भारत का अमन बचाना हम सब की सांझी ज़िम्मेदारी : सय्यद अशरफ

25 फरवरी,नई दिल्ली
आल इंडिया उलमा व माशाईख बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फ़ोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने दिल्ली में हो रही हिंसा पर चिंता जाहिर करते हुए लोगों से अमन की अपील की उन्होंने कहा कि भारत के अमन की हिफ़ाज़त हम सब की सांझी ज़िम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि मुल्क में हिंसा फैलाने वाले न सिर्फ देश के बल्कि इंसानियत के दुश्मन हैं ,हिंसा चाहे कोई भी करे उस बर्दाश्त नहीं किया जा सकता सरकार को इस रोकने के लिए फौरन कार्यवाही करनी चाहिए इतना ही नहीं जिस तरह दिल्ली पुलिस ने किरदार पेश किया है उससे चिंता और बढ़ जाती है इसकी भी जांच होनी चहिए।
हज़रत ने लोगों से अफवाहों से बचने का आह्वाहन किया उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति अपने स्तर से लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करे ,हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई में न बंटे बल्कि इस चुनौती का सामना एक भारतीय बनकर कर अगर हम सब सिर्फ देश के बारे में सोचें तो शांति स्थापित हो जाएगी ,सिर्फ खुद को देशभक्त बताना ही देशभक्ति नहीं है बल्कि इसके लिए आपको योगदान देना होता है,वक़्त आने पर कुर्बानी देनी होती है यह समय एकजुट होकर नफरत को हराने का समय है।
धर्म हिंसा से रोकता है जबकि अधर्म हिंसा की प्रेरणा देता है तो भला कोई रामभक्त हिंसा कैसे कर सकता है और कोई अल्लाह से डरने वाला आग कैसे लगा सकता है इसपर विचार ज़रूरी है कि फिर यह राम का नारा लगाने वाले या आग लगाने वाले कौन लोग हैं जो धर्म का चोला ओढ़कर देश जलाने निकले हैं।
यह देश सांझी संस्कृति का देश है जहां ब्रह्मा की नगरी कहे जाने वाले पुष्कर में खिलने वाला गुलाब गरीब नवाज़ की बारगाह में चढ़ता है अभी अजमेर शरीफ में उर्स में सभी मजहबों के लोग एक साथ अपनी अकीदत के फूल पेश करने जमा होंगे यह मुल्क की खूबसूरती है।आइए हम सब मिलकर इस देश की सुंदरता की हिफ़ाज़त करें ,दिल्ली के लोग किसी के बहकावे में न आएं ।

نفرت کسی سے نہیں۔ محبت سب کے لیے۔سید محمد اشرف کچھوچھوی


خانقاہ شریف قادریہ چشتیہ مدنی پور،مغربی بنگال کا سالانہ عرس شریف اور پہلا عظیم آل انڈیا صوفی کانفرنس
مدنی پور،مغربی بنگال، ۹۱/فروری(پریس ریلیز)
آل انڈیا علما ومشائخ بورڈ کے صدر اور ورلڈ صوفی فورم کے چیئرمین حضرت سید محمد اشرف کچھوچھوی نے خطاب کرتے ہوئے کہا کہ امت مسلمہ آج مسائل سے دوچار ہے،ہر طرف نفرت وتعصب کا باز ار گرم ہے،ہماراپیا راملک جسے چشتی بزرگوں نے ہمارے لیے سازگار ابنا دیا تھا۔آج دوبارہ ہمارے حق میں نامناسب ہو گیا ہے،اس کی بنیادی وجہ تصوف کی اصل روح سے ہمارا بھٹکنا اور دورہو جانا ہے۔ہندوستان بہت پیارا ملک ہے،اور یہاں بسنے والی قوم بھی بہت اچھی ہے،مگر ہماری غیر دانشمندانہ حرکتوں نے سب کو ہم سے دور کردیا ہے۔ہمار انعرہ ہے،محبت سب کے لیے،نفرت کسی سے نہیں۔اسی میں ہمارے تمام مسائل کاحل پوشیدہ ہے۔

