पैग़म्बरे इस्लाम की शान में गुस्ताखी करने वाले मुल्क में फसाद फैलाना चाहते हैं : सय्यद मोहम्मद अशरफ

3 अप्रैल 2021, शनिवार, नई दिल्ली
पैग़म्बरे इस्लाम की शान में नरसिंहानंद नाम के विदेशी एजेंट द्वारा अशोभनीय टिप्पणी किए जाने पर सख्त गुस्से का इज़हार करते हुए आल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफ़ी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने कहा कि मुल्क में बड़े पैमाने पर दंगे भड़काने की साजिश की जा रही है, कोरोना वायरस के दुबारा बड़ रहे संक्रमण के बीच देश को अस्थिर करने की व्यापक साजिश रची जा रही है ,दुनिया जानती है कि नबी की शान में गुस्ताखी को किसी भी कीमत पर मुसलमान बर्दाश्त नहीं कर सकते और यह ऐसा मामला है जिसपर मुसलमान किसी मसलक में बंटे बिना एकजुट है लिहाज़ा देश में बड़े पैमाने पर दंगे करवाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यह मामला बहुत गंभीर है, एक देश और इंसानियत के दुश्मन द्वारा पैग़म्बरे अमन के खिलाफ जिस तरह की अपमानजनक टिप्पणी की गई है ,जिससे मुसलमानों में शदीद गुस्सा है लगातार विदेशी ताकतों द्वारा प्रयास हो रहा है और इसी के चलते विद्या प्रकाशन प्राईवेट लिमिटेड द्वारा छापी गई कक्षा 4 में पढ़ाई जाने वाली किताब में पहले एक फर्जी खाका पैग़म्बरे इस्लाम का छापा गया और उसी समय नरसिंहानंद नामक वैचारिक आतंकवादी द्वारा ऐसी घिनौनी बात की गई जो साफ तौर से देश को सांप्रदायिक दंगों में झिकने की व्यापक साजिश दिखाई पड़ती है,जब देश के 5 राज्यों में चुनाव चल रहा है ऐसे में ऐसी घटना होना साफ इशारा करता है कि यह एक गहरी साजिश है।
सभ्य समाज में इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता ,किसी भी धर्म का चोला ओढ़ कर किसी दूसरे धर्म के खिलाफ जहर उगलने वाला व्यक्ति किसी भी कीमत पर धार्मिक नहीं हो सकता वह सिर्फ आतंकी ही हो सकता है और आतंकवादियों की समाज में कोई जगह नहीं है सरकार को इस व्यक्ति की तुरंत गिरफ्तार करना चाहिए और उससे कड़ी पूछताछ कर इस गहरी साजिश का पर्दाफाश करना चाहिए।
हज़रत ने कहा कि देश के मुसलमानों में गहरा गम और गुस्सा है हम सभी से शांति बनाए रखने की अपील करते हैं ताकि इन आतंकवादियों की साजिश कामयाब न होने पाए अपने गुस्से का इज़हार कानूनी तौर पर करें किसी भी कीमत पर कानून का उल्लंघन न करें ,पैगम्बर की शान में गुस्ताखी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता और मुसलमान सबकुछ अपने नबी की शान के लिए लुटा सकता है हमारी जान आका की शान पर कुर्बान है लेकिन हमें ध्यान रहना चाहिए कि अगर हमने नबी की तालीम से मुंह मोड़ा तो हम भी गुस्ताखी करेंगे लिहाज़ा आतंक का मुक़ाबला कानून का सहारा लेकर किया जाना चाहिए,पैग़म्बरे अमन की तालीम है अमन कायम करना इसे हमें नहीं भूलना है और इन आतंकियों को जवाब देना है कि उस नबी के उम्मती है जिसने दुनिया को जन्नत बनाने का हुनर अपने अनुयायियों को सिखाया।
उन्होंने कहा कि सरकार तुरंत इस पर कार्यवाही करे,उन्होंने बताया कि आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड व्यापक तौर से देशव्यापी मुहिम चलाएगा और जबतक इस आतंकी को गिरफ्तार नहीं किया जाता तबतक हैं खामोश नहीं बैठने वाले ,हमने देश के प्रधानमंत्री और गृहमंत्री सहित अल्पसंख्यक आयोग को शिकायत कर कार्यवाही की मांग की है और देश भर में एफआईआर कराई जा रही है,देश में किसी भी तरह माहौल खराब नहीं होना चाहिए अगर ऐसा होता है तो आतंकी विचार जीतेगा इस बात को खास ख्याल रखा जाना चाहिए।

