कोरोना वायरस से ज़्यादा खतरनाक है नफरत का वायरस : सय्यद मोहम्मद अशरफ

17 मार्च, 2020 महराजगंज
आल इंडिया व मशाइख़ बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फ़ोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कोरोना वायरस से अधिक खतरनाक नफरत का वायरस है।
उन्होंने कहा कि हम कोरोना से बचने के लिए मास्क तो पहन रहे हैं लेकिन नफरत से बचने के लिए ज़हरीली जुबानों को नहीं रोक रहे हैं,हम वायरस से बचने के लिए बार बार हैंडवाश या साबुन से हाथ धो रहे हैं लेकिन उन हाथों को लोगों की मदद के लिए नहीं बढ़ा रहे, खांसते या छींकते वक़्त बीमारी के डर से मुंह को ढाप रहे हैं लेकिन किसी जरूरतमंद के कपड़ों का इंतजाम नहीं कर रहे।
हज़रत ने कहा कि दुनिया कोरोंना से एकजुट होकर लड़ लेगी इसकी दवा बनाकर इसे हरा भी देगी लेकिन इससे ज़्यादा खतरनाक बीमारी का इलाज होते हुए भी इसे खतम करने को तैयार नहीं है।
जबकि सिर्फ एक मुस्कुराहट इस वायरस से बचा सकता है,एक ख़ामोशी,इंसाफ और लोगों की मदद करने का जज्बा इसका इलाज है अगर सब इस काम में लग जाएं तो इस वायरस को खतम कर इसपे जीत हासिल की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि हम कोरोना को सुन्नते रसूल पे अमल कर हरा देंगे क्योंकि डॉक्टर जो बचाव के तरीके बता रहे हैं वह नबी की सुन्नत है इसी तरह हम नफरत के वायरस को भी नबी की सुन्नत पर अमल कर हरा सकते हैं जो सूफिया ने करके दिखाया और संदेश सुनाया कि नफरत किसी से नहीं मोहब्बत सबके लिए।

अजमेर उर्स से दंगे में तबाह हुए लोगों की हर संभव मदद का संकल्प

आल इंडिया उलमा व माशाइख़ बोर्ड की सभी लोगों से मदद की अपील

1 मार्च 2020,रविवार,
अजमेर आल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड ने दरगाह स्थित चिश्ती मंज़िल में एक प्रेस कांफ्रेंस कर देश के सभी लोगों से दिल्ली में दंगों से प्रभावित लोगों की मदद का संकल्प लेते हुए लोगों से संभव मदद की अपील की,बोर्ड के अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने प्रेस को बताया कि आल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड ने यह फैसला किया है कि दिल्ली में दंगों से जो लोग बर्बाद हुए है उनकी हर संभव मदद कर उनके विश्वास को बहाल किया जाएगा ,लोगों की मदद बिना उनका धर्म या जाति देखे करनी है ।

