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देश के संविधान का सम्मान हमारा कर्तव्य : सय्यद मोहम्मद अशरफ

आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड मुरादाबाद शाख द्वारा संविधान दिवस आयोजित 26 नवंबर,संभल,मुरादाबाद आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफ

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आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड मुरादाबाद शाख द्वारा संविधान दिवस आयोजित
26 नवंबर,संभल,मुरादाबाद
आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फ़ोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने संविधान दिवस पर बोर्ड द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा हम सबका कर्तव्य है कि हम अपने मुल्क के संविधान का सम्मान करें ,उन्होंने कहा कि हमारे प्यारे मुल्क के संविधान में हमें बराबरी का हक दिया गया है,और इसमें निज़ाम ए मुस्तफा स्ल्लाल्लाहू अलैहि वसल्लम की झलक भी पाई जाती है जो हर एक भारतीय को कानून की नजर से एक समान देखती है, सबको अपने मजहब को मानने और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रहने की आजादी है।
हज़रत ने कहा कि अगर कहां किसी के साथ नाइंसाफी होती है तो उसमें संविधान या कानून का दोष नहीं होता बल्कि यह परिस्थितियों के अनुसार या फिर कानूनी भूल के चलते होता है लिहाज़ा हमें मुल्क के कानून का पालन करना चाहिए और संविधान का सम्मान करते हुए देश की न्याय प्रणाली पर भरोसा रखना चाहिए।
मौलाना मुख़्तार अशरफ साहेब ने कहा कि भारतीय संविधान के महान शिल्पी डॉक्टर भीम राव अम्बेडकर सहित संविधान सभा के सभी सदस्यों ने देश को अखंड बनाए रखने हेतु इस संविधान को तैयार किया जिसमें भारत की खुशबू शामिल है,और सभी को मिलजुल कर रहने का बिना किसी बंधन के स्वतंत्र रूप से जीने का मंत्र भी। किसी भी कारण हमें इसकी गरिमा को बचा कर रखना होगा ,क्योंकि मुल्क संविधान से चलता है उसके इतर नहीं।
ज्ञात हो कि आज ही के दिन 1949 में इस संविधान को भारत के संविधान के रूप में अंगीकृत किया गया था।
कार्यक्रम का आयोजन कारी मोहम्मद आमिर रज़ा अशरफी साहेब ने किया, मौलाना नसीम, कारी नज़रुल, हाफिज राहिल, मनोज कुमार थाना प्रभारी, मैनाथर, मौलाना नासिर,मौलाना फरमान, कारी मोहम्मद अली, मोहम्मद बिलाल अशरफ, अंसार मलिक, हाजी रियाज़ुल, मोहम्मद रज़ा, मोहम्मद असलम के अलावा कई लोगों ने शिरकत की, कार्यक्रम का समापन देश में अमन व अमान की दुआ के साथ हुआ।

By: यूनुस मोहानी

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