अग्निकांड में तबाह परिवारों के साथ खड़ा है बोर्ड, जल्दी मिलेगा प्रतिनिधिमंडल: सय्यद अशरफ

29 नवंबर रविवार,नई दिल्ली,
आल इंडिया उलमा मशाइख़ बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफ़ी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने संजरी चौक मालेगांव महाराष्ट्र में हुए भीषण अग्निकांड पर अफसोस जताते हुए कहा है कि ऐसे दौर में जब कोरोना महामारी की वजह से कारोबार चौपट है ऐसे में जिन लोगों के आशियाने जल गए हम सब उनके साथ खड़े है आल इंडिया उलमा मशाईख बोर्ड का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही मौके पर पहुंच कर जिन लोगों का नुकसान हुआ है उनसे मुलाक़ात करेगा और मुमकिन मदद करने की कोशिश करेगा,
हज़रत ने कहा कि सभी का फ़र्ज़ है कि वह मुसीबतजदा लोगों की मदद को आगे आएं बिना किसी भेदभाव के यही हमारा इन्सानी और दीनी फरीजा है ग्यारहवीं के इस मुकद्दस महीने में इस बार गौसे आजम की न्याज को इस तरह भी करे क्योंकि इस बार हर साल की तरह घरों में ढेग पकवा कर आप लोगों को बुला कर नहीं खिला पा रहे हैं क्योंकि महामारी का दौर चल रहा है तो इसे इस तरह किया जाए कि इस तरह जहां ज़रूरत है वहां हम खुद को पहुंचाएं और परेशान लोगों की मुमकिन मदद करें।
हज़रत ने महाराष्ट्र सरकार से भी अपील की है कि वह पीड़ित परिवारों को उचित मदद करे ताकि उनके नुकसान की भरपाई की जा सके।
उन्होंने कहा कि लोगों की मदद करते वक्त उनका मजहब,मसलक और जात पात न देखी जाए बल्कि हर परेशानहाल की मदद को आगे आया जाए इससे जहां हमसे हमारा खुदा खुश होगा वहीं समाज में मोहब्बत भी फैलेगी जो नफरत के जहर को खतम कर देगी।

By: यूनुस मोहानी

غریبوں کی بھوک اور اپنی انا کو مٹانے کا تہوار ہے عیدالاضحیٰ :سید محمد اشرف

جولائی 31 2020 نئی دہلی ، آل انڈیا علماء و مشائخ بورڈ کے قومی صدر اور ورلڈ صوفی فورم کے چیئرمین حضرت سید محمد اشرف کچھوچھوی نے عید الاضحی کے موقع پر عوام کو مبارکباد دیتے ہوئے کہا کہ یہ تہوار لوگوں کی بھوک مٹانے اور ان کی انا کو مٹانے کا ہے. اپنے مالک ، پالنہار کے سامنے سرشار ہونے اور اسکی مرضی سے زندگی گزارنے اور قربانی پیش کرنے کا ایک سبق ہے عید الاضحٰی۔

حضرت نے کہا کہ یہ وہ قربانی ہے جو اللہ کے پیارے نبی حضرت ابراہیم خلیل اللہ اور حضرت اسماعیل ذبیح اللہ کی سنت ہے جسے انہوں نے اپنے رب کے حکم سے ادا کیا ، جبکہ ہمارے نبی حضرت محمد مصطفی صلی اللہ علیہ وآلہ وسلم نے اس کو فاقہ کشی کے خلاف ایک عظیم جنگ قرار دیا ہے۔ اور حکم دیا کہ قربانی کے گوشت کے تین حصے کیے جائیں ، جس کا ایک حصہ غریبوں کا ہو ، ایک رشتہ دار، دوست واحباب اور ایک خود کھا سکتا ہے ، اس طرح ان تین دن کے دوران ہر شخص کو کھانا پہنچانے کا اہتمام کیا جائے جس سے کسی شخص کی خود اعتمادی کو بھی تکلیف نہ پہنچے،اور یہ بھی پتہ چلے کہ کس کے پاس کھانا نہیں ہے اور بعد میں اس کی مدد کی جائے ، ہمیں اس پوشیدہ پیغام کو سمجھنا ہوگا تبھی ہم حقیقی مقصد تک پہنچیں گے۔

