आल इंडिया उलमा व माशाइख बोर्ड की हंगामी जिला समन्वय मीटिंग तेलंगाना में संपन्न।

22 सितंबर , वनापर्ती तेलंगाना,
आल इंडिया उलमा माशाइख बोर्ड तेलंगाना शाखा की जिला समन्वकों की हंगामी मीटिंग तेलंगाना प्रदेश के अध्यक्ष हज़रत सय्यद आले मुस्तफा पाशा अल जिलानी की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस मीटिंग में तेलंगाना राज्य के लगभग सभी जिलों से माशाइख,उलमा व मुस्लिम बुद्धिजीवियों ने हिस्सा लिया।
मीटिंग में जहां बोर्ड के कार्यों के संबंध में लोगों को बताया गया वहीं बोर्ड की नीतियों एवं कार्यक्रमों की जानकारी दी गई साथ ही इस समय देश एवं दुनिया में चल रहे बड़े घटनाक्रमों पर भी विस्तृत चर्चा की गई, इसमें जहां तीन तलाक़ बिल पर बात हुई वहीं मौजूदा समय में कश्मीर समस्या पर भी लोगों ने अपने विचार रखे मोब्लिंचिंग की बढ़ती घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए जरूरी क़दम पर चर्चा हुई।

इस मौके पर बोलते हुए कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मौलाना सय्यद आले मुस्तफा पाशा अल जिलानी ने कहा कि यह वक़्त ज़िम्मेदारी को महसूस कर उसे निभाने का है न कि इससे मुंह चुराने का क्योंकि हम सब सूफिया के चाहने वाले हैं लिहाज़ा हमारा काम घटती हुई मोहब्बत को बढ़ा देना है ताकि कोई चाह कर भी हमसे नफरत न कर सके।

मौलाना ने कहा कि कश्मीर भारत का अटूट अंग है लेकिन सिर्फ कश्मीर की ज़मीन नहीं बल्कि कश्मीर के लोग भी हमारे हैं लिहाज़ा सरकार को लोगों में विश्वास बहाल करने की ओर निर्णायक क़दम उठाने चाहिए क्योंकि हालात इंटरनेट बंद कर देने या कर्फ़्यू लगा देने से सही होने वाले नहीं इसके लिए लोगों में विश्वास पैदा करना होगा।ताज़ा यमन और सऊदी अरब का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया में अशांति बढ़ रही है और देश युद्ध की ओर रुझान कर सकते हैं अगर ऐसा होता है तो नुकसान सभी को होगा लिहाज़ा हमारा काम है कि लोगों को मोहब्बत का पाठ पढ़ाया जाए।

पाशा ने माशाइख़ का आह्वाहन किया कि वह खानक़ाहों से बाहर निकलकर बढ़ती हुई नफरत को मोहब्बत में बदलने का काम करें अगर अभी भी ऐसा नहीं हुआ तो यह चमन जल जायेगा जिसे बचाना हम सब की ज़िम्मेदारी है। बैठक में बड़ी तादाद में उलमा बुद्धिजीवियों और मशाइख़ ने शिरकत की, नगर कुरनूल,गढ़वाल एवं अचंपेट जिलों से लोगों ने शिरकत की। मीटिंग में तय हुआ कि तेजी से बोर्ड के सदस्य बनाए जाने का कार्य शुरू किया जाए जिसके लिए बड़ा सदस्यता अभियान चलाया जाए।

By: यूनुस मोहानी