ईश्वर की रचना को नुकसान पहुंचाना उससे दुश्मनी है: सय्यद मोहम्मद अशरफ

24 फरवरी 2021 बुधवार, किछौछा ,अम्बेडकर नगर
हज़रत सय्यद मुख्तार अशरफ सरकारे कलां रहमतुल्लाह अलैहि के उर्स के मौके पर आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफ़ी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने दुनिया भर में सरकारें कलां से अकीदत रखने वालों को उर्स की बधाई देते हुए कहा कि ईश्वर की रचना को नुकसान पहुंचाना उससे दुश्मनी है।

हज़रत ने कहा कि हम इंसान की बनाई चीज़ को नुकसान पहुंचाने पर उसके बदले में इन्सान को नुकसान पहुंचाने पर आमादा हो जाते हैं जबकि इन्सान ईश्वर की बनाई हुई चीज़ है अगर ईश्वर इतना दयालु न हो तो विनाश को कोई टाल नहीं सकता,यही वजह है कि अल्लाह के वालियों ने इन्सान को इन्सान से रिश्ता निभाना सिखाया और किसी भी हालत में प्रकृति को नुकसान पहुंचाने से रोकते नजर आते हैं ,।
सूफीवाद में इन्सान ही नहीं जानवरो से पेड़ पौधों से जिस तरह का प्रेम का संदेश पिरोया गया है वह उस रचनाकार से रिश्ता मजबूत करने का मार्ग है,क्योंकि किसी भी हालत में नाइंसाफी से नफरत पनपती है और नफरत सिर्फ नुकसान कर सकती है इससे कोई फायदा हासिल नहीं किया जा सकता है,उन्होंने उर्स के मौके आयोजित सेमिनार को संबोधित करते हुए यह विचार रखे।

इस सेमिनार में बोलते हुए हज़रत सय्यद हाशमी मियां ने कहा कि इस समय असली और नकली सूफ़ी में भी भेद करना ज़रूरी होता जा रहा है क्योंकि जैसे जैसे लोगों पर कट्टरवाद की हकीक़त खुलती जा रही है लोग चोला बदल रहे हैं लेकिन आकीदा नहीं और उनके लाख हुलिया बदलने के बाद भी उनकी कट्टरपंथी सोच बाहर आ ही जाती है इन्हें पहचान लेना ज़रूरी है सरकारी सुरक्षा एजेंसियों को भी और आम लोगों को भी क्योंकि इनके द्वारा की जाने वाली कारगुज़ारियों से समाज में नफरत फैल सकती है,सूफीवाद अमन,इंसाफ,मुहब्बत का पैग़ाम है और यह जाली लोग इसका उलट अमल करते दिख जाते हैं , नई नई तंजीम बनाकर मुहब्बत के आंगन को इस्तेमाल का प्रयास जारी है इससे होशियार रहना होगा और इन्हें बेनकाब करना होगा,यह बारगाह सिर्फ मुहब्बत का समर्थन करती है इन्सान दोस्ती को बढ़ावा देती है न कि किसी अतिवादी विचार का या ऐसे विचार वाले संगठन का तीन दिवसीय उर्स के दौरान हुए सेमिनार में देश भर से आए विद्वानों , प्रोफेसर्स,एवम उलमा एवम मशाईख ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए इस अवसर पर आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड की तरफ से आला हज़रत अशरफी मियां एवार्ड भी दिये गये एवम मौलाना अहमद अशरफ मस्जिद की आधारशिला बोर्ड के अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी एवम साहिबे सज्जादा हज़रत सय्यद महमूद अशरफ किछौछवी खानकाह सरकारें कलां के हाथो रखी गई।

महफ़िले समां का आयोजन हुआ एवम कुल शरीफ के बाद मुल्क में शांति समृद्धि एवं कोरोना महामारी के पूरी तरह खात्मे के लिए साहिबे सज्जादा द्वारा विशेष दुआ की गई
यूनुस मोहानी

अजमेर से दिया गया संदेश, लोकतंत्र को मज़बूत करना हमारी ज़िम्मेदारी ।

प्रेस रिलीज़:13 मार्च, बुधवार, अजमेर

चिश्ती मंज़िल दरगाह अजमेर शरीफ में आल इंडिया उलमाव मशाइख़ बोर्ड की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सालाना मीटिंग संपन्न हुई जिसमें बोर्ड की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्यों सहित सभी प्रदेशों के अध्यक्षों ने हिस्सा लिया.

