रमज़ान के सबक को पूरे साल याद रखने के अज़्म लेने का दिन है ईद : सय्यद अशरफ

25 मई ,दिल्ली
आल इन्डिया उलमा व मशाईख बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फ़ोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने देश एवम दुनिया के तमाम लोगों को ईद के पर्व की बधाई देते हुए कहा कि ईद का दिन हमने जो इबादतें की है पूरे रमज़ान के महीने में हमारे अल्लाह से उसकी मजदूरी मिलने का दिन है ,उन्होंने आगे कहा कि याद रखिए यह दिन सिर्फ खुश होने के लिए नहीं बल्कि इस बात का अपने रब से वादा करने का भी दिन है कि हमने माहे रमज़ान में जो सीखा है पूरे साल हम उस पर अमल करेंगे ,हमने खुद भूखा रह कर जो उन लोगों की भूख का अहसास किया है जिनके पास खाना नहीं है लिहाज़ा हम यह पूरी कोशिश साल के आइंदा महीनों में भी करते रहेंगे कि कोई भूखा न सोने पाये अगर ऐसा न हुआ तो रमज़ान का सबक हमने लिया ही नहीं।
हज़रत ने कहा कि पूरी दुनिया कोरोना की आफत से दो चार हैं लिहाज़ा हमें मदद का सिलसिला बंद नहीं करना है और लोगो की मदद करते रहना है ,इस बार की ईद एक अलग ही तरह की है जहां हम लोगो को गले नहीं लगा पायेंगे लेकिन इस बार दिल ज़रूर जुड़ें हैं गले मिलने का दिखावा नहीं है दिल मिले हैं क्योंकि इस लॉकडाउन ने हमें रिश्तों की अहमियत समझाई है हमें हमारे पड़ोसी के लिए हमारा फ़र्ज़ याद दिलाया है लिहाज़ा यह ईद ज़्यादा खुशी की ईद है।
हमें ईदगाहों में नमाज़ न पढ़ पाने का गम है लेकिन हम अल्लाह के बन्दों की मदद कर अपने रब का शुक्र अदा कर रहे हैं कि मालिक तूने हमें इस लायक बनाया कि हम तेरे बन्दों की मदद कर सके।उन्होंने कहा कि सभी लोग अपने घरों में रहकर ईद मनाएं अपने वालिदैन ,अपने बीवी बच्चो,भाई बहनों के साथ और सब मिलकर अपने रब से दुआ करें कि दुनिया जल्द इस कहर से आज़ाद हो और हम सब मस्जिदों को अपने सजदों से सजा दें।
उन्होंने कहा कि लॉकडाउन 31 मई तक है तो इस बार हमारे पास शव्वाल के 6 रोज़े रखने का पूरा मौका है जो पहले हम अपनी काहिली की वजह नहीं रख पा रहे थे इस बार हम अपने अल्लाह को राज़ी करने के लिए उसका भी एहतमाम करें,अपना फितरा जरूरतमंद तक ईद की नमाज़ से पहले पहुंचा दें और फिर अपने घर में अपने रब का शुक्र अदा करें।
सभी को ईद की खूब मुबारकबाद इस दुआ के साथ कि मालिक दुनिया को इस आफत से अपने हबीब के सदके आज़ाद कर दे और दुनिया में हर बीमार को शिफा दे,परेशानहालों की परेशानी दूर फरमाए और हमारा मुल्क अमन का गहवारा बने और खूब तरक्की करे।

