चुने गए सांसदों और लोकसभा अध्यक्ष को मुबारकबाद ,सबके विकास के लिए करें काम : सय्यद मोहम्मद अशरफ

19 जून, नई दिल्ली

आल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने श्री ओम बिड़ला के 17वी लोकसभा के अध्यक्ष चुने जाने पर मुबारकबाद देते हुए कहा है कि सभी नए चुने गये सांसद देशहित में सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास के संकल्प के साथ काम करेंगे।

हज़रत ने कहा कि देश के सामने बड़ी चुनौती है बिहार में नौनिहाल बच्चे बुखार से मर रहे हैं , मौसम की मार से लोग अपनी जान गंवा रहे है देश में लोगों को पीने के पानी की समस्या है इन सबसे हमें मिलकर निपटना है।बेरोजगारी भी खतरनाक तरीके से बढ़ रही है इसपर भी विचार करना होगा ।

उन्होंने कहा है कि हम चाहते हैं कि लोकसभा अध्यक्ष के अध्यक्षता में संसद में सभी के सर्वांगीण विकास के लिए काम हो।देश में बढ़ती नफरत की हवा को रोका जाय ,क्योंकि देश तभी आगे बढ़ेगा जब सब मिलकर इसके लिए काम करेंगे और आपस में मिलजुल कर रहेंगे।

हमें मोहब्बत के साथ आगे बढ़ना है और उसका एक ही तरीका है मोहब्बत सबके लिए नफरत किसी से नहीं।

ओम बिड़ला लोकसभा के 17वे अध्यक्ष बने हैं कोटा से दोबारा लोकसभा सदस्य बने ओम बिड़ला 3 बार राजस्थान विधानसभा के सदस्य भी रहें है।

By: Yunus Mohani

जहालत गरीबी की बदतरीन शक्ल है : सय्यद मोहम्मद अशरफ

20/नवम्बर,

आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने पूरी दुनिया को  ईद  मिलादुन्नबी सल्लल्लाहू अलैहि वसल्लम की मुबारकबाद देते हुए कहा कि अल्लाह के रसूल का इरशाद है कि “अशिक्षा गरीबी का सबसे कुरूप चेहरा है” दुनिया को इस बात को समझना चाहिए, विशेष रूप से मुसलमानों को इस बात को समझते हुए इल्म हासिल करने की तरफ मेहनत करनी चाहिए, क्योंकि फरमाने नबी है कि “हर मुसलमान मर्द और औरत पर इल्मे दिन सीखना फ़र्ज़ है” यहां इल्मे दीन का मतलब यह नहीं है कि दुनियावी इल्म नहीं जानना है क्योंकि दीन में दुनिया शामिल है।
हज़रत ने फ़रमाया कि हम सब के आका पैग़म्बरे अमन सल्लल्लाहू अलैहि वसल्लम ने इरशाद फ़रमाया कि” इल्म हासिल करने के लिए अगर चीन भी जाना पड़े तो जाओ” लिहाज़ा इल्म हासिल करिये और उसके लिए हर मुश्किल उठाने के लिए तय्यार रहिये क्योंकि इसी में फायदा है और आगे की आसानी है।
उन्होंने कहा कि अल्लाह के रसूल सबके लिए रहमत हैं और हम उनकी उम्मत हैं लिहाजा हमें भी सबके लिए बेहतर होना चाहिए, हमारी वजह से किसी को तकलीफ नहीं होनी चाहिए, लोग हमें देखकर कहें कि उम्मती ऐसे हैं तो नबी की शान कितनी आला होगी, हम सबको सीरते नबी पर गौर करना है और आपकी तालीम पर अमल करना है क्योंकि मीलाद मानने का सबसे अफजल तरीका यही है कि हम लोगों के लिए फायदा पहुंचाने वाले बन जाएं, हम अमल वाले बन कर जब अपने नबी की तालीम का चर्चा करेंगे तो लोगों पर वह बात असर करेगी।
हज़रत ने पूरे संसार को मुबारकबाद देते हुए कहा कि जश्न मनाईए और लोगों को बताईए कि आमद किसकी है और इसका तरीका वही हो जिससे लोगों को खूब फायदा पहुंचे ।

By: Yunus Mohani