आतंकवाद एक नासूर ,इसका खात्मा ज़रूरी : सय्यद मोहम्मद अशरफ

14 फरवरी, आगरा

आल इण्डिया उल्मा व मशाईख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने पुलवामा में हुए आतंकी हमले की कड़ी निन्दा करते हुए कहा है कि इस दुख की घड़ी में पूरा देश शोकाकुल परिवारों के साथ खड़ा है।
हज़रत ने कहा कि आतंक एक नासूर है ,इसका खात्मा ज़रूरी है सरकार बताए आखिर कब तक हम अपने सैनिकों को यूंही खोते रहेंगे और आंसू बहाते रहेंगे,।उन्होंने कहा कि हम लगातार अपने जवानों की लाशें उठा रहे हैं आखिर यह सिलसिला कब तक चलेगा?
पुलवामा में देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले जवानों के परिवारों के साथ पूरा देश खड़ा है ,आतंकी घटना की कड़ी निन्दा से अब काम नहीं चलेगा बल्कि दिन प्रतिदिन बढ़ती इस प्रकार की घटनाओं को रोकना होगा।उन्होंने कहा कि हम उन लोगों का दर्द समझ सकते हैं जिन्होंने अपनों को खोया आपकी तकलीफ में हम बराबर के शरीक हैं।

संवैधानिक संस्थाओं का दुरपयोग कर राजनैतिक हित साधना अनुचित : सय्यद मोहम्मद अशरफ

लखनऊ : 5 फरवरी,

देश में सीबीआई को लेकर जिस तरह बहस छिड़ी हुई है उसके बीच आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड  संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने बड़ा बयान दिया है ,उन्होंने कहा है की संवैधानिक संस्थाओं का दुरपयोग कर राजनैतिक हित साधना अनुचित है ” उनका यह बयान पश्चिम बंगाल में जारी सीबीआई बनाम पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के घमासान पर आया ।

हज़रत ने कहा कि जिस तरह सरकार विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं के माध्यम से अनुचित दबाव बना रही है वह देश के लोकतांत्रिक ढांचे के लिए ठीक नहीं है , इस तरह सत्ताधारी दल अपने खिलाफ उठने वाली हर आवाज़ को दबा देना चाहता है।

देश की प्रमुख जांच एजेंसी जिस तरह अपना रूसूख खो चुकी है वह देश के लिए खतरनाक है सीबीआई,चुनाव आयोग,मीडिया,सभी धीरे धीरे कर अपना विश्वास खोती जा रही है,यहां तक की देश के रिज़र्व बैंक में भी हालात ठीक नहीं है और सर्वोच्च न्यायालय के जज भी असंतोष ज़ाहिर कर चुके है।

किछौछवी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तारीफ करते हुए कहा कि देश के सभी न्याय प्रिय लोग उनके साथ है क्योंकि जिस तरह से लोगों पर दबाव बनाने की कोशिश हो रही है उसका इतना मुखर विरोध उनके न्याय के लिए मजबूत इरादों को दिखाता है उनकी इस लड़ाई में हम उनके साथ हैं।

सर्वोच्च न्यायालय सुबह ही कमिश्नर की गिरफ्तारी पर रोक लगा चुका है और अगली सुनवाई 20 फरवरी को होनी है इससे पहले नोटिस का जवाब 18 फरवरी तक देना है हालांकि कोर्ट ने शिलांग में सीबीआई के सामने पूछताछ के लिए कमिश्नर को आदेश दिया है ।

हज़रत ने कहा कि देश में हर तरह की अशांति और अनन्याय के हम खिलाफ हैं और हर शोषित को हमारा समर्थन है लोकतंत्र की रक्षा के लिए हम ममता बनर्जी का समर्थन करते हैं।

