कोरोना वायरस से ज़्यादा खतरनाक है नफरत का वायरस : सय्यद मोहम्मद अशरफ

17 मार्च, 2020 महराजगंज
आल इंडिया व मशाइख़ बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फ़ोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कोरोना वायरस से अधिक खतरनाक नफरत का वायरस है।
उन्होंने कहा कि हम कोरोना से बचने के लिए मास्क तो पहन रहे हैं लेकिन नफरत से बचने के लिए ज़हरीली जुबानों को नहीं रोक रहे हैं,हम वायरस से बचने के लिए बार बार हैंडवाश या साबुन से हाथ धो रहे हैं लेकिन उन हाथों को लोगों की मदद के लिए नहीं बढ़ा रहे, खांसते या छींकते वक़्त बीमारी के डर से मुंह को ढाप रहे हैं लेकिन किसी जरूरतमंद के कपड़ों का इंतजाम नहीं कर रहे।
हज़रत ने कहा कि दुनिया कोरोंना से एकजुट होकर लड़ लेगी इसकी दवा बनाकर इसे हरा भी देगी लेकिन इससे ज़्यादा खतरनाक बीमारी का इलाज होते हुए भी इसे खतम करने को तैयार नहीं है।
जबकि सिर्फ एक मुस्कुराहट इस वायरस से बचा सकता है,एक ख़ामोशी,इंसाफ और लोगों की मदद करने का जज्बा इसका इलाज है अगर सब इस काम में लग जाएं तो इस वायरस को खतम कर इसपे जीत हासिल की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि हम कोरोना को सुन्नते रसूल पे अमल कर हरा देंगे क्योंकि डॉक्टर जो बचाव के तरीके बता रहे हैं वह नबी की सुन्नत है इसी तरह हम नफरत के वायरस को भी नबी की सुन्नत पर अमल कर हरा सकते हैं जो सूफिया ने करके दिखाया और संदेश सुनाया कि नफरत किसी से नहीं मोहब्बत सबके लिए।

عرس سرکار کلاں و عرس شیخ اعظم کچھوچھہ سے بھی دہلی فسادات سے متاثرہ افراد کی مدد کا مطالبہ

ملک بھر میں عرس سرکار کلاں و عرس شیخ اعظم امن وامان کی دعا کے ساتھ منایا گیا


مارچ7 ، کچھوچھہ (پریس ریلیز) خانقاہ اشرفیہ شیخ اعظم سرکارکلاں کچھوچھہ شریف، امبیڈکر نگرمیں ۴۲/واں عرس کلاں حضرت سید مختار اشرف رحمۃ اللہ علیہ و۸/واں عرس شیخ اعظم حضرت سید محمد اظہار اشرف رحمۃ اللہ علیہ کے موقع پر آل انڈیا علماء ومشائخ بورڈ کے قومی صدر اور ورلڈ صوفی فورم کے چیئرمین حضرت سید محمد اشرف کچھوچھوی نے ایک بار پھر تمام لوگوں سے دہلی فسادات میں تباہ حال لوگوں کی مدد کے لئے آگے آنے کا مطالبہ کیا۔
حضرت یہاں کچھوچھہ شریف میں اپنے دادا سرکار کلاں و اپنے والد گرامی شیخ اعظم کے عرس کے موقع پر عقیدت مندوں سے خطاب کر رہے تھے، انہوں نے اس موقع پر کہا کہ جن کا عرس آج ہم منا رہے ہیں انہوں نے اپنی پوری زندگی لوگوں کی بھلائی اور مدد میں گزاری،ہماری ان سے سچی محبت یہ ہے کہ ہم ان کے عمل کو اپنا عمل بنا لیں اور جہاں تک ممکن ہو مصیبت میں گرفتار لوگوں کی مدد کے لئے اس کام میں شامل ہوں،ہمارا فرض ہے کہ ہم ان کے لئے آگے آئیں۔
لوگ پوری دنیا میں پھیلنے والے کورونا وائرس سے خوفزدہ ہیں، کسی بھی آفت سے بچنے کے لئے محتاط رہنا اچھی بات ہے، لہٰذا ڈاکٹر آپ کو جو بھی طریقہ بتا رہے ہیں اس پر عمل درآمد ہونا چاہئے، لیکن جوطریقے ہمیں بتائے جا رہے ہیں وہ ہمیں 1500 سال پہلے ہمیں ہمارے پیارے نبی صلی اللہ تعالیٰ علیہ وسلم نے بتائے۔ہمارے نبی نے کہا کہ کھانسنے اور چھینکنے سے پہلے اپنے منہ کو ڈھکو، وضو کے ذریعہ ہاتھ، ناک، کان سب صاف رکھیں، ہمیں بس اپنے نبی ﷺ کے طریقے پرعمل کرنا ہے ہر مسئلہ ہم سے مکمل طور پر دور ہوجائے گا۔
اس موقع پرحضرت سید احسن میاں،حضرت سید حماد اشرف،سید نواز اشرف،سید ناصر میاں کے علاوہ دیگر موجود رہے اورسجادہ نشین خانقاہ سرکارکلا حضرت سید محمود اشرف کچھوچھوی نے ملک بھر میں امن کی دعا کی۔

