دہشت گردی کو نکارنے کے لئے پاکستانی عوام کو مبارک باد: سید محمد اشرف

پاکستانی عوام نے انتہا پسندی اور تشدد کے مقابلے امن اور مروت کو ترجیح دیا
لکھنؤ یوپی، (پریس رلیز)26 جولائی
حالیہ پاکستانی انتخاب میں پاکستانی عوام نے دہشت گردی کو سرے سے نکارتے ہوئے انتہا پسندی کے خلاف اپنی منشاء کو صاف ظاہر کرکے بڑا فیصلہ لیا ہے۔حافظ سعید جیسے مبینہ انتہا پسندکی حمایت یافتہ پارٹی کو ایک بھی سیٹ نہ دے کر پاکستانی عوام نے دہشت گردی کے خلاف یکسر کھڑے ہو کر یہ صاف کردیا کہ پاکستانی عوام کبھی بھی نفرت اور تشدد کی حمایت نہیں کر سکتی۔ اس عوام کے اس موقف کے لئے وہ مبارک باد کے مستحق ہیں۔یہی حوصلہ نئی حکومت کو دہشت گردی کے خلاف سخت اقدام کرنے میں مدد گار ثابت ہوگا۔ ان خیالات کا اظہار ورلڈ صوفی فورم کے صدر اور آل انڈیا علماء و مشائخ بورڈ کے بانی حضرت سید محمد اشرف کچھوچھوی نے اپنے بیان میں کیا۔انہوں نے مزید کہا کہ پاکستان میں یہ نیا بدلاؤ نئی امیدوں کو جنم دے رہا ہے۔اس نئی حکومت سے یہ امید ہے کہ اب دونوں ملکوں کے درمیان حالات میں بہتری آئے گی۔سید محمد اشرف نے عمران خان کو مبارکباد پیش کرتے ہوئے کہا کہ ہم دعا کرتے ہیں کہ عمران خان پاکستان کی اکثرعوام کی عقیدت و محبت کا احترام کرتے ہوئے صوفیا کی تعلیمات پر عمل پیرا ہوکر پاکستان میں محبت و اخوت اور ہمدردی اور انصاف کی فضا قائم کریں گے اور ذاتی مفادات اور غیر ضروری سیاست میں پھنسنے کی بجائے عوام کی بہتری اور امن کے قیام و فروغ کو ترجیح دیں گے۔انہوں نے کہا کہ ہمیں نئی حکومت سے پوری توقع ہے کہ دونوں ملکوں کے بیچ رشتے کو بھروسہ اور اعتماد کی بنیاد پر بہتر کریں گے۔ کیوں کہ دونوں ملکوں کے درمیان خوشگوار رشتوں کے بیچ سب سے بڑی دیواروں میں سے ایک دہشت گردی ہے۔ اور عمران خان سے ہم یہ توقع کرتے ہیں کہ ان کا پہلا قدم انتہا پسندی اور تشدد کے تمام راستوں کو مسدود کرنا ہوگا۔

Congratulate to Pakistani People for rejecting Terrorism : Syed Muhammad Ashraf Kichhochhawi

Lucknow, UP, (Press release) 26 July 2018

In recent Pakistan Assembly election result Pakistani people rejected any type of support to Terrorism as they totally denied to give any seat to known terror symbol of terrorism Hafiz Saeed Party. By this, they clearly declared their opinion and stand on any type of terror. They expressed their will of peace and harmony on their ground. This was stated by the founder of All India Ulama & Mashaikh Board and president of World Sufi Forum Hazrat Syed Muhammad Ashraf Kichhochhawi. He further stated the newly elected government is expected to make healthy relation between India and Pakistan by clearly countering every aspect of terrorism and to maintain the peace and harmony by respecting the Sufi believes and teaching as the majority of Pakistani Muslims. Syed Ashraf Congratulated Emran Khan on his big victory and praised for him for good relation between the two country and working for the sake of common people. He said Pakistan has always believe in Sufi tradition and it always has a strong effect in the mass. Emran Khan is expected to spread those Sufies teachings to counter any kind of hate and violence.

