सत्ता में भागीदारी है समाज की समस्याओं का हल : सय्यद आलमगीर अशरफ

4 फरवरी/जालौन ,आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड युवा शाखा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना सय्यद आलमगीर अशरफ ने कल जालौन में एक सभा को संभोधित करते हुए कहा कि “सत्ता में भागीदारी है समाज की समस्याओं का हल” उन्होंने कहा,  28 जनवरी को आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने देश की तमाम बड़ी खानक़ाहों के सज्जादानशीन व प्रतिनिधियों और बोर्ड के तमाम राज्यों के अध्यक्षों और पदाधिकारियों की मौजूदगी में भागीदारी की मांग के बाद पूरे देश में यह बात चल चुकी है और लोग अपना मन बना रहे हैं कि  भागीदारी के बिना  हम किसी के साथ नहीं जा सकते।
मौलाना ने कहा कि अब झूठे वादे और खोखले दावों पर हमें भरोसा नहीं है,  हमें जो हमारी तादाद के हिसाब से भागीदारी देगा हम उसके साथ होंगे, उन्होंने साफ कहा कि बोर्ड ने साफ तौर से ऐलान कर दिया है कि हम अपने लोगों की लड़ाई हर जगह लड़ेंगे और सियासी रहनुमाई भी करेंगे क्योंकि समाज को तब तक कुछ हासिल नहीं हो सकता जब तक सत्ता में आप भागीदार न हो जाएं ।
सभा को संबोधित करते हुए मौलाना कैसर रज़ा मदारी ने कहा कि हम शेखुल हिन्द हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ मियां की आवाज़ में अपनी आवाज़ मिलाते हुए हर बच्चे बच्चे तक यह पैग़ाम पहुंचा दें कि अब सिर्फ बात भागीदारी की होगी क्योंकि सिर्फ मदारिस और दारुल उलूम से कौम के मसले हल नहीं किए जा सकते, इसके लिए हमें सियासत में हिस्सेदार बनना होगा, सिर्फ वोटर और सपोर्टर बन कर नहीं बल्कि सत्ता में भागीदार बन कर हम सामाजिक न्याय की लड़ाई जीत सकते हैं।
सभा में हजारों लोगों ने शिरकत की और बोर्ड के ऐलान का समर्थन किया, कार्यक्रम  का समापन  सलात व  सलाम के बाद मुल्क में शांति की दुआ के साथ हुआ।
By : यूनुस मोहानी

हाकिम बदलने से नहीं निज़ाम बदलने से होगा विकास : सय्यद मोहम्मद अशरफ

15 दिसंबर /नई दिल्ली
हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी, अध्यक्ष आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड एवं चेयरमैन वर्ल्ड सूफी फोरम ने देश के मौजूदा हालात पर चर्चा करते हुए कहा कि “हाकिम बदलने से नहीं निज़ाम बदलने से होगा विकास ” उन्होंने अभी हाल में 5 राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजों पर यह अहम बात कही।
हज़रत ने कहा कि कुछ लोग सिर्फ शासक बदल जाने से बदलाव की उम्मीद रखते हैं, वह धोखे में हैं क्योंकि जब तक व्यवस्था को सही नहीं किया जाएगा तब तक हालात का बदलना मुमकिन नहीं है, नयी हुकूमत अपनी प्राथमिकताएं यदि पुरानी सरकार वाली ही रखेगी तो बदलाव क्या होगा ? यदि गरीब को इलाज ,शिक्षा किसान को उसकी फसल का सही मूल्य,सस्ती दरों पर खाद बीज नहीं मिलेगा तो क्या बदलेगा? अगर हमारे नवजवान बेरोजगार ही रहेंगे तो क्या विकास होगा ?
हज़रत ने पांचों राज्यो में चुन कर आयी सरकारों को शुभकामनाए देते हुए कहा कि इंसाफ के साथ ईमानदारी से काम करते हुए लोगो को फायदा पहुंचाने का काम यह सरकार करें हम ऐसी कामना करते हैं। हज़रत ने सबसे महत्वपूर्ण बात मुसलमानों को संबोधित करते हुए कही उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर जिस तरह की ओछी टिप्पणियां की जा रही है वह बहुत ग़लत हैं और नफरत को बढ़ाने वाली हैं लोगों को इससे बचना चाहिए।
चुनाव में एक दल की जीत हुई एक की हार इसे धर्म से जोड़ना और गलत टिप्पणियां करने से हमारा और मुल्क दोनों का नुक़सान है अब चुनाव समाप्त हो चुके हैं तो सभी प्रदेशवासियों को मिलकर नई सरकार की प्राथमिकताएं वहीं हों जिसकी जनता को जरूरत है इसके लिए दबाव बनाना चाहिए न कि इस तरह की बात करनी चाहिए जिससे किसी को चिढ़ हो और नफरत के सौदागरों को मौका मिले।
By: Yunus Mohani

