हलाल रिज़्क़, इंसाफ और मोहब्बत से बचेगी दुनिया : सय्यद मोहम्मद अशरफ

उलमा व मशाइख बोर्ड अध्यक्ष की कोरोना वायरस से सावधान रहने की अपील!

15 मार्च रविवार,सुनौली
आल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फ़ोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने कल सुनौली नेपाल बार्डर पर एक धर्म सभा को संबोधित करते हुए मौजूदा समय में दुनिया पा कोरोंना वायरस के खतरे पर बात करते हुए कहा कि “हलाल रिज्क,इंसाफ और मोहब्बत से बचेगी दुनिया”!
हज़रत ने कहा कि हमारे पैदा करने वाले रब ने हमें बता दिया कि हम क्या खा सकते हैं और क्या नहीं जब हम उससे मुंह मोड़ेंगे तो इस तरह की मुसीबत में गिरफ्तार हो जाएंगे,सिर्फ खान पान से ही नहीं बल्कि इंसाफ न करने पर भी ऐसी स्थिति उत्पन्न होगी दुनिया तरह तरह की मुसीबत में फंसती जा रही है तरक्की के नाम पर रोज इंसानियत को नेस्तनाबूद करने वाले हथियारों को बनाया जा रहा है जिस हथियार से दुनिया को सबसे ज़्यादा नुक़सान पहुंच सकता है जिससे सबसे ज़्यादा जाने जा सकती है उसे सबसे बेहतर हथियार माना जा रहा है और उस मुल्क को सबसे ज़्यादा विकसित राष्ट्र माना जा रहा है,जबकि होना तो यह चाहिए था कि सबसे ज़्यादा विकसित मुल्क उसे मना जाए जहां इंसान की जिंदगी को सबसे ज़्यादा बेहतर करने पर काम हो,जहां इंसाफ का निज़ाम कायम हो,और सबसे अच्छा हथियार वह हो जिससे सबसे काम इंसानी जानो का नुकसान हो।
उन्होंने कहा कि दुनिया आज कोविड19 की वजह चीन के लोगों के गलत खान पान को मान रही है चमगादड़ को इसका मुख्य कारण माना जा रहा है लेकिन इसी खतरे को आज से 1500 साल पहले हमारे नबी ने बता दिया था और सबको यह बता दिया कि क्या खाया जा सकता है और क्या नहीं अगर नबी की बात पर अमल हो तो मुमकिन नहीं कि इस तरह की बीमारी फैले,सिर्फ इतना ही नहीं इस बीमारी से बचने के जो उपाय डॉक्टर बता रहे थे यह तो सब प्यारे नबी की सुन्नत हैं खांसी अाए तो मुंह ढंक लो छींक अाए तो मुंह ढंक लो हाथ धो वज़ू करो जिससे नांक और मुंह में को गंदगी है साफ हो जाए ।
मुसलमानों को कोरोंना से नहीं अपने रब से डरना चाहिए और अपने रसूल की सुन्नत पर अमल करना चाहिए आप अपने आप इस खतरनाक बीमारी से बच जाएंगे साफ सफाई का ख्याल रखें हाथो को साफ रखें ।
हलाल रिज्क बीमारियों से बचाता है ,वहीं इंसाफ से अमन कायम होता है और अमन होने से तरक्की होती है ,हुकूमत को इंसाफ का निज़ाम कायम करना चाहिए जिस तरह के हालात से मुल्क दो चार है इसमें इंसाफ के जरिए लोगों में भरोसा कायम किया जाना चाहिए और नफरतों को मिटा कर मोहब्बत का वातावरण बनाया जाना चाहिए क्योंकि यदि नफरत नहीं रुकी तो कोरोंना से अधिक घातक साबित होगी और इस वायरस की एक ही वैक्सीन है वह है मोहब्बत।

Yunus Mohani

عرس سرکار کلاں و عرس شیخ اعظم کچھوچھہ سے بھی دہلی فسادات سے متاثرہ افراد کی مدد کا مطالبہ

