AIUMB सम्भल शाखा के ज़िम्मेदारों ने बांटा ज़रूरत मंदों को राशन किट

8 April, Sambhal.
अल अशरफ ट्रस्ट व आल इंडिया उलेमा मशाइख़ बोर्ड यूथ ब्रिगेड की टीम भी लॉक डाउन में राहत सामग्री बांटने में जुट गई है। बुधवार की देर शाम दोनो संगठनों ने राशन किट का वितरण किया। लॉक डाउन में ज़़्रूरत मंदों व असहाय लोगों को भूखे पेट न रहने का निर्णय लेते हुए पदाधिकारी किट लेकर लाक डाउन की वजा सै ज़रूरत मंदों के घर पहुंचे। जानकारी के अनुसार 20 किलो वज़नी किट में घरेलू खानपान का सभी जरूरी सामान रखा गया है। फहद शाह अशरफी, मोहम्मद अशरफ़ अशरफी, हाजी नकी, गुल फ़राज़, शुऐब अशरफी, मौलाना अज़ीम अशरफ (हेड ऑफ़िस ए॰आई॰यू॰एम॰बी॰ दिल्ली ), हाजी नकी,कासिम अशरफी, जाने आलम, आफताब, मोहम्मद बिलाल, कारी इरफान, कारी मुशर्रफ़, कारी शमीम अहमद, कारी वसीम, कारी फहीम, सग़ीर अहमद, कारी फुरकान अशरफी आदि शामिल रहे।

उलमा व मशाईख बोर्ड ने बेहतर कार्य के लिये पुलिस टीम को सम्मानित किया

9 April, Moradabad.

कोरोना वाइरस के इस कहर में डाक्टर, पुलिस और सफाई कर्मी एक योद्धा की तरह डट कर कार्य कर रहें हैं। इसी को देखते हुए मुरादाबाद जिले की आल इंडिया उलेमा व मशाईख बोर्ड के जिम्मेदारों ने बोर्ड के ज़िला कार्यालय अशरफ नगर नसीरपुर के मदरसा अल्जामिअ तुस्सबीर लिल बनात पर थाना ज़िला मुरादाबाद थाना मैनाठेर की पुलिस टीम को थाना प्रभारी मनोज कुमार और उनकी टीम को उनकी बेहतर कार्य के लिये उन्हे हार माला पहना कर एवं गुलाब के फूल देकर सम्मानित किया। और उसके हौसलों की तारीफ की।
बोर्ड के ज़िला सचिव कारी मो आमिर रज़ा अशरफी और मौलाना हसनैन अशरफी,.मौलाना नासिर अशरफी ,कारी मज़हरुल हसन अशरफी ,ने जनता से पूर्ण बंद का मुकम्मल तौर पर पालन करने एवं पुलिस प्रशाशन का सहयोग और उसका हौसला बढ़ाने की अपील की।

घरों में रहकर कोरोना को और आपसी सहयोग से भूख को हराना है : AIUMB

उलमा मशाईख बोर्ड व अल अशरफ ट्रस्ट ने शेरानी आबाद में राहत बांटी।

12 अप्रैल 2020 रविवार , शेरानी आबाद, नागौर, राजस्थान,

आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड और अल अशरफ ट्रस्ट के तत्वाधान में गरीब और असहाय लोगों तक मदद पहुंचाने का सिलसिला दूर दराज गावों में पहुंच चुका है और बोर्ड के लोग हर जगह ज़रूरतमंदों तक राशन किट और दूसरी ज़रूरी सहायता पहुंचा रहे हैं।
दिल्ली ऑफिस के ज़िम्मेदार हाफ़िज़ हुसैन शेरानी ने मोहम्मद खान, गौस मोहम्मद, मोहम्मद रफीक व अन्य के साथ मिलकर इसी कड़ी में शेरानी आबाद के गौसिया मोहल्ला में राहत बांटी, लगातार यह सिलसिला जारी है, बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी की लोगों से हर जरूरतमंद शख्स की हर संभव मदद पहुंचाने की अपील के बाद से राष्ट्रीय स्तर पर यह काम किया जा रहा है।
बोर्ड ने सभी से अपील की है कि देशभर में लोग सिर्फ अपने घर के 100 मीटर के दायरे की ज़िम्मेदारी उठा लें तो पूरे पूरे देश में कहीं कोई भूख से नहीं मर सकता, इस तरह हम भूख के साथ कोरोना को हरा कर नई तारीख लिख सकते हैं कि जिस देश में इतनी बड़ी आबादी रहती हो वहां लाकडाउन के बावजूद भी लोगों ने यह बताया कि इंसानियत के जरिए हम बड़ी से बड़ी चुनौती को पार कर सकते हैं। नबी की तालीम यही है कि अगर तुम्हारा पड़ोसी भूखा है और तुम खाना खा रहे हो तो तुम हरगिज़ मोमिन नहीं हो सकते, देश के 30 करोड़ मुसलमान इस पर अमल कर देश के सभी भूखों का पेट भर दे इसके लिए उन्हें सिर्फ 2 लोगों के खाने का इंतजाम करना है।

