रमज़ान में पूरे जोश के साथ वोट करें मुसलमान : सय्यद मोहम्मद अशरफ

March: 30, महाराजगंज,

वर्ल्ड सूफ़ी फोरम एवं ऑल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष हज़रत मौलाना सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने नौतनवां में अपने प्रेसवार्ता के दौरान रमज़ान में मुसलमानों के वोट डालने को लेकर छिड़ी बहस पर कहा कि रमज़ान में मुसलमान वोट नहीं कर पाएंगे यह एक प्रोपेगन्डा है, ताकि मुसलमानों में इसके निगेटिव सोच पैदा हो और वो वोट न कर सकें।

उन्होने कहा कि इस मसले को तूल न दिया जाए रमज़ान जैसे पाक पवित्र महीना में जहाँ मुसलमान अपने दिलो दिमाग को फ्रेश रखता है। और रोज़ा रहते हुवे अपने सारे कामो को भी करता है तो वो वोट क्यों नहीं कर सकता? रमज़ान को लेकर एक भरम की स्थिति मुसलमनों में पैदा की जा रही है जो ग़लत है। मुसलमान रोज़ा रख कर अपने दिलो दिमाग को फ्रेश कर के अपने हक़ का इस्तेमाल बढ़ चढ़ कर करेगा। मुल्क को तरक़्क़ी अमन व शांति और विकास देने वाली सरकार को चुनेगा।

उन्होने आखिर में कहा कि उलमा हज़रात अपने अपने इलाके में अवाम से वोट की अहमियत बतायें, साथ ही परशासन के लोगों को चाहिये कि वोट डालने वाले दिन वैसा इंतेज़ाम करें, ताकि रोजे़दारों को ज्यादा देर तक लाइन में न खड़ा होना पड़े।

अजमेर से दिया गया संदेश, लोकतंत्र को मज़बूत करना हमारी ज़िम्मेदारी ।

प्रेस रिलीज़:13 मार्च, बुधवार, अजमेर

चिश्ती मंज़िल दरगाह अजमेर शरीफ में आल इंडिया उलमाव मशाइख़ बोर्ड की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सालाना मीटिंग संपन्न हुई जिसमें बोर्ड की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्यों सहित सभी प्रदेशों के अध्यक्षों ने हिस्सा लिया.

सभा की अध्यक्षता बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने की. उन्होंने इस मौके पर कहा कि आज अजमेर की धरती से ख्वाजा गरीब नवाज़ के उर्स के मौके पर हम देश को यह संदेश देना चाहते हैं कि नफरतों की हर दीवार गिरा कर हम सब मोहब्बत से गले मिलें, उन्होंने कहा कि मुल्क में आम चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है, कहीं कहीं चुनाव रमज़ान के मुबारक महीने में होना है जिसको लेकर बेमतलब की बहस की जा रही है।

रमज़ान में मुसलमान रोज़े की हालत में मज़दूरी करते हैं, ठेले लगाते हैं, दुकानदारी करते हैं अपनी जॉब पर जाते हैं, पढ़ने वाले बच्चे नवजवान अपनी पढ़ाई करते हैं तो वोट डालने में क्या परेशानी हो सकती है।

हज़रत ने कहा कि हमारे रसूल ने लोकतांत्रिक व्यवस्था दुनिया को दी है और उसे पसंद फरमाया है तो लोकतंत्र को मजबूत करना हमारी जिम्मेदारी है, जब हमें अपनी राय अपना प्रतिनिधि चुनने के लिए देनी है उस वक़्त हम रोज़े की हालत में अपने रब की इबादत भी कर रहे हों तो इससे बेहतर क्या हो सकता है।

रुदौली शरीफ दरगाह शेखुल आलम के सज्जादानशीन व बोर्ड के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य हज़रत अम्मार अहमद अहमदी उर्फ नय्यर मियां ने कहा कि बोर्ड को हर इलाक़े में लोगों तक यह संदेश पहुंचाना है जिसके लिए एक कार्यक्रम तय किया जाना है ताकि लोग अपने लिए अपना प्रतिनिधि चुनने में अपनी राय ज़रूर दे , देश के हर नागरिक को वोट देना ज़रूरी है,उन्होंने लोगों को उर्स की मुबारकबाद दी। बीजापुर कर्नाटक से तशरीफ लाये सय्यद तनवीर हाशमी ने कहा कि मुल्क के निज़ाम को चलाने के लिए सही सरकार का चुनाव अहम काम है जिसे करने का मौका अगर रमज़ान में मिल रहा है तो यह खुशी की बात है मुसलमान फजर की नमाज़ और क़ुरआन की तिलावत के बाद अपनी सच्ची राय मुल्क की बेहतरी के लिए देने पोलिंग बूथ पर पहुँचें।