By: Abdul Moid Azhari

मज़लूम की पहचान मज़हब से न करें, नफरत के एजेंडे को बढ़ने से रोकें : सय्यद मोहम्मद अशरफ

25 जुलाई/अम्बेडकरनगर

मज़लूम की पहचान मज़हब से न करें, नफरत के एजेंडे को बढ़ने से रोकें” यह विचार वर्ल्ड सूफी फोरम व आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड के संस्थापक, अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने हज़रत मख़दूम अशरफ जहांगीर सिमनानी रहमतुल्लाह अलैहि की दरगाह पर हाज़िरी के बाद मीडिया से कही, उन्होंने कहा हम जब मज़लूम की पहचान उसके मज़हब या ज़ाति की बुनियाद पर करते हैं तो नफरत के एजेंडे को ताक़त मिलती है और वह कामयाब हो जाता है।
हज़रत ने कहा कि मज़लूम सिर्फ मज़लूम होता है उसका कोई धर्म या ज़ा नहीं होती लेकिन खास तौर से इस बात को कहना कि यहां मरने वाला मुसलमान है या दलित या फिर कोई और तो इससे समाज में एक तरह का खौफ पनपता है और नफरत फैलती है. हमारा प्रयास होना चाहिए कि अतिताईयों के मक़सद को कामयाब न होने दें जो हम को ज़ाती और धर्म के साथ बांटना चाहते हैं ताकी उनके खतरनाक इरादे कामयाब हो जाएं।
उन्होंने कहा कि सूफिया ने गंगा जमुनी तहज़ीब को जन्म दिया जिसमें नफरत के लिए कोई जगह नहीं है, हमारा मुल्क अपनी इसी खूबसूरती और इस मोहब्बत वाली तहज़ीब के लिए जाना जाता है। कुछ देश के दुश्मन हमसे हमारी यह तहज़ीब छीनना चाहते हैं, हमें मज़हब और ज़ाती के नाम पर बांट कर वह अपने घिनौने एजेंडे को कामयाब करने पर तुले हैं।
हज़रत ने कहा कि मीडिया को भी अपनी ज़िम्मेदारी निभाते हुए इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि नफरत बढ़ाने वाली बातों और खबरों को रोका जाए, यह मुल्क मेरा और आपका नहीं बल्कि हमारा है, हम मिलकर इसका मुस्तक़बिल संवार सकते हैं, हम का माना हिन्दू और मुस्लिम से है, साथ में भारत में रहने वाले सभी धर्म के मानने वाले हैं अगर हम को मैं और तुम में बदला दिया गया तो देश का बड़ा नुक़सान होगा ।
उन्होंने साफ शब्दों में सरकार से कहा कि अब सरकार तय करे कि देश में क़ानून का राज चलेगा या भीड़ फैसला करेगी? हिन्दू ,मुसलमान ,सिख ,ईसाई सब आपस में हैं भाई भाई, क्या यह अब सिर्फ एक जुमला बन गया है या फिर मुल्क की बुनियादी ज़रत है ?

 