Yunus Mohani

यह वक़्त मुश्किल है आइए मदद के लिए हाथ बढ़ाये: सय्यद मोहम्मद अशरफ

06 अप्रैल सोमवार, किछौछा, अम्बेडकर नगर
आल इंडिया उलमा व मशायख बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फ़ोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने अपनी खानकाह खानकाहे अशरफियां शैखे आजम सरकारें कलां में लोगों की मदद के लिए दरवाजे खोल दिए हैं और लगातार यहां से जरूरतमंदों को राशन बांटा जा रहा है इस मौके पर हज़रत ने कहा कि यह वक़्त इंसानियत के लिए बहुत भारी है एक तरफ भूख है एक तरफ महामारी है लिहाज़ा सभी को मदद का हाथ आगे बढ़ाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हम जहां महामारी को सोशल डिस्टेंसिंग के जरिए रोक सकते हैं हमारे पास कोई चारा नहीं है इसीलिए हुकूमत ने पूरे मुल्क को लॉकडाउंन किया है हमें इसका सख्ती से पालन करना है और कहीं भी किसी भी हालत में भीड़ नहीं लगानी है वहीं दूसरा सबसे बड़ा संकट भूख है क्योंकि सभी काम धंधे बंद हो गए हैं ऐसे में गरीबों पर दो वक़्त की रोटी जुटाने का संकट आ गया है अब हमारी दीनी और समाजी दोनों ज़िम्मेदारी है कि कहीं कोई भूखा न रह जाए।
हज़रत ने कहा कि महामारी के दौरान जो तरीका हमें हमारे रसूल ने बताया दुनिया आज उसे ही मान रही है हमें किसी के बहकावे में नहीं आना है जान बचाना फ़र्ज़ है लिहाज़ा उसके लिए जो ज़रूरी है किया जाना चाहिए और किसी को भी ज़िद्द नहीं पालनी चाहिए,वहीं हमें याद रहना चाहिए कि अगर हमारा पड़ोसी भूखा है और हम खाना खा रहे हैं तो हम मोमिन नहीं हो सकते लिहाज़ा हमें अपने पड़ोसी का ख्याल रखना है और याद रखिए पड़ोसी का कोई मज़हब नहीं बताया गया कोई भी हो सकता है और यह हुक्म आपके चारों तरफ 40 घर तक है अगर हम अपनी ज़िम्मेदारी समझ लें तो कोई भूख से नहीं मर सकता।
हज़रत ने तब्लीग़ी जमात के इज़तमे पर कहा कि उनके पेशवा को सामने आना चाहिए साथ ही अपने लोगों को निर्देशित करना चाहिए कि वह सब सहयोग करें ।वहीं झूठी खबरें फैलाने वालों को चेतावनी भी दी कि देश का नुक़सान मत करिए ।हज़रत ने कहा कि आल इंडिया उलमा व मशायख बोर्ड की जानिब से मुल्क में लगभग हर जगह इस तरह से लोगो की मदद की जा रही है मैं खुद भी लोगो तक मदद पहुंचाने की कोशिश कर रहा हूं आप भी अपनी ज़िम्मेदारी निभाए साथ ही उन्होंने शबे बारात के मौके पर लोगों से घर में ही रहकर इबादत करने को कहा और ख़ास दुआ करने की बात कही।