नौजवानों के हाथों में देश का भविष्य सुनहरा : सय्यद मोहम्मद अशरफ

26 जनवरी, नई दिल्ली
इस बार कोरोना महामारी के कारण गणत्रंत्र दिवस बोर्ड के सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर मनाया गया जिसमें बोर्ड एग्जीक्यूटिव सदस्य हज़रत सय्यद तनवीर हाश्मी, हज़रत सय्यद अम्मार अहमद नय्यर मियाँ, हज़रत सय्यद आलमगीर मियां, हज़रत सय्यद सलमान चिश्ती, हज़रत सय्यद फरीद अहमद निज़ामी के अलावा जनाब यूनुस मोहानी ने अवाम को संबोधित किया. प्रोग्राम का संचालन मुख़्तार अशरफ ने किया.
आल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फ़ोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने सभी देशवासियों को 72 वां गणतंत्र दिवस की बधाई देते हुए कहा कि आज देश में देश भक्ति का सैलाब आया है जिसने दुनिया को संदेश दिया है कि भारत का भविष्य बहुत सुनहरा है।
उन्होंने लोगों को शिक्षा के लिए आंदोलन चलाने की बात कही, उन्होंने कहा कि सभी को इस ओर ध्यान देना है और लोगों को जिनके पास पैसे हैं, जो अपने बच्चों को पढ़ाने के अलावा दूसरे बच्चे की फीस जमा कर सकता है वह करे, जो दो बच्चों की फीस भर सकता है भरे और जो 4 बच्चे पढ़ा सकता है पढ़ाए क्योंकि मुल्क और समाज की तरक्की शिक्षा से ही होगी।
हज़रत ने कहा कि लोगों को हिंसा से अराजकता से बिल्कुल बचते हुए लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखनी चाहिए,हमें ख्याल रखना चाहिए कि किसी भी हालत में देश का नुक़सान न होने पाए, यह खुशी की बात है कि लोगों में जिस तरह का ज़ज़्बा अपने संविधान और देश के लिए देखा जा रहा है, जो बताता है कि मुल्क का भविष्य सुनहरा है और किसी भी विदेशी ताकत में यह ताकत नहीं है कि वह हमारे इस चमन को बांट पाए।
आज हर हाथ में तिरंगा है, हर ज़ुबान पर संविधान यह भारत की ताकत को दर्शाता है कि भले हज़ार असहमतियां हों लेकिन देश की बात आएगी हमारे तिरंगे के सम्मान की बात आएगी तो हम एकजुट हैं, सरकार और जनता के बीच खींचतान तो लोकतंत्र की खूबसूरती है लेकिन इसमें हिंसा का कोई स्थान नहीं है, सभी को गणतंत्र दिवस की बधाई और यह अपील भी कि इस चमन को आग से बचा कर रखना है ताकि यह फूल खूब खिले, खूब महके, वतन में हमेशा फसले बाहर रहे।

अदालत के फैसले पर सोशल मीडिया में न हो बहस : सय्यद मोहम्मद अशरफ

30 सितंबर, नई दिल्ली
आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफ़ी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में लखनऊ के सी बी आई कोर्ट के आए फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया देने से इन्कार करते हुए कहा कि हमारा काम नहीं कि हम अदालतों के फैसले पर टीका टिप्पणी करें यह वकीलों का विषय है उन्होंने सभी से अपील करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर इस फैसले पर बहस न करें इससे बचें।
हज़रत ने ख़ास तौर से मुस्लिम युवाओं से कहा कि यह सब्र और होशियारी का वक़्त है हमें किसी भी कीमत पर नफरत के कारोबारियों की चाल को कामयाब करने में मदद नहीं करनी है और अगर आप सोशल मीडिया के जरिए इस फैसले पर बात करते हैं तो हम उनके मददगार अनजाने में बन जाते हैं, हमें खबर भी नहीं होती कि हम क्या कर रहे हैं और अपनी नासमझी के चलते हम जाल में फांस जाते हैं।
अभी मुल्क में जिस तरह कोरोना का कहर टूटा हुआ है, किसान सड़कों पर हैं, नवजवान बेरोजगार हैं ऐसे में हमें इस बहस से बचने की जरूरत है और अपने मुल्क की फिज़ा को बेहतर बनाने की कोशिश में जुटे रहना है। अदालतों को अपना काम करना है और हम सबको अपना, हमारा काम है मोहब्बत सबके लिए नफरत किसी से नहीं अगर हम अपना काम ईमानदारी से करेंगे तो बदलाव यकीनी है और इसी बदलाव में तरक्की की राह है।