हज़रत ने कहा कि बोर्ड के अध्यक्ष के नाते मैं व्यक्तिगत रूप से एक लाख रुपए इस काम के लिए पेश कर रहा हूं और बोर्ड के सब प्रदेशों और जिलों की शाखाओं के जिम्मेदारों से भी इस काम में जुट जाने की अपील करता हूं यह मुश्किल वक़्त हैं और यही समय लोगों के साथ खड़े होने का है ताकि उनका देश में और मानवता में विश्वास मजबूत हो।गरीब नवाज़ की बारगाह से उर्स के मुबारक मौके पर यही संदेश है कि आइए लोगों की मदद की जाय जिनके घर दुकानें तबाह हुई हैं उनको दुबारा खड़ा करने में जो मुमकिन मदद हो सके की जाए ,सभी लोगों को उर्स की मुबारकबाद और यही संदेश जो गरीब नवाज़ का संदेश है कि नफरत किसी से नहीं मोहब्बत सब के लिए।
बोर्ड की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य हज़रत अम्मार अहमद अहमदी उर्फ नय्यर मियां ( रुदौली शरीफ) ने कहा कि देश में जिस तरह के हालात पैदा हो रहे हैं और लोगों में एक दूसरे के प्रति जैसी नफरत पनप रही है उसको रोकने का मात्र उपाय सूफिया के तरीके को अपनाने में है वह तरीका यह है कि हम किसी की नफरत का जवाब अपनी मोहब्बत से दे यह वक़्त लोगों को सहारा देने का है सबके विश्वास को बहाल करने का है बोर्ड का यह निर्णय सराहनीय है हम सब इसके साथ है और लोगों से इस मुहिम में जुड़ने की अपील करते हैं ,गरीब नवाज़ के उर्स का यही संदेश कि मजलूम की हर संभव मदद की जाय और लोगों तक पहुंच कर उनकी मदद की जाए।
हज़रत सय्यदी मियां (मकनपुर शरीफ) ने कहा कि सिसकती मानवता को मुहब्बत के ठंडे पानी की जरूरत है हमें लोगों को बताना होगा कि इस प्यारे मुल्क में जहां से मीरे अरब को ठंडी हवा आती हो वहां गंगा के मिजाज़ को समझना होगा जिसके पानी को हिन्दू भाई अकीदत से पीते हैं और जिसमें स्नान कर पाप धो लेते हैं उसी गंगा के पानी से गुरुद्वारे में पवित्र लंगर बनता है और उसी गंगा के पानी से मुसलमान वज़ू कर रब का सजदा करते हैं हमें इससे सीखना होगा यही मिजाज़ सूफिया का है जो सबके लिए मुहब्बत बांटते हैं और नफरत के ज़हर को मिटा देते हैं।उन्होंने कहा कि बोर्ड का यह क़दम सूफिया के तरीकेकार पर अमल करने वाला है लोग मदद को आगे आएं ,सभी को ख़्वाजा का उर्स मुबारक।
बोर्ड के संयुक्त राष्ट्रीय सचिव हज़रत सय्यद सलमान चिश्ती ने कहा कि लोगों को मुहब्बत की जरूरत है और नादानी में नफरत के सौदागर उन्हें बहका रहे हैं हमें आगे आकर लोगों को मुहब्बत का संदेश देना है और गरीब नवाज़ के मिशन को आगे बढ़ाना है,ख़्वाजा का मिशन मोहब्ब्त को आम करना है और नफरत की आग को मुहब्बत के पानी से बुझा देना है,उन्होंने बोर्ड की पहल का समर्थन करते हुए लोगों से अपील की जो जहां भी है और जितनी भी संभव मदद कर सकता है जरूर करे यह वक़्त है जब लोगों को हमारी ज़रूरत है।लोगों को उर्स की बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि मज़हब के नाम के झगड़ा करने वाले याद रखें मज़हब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना।
सय्यद शहीद मियां चिश्ती ने कहा कि दिल्ली में जिस तरह का मंज़र दिखा वह डराने वाला है लेकिन वहीं लोगों ने जिस तरह इंसानियत का पैगाम दिया उसकी जितनी तारीफ की जाए कम है मुसीबत की इस घड़ी में हम सब सभी पीड़ितों के साथ हैं और दुआ करते हैं कि मुल्क में अमन और शांति रहे जो लोग परेशान हुए है उनकी हर मुमकिन मदद की जाए बोर्ड ने क़दम उठाया है हम सब इसकी हिमायत करते हैं सभी लोगों को ख़्वाजा का उर्स मुबारक हो.