भारत का अमन बचाना हम सब की सांझी ज़िम्मेदारी : सय्यद अशरफ

25 फरवरी,नई दिल्ली
आल इंडिया उलमा व माशाईख बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फ़ोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने दिल्ली में हो रही हिंसा पर चिंता जाहिर करते हुए लोगों से अमन की अपील की उन्होंने कहा कि भारत के अमन की हिफ़ाज़त हम सब की सांझी ज़िम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि मुल्क में हिंसा फैलाने वाले न सिर्फ देश के बल्कि इंसानियत के दुश्मन हैं ,हिंसा चाहे कोई भी करे उस बर्दाश्त नहीं किया जा सकता सरकार को इस रोकने के लिए फौरन कार्यवाही करनी चाहिए इतना ही नहीं जिस तरह दिल्ली पुलिस ने किरदार पेश किया है उससे चिंता और बढ़ जाती है इसकी भी जांच होनी चहिए।
हज़रत ने लोगों से अफवाहों से बचने का आह्वाहन किया उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति अपने स्तर से लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करे ,हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई में न बंटे बल्कि इस चुनौती का सामना एक भारतीय बनकर कर अगर हम सब सिर्फ देश के बारे में सोचें तो शांति स्थापित हो जाएगी ,सिर्फ खुद को देशभक्त बताना ही देशभक्ति नहीं है बल्कि इसके लिए आपको योगदान देना होता है,वक़्त आने पर कुर्बानी देनी होती है यह समय एकजुट होकर नफरत को हराने का समय है।
धर्म हिंसा से रोकता है जबकि अधर्म हिंसा की प्रेरणा देता है तो भला कोई रामभक्त हिंसा कैसे कर सकता है और कोई अल्लाह से डरने वाला आग कैसे लगा सकता है इसपर विचार ज़रूरी है कि फिर यह राम का नारा लगाने वाले या आग लगाने वाले कौन लोग हैं जो धर्म का चोला ओढ़कर देश जलाने निकले हैं।
यह देश सांझी संस्कृति का देश है जहां ब्रह्मा की नगरी कहे जाने वाले पुष्कर में खिलने वाला गुलाब गरीब नवाज़ की बारगाह में चढ़ता है अभी अजमेर शरीफ में उर्स में सभी मजहबों के लोग एक साथ अपनी अकीदत के फूल पेश करने जमा होंगे यह मुल्क की खूबसूरती है।आइए हम सब मिलकर इस देश की सुंदरता की हिफ़ाज़त करें ,दिल्ली के लोग किसी के बहकावे में न आएं ।