محقق عصر حضرت علامہ ومولانا پیر سید شمیم الدین احمد منعمی خانقاہ منعمیہ پٹنہ بہارنے کہا کہ تقوی اور خشیت الٰہی ہی معیار تصوف مدار نجات ہے۔تمام انبیا ومرسلین کی آمد وبعثت کا مقصد اولین لوگوں کے دلوں میں اللہ کا ڈراور اس کی محبت پیدا کرنا ہے۔

معروف اسلامی اسکالر مولانا مقبول ا حمد سالک مصباحی قومی ترجمان آل انڈیا علما ومشائخ بورڈ نے کہا کہ اب اس رشتہ محبت والفت کواور بھی مضبوط کرنا ہے،اور اس کاراستہ آل انڈیا علما ومشائخ بورڈ ہے،اس کی توسیع وتعارف ہم سب کی اجتماعی ذمہ داری ہے۔چناچہ اس موقع سے حاضرین میں تقریبا چار ہزار ممبرشپ فارم تقسیم کیے گئے۔جسے لوگوں نے بخوشی قبول کیا اور ہر طرح کے تعاون کا یقین دلایا۔

مشہور صوفی اسکالر ومحقق پیر سید فرید احمد نظامی نائب سجادہ نشیں درگا ہ حضرت نظام الدین اولیا،نئی دہلی نے آداب تصوف کے موضوع پر گفتگو فرمائی اور کہا کہ تصوف کا بدعات وخرافات سے تحفظ علمائے امت کی عظیم داری ہے۔آج تصوف اس لیے بد نام ہو رہاہے کیونکہ علم شریعت سے ناواقف اور غیر تربیت یافتہ افراد کاربار کی نیت سے گھس گئے ہیں،اور اس تصوف کو ذریعہ معاش بنا لیا ہے۔ہماری کوشش ہونی چاہئے کہ دعوت وتبلیغ کاکام فی سبیل اللہ اور ذریعہ معاش کوئی حلال دنیا وی کار وبار ہو۔

پیر سید سیف الدین فردوسی،خانقاہ معزم بہار شریف کہ صوفیا کے نزدیک الخلق عیال اللہ کا ہی تصوف کا پہلا زینہ ہے۔وہ تمام انسانی برادری کو ایک خاندان کی طرح دیکھتے ہیں۔اسی لیے وہ کسی کے درمیان رنگ ونسل کی بنیا دپر کوئی تفریق نہیں کرتے۔ان کے دربار میں آنے والے کا کبھی مذہب نہیں پو چھا جاتا۔ہر آنے والے کی بلا نکیر خد مت کی جاتی ہے۔اور اس کے در دکا مدا وا کیا جاتا ہے۔اور یہی چیز لوگو ں کے دل ودماغ کو خانقاہ کی طرف کھینچتی ہے۔

نائب سجادہ نشین خانقاہ قادریہ چشتیہ مدنی پوری پور پروفیسر اقبال شاہ قادری (صدر آل انڈیا علما ومشائخ بورڈ مغربی بنگال)نے خطبہ استقبالیہ پیش کرتے ہوئے تمام حاضرین کاشکریہ ادا کیااور کہا کہ صوفیا اورتمام مشائخ آپس میں بھائی بھائی ہیں،اس لیے دور ودراز سے چل کر علما ومشائخ خانقاہ قادریہ چشتیہ میں تشریف لے آئے۔خانقاہوں کا مقصد اولین خدمت خلق اور اصلاح معاشرہ واصلاح احوال ہے،الحمد للہ یہاں پر یہ دونوں کام عرصہ دراز سے بلاتفریق مذہب وملت جاری وساری ہیں۔

کانفرنس کی سرپرستی پیر طریقت پرفیسر ڈاکٹر حضرت سید منال شاہ القادری الجیلانی،سابق سفیر ہندوستان برائے اوزبکستان وسجادہ نشین دائرہ شریف کولکاتا وخانقاہ شریف قادریہ چشتیہ مدنی پور،مغربی بنگال نے فرمائی۔