ملک بھر میں عرس سرکار کلاں و عرس شیخ اعظم امن وامان کی دعا کے ساتھ منایا گیا


مارچ7 ، کچھوچھہ (پریس ریلیز) خانقاہ اشرفیہ شیخ اعظم سرکارکلاں کچھوچھہ شریف، امبیڈکر نگرمیں ۴۲/واں عرس کلاں حضرت سید مختار اشرف رحمۃ اللہ علیہ و۸/واں عرس شیخ اعظم حضرت سید محمد اظہار اشرف رحمۃ اللہ علیہ کے موقع پر آل انڈیا علماء ومشائخ بورڈ کے قومی صدر اور ورلڈ صوفی فورم کے چیئرمین حضرت سید محمد اشرف کچھوچھوی نے ایک بار پھر تمام لوگوں سے دہلی فسادات میں تباہ حال لوگوں کی مدد کے لئے آگے آنے کا مطالبہ کیا۔
حضرت یہاں کچھوچھہ شریف میں اپنے دادا سرکار کلاں و اپنے والد گرامی شیخ اعظم کے عرس کے موقع پر عقیدت مندوں سے خطاب کر رہے تھے، انہوں نے اس موقع پر کہا کہ جن کا عرس آج ہم منا رہے ہیں انہوں نے اپنی پوری زندگی لوگوں کی بھلائی اور مدد میں گزاری،ہماری ان سے سچی محبت یہ ہے کہ ہم ان کے عمل کو اپنا عمل بنا لیں اور جہاں تک ممکن ہو مصیبت میں گرفتار لوگوں کی مدد کے لئے اس کام میں شامل ہوں،ہمارا فرض ہے کہ ہم ان کے لئے آگے آئیں۔
لوگ پوری دنیا میں پھیلنے والے کورونا وائرس سے خوفزدہ ہیں، کسی بھی آفت سے بچنے کے لئے محتاط رہنا اچھی بات ہے، لہٰذا ڈاکٹر آپ کو جو بھی طریقہ بتا رہے ہیں اس پر عمل درآمد ہونا چاہئے، لیکن جوطریقے ہمیں بتائے جا رہے ہیں وہ ہمیں 1500 سال پہلے ہمیں ہمارے پیارے نبی صلی اللہ تعالیٰ علیہ وسلم نے بتائے۔ہمارے نبی نے کہا کہ کھانسنے اور چھینکنے سے پہلے اپنے منہ کو ڈھکو، وضو کے ذریعہ ہاتھ، ناک، کان سب صاف رکھیں، ہمیں بس اپنے نبی ﷺ کے طریقے پرعمل کرنا ہے ہر مسئلہ ہم سے مکمل طور پر دور ہوجائے گا۔
اس موقع پرحضرت سید احسن میاں،حضرت سید حماد اشرف،سید نواز اشرف،سید ناصر میاں کے علاوہ دیگر موجود رہے اورسجادہ نشین خانقاہ سرکارکلا حضرت سید محمود اشرف کچھوچھوی نے ملک بھر میں امن کی دعا کی۔

