कुर्बानियों के बाद मिली है आज़ादी नफरत इसे बर्बाद न करने पाये: सय्यद मोहम्मद अशरफ

15 अगस्त लखनऊ,

आल इंडिया उलमा मशाईख बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने अहले वतन को जश्ने आज़ादी की मुबारकबाद देते हुए कहा कि बड़ी कुर्बानियों के बाद गुलामी की जंजीरों से आज़ादी मिली है अब फैल रही नफरत इसे बर्बाद कर देगी।

हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने इस मौके पर कहा कि बोर्ड नफरतों को खत्म कर मोहब्बत बांटने का काम कर रहा है,और यह काम तेजी से हो भी रहा है,मुसलमान अपने मुल्क से मोहब्बत करते हैं क्योंकि नबी का फरमान है कि वतन से मोहब्बत ईमान का हिस्सा है,फिर कोई मुसलमान कैसे अपने देश से गद्दारी कर सकता है,हां कुछ ग़लत लोग हैं जिनके सिर्फ नाम मुसलमानों जैसे है मगर वह गद्दार है मजहब के भी और वतन के भी ऐसे लोगों पर सख्त नजर रखी जानी चाहिए ,।

बोर्ड के आह्वाहन पर देश की ज़्यादातर खानकाहों में झण्डा फहराया गया,और यह सिलसिला मदरसों से बढ़कर मस्जिद के सहन तक पहुंच गया है,दरगाह निज़ामुद्दीन औलिया के प्रांगण में भी झण्डा फहराया गया जिसमें बोर्ड दिल्ली शाखा के जिम्मेदार सय्यद फरीद निजामी ने झण्डा फहराया,दरगाह अजमेर शरीफ में चिश्ती मंज़िल में झण्डा फहराया गया जिसमें बोर्ड के संयुक्त सचिव सय्यद सलमान चिश्ती ने झण्डा फहराया,हैदराबाद में तेलंगाना प्रदेश के अध्यक्ष सय्यद आले मुस्तफा पाशा ने झण्डा फहराया,कर्नाटक में सय्यद तनवीर हाशमी ने खानकाह बीजापुर में झण्डा फहराया

पंजाब में रमज़ान अशरफी ने झण्डा फहराया, राजस्थान में कारी अबुलफतेह ने झण्डा फहराया साथ ही छत्तीसगढ़ में मौलाना मोहम्मद अली फारुकी ने झण्डा फहराया।

आज जश्ने आज़ादी के मौके पर पूरे देश में बोर्ड की हर शाखा में झण्डा फहराया गया और राष्ट्रगान हुआ, हर जगह सभा आयोजित की गई और लोगों में मिठाई बांटी गई। लखनऊ में बोर्ड के प्रदेश कार्यालय में भी झण्डा फहराया गया और राष्ट्रगान गाया गया जिसमें बोर्ड के जिम्मेदारों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर बढ़ रही नफरत को रोकने के लिए बोर्ड के लखनऊ शाखा के अध्यक्ष मौलाना इश्तियाक क़ादरी ने मस्जिदों में फ़्री क्लीनिक शुरू करने की बात की और अपनी मस्जिद में इसे शुरू करने का ऐलान किया,उन्होंने कहा कि पूरे मुल्क में मस्जिदों में यह काम शुरू किया जाना चाहिए।

इस मौके पर उन्होंने कहा कि मस्जिद में जब बंदा जाता है तो उसकी रूह का इलाज होता है वहां अगर उसके जिस्म का इलाज भी होने लगेगा तो मकसद पूरा हल होगा और यह क्लीनिक हर मजहब के लोगों के लिए होगी जो फ्री में गरीबों को दवा देगी और इलाज होगा इससे यकीनन नफरतें खतम होंगी ।
रायेबरेली, संभल,मुरादाबाद, मेरठ,फैजाबाद,मकनपुर सहित देश में बोर्ड की हर शाखा में बड़ी धूमधाम से जश्ने आज़ादी मनाया गया।