Yunus Mohani

कोरोना वायरस से ज़्यादा खतरनाक है नफरत का वायरस : सय्यद मोहम्मद अशरफ

17 मार्च, 2020 महराजगंज
आल इंडिया व मशाइख़ बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फ़ोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कोरोना वायरस से अधिक खतरनाक नफरत का वायरस है।
उन्होंने कहा कि हम कोरोना से बचने के लिए मास्क तो पहन रहे हैं लेकिन नफरत से बचने के लिए ज़हरीली जुबानों को नहीं रोक रहे हैं,हम वायरस से बचने के लिए बार बार हैंडवाश या साबुन से हाथ धो रहे हैं लेकिन उन हाथों को लोगों की मदद के लिए नहीं बढ़ा रहे, खांसते या छींकते वक़्त बीमारी के डर से मुंह को ढाप रहे हैं लेकिन किसी जरूरतमंद के कपड़ों का इंतजाम नहीं कर रहे।
हज़रत ने कहा कि दुनिया कोरोंना से एकजुट होकर लड़ लेगी इसकी दवा बनाकर इसे हरा भी देगी लेकिन इससे ज़्यादा खतरनाक बीमारी का इलाज होते हुए भी इसे खतम करने को तैयार नहीं है।
जबकि सिर्फ एक मुस्कुराहट इस वायरस से बचा सकता है,एक ख़ामोशी,इंसाफ और लोगों की मदद करने का जज्बा इसका इलाज है अगर सब इस काम में लग जाएं तो इस वायरस को खतम कर इसपे जीत हासिल की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि हम कोरोना को सुन्नते रसूल पे अमल कर हरा देंगे क्योंकि डॉक्टर जो बचाव के तरीके बता रहे हैं वह नबी की सुन्नत है इसी तरह हम नफरत के वायरस को भी नबी की सुन्नत पर अमल कर हरा सकते हैं जो सूफिया ने करके दिखाया और संदेश सुनाया कि नफरत किसी से नहीं मोहब्बत सबके लिए।

अजमेर उर्स से दंगे में तबाह हुए लोगों की हर संभव मदद का संकल्प

आल इंडिया उलमा व माशाइख़ बोर्ड की सभी लोगों से मदद की अपील

1 मार्च 2020,रविवार,
अजमेर आल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड ने दरगाह स्थित चिश्ती मंज़िल में एक प्रेस कांफ्रेंस कर देश के सभी लोगों से दिल्ली में दंगों से प्रभावित लोगों की मदद का संकल्प लेते हुए लोगों से संभव मदद की अपील की,बोर्ड के अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने प्रेस को बताया कि आल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड ने यह फैसला किया है कि दिल्ली में दंगों से जो लोग बर्बाद हुए है उनकी हर संभव मदद कर उनके विश्वास को बहाल किया जाएगा ,लोगों की मदद बिना उनका धर्म या जाति देखे करनी है ।

