शेरानी आबाद के सूफ़ी नगर में ऑल इंडिया उलमा मशाईख बोर्ड ने वृक्षारोपण किया l

20 जुलाई 2020, शेरानी आबाद

ऑल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड दिल्ली के ज़िम्मेदार हाफ़िज़ हुसैन शेरानी ने बताया कि बोर्ड के कार्यकर्ता अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफ़ी फोरम के चेयरमैन विश्वविख्यात इस्लामिक धर्मगुरु हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी के आह्वान पर देश के विभिन्न स्थानों पर वृक्षारोपण कर रहे हैं और ज़मीन को हरा भरा रखने का संकल्प दोहरा रहे हैं, वैसे भी स्वयं बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने हर मौके पर लोगों से पेड़ लगाने की अपील की है ताकि हमारे इस काम से हम अपनी आने वाली नस्लों को शुद्ध हवा दे पाएं।

वहीं इसके साथ हज़रत सय्यद अशरफ किछौछवी ने यह भी कहा कि पेड़ लगाते वक्त यह भी याद रखना चाहिए कि हमें पेड़ जैसा बनना है जो हमें हवा देता है,फल देता है,छाया देता है और जब सूख जाता है तो जलाने के काम आता है और किसी से उसका मजहब उसकी ज़ात उसका मसलक नहीं पूछता यही सूफिया का तरीका रहा है। उनकी इसी बात से प्रेरणा लेकर आज शेरानी आबाद के सूफ़ी नगर भेणियाद में शहादत अली खान के नेतृत्व में कई घरों में हरे भरे पेड़ पौधे लगाए, उनके साथ यूसुफ खान, मोहम्मद हुसैन, मौती खान, मोहम्मद इरशाद, मोहम्मद अरशद व मोहम्मद तारीफ मौजूद रहे ।

नफरत का कारोबार देश को बर्बाद कर देगा :सय्यद मोहम्मद अशरफ

31 जनवरी, नई दिल्ली
आल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फ़ोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने कल दिल्ली में हुए गोलीकांड पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि नफरत का कारोबार देश को बर्बाद कर देगा इसे फौरन रोका जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जिस तरह देश के युवा भटक रहे हैं उससे देश को गंभीर खतरा है ,बेरोजगार और मायूस लोग घिनौनी सियासत का हथियार बन रहे हैं उनकी अपनी न कोई सोच है और न ही कोई विचारधारा ,अगर इस क्रम को समय रहते न तोड़ा गया तो हम सबको तबाही के खौफनाक मंज़र देखने पड़ सकते हैं। मोहब्बत की हवा अगर न चली तो नफरत के अलाव में देश जल जायेगा लिहाज़ा हम सब की साझा ज़िम्मेदारी है कि इसे हर हाल में रोका जाये।
हज़रत ने कहा यह कैसी तस्वीर है जिसमें हमलावर गोली चला रहा है और उसके पीछे पुलिस के लोग हाथ बांधे कुछ भयावह घट जाने के इंतजार में हैं, आखिर यह देश में कौनसी सोच पनप रही है जो अपने विचारो से असहमति जताने वालों को गोली मार देने की बात करती हो इसपर गंभीरता से विचार कर रोक लगाई जानी चाहिए।
उन्होंने लोगों से धैर्य और शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि हर नफरत को सिर्फ मोहब्बत से हराया जा सकता है , हिंसा किसी भी समस्या का हल नहीं बल्कि स्वयं एक सबसे अधिक गंभीर समस्या है। हमें सूफिया के अमल से सीखते हुए इस नफरत को हराना होगा,और वह तरीका है नफरत किसी से नहीं, मोहब्बत सबके लिए।

