पौधारोपण अभियान में जुटा ऑल इंडिया उलमा मशाइख बोर्ड

मस्जिद ग़रीब नवाज़ के संस्थापक हाजी सय्यद इफ्तेखार हुसैन के हाथों हुआ पौधरोपण

13 जून महाराजगंज,
आल इंडिया उलमा मशाईख बोर्ड की महाराजगंज शाखा द्वारा कोरोना वायरस की महामारी के बीच में एक अनूठा अभियान शुरू किया गया है , पौधारोपण अभियान जिसके अन्तर्गत लगातार अलग अलग जगहों पर पेड़ लगाये जाने हैं,इस बात की जानकारी आल इंडिया उलमा मशाईख बोर्ड महाराजगंज शाखा के प्रवक्ता मास्टर शमीम अशरफी ने दी।


मस्जिद ग़रीब नवाज़ के संस्थापक एवं व्यस्थापक हाजी सय्यद इफ्तेखार हुसैन साहब ने
बताया कि पेड़ लगाना सुन्नत है कोरोना की वजह से जिस तरह लोगों ने देखा कि प्रकृति ने खुद को दुबारा से रिचार्ज किया लिहाज़ा अब हम सब की बड़ी ज़िम्मेदारी है कि इसे अब दूषित न करें ,खूब पेड़ लगाए ताकि आने वाले समय में पूरी पृथ्वी पहले ही की भांति हरी भरी नजर आए उन्होंने बताया कि बोर्ड का यह राष्ट्रव्यापी अभियान कई वर्षों से चल रहा है और बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी के आह्वाहन पर मुसलमानों के सभी त्योहारों पर यह कार्य किया जाता रहा है ,और जहां मानवता के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वाह बोर्ड द्वारा किया जा रहा है भूखों को खाना खिलाया जा रहा है वहीं आने वाली नस्लों को साफ हवा मिले इसके लिए भी प्रयास तेज हैं।

और इसी अभियान के अन्तर्गत मस्जिद ग़रीब नवाज़ के संस्थापक एवं ओलमा मशाइख़ बोर्ड महराजगंज के सरपरस्त हाजी सय्यद इफ़्तेख़ार हुसैन ने मस्जिद कम्पस में पौधे लगाए।और लोगों से भी एक व्यक्ति एक पौधा अभियान में जुड़ने की अपील की।
इस मौके पर मौलाना क़मर आलम अलीमी साहब, डॉक्टर नेहाल अशरफी, सय्यद सेराज अहमद, सय्यद अफ़ज़ाल अहमद सय्यद वक़ार अहमद, सय्यद वहाज अहमद, शकील हाशमी, आसिफ हाशमी साहबान मौजूद रहे।

