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उलमा व मशाइख बोर्ड ने मनाया गणतंत्र दिवस

दिल्ली-26 जनवरी ओखला विहार, जामिया नगर, ओखला में दिनांक 26 जनवरी 2019 को विश्व विख्यात संस्था आल इंडिया उलमा व मशाख बोर्ड की दिल्ली शाखा द्वारा दोपहर

شراکت داری کے بغیر سماجی انصاف ایک دھوکہ
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दिल्ली-26 जनवरी
ओखला विहार, जामिया नगर, ओखला में दिनांक 26 जनवरी 2019 को विश्व विख्यात संस्था आल इंडिया उलमा व मशाख बोर्ड की दिल्ली शाखा द्वारा दोपहर 2 बजे से “हम हिन्दुस्तानी”(We The Indians) नाम से कार्यक्रम का आयोजन किया गया. बोर्ड द्वारा यह प्रोग्राम पूरे देश में आयोजित किया गया है। कार्यक्रम में बोलते हुए आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड दिल्ली यूनिट के सदर सय्यद शादाब हुसैन रिज़वी ने कहा कि बिना संविधान की इज्जत किये देश प्रेम सिर्फ एक ढोंग है, उन्होंने साफ कहा कि हमें अपनी लोकतांत्रिक प्रणाली को और मज़बूत करना होगा, इसमें विश्वास को बनाए रखना होगा क्योंकि हमारी गंगा जमनी तहज़ीब को जिस तरह नफरत की आग से खतरा है वह बहुत डरावना है, अगर यह तहज़ीब ख़तम हुई तो न कहीं कानून का राज होगा न कहीं लोकतंत्र, हम जिस आज़ादी की बात कर रहे हैं वह एक मज़ाक़ के सिवा कुछ नहीं होगा.

बोर्ड के ज़िम्मेदार मौलाना मुख्तार अशरफ ने कहा कि हमें मुल्क को आगे बढ़ाना है इसके लिए ज़रूरी है अपनी मिली जुली संस्कृति की हम रक्षा करें. संवैधानिक संस्थाओं  का सम्मान करें, उन्होंने कहा कि देश को बचाने का अपनी आज़ादी को बरकरार रखने का सिर्फ एक रास्ता है मोहब्बत का, वह भी सबके लिये ,नफरत सड़कों पर जिस तरह घिनौनी तस्वीर पेश कर रही है वह मुल्क के लिऐ बुरा है. महनामा कंज़ुल ईमान के एडीटर मौलाना ज़फरुद्दीन बरकाती साहब ने कहा, भारत एक अद्भुत देश है, पूरे संसार में ऐसा अनुपम उदाहरण नहीं मिलता जहां इतने धर्म एक साथ मिलजुल कर रहते हैं.गौसिया फलाह ए मिल्ल्त फाउंडेशन के अध्यक्ष मौलाना ज़ैनुल्लाह निज़ामी साहब ने कहा, देश में  जिस तरह का माहौल बनाया जा रहा है वह हमारे संवैधानिक ढाँचे के लिए खतरनाक है, लोग धार्मिक आधार पर नफरत का व्यापार कर रहे हैं, देश को बचाने के लिए बुद्धिजीवी वर्ग को भी आगे आना होगा. उन्होंने लोगों को सोशल मीडिया की ताकत से रूबरू कराते हुए कहा कि जहां यह विकास प्रतीक है वहीं गलत इस्तेमाल से सबसे बड़ा खतरा है. लिहाज़ा हमें होशियार रहना होगा।

कार्यक्रम  का संचालन सूफी अबू बकर साहब ने किया, जनाब मोहम्मद मियां ने तिलावत ए कलाम ए पाक से प्रोग्राम का आग़ाज़ किया, हाफिज क़मरुद्दीन ने नात पेश की, कार्यक्रम  में राष्ट्रगान हुआ और सलातो सलाम के बाद मुल्क की सलामती अमन और तरक्की की दुआ की गई।

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