Yunus Mohani

देश भक्ति का सैलाब है मुल्क में, भारत का भविष्य सुनहरा : सय्यद मोहम्मद अशरफ

26 जनवरी, नई दिल्ली
आल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फ़ोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने सभी देशवासियों को 71वां गणतंत्र दिवस की बधाई देते हुए कहा कि आज देश में देश भक्ति का सैलाब आया है जिसने दुनिया को संदेश दिया है कि भारत का भविष्य बहुत सुनहरा है।
उन्होंने लोगों को शिक्षा के लिए आंदोलन चलाने की बात कही, उन्होंने कहा कि सभी को इस ओर ध्यान देना है और लोगों को जिनके पास पैसे हैं, जो अपने बच्चों को पढ़ाने के अलावा दूसरे बच्चे की फीस जमा कर सकता है वह करे, जो दो बच्चों की फीस भर सकता है भरे और जो 4 बच्चे पढ़ा सकता है पढ़ाए क्योंकि मुल्क और समाज की तरक्की शिक्षा से ही होगी।
हज़रत ने कहा कि लोगों को हिंसा से अराजकता से बिल्कुल बचते हुए लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखनी चाहिए,हमें ख्याल रखना चाहिए कि किसी भी हालत में देश का नुक़सान न होने पाए, यह खुशी की बात है कि लोगों में जिस तरह का ज़ज़्बा अपने संविधान और देश के लिए देखा जा रहा है, जो बताता है कि मुल्क का भविष्य सुनहरा है और किसी भी विदेशी ताकत में यह ताकत नहीं है कि वह हमारे इस चमन को बांट पाए।
आज हर हाथ में तिरंगा है, हर ज़ुबान पर संविधान यह भारत की ताकत को दर्शाता है कि भले हज़ार असहमतियां हों लेकिन देश की बात आएगी हमारे तिरंगे के सम्मान की बात आएगी तो हम एकजुट हैं, सरकार और जनता के बीच खींचतान तो लोकतंत्र की खूबसूरती है लेकिन इसमें हिंसा का कोई स्थान नहीं है, सभी को गणतंत्र दिवस की बधाई और यह अपील भी कि इस चमन को आग से बचा कर रखना है ताकि यह फूल खूब खिले, खूब महके, वतन में हमेशा फसले बाहर रहे।

Yunus Mohani

ननकाना साहिब गुरुद्वारे पर हमला नबी की तालीम के सख्त खिलाफ : सय्यद मोहम्मद अशरफ

4 जनवरी (2020)शनिवार,मुम्बई
आल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फ़ोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने ननकाना साहिब गुरुद्वारे को घेर कर पत्थरबाजी की घटना की निन्दा करते हुए कहा है कि यह काम नबी की तालीम के सख्त खिलाफ है,उन्होंने कहा कि जब पैगम्बर ए इस्लाम सल्लाल्लाहू अलैहि वसल्लम ने मदीना स्टेट बनाया तो वहां के अल्पसंख्यकों के अधिकार रखे और उनकी इबादतगाहों तथा उनकी जान माल की हिफ़ाज़त का वादा किया।
उन्होंने कहा, पाकिस्तान की सरकार इस मामले में फौरन दखल दे और हर कीमत पर ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाए तथा गुरुद्वारे की पवित्रता को बरकरार रखा जाए। चूंकि ननकाना साहिब में सिख भाइयों के प्रथम गुरु गुरु नानक देव जी का जन्म हुआ इसलिए इस जगह से उनकी अकीदत है,जिसका सम्मान किया जाना चाहिए।
हज़रत ने पाकिस्तान के लोगों से अपील करते हुए कहा कि नबी की तालीम पर अमल करें क्योंकि इस तरह अगर कोई करता है तो यह सीधा उस पैग़म्बरे अमन की तालीम की अव्हेलना है लिहाज़ा सब बाहर निकलकर सिख भाइयों की मदद के लिए आएँ।
उन्होंने कहा कि भारत का हर मुसलमान सिख भाइयों के साथ है और हम इस तरह के कृत्य को बर्दाश्त नहीं करते, इसकी कड़ी निन्दा करते हैं क्योंकि किसी को किसी की धार्मिक भावनाओं को आहत करने का अधिकार इस्लाम नहीं देता है, इस्लाम की तालीम हर जगह ज़ुल्म और ज़ालिम के खिलाफ मजलूम के साथ खड़े होना है।