नफरत का कारोबार देश को बर्बाद कर देगा :सय्यद मोहम्मद अशरफ

31 जनवरी, नई दिल्ली
आल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फ़ोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने कल दिल्ली में हुए गोलीकांड पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि नफरत का कारोबार देश को बर्बाद कर देगा इसे फौरन रोका जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जिस तरह देश के युवा भटक रहे हैं उससे देश को गंभीर खतरा है ,बेरोजगार और मायूस लोग घिनौनी सियासत का हथियार बन रहे हैं उनकी अपनी न कोई सोच है और न ही कोई विचारधारा ,अगर इस क्रम को समय रहते न तोड़ा गया तो हम सबको तबाही के खौफनाक मंज़र देखने पड़ सकते हैं। मोहब्बत की हवा अगर न चली तो नफरत के अलाव में देश जल जायेगा लिहाज़ा हम सब की साझा ज़िम्मेदारी है कि इसे हर हाल में रोका जाये।
हज़रत ने कहा यह कैसी तस्वीर है जिसमें हमलावर गोली चला रहा है और उसके पीछे पुलिस के लोग हाथ बांधे कुछ भयावह घट जाने के इंतजार में हैं, आखिर यह देश में कौनसी सोच पनप रही है जो अपने विचारो से असहमति जताने वालों को गोली मार देने की बात करती हो इसपर गंभीरता से विचार कर रोक लगाई जानी चाहिए।
उन्होंने लोगों से धैर्य और शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि हर नफरत को सिर्फ मोहब्बत से हराया जा सकता है , हिंसा किसी भी समस्या का हल नहीं बल्कि स्वयं एक सबसे अधिक गंभीर समस्या है। हमें सूफिया के अमल से सीखते हुए इस नफरत को हराना होगा,और वह तरीका है नफरत किसी से नहीं, मोहब्बत सबके लिए।

Yunus Mohani

देश के संविधान का सम्मान हमारा कर्तव्य : सय्यद मोहम्मद अशरफ

आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड मुरादाबाद शाख द्वारा संविधान दिवस आयोजित
26 नवंबर,संभल,मुरादाबाद
आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फ़ोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने संविधान दिवस पर बोर्ड द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा हम सबका कर्तव्य है कि हम अपने मुल्क के संविधान का सम्मान करें ,उन्होंने कहा कि हमारे प्यारे मुल्क के संविधान में हमें बराबरी का हक दिया गया है,और इसमें निज़ाम ए मुस्तफा स्ल्लाल्लाहू अलैहि वसल्लम की झलक भी पाई जाती है जो हर एक भारतीय को कानून की नजर से एक समान देखती है, सबको अपने मजहब को मानने और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रहने की आजादी है।
हज़रत ने कहा कि अगर कहां किसी के साथ नाइंसाफी होती है तो उसमें संविधान या कानून का दोष नहीं होता बल्कि यह परिस्थितियों के अनुसार या फिर कानूनी भूल के चलते होता है लिहाज़ा हमें मुल्क के कानून का पालन करना चाहिए और संविधान का सम्मान करते हुए देश की न्याय प्रणाली पर भरोसा रखना चाहिए।
मौलाना मुख़्तार अशरफ साहेब ने कहा कि भारतीय संविधान के महान शिल्पी डॉक्टर भीम राव अम्बेडकर सहित संविधान सभा के सभी सदस्यों ने देश को अखंड बनाए रखने हेतु इस संविधान को तैयार किया जिसमें भारत की खुशबू शामिल है,और सभी को मिलजुल कर रहने का बिना किसी बंधन के स्वतंत्र रूप से जीने का मंत्र भी। किसी भी कारण हमें इसकी गरिमा को बचा कर रखना होगा ,क्योंकि मुल्क संविधान से चलता है उसके इतर नहीं।
ज्ञात हो कि आज ही के दिन 1949 में इस संविधान को भारत के संविधान के रूप में अंगीकृत किया गया था।
कार्यक्रम का आयोजन कारी मोहम्मद आमिर रज़ा अशरफी साहेब ने किया, मौलाना नसीम, कारी नज़रुल, हाफिज राहिल, मनोज कुमार थाना प्रभारी, मैनाथर, मौलाना नासिर,मौलाना फरमान, कारी मोहम्मद अली, मोहम्मद बिलाल अशरफ, अंसार मलिक, हाजी रियाज़ुल, मोहम्मद रज़ा, मोहम्मद असलम के अलावा कई लोगों ने शिरकत की, कार्यक्रम का समापन देश में अमन व अमान की दुआ के साथ हुआ।

