इल्म से दूर रहकर हम खुद अपने ऊपर ज़ुल्म कर रहे हैं : सय्यद मोहम्मद अशरफ

10 मई/ खरगौन, मध्य प्रदेश

“इल्म से दूर रहकर हम खुद अपने ऊपर ज़ुल्म कर रहे हैं” यह विचार वर्ल्ड सूफी फोरम एवम् आल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कही, उन्होंने कहा मुसलमान सिर्फ अपने साथ भेदभाव किये जाने की बात करते हैं और मजलूमियत का रोना रोते रहते हैं मुसलमानों ने यही अपना पसंदीदा काम बना रखा है अपनी नाकामयाबियों पर सोचने के बजाय यह पूरी कौम सिर्फ दूसरो को इल्ज़ाम देने के काम में मसरूफ है।
हज़रत ने कहा जिस कौम की किताब क़ुरआन है और उसका पहला अल्फ़ाज़ इकरा है अफसोस वह कौम इल्म से दूर है हमारी कम से कम 50 फीसदी आबादी ने स्कूल और मदरसे का मुंह नहीं देखा आखिर इसके लिए कौन ज़िम्मेदार है?
आपको क्या किसी पार्टी ने अपने बच्चो को पढ़ाने से रोका प्रशासन ने रोका फिर हमारे किसी गैर मजहबी भाई ने आपको रोका नहीं बल्कि आपने अपने ऊपर यह ज़ुल्म खुद किया है किसीऔर ने नहीं हमने खुद पस्ती का रास्ता चुना है हमने अल्लाह और उसके रसूल का फरमान नहीं माना और खुद को परेशानियों में घेरा है अब अगर आपको इस पस्ती से खुद को उबारना है तो इल्म हासिल करना होगा और इसके लिए कौम को बेदार करना होगा ।
हज़रत ने कहा कि मजलूमियत का रोना छोड़ दीजिए और लोगों पर इल्ज़ाम देना बंद कीजिए अपने बच्चे पढ़ाइए यही आगे बढ़ने का रास्ता है ।

By: Yunus Mohani