پروفیسر خواجہ محمد اکرام الدین اعلی حضرت اشرفی ایوارڈ سے سرفراز

سپاس نامہ بخدمت
حضرت ڈاکٹر پروفیسر خواجہ اکرام الدین صاحب
جو اہر لال نہرو یو نیورسٹی،نئی دہلی
برائے شرکت علمی وتحقیقی سیمینار
بسلسلہ حیات وخدمات شیخ لمشائخ،سلطان الصوفیہ،ابو احمد اعلیحضرت محمد علی حسین اشرفی میاں،اشرفی جیلانی،کچھوچھوی قدس سرہ النورانی
بموقع عرس سرکار کلاں رضی المولی عنہ،منعقدہ ۹/رجب المرجب،۱۴۴۱ھ مطابق۲۲ فروری ۲۰۲۱ء
۵۲/واں عرس سرکار کلاں مخدوم المشائخ حضرت سید شاہ محمد مختا راشرف الاشرفی الجیلانی قدس سرہ العزیز
زیر قیادت: مجدد تعلیمات اشرفیہ،شیخ الہند،حضرت علامہ سید شاہ محمد اشرف اشرفی جیلانی،کچھوچھوی،دامت بر کاتہم القدسیہ
صدر آل انڈیا علما ومشائخ بورڈ وچیر مین ورلڈ صوفی فورم،جوہری فارم،جامعہ نگر،اوکھلا،نئی دہلی۔۵۲
ہرسال کی طرح امسال بھی عرس سرکار کلاں مخدوم المشائخ حضرت سید شاہ محمد مختا راشرف الاشرفی الجیلانی قدس سرہ العزیز ۹/رجب المرجب،۲۴۴۱ھ مطابق ۲۲

فروری ۲۰۲۱ء ہونا قرار پایا ہے۔اس موقعہ سے فروغ تصوف کے کاز کو آگے بڑھا تے ہوئے صوفی تعلیمات واقدار کی نشر واشاعت کے لیے خصوصاسلسلہ اشرفیہ کے اکابرین کی دینی وعلمی خدمات اور ان کے صوفیا نہ افکار ونظریات سے ایک اہم علمی نشست کا انعقاد بعنوان”اعلی حضرت اشرفی،سیمینا ر“کرنے کاخانقاہ اشرفیہ شیخ اعظم سرکار کلاں کچھوچھہ شریف ضلع امبیڈ کر نگر یو پی نے کر نے کافیصلہ کیا۔جس میں ملک کے طو ل وعرض سے مدا رس اسلامیہ کے موقر اساتذہ اور عصری دانشگاہوں کے نامور محققین نے اپنی شرکت سے سیمینار کو اعزاز بخشا،جن میں ایک اہم نام محترم المقام عزت مآب عالی جناب ڈاکٹرخواجہ محمد اکرام الدین جے این یو (نئی دہلی) کا بھی ہے۔جس کے لیے خانقاہاشرفیہ شیخ اعظم سرکار کلاں کچھوچھہ شریف آپ کی ممنون کرم ہے۔اس موقعہ سے کچھ منتخب شرکا کو خانقاہ کی طرف سے توصیف نامہ اور اعزازی شیلد ڈپیش کی گئی۔
ڈاکٹر صاحب جہان علم وادب کا ایک چمکتا ہوا ستارہ ہیں۔ان کے کما حقہ تعارف کے لیے ایک دفتر درکار ہے۔مختصر یہ کہ پروفیسر ڈاکٹر خواجہ محمد اکرام الدین سینٹر آف انڈین لینگویجز، اسکول آف لینگویج، لٹریچر اینڈ کلچر اسٹڈیز، جواہر لعل نہرو یونیورسٹی، نئی دہلی میں اردو کے پروفیسر ہیں۔ اردو زبان و ادب کے خدما ت کے حوالے سے وہ بین الاقوامی شہرت کے حامل ہیں۔ ۲۳ کتابوں کے مصنف ہیں۔ ان کی چند کتابوں کے کئی ایڈیشن شائع ہوچکے ہیں۔ان کی اکثر کتابیں ہندستان اور بیرون ممالک یونیورسٹیز میں شامل نصاب ہیں۔ پروفیسر خواجہ محمد اکرام الدین کوان کی علمی و ادبی کارکردگی کے عوض کئی ملکی اور بین الاقوامی اعزازات و انعامات مل چکے ہیں۔جن میں جاپان، ڈنمارک، جرمنی اور ترکی کے علاوہ ہندستان کے مختلف علمی وادبی اداروں کے نام شامل ہیں۔
پروفیسر خواجہ محمد اکرام الدین تین سال تک قومی کونسل برائے فروغ اردو زبان، وزرات برائے فروغ انسانی وسائل،حکومت ہند میں ڈائریکٹر کے عہدے پر فائز رہے۔ اپنے ڈائریکٹر شپ کے دوران انھوں نے قومی کونسل کی کارکردگیوں میں نئی اسکیموں کے نفاذ سے قابل قدر اضافہ کیا۔ انہی کی مدت کار میں کونسل سے بچوں کا ماہنامہ ”بچوں کی دنیا“ ا اجرا ہوا اور ”عالمی اردو کانفرنس“ کی بنیاد پڑی۔ انھوں نے اردو کو نئی ٹکنالوجی سے جوڑکر اردو کے فروغ کے امکانات کو وسیع کیا۔کئی اردو سوفٹ وئیر کو لانچ کیا ساتھ ہی ٹکنالوجی کو اردو سے ہم آہنگ کرنے کیسمت کئی اہم اقدامات کیے۔
اردو کے نئے امکانات کی تلاش میں و ہ مستقل سر گرم رہے ہیں اسی لیے کونسل کی مدت کار کے اختتام کے بعد بھی وہ اس سمت میں کام کرتے رہے۔دنیا بھر میں موجود اردو سیکھنے والوں کے لیے انھوں نے چندبرس قبل آن لائن ارود لرنگ) (www.onlineurdulearning.com کا پروگرام شروع کیاجسے دنیا بھر میں

