कोरोना वायरस से ज़्यादा खतरनाक है नफरत का वायरस : सय्यद मोहम्मद अशरफ

17 मार्च, 2020 महराजगंज
आल इंडिया व मशाइख़ बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फ़ोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कोरोना वायरस से अधिक खतरनाक नफरत का वायरस है।
उन्होंने कहा कि हम कोरोना से बचने के लिए मास्क तो पहन रहे हैं लेकिन नफरत से बचने के लिए ज़हरीली जुबानों को नहीं रोक रहे हैं,हम वायरस से बचने के लिए बार बार हैंडवाश या साबुन से हाथ धो रहे हैं लेकिन उन हाथों को लोगों की मदद के लिए नहीं बढ़ा रहे, खांसते या छींकते वक़्त बीमारी के डर से मुंह को ढाप रहे हैं लेकिन किसी जरूरतमंद के कपड़ों का इंतजाम नहीं कर रहे।
हज़रत ने कहा कि दुनिया कोरोंना से एकजुट होकर लड़ लेगी इसकी दवा बनाकर इसे हरा भी देगी लेकिन इससे ज़्यादा खतरनाक बीमारी का इलाज होते हुए भी इसे खतम करने को तैयार नहीं है।
जबकि सिर्फ एक मुस्कुराहट इस वायरस से बचा सकता है,एक ख़ामोशी,इंसाफ और लोगों की मदद करने का जज्बा इसका इलाज है अगर सब इस काम में लग जाएं तो इस वायरस को खतम कर इसपे जीत हासिल की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि हम कोरोना को सुन्नते रसूल पे अमल कर हरा देंगे क्योंकि डॉक्टर जो बचाव के तरीके बता रहे हैं वह नबी की सुन्नत है इसी तरह हम नफरत के वायरस को भी नबी की सुन्नत पर अमल कर हरा सकते हैं जो सूफिया ने करके दिखाया और संदेश सुनाया कि नफरत किसी से नहीं मोहब्बत सबके लिए।

अहंकार और नफरत को ज़िबाह किये बिना पूरा नहीं कुर्बानी का मकसद – सय्यद अशरफ

11 अगस्त ,लखनऊ
लोगों को ईद उल अजहा की मुबारकबाद देते हुए आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने कहा कि अल्लाह की राह में कुर्बानी का असल मकसद तब पूरा होगा जब हम अपने घमंड गुरूर और नफ़रत को भी खतम कर दें और लोगों के लिए आसानी पैदा करने वाले बन जाएं।
उन्होंने कहा कि मुल्क में जिस तरह से नफरतें सर चढ़ कर बोल रही हैं उन्हें खतम करना हमारा काम है ,हमें खुद आगे बढ़ कर लोगों को गले लगाना है सुन्नते इब्राहिमी तो हम अदा कर रहे हैं सीरते रसूल पर भी हमारी नजर रहनी चाहिए और अगर हमारी ज़िन्दगी का हर लम्हा उसमें ढल गया तो हम कामयाब हो जायेंगे ,फिर कोई हमसे नफरत नहीं कर सकेगा।
हज़रत ने लोगों से कहा कि कुर्बानी ज़रूर करें जिनपर वाजिब है लेकिन अपने हमवतन भाइयों के जज्बात का ख्याल रखें,हमारी वजह से किसी को किसी भी तरह की परेशानी न हो,साफ सफाई का खूब ख्याल रखे,जिन जानवरों पर पाबंदी है हरगिज़ उनकी कुर्बानी न करें,कानून का पालन करे और खून को नालियों में न बहाएं,सोशल मीडिया पर एहतियात बरतें कि किसी भी कुर्बानी वाली विडियो को शेयर न करें,।
हज़रत ने अपील करते हुए कहा कि जो लोग नफली कुर्बानी करना चाहते हैं वह मुल्क में परेशान हाल लोगों की मदद करें ,कुर्बानी भुखमरी के खिलाफ सबसे बड़ी जंग है इस बात का ख्याल रखते हुए जरूरतमंदो तक उनका हिस्सा हर हाल में पहुंचाएं ,दुनिया में जहां भी इंसानियत परेशान है ज़ुल्म का शिकार है उनके लिए दुआ करें और मुल्क की फिज़ा खुशगवार रहे इसकी दुआ करें।उन्होंने आल इंडिया उलमा मशाईख बोर्ड की जानिब से लोगों को मुबारकबाद पेश करते हुए यह भी कहा कि सभी बोर्ड के जिम्मेदार अपनी अपनी जगह पर लोगों में जागरूकता फैलायें,ताकि लोग असल मकसद तक पहुंच सके।

