धारा 370 राज – नीति का मामला, इसे मजहबी चश्मे से देखना बेईमानी: सय्यद मोहम्मद अशरफ

5 अगस्त 2019,नई दिल्ली
आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने धारा 370 के मसले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह पूरी तरह राज की नीति का मामला है, इसे सांप्रदायिक चश्मे से देखना बेईमानी होगी।
उन्होंने कहा कि आम भारत के मुसलमानों का संविधान के इस प्रावधान से कोई सरोकार नहीं है ,हां यह कश्मीर में रहने वाले भारतीयों के लिए एक भावनात्मक मुद्दा ज़रूर बन गया है ,अब लोगों को धारा 370 पर भ्रम नहीं फैलाना चाहिए और न ही सोशल मीडिया के माध्यम से इसे सांप्रदायिक रूप से पेश किया जाना चाहिए।
हज़रत ने कहा कि इससे पहले भी धारा 370 में कई संशोधन किए गए हैं और अभी तक जितनी खबर आ रही है कि धारा 370 को पूरी तरह अभी भी खतम नहीं किया गया है बल्कि उसका एक हिस्सा अभी भी लागू है। हज़रत ने कहा कि हम दुआ करते हैं कि कश्मीर में शांति स्थापित हो ।खूबसूरत वादी जो बारूद की बू से खराब हो रही है वहां अमन कायम हो ,लोगों के दिलों से खौफ निकले और विकास हो।
हालांकि इसे जिस तरह रहस्य बनाकर किया गया इसको लेकर लोगों के मन में संदेह है,यदि इसपर विचार किया जाता तो कश्मीर में रहने वाले भारतीयों के मध्य और भी बेहतर संदेश जाता।
कश्मीर में इस वक़्त जिस तरह का माहौल बना हुआ है जल्द ही वहां हालत सामान्य हों और लोग बहकावे में न आएं , मोहब्बत के परवानों ,सूफी संतों की सरजमीन को आतंकवाद के नासूर से आज़ादी मिले।अगर ऐसा होता है तो यह मुल्क के लिए बहुत अच्छा होगा।उन्होंने कश्मीर की आवाम से भी धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि किसी के बहकावे में न आएं क्योंकि अब तक लोग सिर्फ इस्तेमाल करते आएं है।

By: यूनुस मोहानी