By: यूनुस मोहानी

अलग देश की बात करने वाले मुसलमानों के दुश्मन : सय्यद मोहम्मद अशरफ

10 जुलाई/लखनऊ “अलग देश की बात करने वाले मुसलमानों के दुश्मन” यह बात वर्ल्ड सूफी फोरम एवम् आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने कश्मीर के मुफ्ती नसीरुल इस्लाम के उस बयान पर कही जिसमें मुफ्ती ने कहा था कि अगर भारत सरकार शरीयत अदालत नहीं दे सकती तो मुसलमानों को अलग देश दे दिया जाए। हज़रत ने कहा कि ये मुसलमानों के साथ दुश्मनी निभाना है न की उनकी हिमायत करना क्योंकि हम हिन्दुस्तानी मुसलमान अपने मुल्क से मोहब्बत करने वाले हैं, हमने जिन्ना का भी विरोध किया और ऐसे लोगों का भी हम कड़ा विरोध करते हैं।
उन्होंने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने बेवक्त की शहनाई बजाई है और नादान लोग इसकी धुन को नफरत का राग बना रहे हैं जबकि दारुलक़जा को समाधान केंद्र के तौर पर आप बिना हमारे मुल्क के कानून और संविधान से टकराए बिना बना सकते हैं तो इसमें इतना शोर मचाने का क्या मतलब है?
हज़रत ने यह सवाल भी पूछा कि बोर्ड ने इस वक़्त क्यों यह बात शुरू की जबकि ऐसी कोई दिक्कत है नहीं, उन्होंने कहा कि इसमें सियासत की बू अा रही है, मुल्क के मुसलमान हरगिज़ ऐसी बेबुनियाद बातो के साथ नहीं है और हम  बेबुनियाद बयानबाज़ी की कड़ी निन्दा करते हैं और देश बांटने की बात करने वालो से मुसलमानों को होशियार रहने की अपील करते है ।
 By:
यूनुस मोहानी

मज़हब के नाम पर मौत का कारोबार बर्दाश्त नहीं, आतंकी क़ायर हैं : सय्यद मोहम्मद अशरफ

मॉरीशस /2 जुलाई

मज़हब के नाम पर मौत का कारोबार बर्दाश्त नहीं, आतंकी क़ायर हैं, यह बात वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन व आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड के संस्थापक, अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने अफगानिस्तान में सिख समुदाय पर किए गए आतंकी हमले पर अफसोस जताते हुए कही।
उन्होंने कहा कि आतंकी क़ायरों की बहकी हुईं भीड़ का हिस्सा हैं जो मज़हब का चोला ओढ़ कर बेगुनाह लोगों को शिकार बना रहे हैं, हज़रत ने कहा कि हम इसकी घोर निन्दा करते हैं और सिर्फ निन्दा ही नहीं करते हैं बल्कि दुनिया के सभी अमन पसन्द लोगों  से अपील करते हैं कि आतंक के विरूद्ध धर्म क्षेत्र और जाति का भेद भूल कर खड़े हो जाईए, हमें इस नासूर को समाज से मिटाना ही होगा वरना कोई सुरक्षित नहीं है।
हज़रत ने कहा, दुनिया को नफरत से लड़ने के लिए मोहब्बत का हथियार उठाना होगा क्योंकि बारूद से लगी आग को बारूद से नहीं बुझाया जा सकता, सबको आपस में मोहब्बत करनी होगी और ज़ुल्म से नफरत चाहे वह कहीं भी हो किसी पर भी हो, हमें इसमें दोहरा रवैया नहीं अपनाना चाहिए ।
उन्होंने कहा, हमारी सारी संवेदनाएं उन मज़लूमों के साथ हैं जो इस क़ायराना हमले का शिकार हुए, हम उनके परिवार वालों के लिए सब्र की दुआ करते हैं और जो लोग घायल है जल्द से जल्द उनके स्वस्थ होने की इश्वर से प्रार्थना करते हैं।
हज़रत ने लोगों से मुखातिब होते हुए कहा कि याद रखिए नफरत का इलाज सिर्फ मोहब्बत है अगर आप अमन कायम करना चाहते हैं तो मजलूम के साथ खड़े हो जाईए और ज़ालिम का पुरजोर विरोध कीजिए चाहे वो ज़ालिम कोई भी हो।

By: यूनुस मोहानी

हैवान का समाज में कोई स्थान नहीं, फास्ट ट्रैक में चले मुकदमा,फांसी हो : सय्यद आलमगीर अशरफ

सलोन /29 जून ,”हैवान का समाज में कोई स्थान नहीं,फास्ट ट्रैक में चले मुकदमा फांसी हो” यह बात खैरहा में जलसे को संबोधित करते हुए आल इन्डिया उलेमा व माशाइख़ बोर्ड यूथ के राष्ट्रीय अध्यक्ष हज़रत मौलाना सय्यद आलमगीर अशरफ किछौछवी ने कही।