مقبولیت حاصل ہوئی۔
پروفیسر خواجہ محمد اکرام الدین ورلڈ اردو ایسو سی ایشن کے چئیر مین ہیں جو ایک غیر سرکاری خود مختار ادارہ ہے۔اس ادارے کا مقصد دنیا کے مختلف گوشوں میں موجود اردو کے اساتذہ /ادیبوں / شاعروں / فکشن نگاروں /صحافیوں / طلبہ وطالبات اور قلم کاروں سے رابطہ و اشتراک اور باہمی تعاون، نئی نسل کے ادیبوں اور قلمکارو ں کی حوصلہ افزائی،اردو تدریس کے فروغ کے لیے ممکنہ وسائل کی فراہمی کی کوشش،اردو کے مہجری ادیبوں کی کتابوں کی اشاعت،اردو کی نئی کتابوں پرتبصرے اور اس کی رسائی کے امکانات کی تلاش اور مہجری ادیبوں پر مبنی انسائیکلو پیڈیا کی تیاری ہے۔
عالمی سطح پر جب کورونا کے وابئی مرض نے لوگوں کو گھروں میں مقید کردیا تو تقریباً زندگیاں مفلوج ہونے لگیں۔لوگوں کو ان حالات میں ذہنی پریشانیوں کا بھی سامنا کرنا پڑا۔ ایسے حالات میں خواجہ اکرام نے ورلڈ اردو ایسوسی ایشن کے پلیٹ فارم سے آن لائن سیمنار اور مذاکرے کے ساتھ ساتھ سب سے اہم پیش رفت یہ کی کہ انھو ں نے “مہجری اور غیر ملکی ادیبوں کا تعارفی سلسلہ ” شروع کیا جس کے تحت دنیا بھر میں پھیلے ہوئے اردو کے ادیبو ں سے لوگوں کو متعارف کرانا شروع کیا۔اردو کے آن لائن پروگراموں میں یہ اولیت کا درجہ رکھتا ہے، یہ ایک نئی پہل تھی جو کافی مقبول بھی ہوا اور لوگوں کو ذہنی غذا فراہم کی۔