बोर्ड कार्यकारणी सदस्य सैय्यदी मियां ने कहा कि हमें अपनी ज़िम्मेदारी से भागना नहीं है लोगों में जागरूकता लाने के लिए अभियान चलाया जायेगा, हर खानक़ाह से यह काम किया जाये।

बोर्ड के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव व दरगाह अजमेर शरीफ के गद्दीनशीन सय्यद सलमान चिश्ती ने पूरी दुनिया को गरीब नवाज़ के 807 वें उर्स की मुबारकबाद दी, उन्होंने कहा कि देश की बेहतरी के लिए सही चुनाव ज़रूरी है ताकि देश विकास कर सके, हम सबकी ज़िम्मेदारी है कि हम वोट करें ।

तेलंगाना से तशरीफ लाए सय्यद आले रसूल पाशा ने कहा कि मुल्क में जिस तरह से नफरत फैलाने की कोशिश हो रही है हमें उसे नाकाम करना है और उसके लिए अपनी ज़िम्मेदारी निभानी होगी।

सभा में राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष क़ारी अबुल फतेह, छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष मौलाना मोहम्मद अली फारूक़ी, एमपी से मौलाना मेराज अशरफ, यूपी प्रदेश महासचिव सय्यद हम्माद अशरफ, पंजाब से रमज़ान अशरफी, कश्मीर से मौलाना क़ुतबुद्दीन ने शिरकत की, सभा के समापन पर पूरी दुनिया को उर्स की मुबारबाद देते हुए संसार से नफरतों के समापन एवं शांति स्थापना की दुआ की गई।

By: Younus Mohani

आतंक के खिलाफ हम सब एक साथ : सय्यद मोहम्मद अशरफ

26 फरवरी, लखनऊ

आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने भारतीय एयरफोर्स के ज़रिए पी ओ के में आतंकियों पर हमले की कार्यवाही पर कहा है कि हम आतंक के विरोध में एक साथ है। हज़रत ने कहा कि आतंक दुनिया के लिए बड़ा खतरा है इसके खात्मे की ज़रूरत है वरना मानवता पर मंडराते संकट को टाला नहीं जा सकता।उन्होंने कहा कि इस्लाम हर किस्म के ज़ुल्म के खिलाफ है और इसकी तालीम है कि जिसने किसी बेगुनाह को क़त्ल किया उसने पूरी इंसानियत का क़त्ल किया ।आतंक का न किसी मज़हब से ताल्लुक़ है और न ही आतंकी इंसान हैं, किसी मज़ब के क्या होंगे जो इंसान ही नहीं है और इनकी समाज में कोई जगह नहीं है।
हज़रत ने भारतीय एयरफोर्स के साहस और पराक्रम की प्रशंसा की और उनकी कामयाबी के लिए मुबारकबाद दी।

By: यूनुस मोहानी

आतंकवाद एक नासूर ,इसका खात्मा ज़रूरी : सय्यद मोहम्मद अशरफ

14 फरवरी, आगरा

आल इण्डिया उल्मा व मशाईख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने पुलवामा में हुए आतंकी हमले की कड़ी निन्दा करते हुए कहा है कि इस दुख की घड़ी में पूरा देश शोकाकुल परिवारों के साथ खड़ा है।
हज़रत ने कहा कि आतंक एक नासूर है ,इसका खात्मा ज़रूरी है सरकार बताए आखिर कब तक हम अपने सैनिकों को यूंही खोते रहेंगे और आंसू बहाते रहेंगे,।उन्होंने कहा कि हम लगातार अपने जवानों की लाशें उठा रहे हैं आखिर यह सिलसिला कब तक चलेगा?
पुलवामा में देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले जवानों के परिवारों के साथ पूरा देश खड़ा है ,आतंकी घटना की कड़ी निन्दा से अब काम नहीं चलेगा बल्कि दिन प्रतिदिन बढ़ती इस प्रकार की घटनाओं को रोकना होगा।उन्होंने कहा कि हम उन लोगों का दर्द समझ सकते हैं जिन्होंने अपनों को खोया आपकी तकलीफ में हम बराबर के शरीक हैं।