By: यूनुस मोहानी

नफरत का संक्रमण काल चल रहा है देश बचाना होगा: सय्यद मोहम्मद अशरफ

12 फरवरी/कोलकाता,
नफरतों का संक्रमण काल चल रहा है देश बचाना होगा” यह विचार कोलकाता में एक धर्मसभा को संबोधित करते हुए आल इन्डिया उलमा व मशाइख बोर्ड के संस्थापक, अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने रखे, हज़रत यहां जलसे में मुख्य वक्ता के तौर पर आये थे। उन्होंने कहा, देश में नफरतों का बुखार महामारी की तरह फ़ैल रहा है अगर दिल और दिमाग़ की सफाई नहीं की गई तो यह पूरे देश को अपनी चपेट में ले लेगी ।
हज़रत ने कहा कि इसका इलाज सिर्फ मोहब्बत है जिसका प्रयोग सूफिया ने किया और लोगों को एक माला में पिरो दिया, आज भी दरगाहें अकेली ऐसी जगह है जहां सभी धर्म के लोग दिलो में अकीदत लेकर आते हैं और मोहब्बत भाईचारे का सबक हासिल करते हैं, हमें औलिया अल्लाह की ज़िंदगी से सीखना चाहिए, वह गुनहगार से नहीं गुनाह से नफरत करते और गुनहगार को मोहब्बत के आगोश में लेकर उसे गुनाहों से दूर कर देते, अब हमें यही अमल करना है ।
उन्होंने कहा कि अफवाहों पर ध्यान न दिया जाए और हकीकत को समझा जाएँ तो हम काफी हद तक बच सकते हैं, हज़रत ने शिक्षा प्राप्त करने पर बल देते हुए कहा कि इस्लाम ने शिक्षा पर कितना बल दिया है इसे इससे समझना चाहिए कि क़ुरआन में सबसे पहले कहा गया “इकरा” यानी पढ़ो, अल्लाह के हबीब ने फरमाया कि अगर तालीम हासिल करने के लिए चीन भी जाना पड़े तो जाओ, लिहाज़ा मुसलमानों को खास तौर पर अपने बच्चो को पढ़ाना चाहिए, इसके लिए चाहे उन्हें कितनी भी तकलीफ उठानी पड़े।
हज़रत ने कहा कि मुल्क में नफरतों के इस दौर को रोकने के लिए हमारे पास गरीब नवाज़ का दिया बेहरीन फार्मूला है, वह यह है कि” मोहब्बत सबके लिए नफरत किसी से नहीं” हमें इसे अपने अमल में लाना होगा।

By: यूनुस मोहानी

नफरत से इंसानियत और मुल्क दोनों का नुक़सान : सय्यद मोहम्मद अशरफ

10 फरवरी/नागपुर
नफरत इंसानियत और मुल्क दोनों का नुक़सान कर रही है, ये बात आल इंडिया उलमा मशाइख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने नागपुर में आयोजित कार्यक्रम ” हम कहां है” में बोलते हुए कही, हज़रत ने कहा कि यह इस वक़्त में खुद से पूछा जाने वाला सबसे पहला और जरूरी सवाल है कि हम कहां है?
उन्होंने कहा, हमारे इतिहास में हमने जिस तरह इंसानियत को बचाने और ज़ुल्म को खतम करने के लिए कुर्बानियां दी उसे रहती दुनिया तक भुलाया नहीं जा सकता लेकिन अब हम अपने आप को पहचान नहीं रहे क्योंकि हमने अपने गुज़रे हुए कल से सीखने का हुनर खो दिया है, अगर वापस वही मुकाम हासिल करना है तो हमें अपने गुज़रे हुए कल को देखना होगा और सूफिया के तरीके पर अमल करते हुए इंसानियत की भलाई के लिए काम करना होगा।
नफरत को हर हाल में रोक देना होगा और तलीमे नबी पर पूरी तरह अमल करना होगा वरना यह सवाल हमारे सामने ऐसे ही खड़ा रहेगा और हम खुद कभी इसका जवाब नहीं ढूंढ पाएंगे ।
हज़रत ने कहा कि किसी भी मसले पर सिर्फ सुनकर राय बनाने की आदत छोड़ दीजिए, चीज़ों को खोल कर देखिए बच्चो को गुमराह होने से बचने के लिए पढाएं।

