ऐआईयूएमबी छत्तीसगढ़ शाखा ने नरसिंहानन्द के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी

रायपुर, 06,अप्रेल, 2021
ऑल इंडिया उलमा व मशाएख़ बोर्ड 36 गढ़ यूनिट
ने नरसिंहानंद सरस्वती साधू संत के भेष में छुपे हुए दंगाई
के खिलाफ थाना सिटी कोतवाली में शिकायत दर्ज की।
नरसिंहानंद सरस्वती हिन्दोस्तान की गंगा जमनी तहज़ीब को खंडित करने वाला नेता है जिसने अपने एक इंटरव्यू में पूरे संसार के लिए रहमत और इंसानियत के मुहसिन हज़रत मुहम्मद ﷺ की शान में गुस्ताख़ी की और आप की शख्सियत पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर रहा है जो निंदनीय है यह भी स्पष्ट रहे कि इस्लाम धर्म में किसी भी धर्म के सम्मानित और धर्म गुरुओं को बुरा भला कहने से मना किया गया है, उसी धर्म के संस्थापक पैगम्बर ए इस्लाम के ख़िलाफ़ अपमानजनक शब्दो का इस्तेमाल कर उक्त व्यक्ति ने भारत के करोड़ो मुसलमानों की भावनाओं को ठेस पहुचाई है।
आज ऑल इंडिया उलमा व मशाएख़ बोर्ड 36 गढ़ यूनिट के उपाध्यक्ष क़ारी मोहम्मद इमरान अशरफ़ी एवं जनरल सेक्रेटरी नोमान अकरम हामिद की अगुआई में थाना सिटी कोतवाली में नामज़द रिपोर्ट कर शासन एवं प्रशासन से अनुरोध किया कि उक्त व्यक्ति के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई कर सज़ा दे और ये व्यक्ति जिस भी पार्टी से जुड़ा हुआ है उस पार्टी के लोग भी इस के खिलाफ ऐक्शन ले ताकि ऐसे लोगो पर लगाम लगे।
ज्ञात हो कि इससे पहले भी इसने सामाजिक समरसता और साम्प्रदायिक एकता को खंडित करने वाले बयान दिए हैं, कभी भूतपूर्व राष्ट्रपति डॉ.ए,पी,जे अब्दुल कलाम को पाकिस्तानी एजेंट बताकर भारतीय आयरनमेन का अपमान किया था।
अपने ऐसे बेतुके बयान से भारत के सम्मानित साधू संतो के समाज को भी ये व्यक्ति बदनाम कर रहा है जिसे हम कतई तौर पर बर्दाश्त नही कर सकते.
अतः प्रशासन इसपर गंभीरता पूर्वक अतिशीघ्र उचित करवाई करे ताकि समाज में उत्पन्न रोष का अंत हो और ऐसे बयानबाज़ों पर अंकुश भी लग सके

By: सलीम चिश्ती

खानकाहों से मोहब्बत का संदेश जारी होता है नफरत की हिमायत नहीं: सय्यद मोहम्मदअशरफ

25 अक्टूबर,दिल्ली
आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफ़ी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने दरगाह ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती रहमतुल्लाह अलैहि के खादिम सरवर चिश्ती के पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया की हिमायत करने पर सख्त गुस्से का इजहार करते हुए कहा कि दरगाहे प्रेम और भाईचारे का संदेश देने की जगह है न कि किसी संदिग्ध और कट्टरपंथी सोच वाले संगठन की हिमायत करने की।
उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह उनकी ज़ाती सोच है इसका आम मुसलमानों की राय से कोई ताल्लुक नहीं है,इसे पूरी तरह खारिज किया जाना चाहिए क्योंकि अगर इस तरह के संदेश दरगाह के प्लेटफॉर्म से कोई शकस देता है इससे समाज में गलत संदेश जाता है इसे सख्ती के साथ रोका जाना चाहिए, पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया की गतिविधियां संदिग्ध पाई गई है और जांच चल रही है उसकी विचारधारा सबको पता है कट्टरपंथी विचारों से देश का सौहार्द्य बिगड़ता है जिससे देश का नुकसान है हमें ऐसे विचारों को किसी भी कीमत पर प्रोत्साहन नहीं देना है ,और इन्हें बढ़ने से रोकना है क्योंकि देश के युवाओं को भ्रमित नहीं होने देना है।
हज़रत ने सरवर चिश्ती के बयान पर कहा कि यह नासमझी में दिया गया बयान है उन्हें सोचना चाहिए कि वह जहां बैठ कर यह बात कर रहे हैं उस बारगाह का संदेश क्या है ?अजमेर भारतीय मुसलमानों का मरकज़ है वहां बैठ कर ऐसी फिजूल बात करना गुमराह करने जैसा है।