नफ़रत बिखराव चाहती है फैसला आपके हाथ : सय्यद मोहम्मद अशरफ

14 जनवरी/नई दिल्ली
आल इंडिया उलमा व मशाईख  बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि”नफरत बिखराव चाहती है,फैसला आपके हाथ है ” उनका यह बयान देश में मौजूदा हालात पर था उन्होंने कहा कि चुनावी समर शुरू हो चुका है लिहाजा नफरत अपना हर हथकंडा आजमाएगी ।
हज़रत ने कहा कि लोग इत्तेहाद कर जीतने की राह तलाश रहे हैं।इधर मुसलमान आपस में छोटी छोटी बातों पर बिखर जाने पर आमादा हैं यह नफरत के एजेंडे को कामयाब बनाने वाली बात है जिसे वक़्त रहते समझना होगा वरना नुकसान तय है ।
उन्होंने कहा कि जिस तरह तेज़ी से हालात बदल रहे हैं हमें अनपर कड़ी नजर रखते हुए फैसला करना होगा जिससे मुल्क को हम नफरत की आंधी से बचा पाये हम फरेब में फंसे तो अपना ही नहीं मुल्क का भी नुकसान करेंगे।
हज़रत से जब उत्तरप्रदेश में समाजवादी और बहुजन समाज पार्टी के इत्तेहाद के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने सवाल के जवाब में सवाल किया कि इस इत्तेहाद में शामिल पार्टियों ने क्या बताया है कि वह सिर्फ मुसलमानों का वोट चाहती हैं या फिर प्रतिनिधित्व भी देना चाहती हैं ?
उन्होंने कहा कि कब तक सिर्फ यह शोर मचता रहेगा कि मुस्लिम तुष्टिकरण कर रही है कोई सियासी पार्टी क्योंकि अभी तक मुसलमानों को कुछ मिला तो नहीं है यहां तक हमारे वोट पर जीतने के बाद सेहरा दूसरो के सर बाधने वाले और हार का ठीकरा मुसलमानों पर फोड़ने वाले भी हमारा वोट चाहते हैं।
By: Yunus Mohani

بہار اسٹیٹ مدرسہ ایجوکیشن بورڈ کے نصاب سے انگریزی مضمون کو ختم کرنے سے بہارمدارس کے بچوں کا مستقبل خطرے میں: سید محمد اشرف کچھوچھوی 

چتوڑگڑھ،راجستھان،۱؍ستمبر(پریس ریلیز) بہار اسٹیٹ مدرسہ ایجوکیشن بورڈ کی جانب سے فوقانیہ اور مولوی امتحانات سے لازمی پیپر انگریزی جو 100 نمبر کا تھا جسے ہٹا نے سے سیدھا نقصان طلبہ و طالبات کا ہوگا۔ ان خیالات کا اظہار آل انڈیا علماء و مشائخ بورڈ کے قومی صدراور ورلڈ صوفی فورم کے چیئرمین حضرت سید محمد اشرف کچھوچھوی نے چتوڑ گڑھ سے جاری ایک بیان میں کیا۔
بورڈ کے قومی صدر نے کہا کہ طلبہ و طالبات کو کسی بھی یونیورسٹی میں کسی بھی شعبے میں داخلہ لینے کے لئے یا روزگار حاصل کرنے کے لئے انگریزی زبان کا ہونا لازمی ہے۔موجودہ دور میں زیادہ تر علمی معلومات اسی زبان میں میسرہیں جس سے مستفیدہونے کے لیے ضروری ہے کہ اس زبان پر تحریری اور زبانی اعتبار سے دسترس حاصل کی جائی لیکن اس کو ہٹاکر بہار مدرسہ بورڈ نے طلبہ و طالبات کے مستقبل کے ساتھ کھلواڑ کیا ہے اور ساتھ ہی ایجوکیشن بورڈ کے ذریعہ قدیم مدت سے چلی آرہی روایتوں سے ہٹ کر جمعہ کے دن امتحان بھی کرایا گیا ہے جو کہ غلط ہے۔
ان حرکتوں سے پتہ چلتا ہے کہ حکومت بہار نے پورا ارادہ کر لیا ہے کہ مدرسہ بورڈ ختم کردیا جائے جس کا تازہ نمونہ یہ بھی ہے کہ اگست کی آخری تاریخوں میں فوقانیہ اور مولوی جماعت کا امتحان کروایا جا رہا ہے تاکہ کوئی بھی طلبہ و طالبات دیگر کالجوں اور یونیورسٹیوں میں داخلہ نہ لے سکیں کیونکہ ملک کے بیشتر تعلیمی اداروں میں جولائی ماہ ہی میں داخلہ کی کار روائی مکمل کر لی جاتی ہے۔
انہونے یہ بھی کہا کہ یادرکھئے اگر مدرسہ بورڈ کو حکومت نے ختم کردیا تو ہمارے بچوں کا مستقبل تو ختم ہوگا ہی ساتھ ہی ہمارے گھروں میں بے روزگاری بھی بڑھے گی اس لئے آل انڈیا علما و مشائخ بورڈ حکومت بہار سے اسکو بحال کرنے کا پر زور مطالبہ کرتا ہے۔

