दंगा भड़काना चाहता है वसीम रिज़वी, सरकार करे कार्यवाही : सय्यद मोहम्मद अशरफ

9 जनवरी /लखनऊ,

आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने वसीम रिज़वी के सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो पर कड़ा एतराज़ जताते हुए उसे अमन का दुश्मन करार दिया है ,उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार एवं केंद्र सरकार से मांग की है कि फ़ौरन ऐसे असामाजिक तत्व के खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मुक़दमा लिख कर कड़ी कार्यवाही की जाये. उन्होंने कहा कि यह शख्स लगातार अपनी भड़काऊ और बेतुकी बातों से देश एवं प्रदेश का अमन खराब करना चाहता है .
हज़रत ने कहा एक महत्त्वपूर्ण पद पर बैठा यह शख्स संविधान की मर्यादों को तोड़ रहा है और देश में दंगा फैला कर लगातार देश को अस्थिर करने की घिनौनी साजिश रच रहा है, यह शख्स कट्टरपंथी विचार से प्रेरित है और उसे फैलाना चाहता है. उन्होंने भारत सरकार से मांग की है कि फ़ौरन ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाये क्योंकि प्रदेश में जहाँ कुम्भ का मेला चल रहा है ऐसे में अगर हालात  खराब हुए तो उन्हें नियंत्रित करना मुश्किल होगा लिहाज़ा इस पर त्वरित कार्यवाही कि जाये.
उन्होंने कहा कि सुफिया ने सदैव मोहब्बत का संदेश दिया है और इस संदेश का यह असर है कि लखनऊ में दंगे बंद हो गये लेकिन शांति के दुश्मनों से यह देखा नहीं जा रहा है और वह इस सामाजिक ताने बाने को तोड़ देने पर तुल गये हैं हालांकि यह एक अंतर्राष्ट्रीय साजिश का हिस्सा है जिसकी एक कड़ी वसीम रिज़वी भी हो सकते हैं इसकी जांच की जानी चाहिए.

By: यूनुस मोहानी

सरकार शिक्षा और रोजगार पर ध्यान दे : सय्यद मोहम्मद अशरफ

19जनवरी/ बुरहानपुर
सरकार शिक्षा और रोजगार पर ध्यान दे,आल इन्डिया उलमा व मशायख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने सरकार को चेताते हुए यह बात कही. उन्होंने कहा देश युवाशक्ति को सही दिशा दिए बिना आगे नहीं बढ़ेगा. देश का विकास युवाओं को बेहतर शिक्षा व्यवस्था और रोजगार देने से होगा। वह यहां मीडिया से रूबरू थे।
हज सब्सिडी खत्म किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा, हम इस क़दम का स्वागत करते हैं साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर सरकार अपने बयान के मुताबिक़ सब्सिडी की रकम मुस्लिम समाज की बच्चियों की शिक्षा पर खर्च करेगी तो समाज के गरीब वर्ग को इसका फायदा पहुंचेगा।
उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री का बयान कि “हम मदरसों के खिलाफ नहीं और सरकार इन्हें बंद नहीं करने जा रही बल्कि इसमें अच्छी व्यवस्था हो” का भी स्वागत योग्य है, सरकार को सभी नागरिकों के हित में काम करना चाहिए यही लोकतंत्र का तकाजा है।
उन्होंने कहा, जिस तरह देश में बेरोजगारों की भीड़ बढ़ रही है यह खतरनाक है हमारे नौजवान अवसाद ग्रस्त हो रहे हैं और गलत राह पर जा रहे हैं. जिसका नतीजा दिन प्रतिदिन बढ़ता अपराध का ग्राफ है। सरकार को इस और देखना होगा, न सिर्फ केंद्र सरकार बल्कि राज्य में बैठी सरकारों को भी प्रबंध करना चाहिए वरना देश खतरे में है।
हज़रत ने कहा, सूफी संतो की यह पावन धरती आज नफरत की आग में झुलस रही है, सभी को इसे बचाने के लिए आगे आना होगा। हज़रत ने कहा कि ख्वाजा गरीब नवाज़ का यह कौल कि “मोहब्बत सबके लिए नफरत किसी से नहीं” आज बहुत ज़रूरी है क्योंकि इसपर अमल करके ही नफरत को हराया सकता है।

सरकार बर्मा के बेगुनाहों को पनाह दे, मानवता को शर्मसार होने से बचाये : सय्यद मोहम्मद अशरफ

