बुजुर्गों की कुर्बानी भूले तो आज़ादी का मकसद भी भूल बैठेंगे : सय्यद मोहम्मद अशरफ

15 अगस्त नई दिल्ली
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड ने इस बार कॉविड 19 के चलते स्वतंत्रता दिवस पर होने वाले अपने कार्यक्रम को ऑनलाइन किया और देश भर की सभी शाखाओं में भी ज़रूरी एहतियाती क़दम उठाते हुए झंडा रोहण किया गया सोशल मीडिया पर हुए कार्यक्रम “हम भारत के लोग” में बोलते हुए बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफ़ी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने कहा कि अगर हम बुजुर्गों कि कुर्बानी भूल जायेंगे तो आज़ादी के असल मकसद से भी दूर हो जायेंगे ।उन्होंने कहा कि हमें अपने बड़ों को याद करना होगा कि किस क़दर परेशानियां उठा कर उन्होंने इस मुल्क को आज़ादी दिलाई ,हमें इस आज़ादी का मोल समझना होगा तभी हम इसके साथ इंसाफ कर सकेंगे,स्वतंत्रता दिवस की सभी को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि अपनी ज़िम्मेदारी निभा कर मुल्क को आगे ले जाना है हमें इस बात को नहीं भूलना चाहिए।

बोर्ड के राष्ट्रीय कार्यकारणी सदस्य एवं कर्नाटक के प्रदेश अध्यक्ष हज़रत सय्यद तनवीर हाशमी ने कहा कि आज का यह दिन स्वतंत्रता सेनानियों के अथक प्रयासों से हमें मिला है ,हमने गुलामी की जंजीरों को तोड़ा लेकिन अफसोस हम नफरतों के दौर में जी रहे हैं हमें समझना होगा कि हिंदोस्तान की मजबूती का राज आपसी मोहब्बत भाईचारा और हमारी गंगा जमुनी तहजीब है इसे हर हाल में बचा कर रखना होगा तभी मुल्क बचेगा हज़रत ने भी सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी।

बोर्ड के राष्ट्रीय कार्यकारणी सदस्य और दरगाह रदौली शरीफ के सज्जादा नशीन हज़रत अम्मार अहमद निय्यार मियां ने आजादी की मुबारकबाद पेश करते हुए कहा हमारे बुजुर्गों ने देश को आजाद करा लिया लेकिन अब हमें भ्रष्टाचार व जहालत से आजादी हासिल करनी है तभी हम बुलंदियां हासिल कर सकेंगे

लोगों की खिताब करते हुए बोर्ड के राष्ट्रीय कार्यकारणी सदस्य हज़रत सय्यदी मियां मकनपुर शरीफ ने कहा कि यह हर भारतीय के लिए खुशी का दिन है हर भारतीय आज जोश में उमंग में है हमें याद रखना होगा कि हमारे बड़ों ने अपना खून दिया है इस आज़ादी के लिए, अगर वतन पर वक़्त आए तो हमें भी हर पल तैयार रहना होगा तालीम हासिल कर अपने मुल्क के काम आना है इस जज्बे को दिलों में बैठाने का यह दिन है ताकि हमारा मुल्क दुनियां का सबसे विकसित मुल्क बने।
बोर्ड के संयुक्त राष्ट्रीय सचिव एवं दरगाह अजमेर शरीफ के गद्दीनशींन हज़रत सय्यद सलमान चिश्ती ने लोगों को यौमे आज़ादी की मुबारकबाद पेश की उन्होंने कहा कि हमारा देश आज के दिन आजाद हुआ यह सब जानते हैं लेकिन हम उन नामों को धीरे धीरे भूलते जा रहे हैं जिनकी कुर्बानियों से यह मौका आया हमें लगातार लोगों को याद दिलाना होगा कि इस दिन की हमने क्या कीमत चुकाई है आज़ादी के असली माना क्या है।