By: Yunus Mohani

नफ़रत बिखराव चाहती है फैसला आपके हाथ : सय्यद मोहम्मद अशरफ

14 जनवरी/नई दिल्ली
आल इंडिया उलमा व मशाईख  बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि”नफरत बिखराव चाहती है,फैसला आपके हाथ है ” उनका यह बयान देश में मौजूदा हालात पर था उन्होंने कहा कि चुनावी समर शुरू हो चुका है लिहाजा नफरत अपना हर हथकंडा आजमाएगी ।
हज़रत ने कहा कि लोग इत्तेहाद कर जीतने की राह तलाश रहे हैं।इधर मुसलमान आपस में छोटी छोटी बातों पर बिखर जाने पर आमादा हैं यह नफरत के एजेंडे को कामयाब बनाने वाली बात है जिसे वक़्त रहते समझना होगा वरना नुकसान तय है ।
उन्होंने कहा कि जिस तरह तेज़ी से हालात बदल रहे हैं हमें अनपर कड़ी नजर रखते हुए फैसला करना होगा जिससे मुल्क को हम नफरत की आंधी से बचा पाये हम फरेब में फंसे तो अपना ही नहीं मुल्क का भी नुकसान करेंगे।
हज़रत से जब उत्तरप्रदेश में समाजवादी और बहुजन समाज पार्टी के इत्तेहाद के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने सवाल के जवाब में सवाल किया कि इस इत्तेहाद में शामिल पार्टियों ने क्या बताया है कि वह सिर्फ मुसलमानों का वोट चाहती हैं या फिर प्रतिनिधित्व भी देना चाहती हैं ?
उन्होंने कहा कि कब तक सिर्फ यह शोर मचता रहेगा कि मुस्लिम तुष्टिकरण कर रही है कोई सियासी पार्टी क्योंकि अभी तक मुसलमानों को कुछ मिला तो नहीं है यहां तक हमारे वोट पर जीतने के बाद सेहरा दूसरो के सर बाधने वाले और हार का ठीकरा मुसलमानों पर फोड़ने वाले भी हमारा वोट चाहते हैं।
By: Yunus Mohani

दंगा भड़काना चाहता है वसीम रिज़वी, सरकार करे कार्यवाही : सय्यद मोहम्मद अशरफ

9 जनवरी /लखनऊ,

आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने वसीम रिज़वी के सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो पर कड़ा एतराज़ जताते हुए उसे अमन का दुश्मन करार दिया है ,उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार एवं केंद्र सरकार से मांग की है कि फ़ौरन ऐसे असामाजिक तत्व के खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मुक़दमा लिख कर कड़ी कार्यवाही की जाये. उन्होंने कहा कि यह शख्स लगातार अपनी भड़काऊ और बेतुकी बातों से देश एवं प्रदेश का अमन खराब करना चाहता है .
हज़रत ने कहा एक महत्त्वपूर्ण पद पर बैठा यह शख्स संविधान की मर्यादों को तोड़ रहा है और देश में दंगा फैला कर लगातार देश को अस्थिर करने की घिनौनी साजिश रच रहा है, यह शख्स कट्टरपंथी विचार से प्रेरित है और उसे फैलाना चाहता है. उन्होंने भारत सरकार से मांग की है कि फ़ौरन ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाये क्योंकि प्रदेश में जहाँ कुम्भ का मेला चल रहा है ऐसे में अगर हालात  खराब हुए तो उन्हें नियंत्रित करना मुश्किल होगा लिहाज़ा इस पर त्वरित कार्यवाही कि जाये.
उन्होंने कहा कि सुफिया ने सदैव मोहब्बत का संदेश दिया है और इस संदेश का यह असर है कि लखनऊ में दंगे बंद हो गये लेकिन शांति के दुश्मनों से यह देखा नहीं जा रहा है और वह इस सामाजिक ताने बाने को तोड़ देने पर तुल गये हैं हालांकि यह एक अंतर्राष्ट्रीय साजिश का हिस्सा है जिसकी एक कड़ी वसीम रिज़वी भी हो सकते हैं इसकी जांच की जानी चाहिए.

By: यूनुस मोहानी

इबादगाहों की जंग सियासतदानों की खुराक है: सय्यद मोहम्मद अशरफ

5 ,जनवरी/संभल,

आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने एक जलसे को संबोधित करते हुए कहा कि “इबादगाहों की जंग सियासतदानों की खुराक है” उनका। यह बयान देश में चल रही नफरत की सियासत के संबंध में था उन्होंने कहा आम जनता को उसके मूल मुद्दों से भटकाने के लिए यह तरीका अपनाया गया है।
हज़रत ने कहा जब कोई मसला मुल्क की सबसे बड़ी अदालत में है तो उसपर लगातार बयानबाज़ी सिर्फ जज्बात भड़काने के लिए है ,आम लोगों को इसे समझना चाहिए क्योंकि अगर हम आपस में झगड़े तो मुल्क का नुक़सान होगा और घिनौनी सियासी चाल कामयाब हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि इंसानी जान बहुत कीमती है लोग एक दूसरे के खून के प्यासे घूम रहे हैं हालांकि यह बहुत कम तादाद में है ज़्याातर लोग मोहब्बत वाले हैं लेकिन अमन वालों की खामोशी की वजह से यह लोग कामयाब होते दिखते हैं और देश माहौल खराब करते हैं हम सब की साझा ज़िम्मेदारी है कि इनके खतरनाक मनसूबों को कामयाब न होने दे।
ज़ुल्म कहीं भी हो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए और उसका मुकाबला किया जाना चाहिए अगर हम सब इन सियासी चालो को नहीं समझे तो अपना और अपने वतन का नुक़सान करेंगे लिहाज़ा सभी को समझना चाहिए कि जिसकी इबादत करते हैं वह ज़ालिम को पसंद नहीं करता ।सभी को अपने मूल मुद्दों से भटकना नहीं चाहिए और वह है शिक्षा ,स्वास्थ्य,और रोजगार यह सब बिना शांति के संभव नहीं है।

