उलमा मशाईख बोर्ड दिल्ली व अल अशरफ ट्रस्ट का रमज़ान में राशन बाँटने का सिलसिला जारी !

26 अप्रैल 2020, नई दिल्ली

आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड और अल अशरफ ट्रस्ट के तत्वाधान में ज़रूरतमन्द व असहाय लोगों तक मदद पहुंचाने का सिलसिला रमज़ान के मुबारक महीने में भी जारी है, बोर्ड के लोग हर जगह ज़रूरतमंदों तक राशन किट और दूसरी ज़रूरी सहायता पहुंचा रहे हैं।
बोर्ड दिल्ली शाखा के सेक्रेटरी सय्यद शादाब हुसैन रिज़वी अशरफी के नृतत्व में सय्यद सऊद अख्तर व उम्मे फातिमा अशरफ अन्य के साथ मिलकर दिल्ली में लॉक डाउन के पहले दिन से दिल्ली के कोने कोने में पहुँच कर हक़दार तक राशन पहुँचा रहे हैं, यह सिलसिला रमज़ान शरीफ में भी जारी है, पहले रोज़े बोर्ड दिल्ली शाखा ने लगभग 100 हक़दार घरों तक राशन पहुँचाया ताकि उन्हें रोज़े रखने में कोई परेशानी पेश न आए.

बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी की लोगों से हर जरूरतमंद शख्स की हर संभव मदद पहुंचाने की अपील के बाद से राष्ट्रीय स्तर पर यह काम किया जा रहा है।

बोर्ड ने सभी से अपील की है कि देशभर में लोग सिर्फ अपने घर के 100 मीटर के दायरे की ज़िम्मेदारी उठा लें तो पूरे देश में कहीं कोई भूख से नहीं मर सकता, इस तरह हम भूख के साथ कोरोना को हरा कर नई तारीख लिख सकते हैं कि जिस देश में इतनी बड़ी आबादी रहती हो वहां लाकडाउन के बावजूद भी लोगों ने यह बताया कि इंसानियत के जरिए हम बड़ी से बड़ी चुनौती को पार कर सकते हैं। नबी की तालीम यही है कि अगर तुम्हारा पड़ोसी भूखा है और तुम खाना खा रहे हो तो तुम हरगिज़ मोमिन नहीं हो सकते, देश के 30 करोड़ मुसलमान इस पर अमल कर देश के सभी भूखों का पेट भर दे इसके लिए उन्हें सिर्फ 2 लोगों के खाने का इंतजाम करना है।

हक़दार तक हक़ पहुँचाना असल इबादत : सय्यद मोहम्मद अशरफ

22 अप्रैल, बुधवार: किछौछा अम्बेडकर नगर।
आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फ़ोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी अपनी ख़ानक़ाह खानकाहे अशरफिया शैखे आजम सरकारें कलां में बोर्ड और अल अशरफ ट्रस्ट के तत्वाधान में पिछले कई दिनों से हक़दार तक उनका हक़ पहुंचा रहे हैं, लगातार यहां से जरूरतमंदों को राशन बांटा जा रहा है, रमज़ान राशन किट के तौर पर ख़ानक़ाह से लगभग 600 हक़दार घरों तक राशन पहुँचाया जायेगा।
इस मौक पर हज़रत ने कहा कि रमज़ानुल मुबारक का पाक महीना शुरू होने वाला है, हमारी ज़िम्मेदारी बनती है लोगों तक राशन पहुँचाया जाये ताकि रमजान में उन्हें रोज़े रखने की कोई परेशानी पेश ना आये। उन्होंने कहा कि रमज़ान के महीने में हम खुसूसी इबादतें करते हैं लेकिन कोरोना वायरस की वजह से हुकूमत ने लॉक डाउन लागू कर रखा है और शरीअत ने भी इंसानी ज़िंदगी को बड़ी एहमियत दी है इसलिए इंसानी ज़िंदगी की हिफाज़त करते हुए एहकामे शरीअत की पाबन्दी की जानी चाहिए।
हमें चाहिए, लॉक डाउन में पिछले दिनों की तरह इमाम, मोअज़्ज़िन समेत सिर्फ पांच लोग पांच वक़्त की नमाज़ों की तरह तरावीह का भी एहतेमाम करें । ज़्यादा से ज़्यादा क़ुरान मजीद की तिलावत की जाये, कहीं भी किसी भी हालत में भीड़ नहीं लगानी है , हमारी दीनी और समाजी दोनों ज़िम्मेदारी है कि कहीं कोई भूखा न रह जाए, इसका खास ख्याल रखें।
हज़रत ने खुसूसी कहा, लाउड स्पीकर का इस्तेमाल सेहरी और इफ्तार का वक़्त बताने के लिए छोटे से एलान के लिए किया जाये और सेहरी के लिए जगाने वगैरह के लिए लाउड स्पीकर का इस्तेमाल न करें।
उन्होंने रमज़ानुल मुबारक में लोगों से घर में ही रहकर इबादत करने और कोरोना वायरस की महामारी से छुटकारा पाने के लिए ख़ास दुआ करने की अपील की ।

By: Husain Sherani