प्रेस कांफ्रेंस में बोर्ड के तमाम ज़िम्मेदार मौजूद रहे इस अवसर पर मदद के लिए अल अशरफ ट्रस्ट का एकाउंट नंबर जारी किया गया जिसके जरिए लोग मदद भेज सकें।

Account Details :

Bank: Vijaya Bank

A/C: 606301011003687

Name: Al Ashraf Trust

Ifsc : VIJB0006065

नफ़रत बिखराव चाहती है फैसला आपके हाथ : सय्यद मोहम्मद अशरफ

14 जनवरी/नई दिल्ली
आल इंडिया उलमा व मशाईख  बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि”नफरत बिखराव चाहती है,फैसला आपके हाथ है ” उनका यह बयान देश में मौजूदा हालात पर था उन्होंने कहा कि चुनावी समर शुरू हो चुका है लिहाजा नफरत अपना हर हथकंडा आजमाएगी ।
हज़रत ने कहा कि लोग इत्तेहाद कर जीतने की राह तलाश रहे हैं।इधर मुसलमान आपस में छोटी छोटी बातों पर बिखर जाने पर आमादा हैं यह नफरत के एजेंडे को कामयाब बनाने वाली बात है जिसे वक़्त रहते समझना होगा वरना नुकसान तय है ।
उन्होंने कहा कि जिस तरह तेज़ी से हालात बदल रहे हैं हमें अनपर कड़ी नजर रखते हुए फैसला करना होगा जिससे मुल्क को हम नफरत की आंधी से बचा पाये हम फरेब में फंसे तो अपना ही नहीं मुल्क का भी नुकसान करेंगे।
हज़रत से जब उत्तरप्रदेश में समाजवादी और बहुजन समाज पार्टी के इत्तेहाद के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने सवाल के जवाब में सवाल किया कि इस इत्तेहाद में शामिल पार्टियों ने क्या बताया है कि वह सिर्फ मुसलमानों का वोट चाहती हैं या फिर प्रतिनिधित्व भी देना चाहती हैं ?
उन्होंने कहा कि कब तक सिर्फ यह शोर मचता रहेगा कि मुस्लिम तुष्टिकरण कर रही है कोई सियासी पार्टी क्योंकि अभी तक मुसलमानों को कुछ मिला तो नहीं है यहां तक हमारे वोट पर जीतने के बाद सेहरा दूसरो के सर बाधने वाले और हार का ठीकरा मुसलमानों पर फोड़ने वाले भी हमारा वोट चाहते हैं।
By: Yunus Mohani

दुनिया के सभी देशों से अंतरराष्ट्रीय ईश निंदा क़ानून बनवाने के लिए एकजुट होने की वर्ल्ड सूफी फोरम की अपील।

31 अगस्त /चित्तौड़गढ़,

वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन और आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के संस्थापक, अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने पत्रकारों को बताया कि वर्ल्ड सूफी फोरम ने दुनिया के तमाम देशों से पत्र भेज कर अपील की है कि अंतरराष्ट्रीय ईश निंदा क़ानून बना कर दुनिया को वैचारिक आतंकवाद से बचाया जाऐ।
उन्होंने कहा कि यह क़दम हाल में हॉलैंड के एक सरफिरे द्वारा पैग़म्बरे अमन व शांति हज़रत मोहम्मद सल्लाल्लहू अलैहि वसल्लम के कार्टून की प्रतियोगिता आयोजित करने के ऐलान के बाद उठाना ज़रूरी है क्योंकि दुनिया में बसने वाले अरबों की तादाद में मुसलमानों की आस्था ऐसी घिनौनी करतूत से आहत हुई है। न सिर्फ मुसलमानों की बल्कि सभी अमन पसंद लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं ।
उन्होंने कहा, हालांकि पूरी दुनिया में हो रहे विरोध प्रदर्शनों और संयुक्त राष्ट्र मानव अधिकार आयोग से वर्ल्ड सूफी फोरम की शिकायत के बाद इस प्रतियोगता को आयोजित नहीं किया जाने का ऐलान किया गया है लेकिन यह अंतिम उपचार या न्याय नहीं है ।उन्होंने कहा कि कहीं भी दुनिया के किसी कोने में कोई किसी भी धर्म के खिलाफ अगर ऐसी घिनौनी बात करता है जिससे उस धर्म के मानने वालों को दुख होता है तो अंतरराष्ट्रीय कानून का होना जरूरी है ताकि दोषी को सज़ा मिल सके और फिर किसी की हिम्मत न हो ऐसा कुकृत्य करने की।
हज़रत ने कहा नामूसे रिसालत पर हमला करने वाले दुनिया को अशांत करना चाहते हैं असली आतंकी यही विचार रखने वाले हैं जो किसी की धार्मिक भावनाओं को अपना हथियार बना कर अपना शैतानी मकसद हल करना चाहते हैं ।लिहाज़ा इस मुद्दे पर सबको साथ आना होगा ।