यूथ विंग के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना अब्दुल मोइद अजहरी ने भी लोगों को इस मौके पर बधाई दी साथ ही देश के सामने खड़े खतरों और चुनौतियों की तरफ इशारा करते हुए कहा कि नफरत का जिस तरह प्रसार हो रहा है उससे देश कमजोर होगा और दुश्मन इससे खुश हो रहा है हम सब की साझा ज़िम्मेदारी है कि नफरत की फैलती आग को रोके और मुल्क की हिफाज़त के लिए दीवार बनकर खड़े हों।
कार्यक्रम का संचालन मौलाना मुख्तार अशरफ ने किया कार्यक्रम का समापन देश की तरक्की खुशहाली और शांति की दुआ के साथ हुआ।
Yunus Mohani

कुर्बानियों के बाद मिली है आज़ादी नफरत इसे बर्बाद न करने पाये: सय्यद मोहम्मद अशरफ

15 अगस्त लखनऊ,

आल इंडिया उलमा मशाईख बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने अहले वतन को जश्ने आज़ादी की मुबारकबाद देते हुए कहा कि बड़ी कुर्बानियों के बाद गुलामी की जंजीरों से आज़ादी मिली है अब फैल रही नफरत इसे बर्बाद कर देगी।

हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने इस मौके पर कहा कि बोर्ड नफरतों को खत्म कर मोहब्बत बांटने का काम कर रहा है,और यह काम तेजी से हो भी रहा है,मुसलमान अपने मुल्क से मोहब्बत करते हैं क्योंकि नबी का फरमान है कि वतन से मोहब्बत ईमान का हिस्सा है,फिर कोई मुसलमान कैसे अपने देश से गद्दारी कर सकता है,हां कुछ ग़लत लोग हैं जिनके सिर्फ नाम मुसलमानों जैसे है मगर वह गद्दार है मजहब के भी और वतन के भी ऐसे लोगों पर सख्त नजर रखी जानी चाहिए ,।

बोर्ड के आह्वाहन पर देश की ज़्यादातर खानकाहों में झण्डा फहराया गया,और यह सिलसिला मदरसों से बढ़कर मस्जिद के सहन तक पहुंच गया है,दरगाह निज़ामुद्दीन औलिया के प्रांगण में भी झण्डा फहराया गया जिसमें बोर्ड दिल्ली शाखा के जिम्मेदार सय्यद फरीद निजामी ने झण्डा फहराया,दरगाह अजमेर शरीफ में चिश्ती मंज़िल में झण्डा फहराया गया जिसमें बोर्ड के संयुक्त सचिव सय्यद सलमान चिश्ती ने झण्डा फहराया,हैदराबाद में तेलंगाना प्रदेश के अध्यक्ष सय्यद आले मुस्तफा पाशा ने झण्डा फहराया,कर्नाटक में सय्यद तनवीर हाशमी ने खानकाह बीजापुर में झण्डा फहराया

पंजाब में रमज़ान अशरफी ने झण्डा फहराया, राजस्थान में कारी अबुलफतेह ने झण्डा फहराया साथ ही छत्तीसगढ़ में मौलाना मोहम्मद अली फारुकी ने झण्डा फहराया।

आज जश्ने आज़ादी के मौके पर पूरे देश में बोर्ड की हर शाखा में झण्डा फहराया गया और राष्ट्रगान हुआ, हर जगह सभा आयोजित की गई और लोगों में मिठाई बांटी गई। लखनऊ में बोर्ड के प्रदेश कार्यालय में भी झण्डा फहराया गया और राष्ट्रगान गाया गया जिसमें बोर्ड के जिम्मेदारों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर बढ़ रही नफरत को रोकने के लिए बोर्ड के लखनऊ शाखा के अध्यक्ष मौलाना इश्तियाक क़ादरी ने मस्जिदों में फ़्री क्लीनिक शुरू करने की बात की और अपनी मस्जिद में इसे शुरू करने का ऐलान किया,उन्होंने कहा कि पूरे मुल्क में मस्जिदों में यह काम शुरू किया जाना चाहिए।

