HomeNewsStatements

इंसान बनें नफरत का हथियार नहीं : सय्यद मोहम्मद अशरफ

3 फ़रवरी/उरई इंसान बने नफरत का हथियार नहीं “यह बात आल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने उरई में एक जलसे

बिके हुए लोग अफवाहों को हवा देकर नफरत फैला रहे हैं :सय्यद मोहम्मद अशरफ
अगर नफरत यूंही बढ़ी तो समाज बिखर जायेगा :सय्यद मोहम्मद अशरफ
नफरत नहीं रुकी तो ख़तरे में है संविधान : सय्यद मोहम्मद अशरफ

3 फ़रवरी/उरई इंसान बने नफरत का हथियार नहीं “यह बात आल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने उरई में एक जलसे को संबोधित करते हुए कही. उन्होंने कहा अल्लाह के रसूल जनाबे मोहम्मदुररसूलुल्लाह सल्लल्लाहुअलहीवसल्लम ने फ़रमाया कि लोगों में बेहतर वह है जो लोगों को फायेदा पहुंचाता है , यहाँ यह बात गौर करने की है कि नबी ने यह नहीं कहा कि मज़हब देखकर फायदा पहुँचाओ जाति देखकर पहुँचाओ बल्कि तुम सबके लिए फायेदा पहुँचाने वाले बन जाओ .
हज़रत ने कहा लोग जिस तरह नफरत के हाथों में हथियार बनते जा रहे हैं वह बहुत खतरनाक है उन्होंने नई दिल्ली के खयाला में नवयुवक अंकित की हत्या की कड़ी निंदा की उन्होंने कहा ज़ुल्म करने वाला कोई अपने को किसी भी मज़हब का कहता हो वह सिर्फ ज़ालिम है और हम ज़ुल्म के खिलाफ हैं ,सभी को ज़ालिम के खिलाफ होना चाहिए क्योंकि मज़हब यही सिखाता है .
उन्होंने कश्मीरी नवयुवकों पर हमले की भी कड़ी निंदा की उन्होंने कहा कि कश्मीर हिन्दोस्तान का हिस्सा है और कश्मीरी भी यहाँ के वैसे ही नागरिक हैं जैसे हम सब उन्हें भी मुल्क में आराम से रहने का हक़ है. हज़रत किछौछवी ने कहा कि समाज में जिस तरह कि मानसिकता पनप रही है वह घातक है एक इंसान को मार दिया जाता है और लोग खड़े तमाशा देखते हैं और यही नहीं वीडियो बना रहे होते हैं ज़ुल्म को तमाशाई बन कर देखना भी बड़ा जुर्म है.

BY: यूनुस मोहानी

COMMENTS

WORDPRESS: 0
DISQUS: 0