संवैधानिक संस्थाओं का दुरपयोग कर राजनैतिक हित साधना अनुचित : सय्यद मोहम्मद अशरफ

लखनऊ : 5 फरवरी,

देश में सीबीआई को लेकर जिस तरह बहस छिड़ी हुई है उसके बीच आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड  संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने बड़ा बयान दिया है ,उन्होंने कहा है की संवैधानिक संस्थाओं का दुरपयोग कर राजनैतिक हित साधना अनुचित है ” उनका यह बयान पश्चिम बंगाल में जारी सीबीआई बनाम पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के घमासान पर आया ।

हज़रत ने कहा कि जिस तरह सरकार विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं के माध्यम से अनुचित दबाव बना रही है वह देश के लोकतांत्रिक ढांचे के लिए ठीक नहीं है , इस तरह सत्ताधारी दल अपने खिलाफ उठने वाली हर आवाज़ को दबा देना चाहता है।

देश की प्रमुख जांच एजेंसी जिस तरह अपना रूसूख खो चुकी है वह देश के लिए खतरनाक है सीबीआई,चुनाव आयोग,मीडिया,सभी धीरे धीरे कर अपना विश्वास खोती जा रही है,यहां तक की देश के रिज़र्व बैंक में भी हालात ठीक नहीं है और सर्वोच्च न्यायालय के जज भी असंतोष ज़ाहिर कर चुके है।

किछौछवी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तारीफ करते हुए कहा कि देश के सभी न्याय प्रिय लोग उनके साथ है क्योंकि जिस तरह से लोगों पर दबाव बनाने की कोशिश हो रही है उसका इतना मुखर विरोध उनके न्याय के लिए मजबूत इरादों को दिखाता है उनकी इस लड़ाई में हम उनके साथ हैं।

सर्वोच्च न्यायालय सुबह ही कमिश्नर की गिरफ्तारी पर रोक लगा चुका है और अगली सुनवाई 20 फरवरी को होनी है इससे पहले नोटिस का जवाब 18 फरवरी तक देना है हालांकि कोर्ट ने शिलांग में सीबीआई के सामने पूछताछ के लिए कमिश्नर को आदेश दिया है ।

हज़रत ने कहा कि देश में हर तरह की अशांति और अनन्याय के हम खिलाफ हैं और हर शोषित को हमारा समर्थन है लोकतंत्र की रक्षा के लिए हम ममता बनर्जी का समर्थन करते हैं।

By: Yunus Mohani

नफ़रत बिखराव चाहती है फैसला आपके हाथ : सय्यद मोहम्मद अशरफ

14 जनवरी/नई दिल्ली
आल इंडिया उलमा व मशाईख  बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि”नफरत बिखराव चाहती है,फैसला आपके हाथ है ” उनका यह बयान देश में मौजूदा हालात पर था उन्होंने कहा कि चुनावी समर शुरू हो चुका है लिहाजा नफरत अपना हर हथकंडा आजमाएगी ।
हज़रत ने कहा कि लोग इत्तेहाद कर जीतने की राह तलाश रहे हैं।इधर मुसलमान आपस में छोटी छोटी बातों पर बिखर जाने पर आमादा हैं यह नफरत के एजेंडे को कामयाब बनाने वाली बात है जिसे वक़्त रहते समझना होगा वरना नुकसान तय है ।
उन्होंने कहा कि जिस तरह तेज़ी से हालात बदल रहे हैं हमें अनपर कड़ी नजर रखते हुए फैसला करना होगा जिससे मुल्क को हम नफरत की आंधी से बचा पाये हम फरेब में फंसे तो अपना ही नहीं मुल्क का भी नुकसान करेंगे।
हज़रत से जब उत्तरप्रदेश में समाजवादी और बहुजन समाज पार्टी के इत्तेहाद के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने सवाल के जवाब में सवाल किया कि इस इत्तेहाद में शामिल पार्टियों ने क्या बताया है कि वह सिर्फ मुसलमानों का वोट चाहती हैं या फिर प्रतिनिधित्व भी देना चाहती हैं ?
उन्होंने कहा कि कब तक सिर्फ यह शोर मचता रहेगा कि मुस्लिम तुष्टिकरण कर रही है कोई सियासी पार्टी क्योंकि अभी तक मुसलमानों को कुछ मिला तो नहीं है यहां तक हमारे वोट पर जीतने के बाद सेहरा दूसरो के सर बाधने वाले और हार का ठीकरा मुसलमानों पर फोड़ने वाले भी हमारा वोट चाहते हैं।
By: Yunus Mohani