محبت رسول امتیوں پر فرض: سید سلمان چشتی

انڈیا اسلامک کلچر سینٹر میں جلسہ سیرۃ النبی ﷺ
نئی دہلی،03دسمبر(پریس ریلیز)گزشتہ رات انڈیا اسلامک کلچر سینٹر کی جانب سے جلسہ سیرۃ النبی ﷺ کا انعقاد کیا گیا جس میں آل انڈیا علماء ومشائخ بورڈ جوائنٹ سکریٹری سید سلمان چشتی نے سیرت رسول ﷺ کے موضوع پر اظہار خیال کرتے ہوئے کہا کہ محبت رسول امتیوں پر فرض ہے جسے ہندوستان میں صوفیا ئے کرام نے عملی جامہ پہنا کر دکھایا اور سر زمین ہند پر رسول اکرم کا پیغام امن،محبت،اخوت و انسانیت، حضرت خواجہ غریب نواز معین الدین چشتی رحمۃ اللہ علیہ نے عام کیا۔ سید سلمان چشتی نے کہا کہ خدمت خلق امت محمدیہ کو رسول اللہ سے ملی امانت ہے جسے ہندوستان میں صوفیا ئے کرام نے سنبھال کر رکھا اور اب ہماری ذمہ داری ہے کہ ہم خدمت خلق کا جذبہ اپنے آنے والی نسلوں تک پہنچائیں۔
انہوں نے خواتین کے حقوق کے بابت فرمایا کہ نبیِ کریم صلی اللہ علیہ وسلم نے خواتین کو ذلت وپستی کے گڑھوں سے نکالا جب کہ وہ اس کی انتہا کو پہنچ چکی تھی، اس کے وجود کو گو ارا کرنے سے بھی انکار کیا جارہا تھا تو رحمۃ للعالمین بن کر تشریف لائے اور آپ نے پوری انسانیت کو اس آگ کی لپیٹ سے بچایا اور عورت کو بھی اس گڑھے سے نکالا۔ اور اس زندہ دفن کرنے والی عورت کو بے پناہ حقوق عطا فرمائے اور قومی وملی زندگی میں عورتوں کی کیا اہمیت ہے، اس کو سامنے رکھ کر اس کی فطرت کے مطابق اس کو ذمہ داریاں سونپیں۔آپ نے کہا کہ آج کے اس پر فتن دور میں ہمیں سیرت رسول پر عمل پیرا ہونے کی ضرورت ہے جس سے اپنی دنیا و آخرت سنوار سکیں۔

By: Husain Sherani

तालीमे नबी पर अमल किये बिना अमन मुमकिन नहीं: सय्यद मोहम्मद अशरफ

नवंबर 1, शुक्रवार लखनऊ,
वर्ल्ड सूफी फ़ोरम के चेयरमैन और आल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड के अध्यक्ष सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने लखनऊ में एक धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि तालीमे नबी पर अमल क़िये बिना अमन संभव नहीं है उन्होंने कहा कि अल्लाह के प्यारे रसूल हज़रत मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया कि अगर आपका पड़ोसी आपके दुर्व्यवहार की वजह परेशान है तो आप मुसलमान नहीं हो सकते ,अब पड़ोसी को देखा जाए तो एक घर दूसरे घर का पड़ोसी है,एक मोहल्ला दूसरे मोहल्ले का पड़ोसी है,एक शहर दूसरे शहर का पड़ोसी है,एक प्रदेश दूसरे प्रदेश का पड़ोसी और एक देश दूसरे देश का पड़ोसी है इस तरह पूरा संसार आपस में पड़ोसी है तो सार यही निकलता है कि अगर लोग सिर्फ इस एक शिक्षा पर अमल कर ले और अपने पड़ोसी का ख्याल रख लें तो पूरे संसार में शांति स्थापित हो जायेगी।
उन्होंने कहा कि पैगम्बर ने कहा कि सबसे बड़ा पुण्य का काम लोगों को खाना खिलाना है,लोग इस तालीम पर अमल करें तो संसार से भूकमरी समाप्त हो जायेगी ,हम सबको इस पर अमल करना है जब हम अमल करके दिखा देंगे तो लोग चाहे जितनी कोशिश कर लें हमारे खिलाफ किसी के दिल में नफरत पैदा नहीं कर सकते ,यही काम सूफिया ने किया उन्होंने नबी की तालीम पर अमल किया और पूरा संसार उनका दीवाना हो गया,और चाहे कोई कितनी नफरत की बात करे उनके आस्तानों पर अकीदतमंदो की भीड़ कम नहीं होती।
हज़रत ने कहा कि हम सबको अगर अमन चाहिए तो खुद को उसी सांचे में ढालना होगा जो सुन्नत के मुताबिक हो आजकल लोग सिर्फ अच्छी बाते बता रहे हैं उसपर खुद अमल नहीं करते यही वजह है कि समाज में बुराइयां फैल रही हैं,लगातार लोग घाटे में जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि समाज में नफरत नहीं बढ़ रही है ऐसा जो लोग कह रहे हैं उनका दृष्टिकोण सही नहीं है मोहब्बत कम हो रही है यह सही बात है ,जब मोहब्बत घटेगी तो उसी अनुपात में नफरत फैलेगी यही हो रहा है इसे रोकने का एक मात्र साधन नबी की शिक्षाओं पर अमल करना है।
यह मुबारक महीना है इसका एहतराम यह है कि हम सब नबी के बताए रास्ते पर चलें और लोगों के लिए राहत और आसानी पैदा करने वाले बन जाएं लोग हमें देख कर कहें कि यहां हमें कोई खतरा नहीं है यह मोहम्मद सल्लल्लाहू अलैहि वसल्लम के गुलाम हैं इनके पास हमारी इज्जत ,दौलत जान सब सुरक्षित है,सभी को आमदे रसूल की मुबारकबाद देते हुए हज़रत ने कहा कि इस पूरे हफ्ते को आल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड वीक ऑफ ह्यूमिनिटी के तौर पर मनाता है आप सब इसे उसी तरह मनाइए लोगों की खूब मदद कीजिए गरीबों यतीमो के काम आइए ,लोगों को खाना खिलाइए ,पेड़ लगाए ,साफ सफाई रखे और दुरूद की महफ़िल साजाएं।