حضرت مولانا سید تفہیم الاسلام صاحب پیر زادہ بانسو باٹی میجو حضور دربار شریف،ہگلی،محمد حسین شیرانی آل انڈیا علما ومشائخ بورڈ نئی دہلی،صوفی نجم الدین مستان،ممبئی اور کثیر تعدا د میں علما ومشائخ اور ہزار ہا ہزار کی تعداد میں شرکت کرکے پروگرام کو کامیاب بنایا۔صلوٰۃ وسلام،ملک میں امن وامان کی دعا کے ساتھ پروگرام اختتام پذیر ہوا۔

آل انڈیا علماءومشائخ بورڈ کا صوفی کانفرنس آج

آل انڈیا علماءومشائخ بورڈ مغربی بنگال یونٹ کے زیر اہتمام ایک عظیم الشان صوفی کانفرنس مدنا پور بنگال میں منعقد کی جارہی ہے۔
سید اقبال شاہ قادری صدر مشائخ بورڈ یونٹ کلکتہ نے بتایا کہ اس پیمانے کی صوفی کانفرنس پہلی بار مغربی بنگال کی سرزمین پر ہونے جارہی ہے جس میں سجادنشین، علماء اور دانشور ملک بھر کی بہت سے بڑے خانقاہوں کے نمائندوں کے ساتھ شامل ہو رہے ہیں، جس طرح ملک میں نفرت پھیل رہی ہے اس کی روک تھا م صرف صوفیاء کے افکار کو عام کرنے سے ہوسکتی ہے اسی وجہ سے یہ پروگرام مدناپور کی سرزمین پر منعقد کیا جارہا ہے۔
بنگال صوفیوں کی سرزمین ہے، یہاں عوام میں یہ رنگ نظر آتا ہے، میٹھی بولی اورمیل میلاپ، صوفیاء کی یہی تعلیم ہے کہ کسی کو کوئی پریشانی نہیں ہونی چاہئے،اس طرح زندگی گزاری جائے کہ جہاں اپنی زندگی خوش ہو وہیں دوسرے لوگ نفرت نہ کریں۔تو وگ اس طرح تمہاری محبت میں گرفتار ہوجائیں گے۔
اقبال شاہ قادری نے بتایا کہ اس کانفرنس کے سرپرست حضرت سید مننال شاہ قادری سجادہ نشین دائرہ شریف کولکاتاو خانقاہ شریف قادریہ چشتیہ مدناپور اور بنیادی طور پر بورڈ کے قومی صدر اور ورلڈ صوفی فورم کے چیئرمین حضرت سید محمد اشرف کچھوچھوی، حضرت عمار احمد احمدی عرف نیر میاں سجادہ نشین حضرت شیخ العالم ردولی شریف حضرت سید سلمان چشتی اجمیر شریف، حضرت فریدنظامی درگاہ نظام الدین اولیاء دہلی، حضرت مولانا شمیم الدین منعیمی سجادہ نشین خانقاہ منعینمیہ پٹنہ، حضرت سیف الدین فردوسی سجادہ نشین خانقاہ معزم بہار شریف، حضرت محمد ایوب قادری سجادانشین الجیلانی سینٹراورینٹ کولکاتہ، حضرت سیدتفہیم السلام، پیرزادہ بسوباٹی میجو حضوردربارشریف ہگلی، حضرت سید ابوالبشرپیرزادہ پیاردانگا مدناپور، حضرت محمد مولانا محمد ابوالقاسم پیرزادہ پیر نگردربار شریف ہگلی،حضرت مولاما مقبول سالک مصباحی اور دیگر دانشور اور علماء شرکت کریں گے.