धारा 370 राज – नीति का मामला, इसे मजहबी चश्मे से देखना बेईमानी: सय्यद मोहम्मद अशरफ

5 अगस्त 2019,नई दिल्ली
आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने धारा 370 के मसले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह पूरी तरह राज की नीति का मामला है, इसे सांप्रदायिक चश्मे से देखना बेईमानी होगी।
उन्होंने कहा कि आम भारत के मुसलमानों का संविधान के इस प्रावधान से कोई सरोकार नहीं है ,हां यह कश्मीर में रहने वाले भारतीयों के लिए एक भावनात्मक मुद्दा ज़रूर बन गया है ,अब लोगों को धारा 370 पर भ्रम नहीं फैलाना चाहिए और न ही सोशल मीडिया के माध्यम से इसे सांप्रदायिक रूप से पेश किया जाना चाहिए।
हज़रत ने कहा कि इससे पहले भी धारा 370 में कई संशोधन किए गए हैं और अभी तक जितनी खबर आ रही है कि धारा 370 को पूरी तरह अभी भी खतम नहीं किया गया है बल्कि उसका एक हिस्सा अभी भी लागू है। हज़रत ने कहा कि हम दुआ करते हैं कि कश्मीर में शांति स्थापित हो ।खूबसूरत वादी जो बारूद की बू से खराब हो रही है वहां अमन कायम हो ,लोगों के दिलों से खौफ निकले और विकास हो।
हालांकि इसे जिस तरह रहस्य बनाकर किया गया इसको लेकर लोगों के मन में संदेह है,यदि इसपर विचार किया जाता तो कश्मीर में रहने वाले भारतीयों के मध्य और भी बेहतर संदेश जाता।
कश्मीर में इस वक़्त जिस तरह का माहौल बना हुआ है जल्द ही वहां हालत सामान्य हों और लोग बहकावे में न आएं , मोहब्बत के परवानों ,सूफी संतों की सरजमीन को आतंकवाद के नासूर से आज़ादी मिले।अगर ऐसा होता है तो यह मुल्क के लिए बहुत अच्छा होगा।उन्होंने कश्मीर की आवाम से भी धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि किसी के बहकावे में न आएं क्योंकि अब तक लोग सिर्फ इस्तेमाल करते आएं है।

By: यूनुस मोहानी

बिना जुर्म के सज़ा तर्कसंगत नहीं : सय्यद मोहम्मद अशरफ

30 जुलाई,दिल्ली
देश में तीन तलाक़ पर बने कानून पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने कहा कि यह कैसा कानून है जिसमें वह जुर्म जिसके लिए सज़ा दी जा रही है वह हो ही नहीं रहा है जो समझ में आने वाली बात नहीं है।
उन्होंने कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक़ को अमान्य घोषित कर दिया है तो कानून बनाकर सज़ा किस बात की दी जाएगी, इसको सरकार स्पष्ट करे, उन्होंने कहा कि इसपर दुबारा विचार किया जाना चाहिए, उन्होंने कहा कि हम एक समय में दी जाने वाली तीन तलाक़ पर कानून बनाने का विरोध नहीं करते लेकिन इसे व्यावाहरिक होना चाहिए, इसपर दुबारा मंथन किया जाना चाहिए जल्दबाजी में लिया गया निर्णय न्याय का मज़ाक बनाने वाला प्रतीत होता है।
उन्होंने सवाल किया कि यह कैसे सुनिश्चित होगा कि इस कानून का दुरपयोग नहीं होगा,सरकार बताए कि जब पति जेल में होगा तो गुज़ारा भत्ता कहां से देगा ? जब पत्नी पति को जेल भेज देगी और उसके बाद उसे उसी के साथ रहना होगा तो हिंसा नहीं होगी इसकी क्या गारंटी है ?
इंस्पेक्टर राज को रोकने का क्या प्रबंध है क्योंकि पत्नी या उसके खूनी रिश्तेदार की शिकायत पर बिना किसी वारंट के पुलिस आरोपी पति को हवालात में डाल देगी ,ऐसे में इससे पुलिसिया उत्पीड़न का नया अध्याय खुलेगा ।
उन्होंने कहा कि जल्दबाजी में बनाया गया कानून समाज के हित में नहीं है, उन्होंने कहा कि मुसलमान देश के संविधान एवम न्यायपालिका का सम्मान करते हैं और करते रहेंगे ,शरीअत पर अमल करने से उनका संविधान से कोई टकराव नहीं होता, उन्होंने मुसलमानों को संबोधित करते हुए कहा कि अपने घरों का माहौल इस्लामी बना लीजिए फिर आपको किसी कानून से डरने की ज़रूरत नहीं होगी, क्योंकि जब बीवी और शौहर रसूलुल्लाह सल्लल्लाहू अलैहि वसल्लम की सुन्नतों पर अमल करने वाले होंगे तो न घर में झगड़े होंगे न तलाक़ जैसी लानत होगी।
हज़रत ने कहा कि हमें अपने दीन को समझ कर उस पर अमल करना होगा, यही हमारी निजात का दुनिया और आखरत दोनों जगह एक मात्र रास्ता है।