گذشتہ دو دہائیوں سے www.khwajaekram.com ویب سائٹ جاری رکھے ہوئے ہیں۔اس کے ذریعے دنیا بھر میں موجود اردو کے ادیبوں سے جڑے ہوئے۔ انھوں نے دنیا کے ان ممالک کا سفر بھی کیا ہے جہاں جہاں اردو کی بستیاں موجود ہیں۔پروفیسر خواجہ اکرام نے مہجری ادب پر خود بھی بہت کام کیا ہے اور اپنے کئی ریسرچ اسکالرس سے تحقیقی مقالے بھی لکھوائے ہیں۔
میں بہ حیثیت خانقاہ اشرفیہ شیخ اعظم سرکار کلاں کے بانی ومتولی کی حیثت سے ڈاکٹر صاحب کی مزید ترقی وخوش حالی کے لیے دعا گو ہوں۔اللہ تعالی ان کے علم وہنر سے ہندوستان اور قوم وملت کو خوب خوب فائد ہ پہنچائے۔آمین

ऐआईयूएमबी छत्तीसगढ़ शाखा ने नरसिंहानन्द के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी

रायपुर, 06,अप्रेल, 2021
ऑल इंडिया उलमा व मशाएख़ बोर्ड 36 गढ़ यूनिट
ने नरसिंहानंद सरस्वती साधू संत के भेष में छुपे हुए दंगाई
के खिलाफ थाना सिटी कोतवाली में शिकायत दर्ज की।
नरसिंहानंद सरस्वती हिन्दोस्तान की गंगा जमनी तहज़ीब को खंडित करने वाला नेता है जिसने अपने एक इंटरव्यू में पूरे संसार के लिए रहमत और इंसानियत के मुहसिन हज़रत मुहम्मद ﷺ की शान में गुस्ताख़ी की और आप की शख्सियत पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर रहा है जो निंदनीय है यह भी स्पष्ट रहे कि इस्लाम धर्म में किसी भी धर्म के सम्मानित और धर्म गुरुओं को बुरा भला कहने से मना किया गया है, उसी धर्म के संस्थापक पैगम्बर ए इस्लाम के ख़िलाफ़ अपमानजनक शब्दो का इस्तेमाल कर उक्त व्यक्ति ने भारत के करोड़ो मुसलमानों की भावनाओं को ठेस पहुचाई है।
आज ऑल इंडिया उलमा व मशाएख़ बोर्ड 36 गढ़ यूनिट के उपाध्यक्ष क़ारी मोहम्मद इमरान अशरफ़ी एवं जनरल सेक्रेटरी नोमान अकरम हामिद की अगुआई में थाना सिटी कोतवाली में नामज़द रिपोर्ट कर शासन एवं प्रशासन से अनुरोध किया कि उक्त व्यक्ति के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई कर सज़ा दे और ये व्यक्ति जिस भी पार्टी से जुड़ा हुआ है उस पार्टी के लोग भी इस के खिलाफ ऐक्शन ले ताकि ऐसे लोगो पर लगाम लगे।
ज्ञात हो कि इससे पहले भी इसने सामाजिक समरसता और साम्प्रदायिक एकता को खंडित करने वाले बयान दिए हैं, कभी भूतपूर्व राष्ट्रपति डॉ.ए,पी,जे अब्दुल कलाम को पाकिस्तानी एजेंट बताकर भारतीय आयरनमेन का अपमान किया था।
अपने ऐसे बेतुके बयान से भारत के सम्मानित साधू संतो के समाज को भी ये व्यक्ति बदनाम कर रहा है जिसे हम कतई तौर पर बर्दाश्त नही कर सकते.
अतः प्रशासन इसपर गंभीरता पूर्वक अतिशीघ्र उचित करवाई करे ताकि समाज में उत्पन्न रोष का अंत हो और ऐसे बयानबाज़ों पर अंकुश भी लग सके