हज़रत ने कहा कि बोर्ड के अध्यक्ष के नाते मैं व्यक्तिगत रूप से एक लाख रुपए इस काम के लिए पेश कर रहा हूं और बोर्ड के सब प्रदेशों और जिलों की शाखाओं के जिम्मेदारों से भी इस काम में जुट जाने की अपील करता हूं यह मुश्किल वक़्त हैं और यही समय लोगों के साथ खड़े होने का है ताकि उनका देश में और मानवता में विश्वास मजबूत हो।गरीब नवाज़ की बारगाह से उर्स के मुबारक मौके पर यही संदेश है कि आइए लोगों की मदद की जाय जिनके घर दुकानें तबाह हुई हैं उनको दुबारा खड़ा करने में जो मुमकिन मदद हो सके की जाए ,सभी लोगों को उर्स की मुबारकबाद और यही संदेश जो गरीब नवाज़ का संदेश है कि नफरत किसी से नहीं मोहब्बत सब के लिए।
बोर्ड की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य हज़रत अम्मार अहमद अहमदी उर्फ नय्यर मियां ( रुदौली शरीफ) ने कहा कि देश में जिस तरह के हालात पैदा हो रहे हैं और लोगों में एक दूसरे के प्रति जैसी नफरत पनप रही है उसको रोकने का मात्र उपाय सूफिया के तरीके को अपनाने में है वह तरीका यह है कि हम किसी की नफरत का जवाब अपनी मोहब्बत से दे यह वक़्त लोगों को सहारा देने का है सबके विश्वास को बहाल करने का है बोर्ड का यह निर्णय सराहनीय है हम सब इसके साथ है और लोगों से इस मुहिम में जुड़ने की अपील करते हैं ,गरीब नवाज़ के उर्स का यही संदेश कि मजलूम की हर संभव मदद की जाय और लोगों तक पहुंच कर उनकी मदद की जाए।
हज़रत सय्यदी मियां (मकनपुर शरीफ) ने कहा कि सिसकती मानवता को मुहब्बत के ठंडे पानी की जरूरत है हमें लोगों को बताना होगा कि इस प्यारे मुल्क में जहां से मीरे अरब को ठंडी हवा आती हो वहां गंगा के मिजाज़ को समझना होगा जिसके पानी को हिन्दू भाई अकीदत से पीते हैं और जिसमें स्नान कर पाप धो लेते हैं उसी गंगा के पानी से गुरुद्वारे में पवित्र लंगर बनता है और उसी गंगा के पानी से मुसलमान वज़ू कर रब का सजदा करते हैं हमें इससे सीखना होगा यही मिजाज़ सूफिया का है जो सबके लिए मुहब्बत बांटते हैं और नफरत के ज़हर को मिटा देते हैं।उन्होंने कहा कि बोर्ड का यह क़दम सूफिया के तरीकेकार पर अमल करने वाला है लोग मदद को आगे आएं ,सभी को ख़्वाजा का उर्स मुबारक।
बोर्ड के संयुक्त राष्ट्रीय सचिव हज़रत सय्यद सलमान चिश्ती ने कहा कि लोगों को मुहब्बत की जरूरत है और नादानी में नफरत के सौदागर उन्हें बहका रहे हैं हमें आगे आकर लोगों को मुहब्बत का संदेश देना है और गरीब नवाज़ के मिशन को आगे बढ़ाना है,ख़्वाजा का मिशन मोहब्ब्त को आम करना है और नफरत की आग को मुहब्बत के पानी से बुझा देना है,उन्होंने बोर्ड की पहल का समर्थन करते हुए लोगों से अपील की जो जहां भी है और जितनी भी संभव मदद कर सकता है जरूर करे यह वक़्त है जब लोगों को हमारी ज़रूरत है।लोगों को उर्स की बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि मज़हब के नाम के झगड़ा करने वाले याद रखें मज़हब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना।
सय्यद शहीद मियां चिश्ती ने कहा कि दिल्ली में जिस तरह का मंज़र दिखा वह डराने वाला है लेकिन वहीं लोगों ने जिस तरह इंसानियत का पैगाम दिया उसकी जितनी तारीफ की जाए कम है मुसीबत की इस घड़ी में हम सब सभी पीड़ितों के साथ हैं और दुआ करते हैं कि मुल्क में अमन और शांति रहे जो लोग परेशान हुए है उनकी हर मुमकिन मदद की जाए बोर्ड ने क़दम उठाया है हम सब इसकी हिमायत करते हैं सभी लोगों को ख़्वाजा का उर्स मुबारक हो.

प्रेस कांफ्रेंस में बोर्ड के तमाम ज़िम्मेदार मौजूद रहे इस अवसर पर मदद के लिए अल अशरफ ट्रस्ट का एकाउंट नंबर जारी किया गया जिसके जरिए लोग मदद भेज सकें।

Account Details :