Yunus Mohani

ईद के नाम पर फिज़ूलख़र्ची के बजाये ज़रूरतमंदों की मदद करे मुसलमान: ए.आई.यू.एम.बी

उलमा मशाइख बोर्ड की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग

04 मई, शेरानी आबाद, नागौर , राजस्थान

आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड दिल्ली के ज़िम्मेदार हाफिज हुसैन शेरानी ने बताया कि बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फ़ोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी समेत बोर्ड एग्जीक्यूटिव कॉउंसिल की ईद को लेकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग मीटिंग हुई जिस में भारतीय मुसलमानों से अपील करते हुए कहा गया कि:
रमजानुल मुबारक के पूरे महीने में विशेष रूप से आखिरी अशरे में अच्छी तरह से इबादत करें, सरकार द्वारा बरती जाने वाली सावधानियों का पालन करें और कोरोनो वायरस के खात्मे के लिए दुआ करें, पूरी दुनिया और हमारा प्यारा देश भारत कोरोना वायरस से परेशान है, एक हजार से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं, हजारों मरीजों का इलाज किया जा रहा है, अर्थव्यवस्था प्रभावित है, पूरा देश निराशा की स्थिति में है, ऐसे हालात में ईद के नाम पर ज़्यादा फ़िज़ूल खर्ची न करें, कपड़ों की खरीदारी हरगिज़ न करें , बल्कि नए के बजाय पुराना साफ सुथरा कपड़ा पहनें, और ज़रूरतमंदों की मदद करें, रमजान के आखिरी दिनों में अगर बाजार खुल भी जाए तो कृपया खरीदारी के लिए न जाएं, भीड़ जमा होगी तो खतरा है कहीं आप वायरस का शिकार न हो जाएँ, एक अच्छा भारतीय होने के नाते हमारी नैतिक ज़िम्मेदारी है हम इस आज़माइश के दौर में ईदुल फ़ित्र सादगी, और चुप्पी के साथ मनाएं, फितरा आखिरी अशरा से पहले अदा करने की कोशिश करें ताकि ज़रूरतमंदो तक उनका हक़ पहुँच जाए और अपने इलाक़े के इमाम व मोअज़्ज़िन का खास ख्याल रखें।


मीटिंग में कनाडा से शाह हसन जामी, कर्नाटक से हज़रत सैय्यद तनवीर हाशमी, महाराष्ट्र से हज़रत सैय्यद आलमगीर अशरफ, तेलंगाना से हज़रत सैय्यद आले मुस्तफा पाशा, यूपी से हज़रत सय्यदी मियां, यूनुस मोहानी, दिल्ली से हज़रत सैय्यद फरीद निज़ामी, मौलाना मकबूल और राजस्थान से हाजी सैय्यद सलमान चिश्ती व हुसैन शेरानी शामिल रहे.

आख़िर में कोरोना वायरस की महामारी से छुटकारा पाने के लिए ख़ास दुआ की गई ।

By: Husain Sherani

कोरोना वायरस से ज़्यादा खतरनाक है नफरत का वायरस : सय्यद मोहम्मद अशरफ

17 मार्च, 2020 महराजगंज
आल इंडिया व मशाइख़ बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फ़ोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कोरोना वायरस से अधिक खतरनाक नफरत का वायरस है।
उन्होंने कहा कि हम कोरोना से बचने के लिए मास्क तो पहन रहे हैं लेकिन नफरत से बचने के लिए ज़हरीली जुबानों को नहीं रोक रहे हैं,हम वायरस से बचने के लिए बार बार हैंडवाश या साबुन से हाथ धो रहे हैं लेकिन उन हाथों को लोगों की मदद के लिए नहीं बढ़ा रहे, खांसते या छींकते वक़्त बीमारी के डर से मुंह को ढाप रहे हैं लेकिन किसी जरूरतमंद के कपड़ों का इंतजाम नहीं कर रहे।
हज़रत ने कहा कि दुनिया कोरोंना से एकजुट होकर लड़ लेगी इसकी दवा बनाकर इसे हरा भी देगी लेकिन इससे ज़्यादा खतरनाक बीमारी का इलाज होते हुए भी इसे खतम करने को तैयार नहीं है।
जबकि सिर्फ एक मुस्कुराहट इस वायरस से बचा सकता है,एक ख़ामोशी,इंसाफ और लोगों की मदद करने का जज्बा इसका इलाज है अगर सब इस काम में लग जाएं तो इस वायरस को खतम कर इसपे जीत हासिल की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि हम कोरोना को सुन्नते रसूल पे अमल कर हरा देंगे क्योंकि डॉक्टर जो बचाव के तरीके बता रहे हैं वह नबी की सुन्नत है इसी तरह हम नफरत के वायरस को भी नबी की सुन्नत पर अमल कर हरा सकते हैं जो सूफिया ने करके दिखाया और संदेश सुनाया कि नफरत किसी से नहीं मोहब्बत सबके लिए।