रमज़ान में पूरे जोश के साथ वोट करें मुसलमान : सय्यद मोहम्मद अशरफ

March: 30, महाराजगंज,

वर्ल्ड सूफ़ी फोरम एवं ऑल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष हज़रत मौलाना सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने नौतनवां में अपने प्रेसवार्ता के दौरान रमज़ान में मुसलमानों के वोट डालने को लेकर छिड़ी बहस पर कहा कि रमज़ान में मुसलमान वोट नहीं कर पाएंगे यह एक प्रोपेगन्डा है, ताकि मुसलमानों में इसके निगेटिव सोच पैदा हो और वो वोट न कर सकें।

उन्होने कहा कि इस मसले को तूल न दिया जाए रमज़ान जैसे पाक पवित्र महीना में जहाँ मुसलमान अपने दिलो दिमाग को फ्रेश रखता है। और रोज़ा रहते हुवे अपने सारे कामो को भी करता है तो वो वोट क्यों नहीं कर सकता? रमज़ान को लेकर एक भरम की स्थिति मुसलमनों में पैदा की जा रही है जो ग़लत है। मुसलमान रोज़ा रख कर अपने दिलो दिमाग को फ्रेश कर के अपने हक़ का इस्तेमाल बढ़ चढ़ कर करेगा। मुल्क को तरक़्क़ी अमन व शांति और विकास देने वाली सरकार को चुनेगा।

उन्होने आखिर में कहा कि उलमा हज़रात अपने अपने इलाके में अवाम से वोट की अहमियत बतायें, साथ ही परशासन के लोगों को चाहिये कि वोट डालने वाले दिन वैसा इंतेज़ाम करें, ताकि रोजे़दारों को ज्यादा देर तक लाइन में न खड़ा होना पड़े।

देश को नए अफसर नई ऊँचाइयों पर ले जाएँगे : सय्यद मोहम्मद अशरफ

28 अप्रैल /लखनऊ

मुल्क को नए अफसर नयी ऊँचाइयों पर ले जायेंगे, यह बात वर्ल्ड सूफी फोरम और आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने सिविल सर्विसेज़ में कामयाब होने वाले प्रतिभागियों को मुबारकबाद देते हुए कही उन्होंने कहा उम्मीद है यह नये अफसर देश से भ्रष्टाचार के खात्मे के लिए नयी जंग छेड़ेंगे .
उन्होंने कहा कि लोगों को इन बच्चों से प्रेरणा लेनी चाहिए जिन्होंने मुश्किल हालात में भी अपने लक्ष्य को भेदा है और साथ ही मुबारकबाद के पात्र हैं वह लोग जिन्होंने इनकी मदद की है .हज़रत ने कहा कि मुसलमानों में भी बेदारी आई है और 51 बच्चों का सलेक्शन हुआ है जो ख़ुशी की बात है,उन्होंने कहा कि मेहनत रंग ज़रूर लाती है.
हज़रत ने कहा कि इस सिलसिले को तेज़ी से आगे बढाया जाना चाहिए और मुस्लिम नौजवानों के लिए मदरसों में भी सिविल सर्विसेज़ कोचिंग का निजाम होना चाहिए ताकि ज़कात और इमदाद का सही इस्तेमाल करते हुए समाज में ऐसे अफराद तैयार किये जाएँ जो मुल्क और मिल्लत दोनों की तरक्की में अपना योगदान दें .
उन्होंने सभी प्रतिभागियों के बेहतर जीवन की कामना करते हुए कहा कि देश को इन प्रतिभाओं का पूरा फायदा तब मिलेगा जब यह सब ईमानदारी से अपने कामों को अंजाम देंगे और हम ऎसी उम्मीद करते हैं अपनी युवा पीढ़ी से.

By: यूनुस मोहानी

मुसलमान मुल्क के वफादार, मुल्क को नुक्सान पहुँचाने वाले नहीं : सय्यद मोहम्मद अशरफ

