वसीम रिज़वी की गिरफ्तारी को लेकर आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड की राष्ट्रपति से गुहार

12 Sept, 2019 महाराजगंज
आल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड की महराजगंज शाखा ने महामहिम राष्ट्रपति को जिलाधिकारी महराजगंज के माध्यम से शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन एवं विवादित फिल्म (आयशा द मदर ऑफ बिलीवर्स) के निर्माता वसीम रिज़वी के विरूद्ध सख्त कानूनी कार्यवाही किए जाने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा। बोर्ड के महाराजगंज यूनिट द्वारा 6 सूत्रीय ज्ञापन दिया गया जिसमें वसीम रिज़वी द्वारा निर्मित दुनिया भर के मुसलमानों की भावनाओं को आहत पहुंचाने वाली फिल्म को भारतीय सेंसर बोर्ड द्वारा मंजूरी न दिए जाने की मांग की गई। साथ ही फिल्म के निर्माता के उद्देश्य की जांच करवाने एवं इस फिल्म के निर्माण के लिए पैसा कहां से आया इस बात की जांच करवाने की मांग की गई। बोर्ड के लोगों का मानना है कि इस फिल्म के निर्माण में किसी आतंकी संगठन का पैसा लगा है या फिर किसी विदेशी साजिशकर्ता का क्योंकि इस फिल्म का उद्देश्य लोगों में नफरत पैदा कर देश में अशांति फैलाना है।क्योंकि यह फिल्म भारत के संविधान द्वारा प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सीमा से बाहर जाकर समुदाय विशेष की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से बनी है।

अतः इसकी रिलीज़ पर तत्काल रोक अति आवश्यक है। यह हमारे देश की आंतरिक सुरक्षा का मामला है। इससे पहले बोर्ड की महाराजगंज शाखा द्वारा बीते शुक्रवार को इस फिल्म के विरूद्ध प्रदर्शन किया गया और हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। जिलाधिकारी से मिलने गए प्रतिनिधिमंडल द्वारा जिलाधिकारी को ज्ञापन के साथ हस्ताक्षरित बैनर भी सौंपा गया जिसे जिलाधिकारी महोदय द्वारा महामहिम राष्ट्रपति महोदय को प्रेषित किया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में सय्यद अफजाल, मौलाना बरकत हुसैन, मौलाना अब्दुल्ला, मौलाना कमरे आलम, आज़ाद अशरफी, इद्रीस खान अशरफी, महताब आलम, डॉक्टर नेहाल, महबूब आलम, शमीम अशरफी आदि शामिल रहे।

वसीम रिज़वी के खिलाफ ऑल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड का विरोध प्रदर्शन

6 सितम्बर, 2019(महराजगंज:नौतनवा)
शुक्रवार को स्थानीय कस्बे के परसोहिया मोहल्ले में स्थित अशरफी जामा मस्जिद के बाहर आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड की जिला कार्यकारिणी द्वारा जुमा की नमाज़ के बाद वसीम रिज़वी द्वारा हज़रत आयशा (र.अ) पर फिल्म बनाकर गुस्ताखी के विरोध में हस्ताक्षर अभियान चलाया गया तथा जमकर विरोध प्रदर्शन किया गया। लोगों की मांग है कि देश की सरकार फौरन वसीम रिज़वी के विरूद्ध कार्यवाही करे और इसकी फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाए। वसीम रिज़वी की यह फिल्म जहां अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार के दायरे से निकलकर एक वर्ग विशेष की धार्मिक भावनाओं को आहत करने की श्रेणी में है वहीं कानूनी रूप से अपराध है। उसका यह कृत देश में अशांति फैलाने का घिनौना प्रयास है। बोर्ड के महराजगंज के जिला अध्यक्ष मौलाना बरकत हुसैन मिस्बाही ने बताया कि इस संबंध में हस्ताक्षर युक्त बैनर सहित ज्ञापन जिलाधिकारी महोदय के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति जी को भेजा जाएगा। इस अवसर पर मुख्य रूप से हाफ़िज कलीमुल्लाह, मौलाना जुल्फेकार, महताब आलम, डॉक्टर नेहाल, फ़िरोज खान, शमसुद्दीन कुरैशी, साहबे आलम कुरैशी, मोहम्मद इद्रीस अशरफी, आज़ाद अशरफ क़ुरैशी, सरवरे आलम, शमसाद क़ुरैशी, मोहम्मद अनस अंसारी, गुलफ़ाम क़ुरैशी, नासिफ अंसारी, मोकररम, मोहम्मद इमरान खान, आज़ाद अशरफी, शमीमुद्दीन अशरफी, सरफराज अहमद समेत तमाम लोग उपस्थित रहे।

दंगा भड़काना चाहता है वसीम रिज़वी, सरकार करे कार्यवाही : सय्यद मोहम्मद अशरफ

9 जनवरी /लखनऊ,

आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने वसीम रिज़वी के सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो पर कड़ा एतराज़ जताते हुए उसे अमन का दुश्मन करार दिया है ,उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार एवं केंद्र सरकार से मांग की है कि फ़ौरन ऐसे असामाजिक तत्व के खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मुक़दमा लिख कर कड़ी कार्यवाही की जाये. उन्होंने कहा कि यह शख्स लगातार अपनी भड़काऊ और बेतुकी बातों से देश एवं प्रदेश का अमन खराब करना चाहता है .
हज़रत ने कहा एक महत्त्वपूर्ण पद पर बैठा यह शख्स संविधान की मर्यादों को तोड़ रहा है और देश में दंगा फैला कर लगातार देश को अस्थिर करने की घिनौनी साजिश रच रहा है, यह शख्स कट्टरपंथी विचार से प्रेरित है और उसे फैलाना चाहता है. उन्होंने भारत सरकार से मांग की है कि फ़ौरन ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाये क्योंकि प्रदेश में जहाँ कुम्भ का मेला चल रहा है ऐसे में अगर हालात  खराब हुए तो उन्हें नियंत्रित करना मुश्किल होगा लिहाज़ा इस पर त्वरित कार्यवाही कि जाये.
उन्होंने कहा कि सुफिया ने सदैव मोहब्बत का संदेश दिया है और इस संदेश का यह असर है कि लखनऊ में दंगे बंद हो गये लेकिन शांति के दुश्मनों से यह देखा नहीं जा रहा है और वह इस सामाजिक ताने बाने को तोड़ देने पर तुल गये हैं हालांकि यह एक अंतर्राष्ट्रीय साजिश का हिस्सा है जिसकी एक कड़ी वसीम रिज़वी भी हो सकते हैं इसकी जांच की जानी चाहिए.

By: यूनुस मोहानी