अहंकार और नफरत को ज़िबाह किये बिना पूरा नहीं कुर्बानी का मकसद – सय्यद अशरफ

11 अगस्त ,लखनऊ
लोगों को ईद उल अजहा की मुबारकबाद देते हुए आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने कहा कि अल्लाह की राह में कुर्बानी का असल मकसद तब पूरा होगा जब हम अपने घमंड गुरूर और नफ़रत को भी खतम कर दें और लोगों के लिए आसानी पैदा करने वाले बन जाएं।
उन्होंने कहा कि मुल्क में जिस तरह से नफरतें सर चढ़ कर बोल रही हैं उन्हें खतम करना हमारा काम है ,हमें खुद आगे बढ़ कर लोगों को गले लगाना है सुन्नते इब्राहिमी तो हम अदा कर रहे हैं सीरते रसूल पर भी हमारी नजर रहनी चाहिए और अगर हमारी ज़िन्दगी का हर लम्हा उसमें ढल गया तो हम कामयाब हो जायेंगे ,फिर कोई हमसे नफरत नहीं कर सकेगा।
हज़रत ने लोगों से कहा कि कुर्बानी ज़रूर करें जिनपर वाजिब है लेकिन अपने हमवतन भाइयों के जज्बात का ख्याल रखें,हमारी वजह से किसी को किसी भी तरह की परेशानी न हो,साफ सफाई का खूब ख्याल रखे,जिन जानवरों पर पाबंदी है हरगिज़ उनकी कुर्बानी न करें,कानून का पालन करे और खून को नालियों में न बहाएं,सोशल मीडिया पर एहतियात बरतें कि किसी भी कुर्बानी वाली विडियो को शेयर न करें,।
हज़रत ने अपील करते हुए कहा कि जो लोग नफली कुर्बानी करना चाहते हैं वह मुल्क में परेशान हाल लोगों की मदद करें ,कुर्बानी भुखमरी के खिलाफ सबसे बड़ी जंग है इस बात का ख्याल रखते हुए जरूरतमंदो तक उनका हिस्सा हर हाल में पहुंचाएं ,दुनिया में जहां भी इंसानियत परेशान है ज़ुल्म का शिकार है उनके लिए दुआ करें और मुल्क की फिज़ा खुशगवार रहे इसकी दुआ करें।उन्होंने आल इंडिया उलमा मशाईख बोर्ड की जानिब से लोगों को मुबारकबाद पेश करते हुए यह भी कहा कि सभी बोर्ड के जिम्मेदार अपनी अपनी जगह पर लोगों में जागरूकता फैलायें,ताकि लोग असल मकसद तक पहुंच सके।

कुर्बानियों के बाद मिली है आज़ादी नफरत इसे बर्बाद न करने पाये: सय्यद मोहम्मद अशरफ

15 अगस्त लखनऊ,

आल इंडिया उलमा मशाईख बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने अहले वतन को जश्ने आज़ादी की मुबारकबाद देते हुए कहा कि बड़ी कुर्बानियों के बाद गुलामी की जंजीरों से आज़ादी मिली है अब फैल रही नफरत इसे बर्बाद कर देगी।

हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने इस मौके पर कहा कि बोर्ड नफरतों को खत्म कर मोहब्बत बांटने का काम कर रहा है,और यह काम तेजी से हो भी रहा है,मुसलमान अपने मुल्क से मोहब्बत करते हैं क्योंकि नबी का फरमान है कि वतन से मोहब्बत ईमान का हिस्सा है,फिर कोई मुसलमान कैसे अपने देश से गद्दारी कर सकता है,हां कुछ ग़लत लोग हैं जिनके सिर्फ नाम मुसलमानों जैसे है मगर वह गद्दार है मजहब के भी और वतन के भी ऐसे लोगों पर सख्त नजर रखी जानी चाहिए ,।