सभा की अध्यक्षता बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने की. उन्होंने इस मौके पर कहा कि आज अजमेर की धरती से ख्वाजा गरीब नवाज़ के उर्स के मौके पर हम देश को यह संदेश देना चाहते हैं कि नफरतों की हर दीवार गिरा कर हम सब मोहब्बत से गले मिलें, उन्होंने कहा कि मुल्क में आम चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है, कहीं कहीं चुनाव रमज़ान के मुबारक महीने में होना है जिसको लेकर बेमतलब की बहस की जा रही है।

रमज़ान में मुसलमान रोज़े की हालत में मज़दूरी करते हैं, ठेले लगाते हैं, दुकानदारी करते हैं अपनी जॉब पर जाते हैं, पढ़ने वाले बच्चे नवजवान अपनी पढ़ाई करते हैं तो वोट डालने में क्या परेशानी हो सकती है।

हज़रत ने कहा कि हमारे रसूल ने लोकतांत्रिक व्यवस्था दुनिया को दी है और उसे पसंद फरमाया है तो लोकतंत्र को मजबूत करना हमारी जिम्मेदारी है, जब हमें अपनी राय अपना प्रतिनिधि चुनने के लिए देनी है उस वक़्त हम रोज़े की हालत में अपने रब की इबादत भी कर रहे हों तो इससे बेहतर क्या हो सकता है।

रुदौली शरीफ दरगाह शेखुल आलम के सज्जादानशीन व बोर्ड के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य हज़रत अम्मार अहमद अहमदी उर्फ नय्यर मियां ने कहा कि बोर्ड को हर इलाक़े में लोगों तक यह संदेश पहुंचाना है जिसके लिए एक कार्यक्रम तय किया जाना है ताकि लोग अपने लिए अपना प्रतिनिधि चुनने में अपनी राय ज़रूर दे , देश के हर नागरिक को वोट देना ज़रूरी है,उन्होंने लोगों को उर्स की मुबारकबाद दी। बीजापुर कर्नाटक से तशरीफ लाये सय्यद तनवीर हाशमी ने कहा कि मुल्क के निज़ाम को चलाने के लिए सही सरकार का चुनाव अहम काम है जिसे करने का मौका अगर रमज़ान में मिल रहा है तो यह खुशी की बात है मुसलमान फजर की नमाज़ और क़ुरआन की तिलावत के बाद अपनी सच्ची राय मुल्क की बेहतरी के लिए देने पोलिंग बूथ पर पहुँचें।

बोर्ड कार्यकारणी सदस्य सैय्यदी मियां ने कहा कि हमें अपनी ज़िम्मेदारी से भागना नहीं है लोगों में जागरूकता लाने के लिए अभियान चलाया जायेगा, हर खानक़ाह से यह काम किया जाये।

बोर्ड के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव व दरगाह अजमेर शरीफ के गद्दीनशीन सय्यद सलमान चिश्ती ने पूरी दुनिया को गरीब नवाज़ के 807 वें उर्स की मुबारकबाद दी, उन्होंने कहा कि देश की बेहतरी के लिए सही चुनाव ज़रूरी है ताकि देश विकास कर सके, हम सबकी ज़िम्मेदारी है कि हम वोट करें ।

तेलंगाना से तशरीफ लाए सय्यद आले रसूल पाशा ने कहा कि मुल्क में जिस तरह से नफरत फैलाने की कोशिश हो रही है हमें उसे नाकाम करना है और उसके लिए अपनी ज़िम्मेदारी निभानी होगी।

सभा में राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष क़ारी अबुल फतेह, छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष मौलाना मोहम्मद अली फारूक़ी, एमपी से मौलाना मेराज अशरफ, यूपी प्रदेश महासचिव सय्यद हम्माद अशरफ, पंजाब से रमज़ान अशरफी, कश्मीर से मौलाना क़ुतबुद्दीन ने शिरकत की, सभा के समापन पर पूरी दुनिया को उर्स की मुबारबाद देते हुए संसार से नफरतों के समापन एवं शांति स्थापना की दुआ की गई।