انہوں نے کہا کہ قرآن مجید میں واضح طور پر لکھا ہے کہ آپ کا خون اور گوشت مجھ تک نہیں پہنچتا ، لیکن پہنچتا ہے تو صرف تقویٰ ، اور تقویٰ اپنے رب کے سامنے سرشار ہونے کا نام ہے، آپ کی انا کی تباہی کا نام ہے ، لہذا اس تہوار کے اصل مقصد کو سمجھتے ہوئے صفائی کے خصوصی خیال کے ساتھ منائیں ، کسی بھی قیمت پر قانون کی خلاف ورزی نہ کریں ، جن جانوروں کی قانونی ممانعت ہے ہرگز قربانی نہ کریں ، جبکہ اپنے ساتھی بھائیوں کے جذبات کا خیال رکھیں۔

بورڈ نے قربانی کے تعلق سے جو ہدایات جاری کی ہیں ان پر عمل کرتے ہوئے عید منائیں، سبھی کو عید الاضحی کی پرخلوص مبارکباد.

रमज़ान के सबक को पूरे साल याद रखने के अज़्म लेने का दिन है ईद : सय्यद अशरफ

25 मई ,दिल्ली
आल इन्डिया उलमा व मशाईख बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फ़ोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने देश एवम दुनिया के तमाम लोगों को ईद के पर्व की बधाई देते हुए कहा कि ईद का दिन हमने जो इबादतें की है पूरे रमज़ान के महीने में हमारे अल्लाह से उसकी मजदूरी मिलने का दिन है ,उन्होंने आगे कहा कि याद रखिए यह दिन सिर्फ खुश होने के लिए नहीं बल्कि इस बात का अपने रब से वादा करने का भी दिन है कि हमने माहे रमज़ान में जो सीखा है पूरे साल हम उस पर अमल करेंगे ,हमने खुद भूखा रह कर जो उन लोगों की भूख का अहसास किया है जिनके पास खाना नहीं है लिहाज़ा हम यह पूरी कोशिश साल के आइंदा महीनों में भी करते रहेंगे कि कोई भूखा न सोने पाये अगर ऐसा न हुआ तो रमज़ान का सबक हमने लिया ही नहीं।
हज़रत ने कहा कि पूरी दुनिया कोरोना की आफत से दो चार हैं लिहाज़ा हमें मदद का सिलसिला बंद नहीं करना है और लोगो की मदद करते रहना है ,इस बार की ईद एक अलग ही तरह की है जहां हम लोगो को गले नहीं लगा पायेंगे लेकिन इस बार दिल ज़रूर जुड़ें हैं गले मिलने का दिखावा नहीं है दिल मिले हैं क्योंकि इस लॉकडाउन ने हमें रिश्तों की अहमियत समझाई है हमें हमारे पड़ोसी के लिए हमारा फ़र्ज़ याद दिलाया है लिहाज़ा यह ईद ज़्यादा खुशी की ईद है।
हमें ईदगाहों में नमाज़ न पढ़ पाने का गम है लेकिन हम अल्लाह के बन्दों की मदद कर अपने रब का शुक्र अदा कर रहे हैं कि मालिक तूने हमें इस लायक बनाया कि हम तेरे बन्दों की मदद कर सके।उन्होंने कहा कि सभी लोग अपने घरों में रहकर ईद मनाएं अपने वालिदैन ,अपने बीवी बच्चो,भाई बहनों के साथ और सब मिलकर अपने रब से दुआ करें कि दुनिया जल्द इस कहर से आज़ाद हो और हम सब मस्जिदों को अपने सजदों से सजा दें।
उन्होंने कहा कि लॉकडाउन 31 मई तक है तो इस बार हमारे पास शव्वाल के 6 रोज़े रखने का पूरा मौका है जो पहले हम अपनी काहिली की वजह नहीं रख पा रहे थे इस बार हम अपने अल्लाह को राज़ी करने के लिए उसका भी एहतमाम करें,अपना फितरा जरूरतमंद तक ईद की नमाज़ से पहले पहुंचा दें और फिर अपने घर में अपने रब का शुक्र अदा करें।
सभी को ईद की खूब मुबारकबाद इस दुआ के साथ कि मालिक दुनिया को इस आफत से अपने हबीब के सदके आज़ाद कर दे और दुनिया में हर बीमार को शिफा दे,परेशानहालों की परेशानी दूर फरमाए और हमारा मुल्क अमन का गहवारा बने और खूब तरक्की करे।