उन्होंने कहा, अगर हैवानों को समाज में खुला छोड़ा गया तो वह दिन दूर नहीं जब मुल्क की पहचान रेपिस्तान के तौर पर होगी ,उन्होंने कहा कि हैवान की पहचान मजहब की बुनियाद पर नहीं की जानी चाहिए बल्कि उसे सिर्फ दरिंदे के तौर पर देखा जाना चाहिए क्योंकि कोई भी मजहब इस तरह के घिनौने और आपराधिक कामो की इजाज़त नहीं देता।

हज़रत ने कहा कि हम हुकूमत से मांग करते हैं कि फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चला कर दरिंदे को 3 माह के भीतर फांसी पर लटका दिया जाए मजहबे इस्लाम में बलात्कारी की जैसी सज़ा का प्रावधान है अगर वैसी सजा दी जाय तो इस तरह की दरिंदगी पर रोक लग सकती है।
उन्होंने कहा कि बलात्कारियों की किसी भी सभ्य समाज में कोई जगह नहीं है इनका हर स्तर पर बहिष्कार किया जाना चाहिए और इस पर सांप्रदायिक राजनीत नहीं की जानी चाहिए। मौलाना ने कहा कि हम सब पीड़िता के साथ हैं क्योंकि मजहब यही सिखाता है कि मजलूम का साथ दो और ज़ालिम के खिलाफ खड़े हो उन्होंने कहा कि हम दरिंदे को फांसी दिलवाने के लिए भरसक प्रयास करेंगे ताकि हमारी और बहन बेटियां महफूज़ रह सके और दरिंदगी की शिकार हमारी बच्ची को इंसाफ मिल सके।

By: यूनुस मोहानी

World Sufi Forum and AIUMB congratulate Turkish President Recep Tayyip Erdogan for his Re-election

New Delhi, June 27
Founder of World Sufi Forum and AIUMB President Hazrat Syed Ashraf Kichchauchwi has sent a letter of felicitation to Turkish President Recep Tayyip Erdogan for his historic re-election in the Turkish presidential election.
In the letter, AIUMB President has congratulated the Turkish President and said that, this victory belongs to the peoples of the friendly nation of Turkey. The Turkish people have strengthened the hand of the re-elected President Recep Tayyip Erdogan by voting in favour of the President Erdogan.
“We hope that under the dynamic leadership of President Erdogan, Turkey will move ahead towards peace, progress and prosperity”, he said.
“We are praying for the long life, good health and constant success for the Turkish President Recep Tayyip Erdogan”, he said.

AIUMB statement on Kasmir Ceasefire: Need for complete cessation of violence

President of All India Ulama & Mashaikh Board (AIUMB), Hazrat Sayed Ashraf Kichchauchwi, during a day-long meeting at a branch of the Board, has welcomed the Centre’s decision to stop operation of security forces in Jammu & Kashmir during the holy month of Ramazan.

Hazrat stressed that people in Jammu and Kshmir are tired of continuous clashes between the militants and the military in several parts of the region. “Therefore, nothing could be better than prevalence of peace and security during the holy month of Ramazan”, he said.

He added saying: “For this noble peace cause to be achieved, the holy month of Ramazan is the best occasion. It is harbinger of goodwill, bonhomie and harmony.” Hazrat ardently appealed to both the state and the people for extending their sincere cooperation in establishment of peace in the region by all possible means.

The AIUMB President stressed the need for complete cessation of violence in every part of the country. He also appealed to the Government of India to take concrete initiatives for finding a long-lasting solution to the issues and conflicts like Kashmir.