वतन पे जान लुटाने वालों का हम सब पर क़र्ज़ : सय्यद मोहम्मद अशरफ

कोलकाता में 16 फरवरी को सूफी कांफ्रेंस आयोजित

14 फरवरी,2020 कोलकाता,

आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फ़ोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने पिछले साल आज ही के दिन हुए पुलवामा अटैक में वतन पर अपनी जान लुटा देने वाले भारत के वीर जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वतन पर जान लुटाने वालो का हम सब पर कर्ज है।

उन्होंने कहा कि जब हमारे जवान मुश्किल से मुश्किल मौसम और हालात से जूझते हुए हमारी सरहदों की हिफ़ाज़त करते हैं तब हम अपने घरों में चैन की नींद सोते हैं, हमारी हर सुकून भरी नींद पर इनका अहसान है, हमें यह नहीं भूलना चाहिए। सभी देशवासियों को मिलकर उनके परिवारों की हर तरह की मदद करनी चाहिए ताकि जो अपना सबकुछ हमारे वतन के लिए न्योछावर कर गए उनके परिवार एक बेहतर जिंदगी गुजार सकें।
हज़रत ने कहा कि हमें हर वक़्त अपने जवानों की कुर्बानी याद रहनी चाहिए, इससे भ्रष्टाचार भी कम होगा और समाज में आपसी भाईचारा भी बढ़ेगा, उन्होंने पूरे देश का आह्वाहन करते हुए कहा कि आइए हम सब देश के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए यह संकल्प लें कि अब इन वीर सपूतों के सम्मान में हम देश को दीमक की तरह खोखला कर रहे भ्रष्टाचार के विरूद्ध खड़े होंगे और अपने अपने स्तर पर जहां भी संभव होगा इसे रोकने का प्रयास करेंगे, यही इन वीरों के प्रति हमारी असली श्रद्धांजलि होगी।
वह यहां कोलकाता में आल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड द्वारा 16 फरवरी रविवार को आयोजित होने वाली सूफी कॉन्फ्रेंस के लिए आए हुए हैं, इस कॉन्फ्रेंस में देश की बड़ी विख्यात ख़ानक़ाहों के सज्जादानशीन प्रतिनिधि, उलमा और बुद्धिजीवी शिरकत कर रहे हैं और कोलकाता की धरती पर आयोजित होने वाली यह अपनी तरह की पहली कॉन्फ्रेंस है जिसमें बड़ी तादाद में लोगों के जुटने की बात हो रही है।

Yunus Mohani

नफ़रत बिखराव चाहती है फैसला आपके हाथ : सय्यद मोहम्मद अशरफ

14 जनवरी/नई दिल्ली
आल इंडिया उलमा व मशाईख  बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि”नफरत बिखराव चाहती है,फैसला आपके हाथ है ” उनका यह बयान देश में मौजूदा हालात पर था उन्होंने कहा कि चुनावी समर शुरू हो चुका है लिहाजा नफरत अपना हर हथकंडा आजमाएगी ।
हज़रत ने कहा कि लोग इत्तेहाद कर जीतने की राह तलाश रहे हैं।इधर मुसलमान आपस में छोटी छोटी बातों पर बिखर जाने पर आमादा हैं यह नफरत के एजेंडे को कामयाब बनाने वाली बात है जिसे वक़्त रहते समझना होगा वरना नुकसान तय है ।
उन्होंने कहा कि जिस तरह तेज़ी से हालात बदल रहे हैं हमें अनपर कड़ी नजर रखते हुए फैसला करना होगा जिससे मुल्क को हम नफरत की आंधी से बचा पाये हम फरेब में फंसे तो अपना ही नहीं मुल्क का भी नुकसान करेंगे।
हज़रत से जब उत्तरप्रदेश में समाजवादी और बहुजन समाज पार्टी के इत्तेहाद के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने सवाल के जवाब में सवाल किया कि इस इत्तेहाद में शामिल पार्टियों ने क्या बताया है कि वह सिर्फ मुसलमानों का वोट चाहती हैं या फिर प्रतिनिधित्व भी देना चाहती हैं ?
उन्होंने कहा कि कब तक सिर्फ यह शोर मचता रहेगा कि मुस्लिम तुष्टिकरण कर रही है कोई सियासी पार्टी क्योंकि अभी तक मुसलमानों को कुछ मिला तो नहीं है यहां तक हमारे वोट पर जीतने के बाद सेहरा दूसरो के सर बाधने वाले और हार का ठीकरा मुसलमानों पर फोड़ने वाले भी हमारा वोट चाहते हैं।
By: Yunus Mohani