दंगा भड़काना चाहता है वसीम रिज़वी, सरकार करे कार्यवाही : सय्यद मोहम्मद अशरफ

9 जनवरी /लखनऊ,

आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने वसीम रिज़वी के सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो पर कड़ा एतराज़ जताते हुए उसे अमन का दुश्मन करार दिया है ,उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार एवं केंद्र सरकार से मांग की है कि फ़ौरन ऐसे असामाजिक तत्व के खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मुक़दमा लिख कर कड़ी कार्यवाही की जाये. उन्होंने कहा कि यह शख्स लगातार अपनी भड़काऊ और बेतुकी बातों से देश एवं प्रदेश का अमन खराब करना चाहता है .
हज़रत ने कहा एक महत्त्वपूर्ण पद पर बैठा यह शख्स संविधान की मर्यादों को तोड़ रहा है और देश में दंगा फैला कर लगातार देश को अस्थिर करने की घिनौनी साजिश रच रहा है, यह शख्स कट्टरपंथी विचार से प्रेरित है और उसे फैलाना चाहता है. उन्होंने भारत सरकार से मांग की है कि फ़ौरन ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाये क्योंकि प्रदेश में जहाँ कुम्भ का मेला चल रहा है ऐसे में अगर हालात  खराब हुए तो उन्हें नियंत्रित करना मुश्किल होगा लिहाज़ा इस पर त्वरित कार्यवाही कि जाये.
उन्होंने कहा कि सुफिया ने सदैव मोहब्बत का संदेश दिया है और इस संदेश का यह असर है कि लखनऊ में दंगे बंद हो गये लेकिन शांति के दुश्मनों से यह देखा नहीं जा रहा है और वह इस सामाजिक ताने बाने को तोड़ देने पर तुल गये हैं हालांकि यह एक अंतर्राष्ट्रीय साजिश का हिस्सा है जिसकी एक कड़ी वसीम रिज़वी भी हो सकते हैं इसकी जांच की जानी चाहिए.

By: यूनुस मोहानी

इबादगाहों की जंग सियासतदानों की खुराक है: सय्यद मोहम्मद अशरफ

5 ,जनवरी/संभल,

आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने एक जलसे को संबोधित करते हुए कहा कि “इबादगाहों की जंग सियासतदानों की खुराक है” उनका। यह बयान देश में चल रही नफरत की सियासत के संबंध में था उन्होंने कहा आम जनता को उसके मूल मुद्दों से भटकाने के लिए यह तरीका अपनाया गया है।
हज़रत ने कहा जब कोई मसला मुल्क की सबसे बड़ी अदालत में है तो उसपर लगातार बयानबाज़ी सिर्फ जज्बात भड़काने के लिए है ,आम लोगों को इसे समझना चाहिए क्योंकि अगर हम आपस में झगड़े तो मुल्क का नुक़सान होगा और घिनौनी सियासी चाल कामयाब हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि इंसानी जान बहुत कीमती है लोग एक दूसरे के खून के प्यासे घूम रहे हैं हालांकि यह बहुत कम तादाद में है ज़्याातर लोग मोहब्बत वाले हैं लेकिन अमन वालों की खामोशी की वजह से यह लोग कामयाब होते दिखते हैं और देश माहौल खराब करते हैं हम सब की साझा ज़िम्मेदारी है कि इनके खतरनाक मनसूबों को कामयाब न होने दे।
ज़ुल्म कहीं भी हो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए और उसका मुकाबला किया जाना चाहिए अगर हम सब इन सियासी चालो को नहीं समझे तो अपना और अपने वतन का नुक़सान करेंगे लिहाज़ा सभी को समझना चाहिए कि जिसकी इबादत करते हैं वह ज़ालिम को पसंद नहीं करता ।सभी को अपने मूल मुद्दों से भटकना नहीं चाहिए और वह है शिक्षा ,स्वास्थ्य,और रोजगार यह सब बिना शांति के संभव नहीं है।

