सारी मखलूक़ रब का कुंबा लेकिन एक ख़ुदा को मानने वाले एक नहीं : सय्यद आलमगीर अशरफ

5 मार्च/ नागपुर
सारी मखलूक रब का कुंबा लेकिन एक खुदा को मानने वाले एक नहीं, आल इंडिया उलेमा व मशायख बोर्ड (यूथ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना सय्यद आलमगीर अशरफ ने यह बात बोर्ड की यूथ विंग की तरफ से चल रहे चार रोज़ा कार्यक्रम के समापन के मौके पर बोलते हुए कही।
उन्होंने कहा कि मुसलमान आपस में मसलक, मशरब में बटे हुए हैं और हालात इतने खराब हो गए हैं कि यह देख रहे हैं जिनपर ज़ुल्म हो रहा है वह हमारे मसलक या मशरब का है कि नहीं जबकि न सिर्फ सारे इंसान बल्कि सारी रचनाएं उस पालनहार का कुनबा है ।
मुसलमानों को शिक्षा पर खास ध्यान देते हुए अपने हालात को बेहतर करने की कोशिश करनी चाहिए और इसके लिए इत्तेहाद वक़्त की सबसे बड़ी जरूरत है आल इन्डिया उलेमा व मशायख बोर्ड लगातार सूफिया के तरीके पर चलते हुए सभी तक मोहब्बत का पैगाम आम कर रहा है युवाओं को इससे जुड़ कर काम को और गति देनी होगी।
मौलाना ने श्री श्री रविशंकर के बयान की निन्दा करते हुए कहा कि संतो की ज़बान ऐसी नहीं होती उनके यहां तो मोहब्बत की भाषा बोली जाती है। सरकार से मौलाना ने मांग करते हुए कहा कि इस प्रकार की बयानबाज़ी करने वालों पर लगाम लगाई जानी चाहिए।
मौलाना अशरफ ने कहा कि मजलूम कोई भी हो हमें उसके साथ खड़े होना है सीरिया में हालात खराब है सबको वहां के रहने वालों के लिए दुआ करनी चाहिए।
आल इंडिया उलेमा व मशायख बोर्ड यूथ जरिए यह प्रोग्राम महबूब नगर , अंसार नगर,धोबिनगर,तकिया दीवान शाह,में संपन्न हुआ इसको सफल बनाने में मुख्य रूप से हाफ़िज़ अख़्तर आलम अशरफी,सूफी असलम क़ादरी , एजाज अशरफी, गुड च्वाइस टेलर, शेख़ जावेद , नब्बू अशरफी , आसिफ अशरफी , आकिब कलाम भाई,मोहम्मद हुसैन , तौसीफ अशरफी, ख्वाजा मोइनुद्दीन, अबुजर अशरफी, नूरुद्दीन अशरफी सहित बड़ी तादाद में युवाओं ने मेहनत की।
प्रोग्राम के समापन पर दरगाह हज़रत बाबा ताजुद्दीन रहमतुल्लाह की दरगाह पर सीरिया सहित संसार में जहां भी इंसानियत परेशान है उनके लिए खास दुआ की गई।

By: Yunus Mohani