By: सलीम चिश्ती

जिससे मुल्क में खुशहाली आती हो उस बात का समर्थन : सय्यद मोहम्मद अशरफ

13 दिसंबर,2020,नई दिल्ली,रविवार
आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफ़ी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने एक बयान जारी कर कहा कि हम हर उस बात का समर्थन करते हैं जिससे देश के हर नागरिक को उसका हक़ मिलता हो और देश में खुशहाली आती हो।
उन्होंने कहा कि देश में जिस तरह देश का किसान सड़कों पर है और लगातार हुकूमत से कृषि बिल वापिस लेने की मांग की जा रही है उसमें सरकार और किसानों दोनों के जरिए अलग बात की जा रही है, जहां किसानों की बात है उनका मानना है कि यह देश के किसानों के हक़ में नहीं वहीं सरकार कह रही है कि यह किसानों को बहुत फायदा पहुंचाने वाला है,लेकिन सरकार ने काफी हद तक कानून में बदलाव की बात की है जिससे यह समझ तो आता है कि कुछ कमी ज़रूर रह गई ऐसे में गंभीरता से विचार की ज़रूरत है।
हमारा मुल्क खेती पर निर्भर है ऐसे में अपने खेत छोड़ कर किसान सड़क पर हैं इससे देश का नुकसान हो रहा है लिहाज़ा सरकार को इस पर फौरन फैसला लेना चाहिए और इस गतिरोध को समाप्त करना चाहिए, उन्होंने कहा कि किसी भी हाल में आंदोलन को मज़हबी रंग नहीं देना चाहिए और न हीं इसे हिंसक होना चाहिए जिस तरह कुछ पोस्टर को लेकर विवाद हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण है।
सभी गतिरोध के बाद भी देशहित सर्वोपरि रखना है इसे सरकार को भी समझना चाहिए, उन्होंने कहा कि हर जायज़ मांग का हम समर्थन करते हैं जिससे देश का फायदा होता है हर उस बात का विरोध सबको करना चाहिए जिससे देश का अहित होता है।
हज़रत ने कहा कि हमारा काम है कि देश की और देश के लोगों की दोनों की सेवा करें, अभी हमारे देश के लोग सड़कों पर अगर आये है तो भी हमारा कर्तव्य है कि इनकी सेवा सत्कार की जाये, यह बात सरकार को भी समझ आनी चाहिए, उन्होंने कहा कि हमने बोर्ड के लोगों को निर्देशित किया है कि वह खिदमते खल्क के जज्बे के साथ लोगों की खिदमत करें और लोगों की परेशानी में काम आयें यही धर्म है,।
उन्होंने यह भी कहा कि देश के किसानों की जायज़ मांगों को सरकार को फौरन मान लेना चाहिए और इस मसले को जल्द से जल्द हल करना चाहिए ।

By: Yunus Mohani

खानकाहों से मोहब्बत का संदेश जारी होता है नफरत की हिमायत नहीं: सय्यद मोहम्मदअशरफ

25 अक्टूबर,दिल्ली
आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफ़ी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने दरगाह ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती रहमतुल्लाह अलैहि के खादिम सरवर चिश्ती के पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया की हिमायत करने पर सख्त गुस्से का इजहार करते हुए कहा कि दरगाहे प्रेम और भाईचारे का संदेश देने की जगह है न कि किसी संदिग्ध और कट्टरपंथी सोच वाले संगठन की हिमायत करने की।
उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह उनकी ज़ाती सोच है इसका आम मुसलमानों की राय से कोई ताल्लुक नहीं है,इसे पूरी तरह खारिज किया जाना चाहिए क्योंकि अगर इस तरह के संदेश दरगाह के प्लेटफॉर्म से कोई शकस देता है इससे समाज में गलत संदेश जाता है इसे सख्ती के साथ रोका जाना चाहिए, पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया की गतिविधियां संदिग्ध पाई गई है और जांच चल रही है उसकी विचारधारा सबको पता है कट्टरपंथी विचारों से देश का सौहार्द्य बिगड़ता है जिससे देश का नुकसान है हमें ऐसे विचारों को किसी भी कीमत पर प्रोत्साहन नहीं देना है ,और इन्हें बढ़ने से रोकना है क्योंकि देश के युवाओं को भ्रमित नहीं होने देना है।
हज़रत ने सरवर चिश्ती के बयान पर कहा कि यह नासमझी में दिया गया बयान है उन्हें सोचना चाहिए कि वह जहां बैठ कर यह बात कर रहे हैं उस बारगाह का संदेश क्या है ?अजमेर भारतीय मुसलमानों का मरकज़ है वहां बैठ कर ऐसी फिजूल बात करना गुमराह करने जैसा है।