By: यूनुस मोहानी

जामिया में पुलिसिया दमन भारत के भविष्य पर हमला :सय्यद मोहम्मद अशरफ

15 दिसंबर, नई दिल्ली
आल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फ़ोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के अंदर घुस कर जामिया के छात्र छात्राओं पर पुलिस के लाठीचार्ज की कड़ी निन्दा की है।
हज़रत ने कड़े शब्दों में कहा कि यह भारत के भविष्य पर हमला है केंद्र सरकार को फौरन स्थिति को संभालना चाहिए, देश में जिस तरह का माहौल पनप रहा है वह बेहतर नहीं है लोगों में चिंता और भय है सरकार को इसे दूर करना चाहिए, हज़रत ने छात्रों से भी शांति की अपील करते हुए कहा कि कानून को किसी भी हाल में हाथ में न लें शांति और संयम बनाए रखे।
हज़रत ने दिल्ली पुलिस की इस बर्बर कार्यवाही को निकम्मापन करार दिया,उन्होंने कहा कि अगर बिना इजाज़त विश्विद्यालय में पुलिस घुसी है तो इसकी जांच होनी चाहिए और दोषियों पर कड़ी कार्यवाही की जानी चाहिए, विश्विद्यालय पढ़ने की जगह है पुलिसिया तांडव की नहीं इसके लिए सरकार को फौरन क़दम उठाने चाहिए। बच्चों के साथ कोई गलत बर्ताव नहीं किया जाए और उन्हें सकुशल उनके घर भेजा जाय।

By: Yunu Mohani

धर्म को आधार बनाकर बनने वाला कानून संविधान के साथ संविधान निर्माताओं का अपमान : सय्यद मोहम्मद अशरफ

13 दिसंबर शुक्रवार,लखनऊ आल इंडिया उलमा व माशाईख बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फ़ोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने लखनऊ में नागरिकता संशोधन बिल पर कहा है कि मज़हब को बुनियाद बना कर अगर कोई कानून बनाया जाता है तो यह भारत के संविधान के साथ संविधान निर्माताओं का अपमान है।
उन्होंने कहा कि यह देश के मुसलमानों का मसला नहीं है बल्कि हर उस सच्चे भारतीय का मसला है जो भारत के संविधान में विश्वास रखता है क्योंकि हमें एक देश के रूप में बांधे रखने वाला संविधान ही है, हज़रत ने स्पष्ट कहा कि यह डॉक्टर भीमराव अम्बेडकर का अपमान है या फिर दलितों के खिलाफ कोई घिनौनी साजिश क्योंकि आसाम में जिस तरह ज़्यादा तर एन आर सी के कारण अपनी नागरिकता साबित न कर पाने वाले दबे कुचले हुए लोग ही हैं जबकि मुसलमानों की संख्या मात्र 5 लाख ही है अगर यह पूरे देश में लागू होता है तो दलित और आदिवासी समुदाय सबसे अधिक पीड़ित होगा।
और अगर वह नागरिकता नहीं साबित कर सका तो भ्रष्ट तंत्र उसके पूरे जीवन की कमाई मात्र नागरिकता के नाम पर खा जाएगा क्योंकि यह बात जगजाहिर है कि छोटी छोटी सरकारी योजनाएं गरीबों तक बिना रिश्वत के नहीं पहुंचती तो फिर यह जीवन मरण का सवाल होगा इस प्रकार यह उत्पीड़ित समाज के लोग नागरिकता के लिए शोषण के शिकार रहेंगे और फिर इनके लिए आरक्षण बेमाना हो जायेगा।
हज़रत ने कहा कि जिस तरह इस कानून को सिर्फ मुसलमानों के खिलाफ प्रचारित किया जा रहा है वह सही नहीं है जबकि सच यह है कि यह कानून भारत की आत्मा के खिलाफ है ,यह कानून आइडिया ऑफ इंडिया के खिलाफ है और यह कानून संविधान का मज़ाक है इस बात को मुसलमानों को समझना चाहिए कि इसके खिलाफ लड़ाई हर भारतीय की लड़ाई है जो भारत के संविधान में विश्वास रखता है।
उन्होंने कहा कि देश के सभी अमन पसंद लोगों को सामने आना चाहिए और संविधान बचाने के लिए मुहिम चलानी चाहिए,मामला अब अदालत में है हम भारत के सर्वोच्च न्यायालय से उम्मीद करते हैं कि वह इंसाफ करेगा साथ ही भारत के महामहिम राष्ट्रपति महोदय से अपील करते हैं कि इस संविधान विरोधी कानून को अपनी मंजूरी प्रदान n करें क्योंकि यह कानून डॉक्टर अम्बेडकर का अपमान है साथ ही दलितों और आदिवासियों के उत्पीड़न का हथियार है।