कुर्बानियों के बाद मिली है आज़ादी नफरत इसे बर्बाद न करने पाये: सय्यद मोहम्मद अशरफ

15 अगस्त लखनऊ,

आल इंडिया उलमा मशाईख बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने अहले वतन को जश्ने आज़ादी की मुबारकबाद देते हुए कहा कि बड़ी कुर्बानियों के बाद गुलामी की जंजीरों से आज़ादी मिली है अब फैल रही नफरत इसे बर्बाद कर देगी।

हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने इस मौके पर कहा कि बोर्ड नफरतों को खत्म कर मोहब्बत बांटने का काम कर रहा है,और यह काम तेजी से हो भी रहा है,मुसलमान अपने मुल्क से मोहब्बत करते हैं क्योंकि नबी का फरमान है कि वतन से मोहब्बत ईमान का हिस्सा है,फिर कोई मुसलमान कैसे अपने देश से गद्दारी कर सकता है,हां कुछ ग़लत लोग हैं जिनके सिर्फ नाम मुसलमानों जैसे है मगर वह गद्दार है मजहब के भी और वतन के भी ऐसे लोगों पर सख्त नजर रखी जानी चाहिए ,।

बोर्ड के आह्वाहन पर देश की ज़्यादातर खानकाहों में झण्डा फहराया गया,और यह सिलसिला मदरसों से बढ़कर मस्जिद के सहन तक पहुंच गया है,दरगाह निज़ामुद्दीन औलिया के प्रांगण में भी झण्डा फहराया गया जिसमें बोर्ड दिल्ली शाखा के जिम्मेदार सय्यद फरीद निजामी ने झण्डा फहराया,दरगाह अजमेर शरीफ में चिश्ती मंज़िल में झण्डा फहराया गया जिसमें बोर्ड के संयुक्त सचिव सय्यद सलमान चिश्ती ने झण्डा फहराया,हैदराबाद में तेलंगाना प्रदेश के अध्यक्ष सय्यद आले मुस्तफा पाशा ने झण्डा फहराया,कर्नाटक में सय्यद तनवीर हाशमी ने खानकाह बीजापुर में झण्डा फहराया

पंजाब में रमज़ान अशरफी ने झण्डा फहराया, राजस्थान में कारी अबुलफतेह ने झण्डा फहराया साथ ही छत्तीसगढ़ में मौलाना मोहम्मद अली फारुकी ने झण्डा फहराया।

आज जश्ने आज़ादी के मौके पर पूरे देश में बोर्ड की हर शाखा में झण्डा फहराया गया और राष्ट्रगान हुआ, हर जगह सभा आयोजित की गई और लोगों में मिठाई बांटी गई। लखनऊ में बोर्ड के प्रदेश कार्यालय में भी झण्डा फहराया गया और राष्ट्रगान गाया गया जिसमें बोर्ड के जिम्मेदारों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर बढ़ रही नफरत को रोकने के लिए बोर्ड के लखनऊ शाखा के अध्यक्ष मौलाना इश्तियाक क़ादरी ने मस्जिदों में फ़्री क्लीनिक शुरू करने की बात की और अपनी मस्जिद में इसे शुरू करने का ऐलान किया,उन्होंने कहा कि पूरे मुल्क में मस्जिदों में यह काम शुरू किया जाना चाहिए।

इस मौके पर उन्होंने कहा कि मस्जिद में जब बंदा जाता है तो उसकी रूह का इलाज होता है वहां अगर उसके जिस्म का इलाज भी होने लगेगा तो मकसद पूरा हल होगा और यह क्लीनिक हर मजहब के लोगों के लिए होगी जो फ्री में गरीबों को दवा देगी और इलाज होगा इससे यकीनन नफरतें खतम होंगी ।
रायेबरेली, संभल,मुरादाबाद, मेरठ,फैजाबाद,मकनपुर सहित देश में बोर्ड की हर शाखा में बड़ी धूमधाम से जश्ने आज़ादी मनाया गया।