نفلی قربانی کے بجائے لاک ڈاؤن میں بے روزگار غریب مزدوروں کی مالی مدد کریں: سید محمد اشرف

نئی دہلی (پریس ریلیز) ۲۵/جولائی

آل انڈیا علما ء و مشائخ بورڈ کے بانی وصدر اور ورلڈ صوفی فورم کے چیئرمین حضرت سید محمد اشرف کچھوچھوی نے کورونا وبا میں آنے والے تہوار عید الاضحی کے موقع پر مسلمانان ہند سے اپیل کرتے ہوئے کہا کہ ہمیں گورنمنٹ کے ذریعہ جاری کی گئی ضروری ہدایات پر عمل کرتے ہوئے قربانی کی سنت پر عمل کرنا ہے کیونکہ معاشرے کو ہر طرح کے فساد،بیماری،وبا وغیرہ سے بچنے کی ذمہ داری ہم پر ہمارے دین نے ڈالی ہے جسے ہمیں انجام دینا ہے جس میں ہمیں خاص باتوں کا خیال رکھنا ہے جس سے برادران وطن کے جذبات کو ٹھیس نہ پہنچے،اس لئے راستوں اور عوامی جگہوں پر قربانی نہ کریں بلکہ ممکن ہو تو بڑے احاطوں میں اہتمام کریں، جن جانوروں پر قانونی طور پر پابندی ہے ان کی قربانی کرنے سے پرہیز کریں۔ قربانی کا خون نالیوں میں نہ بہائیں بلکہ اسے دفن کریں، جانوروں کا وہ حصہ جو نہیں کھایا جاتا دفن کریں۔صاف صفائی کا خاص خیال رکھیں، کسی کو آپ کی وجہ سے پریشانی نہ ہو۔ قربانی کا ویڈیو بنا کر سوشل میڈیا پر نہ ڈالیں۔قربانی کے گوشت کو غریبوں اور پریشان حال لوگوں تک پہنچانے کا خاص انتظام کریں۔جو لوگ نفلی قربانی کا ارادہ رکھتے ہیں بہتر ہے کہ وہ سیلاب، کورونا وبا کے چلتے لاک ڈاؤن میں بھوک سے پریشان بے روزگار غریب مزدوروں یا دوسری مصیبتوں میں مبتلا لوگوں کی مالی مدد کریں، نظم و ضبط بنائے رکھیں اور قانون کی خلاف ورزی نہ کریں۔قربانی کے گوشت کو کھلا نہ لے جائیں، پولیس انتظامیہ کی مددکریں۔

उलमा मशाईख बोर्ड दिल्ली व अल अशरफ ट्रस्ट का रमज़ान में राशन बाँटने का सिलसिला जारी !

26 अप्रैल 2020, नई दिल्ली

आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड और अल अशरफ ट्रस्ट के तत्वाधान में ज़रूरतमन्द व असहाय लोगों तक मदद पहुंचाने का सिलसिला रमज़ान के मुबारक महीने में भी जारी है, बोर्ड के लोग हर जगह ज़रूरतमंदों तक राशन किट और दूसरी ज़रूरी सहायता पहुंचा रहे हैं।
बोर्ड दिल्ली शाखा के सेक्रेटरी सय्यद शादाब हुसैन रिज़वी अशरफी के नृतत्व में सय्यद सऊद अख्तर व उम्मे फातिमा अशरफ अन्य के साथ मिलकर दिल्ली में लॉक डाउन के पहले दिन से दिल्ली के कोने कोने में पहुँच कर हक़दार तक राशन पहुँचा रहे हैं, यह सिलसिला रमज़ान शरीफ में भी जारी है, पहले रोज़े बोर्ड दिल्ली शाखा ने लगभग 100 हक़दार घरों तक राशन पहुँचाया ताकि उन्हें रोज़े रखने में कोई परेशानी पेश न आए.

बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी की लोगों से हर जरूरतमंद शख्स की हर संभव मदद पहुंचाने की अपील के बाद से राष्ट्रीय स्तर पर यह काम किया जा रहा है।

बोर्ड ने सभी से अपील की है कि देशभर में लोग सिर्फ अपने घर के 100 मीटर के दायरे की ज़िम्मेदारी उठा लें तो पूरे देश में कहीं कोई भूख से नहीं मर सकता, इस तरह हम भूख के साथ कोरोना को हरा कर नई तारीख लिख सकते हैं कि जिस देश में इतनी बड़ी आबादी रहती हो वहां लाकडाउन के बावजूद भी लोगों ने यह बताया कि इंसानियत के जरिए हम बड़ी से बड़ी चुनौती को पार कर सकते हैं। नबी की तालीम यही है कि अगर तुम्हारा पड़ोसी भूखा है और तुम खाना खा रहे हो तो तुम हरगिज़ मोमिन नहीं हो सकते, देश के 30 करोड़ मुसलमान इस पर अमल कर देश के सभी भूखों का पेट भर दे इसके लिए उन्हें सिर्फ 2 लोगों के खाने का इंतजाम करना है।

عرس سرکار کلاں و عرس شیخ اعظم کچھوچھہ سے بھی دہلی فسادات سے متاثرہ افراد کی مدد کا مطالبہ

ملک بھر میں عرس سرکار کلاں و عرس شیخ اعظم امن وامان کی دعا کے ساتھ منایا گیا


مارچ7 ، کچھوچھہ (پریس ریلیز) خانقاہ اشرفیہ شیخ اعظم سرکارکلاں کچھوچھہ شریف، امبیڈکر نگرمیں ۴۲/واں عرس کلاں حضرت سید مختار اشرف رحمۃ اللہ علیہ و۸/واں عرس شیخ اعظم حضرت سید محمد اظہار اشرف رحمۃ اللہ علیہ کے موقع پر آل انڈیا علماء ومشائخ بورڈ کے قومی صدر اور ورلڈ صوفی فورم کے چیئرمین حضرت سید محمد اشرف کچھوچھوی نے ایک بار پھر تمام لوگوں سے دہلی فسادات میں تباہ حال لوگوں کی مدد کے لئے آگے آنے کا مطالبہ کیا۔
حضرت یہاں کچھوچھہ شریف میں اپنے دادا سرکار کلاں و اپنے والد گرامی شیخ اعظم کے عرس کے موقع پر عقیدت مندوں سے خطاب کر رہے تھے، انہوں نے اس موقع پر کہا کہ جن کا عرس آج ہم منا رہے ہیں انہوں نے اپنی پوری زندگی لوگوں کی بھلائی اور مدد میں گزاری،ہماری ان سے سچی محبت یہ ہے کہ ہم ان کے عمل کو اپنا عمل بنا لیں اور جہاں تک ممکن ہو مصیبت میں گرفتار لوگوں کی مدد کے لئے اس کام میں شامل ہوں،ہمارا فرض ہے کہ ہم ان کے لئے آگے آئیں۔
لوگ پوری دنیا میں پھیلنے والے کورونا وائرس سے خوفزدہ ہیں، کسی بھی آفت سے بچنے کے لئے محتاط رہنا اچھی بات ہے، لہٰذا ڈاکٹر آپ کو جو بھی طریقہ بتا رہے ہیں اس پر عمل درآمد ہونا چاہئے، لیکن جوطریقے ہمیں بتائے جا رہے ہیں وہ ہمیں 1500 سال پہلے ہمیں ہمارے پیارے نبی صلی اللہ تعالیٰ علیہ وسلم نے بتائے۔ہمارے نبی نے کہا کہ کھانسنے اور چھینکنے سے پہلے اپنے منہ کو ڈھکو، وضو کے ذریعہ ہاتھ، ناک، کان سب صاف رکھیں، ہمیں بس اپنے نبی ﷺ کے طریقے پرعمل کرنا ہے ہر مسئلہ ہم سے مکمل طور پر دور ہوجائے گا۔
اس موقع پرحضرت سید احسن میاں،حضرت سید حماد اشرف،سید نواز اشرف،سید ناصر میاں کے علاوہ دیگر موجود رہے اورسجادہ نشین خانقاہ سرکارکلا حضرت سید محمود اشرف کچھوچھوی نے ملک بھر میں امن کی دعا کی۔

AIUMB & World Sufi Forum extend help in Centre’s bid to mainstream the Madrasas and uplift minorities

New Delhi: June 13, 2019

 The World Sufi Forum’s chairman, Syed Mohammad Ashraf Kichhowchhawi, President & Founder of All India Ulama & Mashaikh Board (AIUMB), an apex body of Sufi Muslims in India applauded and spiritedly welcomed the Centre’s decision to mainstream and modernise the Madrasas across the country.