By: यूनुस मोहानी

देश सबका है नफरतों की बात शहीदों का अपमान है : सय्यद मोहम्मद अशरफ

7 फरवरी / लखनऊ” देश सबका है,नफरतों की बात शहीदों का अपमान” यह बात आल इन्डिया उलमा व मशायख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने सांसद द्वारा मुसलमानों को बांग्लादेश या पाकिस्तान चले जाने के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मीडिया से कहीं उन्होंने कहा कि देश किसी एक धर्म सम्प्रदाय का नहीं बल्कि सभी भारतीयों का है ऐसे में यह बेवजह की बात करना हास्यास्पद है । उन्होंने कहा कि देश की सरहदों की हिफ़ाज़त मे अपनी जान लुटाने वाले शहीदों का अपमान है इस तरह की बात करना।
हज़रत ने कहा कि नफरत की राजनीति को रोका जाना चाहिए यह देश के विकास में रोड़ा है और भारत सरकार को इस तरफ गंभीरता से सोचना चाहिए यह बाते देश तोड़ने वाली हैं उन्होंने कहा कि अगर समय रहते इस पर लगाम नहीं लगाई गई तो यह बड़ा संकट बन जायेगी ।
देश की आजादी में सब साथ अंग्रेजों से लड़ें और तब से आज तक जब देश को जरूरत पड़ी सभी देशवासी देशहित में कुर्बानी देते आए हैं देश को धर्म संप्रदाय के नाम पर बाटने की बात देश के समय को बर्बाद करने के सिवा कुछ नहीं है ।
उन्होंने देश वासियों से तरह की बातों पर ध्यान न देने की अपील की और कहा हमें अपनी गंगा जमुनी तहजीब को खतम नहीं होने देना है और नफरतों को मोहब्बत से हरा देना है.