بہار اسٹیٹ مدرسہ ایجوکیشن بورڈ کے نصاب سے انگریزی مضمون کو ختم کرنے سے بہارمدارس کے بچوں کا مستقبل خطرے میں: سید محمد اشرف کچھوچھوی 

چتوڑگڑھ،راجستھان،۱؍ستمبر(پریس ریلیز) بہار اسٹیٹ مدرسہ ایجوکیشن بورڈ کی جانب سے فوقانیہ اور مولوی امتحانات سے لازمی پیپر انگریزی جو 100 نمبر کا تھا جسے ہٹا نے سے سیدھا نقصان طلبہ و طالبات کا ہوگا۔ ان خیالات کا اظہار آل انڈیا علماء و مشائخ بورڈ کے قومی صدراور ورلڈ صوفی فورم کے چیئرمین حضرت سید محمد اشرف کچھوچھوی نے چتوڑ گڑھ سے جاری ایک بیان میں کیا۔
بورڈ کے قومی صدر نے کہا کہ طلبہ و طالبات کو کسی بھی یونیورسٹی میں کسی بھی شعبے میں داخلہ لینے کے لئے یا روزگار حاصل کرنے کے لئے انگریزی زبان کا ہونا لازمی ہے۔موجودہ دور میں زیادہ تر علمی معلومات اسی زبان میں میسرہیں جس سے مستفیدہونے کے لیے ضروری ہے کہ اس زبان پر تحریری اور زبانی اعتبار سے دسترس حاصل کی جائی لیکن اس کو ہٹاکر بہار مدرسہ بورڈ نے طلبہ و طالبات کے مستقبل کے ساتھ کھلواڑ کیا ہے اور ساتھ ہی ایجوکیشن بورڈ کے ذریعہ قدیم مدت سے چلی آرہی روایتوں سے ہٹ کر جمعہ کے دن امتحان بھی کرایا گیا ہے جو کہ غلط ہے۔
ان حرکتوں سے پتہ چلتا ہے کہ حکومت بہار نے پورا ارادہ کر لیا ہے کہ مدرسہ بورڈ ختم کردیا جائے جس کا تازہ نمونہ یہ بھی ہے کہ اگست کی آخری تاریخوں میں فوقانیہ اور مولوی جماعت کا امتحان کروایا جا رہا ہے تاکہ کوئی بھی طلبہ و طالبات دیگر کالجوں اور یونیورسٹیوں میں داخلہ نہ لے سکیں کیونکہ ملک کے بیشتر تعلیمی اداروں میں جولائی ماہ ہی میں داخلہ کی کار روائی مکمل کر لی جاتی ہے۔
انہونے یہ بھی کہا کہ یادرکھئے اگر مدرسہ بورڈ کو حکومت نے ختم کردیا تو ہمارے بچوں کا مستقبل تو ختم ہوگا ہی ساتھ ہی ہمارے گھروں میں بے روزگاری بھی بڑھے گی اس لئے آل انڈیا علما و مشائخ بورڈ حکومت بہار سے اسکو بحال کرنے کا پر زور مطالبہ کرتا ہے۔

दुनिया के सभी देशों से अंतरराष्ट्रीय ईश निंदा क़ानून बनवाने के लिए एकजुट होने की वर्ल्ड सूफी फोरम की अपील।