By: Younus Mohani

हाकिम बदलने से नहीं निज़ाम बदलने से होगा विकास : सय्यद मोहम्मद अशरफ

15 दिसंबर /नई दिल्ली
हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी, अध्यक्ष आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड एवं चेयरमैन वर्ल्ड सूफी फोरम ने देश के मौजूदा हालात पर चर्चा करते हुए कहा कि “हाकिम बदलने से नहीं निज़ाम बदलने से होगा विकास ” उन्होंने अभी हाल में 5 राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजों पर यह अहम बात कही।
हज़रत ने कहा कि कुछ लोग सिर्फ शासक बदल जाने से बदलाव की उम्मीद रखते हैं, वह धोखे में हैं क्योंकि जब तक व्यवस्था को सही नहीं किया जाएगा तब तक हालात का बदलना मुमकिन नहीं है, नयी हुकूमत अपनी प्राथमिकताएं यदि पुरानी सरकार वाली ही रखेगी तो बदलाव क्या होगा ? यदि गरीब को इलाज ,शिक्षा किसान को उसकी फसल का सही मूल्य,सस्ती दरों पर खाद बीज नहीं मिलेगा तो क्या बदलेगा? अगर हमारे नवजवान बेरोजगार ही रहेंगे तो क्या विकास होगा ?
हज़रत ने पांचों राज्यो में चुन कर आयी सरकारों को शुभकामनाए देते हुए कहा कि इंसाफ के साथ ईमानदारी से काम करते हुए लोगो को फायदा पहुंचाने का काम यह सरकार करें हम ऐसी कामना करते हैं। हज़रत ने सबसे महत्वपूर्ण बात मुसलमानों को संबोधित करते हुए कही उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर जिस तरह की ओछी टिप्पणियां की जा रही है वह बहुत ग़लत हैं और नफरत को बढ़ाने वाली हैं लोगों को इससे बचना चाहिए।
चुनाव में एक दल की जीत हुई एक की हार इसे धर्म से जोड़ना और गलत टिप्पणियां करने से हमारा और मुल्क दोनों का नुक़सान है अब चुनाव समाप्त हो चुके हैं तो सभी प्रदेशवासियों को मिलकर नई सरकार की प्राथमिकताएं वहीं हों जिसकी जनता को जरूरत है इसके लिए दबाव बनाना चाहिए न कि इस तरह की बात करनी चाहिए जिससे किसी को चिढ़ हो और नफरत के सौदागरों को मौका मिले।
By: Yunus Mohani

नबी को समझने के लिए अली की और अली को समझने के लिए इल्म की ज़रूरत : सय्यद मोहम्मद अशरफ