दुनिया के सभी देशों से अंतरराष्ट्रीय ईश निंदा क़ानून बनवाने के लिए एकजुट होने की वर्ल्ड सूफी फोरम की अपील।

31 अगस्त /चित्तौड़गढ़,

वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन और आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के संस्थापक, अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने पत्रकारों को बताया कि वर्ल्ड सूफी फोरम ने दुनिया के तमाम देशों से पत्र भेज कर अपील की है कि अंतरराष्ट्रीय ईश निंदा क़ानून बना कर दुनिया को वैचारिक आतंकवाद से बचाया जाऐ।
उन्होंने कहा कि यह क़दम हाल में हॉलैंड के एक सरफिरे द्वारा पैग़म्बरे अमन व शांति हज़रत मोहम्मद सल्लाल्लहू अलैहि वसल्लम के कार्टून की प्रतियोगिता आयोजित करने के ऐलान के बाद उठाना ज़रूरी है क्योंकि दुनिया में बसने वाले अरबों की तादाद में मुसलमानों की आस्था ऐसी घिनौनी करतूत से आहत हुई है। न सिर्फ मुसलमानों की बल्कि सभी अमन पसंद लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं ।
उन्होंने कहा, हालांकि पूरी दुनिया में हो रहे विरोध प्रदर्शनों और संयुक्त राष्ट्र मानव अधिकार आयोग से वर्ल्ड सूफी फोरम की शिकायत के बाद इस प्रतियोगता को आयोजित नहीं किया जाने का ऐलान किया गया है लेकिन यह अंतिम उपचार या न्याय नहीं है ।उन्होंने कहा कि कहीं भी दुनिया के किसी कोने में कोई किसी भी धर्म के खिलाफ अगर ऐसी घिनौनी बात करता है जिससे उस धर्म के मानने वालों को दुख होता है तो अंतरराष्ट्रीय कानून का होना जरूरी है ताकि दोषी को सज़ा मिल सके और फिर किसी की हिम्मत न हो ऐसा कुकृत्य करने की।
हज़रत ने कहा नामूसे रिसालत पर हमला करने वाले दुनिया को अशांत करना चाहते हैं असली आतंकी यही विचार रखने वाले हैं जो किसी की धार्मिक भावनाओं को अपना हथियार बना कर अपना शैतानी मकसद हल करना चाहते हैं ।लिहाज़ा इस मुद्दे पर सबको साथ आना होगा ।

By: यूनुस मोहानी

आफत में घिरे लोगों की मदद हम सब का इन्सानी फ़र्ज़ है : सय्यद मोहम्मद अशरफ

20 जुलाई /लखनऊ “आफत में घिरे लोगों की मदद हम सब का इंसानी फ़र्ज़ है “हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी संस्थापक अध्यक्ष आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड एवं चेयरमैन वर्ल्ड सूफी फोरम ने यह बात केरल आपदा में पीड़ितों को मदद पहुँचाने की अपील करते हुए कही .

