इस्लाम ने दिया दुनिया को लेडीज़ फर्स्ट का तसव्वुर : सय्यद मोहम्मद अशरफ

8 अप्रैल/ पश्चिम बंगाल
इस्लाम ने दिया दुनिया को लेडीज़ फर्स्ट का तस्व्वुर” यह बात वर्ल्ड सूफी फोरम व आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने बोर्ड की इस्लामपुर शाखा द्वारा आयोजित एकदिवसीय सेमिनार में बतौर मुख्य अतिथि बोलते हुए कही।
हज़रत ने कहा कि पूरे मुल्क में लोग प्रदर्शन कर रहे हैं, हमारी मां बहनों को भी सड़कों पर उतरना पड़ा है, कानून के खिलाफ जिसकी वजह हमारा दीन पर अमल न करना है, अल्लाह रब्बुल इज्जत तलाक़ को हलाल चीज़ों में सबसे ज़्यादा नापसंद फरमाता है तो फिर उसका इस्तेमाल छोटी छोटी बातों पर करना किस तरह सही हो सकता है, मुसलमान पर शराब हराम है और अक्सर मुसलमान शराब के नशे में तलाक़ दे रहे हैं और फिर मुफ्तियों के पास जाकर फतवा मांगते फिरते हैं, अगर मुसलमान अल्लाह के हुक्म पर अमल करे तो वह इस परेशानी से बच सकते हैं।
उन्होंने कहा, निकाह के वक़्त अगर काजी दूल्हा और दुल्हन दोनों को उनके हक बताए और शादी से एक महीना पहले से दोनों के घरवाले उन्हें शादीशुदा ज़िन्दगी गुजारने के इस्लामी तरीके जानने और समझने के लिए किसी जानकार आलिमे दीन से राबता करे तो इस परेशानी से बड़ी आसानी से बचा जा सकता है।
हज़रत ने कहा कि इस्लाम ने ही दुनिया को लेडीज फर्स्ट का तसव्वुर दिया है, वह भी सिर्फ तसव्वुर नहीं बल्कि इस पर अमल भी किया है, उसका सबसे पहला उदाहरण निकाह है जिसमें पहले लड़की की इजाज़त ली जाती है उसके बाद लड़के से पूछा जाता है, इतने अहम फैसले में इस्लाम ने लड़की को पहला हक दिया है।
यह इस्लाम ही है जिसने हमारी मां के कदमो में जन्नत रखी और हमारी बेटियों को हमारे लिए रहमत बना दिया, ऐसे में इस्लाम पर औरतों के साथ ज़ुल्म का इल्ज़ाम लगाना जहालत है, इसके सिवा कुछ भी नहीं, उन्होंने साफ कहा कि हमारी औरतों को भी दीन सीख कर उस पर मजबूती से अमल करना चाहिए, औरतों की भी ज़िम्मेदारी है समाज को बुराइयों से बचाने की।

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यूनुस मोहानी