 

By: Ghulam Rasool Dehlvi

इल्म से दूर रहकर हम खुद अपने ऊपर ज़ुल्म कर रहे हैं : सय्यद मोहम्मद अशरफ

10 मई/ खरगौन, मध्य प्रदेश

“इल्म से दूर रहकर हम खुद अपने ऊपर ज़ुल्म कर रहे हैं” यह विचार वर्ल्ड सूफी फोरम एवम् आल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कही, उन्होंने कहा मुसलमान सिर्फ अपने साथ भेदभाव किये जाने की बात करते हैं और मजलूमियत का रोना रोते रहते हैं मुसलमानों ने यही अपना पसंदीदा काम बना रखा है अपनी नाकामयाबियों पर सोचने के बजाय यह पूरी कौम सिर्फ दूसरो को इल्ज़ाम देने के काम में मसरूफ है।
हज़रत ने कहा जिस कौम की किताब क़ुरआन है और उसका पहला अल्फ़ाज़ इकरा है अफसोस वह कौम इल्म से दूर है हमारी कम से कम 50 फीसदी आबादी ने स्कूल और मदरसे का मुंह नहीं देखा आखिर इसके लिए कौन ज़िम्मेदार है?
आपको क्या किसी पार्टी ने अपने बच्चो को पढ़ाने से रोका प्रशासन ने रोका फिर हमारे किसी गैर मजहबी भाई ने आपको रोका नहीं बल्कि आपने अपने ऊपर यह ज़ुल्म खुद किया है किसीऔर ने नहीं हमने खुद पस्ती का रास्ता चुना है हमने अल्लाह और उसके रसूल का फरमान नहीं माना और खुद को परेशानियों में घेरा है अब अगर आपको इस पस्ती से खुद को उबारना है तो इल्म हासिल करना होगा और इसके लिए कौम को बेदार करना होगा ।
हज़रत ने कहा कि मजलूमियत का रोना छोड़ दीजिए और लोगों पर इल्ज़ाम देना बंद कीजिए अपने बच्चे पढ़ाइए यही आगे बढ़ने का रास्ता है ।

By: Yunus Mohani

सियासी तूफ़ान है संभल कर रहिये तालीमी इदारे ज़द में हैं : सय्यद मोहम्मद अशरफ

8 मई /धर्मसिंहवां, संतकबीर नगर

“सियासी तूफ़ान है संभल कर रहिये तालीमी इदारे ज़द में हैं “यह बात वर्ल्ड सूफी फोरम एवं आल इन्डिया उलमा व मशाइख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने कही, उन्होंने कहा कि पूरे देश में जिस तरह से हालात बने हुए हैं और हम अपनी नासमझियों की वजह से जिस तरह उनका शिकार हो रहे हैं अब हमें होशियार होना होगा. अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में चल रहे हंगामे पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि अब तालीमी इदारे सियासत के तूफ़ान की ज़द में हैं, मदरसे से लेकर यूनिवर्सिटी तक स्कूल से लेकर कॉलेज तक हर जगह सियासत की घिनौनी चाल चली जा रही है, ऐसे में हमें अपने ज़हनो को खोल कर सब्र और अक्ल से काम लेना है और हरगिज़ देश को तोड़ने वाली ताक़तों को कामयाब नहीं होने देना है .

हज़रत ने कहा कि यह वक़्त इम्तेहानो का है और नौजवान आन्दोलन कर रहे हैं, यह हमारी नाकामयाबी है दूसरों के फेंके हुए जाल में हम फंसे हुए हैं ऐसे में हमें जोश से नहीं होश से काम लेना है ताकि हम अपने मकसद यानि तालीम हासिल करने में पूरी तरह कामयाब हो जाएँ और हम जब तालीम हासिल कर लेंगे तो हमें कोई अपने जाल में आसानी से नहीं फंसा सकेगा.

उन्होंने कहा, अपने मिशन से न हटना और उस पर लगे रहना जीत है और यही तरीका हमें सूफिया की ज़िन्दगी में मिलता है, उन्होंने मुश्किलात के बावजूद अपना काम किया और कामयाब हुए, हमे भी चाहिए कि औलिया के दर से वाबिस्ता रहें और मुश्किलों के बावजूद भी अपने काम पर डंटे रहें, मोहब्बत को आम करना हमारा काम हैं, नफरत को खतम कर देना हमारी ज़िम्मेदारी है, कैंपस में हरगिज़ नफरतों को पनपने न दें यही हमारी जीत है और यही मुल्क की तरक्की का रास्ता भी है.

By: यूनुस मोहानी