Yunus Mohani

ईद के नाम पर फिज़ूलख़र्ची के बजाये ज़रूरतमंदों की मदद करे मुसलमान: ए.आई.यू.एम.बी

उलमा मशाइख बोर्ड की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग

04 मई, शेरानी आबाद, नागौर , राजस्थान

आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड दिल्ली के ज़िम्मेदार हाफिज हुसैन शेरानी ने बताया कि बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फ़ोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी समेत बोर्ड एग्जीक्यूटिव कॉउंसिल की ईद को लेकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग मीटिंग हुई जिस में भारतीय मुसलमानों से अपील करते हुए कहा गया कि:
रमजानुल मुबारक के पूरे महीने में विशेष रूप से आखिरी अशरे में अच्छी तरह से इबादत करें, सरकार द्वारा बरती जाने वाली सावधानियों का पालन करें और कोरोनो वायरस के खात्मे के लिए दुआ करें, पूरी दुनिया और हमारा प्यारा देश भारत कोरोना वायरस से परेशान है, एक हजार से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं, हजारों मरीजों का इलाज किया जा रहा है, अर्थव्यवस्था प्रभावित है, पूरा देश निराशा की स्थिति में है, ऐसे हालात में ईद के नाम पर ज़्यादा फ़िज़ूल खर्ची न करें, कपड़ों की खरीदारी हरगिज़ न करें , बल्कि नए के बजाय पुराना साफ सुथरा कपड़ा पहनें, और ज़रूरतमंदों की मदद करें, रमजान के आखिरी दिनों में अगर बाजार खुल भी जाए तो कृपया खरीदारी के लिए न जाएं, भीड़ जमा होगी तो खतरा है कहीं आप वायरस का शिकार न हो जाएँ, एक अच्छा भारतीय होने के नाते हमारी नैतिक ज़िम्मेदारी है हम इस आज़माइश के दौर में ईदुल फ़ित्र सादगी, और चुप्पी के साथ मनाएं, फितरा आखिरी अशरा से पहले अदा करने की कोशिश करें ताकि ज़रूरतमंदो तक उनका हक़ पहुँच जाए और अपने इलाक़े के इमाम व मोअज़्ज़िन का खास ख्याल रखें।


मीटिंग में कनाडा से शाह हसन जामी, कर्नाटक से हज़रत सैय्यद तनवीर हाशमी, महाराष्ट्र से हज़रत सैय्यद आलमगीर अशरफ, तेलंगाना से हज़रत सैय्यद आले मुस्तफा पाशा, यूपी से हज़रत सय्यदी मियां, यूनुस मोहानी, दिल्ली से हज़रत सैय्यद फरीद निज़ामी, मौलाना मकबूल और राजस्थान से हाजी सैय्यद सलमान चिश्ती व हुसैन शेरानी शामिल रहे.