नफ़रत बिखराव चाहती है फैसला आपके हाथ : सय्यद मोहम्मद अशरफ

14 जनवरी/नई दिल्ली
आल इंडिया उलमा व मशाईख  बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि”नफरत बिखराव चाहती है,फैसला आपके हाथ है ” उनका यह बयान देश में मौजूदा हालात पर था उन्होंने कहा कि चुनावी समर शुरू हो चुका है लिहाजा नफरत अपना हर हथकंडा आजमाएगी ।
हज़रत ने कहा कि लोग इत्तेहाद कर जीतने की राह तलाश रहे हैं।इधर मुसलमान आपस में छोटी छोटी बातों पर बिखर जाने पर आमादा हैं यह नफरत के एजेंडे को कामयाब बनाने वाली बात है जिसे वक़्त रहते समझना होगा वरना नुकसान तय है ।
उन्होंने कहा कि जिस तरह तेज़ी से हालात बदल रहे हैं हमें अनपर कड़ी नजर रखते हुए फैसला करना होगा जिससे मुल्क को हम नफरत की आंधी से बचा पाये हम फरेब में फंसे तो अपना ही नहीं मुल्क का भी नुकसान करेंगे।
हज़रत से जब उत्तरप्रदेश में समाजवादी और बहुजन समाज पार्टी के इत्तेहाद के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने सवाल के जवाब में सवाल किया कि इस इत्तेहाद में शामिल पार्टियों ने क्या बताया है कि वह सिर्फ मुसलमानों का वोट चाहती हैं या फिर प्रतिनिधित्व भी देना चाहती हैं ?
उन्होंने कहा कि कब तक सिर्फ यह शोर मचता रहेगा कि मुस्लिम तुष्टिकरण कर रही है कोई सियासी पार्टी क्योंकि अभी तक मुसलमानों को कुछ मिला तो नहीं है यहां तक हमारे वोट पर जीतने के बाद सेहरा दूसरो के सर बाधने वाले और हार का ठीकरा मुसलमानों पर फोड़ने वाले भी हमारा वोट चाहते हैं।
By: Yunus Mohani

मज़लूम की पहचान मज़हब से न करें, नफरत के एजेंडे को बढ़ने से रोकें : सय्यद मोहम्मद अशरफ

25 जुलाई/अम्बेडकरनगर

मज़लूम की पहचान मज़हब से न करें, नफरत के एजेंडे को बढ़ने से रोकें” यह विचार वर्ल्ड सूफी फोरम व आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड के संस्थापक, अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने हज़रत मख़दूम अशरफ जहांगीर सिमनानी रहमतुल्लाह अलैहि की दरगाह पर हाज़िरी के बाद मीडिया से कही, उन्होंने कहा हम जब मज़लूम की पहचान उसके मज़हब या ज़ाति की बुनियाद पर करते हैं तो नफरत के एजेंडे को ताक़त मिलती है और वह कामयाब हो जाता है।
हज़रत ने कहा कि मज़लूम सिर्फ मज़लूम होता है उसका कोई धर्म या ज़ा नहीं होती लेकिन खास तौर से इस बात को कहना कि यहां मरने वाला मुसलमान है या दलित या फिर कोई और तो इससे समाज में एक तरह का खौफ पनपता है और नफरत फैलती है. हमारा प्रयास होना चाहिए कि अतिताईयों के मक़सद को कामयाब न होने दें जो हम को ज़ाती और धर्म के साथ बांटना चाहते हैं ताकी उनके खतरनाक इरादे कामयाब हो जाएं।
उन्होंने कहा कि सूफिया ने गंगा जमुनी तहज़ीब को जन्म दिया जिसमें नफरत के लिए कोई जगह नहीं है, हमारा मुल्क अपनी इसी खूबसूरती और इस मोहब्बत वाली तहज़ीब के लिए जाना जाता है। कुछ देश के दुश्मन हमसे हमारी यह तहज़ीब छीनना चाहते हैं, हमें मज़हब और ज़ाती के नाम पर बांट कर वह अपने घिनौने एजेंडे को कामयाब करने पर तुले हैं।
हज़रत ने कहा कि मीडिया को भी अपनी ज़िम्मेदारी निभाते हुए इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि नफरत बढ़ाने वाली बातों और खबरों को रोका जाए, यह मुल्क मेरा और आपका नहीं बल्कि हमारा है, हम मिलकर इसका मुस्तक़बिल संवार सकते हैं, हम का माना हिन्दू और मुस्लिम से है, साथ में भारत में रहने वाले सभी धर्म के मानने वाले हैं अगर हम को मैं और तुम में बदला दिया गया तो देश का बड़ा नुक़सान होगा ।
उन्होंने साफ शब्दों में सरकार से कहा कि अब सरकार तय करे कि देश में क़ानून का राज चलेगा या भीड़ फैसला करेगी? हिन्दू ,मुसलमान ,सिख ,ईसाई सब आपस में हैं भाई भाई, क्या यह अब सिर्फ एक जुमला बन गया है या फिर मुल्क की बुनियादी ज़रत है ?

