संवैधानिक संस्थाओं का दुरपयोग कर राजनैतिक हित साधना अनुचित : सय्यद मोहम्मद अशरफ

लखनऊ : 5 फरवरी,

देश में सीबीआई को लेकर जिस तरह बहस छिड़ी हुई है उसके बीच आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड  संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने बड़ा बयान दिया है ,उन्होंने कहा है की संवैधानिक संस्थाओं का दुरपयोग कर राजनैतिक हित साधना अनुचित है ” उनका यह बयान पश्चिम बंगाल में जारी सीबीआई बनाम पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के घमासान पर आया ।

हज़रत ने कहा कि जिस तरह सरकार विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं के माध्यम से अनुचित दबाव बना रही है वह देश के लोकतांत्रिक ढांचे के लिए ठीक नहीं है , इस तरह सत्ताधारी दल अपने खिलाफ उठने वाली हर आवाज़ को दबा देना चाहता है।

देश की प्रमुख जांच एजेंसी जिस तरह अपना रूसूख खो चुकी है वह देश के लिए खतरनाक है सीबीआई,चुनाव आयोग,मीडिया,सभी धीरे धीरे कर अपना विश्वास खोती जा रही है,यहां तक की देश के रिज़र्व बैंक में भी हालात ठीक नहीं है और सर्वोच्च न्यायालय के जज भी असंतोष ज़ाहिर कर चुके है।

किछौछवी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तारीफ करते हुए कहा कि देश के सभी न्याय प्रिय लोग उनके साथ है क्योंकि जिस तरह से लोगों पर दबाव बनाने की कोशिश हो रही है उसका इतना मुखर विरोध उनके न्याय के लिए मजबूत इरादों को दिखाता है उनकी इस लड़ाई में हम उनके साथ हैं।

सर्वोच्च न्यायालय सुबह ही कमिश्नर की गिरफ्तारी पर रोक लगा चुका है और अगली सुनवाई 20 फरवरी को होनी है इससे पहले नोटिस का जवाब 18 फरवरी तक देना है हालांकि कोर्ट ने शिलांग में सीबीआई के सामने पूछताछ के लिए कमिश्नर को आदेश दिया है ।

हज़रत ने कहा कि देश में हर तरह की अशांति और अनन्याय के हम खिलाफ हैं और हर शोषित को हमारा समर्थन है लोकतंत्र की रक्षा के लिए हम ममता बनर्जी का समर्थन करते हैं।

By: Yunus Mohani

नबी को समझने के लिए अली की और अली को समझने के लिए इल्म की ज़रूरत : सय्यद मोहम्मद अशरफ

28/नवम्बर,हनुमानगढ़
“नबी को समझने के लिए अली की और अली को समझने के लिए इल्म की ज़रूरत,”यह बात आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने हनुमानगढ़ में एक जलसे को संबोधित करते हुए कही, उन्होंने कहा कि इस वक़्त सियासी लोग घिनौने खेल में लगे हुए हैं और लगातार लोगों को अहम मुद्दों से भटकाने के लिए धर्म का सहारा ले रहे हैं।
उन्होंने कहा कि  पूरे मुल्क में नफरतों की नर्सरी तय्यार की जा रही है यह पौधे बड़े होकर पूरे मुल्क को अंधेरे में डुबो देंगे,हम सब को होशियार रहना चाहिए,हज़रत ने राजस्थान चुनाव प्रचार के दौरान उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान को गैरजिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि अली को समझ पाना सबके बस की बात नहीं क्योंकि हज़रत अली करमल्लाहू वजहुल करीम  शहरे इल्म का दरवाज़ा हैं इस  दरवाजे तक इल्म की तलाश वाले आते हैं।
हज़रत ने कहा किसी मजहबी रहनुमा पर गलत टिप्पणी करना अनुचित और असंवैधानिक है इससे लोगों की भावनाएं आहत होती है जो एक जिम्मेदार व्यक्ति को शोभा नहीं देता ।कोई किसी चीज में आस्था रख सकता है और कोई उसमे आस्था नहीं रखता यह नितांत निजी मामला है
क़ुरआन में साफ कहा गया है कि “तुम्हारे लिए तुम्हारा दीन है और हमारा लिए हमारा दीन” तब इस तरह की बातों का कोई मतलब नहीं है सबको मिलजुल कर रहना चाहिए क्योंकि मोहब्बत के बिना देश बिखर जाएगा और सच्चे देशभक्त कभी देश तोड़ने वाली चीज़ों को बर्दाश्त नहीं कर सकते।
उन्होंने लोगों से आह्वाहन किया कि इल्म हासिल करने के लिए बड़ी से बड़ी मुसीबत को भी बर्दाश्त कीजिए क्योंकि इल्म के बिना हम इन चालों को समझ नहीं सकते और हमें यूंही बहकाया जाता रहेगा ,मजहब को समझने के लिए भी इल्म की जरूरत है वरना न हम अली को समझ सकेंगे न तलीमे नबी पर सही सही अमल कर सकेंगे,लिहाज़ा अपने बच्चो को खूब पढ़ाएं आपस में मिलजुल कर रहें ख्वाजा गरीब नवाज के इस पैगाम को फैलाएं कि ” मोहब्बत सबके लिए नफरत किसी से नहीं”
By: यूनुस मोहानी