दुनिया में अमन पैग़म्बर की तालीमात पर अमल के बिना नामुमकिन : सय्यद मोहम्मद अशरफ

16 नवंबर/ कोल्हुई, महाराजगंज
आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने दुनिया और मुल्क के ताज़ा हालात पर कहा कि “दुनिया में अमन पैग़म्बर  की तालीमात पर अमल के बिना नामुमकिन है” ।
उन्होंने साफ किया कि जिस तरह के हालात पैदा हुए हैं उनका इलाज बंदूक ,बारूद नहीं बल्कि मोहब्बत है ,गरीबी के दलदल में फंसे लोग आसानी से बहकावे में आ जाते हैं और गलत क़दम उठा लेते हैं जिससे जहां वह खुद भी तबाह होते हैं दूसरों को भी तकलीफ देते हैं।हज़रत ने कहा इस्लाम के आने के बाद जिस तरह का इकोनॉमिकल सिस्टम अल्लाह के रसूल ने दुनिया को दिया क़ुरआन के मुताबिक सिवा उसके ऊपर अमल किये गरीबी का खात्मा मुमकिन नहीं है,उन्होंने कहा कि रहमतुलिलालमीन  सल्लाल्लाहू अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया कि “जो शक्स अल्लाह और क़यामत के दिन पर ईमान रखता हो तो अपने पड़ोसी को तकलीफ न पहुंचाए” अगर लोग सिर्फ इस हदीस पर अमल कर लें तो दुनिया में अमन कायम हो जाएगा उसकी वजह यह है कि हमारे घर का पड़ोस दूसरा घर है ,मोहल्ले का पड़ोस दूसरा मोहल्ला ,शहर का दूसरा शहर ,और मुल्क का दूसरा मुल्क इस तरह पूरी दुनिया हमारी पड़ोसी है और कोई अपने पड़ोसी को तकलीफ नहीं पहुंचाएगा तो अमन खुद बखुद कायम हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि पैग़म्बरे अमन ने फरमाया कि “बड़े आदमी बनना चाहते हो तो लोगों की मदद किया करो” अब इस हदीस पर अमल करने वाले का कोई दुश्मन कैसे होगा नफरत भला कैसे कामयाब होगी इसी तरह मोहसिने इन्सानियत रसूले मकबूल सल्लाल्लाहूअलैहि वसल्लम ने फ़रमाया कि “जिसने पीठ पीछे अपने भाई की इज्जत की हिफाज़त की अल्लाह ताला उसे जहन्नम की आग से महफूज़ रखेगा” हर बात एक दूसरे से जुड़ी हुई है जहां इरशादे रसूल है कि सारे मोमिन आपस में भाई हैं तो अब इस हदीस के मुताबिक़ अमल करने पर जहन्नम से आजादी मिल रही है और जब सब एक दूसरे की इज्जत की हिफ़ाज़त करने वाले होंगे तो नफरत का हारना तय है।
हज़रत ने कहा कि मुल्क में जिस तरह की फिजा बनाई जा रही है उससे अमन खतरे में है लिहाजा सभी को होशियार रहना है सियासत अपना काम कर रही है आपको अमन की हिफाज़त करनी है, सभी लोग जहां ज़मीन को हराभरा रखने के लिए खूब पेड़ लगाएं वहीं अफवाहों को फैलने से रोके खासतौर से हमारे नवजवान सोशल मीडिया पर हर चीज को लाइक और शेयर करने से परहेज़ करें जब तक आपको उसका सही पता न हों और इस माहे नूर में सोशल मीडिया पर हदीसे रसूल और नात को ही पोस्ट करें।
By: यूनुस मोहानी