By: यूनुस मोहानी

AIUMB welcomes PM Modi’s assurance to minorities as message of inclusion in India

Hazrat Sayyed Mohammed Ashraf Kichhouchi, the founder president of All India Ulama and Mashaikh Board (AIUMB), and Chairman of World Sufi Forum, hailed the agenda of the new government on minorities which came in the speech of Prime Minister Narendra Modi at the parliamentary party meeting of the National Democratic Alliance (NDA).

Now it is a matter of great concern to repose the faith in the slogans of the new government such as #SabkaVishwas or  “winning everyone’s faith”. He welcomed PM Modi’s assurance to minorities in India stating:

‘After Sabka Saath, Sabka Vikas, win Sabka Vishwas’ is PM Modi’s message of inclusion which is welcomed by the Sufi community since the beginning.

The All India Ulama and Mashaikh Board, in their congratulatory message sent to the Prime Minister, had said that the continuous development of the country without winning the faith of every minority community is not possible. By highlighting this  crucial issue in his speech, the new government has adopted it as the original mantra given by PM Modi.

AIUMB President also told the media that the minorities of the country will get a share in the development of India without discrimination, as it clearly seems from the PM’s pledge.

He further said: “We appreciate this statement and pray that in the new story of the country’s development, the contribution of Indian Muslims would be remarkable, if the government makes an honest effort in this direction. This would be the biggest achievement against poverty and hatred”.

Communal harmony and love is is the mantra of development, he said.

Source: http://www.wordforpeace.com/he-welcomed-aiumb-welcomes-pm-modis-assurance-to-minorities-in-india/

सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास सराहनीय हम स्वागत करते हैं : सय्यद मोहम्मद अशरफ

25 मई / मक्का, सऊदी अरब

आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष एवम् वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दुबारा एनडीए के नवनिर्वाचित संसदीय दल के नेता चुने जाने के बाद दिये गए भाषण में नई सरकार का एजेंडा प्रस्तुत करते हुए अल्पसंख्यकों में विश्वास पैदा करने की बात एवम् सरकार के नये नारे “सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास” की सराहना करते हुए कहा कि हम इसका स्वागत करते हैं।
आल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड ने प्रधानमंत्री को भेजे गए अपने बधाई संदेश में प्रधानमंत्री से यही बात कही थी कि बिना देश के अल्पसंख्यक वर्ग को विश्वास में लिए देश का सतत विकास संभव नहीं है, अपने भाषण में इस बात को कहकर और नई सरकार के मूल मंत्र के रूप में इसे अंगीकृत कर उन्होंने बताया है कि देश के अल्पसंख्यक वर्ग को बिना भेदभाव के भारत के विकास में भागीदारी मिलेगी।
किछौछवी ने कहा कि हम इस बयान की सराहना करते हैं और दुआ करते हैं कि मुल्क तरक्की की नई कहानी लिखे जिसमें भारतीय मुसलमानों का योगदान भी उल्लेखनीय हो, यदि सरकार इस दिशा में ईमानदार प्रयास करती है तो गरीबी और नफरत के खिलाफ यह सबसे बड़ी कामयाबी होगी, उन्होंने कहा कि मोहब्बत सबके लिए नफरत किसी से नहीं का मंत्र ही विकास का मंत्र है।