उन्होंने कहा कि आल इंडिया उलमा मशाइख बोर्ड ने क़ुरबानी के ताल्लुक से जो अपील जारी की है उसमे अहम् बात है कि लोग नफ्ली क़ुरबानी जो करना चाहते हैं उनके लिए बेहतर है कि वह केरल के बाढ़ पीड़ितों या कहीं भी किसी मुसीबत में फंसे इंसान की मदद करें क्योंकि मुसीबतज़दा लोगों कि मदद हमारा इंसानी और अख्लाकी फ़र्ज़ है .हज़रत ने कहा कि लोग सामूहिक रूप से या व्यक्तिगत रूप से मदद पहुंचा सकते हैं इस वक़्त लोगो को हमारी सख्त ज़रूरत है .

ईद-उल-अजहा का त्यौहार हमें मानना है और ये त्य्हार हमें कुर्बानी की सीख देता है लिहाज़ा हम अपने उन लोगों के लिए भी क़ुरबानी का जज्बा दिखाएँ जिन्हें इस मुश्किल वक़्त में हमारी ज़रूरत है .आल इंडिया उलमा मशाइख बोर्ड के ज़रिये भी आप अपनी मदद भेज सकते हैं .

हज़रत ने कहा कि कुर्बानी में इस बात का ख्याल रखना है कि हमारी वजह से किसी को तकलीफ न पहुंचे और हम कोई ऐसा काम न करें जिससे मुल्क में अमन को खतरा है जिस जानवर पर पाबंदी है उसकी कुर्बानी न करें .कुरबानी का मकसद समझें क्योंकि यह एक तरह से भुकमरी के खिलाफ जंग है .

हज़त ने सभी को ईद की मुबारकबाद देते हुए कहा कि केरल सैलाब में जो लोग बेघर हुए हैं सब उनकी मुमकिन मदद करें यह हम सब की साझा ज़िम्मेदारी है .

By: Yunus Mohani

आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड ने संयुक्त राष्ट्र संघ और हॉलैंड सरकार को दर्ज कराया विरोध

पैग़म्बर ए अमन की शान में गुस्ताखी ना क़ाबिल ए बर्दाश्त: सय्यद अशरफ

18 अगस्त (दिल्ली)

“पैग़म्बर ए अमन की शान में गुस्ताखी ना क़ाबिल ए बर्दाश्त” आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष व वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन सय्यद मोहम्मद अशरफ किछोछ्वी ने हॉलैंड के एक सांसद द्वारा पैग़म्बर ए अमन का कार्टून बनाने का कॉम्पीटिशन पार्लियामेंट हाउस में उनकी पार्टी के दफ्तर में आयोजित करने के देहश्तगरदान काम पर कही. हज़रत ने कहा कि किसी भी मज़हब कि तौहीन आतंकवाद ही है, उनहोंने बताया कि आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड ने संयुक्त राष्ट्र संघ व हॉलैंड सर्कार को अपना विरोध पत्र लिख कर दर्ज कराया है और मांग की है कि ऐसा करने वाले किसी व्यक्ति/संस्था को कड़ी से कड़ी सज़ा दी जाए और ताकि भविष्य में कोई ऐसा करने का प्रयत्न भी ना करे. उन्होंने कहा भारत सरकार से भी बोर्ड मांग करता है कि इस मसले पर अपना विरोध हॉलैंड सरकार से जताए क्योंकि इससे भारत में रहने वाले करोड़ों भारतीय मुसलमानों की भावनाएँ आहत हुई हैं. पैग़म्बर की शान में गुस्ताखी मुसलमान बर्दाश्त नहीं कर सकता इसलिए नफरत फैलाने वले उनके जज्बात को इसी के जरिये भड़काना चाहते हैं, जो कि एक वैश्विक षडयंत्र का हिस्सा है. हमें नफरत को पछाड़ने के लिए ऐसा करने वालों को रोकना होगा.