रमज़ान के सबक को पूरे साल याद रखने के अज़्म लेने का दिन है ईद : सय्यद अशरफ

25 मई ,दिल्ली
आल इन्डिया उलमा व मशाईख बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फ़ोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने देश एवम दुनिया के तमाम लोगों को ईद के पर्व की बधाई देते हुए कहा कि ईद का दिन हमने जो इबादतें की है पूरे रमज़ान के महीने में हमारे अल्लाह से उसकी मजदूरी मिलने का दिन है ,उन्होंने आगे कहा कि याद रखिए यह दिन सिर्फ खुश होने के लिए नहीं बल्कि इस बात का अपने रब से वादा करने का भी दिन है कि हमने माहे रमज़ान में जो सीखा है पूरे साल हम उस पर अमल करेंगे ,हमने खुद भूखा रह कर जो उन लोगों की भूख का अहसास किया है जिनके पास खाना नहीं है लिहाज़ा हम यह पूरी कोशिश साल के आइंदा महीनों में भी करते रहेंगे कि कोई भूखा न सोने पाये अगर ऐसा न हुआ तो रमज़ान का सबक हमने लिया ही नहीं।
हज़रत ने कहा कि पूरी दुनिया कोरोना की आफत से दो चार हैं लिहाज़ा हमें मदद का सिलसिला बंद नहीं करना है और लोगो की मदद करते रहना है ,इस बार की ईद एक अलग ही तरह की है जहां हम लोगो को गले नहीं लगा पायेंगे लेकिन इस बार दिल ज़रूर जुड़ें हैं गले मिलने का दिखावा नहीं है दिल मिले हैं क्योंकि इस लॉकडाउन ने हमें रिश्तों की अहमियत समझाई है हमें हमारे पड़ोसी के लिए हमारा फ़र्ज़ याद दिलाया है लिहाज़ा यह ईद ज़्यादा खुशी की ईद है।
हमें ईदगाहों में नमाज़ न पढ़ पाने का गम है लेकिन हम अल्लाह के बन्दों की मदद कर अपने रब का शुक्र अदा कर रहे हैं कि मालिक तूने हमें इस लायक बनाया कि हम तेरे बन्दों की मदद कर सके।उन्होंने कहा कि सभी लोग अपने घरों में रहकर ईद मनाएं अपने वालिदैन ,अपने बीवी बच्चो,भाई बहनों के साथ और सब मिलकर अपने रब से दुआ करें कि दुनिया जल्द इस कहर से आज़ाद हो और हम सब मस्जिदों को अपने सजदों से सजा दें।
उन्होंने कहा कि लॉकडाउन 31 मई तक है तो इस बार हमारे पास शव्वाल के 6 रोज़े रखने का पूरा मौका है जो पहले हम अपनी काहिली की वजह नहीं रख पा रहे थे इस बार हम अपने अल्लाह को राज़ी करने के लिए उसका भी एहतमाम करें,अपना फितरा जरूरतमंद तक ईद की नमाज़ से पहले पहुंचा दें और फिर अपने घर में अपने रब का शुक्र अदा करें।
सभी को ईद की खूब मुबारकबाद इस दुआ के साथ कि मालिक दुनिया को इस आफत से अपने हबीब के सदके आज़ाद कर दे और दुनिया में हर बीमार को शिफा दे,परेशानहालों की परेशानी दूर फरमाए और हमारा मुल्क अमन का गहवारा बने और खूब तरक्की करे।

Yunus Mohani

हक़दार तक हक़ पहुँचाना असल इबादत : सय्यद मोहम्मद अशरफ

22 अप्रैल, बुधवार: किछौछा अम्बेडकर नगर।
आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फ़ोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी अपनी ख़ानक़ाह खानकाहे अशरफिया शैखे आजम सरकारें कलां में बोर्ड और अल अशरफ ट्रस्ट के तत्वाधान में पिछले कई दिनों से हक़दार तक उनका हक़ पहुंचा रहे हैं, लगातार यहां से जरूरतमंदों को राशन बांटा जा रहा है, रमज़ान राशन किट के तौर पर ख़ानक़ाह से लगभग 600 हक़दार घरों तक राशन पहुँचाया जायेगा।
इस मौक पर हज़रत ने कहा कि रमज़ानुल मुबारक का पाक महीना शुरू होने वाला है, हमारी ज़िम्मेदारी बनती है लोगों तक राशन पहुँचाया जाये ताकि रमजान में उन्हें रोज़े रखने की कोई परेशानी पेश ना आये। उन्होंने कहा कि रमज़ान के महीने में हम खुसूसी इबादतें करते हैं लेकिन कोरोना वायरस की वजह से हुकूमत ने लॉक डाउन लागू कर रखा है और शरीअत ने भी इंसानी ज़िंदगी को बड़ी एहमियत दी है इसलिए इंसानी ज़िंदगी की हिफाज़त करते हुए एहकामे शरीअत की पाबन्दी की जानी चाहिए।
हमें चाहिए, लॉक डाउन में पिछले दिनों की तरह इमाम, मोअज़्ज़िन समेत सिर्फ पांच लोग पांच वक़्त की नमाज़ों की तरह तरावीह का भी एहतेमाम करें । ज़्यादा से ज़्यादा क़ुरान मजीद की तिलावत की जाये, कहीं भी किसी भी हालत में भीड़ नहीं लगानी है , हमारी दीनी और समाजी दोनों ज़िम्मेदारी है कि कहीं कोई भूखा न रह जाए, इसका खास ख्याल रखें।
हज़रत ने खुसूसी कहा, लाउड स्पीकर का इस्तेमाल सेहरी और इफ्तार का वक़्त बताने के लिए छोटे से एलान के लिए किया जाये और सेहरी के लिए जगाने वगैरह के लिए लाउड स्पीकर का इस्तेमाल न करें।
उन्होंने रमज़ानुल मुबारक में लोगों से घर में ही रहकर इबादत करने और कोरोना वायरस की महामारी से छुटकारा पाने के लिए ख़ास दुआ करने की अपील की ।

By: Husain Sherani