रमज़ान में पूरे जोश के साथ वोट करें मुसलमान : सय्यद मोहम्मद अशरफ

March: 30, महाराजगंज,

वर्ल्ड सूफ़ी फोरम एवं ऑल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष हज़रत मौलाना सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने नौतनवां में अपने प्रेसवार्ता के दौरान रमज़ान में मुसलमानों के वोट डालने को लेकर छिड़ी बहस पर कहा कि रमज़ान में मुसलमान वोट नहीं कर पाएंगे यह एक प्रोपेगन्डा है, ताकि मुसलमानों में इसके निगेटिव सोच पैदा हो और वो वोट न कर सकें।

उन्होने कहा कि इस मसले को तूल न दिया जाए रमज़ान जैसे पाक पवित्र महीना में जहाँ मुसलमान अपने दिलो दिमाग को फ्रेश रखता है। और रोज़ा रहते हुवे अपने सारे कामो को भी करता है तो वो वोट क्यों नहीं कर सकता? रमज़ान को लेकर एक भरम की स्थिति मुसलमनों में पैदा की जा रही है जो ग़लत है। मुसलमान रोज़ा रख कर अपने दिलो दिमाग को फ्रेश कर के अपने हक़ का इस्तेमाल बढ़ चढ़ कर करेगा। मुल्क को तरक़्क़ी अमन व शांति और विकास देने वाली सरकार को चुनेगा।

उन्होने आखिर में कहा कि उलमा हज़रात अपने अपने इलाके में अवाम से वोट की अहमियत बतायें, साथ ही परशासन के लोगों को चाहिये कि वोट डालने वाले दिन वैसा इंतेज़ाम करें, ताकि रोजे़दारों को ज्यादा देर तक लाइन में न खड़ा होना पड़े।

अजमेर से दिया गया संदेश, लोकतंत्र को मज़बूत करना हमारी ज़िम्मेदारी ।

प्रेस रिलीज़:13 मार्च, बुधवार, अजमेर

चिश्ती मंज़िल दरगाह अजमेर शरीफ में आल इंडिया उलमाव मशाइख़ बोर्ड की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सालाना मीटिंग संपन्न हुई जिसमें बोर्ड की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्यों सहित सभी प्रदेशों के अध्यक्षों ने हिस्सा लिया.

सभा की अध्यक्षता बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने की. उन्होंने इस मौके पर कहा कि आज अजमेर की धरती से ख्वाजा गरीब नवाज़ के उर्स के मौके पर हम देश को यह संदेश देना चाहते हैं कि नफरतों की हर दीवार गिरा कर हम सब मोहब्बत से गले मिलें, उन्होंने कहा कि मुल्क में आम चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है, कहीं कहीं चुनाव रमज़ान के मुबारक महीने में होना है जिसको लेकर बेमतलब की बहस की जा रही है।

रमज़ान में मुसलमान रोज़े की हालत में मज़दूरी करते हैं, ठेले लगाते हैं, दुकानदारी करते हैं अपनी जॉब पर जाते हैं, पढ़ने वाले बच्चे नवजवान अपनी पढ़ाई करते हैं तो वोट डालने में क्या परेशानी हो सकती है।

हज़रत ने कहा कि हमारे रसूल ने लोकतांत्रिक व्यवस्था दुनिया को दी है और उसे पसंद फरमाया है तो लोकतंत्र को मजबूत करना हमारी जिम्मेदारी है, जब हमें अपनी राय अपना प्रतिनिधि चुनने के लिए देनी है उस वक़्त हम रोज़े की हालत में अपने रब की इबादत भी कर रहे हों तो इससे बेहतर क्या हो सकता है।

