़मीन को हरा भरा रखने का संकल्प दोहराया वैसे भी स्वयं बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने हर मौके पर लोगों से पेड़ लगाने की अपील की है ताकि हमारे इस काम से हम अपनी आने वाली नस्लों को शुद्ध हवा दे पाएं।वहीं इसके साथ हज़रत सय्यद अशरफ किछौछवी ने यह भी कहा कि पेड़ लगाते वक्त यह भी याद रखना चाहिए कि हमें पेड़ जैसा बनना है जो हमें हवा देता है,फल देता है , छाया देता है और जब सूख जाता है तो जलाने के काम आता है और किसी से उसका मजहब उसकी ज़ात उसका मसलक नहीं पूछता यही सूफिया का तरीका रहा है।उनकी इसी बात से प्रेरणा लेकर आज उनके जन्मदिन पर बोर्ड के कार्यकर्ताओं ने वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया।
महाराजगंज में हाजी सय्यद इफ्तेखार साहब, मौलाना कमरे आलम अलीमी साहब, सय्यद अफ़ज़ाल अहमद, सय्यद वहाज अहमद, सय्यद मोहम्मद अता, सय्यद मोहम्मद हस्सान, सय्यदा हिबा बतूल शकील हाशमी आसिफ हाशमी, वसीम सिद्दीकी,मोहम्मद अतीक़ अंसारी ओलमा मशाइख़ बोर्ड के जिला अध्यक्ष मौलाना बरकत हुसैन मिस्बाही व मीडिया इंचार्ज मास्टर शमीम अशरफी ने नौतनवां के G N मार्केट कंपाउंड में वृक्षारोपण कर राष्ट्रीय अध्यक्ष का जन्मदिन मनाया।

रमज़ान के सबक को पूरे साल याद रखने के अज़्म लेने का दिन है ईद : सय्यद अशरफ

25 मई ,दिल्ली
आल इन्डिया उलमा व मशाईख बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फ़ोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने देश एवम दुनिया के तमाम लोगों को ईद के पर्व की बधाई देते हुए कहा कि ईद का दिन हमने जो इबादतें की है पूरे रमज़ान के महीने में हमारे अल्लाह से उसकी मजदूरी मिलने का दिन है ,उन्होंने आगे कहा कि याद रखिए यह दिन सिर्फ खुश होने के लिए नहीं बल्कि इस बात का अपने रब से वादा करने का भी दिन है कि हमने माहे रमज़ान में जो सीखा है पूरे साल हम उस पर अमल करेंगे ,हमने खुद भूखा रह कर जो उन लोगों की भूख का अहसास किया है जिनके पास खाना नहीं है लिहाज़ा हम यह पूरी कोशिश साल के आइंदा महीनों में भी करते रहेंगे कि कोई भूखा न सोने पाये अगर ऐसा न हुआ तो रमज़ान का सबक हमने लिया ही नहीं।
हज़रत ने कहा कि पूरी दुनिया कोरोना की आफत से दो चार हैं लिहाज़ा हमें मदद का सिलसिला बंद नहीं करना है और लोगो की मदद करते रहना है ,इस बार की ईद एक अलग ही तरह की है जहां हम लोगो को गले नहीं लगा पायेंगे लेकिन इस बार दिल ज़रूर जुड़ें हैं गले मिलने का दिखावा नहीं है दिल मिले हैं क्योंकि इस लॉकडाउन ने हमें रिश्तों की अहमियत समझाई है हमें हमारे पड़ोसी के लिए हमारा फ़र्ज़ याद दिलाया है लिहाज़ा यह ईद ज़्यादा खुशी की ईद है।
हमें ईदगाहों में नमाज़ न पढ़ पाने का गम है लेकिन हम अल्लाह के बन्दों की मदद कर अपने रब का शुक्र अदा कर रहे हैं कि मालिक तूने हमें इस लायक बनाया कि हम तेरे बन्दों की मदद कर सके।उन्होंने कहा कि सभी लोग अपने घरों में रहकर ईद मनाएं अपने वालिदैन ,अपने बीवी बच्चो,भाई बहनों के साथ और सब मिलकर अपने रब से दुआ करें कि दुनिया जल्द इस कहर से आज़ाद हो और हम सब मस्जिदों को अपने सजदों से सजा दें।
उन्होंने कहा कि लॉकडाउन 31 मई तक है तो इस बार हमारे पास शव्वाल के 6 रोज़े रखने का पूरा मौका है जो पहले हम अपनी काहिली की वजह नहीं रख पा रहे थे इस बार हम अपने अल्लाह को राज़ी करने के लिए उसका भी एहतमाम करें,अपना फितरा जरूरतमंद तक ईद की नमाज़ से पहले पहुंचा दें और फिर अपने घर में अपने रब का शुक्र अदा करें।
सभी को ईद की खूब मुबारकबाद इस दुआ के साथ कि मालिक दुनिया को इस आफत से अपने हबीब के सदके आज़ाद कर दे और दुनिया में हर बीमार को शिफा दे,परेशानहालों की परेशानी दूर फरमाए और हमारा मुल्क अमन का गहवारा बने और खूब तरक्की करे।

Yunus Mohani