इमाम हसन की पैदाइश पर आल इंडिया उलमा मशाईख बोर्ड के सदर दफ्तर में कार्यक्रम आयोजित

हमशबीहे पयंबर ,दूसरे इमाम और पांचवे खलीफा हैं इमाम हसन – मुख्तार अशरफ
21 मई /नई दिल्ली, आल इंडिया उलमा मशाईख बोर्ड के केंद्रीय कार्यालय में हज़रत इमाम हसन अलैहिस्सलाम की विलादत के मौके पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया ,पूरे देश में बोर्ड की सभी शाखाओं में भी कार्यक्रम का आयोजन हुआ ।रमज़ान माह की 15 तारीख को हज़रत इमाम हसन अलैहस्सलाम का जन्म हुआ इस विषय पर बोलते हुए मौलाना मुख्तार अशरफ ने कहा कि लोगों में एक गलत बात मशहूर है कि खलीफए राशिद सिर्फ 4 हैं जबकि यह सही नहीं है अल्लाह के रसूल ने फरमाया कि 30 साल तक खिलाफत रहेगी और उसके बाद मुलूकियत दाखिल हो जाएगी अब यह 30 साल हज़रत इमाम हसन की खिलाफत के 6 माह को मिलाकर ही पूरे होते हैं ऐसे में खुलफाए राशिदीन की तादाद 4 मानना ज़ुल्म है।
मौलाना ने कहा कि अहलेबैत क़ुरान की तफसीर हैं इनकी जिंदगानी क़ुरान का प्रेक्टिकल नमूना है हमें क़ुरान समझना है तो दरे आहलेबैत से समझना है । सदर दफ्तर में कल ही खत्म कुरआन भी हुआ मौलाना मुख्तार अशरफ ने नमाजे तरावीह में क़ुरान सुनाया ,इस मौके पर हुसैन शेरानी ने इमाम हसन की शान में मनकबत पेश की ,प्रोग्राम की शुरवार तिलावते क़ुरान से मुमताज़ अशरफ ने की प्रोग्राम के आखिर में नज़र पेश की गई और सय्यद शादाब हुसैन रिज़वी ने मुल्क और दुनिया के अमनो अमान के लिए दुआ कराई।इस मौके पर बड़ी तादाद में लोग मौजूद रहे।

 

Yunus Mohani