रुदौली शरीफ दरगाह शेखुल आलम के सज्जादानशीन व बोर्ड के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य हज़रत अम्मार अहमद अहमदी उर्फ नय्यर मियां ने कहा कि बोर्ड को हर इलाक़े में लोगों तक यह संदेश पहुंचाना है जिसके लिए एक कार्यक्रम तय किया जाना है ताकि लोग अपने लिए अपना प्रतिनिधि चुनने में अपनी राय ज़रूर दे , देश के हर नागरिक को वोट देना ज़रूरी है,उन्होंने लोगों को उर्स की मुबारकबाद दी। बीजापुर कर्नाटक से तशरीफ लाये सय्यद तनवीर हाशमी ने कहा कि मुल्क के निज़ाम को चलाने के लिए सही सरकार का चुनाव अहम काम है जिसे करने का मौका अगर रमज़ान में मिल रहा है तो यह खुशी की बात है मुसलमान फजर की नमाज़ और क़ुरआन की तिलावत के बाद अपनी सच्ची राय मुल्क की बेहतरी के लिए देने पोलिंग बूथ पर पहुँचें।

बोर्ड कार्यकारणी सदस्य सैय्यदी मियां ने कहा कि हमें अपनी ज़िम्मेदारी से भागना नहीं है लोगों में जागरूकता लाने के लिए अभियान चलाया जायेगा, हर खानक़ाह से यह काम किया जाये।

बोर्ड के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव व दरगाह अजमेर शरीफ के गद्दीनशीन सय्यद सलमान चिश्ती ने पूरी दुनिया को गरीब नवाज़ के 807 वें उर्स की मुबारकबाद दी, उन्होंने कहा कि देश की बेहतरी के लिए सही चुनाव ज़रूरी है ताकि देश विकास कर सके, हम सबकी ज़िम्मेदारी है कि हम वोट करें ।

तेलंगाना से तशरीफ लाए सय्यद आले रसूल पाशा ने कहा कि मुल्क में जिस तरह से नफरत फैलाने की कोशिश हो रही है हमें उसे नाकाम करना है और उसके लिए अपनी ज़िम्मेदारी निभानी होगी।

सभा में राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष क़ारी अबुल फतेह, छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष मौलाना मोहम्मद अली फारूक़ी, एमपी से मौलाना मेराज अशरफ, यूपी प्रदेश महासचिव सय्यद हम्माद अशरफ, पंजाब से रमज़ान अशरफी, कश्मीर से मौलाना क़ुतबुद्दीन ने शिरकत की, सभा के समापन पर पूरी दुनिया को उर्स की मुबारबाद देते हुए संसार से नफरतों के समापन एवं शांति स्थापना की दुआ की गई।

By: Younus Mohani

आतंक के खिलाफ हम सब एक साथ : सय्यद मोहम्मद अशरफ

26 फरवरी, लखनऊ

आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने भारतीय एयरफोर्स के ज़रिए पी ओ के में आतंकियों पर हमले की कार्यवाही पर कहा है कि हम आतंक के विरोध में एक साथ है। हज़रत ने कहा कि आतंक दुनिया के लिए बड़ा खतरा है इसके खात्मे की ज़रूरत है वरना मानवता पर मंडराते संकट को टाला नहीं जा सकता।उन्होंने कहा कि इस्लाम हर किस्म के ज़ुल्म के खिलाफ है और इसकी तालीम है कि जिसने किसी बेगुनाह को क़त्ल किया उसने पूरी इंसानियत का क़त्ल किया ।आतंक का न किसी मज़हब से ताल्लुक़ है और न ही आतंकी इंसान हैं, किसी मज़ब के क्या होंगे जो इंसान ही नहीं है और इनकी समाज में कोई जगह नहीं है।
हज़रत ने भारतीय एयरफोर्स के साहस और पराक्रम की प्रशंसा की और उनकी कामयाबी के लिए मुबारकबाद दी।