The Modi government’s focus on the development of the Madrasa education is part of the actual inclusive policies aimed at the betterment of the Muslim minority community rather than the appeasement politics, he said.

Syed Mohammad Ashraf Kichhowchhawi said: “For this historic initiative, I personally thank Prime Minister Narendra Modi and Union Minister for Minority Affairs Mukhtar Abbas Naqvi and pray for the ultimate success in the implementation of this desirable proposal. This goes in full spirit of ‘Sabka Saath Sabka Vikas’ if the plan is put into action.”

He further said that if Madrasas are connected with formal education and mainstream education, lakhs of students enrolled over there can contribute more vigorously to the development of the nation. Syed Kichhowchhawi showed full cooperation to uphold the cause of “Hold Quran in one hand and computer in other” in the nook and corner of the country.

This welcome move reflects an ongoing internal overhaul in the outlook of the BJP leadership towards the Muslims. While the Modi government is gearing up for a major reformation in the madrasa education system, AIUMB seeks to extend all possible support in introducing the new vocational courses, tech-based education programmes and professional skill development will in the Madrasa educational curricula.

As an apex organisation of Indian Sufi Muslims, All Indian Ulama and Mashaikh Board (AIUMB), reaffirms its commitment to work with the Narendra Modi government for mainstreaming the Madrasas, countering extremism and radicalism, setting up education centres to curb the foreign radical ideologies.

“The AIUMB will help prepare the syllabus for such education centres in Muslim areas where counter-extremism Islamic courses based on pluralistic Indian ethos are taught”, said the founder and president of AIUMB and chairman of World Sufi Forum. “Sufism is a way of life and is above religion. It stands for peace. Wherever Sufi ideology got weakened, terrorism grew. The example is Kashmir,” he added.

Kichhowchhawi, however, warned of intermediaries between the Muslims and the Modi government and said that they want the Prime Minister to establish direct contact with the mainstream minorities of India, including the Muslims. He also reminded of PM Modi’s remarks in his Mann ki Baat in which he spoke about his interaction with the Sufi leaders: “I had the opportunity of meeting Sufi saints and scholars… Perhaps, it has become the foremost need for the world to know the true picture of Islam… I am confident that Sufi culture, which is associated with love and generosity will spread this message far and wide. It will benefit Islam as well as humankind”.

In the World Sufi Forum held in March 2016, the AIUMB had submitted a 15-point memorandum to Modi government, demanding among other things, setting up of a Sufi research centre in Delhi and creation of a “Sufi circuit” to promote syncretic Sufi culture, tourism to Indian Sufi shrines.