जबलपुर/23 जनवरी ,मुसलमान मुल्क के वफादार, मुल्क को नुक्सान पहुंचाने वाले नहीं “ यह बात आल इंडिया उलेमा व मशायख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने जबलपुर में एक जलसे को संबोधित करते हुए कही .उन्होंने कहा कि जब भी मुल्क को कुर्बानियों कि ज़रूरत पड़ी है मुसलमान सबसे आगे निकल कर आये हैं .चाहे वह मुल्क की आज़ादी कि लडाई रही हो या दुश्मन से लोहा लेने का मौक़ा और आज भी वही जज्बा है.
हजरत ने मुल्क में मौजूदा दौर में जिस तरह के हाल बने हुए हैं उसपर कहा कि लोगों को मुल्क के सम्मान का ख्याल रखना चाहिए अदालतों के फैसले के खिलाफ जिस तरह लोग सड़कों पर उतर कर हिंसा कर रहे हैं वह ठीक नहीं है .
उन्होंने कहा कि आल इंडिया उलेमा व मशायख बोर्ड 25 जनवरी को पुरे हिन्दोस्तान में “हम हिन्दोस्तानी” (We The INDIAN’S) नाम से कार्यक्रम आयोजित कर रहा है जिसका उद्देश्य लोगों में संविधान के प्रति और अधिक भरोसा पैदा करना है साथ ही अपनी गंगा जमुनी तहजीब को बढ़ावा देना एवं लोकतान्त्रिक प्रणाली को और अधिक मज़बूत करते हुए जनमानस का भरोसा मज़बूत करना है .उन्होंने सभी से इस कार्यक्रम में अपने अपने शहरों में सम्मिलित होने की बात कही.

हज़रत किछौछवी ने कहा कि सबको चाहिए कि मुल्क की तरक्की में अपना भरपूर योगदान दें और नफरत की हवा को थाम दे ताकि मोहब्बत की खुशबू से अपना चमन महक उठे.

By: यूनुस मोहानी

मुसलमान खुद हैं जिम्मेदार सुधार करें : सय्यद मोहम्मद अशरफ

7 जनवरी/ नई दिल्ली
मुसलमान खुद जिम्मेदार हैं सुधार करें यह बात हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया के उर्स के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए आल इंडिया उलेमा व मशायख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने मौजूदा समय में तीन तलाक़ को लेकर चल रही बहस पर कहीं ।
उन्होंने कहा मुसलमान खुद शरीयत पर अमल नहीं करते और इस आधार पर जब कहीं और से बात आती है तो परेशान हो जाते हैं यह हमारी अपनी कमजोरी है,सूफिया ने शरीयत को अपने अमल में ढाल कर पेश किया यही वजह है इनके आस्तानो पर हर मजहब के लोग अकीदत के फूल पेश करते नजर आते हैं हम खुद को अमल की बुनियाद पर सुधारने को तैयार नहीं हो रहे जिसकी वजह है कि जो शरीयत जानते है न इस्लाम वह रोज़ रोज़ नई नई तरह की बात उठा कर हमारे जज्बात को भड़काना चाहते हैं।
हज़रत ने कहा हमें होशियार रहना होगा अपने लोगों को जागरूक करना होगा,यह हमारी ज़िम्मेदारी है हमें होश से काम लेना है वरना याद रखिए हम खुद ही अपने घरों में आग लगाने वाले होंगे, नफरत को कामयाब होने दीजिए खुद को शरीयत पर अमल करने वाला बना लीजिए शरीयत का तहफ्फुज खुद बखुद होगया।
महफ़िल में दरगाह निज़ामुद्दीन औलिया के सज्जादानशीन हज़रत सय्यद अहमद अली निजामी, वली अहद दरगाह हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया सय्यद फरीद अहमद निजामी सहित काफी बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।समापन सलातो सलाम के बाद विश्वशांति की दुआ के साथ हुआ ।

By: YunusMohani

क़ुर्बानी के असल मक़सद त्याग की भावना को आत्मसात करे मुसलमान : सय्यद मोहम्मद अशरफ