इस मौके पर उन्होंने कहा कि मस्जिद में जब बंदा जाता है तो उसकी रूह का इलाज होता है वहां अगर उसके जिस्म का इलाज भी होने लगेगा तो मकसद पूरा हल होगा और यह क्लीनिक हर मजहब के लोगों के लिए होगी जो फ्री में गरीबों को दवा देगी और इलाज होगा इससे यकीनन नफरतें खतम होंगी ।
रायेबरेली, संभल,मुरादाबाद, मेरठ,फैजाबाद,मकनपुर सहित देश में बोर्ड की हर शाखा में बड़ी धूमधाम से जश्ने आज़ादी मनाया गया।



 सपनों का हिन्दोस्तान बनाना आज़ादी के परवानों को सच्ची श्रधांजलि: उलमा मशाइख बोर्ड

14 अगस्त 2018 ग़ालिब अकादमी, बस्ती हज़रत निजामुद्दीन में आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड द्वारा आयोजित “एक शाम आज़ादी के परवानो के नाम “कार्यक्रम में बोलते हुए दरगाह निज़ामुद्दीन औलिया के गद्दीनशीन हज़रत सय्यद फरीद अहमद निज़ामी ने कहा कि “सपनों का हिन्दोस्तान बनाना आज़ादी के परवानों को सच्ची श्रधांजलि होगी” उन्होंने कहा कि हम सबकी साझा ज़िम्मेदारी है कि देश से भ्रष्टाचार को हटाने का भरसक प्रयास करें ताकि समाज की अंतिम पंक्ति में बैठे इंसान तक ऊपर से चलने वाली योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके.

दिल्ली वक्फ बोर्ड और हज कमेटी के ई .ओ.अशफाक अहमद आरिफी ने जंगे आज़ादी के सिपाहियों को सलाम करते हुए कहा कि मुस्लिम उलमा ने जंगे आज़ादी में जो किरदार पेश किया वह बेमिसाल है. अल्लामा फज़ले हक़ खैराबादी का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अंग्रेजों के खिलाफ जिहाद का फतवा देने वाले मौलाना ने मुल्क की आज़ादी के लिए जान कुर्बान कर दी और फिरंगी हुकूमत कि जड़ों में दही डाल दिया जब यह लडाई आगे बढ़ी तो अनगिनत आलिमे दीन ने अपने खून से इसको ताक़त दी. दिल्ली उर्स कमेटी के चेयरमैन ज़ाकिर खान ने कहा का खानक़ाहों का बड़ा रोल जंगे आज़ादी में रहा, समाज को दिशा देने का काम यहाँ से किया जाता है, मोहब्बत का संदेश आम किया जाता है, इस मुश्किल दौर में खानक़ाहों की बड़ी ज़िम्मेदारी है कि मुल्क की आज़ादी को बरकरार रखने और सपनों का भारत बनाने के लिए समाज को दिशा दें और यह काम हो भी रहा है. सय्यद आज़म अली सज्जादानशीन हज़रत तुर्कमान बियाबानी रह्मतुल्लाह अलैहि ने कहा कि मुल्क को फिरंगी चंगुल से आज़ाद कराने में सभी देशवासियों ने मिलकर लडाई लड़ी, मुसलिम उलमा ने अपना किरदार बखूबी अंजाम दिया, अब ज़िम्मेदारी हम सबकी है कि इस आज़ादी का मोल समझें, अपनी आने वाली नस्लों को बतायें कि इस आज़ादी को हासिल करने में हमने अपनी जानों के नज़राने पेश किये हैं, इस चमन को हमें हर हाल में सुरक्षित रखना है. कार्यक्रम में बोलते हुए स्थानीय विधायक श्री प्रवीन कुमार ने कहा कि बोर्ड का यह प्रयास सराहनीय है. उन्होंने कहा कि देश भ्रष्टाचार के दलदल में फँस गया है अब हमें दोबारा लडाई लड़नी है इसलिए हमें अपना इतिहास पढना होगा, अपने बुजुर्गों की कुर्बानियां याद करनी होगी. श्री अनिल बाजपाई विधायक (गांधीनगर) ने कहा कि गोरों से मुल्क आज़ाद हो गया है लेकिन काले अंग्रेजों ने अपनी गन्दी नज़र देश के खज़ाने पर डाली हुई है, हमें इनकी लालची सोच से मुल्क को आज़ाद करना होगा, यही शहीदों को हमारी श्रधांजलि होगी. श्री नितिन त्यागी विधायक (लक्ष्मी नगर) ने कहा कि देश आज़ादी का जश्न मना रहा है लेकिन नफरत की बेड़ियाँ हमें क़ैद करने पर तुली हैं, मुल्क को नफरतों के तूफ़ान से बचाना हम सब की सांझी ज़िम्मेदारी है. प्रोफेसर ख्वाजा मोहम्मद इकरामुद्दीन, जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के प्रोग्रामों का आयोजन असल में इस लिए होता है कि हम ने स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए जो बलिदान दिये हैं उनको याद करें, क्योंकि इतिहास हमें देश की मोहब्बत के लिए ज़हनों को ताज़ा करता है. इस दिन को इसलिए भी याद रखने की जरूरत है, क्योंकि वर्तमान परिस्थितियों में इतिहास को मिटाने का सहज प्रयास किया जा रहा है, खासकर मुस्लिम समुदाय में उलमा ने विशेष तौर पर इसके लिए प्रयास किया है. तारीख को जीवित रखने के लिए ऐसे कार्यक्रमों की आवश्यकता है. गुलाम रसूल देहलवी ने जंगे आज़ादी पर अहम् जानकारी दी ,कार्यक्रम को सय्यद फरहान हक्की सज्जादा नशीन हज़रत मोहद्दिस अब्दुल हक देहलवी र.अ., सय्यद वकील अहमद, अब्दुल मोईद अजहरी, ,एफ. आई. इस्माइली,ने भी संबोधित किया.