By: Yunus Mohani

देश के संविधान का सम्मान हमारा कर्तव्य : सय्यद मोहम्मद अशरफ

आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड मुरादाबाद शाख द्वारा संविधान दिवस आयोजित
26 नवंबर,संभल,मुरादाबाद
आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फ़ोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने संविधान दिवस पर बोर्ड द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा हम सबका कर्तव्य है कि हम अपने मुल्क के संविधान का सम्मान करें ,उन्होंने कहा कि हमारे प्यारे मुल्क के संविधान में हमें बराबरी का हक दिया गया है,और इसमें निज़ाम ए मुस्तफा स्ल्लाल्लाहू अलैहि वसल्लम की झलक भी पाई जाती है जो हर एक भारतीय को कानून की नजर से एक समान देखती है, सबको अपने मजहब को मानने और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रहने की आजादी है।
हज़रत ने कहा कि अगर कहां किसी के साथ नाइंसाफी होती है तो उसमें संविधान या कानून का दोष नहीं होता बल्कि यह परिस्थितियों के अनुसार या फिर कानूनी भूल के चलते होता है लिहाज़ा हमें मुल्क के कानून का पालन करना चाहिए और संविधान का सम्मान करते हुए देश की न्याय प्रणाली पर भरोसा रखना चाहिए।
मौलाना मुख़्तार अशरफ साहेब ने कहा कि भारतीय संविधान के महान शिल्पी डॉक्टर भीम राव अम्बेडकर सहित संविधान सभा के सभी सदस्यों ने देश को अखंड बनाए रखने हेतु इस संविधान को तैयार किया जिसमें भारत की खुशबू शामिल है,और सभी को मिलजुल कर रहने का बिना किसी बंधन के स्वतंत्र रूप से जीने का मंत्र भी। किसी भी कारण हमें इसकी गरिमा को बचा कर रखना होगा ,क्योंकि मुल्क संविधान से चलता है उसके इतर नहीं।
ज्ञात हो कि आज ही के दिन 1949 में इस संविधान को भारत के संविधान के रूप में अंगीकृत किया गया था।
कार्यक्रम का आयोजन कारी मोहम्मद आमिर रज़ा अशरफी साहेब ने किया, मौलाना नसीम, कारी नज़रुल, हाफिज राहिल, मनोज कुमार थाना प्रभारी, मैनाथर, मौलाना नासिर,मौलाना फरमान, कारी मोहम्मद अली, मोहम्मद बिलाल अशरफ, अंसार मलिक, हाजी रियाज़ुल, मोहम्मद रज़ा, मोहम्मद असलम के अलावा कई लोगों ने शिरकत की, कार्यक्रम का समापन देश में अमन व अमान की दुआ के साथ हुआ।