बोर्ड के आह्वाहन पर देश की ज़्यादातर खानकाहों में झण्डा फहराया गया,और यह सिलसिला मदरसों से बढ़कर मस्जिद के सहन तक पहुंच गया है,दरगाह निज़ामुद्दीन औलिया के प्रांगण में भी झण्डा फहराया गया जिसमें बोर्ड दिल्ली शाखा के जिम्मेदार सय्यद फरीद निजामी ने झण्डा फहराया,दरगाह अजमेर शरीफ में चिश्ती मंज़िल में झण्डा फहराया गया जिसमें बोर्ड के संयुक्त सचिव सय्यद सलमान चिश्ती ने झण्डा फहराया,हैदराबाद में तेलंगाना प्रदेश के अध्यक्ष सय्यद आले मुस्तफा पाशा ने झण्डा फहराया,कर्नाटक में सय्यद तनवीर हाशमी ने खानकाह बीजापुर में झण्डा फहराया

पंजाब में रमज़ान अशरफी ने झण्डा फहराया, राजस्थान में कारी अबुलफतेह ने झण्डा फहराया साथ ही छत्तीसगढ़ में मौलाना मोहम्मद अली फारुकी ने झण्डा फहराया।

आज जश्ने आज़ादी के मौके पर पूरे देश में बोर्ड की हर शाखा में झण्डा फहराया गया और राष्ट्रगान हुआ, हर जगह सभा आयोजित की गई और लोगों में मिठाई बांटी गई। लखनऊ में बोर्ड के प्रदेश कार्यालय में भी झण्डा फहराया गया और राष्ट्रगान गाया गया जिसमें बोर्ड के जिम्मेदारों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर बढ़ रही नफरत को रोकने के लिए बोर्ड के लखनऊ शाखा के अध्यक्ष मौलाना इश्तियाक क़ादरी ने मस्जिदों में फ़्री क्लीनिक शुरू करने की बात की और अपनी मस्जिद में इसे शुरू करने का ऐलान किया,उन्होंने कहा कि पूरे मुल्क में मस्जिदों में यह काम शुरू किया जाना चाहिए।

इस मौके पर उन्होंने कहा कि मस्जिद में जब बंदा जाता है तो उसकी रूह का इलाज होता है वहां अगर उसके जिस्म का इलाज भी होने लगेगा तो मकसद पूरा हल होगा और यह क्लीनिक हर मजहब के लोगों के लिए होगी जो फ्री में गरीबों को दवा देगी और इलाज होगा इससे यकीनन नफरतें खतम होंगी ।
रायेबरेली, संभल,मुरादाबाद, मेरठ,फैजाबाद,मकनपुर सहित देश में बोर्ड की हर शाखा में बड़ी धूमधाम से जश्ने आज़ादी मनाया गया।



धारा 370 राज – नीति का मामला, इसे मजहबी चश्मे से देखना बेईमानी: सय्यद मोहम्मद अशरफ

5 अगस्त 2019,नई दिल्ली
आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने धारा 370 के मसले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह पूरी तरह राज की नीति का मामला है, इसे सांप्रदायिक चश्मे से देखना बेईमानी होगी।
उन्होंने कहा कि आम भारत के मुसलमानों का संविधान के इस प्रावधान से कोई सरोकार नहीं है ,हां यह कश्मीर में रहने वाले भारतीयों के लिए एक भावनात्मक मुद्दा ज़रूर बन गया है ,अब लोगों को धारा 370 पर भ्रम नहीं फैलाना चाहिए और न ही सोशल मीडिया के माध्यम से इसे सांप्रदायिक रूप से पेश किया जाना चाहिए।
हज़रत ने कहा कि इससे पहले भी धारा 370 में कई संशोधन किए गए हैं और अभी तक जितनी खबर आ रही है कि धारा 370 को पूरी तरह अभी भी खतम नहीं किया गया है बल्कि उसका एक हिस्सा अभी भी लागू है। हज़रत ने कहा कि हम दुआ करते हैं कि कश्मीर में शांति स्थापित हो ।खूबसूरत वादी जो बारूद की बू से खराब हो रही है वहां अमन कायम हो ,लोगों के दिलों से खौफ निकले और विकास हो।
हालांकि इसे जिस तरह रहस्य बनाकर किया गया इसको लेकर लोगों के मन में संदेह है,यदि इसपर विचार किया जाता तो कश्मीर में रहने वाले भारतीयों के मध्य और भी बेहतर संदेश जाता।
कश्मीर में इस वक़्त जिस तरह का माहौल बना हुआ है जल्द ही वहां हालत सामान्य हों और लोग बहकावे में न आएं , मोहब्बत के परवानों ,सूफी संतों की सरजमीन को आतंकवाद के नासूर से आज़ादी मिले।अगर ऐसा होता है तो यह मुल्क के लिए बहुत अच्छा होगा।उन्होंने कश्मीर की आवाम से भी धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि किसी के बहकावे में न आएं क्योंकि अब तक लोग सिर्फ इस्तेमाल करते आएं है।