28/नवम्बर,हनुमानगढ़
“नबी को समझने के लिए अली की और अली को समझने के लिए इल्म की ज़रूरत,”यह बात आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने हनुमानगढ़ में एक जलसे को संबोधित करते हुए कही, उन्होंने कहा कि इस वक़्त सियासी लोग घिनौने खेल में लगे हुए हैं और लगातार लोगों को अहम मुद्दों से भटकाने के लिए धर्म का सहारा ले रहे हैं।
उन्होंने कहा कि  पूरे मुल्क में नफरतों की नर्सरी तय्यार की जा रही है यह पौधे बड़े होकर पूरे मुल्क को अंधेरे में डुबो देंगे,हम सब को होशियार रहना चाहिए,हज़रत ने राजस्थान चुनाव प्रचार के दौरान उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान को गैरजिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि अली को समझ पाना सबके बस की बात नहीं क्योंकि हज़रत अली करमल्लाहू वजहुल करीम  शहरे इल्म का दरवाज़ा हैं इस  दरवाजे तक इल्म की तलाश वाले आते हैं।
हज़रत ने कहा किसी मजहबी रहनुमा पर गलत टिप्पणी करना अनुचित और असंवैधानिक है इससे लोगों की भावनाएं आहत होती है जो एक जिम्मेदार व्यक्ति को शोभा नहीं देता ।कोई किसी चीज में आस्था रख सकता है और कोई उसमे आस्था नहीं रखता यह नितांत निजी मामला है
क़ुरआन में साफ कहा गया है कि “तुम्हारे लिए तुम्हारा दीन है और हमारा लिए हमारा दीन” तब इस तरह की बातों का कोई मतलब नहीं है सबको मिलजुल कर रहना चाहिए क्योंकि मोहब्बत के बिना देश बिखर जाएगा और सच्चे देशभक्त कभी देश तोड़ने वाली चीज़ों को बर्दाश्त नहीं कर सकते।
उन्होंने लोगों से आह्वाहन किया कि इल्म हासिल करने के लिए बड़ी से बड़ी मुसीबत को भी बर्दाश्त कीजिए क्योंकि इल्म के बिना हम इन चालों को समझ नहीं सकते और हमें यूंही बहकाया जाता रहेगा ,मजहब को समझने के लिए भी इल्म की जरूरत है वरना न हम अली को समझ सकेंगे न तलीमे नबी पर सही सही अमल कर सकेंगे,लिहाज़ा अपने बच्चो को खूब पढ़ाएं आपस में मिलजुल कर रहें ख्वाजा गरीब नवाज के इस पैगाम को फैलाएं कि ” मोहब्बत सबके लिए नफरत किसी से नहीं”
By: यूनुस मोहानी

जहालत गरीबी की बदतरीन शक्ल है : सय्यद मोहम्मद अशरफ

20/नवम्बर,

आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने पूरी दुनिया को  ईद  मिलादुन्नबी सल्लल्लाहू अलैहि वसल्लम की मुबारकबाद देते हुए कहा कि अल्लाह के रसूल का इरशाद है कि “अशिक्षा गरीबी का सबसे कुरूप चेहरा है” दुनिया को इस बात को समझना चाहिए, विशेष रूप से मुसलमानों को इस बात को समझते हुए इल्म हासिल करने की तरफ मेहनत करनी चाहिए, क्योंकि फरमाने नबी है कि “हर मुसलमान मर्द और औरत पर इल्मे दिन सीखना फ़र्ज़ है” यहां इल्मे दीन का मतलब यह नहीं है कि दुनियावी इल्म नहीं जानना है क्योंकि दीन में दुनिया शामिल है।
हज़रत ने फ़रमाया कि हम सब के आका पैग़म्बरे अमन सल्लल्लाहू अलैहि वसल्लम ने इरशाद फ़रमाया कि” इल्म हासिल करने के लिए अगर चीन भी जाना पड़े तो जाओ” लिहाज़ा इल्म हासिल करिये और उसके लिए हर मुश्किल उठाने के लिए तय्यार रहिये क्योंकि इसी में फायदा है और आगे की आसानी है।
उन्होंने कहा कि अल्लाह के रसूल सबके लिए रहमत हैं और हम उनकी उम्मत हैं लिहाजा हमें भी सबके लिए बेहतर होना चाहिए, हमारी वजह से किसी को तकलीफ नहीं होनी चाहिए, लोग हमें देखकर कहें कि उम्मती ऐसे हैं तो नबी की शान कितनी आला होगी, हम सबको सीरते नबी पर गौर करना है और आपकी तालीम पर अमल करना है क्योंकि मीलाद मानने का सबसे अफजल तरीका यही है कि हम लोगों के लिए फायदा पहुंचाने वाले बन जाएं, हम अमल वाले बन कर जब अपने नबी की तालीम का चर्चा करेंगे तो लोगों पर वह बात असर करेगी।
हज़रत ने पूरे संसार को मुबारकबाद देते हुए कहा कि जश्न मनाईए और लोगों को बताईए कि आमद किसकी है और इसका तरीका वही हो जिससे लोगों को खूब फायदा पहुंचे ।