 

By: यूनुस मोहानी

मोहब्बत ज़िन्दगी है नफरत मौत : सय्यद मोहम्मद अशरफ

4 मार्च/पीलीभीत
मोहब्बत ज़िन्दगी है नफरत मौत ‘यह विचार आल इंडिया उलमा व मशायख बोर्ड एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने आल इंडिया अशरफुल अम्बिया कान्फ्रेंस में बोलते हुए रखे .उन्होंने कहा कि दुनिया तबाही की राह पर चल पड़ी है सीरिया हो यमन हो या दुनिया का कोई भी कोना हिंसा पैर पसार रही है और इन्सानी जिंदगियों को निगल रही है .

हज़रत ने कहा कि रहमते आलम सल्लल्लाहुअलहिवसल्लम ने दुनिया को जो पैगाम दिया उसी में सबकी भलाई है हमें सीरत के हर हर पहलू को अमली ज़िन्दगी में उतारने की कोशिश करनी चाहिए मेरे सरकार ने फ़रमाया कि लोगों में बेहतर वह जो लोगों का भला चाहता है ,तो खुद को बेहतर बनाना होगा .

फरमाने रसूल है कि मुसलमान वह जिसकी ज़बान और हाथ से सारे इन्सान महफूज़ रहें तो अब समझ ले दुनिया कि मज़लूमो के कातिल कौन हैं .

मोहब्बत ज़िन्दगी है क्योंकि मोहब्बत में भलाई है, नफरत मौत है क्योंकि नफरत में नुक्सान है गरीब नवाज़ ने इसीलिए कहा मोहब्बत सबके लिए नफरत किसी से नहीं ,इसी बात को आम कर दीजिये दुनिया से ज़ुल्म मिट जायेगा

मुफ्ती साजिद हस्नी कादरी ने कहा कि हमारे आक़ा हज़रत मोहम्मद मुस्तफ़ा पूरी दुनिया के लिए रहमत बनकर आए और हुज़ूर ने हमेशा गरीबों व नादार लोगों की मदद की । उन्होंने लोगों से हुज़ूर की सीरत-ए-तैयबा पर चलने की हिदायत दी.

और सरकार ए कलाँ हज़रत सैयद मुख्तार अशरफ अशरफी जिलानी रहमतुल्लाह अलैहि की जीवनी पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।

सभा का आगाज़ क़ुरआन करीम की तिलावत के साथ हाफिज रिजवान अशरफ ने किया.निज़ामत मौलाना गुलाम मुस्तफा ने की.जलसे को मुफ़्ती नूर मोहम्मद हसनी, मौलाना यासीन अशरफी, मुफ्ती रिज़वान अहमद अशरफी, मुफ्ती जाकिर हुसैन, सैयद कलीम अशरफ, सैयद सुहैल अहमद अशरफी , सैयद हैदर अशरफ ने भी संबोधित किया।

सभा में मौलाना शादाब अली, ज़हीर अहमद अशरफी, तक़ी शम्सी, मंसूर अहमद शम्सी, जमील अशरफी, गुड्डू अशरफी, सरताज अहमद, नूर मियां लुत्फी, जहीर मियां लुत्फी, गनी शम्सी और हाफिज जाकिर हुसैन के अलावा हज़ारों की तादाद में लोग मौजूद रहे.जलसे का अंत सलात व सलाम और देश में अमन व शांति की दुआ के साथ हुआ.