आख़िर में कोरोना वायरस की महामारी से छुटकारा पाने के लिए ख़ास दुआ की गई ।

By: Husain Sherani

AIUMB मुरादाबाद शाखा ने ज़रूरतमंदो को राशन और ज़रूरी सामान बांटा

8 April, Moradabad
आल इंडिया उलेमा व मशाईख बोर्ड ज़िला मुरादाबाद की शाखा के ऑफिस अशरफ नगर नसीरपुर मदरसा अल्जामीअतु साबिरा लिल बनात में बोर्ड के जिम्मेदारो ने गरीब मजदूर और ज़रूरतमंदो को राशन और ज़रूरी सामान बांटा। मुरादाबाद शाखा के ज़िला सचिव कारी मो आमिर रज़ा अशरफी ने बताया कि राशन के सामान में आटा चावल दाल तेल चीनी चाय की पत्ती दूध खर्च पानी के लिये कुछ पैसे भी बाटे गये। बोर्ड के ज़िला कनवेनर कारी हसनैन अशरफी , कारी मजहर अशरफी , मौलाना नासिर अशरफी , मौलाना शफीक मिस्बही ,मौलाना नसीम अशरफी , कारी नजारुल हसन, मो. रज़ा, आदि ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। बताते चलें कि बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष सय्यद मो अशरफ किक्छौछवि के हुक्म पर पूरे मुल्क की शाखाओं के ज़रिए मदद का कार्य चल रहा है। और बोर्ड ने शबे बारात के मौके पर अपने घरों में रह कर ही इबादत करने और कब्रिस्तान में ना जाकर घर पर ही फातिहा और दुआ करने की अपील की है। एवं पूर्णबंद का पूरी तरह से पालन करने और मुल्क की सलामती की अपील की है।

AIUMB सम्भल शाखा के ज़िम्मेदारों ने बांटा ज़रूरत मंदों को राशन किट

8 April, Sambhal.
अल अशरफ ट्रस्ट व आल इंडिया उलेमा मशाइख़ बोर्ड यूथ ब्रिगेड की टीम भी लॉक डाउन में राहत सामग्री बांटने में जुट गई है। बुधवार की देर शाम दोनो संगठनों ने राशन किट का वितरण किया। लॉक डाउन में ज़़्रूरत मंदों व असहाय लोगों को भूखे पेट न रहने का निर्णय लेते हुए पदाधिकारी किट लेकर लाक डाउन की वजा सै ज़रूरत मंदों के घर पहुंचे। जानकारी के अनुसार 20 किलो वज़नी किट में घरेलू खानपान का सभी जरूरी सामान रखा गया है। फहद शाह अशरफी, मोहम्मद अशरफ़ अशरफी, हाजी नकी, गुल फ़राज़, शुऐब अशरफी, मौलाना अज़ीम अशरफ (हेड ऑफ़िस ए॰आई॰यू॰एम॰बी॰ दिल्ली ), हाजी नकी,कासिम अशरफी, जाने आलम, आफताब, मोहम्मद बिलाल, कारी इरफान, कारी मुशर्रफ़, कारी शमीम अहमद, कारी वसीम, कारी फहीम, सग़ीर अहमद, कारी फुरकान अशरफी आदि शामिल रहे।

उलमा व मशाईख बोर्ड ने बेहतर कार्य के लिये पुलिस टीम को सम्मानित किया

9 April, Moradabad.

कोरोना वाइरस के इस कहर में डाक्टर, पुलिस और सफाई कर्मी एक योद्धा की तरह डट कर कार्य कर रहें हैं। इसी को देखते हुए मुरादाबाद जिले की आल इंडिया उलेमा व मशाईख बोर्ड के जिम्मेदारों ने बोर्ड के ज़िला कार्यालय अशरफ नगर नसीरपुर के मदरसा अल्जामिअ तुस्सबीर लिल बनात पर थाना ज़िला मुरादाबाद थाना मैनाठेर की पुलिस टीम को थाना प्रभारी मनोज कुमार और उनकी टीम को उनकी बेहतर कार्य के लिये उन्हे हार माला पहना कर एवं गुलाब के फूल देकर सम्मानित किया। और उसके हौसलों की तारीफ की।
बोर्ड के ज़िला सचिव कारी मो आमिर रज़ा अशरफी और मौलाना हसनैन अशरफी,.मौलाना नासिर अशरफी ,कारी मज़हरुल हसन अशरफी ,ने जनता से पूर्ण बंद का मुकम्मल तौर पर पालन करने एवं पुलिस प्रशाशन का सहयोग और उसका हौसला बढ़ाने की अपील की।