Bank: Vijaya Bank

A/C: 606301011003687

Name: Al Ashraf Trust

Ifsc : VIJB0006065

नफ़रत बिखराव चाहती है फैसला आपके हाथ : सय्यद मोहम्मद अशरफ

14 जनवरी/नई दिल्ली
आल इंडिया उलमा व मशाईख  बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि”नफरत बिखराव चाहती है,फैसला आपके हाथ है ” उनका यह बयान देश में मौजूदा हालात पर था उन्होंने कहा कि चुनावी समर शुरू हो चुका है लिहाजा नफरत अपना हर हथकंडा आजमाएगी ।
हज़रत ने कहा कि लोग इत्तेहाद कर जीतने की राह तलाश रहे हैं।इधर मुसलमान आपस में छोटी छोटी बातों पर बिखर जाने पर आमादा हैं यह नफरत के एजेंडे को कामयाब बनाने वाली बात है जिसे वक़्त रहते समझना होगा वरना नुकसान तय है ।
उन्होंने कहा कि जिस तरह तेज़ी से हालात बदल रहे हैं हमें अनपर कड़ी नजर रखते हुए फैसला करना होगा जिससे मुल्क को हम नफरत की आंधी से बचा पाये हम फरेब में फंसे तो अपना ही नहीं मुल्क का भी नुकसान करेंगे।
हज़रत से जब उत्तरप्रदेश में समाजवादी और बहुजन समाज पार्टी के इत्तेहाद के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने सवाल के जवाब में सवाल किया कि इस इत्तेहाद में शामिल पार्टियों ने क्या बताया है कि वह सिर्फ मुसलमानों का वोट चाहती हैं या फिर प्रतिनिधित्व भी देना चाहती हैं ?
उन्होंने कहा कि कब तक सिर्फ यह शोर मचता रहेगा कि मुस्लिम तुष्टिकरण कर रही है कोई सियासी पार्टी क्योंकि अभी तक मुसलमानों को कुछ मिला तो नहीं है यहां तक हमारे वोट पर जीतने के बाद सेहरा दूसरो के सर बाधने वाले और हार का ठीकरा मुसलमानों पर फोड़ने वाले भी हमारा वोट चाहते हैं।
By: Yunus Mohani

दुनिया के सभी देशों से अंतरराष्ट्रीय ईश निंदा क़ानून बनवाने के लिए एकजुट होने की वर्ल्ड सूफी फोरम की अपील।

31 अगस्त /चित्तौड़गढ़,

वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन और आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के संस्थापक, अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने पत्रकारों को बताया कि वर्ल्ड सूफी फोरम ने दुनिया के तमाम देशों से पत्र भेज कर अपील की है कि अंतरराष्ट्रीय ईश निंदा क़ानून बना कर दुनिया को वैचारिक आतंकवाद से बचाया जाऐ।
उन्होंने कहा कि यह क़दम हाल में हॉलैंड के एक सरफिरे द्वारा पैग़म्बरे अमन व शांति हज़रत मोहम्मद सल्लाल्लहू अलैहि वसल्लम के कार्टून की प्रतियोगिता आयोजित करने के ऐलान के बाद उठाना ज़रूरी है क्योंकि दुनिया में बसने वाले अरबों की तादाद में मुसलमानों की आस्था ऐसी घिनौनी करतूत से आहत हुई है। न सिर्फ मुसलमानों की बल्कि सभी अमन पसंद लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं ।
उन्होंने कहा, हालांकि पूरी दुनिया में हो रहे विरोध प्रदर्शनों और संयुक्त राष्ट्र मानव अधिकार आयोग से वर्ल्ड सूफी फोरम की शिकायत के बाद इस प्रतियोगता को आयोजित नहीं किया जाने का ऐलान किया गया है लेकिन यह अंतिम उपचार या न्याय नहीं है ।उन्होंने कहा कि कहीं भी दुनिया के किसी कोने में कोई किसी भी धर्म के खिलाफ अगर ऐसी घिनौनी बात करता है जिससे उस धर्म के मानने वालों को दुख होता है तो अंतरराष्ट्रीय कानून का होना जरूरी है ताकि दोषी को सज़ा मिल सके और फिर किसी की हिम्मत न हो ऐसा कुकृत्य करने की।
हज़रत ने कहा नामूसे रिसालत पर हमला करने वाले दुनिया को अशांत करना चाहते हैं असली आतंकी यही विचार रखने वाले हैं जो किसी की धार्मिक भावनाओं को अपना हथियार बना कर अपना शैतानी मकसद हल करना चाहते हैं ।लिहाज़ा इस मुद्दे पर सबको साथ आना होगा ।

By: यूनुस मोहानी

अजमेर शरीफ से बाढ़ पीड़ितों के लिए सहायता रवाना !!