By: यूनुस मोहानी

आतंकवाद एक नासूर ,इसका खात्मा ज़रूरी : सय्यद मोहम्मद अशरफ

14 फरवरी, आगरा

आल इण्डिया उल्मा व मशाईख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने पुलवामा में हुए आतंकी हमले की कड़ी निन्दा करते हुए कहा है कि इस दुख की घड़ी में पूरा देश शोकाकुल परिवारों के साथ खड़ा है।
हज़रत ने कहा कि आतंक एक नासूर है ,इसका खात्मा ज़रूरी है सरकार बताए आखिर कब तक हम अपने सैनिकों को यूंही खोते रहेंगे और आंसू बहाते रहेंगे,।उन्होंने कहा कि हम लगातार अपने जवानों की लाशें उठा रहे हैं आखिर यह सिलसिला कब तक चलेगा?
पुलवामा में देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले जवानों के परिवारों के साथ पूरा देश खड़ा है ,आतंकी घटना की कड़ी निन्दा से अब काम नहीं चलेगा बल्कि दिन प्रतिदिन बढ़ती इस प्रकार की घटनाओं को रोकना होगा।उन्होंने कहा कि हम उन लोगों का दर्द समझ सकते हैं जिन्होंने अपनों को खोया आपकी तकलीफ में हम बराबर के शरीक हैं।

संवैधानिक संस्थाओं का दुरपयोग कर राजनैतिक हित साधना अनुचित : सय्यद मोहम्मद अशरफ

लखनऊ : 5 फरवरी,

देश में सीबीआई को लेकर जिस तरह बहस छिड़ी हुई है उसके बीच आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड  संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने बड़ा बयान दिया है ,उन्होंने कहा है की संवैधानिक संस्थाओं का दुरपयोग कर राजनैतिक हित साधना अनुचित है ” उनका यह बयान पश्चिम बंगाल में जारी सीबीआई बनाम पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के घमासान पर आया ।

हज़रत ने कहा कि जिस तरह सरकार विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं के माध्यम से अनुचित दबाव बना रही है वह देश के लोकतांत्रिक ढांचे के लिए ठीक नहीं है , इस तरह सत्ताधारी दल अपने खिलाफ उठने वाली हर आवाज़ को दबा देना चाहता है।

देश की प्रमुख जांच एजेंसी जिस तरह अपना रूसूख खो चुकी है वह देश के लिए खतरनाक है सीबीआई,चुनाव आयोग,मीडिया,सभी धीरे धीरे कर अपना विश्वास खोती जा रही है,यहां तक की देश के रिज़र्व बैंक में भी हालात ठीक नहीं है और सर्वोच्च न्यायालय के जज भी असंतोष ज़ाहिर कर चुके है।

किछौछवी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तारीफ करते हुए कहा कि देश के सभी न्याय प्रिय लोग उनके साथ है क्योंकि जिस तरह से लोगों पर दबाव बनाने की कोशिश हो रही है उसका इतना मुखर विरोध उनके न्याय के लिए मजबूत इरादों को दिखाता है उनकी इस लड़ाई में हम उनके साथ हैं।

सर्वोच्च न्यायालय सुबह ही कमिश्नर की गिरफ्तारी पर रोक लगा चुका है और अगली सुनवाई 20 फरवरी को होनी है इससे पहले नोटिस का जवाब 18 फरवरी तक देना है हालांकि कोर्ट ने शिलांग में सीबीआई के सामने पूछताछ के लिए कमिश्नर को आदेश दिया है ।

हज़रत ने कहा कि देश में हर तरह की अशांति और अनन्याय के हम खिलाफ हैं और हर शोषित को हमारा समर्थन है लोकतंत्र की रक्षा के लिए हम ममता बनर्जी का समर्थन करते हैं।

By: Yunus Mohani