31 अगस्त /चित्तौड़गढ़,

वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन और आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के संस्थापक, अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने पत्रकारों को बताया कि वर्ल्ड सूफी फोरम ने दुनिया के तमाम देशों से पत्र भेज कर अपील की है कि अंतरराष्ट्रीय ईश निंदा क़ानून बना कर दुनिया को वैचारिक आतंकवाद से बचाया जाऐ।
उन्होंने कहा कि यह क़दम हाल में हॉलैंड के एक सरफिरे द्वारा पैग़म्बरे अमन व शांति हज़रत मोहम्मद सल्लाल्लहू अलैहि वसल्लम के कार्टून की प्रतियोगिता आयोजित करने के ऐलान के बाद उठाना ज़रूरी है क्योंकि दुनिया में बसने वाले अरबों की तादाद में मुसलमानों की आस्था ऐसी घिनौनी करतूत से आहत हुई है। न सिर्फ मुसलमानों की बल्कि सभी अमन पसंद लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं ।
उन्होंने कहा, हालांकि पूरी दुनिया में हो रहे विरोध प्रदर्शनों और संयुक्त राष्ट्र मानव अधिकार आयोग से वर्ल्ड सूफी फोरम की शिकायत के बाद इस प्रतियोगता को आयोजित नहीं किया जाने का ऐलान किया गया है लेकिन यह अंतिम उपचार या न्याय नहीं है ।उन्होंने कहा कि कहीं भी दुनिया के किसी कोने में कोई किसी भी धर्म के खिलाफ अगर ऐसी घिनौनी बात करता है जिससे उस धर्म के मानने वालों को दुख होता है तो अंतरराष्ट्रीय कानून का होना जरूरी है ताकि दोषी को सज़ा मिल सके और फिर किसी की हिम्मत न हो ऐसा कुकृत्य करने की।
हज़रत ने कहा नामूसे रिसालत पर हमला करने वाले दुनिया को अशांत करना चाहते हैं असली आतंकी यही विचार रखने वाले हैं जो किसी की धार्मिक भावनाओं को अपना हथियार बना कर अपना शैतानी मकसद हल करना चाहते हैं ।लिहाज़ा इस मुद्दे पर सबको साथ आना होगा ।

By: यूनुस मोहानी

आफत में घिरे लोगों की मदद हम सब का इन्सानी फ़र्ज़ है : सय्यद मोहम्मद अशरफ

20 जुलाई /लखनऊ “आफत में घिरे लोगों की मदद हम सब का इंसानी फ़र्ज़ है “हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी संस्थापक अध्यक्ष आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड एवं चेयरमैन वर्ल्ड सूफी फोरम ने यह बात केरल आपदा में पीड़ितों को मदद पहुँचाने की अपील करते हुए कही .

उन्होंने कहा कि आल इंडिया उलमा मशाइख बोर्ड ने क़ुरबानी के ताल्लुक से जो अपील जारी की है उसमे अहम् बात है कि लोग नफ्ली क़ुरबानी जो करना चाहते हैं उनके लिए बेहतर है कि वह केरल के बाढ़ पीड़ितों या कहीं भी किसी मुसीबत में फंसे इंसान की मदद करें क्योंकि मुसीबतज़दा लोगों कि मदद हमारा इंसानी और अख्लाकी फ़र्ज़ है .हज़रत ने कहा कि लोग सामूहिक रूप से या व्यक्तिगत रूप से मदद पहुंचा सकते हैं इस वक़्त लोगो को हमारी सख्त ज़रूरत है .

ईद-उल-अजहा का त्यौहार हमें मानना है और ये त्य्हार हमें कुर्बानी की सीख देता है लिहाज़ा हम अपने उन लोगों के लिए भी क़ुरबानी का जज्बा दिखाएँ जिन्हें इस मुश्किल वक़्त में हमारी ज़रूरत है .आल इंडिया उलमा मशाइख बोर्ड के ज़रिये भी आप अपनी मदद भेज सकते हैं .

हज़रत ने कहा कि कुर्बानी में इस बात का ख्याल रखना है कि हमारी वजह से किसी को तकलीफ न पहुंचे और हम कोई ऐसा काम न करें जिससे मुल्क में अमन को खतरा है जिस जानवर पर पाबंदी है उसकी कुर्बानी न करें .कुरबानी का मकसद समझें क्योंकि यह एक तरह से भुकमरी के खिलाफ जंग है .

हज़त ने सभी को ईद की मुबारकबाद देते हुए कहा कि केरल सैलाब में जो लोग बेघर हुए हैं सब उनकी मुमकिन मदद करें यह हम सब की साझा ज़िम्मेदारी है .