By: Younus Mohani

जो देश का दुश्मन वह हमारा दुश्मन : सय्यद मोहम्मद अशरफ

चित्तौड़गढ़।

चीन ने अपनी जनसंख्या को अपनी ताकत में बदल दिया और इसके बल पर आज विश्व की विकसित अर्थव्यवस्था बन चुका है। लेकिन हम इसी बात को लेकर रो रहे हैं । हम जनसंख्या नियंत्रण कानून के नाम पर राजनीति कर रहे हैं।
यह बात सैयद सरदार अहमद अशरफी के सालाना उर्स में सम्मिलित होने आए आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष सैयद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कही।
हज़रत ने कहा कि हमारे देश में संसाधनों की कोई कमी नहीं है। लेकिन कर्ताधर्ताओं की इच्छा शक्ति की कमी से सही दिशा में कार्य नहीं हो रहे हैं। संसाधन बढ़ाए जा सकते हैं, देश में शिक्षा संस्थानों की उपलब्धता बढ़ाई जा सकती है, रोजगार के अवसर बढ़ाए जा सकते हैं।
उन्होंने कश्मीर में सेना पर पत्थर बाजी के सवाल के जवाब में कहा कि कश्मीर से कन्याकुमारी और गुजरात से पश्चिम बंगाल तक कहीं भी और कोई भी मेरे देश और देश के कानून के विरुद्ध आवाज उठाएगा तो वह मेरा सबसे बड़ा दुश्मन होगा। चाहे वह मेरा भाई हो, चाहे रिश्तेदार हो, दोस्त हो चाहे कोई भी हो।
किछौछवि ने कहा कि आज हर इंसान एक दूसरे से इल्जामी सवाल कर रहा है और इल्जामी जवाब दे रहा है। जैसे कोई किसी को कहे कि चोरी मत करो तो सामने वाला जवाब देता है कि तुम्हारा भाई भी तो चोर है। इस तरह की मानसिकता से समाज में सुधार नहीं होगा हमें महसूस करना पड़ेगा जो गलत है वह गलत है हर आदमी की जिम्मेदारी है कि वह अपने को बेहतर बनाएं। हमें अपनी जाति धर्म क्षेत्र भाषा से ऊपर उठकर अपने आप को बेहतर बनाना होगा ऐसी राह निकालनी होगी जिससे समाज का विकास हो।
मैं मानता हूं कि धर्म हमें हमेशा उस राह पर डालता है जो हमें बेहतर बनाती है। आज विडंबना यह है कि धर्म की आड़ में ही अधर्म किया जा रहा है और उसे धर्म बताने की शिक्षा दी जा रही है ऐसे चंद लोग हैं जिन्हें हमें पहचानना है, हमारी खामोशी जुर्म को बढ़ाने में मददगार होती है ,और हम इसमें भागीदार हो जाते हैं। देशवासियों से यह अपेक्षा है कि जहां कहीं भी बुराई देखें उसके खिलाफ खड़े हो जाएं। सय्यद मोहम्मद अशरफ ने महाभारत का उदाहरण देते हुए बताया कि जब अर्जुन ने युद्ध के समय अपने सामने खड़े अपने परिजनों पर बाण चलाने के लिए मना कर दिया तो कृष्ण ने उन्हें समझाया कि जो सामने खड़े हैं वह तुम्हारे अपने हैं लेकिन जालिम है मैंने तुम्हें जुल्म के खिलाफ खड़ा किया जुल्म करने वाला कोई भी हो अगर अच्छा बनना है तो जुल्म के खिलाफ खड़ा होना होगा ,उस समय यह नहीं देखा जाएगा कि सामने आपका दोस्त है या रिश्तेदार है अगर वह ज़ालिम है तो तुम्हें उसके विरोध में खड़ा होना होगा। धर्म हमेशा सार्वभौमिक बात करता है जो दुनिया में सभी जगह सही होती है हम जिस धर्म की बात करते हैं लेकिन उसे मानते नहीं है। उन्होंने अल्पसंख्यक कल्याण के प्रयासों को नाकाफी बताया और कहा कि हमने बदलाव के साथ ही इस क्षेत्र में भी परिवर्तन की उम्मीद की थी लेकिन चेहरे बदले हैं काम नहीं। विकास योजनाएं आम भारतीयों को ध्यान में रखकर बनाई जानी चाहिए, राजनीति और वोट के लिए नहीं ध्रुवीकरण के लिए योजनाएं नहीं बनानी चाहिए। जब तक देश के हर नागरिक का विकास नहीं होगा तब तक देश का विकास नहीं हो सकता है ।
उन्होंने यूरोप का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां पर जिसके पास कोई काम नहीं है वह भी हमसे अच्छी जिंदगी बिता रहा है।
हज़रत ने तीन तलाक के मुद्दे को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह पूरी तरह से राजनैतिक मुद्दा है समाज से इस संबंध में कभी कोई आवाज नहीं उठी। आने वाले चुनाव में समर्थन देने की बात पर उन्होंने कहा कि हम सभी में आपस में तुलना करेंगे और जो बेहतर होगा देश हित में होगा उसके बारे में सोचेंगे ।
इसके साथ ही उन्होंने राम मंदिर के मुद्दे पर बोलते हुए कहा कि राम मंदिर मुद्दा आपस में बैठकर सुलझाया जा सकता है या फिर न्यायालय के आदेश की पालना की जा सकती है।लेकिन आपस में वही लोग सुलझा सकते हैं जो पक्षकार हैं, यह प्रकरण नयायालय में विचाराधीन है तो हमें न्यायालय पर भरोसा करना चाहिए। चुनाव सामने आते ही राम मंदिर के मुद्दे को उठाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हम हिंदुस्तानी बहुत ज्यादा भावुक है हम जानते हैं कि सामने वाला हमारी भावुकता का फायदा उठा रहा है लेकिन हम बार-बार उसके फरेब में आ जाते हैं हमें अपने आप में सुधार करना होगा।
प्रेस वार्ता के दौरान सज्जादा नशीन मोहम्मद सलीम अशरफी मौलाना मोहम्मद इब्राहिम अशरफी और यूसुफ अशरफी सहित कई अकीदतमंद उपस्थित रहे।