वोट हमारा हक, वोटर बनना हमारी जिममेदारी : सय्यद मोहम्मद अशरफ

5/सितंबर , चित्तौड़गढ़

“वोट हमारा हक़ और वोटर बनना हमारी ज़िम्मेदारी” आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष  व
वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने यह बात जगह जगह लोगों के नाम वोटर लिस्ट से गायब होने पर लोगों को आगाह करते हुए कही।
हज़रत ने कहा, हर तरफ से आवाज़ उठ रही है कि वोटर लिस्ट में नाम गायब हैं और हर चुनाव में ये होता आया है, पूरे पूरे मोहल्ले के लगभग लोगों के नाम वोटर लिस्ट से गायब होते हैं , लोग अपने मताधिकार का प्रयोग करने से वंचित रह जाते हैं और उनका लोकतंत्र में जो सबसे बड़ा अधिकार है वह उसका फायदा नहीं उठा पाते।
उन्होंने एनआरसी की बात करते हुए कहा की आसाम में गरिकता के लिए जूझ रहे हैं ,अगर समाज बेदार नहीं हुआ और उसने अपना कर्तव्य नहीं निभाया तो कल ऐसे लोगों की स्थिति भी वैसी ही हो सकती है कि उन्हें अपनी नागरिकता को साबित करने के लिए दर दर की ठोकरें खाना पड़े और अपने ही देश में शरणार्थी जैसी स्थिति हो जाए ।
हज़रत किछौछवी ने कहा कि मैंलोगों से आह्वाहन करता हूं कि भारत के निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची का पुनरीक्षण कार्य किया जा रहा है, सभी 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके लोग अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वा लें ताकि आने वाले समय में आपको आपके संवैधानिक अधिकार से वंचित न किया जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि सब लोग मतदाता सूची में न सिर्फ नाम जुड़वाएं बल्कि वोट भी ज़रूर करें क्योंकि आपके वोट न करने से यदि कोई ग़लत व्यक्ति चुना जाता है तो उसके द्वारा किए गए गलत कार्यों के आप भी भागीदार होते हो क्योंकि आपने मताधिकार का प्रयोग न करके गलत व्यक्ति को मौक़ा दिया।
हज़रत ने कहा कि खासतौर पर मुसलमान इन चीज़ों से दूर रहते हैं, उन्हें अपनी ज़िम्मेदारी समझनी चाहिए,वहीं उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि किसी भी प्रकार की हीलहवाली लोकतंत्र में बर्दाश्त नहीं की जाएगी सभी वैधपत्र रखने वाले लोगों को मताधिकार का प्रयोग करने का हक़ है, यदि किसी कारणवश उस व्यक्ति का नाम वोटरलिस्ट में न हो तो उसे आधार के ज़रिए वोट करने का मौक़ा चाहिए और आधार को वोटर आइडी से जोड़ दिया जाना चाहिए।