By: यूनुस मोहानी

हुसैन का ज़िक्र ज़ुल्म और भ्रष्टाचार का इलाज है : सय्यद मोहम्मद अशरफ

9 सितंबर, रायपुर छत्तीसगढ़
आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने एक धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि हुसैन का ज़िक्र ज़ुल्म एवम भ्रष्टाचार का इलाज है।
उन्होंने कहा कि दुनिया में जहां भी ज़ुल्म है कुप्रबंधन है नाइंसाफी है वहां हुसैन का ज़िक्र उसके खिलाफ आवाज है,क्योंकि रसूले अकरम सल्लललाहू अलैहि वसल्लम के नवासे ने अपने 6 माह के बेटे से लेकर अपने पूरे घर की कुर्बानी इस ज़ुल्म और भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष में दी और आने वाली दुनिया को यह संदेश दिया कि अगर कहीं ज़ुल्म और नाइंसाफी हो भ्रष्टाचार हो तो उसके खिलाफ बड़ी से बड़ी कुर्बानी देने से भी पीछे नहीं हटना चाहिए।
हज़रत ने कहा कि जिस तरह की जंग करबला में इमाम ने लड़ी उसकी मिसाल पूरी इंसानी तारीख में नहीं मिलती जहां वफादारी ने भी अपने कमाल को छुआ यह वाहिद जंग है जिसमें मैदान में सर कटाने वाला जीता और क़ातिल बुरी तरह हार गया । अली के बेटों ने करबला के तपते रेगिस्तान में भूके और प्यासे रहते हुए जो इबारत लिखी उससे रहती दुनिया तक लोग हौसला पाते रहेंगे।
करबला सिर्फ जंग नहीं है बल्कि एक पैगाम है कि ज़ुल्म को बर्दाश्त करना भी ज़ुल्म है इसीलिए हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम ने फरमाया कि ज़ुल्म के खिलाफ जितनी देरी से खड़े होंगे कुर्बानी उतनी ज़्यादा देनी होगी,लिहाजा हम सब मोहर्रम में इमाम का ज़िक्र इसलिए करते हैं कि हम ज़ुल्म करने वाले नहीं बल्कि ज़ालिम के विरोधी हैं भ्रष्टाचार के नाइंसाफी के विरोधी है। मोहर्रम दुनिया में ज़ुल्म के खिलाफ अमन वालों के प्रदर्शन का नाम है।

By: Yunus Mohani

कुर्बानियों के बाद मिली है आज़ादी नफरत इसे बर्बाद न करने पाये: सय्यद मोहम्मद अशरफ

15 अगस्त लखनऊ,

आल इंडिया उलमा मशाईख बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने अहले वतन को जश्ने आज़ादी की मुबारकबाद देते हुए कहा कि बड़ी कुर्बानियों के बाद गुलामी की जंजीरों से आज़ादी मिली है अब फैल रही नफरत इसे बर्बाद कर देगी।

हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने इस मौके पर कहा कि बोर्ड नफरतों को खत्म कर मोहब्बत बांटने का काम कर रहा है,और यह काम तेजी से हो भी रहा है,मुसलमान अपने मुल्क से मोहब्बत करते हैं क्योंकि नबी का फरमान है कि वतन से मोहब्बत ईमान का हिस्सा है,फिर कोई मुसलमान कैसे अपने देश से गद्दारी कर सकता है,हां कुछ ग़लत लोग हैं जिनके सिर्फ नाम मुसलमानों जैसे है मगर वह गद्दार है मजहब के भी और वतन के भी ऐसे लोगों पर सख्त नजर रखी जानी चाहिए ,।

बोर्ड के आह्वाहन पर देश की ज़्यादातर खानकाहों में झण्डा फहराया गया,और यह सिलसिला मदरसों से बढ़कर मस्जिद के सहन तक पहुंच गया है,दरगाह निज़ामुद्दीन औलिया के प्रांगण में भी झण्डा फहराया गया जिसमें बोर्ड दिल्ली शाखा के जिम्मेदार सय्यद फरीद निजामी ने झण्डा फहराया,दरगाह अजमेर शरीफ में चिश्ती मंज़िल में झण्डा फहराया गया जिसमें बोर्ड के संयुक्त सचिव सय्यद सलमान चिश्ती ने झण्डा फहराया,हैदराबाद में तेलंगाना प्रदेश के अध्यक्ष सय्यद आले मुस्तफा पाशा ने झण्डा फहराया,कर्नाटक में सय्यद तनवीर हाशमी ने खानकाह बीजापुर में झण्डा फहराया