नफरत का संक्रमण काल चल रहा है देश बचाना होगा: सय्यद मोहम्मद अशरफ

12 फरवरी/कोलकाता,
नफरतों का संक्रमण काल चल रहा है देश बचाना होगा” यह विचार कोलकाता में एक धर्मसभा को संबोधित करते हुए आल इन्डिया उलमा व मशाइख बोर्ड के संस्थापक, अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने रखे, हज़रत यहां जलसे में मुख्य वक्ता के तौर पर आये थे। उन्होंने कहा, देश में नफरतों का बुखार महामारी की तरह फ़ैल रहा है अगर दिल और दिमाग़ की सफाई नहीं की गई तो यह पूरे देश को अपनी चपेट में ले लेगी ।
हज़रत ने कहा कि इसका इलाज सिर्फ मोहब्बत है जिसका प्रयोग सूफिया ने किया और लोगों को एक माला में पिरो दिया, आज भी दरगाहें अकेली ऐसी जगह है जहां सभी धर्म के लोग दिलो में अकीदत लेकर आते हैं और मोहब्बत भाईचारे का सबक हासिल करते हैं, हमें औलिया अल्लाह की ज़िंदगी से सीखना चाहिए, वह गुनहगार से नहीं गुनाह से नफरत करते और गुनहगार को मोहब्बत के आगोश में लेकर उसे गुनाहों से दूर कर देते, अब हमें यही अमल करना है ।
उन्होंने कहा कि अफवाहों पर ध्यान न दिया जाए और हकीकत को समझा जाएँ तो हम काफी हद तक बच सकते हैं, हज़रत ने शिक्षा प्राप्त करने पर बल देते हुए कहा कि इस्लाम ने शिक्षा पर कितना बल दिया है इसे इससे समझना चाहिए कि क़ुरआन में सबसे पहले कहा गया “इकरा” यानी पढ़ो, अल्लाह के हबीब ने फरमाया कि अगर तालीम हासिल करने के लिए चीन भी जाना पड़े तो जाओ, लिहाज़ा मुसलमानों को खास तौर पर अपने बच्चो को पढ़ाना चाहिए, इसके लिए चाहे उन्हें कितनी भी तकलीफ उठानी पड़े।
हज़रत ने कहा कि मुल्क में नफरतों के इस दौर को रोकने के लिए हमारे पास गरीब नवाज़ का दिया बेहरीन फार्मूला है, वह यह है कि” मोहब्बत सबके लिए नफरत किसी से नहीं” हमें इसे अपने अमल में लाना होगा।

By: यूनुस मोहानी

नफरत से इंसानियत और मुल्क दोनों का नुक़सान : सय्यद मोहम्मद अशरफ

10 फरवरी/नागपुर
नफरत इंसानियत और मुल्क दोनों का नुक़सान कर रही है, ये बात आल इंडिया उलमा मशाइख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने नागपुर में आयोजित कार्यक्रम ” हम कहां है” में बोलते हुए कही, हज़रत ने कहा कि यह इस वक़्त में खुद से पूछा जाने वाला सबसे पहला और जरूरी सवाल है कि हम कहां है?
उन्होंने कहा, हमारे इतिहास में हमने जिस तरह इंसानियत को बचाने और ज़ुल्म को खतम करने के लिए कुर्बानियां दी उसे रहती दुनिया तक भुलाया नहीं जा सकता लेकिन अब हम अपने आप को पहचान नहीं रहे क्योंकि हमने अपने गुज़रे हुए कल से सीखने का हुनर खो दिया है, अगर वापस वही मुकाम हासिल करना है तो हमें अपने गुज़रे हुए कल को देखना होगा और सूफिया के तरीके पर अमल करते हुए इंसानियत की भलाई के लिए काम करना होगा।
नफरत को हर हाल में रोक देना होगा और तलीमे नबी पर पूरी तरह अमल करना होगा वरना यह सवाल हमारे सामने ऐसे ही खड़ा रहेगा और हम खुद कभी इसका जवाब नहीं ढूंढ पाएंगे ।
हज़रत ने कहा कि किसी भी मसले पर सिर्फ सुनकर राय बनाने की आदत छोड़ दीजिए, चीज़ों को खोल कर देखिए बच्चो को गुमराह होने से बचने के लिए पढाएं।

