अदालत अपना काम करेगी, हम दिल जीतने का काम करें: सय्यद मोहम्मद अशरफ

27/सितंबर भद्रक उड़ीसा

मस्जिद मन्दिर की बड़ी बहस के बीच आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने बड़ी बात कहीं है,उन्होंने कहा “अदालत अपना काम करेगी ,हम दिल जीतने का काम करें “उनका यह बयान उस वक़्त आया जिस समय देश की सर्वोच्च अदालत ने मस्जिद में नमाज़ पढ़ना इस्लाम का एक अनिवार्य हिस्सा है या नहीं पर अपना फैसला सुनाया,अदालत ने इस विषय में साफ कहा कि यह बात जो 1994 के फैसले में कही गई थी कि मस्जिद में नमाज़ पढ़ना इस्लाम का अनिवार्य हिस्सा नहीं है को गलत समझा गया यह सिर्फ अधिग्रहण के संबंध में था जिसका विवाद है वैसे देश में गुरुद्वारा चर्च मंदिर मस्जिद सब बराबर हैं।भारत का संविधान सभी को अपने धर्म को मानने उसका प्रचार प्रसार करने की स्वतंत्रता देता है।हालांकि कोर्ट ने साफ किया कि यह फैसला मंदिर मस्जिद विवाद से बिल्कुल अलग है।
हज़रत ने साफ कहा कि हमें समझना होगा कि हम इस्लाम के मानने वाले हैं लिहाजा हमारा फ़र्ज़ है कि मस्जिदें नमाजियों से भरी रहें हम जो हालात का सामना कर रहे हैं वह हमारी कमियों का नतीजा है हमें खुद को सुधारना होगा और मस्जिदों को सजदो से सजाना होगा ,क्योंकि लाइट और एयरकंडीशन लगा देने से मस्जिद खूबसूरत नहीं होती उसका हुस्न नमाजियों से है और क़ुरआन में अल्लाह ने फरमाया कि “बेशक नमाज़ बेहयाई और बुरी बातों से रोकती है” अगर हमें खुद को कामयाब करना है तो अपने रब से रिश्ता मजबूत करना होगा ,और उसका तरीका है कि सच्चो के साथ हो जाईए।
उन्होंने कहा बाबरी मस्जिद का मामला अदालत में है हमें अदालत पर भरोसा रखना चाहिए ।चुनावी अभियान शुरू हो चुका है हर तरफ से आपको भटकाने की कोशिश की जाएगी लेकिन हमें अफवाहों पर ध्यान नहीं देना है और न ही मुख्य मुद्दों से भटकना है ।मुल्क में अमन को किसी भी कीमत पर खराब नहीं होने देना है ।अदालत अपना काम करेगी हमारा काम दिलों को जीतना है क्योंकि दिल जीतना असली जीत है। कर्बला का भी यही सबक है कि दिलो पर राज करने वालों की सल्तनत कभी खतम नहीं होती।

By: Yunus Mohani