By: Yunus Mohani

नफरत नहीं रुकी तो ख़तरे में है संविधान : सय्यद मोहम्मद अशरफ

दिल्ली-25 जनवरी
ग़ालिब एकेडमी बस्ती निज़ामुद्दीन में दिनांक 25 जनवरी 2018 को विश्व विख्यात संस्था आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड की दिल्ली शाखा द्वारा दोपहर 2 बजे से “हम हिन्दुस्तानी”(We The Indians) नाम से कार्यक्रम का आयोजन किया गया. बोर्ड द्वारा यह प्रोग्राम पूरे देश में आयोजित किया गया है, इस कार्यक्रम में मुख्य उपस्थिति आल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी की रही. विशिष्ट अतिथि के तौर पर मलेशिया से पधारे शेख इस्माईल कासिम सहित जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ख्वाजा मोहम्मद इकरामुद्दीन रहे।
कार्यक्रम में बोलते हुए हज़रत सय्यद अशरफ किछौछवी ने कहा कि बिना संविधान की इज्जत किये देशप्रेम सिर्फ एक ढोंग है, उन्होंने साफ कहा कि हमें अपनी लोकतांत्रिक प्रणाली को और मज़बूत करना होगा, इसमें विश्वास को बनाए रखना होगा क्योंकि हमारी गंगा जमनी तहज़ीब को जिस तरह नफरत की आग से खतरा है वह बहुत डरावना है, अगर यह तहज़ीब ख़तम हुई तो न कहीं कानून का राज होगा न कहीं लोकतंत्र, हम जिस आज़ादी की बात कर रहे हैं वह एक मज़ाक़ के सिवा कुछ नहीं होगा ,उन्होंने कहा कि देश को बचाने का अपनी आज़ादी को बरकरार रखने का सिर्फ एक रास्ता है मोहब्बत का, वह भी सबके लिये ,नफरत सड़कों पर जिस तरह घिनौनी तस्वीर पेश कर रही है वह मुल्क के लिऐ बुरा है. हमें मुल्क को आगे बढ़ाना है इसके लिए ज़रूरी है अपनी मिली जुली संस्कृति की हम रक्षा करें. संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करें ।
मलेशिया से तशरीफ लाए वर्ल्ड शहादा काउंसिल के अध्यक्ष हज़रत शेख इब्राहिम क़ासीम ने कहा, भारत एक अद्भुत देश है, पूरे संसार में ऐसा अनुपम उदाहरण नहीं मिलता जहां इतने धर्म एक साथ मिलजुल कर रहते हैं, उन्होंने बोर्ड को धन्यवाद देते हुए कहा कि मुझे खुशी है कि आपने अपने गणतंत्र दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम में मुझे बुलाया ताकि इस प्यारे देश को मैं अपनी मोहब्बत का नज़राना पेश कर सकूं।
प्रोफेसर ख्वाजा मोहम्मद इकरामुद्दीन ने कहा, देश में जिस तरह का तरह माहौल बनाया जा रहा है वह हमारे संवैधानिक ढाँचे के लिए खतरनाक है, लोग धार्मिक आधार पर नफरत का व्यापार कर रहे हैं, देश को बचाने के लिए बुद्धिजीवी वर्ग को भी आगे आना होगा. उन्होंने लोगों को सोशल मीडिया की ताकत से रूबरू कराते हुए कहा कि जहां यह विकास प्रतीक है वहीं गलत इस्तेमाल से सबसे बड़ा खतरा है. लिहाज़ा हमें होशियार रहना होगा। कार्यक्रम को हज़रत सय्यद फरीद अहमद निज़ामी ने भी खिताब किया. उन्होंने कहा कि देश सूफी संतों का है इसे आग लगाने की कोशिश की जा रही है, हमें उनके जानशीन होने का हक़ अदा करना है और नफरतों से मुल्क बचाना होगा। कार्यक्रम संचालन मौलाना मुख्तार अशरफ ने किया, कार्यक्रम में राष्ट्रगान हुआ और सलातो सलाम के बाद मुल्क की सलामती अमन और तरक्की की दुआ की गई।

By: Yunus Mohani

रोहित सरदाना देश से माफी माँगे : सय्यद मोहम्मद अशरफ

संभल/20 नवंबर

किसी की भी धार्मिक भावनाओं को आहत करना खुली दहशतगर्दी है, यह बात ऑल इण्डिया उलमा व मशाईख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने रोहित सरदाना द्वारा हज़रत फातिमा रज़ी अल्लाहु अन्हा  और उम्मुल मोमिनीन हज़रत आयशा रज़ी अल्लाहु अन्हा सहित हज़रत मरियम रज़ी अल्लाहु अन्हा की शान में गुस्ताखी करने पर कही।
उन्होंने कहा कि यह जो धर्मिक माफिया नफरत की सियासत करने के लिए घिनौनी भाषा शैली का प्रयोग कर समाज को नफरत की आग में झोंकने पर तुले हैं, यह मुल्क के और इंसानियत के दुश्मन हैं, इनसे हमारे देश को खतरा है ।किसी भी धर्म की आस्थाओं पर प्रहार हमारे बीच मोहब्बत को खत्म करने की घिनौनी साजिश है।
हज़रत ने कहा, यह वैचारिक दहशतगर्दी है जो बहुत खतरनाक है, भारत सरकार को इसकी रोकथाम के लिए मजबूत क़दम उठाने होंगे ।हज़रत ने मांग की कि हर हाल में रोहित सरदाना को देश से माफी मांगनी चाहिए क्योंकि उसने सिर्फ मुसलमानों की भावनाओं को आहत नहीं किया है बल्कि हिन्दू भाइयों और ईसाई समुदाय की भावनाओं को भी आहत किया है ,इनके द्वारा हिन्दू देवी का भी घोर अपमान किया गया है आखिर यह नफरत की राजनीति कब तक चलेगी।
हज़रत किछौछवी ने कहा, एक तरफ तालिबान और दाईश की विचारधारा है और एक तरफ कट्टरवाद की, दोनों में कोई फर्क नहीं है, दुनिया दोनों से ही खतरे में है, धर्म के नाम पर दहशत अब खुद को पत्रकार कहने वाले भी फैलाने पर तुल गए हैं ,मीडिया को ऐसे लोगों को चिन्हित कर बाहर का रास्ता दिखाने का वक़्त आ गया है क्योंकि देश को नफरतों की आग से बचाना है।

By: यूनुस मोहानी