By: Yunus Mohani

आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड ने संयुक्त राष्ट्र संघ और हॉलैंड सरकार को दर्ज कराया विरोध

पैग़म्बर ए अमन की शान में गुस्ताखी ना क़ाबिल ए बर्दाश्त: सय्यद अशरफ

18 अगस्त (दिल्ली)

“पैग़म्बर ए अमन की शान में गुस्ताखी ना क़ाबिल ए बर्दाश्त” आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष व वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन सय्यद मोहम्मद अशरफ किछोछ्वी ने हॉलैंड के एक सांसद द्वारा पैग़म्बर ए अमन का कार्टून बनाने का कॉम्पीटिशन पार्लियामेंट हाउस में उनकी पार्टी के दफ्तर में आयोजित करने के देहश्तगरदान काम पर कही. हज़रत ने कहा कि किसी भी मज़हब कि तौहीन आतंकवाद ही है, उनहोंने बताया कि आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड ने संयुक्त राष्ट्र संघ व हॉलैंड सर्कार को अपना विरोध पत्र लिख कर दर्ज कराया है और मांग की है कि ऐसा करने वाले किसी व्यक्ति/संस्था को कड़ी से कड़ी सज़ा दी जाए और ताकि भविष्य में कोई ऐसा करने का प्रयत्न भी ना करे. उन्होंने कहा भारत सरकार से भी बोर्ड मांग करता है कि इस मसले पर अपना विरोध हॉलैंड सरकार से जताए क्योंकि इससे भारत में रहने वाले करोड़ों भारतीय मुसलमानों की भावनाएँ आहत हुई हैं. पैग़म्बर की शान में गुस्ताखी मुसलमान बर्दाश्त नहीं कर सकता इसलिए नफरत फैलाने वले उनके जज्बात को इसी के जरिये भड़काना चाहते हैं, जो कि एक वैश्विक षडयंत्र का हिस्सा है. हमें नफरत को पछाड़ने के लिए ऐसा करने वालों को रोकना होगा.

सिर्फ जश्ने आज़ादी मनाना नहीं बल्कि आज़ादी को महफूज़ भी रखना है: सय्यद मोहमम्द अशरफ

15 अगस्त /दिल्ली “सिर्फ जश्ने आज़ादी मनाना नहीं बल्कि आज़ादी को महफूज़ भी रखना है “यह बात आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड और वर्ल्ड सूफी फोरम के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहमम्द अशरफ किछौछवी ने जश्ने आज़ादी के मौक़े पर कही उन्होंने मुल्क के सभी लोगों को यौमे आज़ादी की मुबारकबाद देते हुए कहा कि यह मुल्क का राष्ट्रिय पर्व है .

सभी को पूरे हर्षो उल्लास के साथ इसमें शरीक होना चाहिए क्योंकि देश से हम हैं हमारी पहचान हमारे मुल्क से है इसकी आज़ादी को बरक़रार रखना हम सबकी सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी है .उन्होंने कहा कि आज़ादी को छीनने के लिए बड़ी ताकतें लगी हुई हैं लेकिन हम हिन्दोस्तानी अपना सबकुछ लुटाकर भी इसे किसी को छीनने नहीं देंगे .

हज़रत ने कहा कि हमारे बीच में नफरत के बीज इसीलिए बोये जा रहे हैं कि हम एक होकर अपने मुल्क को भी बचाने न खड़े हो सके क्योंकि हमारा इतिहास यही रहा है जब देश की बात आई है तो हम सब एक नज़र आये हैं और देश के दुश्मन यह जानते हैं कि अगर यह एक रहे तो इन्हें मात देना मुमकिन नहीं है .

उन्होंने कहा कि हिन्दू मुस्लिम नहीं हिन्दोस्तानी बन कर सोचिये कि नफरत का नतीजा क्या होगा ?मोहब्बत से नफरतों को हरा दीजिये यही देशभक्ति का तकाजा है.अब अगर कोई नफरत की बात करे तो समझ जाइये यह देश का दुश्मन है देश तोडना चाहता है .लोगों के बहकावे में मत आइये सबको गले लगाइये.

 

By: Yunus Mohani