कार्यक्रम का संचालन करते हुए यूनुस मोहानी ने कहा कि आज़ादी की क़ीमत समझे बगैर उसका हक़ अदा नहीं किया जा सकता, लिहाज़ा हम सब को मिलाकर जान से प्यारे हिन्दोस्तान में एक बार फिर घर घर तक यह संदेश पहुँचाना होगा कि देश है तो हम हैं, नफरत की दीवार गिराकर इसकी तरक्की के लिए आगे आयें. कार्यक्रम का प्रारम्भ मौलाना मुख़्तार अशरफ ने क़ुरआन मजीद की तिलावत से की, हाफिज क़मरुद्दीन ने नात पेश की और हाफिज़ हुसैन शेरानी ने क़ौमी तराना गाया. आखिर में सय्यद शादाब हुसैन रिज़वी ने लोगों का शुक्रिया अदा किया. कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के बाद मुल्क में अमन व चैन की दुआ के साथ हुआ.

By: यूनुस मोहानी

हर हिन्दोस्तानी के दिल में है तिरंगा, यह है हमारी शान: सय्यद सलमान

अजमेर :15 अगस्त तिरंगा हर हिन्दोस्तानी के दिल में है और यह हमारी आन बान शान है, यह बात राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक विध्यालय में झंडा रोहन के लिए आये आल इंडिया उलमा मशाइख बोर्ड के संयुक्त राष्ट्रिय सचिव व दरगाह अजमेर शरीफ के गद्दीनशीन सय्यद सलमान चिश्ती ने कही. उन्होंने कहा कि हर हिन्दोस्तानी के दिल में तिरंगा बस्ता है, हमारी पहचान बहार मुल्कों में हमारे झंडे से होती है, आपने देखा होगा लोग जब हज के लिए काबे में पहुँचते हैं तो उनमे से भी कुछ लोग तिरंगा थामे होते हैं जो यह बताता है कि यह काफिला हिन्दोस्तानियों का है.
हम अपने झंडे का अपमान कभी बर्दाश्त नहीं कर सकते, हम सर कटा सकते हैं लेकिन अपने झंडे को झुकने नहीं दे सकते.
उन्होंने बताया कि आल इंडिया उलमा मशाइख बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा चिश्तिया मंजिल दरगाह अजमेर शरीफ में भी हम सबका सम्मान तिरंगा लगाया गया है जो दरगाह शरीफ परिसर में ही है, यह संदेश है हर भारतीय के लिए कि अपने हर समारोह में तिरंगे को ज़रूर लगाया जाये और उसका पूरा सम्मान भी किया जाये, यह हमारा राष्ट्रध्वज है और हम पर फ़र्ज़ है कि हम इसका सम्मान करें.