28/अगस्त अजमेर शरीफ

आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव हज़रत सय्यद सलमान चिश्ती द्वारा चिश्ती मंज़िल झालरा अजमेर शरीफ से केरल के बाद पीड़ितों के लिए सहायता भेजी गई है। इस अवसर पर चिश्ती ने कहा कि हम सब केरल के आफ़तज़दा लोगों के साथ खड़े हैं दरगाह अजमेर शरीफ से सहायता का काम भी किया जा रहा है और दुआ भी हो रही है।
उन्होंने कहा कि लोग जहां भी परेशान हैं इंसानियत का पहला तकाज़ा है कि उनकी बिना किसी भेदभाव के मदद की जाये यह हम सबका सामाजिक, धार्मिक,व मानवीय कर्तव्य है ,जो लोग ऐसे वक्त पर भी नफरत का ज़हर फैलाने का असफल कार्य कर रहे हैं उन्हें समझना चाहिए कि परेशान हिन्दू और मुसलमान ,दलित,ईसाई नहीं होते वह सिर्फ परेशान और मुसीबत में फंसे लोग होते हैं इंसान होते हैं और इंसानों की सेवा से इनकार सिर्फ शैतान करते हैं।
सय्यद सलमान ने कहा कि सभी लोग आगे आएं ताकि केरल के लोगों की भरपूर मदद की जा सके यही धर्म है और यही मानवता गरीब नवाज़ का यही मिशन है इसे हम सबको आगे ले जाना है।उन्होंने कहा कि आल इंडिया उलमा मशाईख बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी की अपील का व्यापक असर हुआ है और पूरे देश से राहत सामग्री पहुंच रही है।

 

By: Younus Mohani

आफत में घिरे लोगों की मदद हम सब का इन्सानी फ़र्ज़ है : सय्यद मोहम्मद अशरफ

20 जुलाई /लखनऊ “आफत में घिरे लोगों की मदद हम सब का इंसानी फ़र्ज़ है “हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी संस्थापक अध्यक्ष आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड एवं चेयरमैन वर्ल्ड सूफी फोरम ने यह बात केरल आपदा में पीड़ितों को मदद पहुँचाने की अपील करते हुए कही .

उन्होंने कहा कि आल इंडिया उलमा मशाइख बोर्ड ने क़ुरबानी के ताल्लुक से जो अपील जारी की है उसमे अहम् बात है कि लोग नफ्ली क़ुरबानी जो करना चाहते हैं उनके लिए बेहतर है कि वह केरल के बाढ़ पीड़ितों या कहीं भी किसी मुसीबत में फंसे इंसान की मदद करें क्योंकि मुसीबतज़दा लोगों कि मदद हमारा इंसानी और अख्लाकी फ़र्ज़ है .हज़रत ने कहा कि लोग सामूहिक रूप से या व्यक्तिगत रूप से मदद पहुंचा सकते हैं इस वक़्त लोगो को हमारी सख्त ज़रूरत है .

ईद-उल-अजहा का त्यौहार हमें मानना है और ये त्य्हार हमें कुर्बानी की सीख देता है लिहाज़ा हम अपने उन लोगों के लिए भी क़ुरबानी का जज्बा दिखाएँ जिन्हें इस मुश्किल वक़्त में हमारी ज़रूरत है .आल इंडिया उलमा मशाइख बोर्ड के ज़रिये भी आप अपनी मदद भेज सकते हैं .

हज़रत ने कहा कि कुर्बानी में इस बात का ख्याल रखना है कि हमारी वजह से किसी को तकलीफ न पहुंचे और हम कोई ऐसा काम न करें जिससे मुल्क में अमन को खतरा है जिस जानवर पर पाबंदी है उसकी कुर्बानी न करें .कुरबानी का मकसद समझें क्योंकि यह एक तरह से भुकमरी के खिलाफ जंग है .

हज़त ने सभी को ईद की मुबारकबाद देते हुए कहा कि केरल सैलाब में जो लोग बेघर हुए हैं सब उनकी मुमकिन मदद करें यह हम सब की साझा ज़िम्मेदारी है .

By: Yunus Mohani