अजमेर:7 सितम्बर
भारत सरकार बर्मा से जान बचा कर आये बेगुनाह शरणार्थियों को शरण दे और मानवता को शर्मसार होने से बचाये,यह बात आल इंडिया उलमा मशाइख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने अजमेर शरीफ में कही। उन्होंने कहा भारत एक शांतिप्रिय देश है और सम्पूर्ण विश्व में शांति स्थापना के लिए सदैव प्रयत्नरत रहा है, इस समय जब बर्मा जो कि आदि भारत का ही अंग था वहां हिंसा चरम पर है, मानवता शर्मसार हो रही है, महिलाएं बच्चे बुज़ुर्ग, जवान कोई महफूज़ नहीं है और बर्मा में बरबरियत के साथ मानवता की हत्या की जा रही है। ऐसे में सरकार का रोहिंग्या शरणार्थियों से देश छोड़ने का आदेश निंदनीय है, हम सरकार से मांग करते हैं कि मानव जीवन बहुमूल्य है इसे बचाने के लिये हर संभव प्रयास किया जाना चाहिये। जिस प्रकार पड़ोसी देश बांग्लादेश ने मानवता के आधार पर दुखी लोगों के लिए दरवाज़े खोल दिये है भारत को भी आगे आकर रोहिंग्या शरणार्थियों के लिए मदद हाथ बढ़ाना चाहिए।
उन्होंने संयुक्त राष्ट्र संघ से भी इस संबंध में तुरंत कारगर क़दम उठाने की मांग की। हज़रत ने कहा कि सबको जहां बर्मा के लोगों के लिये दुआ करनी चाहिए वहीं रोहिंग्या शरणार्थियों तक मदद भी पहुंचानी चाहिए।
आल इंडिया उलमा मशाइख़ बोर्ड के संरक्षक व दरगाह अजमेर शरीफ के गद्दीनशीन हज़रत सय्यद मेहदी मिंया चिश्ती ने कहा कि दुनिया को मोहब्बत की ज़रूरत है और हम नफरत की फैक्ट्रीय लगा रहे हैं, धर्म के आधार पर शरणारथियों की स्थिति तय की जाएगी तो हम क्या संदेश देना चाहते हैं। निहत्थे जान बचाकर भागे लोगों से देश को खतरा कैसे हो सकता है। मानवता हमारी ज़रूरत है, सरकार को आगे बढ़ कर मदद करनी चाहिए।
आल इंडिया उलमा मशाइख बोर्ड के संयुक्त राष्ट्रीय सचिव सय्यद सलमान चिश्ती ने कहा कि” अतिथि देवो भव:” सिर्फ पर्यटन विभाग के प्रचार की सामग्री नहीं है यह भारत की संस्कृति है, उन्होंने बताया भारत के संसद भवन पर अंकित वसुधैव कुटुंबकम् का वाक्य हमारी धारणा का प्रतीक है कि हम सम्पूर्ण विश्व को एक परिवार मानते हैं और प्रधानमंत्री जी इसका उपयोग हर जगह करते हैं ऐसे में रोहिंग्या शरणार्थियों के संबंध में किरण रिज्जु का बयान प्रधानमंत्री के शब्दों के विपरीत है। कोई भी धर्म कभी खून बहाना नहीं सिखाता. मैं जितना जानता हूं उसके आधार पर शरणार्थियों की सेवा एंवम् सहायता के लिए हर धर्म ने सीख दी है। उन्होंने कहा कि मानवाधिकारों की रक्षा के लिए हर हाल में हमे बर्मा के शरणार्थियों को भारत में शरण देनी चाहिए,सरकार का यह फैसला की वह देश छोड़ कर चले जाएँ उचित नहीं है। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा का भी यह उल्लघन प्रतीत होता है. हम भारत सरकार से मांग करते हैं कि अपना फैसला वापस ले।

हिंसा रोकने के लिए बयान नहीं युवाओं को रोज़गार दे सरकार – सय्यद मोहम्मद अशरफ

डीसा गुजरात :(18 जुलाई)
आल इंडिया उलमा मशाइख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने गुजरात में एक जलसे को संबोधित करते हुए कहा कि सियासत जान ले लेती है, चुनावी मौसम में हमे होशियार रहना होगा, किसी भी क़ीमत पर बहकावे में आकर अमन को खराब नहीं होने देना है.
हज़रत अपने एकदिवसीय दौरे पर गुजरात आये हुए थे, गुजरात के हालात पर चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि घिनौनी राजनीत का दौर है अब लोग असल मुद्दों से भटकाना चाहेंगे, कोई भी राजनेता विकास ,स्वास्थ्य या आपके रोज़गार की बात नहीं करेगा, सब बात कर रहे हैं जाति,धर्म की अब हमें समझना होगा कि हम क्या चाहतें हैं.
उन्होंने आये दिन भीड़ द्वारा की जा रही हिंसा पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह भीड़ बेरोज़गारों की वही टोली है जो अपने मुद्दे से भटक गयी है और हिंसा में अपना भविष्य तलाश कर रही है, दरअसल हमारे बेरोजगार युवा राजनीत का ईधन बन गए हैं, समाज के बुद्धजीवी वर्ग को आगे आना होगा इस गुमराह टोली को रास्ते पर लाने के लिए.
हज़रत ने प्रधानमंत्री जी को सलाह देते हुए कहा कि हिंसक टोलियों पर कड़े बयान देना समस्या का हल नहीं है, युवा वर्ग को रोज़गार देना इस समस्या का हल है, अब देश में हर हाथ को काम देने की बात की जानी चाहिए सिर्फ बात न हो उसे अमली जामा पहनाया जाए, स्वरोजगार स्थापित करने के लिए सरकार योजना बनाये. उन्होंने कहा कि हर साल बेरोज़गार युवाओं की संख्या बढ़ रही है, युवा शक्ति हताशा का शिकार है और उसकी उर्जा को नफरत फैलाने वाले गलत इस्तेमाल कर रहे हैं. हताश और कुंठित युवा खुद आसानी से देश के दुश्मनों के चंगुल में फँस जाता है और समाज के लिए समस्या पैदा करता है इसे रोकना होगा.
उन्होंने ने लोगों से कहा कि हम सब को खुद प्रयास कर नफरतों को रोकना होगा, इसके लिए हज़रत ख्वाजा गरीब नवाज़ रहमतुल्लाहअलैहि की तालीम “ मोहब्बत सबके लिए, नफरत किसी से नहीं ” पर अमल करना होगा.