सिर्फ जश्ने आज़ादी मनाना नहीं बल्कि आज़ादी को महफूज़ भी रखना है: सय्यद मोहमम्द अशरफ

15 अगस्त /दिल्ली “सिर्फ जश्ने आज़ादी मनाना नहीं बल्कि आज़ादी को महफूज़ भी रखना है “यह बात आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड और वर्ल्ड सूफी फोरम के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहमम्द अशरफ किछौछवी ने जश्ने आज़ादी के मौक़े पर कही उन्होंने मुल्क के सभी लोगों को यौमे आज़ादी की मुबारकबाद देते हुए कहा कि यह मुल्क का राष्ट्रिय पर्व है .

सभी को पूरे हर्षो उल्लास के साथ इसमें शरीक होना चाहिए क्योंकि देश से हम हैं हमारी पहचान हमारे मुल्क से है इसकी आज़ादी को बरक़रार रखना हम सबकी सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी है .उन्होंने कहा कि आज़ादी को छीनने के लिए बड़ी ताकतें लगी हुई हैं लेकिन हम हिन्दोस्तानी अपना सबकुछ लुटाकर भी इसे किसी को छीनने नहीं देंगे .

हज़रत ने कहा कि हमारे बीच में नफरत के बीज इसीलिए बोये जा रहे हैं कि हम एक होकर अपने मुल्क को भी बचाने न खड़े हो सके क्योंकि हमारा इतिहास यही रहा है जब देश की बात आई है तो हम सब एक नज़र आये हैं और देश के दुश्मन यह जानते हैं कि अगर यह एक रहे तो इन्हें मात देना मुमकिन नहीं है .

उन्होंने कहा कि हिन्दू मुस्लिम नहीं हिन्दोस्तानी बन कर सोचिये कि नफरत का नतीजा क्या होगा ?मोहब्बत से नफरतों को हरा दीजिये यही देशभक्ति का तकाजा है.अब अगर कोई नफरत की बात करे तो समझ जाइये यह देश का दुश्मन है देश तोडना चाहता है .लोगों के बहकावे में मत आइये सबको गले लगाइये.

 

By: Yunus Mohani

ग़रीबी और अशिक्षा को मिटाने की बात कीजिए तलाक़ पर तकरार बेमानी : सय्यद मोहम्मद अशरफ

श्रीलंका/कोलंबो 9 अगस्त “गरीबी और अशिक्षा मिटाने की बात कीजिए तलाक़ पर तकरार बेमानी” यह बात वर्ल्ड सूफी फोरम व आल इंडिया उलमा व मशायख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने पत्रकारों द्वारा तीन तलाक़ पर पूछे गए सवाल के जवाब में कहीं। वह इस समय श्रीलंका दौरे पर हैं।
हज़रत ने भारत सरकार द्वारा संसद में पेश ट्रिपल तलाक़ बिल में संशोधन पर पूछे गए सवाल पर कहा कि तलाक़ मुसलमानों का सबसे बड़ा मसला नहीं है सबसे बड़ा मसला हिन्दुस्तानी मुसलमानों की बदहाली गरीबी और अशिक्षा है इसपर बहस कर इसे दूर करने का इमानदार प्रयास होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अभी संशोधन क्या हुआ है इसकी जानकारी नहीं है लिहाजा इस पर बात करना सही नहीं है लेकिन यह ज़रूर कहूंगा कि तलाक़ से प्रभावित मुस्लिम महिलाओं की संख्या .5 फीसदी है जबकि अनुच्छेद 341 पर प्रतिबंध होने से लगभग 95% मुसलमान परेशान है और अपने अधिकारों से वंचित हैं यदि सरकार वास्तव में सबका साथ सबका विकास के एजेंडे पर काम करना चाहती है तो इसपर बहस करवाकर इस प्रतिबंध को हटाने का मार्ग प्रशस्त करे।
हज़रत ने कहा कि नफरत को रोकने के लिये मोहब्बत को आम कीजिए , तलाक़ पर कोई बात करने से पहले मुसलमानों को विश्वास में लिया जाना ज़रूरी है।
उन्होंने राज्यसभा के उपसभापति चुने जाने पर श्री हरिवंश जी को मुबारकबाद देते हुए कहा कि हम उम्मीद करते है कि वह अपने अनुभव से देश के लोकतंत्र को और मजबूत करेंगे।

By: Younus Mohani