By: Younus Mohani

हाकिम बदलने से नहीं निज़ाम बदलने से होगा विकास : सय्यद मोहम्मद अशरफ

15 दिसंबर /नई दिल्ली
हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी, अध्यक्ष आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड एवं चेयरमैन वर्ल्ड सूफी फोरम ने देश के मौजूदा हालात पर चर्चा करते हुए कहा कि “हाकिम बदलने से नहीं निज़ाम बदलने से होगा विकास ” उन्होंने अभी हाल में 5 राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजों पर यह अहम बात कही।
हज़रत ने कहा कि कुछ लोग सिर्फ शासक बदल जाने से बदलाव की उम्मीद रखते हैं, वह धोखे में हैं क्योंकि जब तक व्यवस्था को सही नहीं किया जाएगा तब तक हालात का बदलना मुमकिन नहीं है, नयी हुकूमत अपनी प्राथमिकताएं यदि पुरानी सरकार वाली ही रखेगी तो बदलाव क्या होगा ? यदि गरीब को इलाज ,शिक्षा किसान को उसकी फसल का सही मूल्य,सस्ती दरों पर खाद बीज नहीं मिलेगा तो क्या बदलेगा? अगर हमारे नवजवान बेरोजगार ही रहेंगे तो क्या विकास होगा ?
हज़रत ने पांचों राज्यो में चुन कर आयी सरकारों को शुभकामनाए देते हुए कहा कि इंसाफ के साथ ईमानदारी से काम करते हुए लोगो को फायदा पहुंचाने का काम यह सरकार करें हम ऐसी कामना करते हैं। हज़रत ने सबसे महत्वपूर्ण बात मुसलमानों को संबोधित करते हुए कही उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर जिस तरह की ओछी टिप्पणियां की जा रही है वह बहुत ग़लत हैं और नफरत को बढ़ाने वाली हैं लोगों को इससे बचना चाहिए।
चुनाव में एक दल की जीत हुई एक की हार इसे धर्म से जोड़ना और गलत टिप्पणियां करने से हमारा और मुल्क दोनों का नुक़सान है अब चुनाव समाप्त हो चुके हैं तो सभी प्रदेशवासियों को मिलकर नई सरकार की प्राथमिकताएं वहीं हों जिसकी जनता को जरूरत है इसके लिए दबाव बनाना चाहिए न कि इस तरह की बात करनी चाहिए जिससे किसी को चिढ़ हो और नफरत के सौदागरों को मौका मिले।
By: Yunus Mohani

नबी को समझने के लिए अली की और अली को समझने के लिए इल्म की ज़रूरत : सय्यद मोहम्मद अशरफ

28/नवम्बर,हनुमानगढ़
“नबी को समझने के लिए अली की और अली को समझने के लिए इल्म की ज़रूरत,”यह बात आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने हनुमानगढ़ में एक जलसे को संबोधित करते हुए कही, उन्होंने कहा कि इस वक़्त सियासी लोग घिनौने खेल में लगे हुए हैं और लगातार लोगों को अहम मुद्दों से भटकाने के लिए धर्म का सहारा ले रहे हैं।
उन्होंने कहा कि  पूरे मुल्क में नफरतों की नर्सरी तय्यार की जा रही है यह पौधे बड़े होकर पूरे मुल्क को अंधेरे में डुबो देंगे,हम सब को होशियार रहना चाहिए,हज़रत ने राजस्थान चुनाव प्रचार के दौरान उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान को गैरजिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि अली को समझ पाना सबके बस की बात नहीं क्योंकि हज़रत अली करमल्लाहू वजहुल करीम  शहरे इल्म का दरवाज़ा हैं इस  दरवाजे तक इल्म की तलाश वाले आते हैं।
हज़रत ने कहा किसी मजहबी रहनुमा पर गलत टिप्पणी करना अनुचित और असंवैधानिक है इससे लोगों की भावनाएं आहत होती है जो एक जिम्मेदार व्यक्ति को शोभा नहीं देता ।कोई किसी चीज में आस्था रख सकता है और कोई उसमे आस्था नहीं रखता यह नितांत निजी मामला है
क़ुरआन में साफ कहा गया है कि “तुम्हारे लिए तुम्हारा दीन है और हमारा लिए हमारा दीन” तब इस तरह की बातों का कोई मतलब नहीं है सबको मिलजुल कर रहना चाहिए क्योंकि मोहब्बत के बिना देश बिखर जाएगा और सच्चे देशभक्त कभी देश तोड़ने वाली चीज़ों को बर्दाश्त नहीं कर सकते।
उन्होंने लोगों से आह्वाहन किया कि इल्म हासिल करने के लिए बड़ी से बड़ी मुसीबत को भी बर्दाश्त कीजिए क्योंकि इल्म के बिना हम इन चालों को समझ नहीं सकते और हमें यूंही बहकाया जाता रहेगा ,मजहब को समझने के लिए भी इल्म की जरूरत है वरना न हम अली को समझ सकेंगे न तलीमे नबी पर सही सही अमल कर सकेंगे,लिहाज़ा अपने बच्चो को खूब पढ़ाएं आपस में मिलजुल कर रहें ख्वाजा गरीब नवाज के इस पैगाम को फैलाएं कि ” मोहब्बत सबके लिए नफरत किसी से नहीं”
By: यूनुस मोहानी