मज़लूमों की मदद है आक़ा अलैहिस्सलाम की मीलाद मानने का तरीक़ा : सय्यद मोहम्मद अशरफ

पूना/30 नवंबर
मज़लूमों की मदद है आका अलैहिस्सलाम की मीलाद मनाने का एक तरीक़ा, यह बात आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने पूना में आयोजित एक धर्मसभा में कहीं,हज़रत ने कहा कि मुस्तफा करीम सल्ललल्लाहू अलैहि वसल्लम की मीलाद से मज़लूमों को ज़ुल्म से निजात मिली, गुमराहियों के घनघोर अंधेरों से छुटकारा मिला और तौहीद की रोशनी नसीब हुई, जहां खुद से खुद पर किए जा रहे ज़ुल्म से इस तरह निजात मिली वहीं ज़ालिमों के ज़ुल्म से भी लोगों को आजादी मिली, औरतों, यतीमों, गरीबों और मिस्कीनो को इज्जत से ज़िन्दगी गुजारने की आज़ादी और अधिकार मिले, यानी आक़ा की मीलाद से मज़लूमों को ज़ुल्म से निजात मिली, लिहाज़ा हमें इसे यौमे अमन के तौर पर मनाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बेहतर से बेहतर तरीक़े से हमें लोगों तक मदद पहुंचाना चाहिए, लोगों की ज़रूरतों का ख्याल रखा जाना चाहिए, यातीमों ,बेवाओं,गरीबों का ख्याल रखिए, बीमारों की अयादत कीजिए, महफ़िल सजाइए, लोगों में खाना बांटिए, दुरूद और सलाम की महफ़िल कीजिए, जुलूस निकालिये लेकिन ख्याल रहे कि यह रहमते आलम की मीलाद का जुलूस है, किसी को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए, अपने घर और मोहल्ले को साफ सुथरा कीजिए और सबको इस जश्न में शामिल होने की दावत दीजिए।
हज़रत किछौछवी ने हरे झंडे के साथ हर मज़हबी जलसे जुलूस में मुल्क के झंडे तिरंगे को शामिल करने की अपील भी की। आल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य हज़रत अम्मार अहमद अहमदी उर्फ नय्यर मियां की सरपरस्ती में दिल्ली के जोघाबाई एक्सटेंशन पर गरीबों को गरम कपड़े बांटे, इस मौक़े पर बोर्ड के राष्ट्रीय सचिव सय्यद हसन जामी, यूनुस मोहानी ,मौलाना मुख्तार अशरफ, अंजर अल्वी मौजूद रहे। बोर्ड के ऐलान के मुताबिक बोर्ड की हर शाखा इस काम को कर रही है, बोर्ड के अध्यक्ष के ऐलान पर पूरे देश में मीलाद को यौमे अमन के तौर पर मनाया जा रहा है।
By: यूनुस मोहानी