हैवान का समाज में कोई स्थान नहीं, फास्ट ट्रैक में चले मुकदमा,फांसी हो : सय्यद आलमगीर अशरफ

सलोन /29 जून ,”हैवान का समाज में कोई स्थान नहीं,फास्ट ट्रैक में चले मुकदमा फांसी हो” यह बात खैरहा में जलसे को संबोधित करते हुए आल इन्डिया उलेमा व माशाइख़ बोर्ड यूथ के राष्ट्रीय अध्यक्ष हज़रत मौलाना सय्यद आलमगीर अशरफ किछौछवी ने कही।

उन्होंने कहा, अगर हैवानों को समाज में खुला छोड़ा गया तो वह दिन दूर नहीं जब मुल्क की पहचान रेपिस्तान के तौर पर होगी ,उन्होंने कहा कि हैवान की पहचान मजहब की बुनियाद पर नहीं की जानी चाहिए बल्कि उसे सिर्फ दरिंदे के तौर पर देखा जाना चाहिए क्योंकि कोई भी मजहब इस तरह के घिनौने और आपराधिक कामो की इजाज़त नहीं देता।

हज़रत ने कहा कि हम हुकूमत से मांग करते हैं कि फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चला कर दरिंदे को 3 माह के भीतर फांसी पर लटका दिया जाए मजहबे इस्लाम में बलात्कारी की जैसी सज़ा का प्रावधान है अगर वैसी सजा दी जाय तो इस तरह की दरिंदगी पर रोक लग सकती है।
उन्होंने कहा कि बलात्कारियों की किसी भी सभ्य समाज में कोई जगह नहीं है इनका हर स्तर पर बहिष्कार किया जाना चाहिए और इस पर सांप्रदायिक राजनीत नहीं की जानी चाहिए। मौलाना ने कहा कि हम सब पीड़िता के साथ हैं क्योंकि मजहब यही सिखाता है कि मजलूम का साथ दो और ज़ालिम के खिलाफ खड़े हो उन्होंने कहा कि हम दरिंदे को फांसी दिलवाने के लिए भरसक प्रयास करेंगे ताकि हमारी और बहन बेटियां महफूज़ रह सके और दरिंदगी की शिकार हमारी बच्ची को इंसाफ मिल सके।

By: यूनुस मोहानी