By: यूनुस मोहानी

AIUMB President questions the Triple Talaq Bill, which abolishes the practice but also criminalises husbands at the same time

New Delhi: August 3, 2019

Talking to the media outlets, Maulana Syed Ashraf Kichchawchchvi, founder and president of All India Ulema & Mashaikh Board, an apex body of Sunni-Sufi Muslims in India, questioned as to how the Triple Talaq Bill, which abolishes the practice of triple Talaq but also criminalises the husband at the same time, would help in the family’s domestic life. He asked: “When the Supreme Court has already struck down the practice, then what does the government intend by bringing a law to imprison and punish the Muslim husbands?”

Maulana Syed Kichchawchchvi further asks as to who will provide the allowance to the wife and her children as long as the husband is imprisoned and how can this law ensure that the malpractice will not happen? What is the guarantee of the couple living happily even after the husband is put behind the bars for three years? And not only the imprisonment, in many cases, he will have to suffer the harassments and custodial persecutions on the complaints from the wife and her relatives.
“We do not reject the Triple Talaq Bill outright. But we demand a fair probe into the related issues and more nuances need to be studied to introduce a proper and more practical law on against the instant divorce. Otherwise, the law itself will appear ‘instantly framed’ and hastily decided just like the practice of the instant divorce (triple Talaq)”, he said.

By: Ghulam Rasool Dehlvi

उलमा मशाइख बोर्ड का स्कूल में पोधरोपण

1 अगस्त, 2019 (मोगा)

इस्लाम में पोधरोपण सदक़ा -ए- जारिया.

युवाओं को नशे से बचाने के करने होंगे प्रयास : ऑल इंडिया उलमा मशाइख बोर्ड

1 अगस्त, 2019 (मोगा)

नशे की लत (चाहे किसी भी तरह का नशा हो) शरीर को होने वाली ऐसी ज़रूरत है जिस पर नियंत्रण रखना बस में नही होता है। नशा शरीर और दिमाग दोनों नष्ट कर देता है जिस से इन्सान ज़िन्दा होते हुए भी ज़िन्दा नहीं रहता।

भारत में सबसे ज़्यादा पंजाब राज्य के नौजवान ड्रग एडिक्शन या नशे की लत के शिकार हैं, इस फैलती हुई बर्बादी को रोकने के लिए ऑल इंडिया उलमा मशाइख बोर्ड पंजाब यूनिट के ज़िला प्रधान मौलाना रमज़ान साहब ने कहा कि पंजाब में फैलती हुई नशे की लत को खत्म करने के लिए ऑल इंडिया उलमा मशाइख बोर्ड हर मुमकिन कोशिश कर रहा है जिसमें लोगों का काफी सहयोग मिल रहा है।

नशे की लत किसी की भी ज़िंदगी तबाह कर देती है। सजग रहें और अपने आसपास के लोगों (ख़ास कर नौजवानों) का ध्यान रखें कि कहीं वे नशा के शिकार तो नहीं हो रहे हैं।