घरों में रहकर कोरोना को और आपसी सहयोग से भूख को हराना है : AIUMB

उलमा मशाईख बोर्ड व अल अशरफ ट्रस्ट ने शेरानी आबाद में राहत बांटी।

12 अप्रैल 2020 रविवार , शेरानी आबाद, नागौर, राजस्थान,

आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड और अल अशरफ ट्रस्ट के तत्वाधान में गरीब और असहाय लोगों तक मदद पहुंचाने का सिलसिला दूर दराज गावों में पहुंच चुका है और बोर्ड के लोग हर जगह ज़रूरतमंदों तक राशन किट और दूसरी ज़रूरी सहायता पहुंचा रहे हैं।
दिल्ली ऑफिस के ज़िम्मेदार हाफ़िज़ हुसैन शेरानी ने मोहम्मद खान, गौस मोहम्मद, मोहम्मद रफीक व अन्य के साथ मिलकर इसी कड़ी में शेरानी आबाद के गौसिया मोहल्ला में राहत बांटी, लगातार यह सिलसिला जारी है, बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी की लोगों से हर जरूरतमंद शख्स की हर संभव मदद पहुंचाने की अपील के बाद से राष्ट्रीय स्तर पर यह काम किया जा रहा है।
बोर्ड ने सभी से अपील की है कि देशभर में लोग सिर्फ अपने घर के 100 मीटर के दायरे की ज़िम्मेदारी उठा लें तो पूरे पूरे देश में कहीं कोई भूख से नहीं मर सकता, इस तरह हम भूख के साथ कोरोना को हरा कर नई तारीख लिख सकते हैं कि जिस देश में इतनी बड़ी आबादी रहती हो वहां लाकडाउन के बावजूद भी लोगों ने यह बताया कि इंसानियत के जरिए हम बड़ी से बड़ी चुनौती को पार कर सकते हैं। नबी की तालीम यही है कि अगर तुम्हारा पड़ोसी भूखा है और तुम खाना खा रहे हो तो तुम हरगिज़ मोमिन नहीं हो सकते, देश के 30 करोड़ मुसलमान इस पर अमल कर देश के सभी भूखों का पेट भर दे इसके लिए उन्हें सिर्फ 2 लोगों के खाने का इंतजाम करना है।