حسینیت نام ہے ظلم کے خلاف کھڑے ہونے کا:سید محمداشرف کچھوچھوی

کلیرشریف۔ہریدوار۔2نومبر

حسینیت نام ہے ظلم کے خلاف کھڑے ہونے کا۔امام حسین علیہ السلام نے ظلم کی علامت یزید کے خلاف اپنے چھ ماہ کے بیٹے حضرت علی اصغرسے لیکراپنے جوان بیٹے حضرت علی اکبررضی اللہ تعالیٰ عنہما تک کوقربان کردیا اورآخر میں خود بھی جام شہادت نوش فرمایا لیکن ظلم کی حمایت نہیں کی۔ امام حسین علیہ السلام سے محبت کرنے والے ہردورمیں ظلم کے خلاف آواز اٹھاتے رہے ہیں اورمظلوموں کے زخموں پرمرہم لگانے کاکام کرتے رہے ہیں۔ ظلم کے خلاف صبروشکر کی تعلیم دنیا قیامت تک امام حسین علیہ السلام سے سیکھتی رہے گی۔ ان خیالات کااظہار حضرت مولانا سید محمداشرف کچھوچھوی بانی وصدر آل انڈیا علماء ومشائخ بورڈ نے سلیم پور کلیر شریف میں ایک جلسہ بنام تاجدار کربلا کانفرنس کوخطاب کرتے ہوئے کیا۔
حضرت نے مزید کہاکہ ظالم کتنابھی طاقتورکیوں نہ ہو اس کی شکست یقینی ہے لیکن اس سے ڈر کراس کی حمایت کرناخلاف اسلام ہے۔ظلم صرف کسی کومار دینا ہی نہیں ہے بلکہ کسی کے حقوق کی پامالی بھی ظلم ہے۔نفرت ظلم ہے اورمحبت اسے مٹانے کاہتھیار لہذا محبت پھیلائیے اورنفرتوں کاخاتمہ کیجئے۔حسین والوں کایہی پیغام ہے کہ محبت سب کے لئے اورنفرت کسی سے نہیں۔
جلسہ کاآغازقاری غلام مرسلین سنبھلی کی تلاوت قرآن کریم سے ہوا۔ جناب ذوالفقار و سید انس نے نعت ومنقبت کے نذرانے پیش کئے۔ جلسہ کی صدارت قاری عاصم صابری نے کی اورنظامت کے فرائض قاری عرفان اشرفی نے انجام دئے۔دہلی سے آئے مولانا اشتیاق القادری نے صوفیاء و اولیا کی تعلیمات و روش کو اپناکر اسی پر عمل پیرا ہونے اور اسے عام کرنے پر زور دیا وہیں قاری مشرف اشرفی سنبھلی نے واقعات کربلا پر روشنی ڈالی۔
جلسہ کااختتام صلوٰۃ وسلام اورملک میں امن و امان کی دعاپرہوا۔جلسہ میں د پیر طریقت سید حسنین سیکری شریف،حکیم سید واصف میاں سہارنپوری ،حافط مہتاب قادری،محمدرفیع کے علاوہ کثیر تعدادمیں عوام موجود رہے۔

रोहिंग्या शरणार्थियों पर अनर्गल बयानबाज़ी बंद करें मंत्री- सय्यद अशरफ

चित्तौड़:11 सितम्बर रोहिंग्या शरणार्थियों के मसले पर सरकार के मंत्रियों के बयान से आहत आल इंडिया उलमा मशायख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने कहा कि अनर्गल बयानबाज़ी बंद करें और मानवता की सेवा के लिये रोहिंग्या शरणार्थियों की मदद का हाथ बढ़ाये सरकार ।
उन्होंने कहा संयुक्त राष्ट्र उच्चायोग ने भी साफ कह दिया है कि शरणार्थियों को खतरे वाली जगह पर वापस नहीं भेजा जा सकता यह नियम सभी राष्ट्रों के लिये बाध्यकारी है ।इस सिद्धांत को अंतरराष्ट्रीय कानून का हिस्सा माना जाता है इसलिए यह सब देशों पर लागू होता है चाहे उन्होंने शरणार्थी समझौते पर हस्ताक्षर किये हों या नहीं ।
हज़रत ने साफ कहा अब सरकार अपना आधिकारिक रुख स्पष्ट करे कि वह अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करेगी या नहीं इसके लिये मंत्रियों को अनर्गल बयानबाज़ी करने की कोई ज़रूरत नही है क्योंकि राजनैतिक लाभ और राष्ट्रहित अलग अलग है ।राष्ट्रहित और मानवता की रक्षा सर्वोपरि है इससे समझौता नहीं किया जा सकता।
हज़रत ने साफ कहा कि अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री को अपने विभाग की योजनाओं पर ध्यान देना चाहिए,वक्फ की लूट पर लगाम लगानी चाहिये न कि अनर्गल बयानबाज़ी करनी चाहिए।
उन्होंने एक बार फिर भारत सरकार से मांग की रोहिंग्या शरणार्थियों को भारत में रहने दिया जाय जबतक बर्मा में हालात सामान्य नहीं हो जाते और बर्मा सरकार से नरसंहार को रोकने के लिये कहे।हज़रत ने लोगों से इन शरणार्थियों की भरसक मदद करने की अपील भी की।