By: यूनुस मोहानी

देश सबका है नफरतों की बात शहीदों का अपमान है : सय्यद मोहम्मद अशरफ

7 फरवरी / लखनऊ” देश सबका है,नफरतों की बात शहीदों का अपमान” यह बात आल इन्डिया उलमा व मशायख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने सांसद द्वारा मुसलमानों को बांग्लादेश या पाकिस्तान चले जाने के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मीडिया से कहीं उन्होंने कहा कि देश किसी एक धर्म सम्प्रदाय का नहीं बल्कि सभी भारतीयों का है ऐसे में यह बेवजह की बात करना हास्यास्पद है । उन्होंने कहा कि देश की सरहदों की हिफ़ाज़त मे अपनी जान लुटाने वाले शहीदों का अपमान है इस तरह की बात करना।
हज़रत ने कहा कि नफरत की राजनीति को रोका जाना चाहिए यह देश के विकास में रोड़ा है और भारत सरकार को इस तरफ गंभीरता से सोचना चाहिए यह बाते देश तोड़ने वाली हैं उन्होंने कहा कि अगर समय रहते इस पर लगाम नहीं लगाई गई तो यह बड़ा संकट बन जायेगी ।
देश की आजादी में सब साथ अंग्रेजों से लड़ें और तब से आज तक जब देश को जरूरत पड़ी सभी देशवासी देशहित में कुर्बानी देते आए हैं देश को धर्म संप्रदाय के नाम पर बाटने की बात देश के समय को बर्बाद करने के सिवा कुछ नहीं है ।
उन्होंने देश वासियों से तरह की बातों पर ध्यान न देने की अपील की और कहा हमें अपनी गंगा जमुनी तहजीब को खतम नहीं होने देना है और नफरतों को मोहब्बत से हरा देना है.

By: Yunus Mohani

इंसान बनें नफरत का हथियार नहीं : सय्यद मोहम्मद अशरफ

3 फ़रवरी/उरई इंसान बने नफरत का हथियार नहीं “यह बात आल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने उरई में एक जलसे को संबोधित करते हुए कही. उन्होंने कहा अल्लाह के रसूल जनाबे मोहम्मदुररसूलुल्लाह सल्लल्लाहुअलहीवसल्लम ने फ़रमाया कि लोगों में बेहतर वह है जो लोगों को फायेदा पहुंचाता है , यहाँ यह बात गौर करने की है कि नबी ने यह नहीं कहा कि मज़हब देखकर फायदा पहुँचाओ जाति देखकर पहुँचाओ बल्कि तुम सबके लिए फायेदा पहुँचाने वाले बन जाओ .
हज़रत ने कहा लोग जिस तरह नफरत के हाथों में हथियार बनते जा रहे हैं वह बहुत खतरनाक है उन्होंने नई दिल्ली के खयाला में नवयुवक अंकित की हत्या की कड़ी निंदा की उन्होंने कहा ज़ुल्म करने वाला कोई अपने को किसी भी मज़हब का कहता हो वह सिर्फ ज़ालिम है और हम ज़ुल्म के खिलाफ हैं ,सभी को ज़ालिम के खिलाफ होना चाहिए क्योंकि मज़हब यही सिखाता है .
उन्होंने कश्मीरी नवयुवकों पर हमले की भी कड़ी निंदा की उन्होंने कहा कि कश्मीर हिन्दोस्तान का हिस्सा है और कश्मीरी भी यहाँ के वैसे ही नागरिक हैं जैसे हम सब उन्हें भी मुल्क में आराम से रहने का हक़ है. हज़रत किछौछवी ने कहा कि समाज में जिस तरह कि मानसिकता पनप रही है वह घातक है एक इंसान को मार दिया जाता है और लोग खड़े तमाशा देखते हैं और यही नहीं वीडियो बना रहे होते हैं ज़ुल्म को तमाशाई बन कर देखना भी बड़ा जुर्म है.

BY: यूनुस मोहानी