By: Yunus Mohani

सब अल्लाह के बन्दे हैं, भाई भाई बन कर रहो : सय्यद मोहम्मद अशरफ

17 नवंबर/लखनऊ
आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड  के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने मोहसिने इंसानियत नबिए रहमत हज़रत मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहू  अलैहि वसल्लम की हदीस बयान करते हुए कहा कि फरमाने नबी है “बदगुमानी से बचो क्योंकि बदगुमानी की अक्सर बातें झूठी होती है,लोगों के ऐब तलाश करते न फिरो,आपस में हसद न करो,और बुग़ज़ न रखो किसी की पीठ पीछे बुराई न करो बल्कि सब अल्लाह के बन्दे हैं आपस में भाई भाई बन कर रहो” नबी की इस तालीम पर लोगों ने अमल छोड़ा है इसी लिए दुनिया में इतनी बद अमनी है।
हज़रत ने कहा कि अगर हम बदगुमान नहीं होंगे तो कोई लाख चाह ले लेकिन हमारे बीच लड़ाई नहीं करवा सकता, इसी तरह अगर हम एक दूसरे के लिए खैर चाहेंगे, आपस में हसद नहीं करेंगे तो मोहब्बत का जो माहौल बनेगा उससे हमारी दुनिया भी खूबसूरत होगी और हमे आखिरत में भी उसका सिला मिलेगा।उन्होंने कहा कि सीरत के हर पहलू पर हमें गौर व फिकर करना  है और उस पर अमल करना है क्योंकि इसके सिवा कुछ निजात का जरिया नहीं, क्योंकि नबी की सीरत हुकमे खुदा से जुदा मुमकिन नहीं।
रसूले मक़बूल सल्लल्लाहू अलैहि वसल्लम ने इरशाद फ़रमाया कि “तुममें बदतरीन शख्स वह है जो चुगलखोरी करते फिरते हैं और दोस्तों के बीच ताल्लुकात खराब कराते फिरते हैं” इस हदीस को खूब याद रखना होगा क्योंकि जिसे रसूल बदतरीन कह रहे हैं वह यकीनन बड़ी बुराई में है लिहाजा इससे बचिये, अगर कोई शख्स  ऐसा है तो उसे सुधारने की कोशिश कीजिए वरना उसकी बात मत सुनिए, ऐसे लोग आपके आंगन में नफरत का बीज बोते हैं और फिर आपका या फिर आपके अपनों का लहू इसे सीचने के काम में बेकार जाता है।
आपस में मोहब्बत कीजिए, मीलाद का यही पैगाम है, लड़ाने वालों से होशियार रहिए, मोहब्बत को फरोग दीजिए इसी में हम सब की भलाई है। हज़रत ने कहा, मुल्क में जिस तरह का माहौल बनाया जा रहा है इससे होशियार रहिए क्योंकि सियासत के खूनी पंजे मजहब, ज़ात नहीं देखते सिर्फ उन्हें लहू से मतलब होता है जिससे वह सत्ता पा सकें।  सिर्फ मुसलमान ही नहीं बल्कि मुल्क में रहने वाले सभी लोग नफरत को नकार दें तो खुद बखुद मोहब्बत का निज़ाम कायम हो जाएगा।
यूनुस मोहानी

इंसाफ से मुल्क मजबूत होता है लोगों का विश्वास बढ़ता है : सय्यद मोहम्मद अशरफ

31 अक्टूबर /नई दिल्ली,
मलियाना कांड में आरोपी पी.ए. सी. के 16 जवानों को दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा उम्रकैद की सज़ा दिये जाने पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने कहा कि ” इंसाफ से मुल्क मज़बूत होता है,लोगों का विश्वास बढ़ता है ” उन्होंने कहा देर से सही लेकिन इंसाफ मिला है हमें मुल्क की अदालत पर पूरा भरोसा है।
हज़रत ने कहा कि लोकतंत्र में अगर इंसाफ से विश्वास उठ जाए तो कुछ शेष नहीं बचता। दोषियों को उनके अपराध का दण्ड मिलना ही चाहिए इसके लिए धर्म, ज़ात,पद का कोई भेद नहीं किया जा सकता, अपराधी को मात्र अपराधी के रूप में ही देखा जाना चाहिए ।
कानून तोड़ने वाला, उसका मज़ाक बनाने वाला कोई भी हो उसको सज़ा ज़रूर मिलनी चाहिए, मलियाना में जिस तरह निर्दोषों को मारा गया उनके परिवार वालों के लिए आज कुछ राहत का दिन है जिन्होंने अपने घर के नौजवान खोए वह उस दिन को तो नहीं भूल सकते लेकिन उन्होंने न्याय के लिए जो निरंतर प्रयास किया आज उसकी जीत हुई और अपराधियों को न्यायालय ने सज़ा दी है यह ऐसे समय में जब देशवासियों का एक एक करके देश की मुख्य संस्थाओं से विश्वास डगमगाया है न्यायपालिका में विश्वास को बढ़ाने वाला फैसला है।
उन्होंने कहा कि बिना इंसाफ के अमन को कायम नहीं किया जा सकता, नाइंसाफी ही अशांति का कारण होती है, इसलिए सभी को समान और समय पर न्याय प्रदान करना आवश्यक है। देश के संविधान और न्यायालय पर हमारा पूरा विश्वास है।
By: यूनुस मोहानी