By: हुसैन शेरानी

बिना जुर्म के सज़ा तर्कसंगत नहीं : सय्यद मोहम्मद अशरफ

30 जुलाई,दिल्ली
देश में तीन तलाक़ पर बने कानून पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने कहा कि यह कैसा कानून है जिसमें वह जुर्म जिसके लिए सज़ा दी जा रही है वह हो ही नहीं रहा है जो समझ में आने वाली बात नहीं है।
उन्होंने कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक़ को अमान्य घोषित कर दिया है तो कानून बनाकर सज़ा किस बात की दी जाएगी, इसको सरकार स्पष्ट करे, उन्होंने कहा कि इसपर दुबारा विचार किया जाना चाहिए, उन्होंने कहा कि हम एक समय में दी जाने वाली तीन तलाक़ पर कानून बनाने का विरोध नहीं करते लेकिन इसे व्यावाहरिक होना चाहिए, इसपर दुबारा मंथन किया जाना चाहिए जल्दबाजी में लिया गया निर्णय न्याय का मज़ाक बनाने वाला प्रतीत होता है।
उन्होंने सवाल किया कि यह कैसे सुनिश्चित होगा कि इस कानून का दुरपयोग नहीं होगा,सरकार बताए कि जब पति जेल में होगा तो गुज़ारा भत्ता कहां से देगा ? जब पत्नी पति को जेल भेज देगी और उसके बाद उसे उसी के साथ रहना होगा तो हिंसा नहीं होगी इसकी क्या गारंटी है ?
इंस्पेक्टर राज को रोकने का क्या प्रबंध है क्योंकि पत्नी या उसके खूनी रिश्तेदार की शिकायत पर बिना किसी वारंट के पुलिस आरोपी पति को हवालात में डाल देगी ,ऐसे में इससे पुलिसिया उत्पीड़न का नया अध्याय खुलेगा ।
उन्होंने कहा कि जल्दबाजी में बनाया गया कानून समाज के हित में नहीं है, उन्होंने कहा कि मुसलमान देश के संविधान एवम न्यायपालिका का सम्मान करते हैं और करते रहेंगे ,शरीअत पर अमल करने से उनका संविधान से कोई टकराव नहीं होता, उन्होंने मुसलमानों को संबोधित करते हुए कहा कि अपने घरों का माहौल इस्लामी बना लीजिए फिर आपको किसी कानून से डरने की ज़रूरत नहीं होगी, क्योंकि जब बीवी और शौहर रसूलुल्लाह सल्लल्लाहू अलैहि वसल्लम की सुन्नतों पर अमल करने वाले होंगे तो न घर में झगड़े होंगे न तलाक़ जैसी लानत होगी।
हज़रत ने कहा कि हमें अपने दीन को समझ कर उस पर अमल करना होगा, यही हमारी निजात का दुनिया और आखरत दोनों जगह एक मात्र रास्ता है।

By: यूनुस मोहानी

शहीदे वतन को सलाम हमारी ज़िन्दगी उनकी कुर्बानियों की कर्जदार है : सय्यद सलमान चिश्ती