By: Yunus Mohani

International bodies must enact laws against disrespecting holy Prophets and sacred personalities: World Sufi Forum

New Delhi, September 3, 2018. 

World Sufi Forum (WSF) has written a letter to the UN Secretary, the UN Human Rights Council (UNHRC), European Union (EU) and other international bodies to introduce laws against disrespecting holy Prophets and sacred personalities. This letter has been written in the wake of the recent failed plan to draw contemptuous cartoons of the Prophet Muhammad (peace be upon him).

WSF urges the UN in line with the guidelines of UNHRC Resolution 16/18, to speak up against any ill-conceived plan to defame, denigrate or disrespect the holy personalities of any faith tradition.

In this letter, the WSF stresses that,

  • World community combats negative stereotyping and stigmatization of any faith community and its leaders, and discrimination, incitement to violence as per the Resolution 16/18 adopted by the UN Human Rights Council in March 2011.
  • It has now become inevitable to make international laws to curb the contemptuous and disrespectful behavior towards the holy Prophets and all other sacred personalities in future.
  • The UN Human Rights Council (UNHRC) and European Union must discourage any future blasphemous act against Prophet Muhammad (peace be upon him), which leads to an environment of tension, discord and distress in the Muslim world.
  • If the objective of global peace is to be achieved, the United Nations and all international bodies are duty-bound to enact clear and manifest laws making blasphemy of holy Prophets and other personages a punishable offence.
  • This should not just be confined to formulation of laws but the necessary laws should be translated into action, in letter and spirit.
  • Freedom of Expression should be redefined in order to protect the world from clash of civilizations. Any disrespectful or contemptuous behavior against the holy Prophets is cannot be called ‘freedom of expression’ by any legal imagination. Rather, it is violation of fundamental right to profess any religion and love and respect its holy personages.
  • If the United Nations, European Union and other international organizations did not address this extremely sensitive issue, nothing would save the world from promoting religious extremism and plunging into another ‘clash of civilizations’.
  • The peaceful and the true Prophet-loving Muslims have exercised utmost patience and restraint on a number of occasions when blasphemous, objectionable and immoral material was published against Prophet of Islam so that international peace could stay intact.\
  • International community must curtail these factors which ultimately result in the emergence of extremist thoughts and groups. It would halt the efforts towards attaining global peace and would strengthen the extremists’ narratives and ulterior motives.

The World Sufi Forum urges the world community to curb such acts which only help the extremists. While we need more tolerance, respect for cultural and religious diversity and enhanced dialogue at all levels, we need to fight extremism in all forms and manifestations.

 

With Best Wishes.

Syed Mohammad Ashraf Kichchawchchvi

Chairman, World Sufi Forum

Founder & President

All India Ulama & Mashaikh Board