Yunus Mohani

यह वक़्त मुश्किल है आइए मदद के लिए हाथ बढ़ाये: सय्यद मोहम्मद अशरफ

06 अप्रैल सोमवार, किछौछा, अम्बेडकर नगर
आल इंडिया उलमा व मशायख बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फ़ोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने अपनी खानकाह खानकाहे अशरफियां शैखे आजम सरकारें कलां में लोगों की मदद के लिए दरवाजे खोल दिए हैं और लगातार यहां से जरूरतमंदों को राशन बांटा जा रहा है इस मौके पर हज़रत ने कहा कि यह वक़्त इंसानियत के लिए बहुत भारी है एक तरफ भूख है एक तरफ महामारी है लिहाज़ा सभी को मदद का हाथ आगे बढ़ाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हम जहां महामारी को सोशल डिस्टेंसिंग के जरिए रोक सकते हैं हमारे पास कोई चारा नहीं है इसीलिए हुकूमत ने पूरे मुल्क को लॉकडाउंन किया है हमें इसका सख्ती से पालन करना है और कहीं भी किसी भी हालत में भीड़ नहीं लगानी है वहीं दूसरा सबसे बड़ा संकट भूख है क्योंकि सभी काम धंधे बंद हो गए हैं ऐसे में गरीबों पर दो वक़्त की रोटी जुटाने का संकट आ गया है अब हमारी दीनी और समाजी दोनों ज़िम्मेदारी है कि कहीं कोई भूखा न रह जाए।
हज़रत ने कहा कि महामारी के दौरान जो तरीका हमें हमारे रसूल ने बताया दुनिया आज उसे ही मान रही है हमें किसी के बहकावे में नहीं आना है जान बचाना फ़र्ज़ है लिहाज़ा उसके लिए जो ज़रूरी है किया जाना चाहिए और किसी को भी ज़िद्द नहीं पालनी चाहिए,वहीं हमें याद रहना चाहिए कि अगर हमारा पड़ोसी भूखा है और हम खाना खा रहे हैं तो हम मोमिन नहीं हो सकते लिहाज़ा हमें अपने पड़ोसी का ख्याल रखना है और याद रखिए पड़ोसी का कोई मज़हब नहीं बताया गया कोई भी हो सकता है और यह हुक्म आपके चारों तरफ 40 घर तक है अगर हम अपनी ज़िम्मेदारी समझ लें तो कोई भूख से नहीं मर सकता।
हज़रत ने तब्लीग़ी जमात के इज़तमे पर कहा कि उनके पेशवा को सामने आना चाहिए साथ ही अपने लोगों को निर्देशित करना चाहिए कि वह सब सहयोग करें ।वहीं झूठी खबरें फैलाने वालों को चेतावनी भी दी कि देश का नुक़सान मत करिए ।हज़रत ने कहा कि आल इंडिया उलमा व मशायख बोर्ड की जानिब से मुल्क में लगभग हर जगह इस तरह से लोगो की मदद की जा रही है मैं खुद भी लोगो तक मदद पहुंचाने की कोशिश कर रहा हूं आप भी अपनी ज़िम्मेदारी निभाए साथ ही उन्होंने शबे बारात के मौके पर लोगों से घर में ही रहकर इबादत करने को कहा और ख़ास दुआ करने की बात कही।

Yunus Mohani

कोरोना वायरस से ज़्यादा खतरनाक है नफरत का वायरस : सय्यद मोहम्मद अशरफ

17 मार्च, 2020 महराजगंज
आल इंडिया व मशाइख़ बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फ़ोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कोरोना वायरस से अधिक खतरनाक नफरत का वायरस है।
उन्होंने कहा कि हम कोरोना से बचने के लिए मास्क तो पहन रहे हैं लेकिन नफरत से बचने के लिए ज़हरीली जुबानों को नहीं रोक रहे हैं,हम वायरस से बचने के लिए बार बार हैंडवाश या साबुन से हाथ धो रहे हैं लेकिन उन हाथों को लोगों की मदद के लिए नहीं बढ़ा रहे, खांसते या छींकते वक़्त बीमारी के डर से मुंह को ढाप रहे हैं लेकिन किसी जरूरतमंद के कपड़ों का इंतजाम नहीं कर रहे।
हज़रत ने कहा कि दुनिया कोरोंना से एकजुट होकर लड़ लेगी इसकी दवा बनाकर इसे हरा भी देगी लेकिन इससे ज़्यादा खतरनाक बीमारी का इलाज होते हुए भी इसे खतम करने को तैयार नहीं है।
जबकि सिर्फ एक मुस्कुराहट इस वायरस से बचा सकता है,एक ख़ामोशी,इंसाफ और लोगों की मदद करने का जज्बा इसका इलाज है अगर सब इस काम में लग जाएं तो इस वायरस को खतम कर इसपे जीत हासिल की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि हम कोरोना को सुन्नते रसूल पे अमल कर हरा देंगे क्योंकि डॉक्टर जो बचाव के तरीके बता रहे हैं वह नबी की सुन्नत है इसी तरह हम नफरत के वायरस को भी नबी की सुन्नत पर अमल कर हरा सकते हैं जो सूफिया ने करके दिखाया और संदेश सुनाया कि नफरत किसी से नहीं मोहब्बत सबके लिए।