सय्यद सलमान चिश्ती ने कहा कि किसी को इस बात से इनकार करने का कोई हक़ नहीं है कि वह राष्ट्रिय ध्वज नहीं फहरायेगा या राष्ट्रगान नहीं गायेगा, जब बात देश की होगी तो हम इस पर समझौते को तैयार नहीं हैं, राष्ट्र का सम्मान ही हमारा सम्मान है और हाल में राष्ट्रगान को लेकर हो रहे विवाद का कोई मतलब नहीं है, यह आज़ादी के बाद से हमेशा गया जाता आया है और गया जाता रहेगा.

आइये उन्हें याद करें जिन्होंने दिया आज़ाद हिन्दोस्तान -सय्यद मोहम्मद अशरफ

मेरठ (4 अगस्त)
मेरठ की सरज़मीन से स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को याद करते हुए आल इंडिया उलमा मशाइख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने कहा कि हमे उन्हें याद करना होगा जिन्होंने हमे आज़ाद हिन्दोस्तान दिया जिनकी कुर्बानियों की वजह से आज हम अपने देश में आराम से रह पा रहे हैं लेकिन हम खुद अपने पूर्वजों को भुला रहे हैं, हम आज अल्लामा फज़ले हक़ खैराबादी को नहीं जानते जिन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ सबसे पहले जिहाद का फतवा दिया, हमने मौलाना मोहम्मद अली जौहर ,मौलाना शौकत अली जौहर को भुला दिया, हद हो गयी हमें अशफाकुल्लाह खान का नाम भी नहीं पता, यह हमारी बेहिसी का नतीजा है, हमे अपनी आने वाली नस्लों को यह बताना होगा कि हमारे बुजुर्गों ने हमारे देश की आजादी के लिए कैसी कैसी कुर्बानी दी है, यह मुल्क हमारा है इसकी हिफाज़त हम सब कि ज़िम्मेदारी है. हज़रत ने कहा कि मौलाना हसरत मोहानी जिन्होंने देश की सम्पूर्ण स्वतंत्रता की सबसे पहले मांग की आज हम उन्हें भूल चुके हैं उनका नारा इन्कलाब जिंदाबाद तो लगाते हैं लेकिन इसको किसने दिया नहीं जानते हैं, यह विचार उन्होंने बड़ी मस्जिद शाहपीर साहब मेरठ में नमाज़े जुमा से पहले अपने संबोधन में रखे .
उन्होंने कहा इस बार आल इंडिया उलमा मशाइख बोर्ड ने 14 अगस्त आजादी कि पूर्व संध्या पर एक शाम आज़ादी के परवानों के नाम से एक कार्यक्रम का आयोजन किया है जिसमे मुजाहिदीने आज़ादी के लिए इसाले सवाब की महफ़िल होगी, जिसे हर जगह किया जायेगा ,इसका एलान मेरठ से इसलिए हो रहा है क्योंकि जंगे आजादी का इस शहर से गहरा रिश्ता है. हज़रत यहाँ आल इंडिया उलमा मशाइख बोर्ड की मेरठ शाखा के सचिव पीर सय्यद अह्मद अली शत्तारी की दावत पर तशरीफ़ लाये उनका इस्तेकबाल मस्जिद के मुतवल्ली सय्यद मोहम्मद अली ,हाफिज मोहम्मद हसन समेत बोर्ड के तमाम ज़िम्मेदारों ने किया

.