पंजाब में रमज़ान अशरफी ने झण्डा फहराया, राजस्थान में कारी अबुलफतेह ने झण्डा फहराया साथ ही छत्तीसगढ़ में मौलाना मोहम्मद अली फारुकी ने झण्डा फहराया।

आज जश्ने आज़ादी के मौके पर पूरे देश में बोर्ड की हर शाखा में झण्डा फहराया गया और राष्ट्रगान हुआ, हर जगह सभा आयोजित की गई और लोगों में मिठाई बांटी गई। लखनऊ में बोर्ड के प्रदेश कार्यालय में भी झण्डा फहराया गया और राष्ट्रगान गाया गया जिसमें बोर्ड के जिम्मेदारों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर बढ़ रही नफरत को रोकने के लिए बोर्ड के लखनऊ शाखा के अध्यक्ष मौलाना इश्तियाक क़ादरी ने मस्जिदों में फ़्री क्लीनिक शुरू करने की बात की और अपनी मस्जिद में इसे शुरू करने का ऐलान किया,उन्होंने कहा कि पूरे मुल्क में मस्जिदों में यह काम शुरू किया जाना चाहिए।

इस मौके पर उन्होंने कहा कि मस्जिद में जब बंदा जाता है तो उसकी रूह का इलाज होता है वहां अगर उसके जिस्म का इलाज भी होने लगेगा तो मकसद पूरा हल होगा और यह क्लीनिक हर मजहब के लोगों के लिए होगी जो फ्री में गरीबों को दवा देगी और इलाज होगा इससे यकीनन नफरतें खतम होंगी ।
रायेबरेली, संभल,मुरादाबाद, मेरठ,फैजाबाद,मकनपुर सहित देश में बोर्ड की हर शाखा में बड़ी धूमधाम से जश्ने आज़ादी मनाया गया।



धारा 370 राज – नीति का मामला, इसे मजहबी चश्मे से देखना बेईमानी: सय्यद मोहम्मद अशरफ

5 अगस्त 2019,नई दिल्ली
आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने धारा 370 के मसले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह पूरी तरह राज की नीति का मामला है, इसे सांप्रदायिक चश्मे से देखना बेईमानी होगी।
उन्होंने कहा कि आम भारत के मुसलमानों का संविधान के इस प्रावधान से कोई सरोकार नहीं है ,हां यह कश्मीर में रहने वाले भारतीयों के लिए एक भावनात्मक मुद्दा ज़रूर बन गया है ,अब लोगों को धारा 370 पर भ्रम नहीं फैलाना चाहिए और न ही सोशल मीडिया के माध्यम से इसे सांप्रदायिक रूप से पेश किया जाना चाहिए।
हज़रत ने कहा कि इससे पहले भी धारा 370 में कई संशोधन किए गए हैं और अभी तक जितनी खबर आ रही है कि धारा 370 को पूरी तरह अभी भी खतम नहीं किया गया है बल्कि उसका एक हिस्सा अभी भी लागू है। हज़रत ने कहा कि हम दुआ करते हैं कि कश्मीर में शांति स्थापित हो ।खूबसूरत वादी जो बारूद की बू से खराब हो रही है वहां अमन कायम हो ,लोगों के दिलों से खौफ निकले और विकास हो।
हालांकि इसे जिस तरह रहस्य बनाकर किया गया इसको लेकर लोगों के मन में संदेह है,यदि इसपर विचार किया जाता तो कश्मीर में रहने वाले भारतीयों के मध्य और भी बेहतर संदेश जाता।
कश्मीर में इस वक़्त जिस तरह का माहौल बना हुआ है जल्द ही वहां हालत सामान्य हों और लोग बहकावे में न आएं , मोहब्बत के परवानों ,सूफी संतों की सरजमीन को आतंकवाद के नासूर से आज़ादी मिले।अगर ऐसा होता है तो यह मुल्क के लिए बहुत अच्छा होगा।उन्होंने कश्मीर की आवाम से भी धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि किसी के बहकावे में न आएं क्योंकि अब तक लोग सिर्फ इस्तेमाल करते आएं है।

By: यूनुस मोहानी