26 जुलाई,नई दिल्ली
ग्लोबल काउंटर टेररिज्म काउंसिल द्वारा कारगिल विजय दिवस पर इंडिया गेट नई दिल्ली में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत केंद्रीय जल शक्ति मंत्री,के साथ हरदीप सिंह पुरी केंद्रीय उड्डयन मंत्री,श्री शिवपद यस्सो नायक केंद्रीय राज्य मंत्री रक्षा एवम आयुष के साथ पूर्व चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जरनल जे जे सिंह, पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल के जे सिंह, मनिंदर सिंह बिट्टा, श्रीमती तृप्ता थापर के साथ आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के संयुक्त सचिव, चिश्ती फाउंडेशन के अध्यक्ष व दरगाह अजमेर शरीफ के गद्दीनशीन सय्यद सलमान चिश्ती ने शिरकत की।
इस अवसर पर कारगिल के वीरों को याद किया गया और वतन पर कुर्बान होने वाले वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई, अमर जवान ज्योति पर पुष्प अर्पित करने के बाद सभी ने अपने विचार रखे इस अवसर पर बोलते हुए सय्यद सलमान चिश्ती ने कहा कि हम शहीदे वतन को अपना सलाम पेश करते हैं क्योंकि हमारी ज़िन्दगी उनकी कुर्बानियों की कर्जदार है, उन्होंने कहा कि अगर सरहद पर सिपाही चौकन्ने न खड़े हों तो हम अपने घरों में चैन की नींद नहीं सो सकते।
इस मुल्क की तरक्की में जहां किसानों मजदूरों का पसीना है वहीं इसकी बुनियाद में शहीदों का लहू है, उन्होंने आह्वाहन किया कि पूरे देश को चाहिए कि इनके परिवारों की हर मुमकिन मदद की जाए क्योंकि हमारा आपका अगर जो भी सम्मान है उसे बचाने में इनके अपनों का खून बहता है लिहाजा हर सैनिक और उसके परिवार को हर नागरिक द्वारा सम्मान दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मुबारकबाद है उनको जिन्होंने ऐसा खूबसूरत कार्यक्रम सजाया देश के वीरों के लिए क्योंकि अगर हमने अपने वीरों का शुक्रिया अदा नहीं किया उनकी कुर्बानियों को सलाम नहीं किया तो यकीन मानिए हमने अपना फ़र्ज़ नहीं अदा किया, सय्यद सलमान चिश्ती ने कहा कि अजमेर शरीफ से जो संदेश दिया जाता है “मोहब्बत सबके लिए नफरत किसी से नहीं” हमें इसे याद रखना चाहिए क्योंकि अगर हम इस बात को याद रखेंगे तो हमारा मुल्क आगे बढ़ेगा क्योंकि नफरतों से कभी फायदा नहीं होता सिर्फ नुकसान होता है वहीं नफरत से अमन खराब होता है जिससे हमारे जवानों की कुर्बानियों का मकसद हल नहीं होता।

By: Yunus Mohani

AIUMB के शादाब हुसैन रिज़वी अशरफी बने दिल्ली हज कमेटी के सदस्य।

3 जुलाई,नई दिल्ली
दिल्ली हज कमेटी में सामाजिक संगठन से लिए जाने वाले सदस्य के रूप में आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड दिल्ली शाखा के अध्यक्ष सय्यद शादाब हुसैन रिज़वी अशरफी को नामित किया गया है।
सय्यद शादाब लंबे समय से हज यात्रियों की सेवा निस्वार्थ भाव से करते रहे हैं और लगातार हाजियों की हर संभव मदद करते रहे हैं ,उनके इस समर्पण भाव को देखकर उन्हें इस पद के लिए उपयुक्त समझा गया । सय्यद शादाब लगातार AiUMB के जरिए सामाजिक कार्य करते रहे हैं और दिल्ली में 2016 मार्च में संपन्न हुए विश्व शांति के उद्देश्य से आयोजित वर्ल्ड सूफी फोरम में अग्रणी भूमिका में रहे और लगातार समाज में व्याप्त बुराइयों के विरूद्ध अभियान चलाते रहे हैं।
शांति बहाली और मोहब्बत का संदेश जन जन तक पहुंचाने की उनकी शैली लोकप्रिय है ।
सय्यद शादाब को दिल्ली हज कमेटी का सदस्य बनाए जाने पर आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष एवम् वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने मुबारकबाद देते हुए कहा कि हमारी दुआ है कि आजमीने हज की और खिदमत करे और अपनी मेहनत और कोशिश से वहां हाजियों को होने वाली तकलीफों को दूर करने में कामयाब हो ,अपने ओहदे को एजाज़ नहीं ज़िम्मेदारी मानते हुए काम करें।हज़रत ने दिल्ली सरकार को भी शुक्रिया कहा।

By: यूनुस मोहानी

आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड का मॉब लिंचिंग के विरोध प्रदर्शन !

नौतनवा

मकनपुर शरीफ