लखनऊ:1 सितम्बर कुर्बानी के असल मकसद त्याग की भावना को आत्मसात करे मुसलमान यह बात आल इन्डिया उलमा मशायक बोर्ड के संस्थापक अध्यछ हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने कही उन्होंने सभी को ईद की मुबारकबाद देते हुए कहा कि इस खुशी में हमे नहीं भूलना है कि हमारे तमाम लोग सैलाब में फंसे हुए हैं ,उनके लिये दुआ भी करनी है और अपनी हैसियत के हिसाब से मदद भी करनी है ,दरअसल कुर्बानी अपने रब की नजदीकी के लिये की जाती है जबकि खुदा खुद कहता है” कि तुम जो जानवर जिबह करते हो न तो उसका खून और न ही उसका गोश्त मुझ तक पहुंचता है मुझ तक सिर्फ तुम्हारी वह नियत पहुंचती है जो तुमने करके कुर्बानी की “।
हज़रत ने कहा कुर्बानी हमे त्याग सिखाती है ,अपने माल से गरीबों तक बेहतर खाना पहुंचाने का एक बेहतरीन जरिया है ,भूखमरी के खिलाफ एलाने जंग है, और लोगों की मदद का जज्बा पैदा करने का एक सबक ,ऐसे दौर में जब लोग महज एक रोटी के टुकड़े के लिए जान लेने और देने पर आमादा है ऐसे में भी कुर्बानी का गोश्त खुशी खुशी गरीबों तक पहुंचता है यह है इस अमल की खूबसूरती, इसे इस दौर में समझना बहुत ज़रूरी है।
हज़रत ने लोगों से क़ानून का सम्मान करते हुए कुर्बानी करने और साफ सफाई का पूरा ख्याल रखने की पुरजोर अपील की उन्होंने कहा कि हमारे किसी भी कार्य से किसी को तकलीफ नहीं पहुंचनी चाहिए ,इसका खास ख्याल रखा जाए ।
हज़रत ने लोगों से बर्मा समेत जहां भी इंसानियत पर ज़ुल्म किया जा रहा है उन सभी जगहों पर अमन के लिए दुआ करने और मजलूमों की हिफाजत के लिए दुआ की अपील की, उन्होंने कहा सभी को खुशियों में शामिल कीजिए यह मौका है लोगों को पैग़ाम देने का कि “मोहब्बत सबके लिए नफरत किसी से नहीं “,सबको ईद की मुबारकबाद
By: यूनुस मोहानी

क़ुर्बानी के लिये इंद्रेश कुमार की राय की मुसलमानों को ज़रूरत नहीं : सय्यद आलमगीर अशरफ

नागपुर: राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के अध्यक्ष इंद्रेश कुमार के बयान कि मुसलमान केक काटकर कुर्बानी कर लें पर आल इंडिया उलेमा मशायख बोर्ड (यूथ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष सय्यद आलमगीर अशरफ किछौछवी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि हमें इंद्रेश कुमार और उनके किसी नाम निहाद मुस्लिम राष्ट्रीय मंच जैसे संगठन की राय की जरूरत नहीं है ।
इंद्रेश कुमार को कोई हक नही कि वह मुसलमानों को तबलीग़ करे, मुसलमानों को अपने धर्म को मानने और धार्मिक अनुषठानों को करने की आजादी हमारे संविधान के अनुच्छेद 25 में साफ साफ दी गई है, ऐसे में यह बयान जहां निंदनीय है वहीं संविधान की मूल भावना को ठेस पहुंचाने वाला भी, यह इशारा करता है कि वह कौन लोग है जिनका संविधान में विश्वास नहीं है।
उन्होंने कहा कुर्बानी का असल मकसद खुदा की निकटता प्राप्त करना है और उसका सबसे खूबसूरत जरिया लोगो की मदद है , कुर्बानी के जरिए इस्लाम ने भूखमरी के खिलाफ बड़ी जंग का ऐलान किया क्योंकि पुराने समय से लेकर अबतक भूकमरी सबसे बड़ी त्रासदी है और इसके खात्मे के लिए कुर्बानी एक बड़ा हथियार भी।
उन्होंने बताया कि कुर्बानी के गोश्त को तीन हिस्सों में बांटा जाता है एक गरीबों के लिये एक रिश्तेदारों के लिये और स्वयं अपने लिये इस तरह इस्लाम ने लोगों को त्याग की सीख दी आज भी अरब देशों से कुर्बानी बैंक के जरिए भुकमरी से जूझ रहे सोमालिया सूडान और ऐसे कई देशों को गोश्त भेजा जाता है, इसका मकसद लोगों में त्याग की भावना जगाना है ,वहीं गरीबों की मदद भी ,लेकिन यह बात वह क्या जाने जो सिर्फ नाम के मुसलमान हैं और दूसरों के इशारों पर नाचते है।
हज़रत ने साफ कहा कि इस्लाम में कुर्बानी रब की निकटता एवं भुखमरी के खिलाफ जंग का ऐलान है ।इंद्रेश कुमार पहले इस्लाम को सही से पढ़ें बयानबाज़ी से नफ़रत फैलती है जबकि समाज को मोहब्बत की सख्त जरूरत है।