By: यूनुस मोहानी

अजमेर शरीफ से बाढ़ पीड़ितों के लिए सहायता रवाना !!

28/अगस्त अजमेर शरीफ

आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव हज़रत सय्यद सलमान चिश्ती द्वारा चिश्ती मंज़िल झालरा अजमेर शरीफ से केरल के बाद पीड़ितों के लिए सहायता भेजी गई है। इस अवसर पर चिश्ती ने कहा कि हम सब केरल के आफ़तज़दा लोगों के साथ खड़े हैं दरगाह अजमेर शरीफ से सहायता का काम भी किया जा रहा है और दुआ भी हो रही है।
उन्होंने कहा कि लोग जहां भी परेशान हैं इंसानियत का पहला तकाज़ा है कि उनकी बिना किसी भेदभाव के मदद की जाये यह हम सबका सामाजिक, धार्मिक,व मानवीय कर्तव्य है ,जो लोग ऐसे वक्त पर भी नफरत का ज़हर फैलाने का असफल कार्य कर रहे हैं उन्हें समझना चाहिए कि परेशान हिन्दू और मुसलमान ,दलित,ईसाई नहीं होते वह सिर्फ परेशान और मुसीबत में फंसे लोग होते हैं इंसान होते हैं और इंसानों की सेवा से इनकार सिर्फ शैतान करते हैं।
सय्यद सलमान ने कहा कि सभी लोग आगे आएं ताकि केरल के लोगों की भरपूर मदद की जा सके यही धर्म है और यही मानवता गरीब नवाज़ का यही मिशन है इसे हम सबको आगे ले जाना है।उन्होंने कहा कि आल इंडिया उलमा मशाईख बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी की अपील का व्यापक असर हुआ है और पूरे देश से राहत सामग्री पहुंच रही है।

 

By: Younus Mohani

आफत में घिरे लोगों की मदद हम सब का इन्सानी फ़र्ज़ है : सय्यद मोहम्मद अशरफ

20 जुलाई /लखनऊ “आफत में घिरे लोगों की मदद हम सब का इंसानी फ़र्ज़ है “हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी संस्थापक अध्यक्ष आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड एवं चेयरमैन वर्ल्ड सूफी फोरम ने यह बात केरल आपदा में पीड़ितों को मदद पहुँचाने की अपील करते हुए कही .

उन्होंने कहा कि आल इंडिया उलमा मशाइख बोर्ड ने क़ुरबानी के ताल्लुक से जो अपील जारी की है उसमे अहम् बात है कि लोग नफ्ली क़ुरबानी जो करना चाहते हैं उनके लिए बेहतर है कि वह केरल के बाढ़ पीड़ितों या कहीं भी किसी मुसीबत में फंसे इंसान की मदद करें क्योंकि मुसीबतज़दा लोगों कि मदद हमारा इंसानी और अख्लाकी फ़र्ज़ है .हज़रत ने कहा कि लोग सामूहिक रूप से या व्यक्तिगत रूप से मदद पहुंचा सकते हैं इस वक़्त लोगो को हमारी सख्त ज़रूरत है .

ईद-उल-अजहा का त्यौहार हमें मानना है और ये त्य्हार हमें कुर्बानी की सीख देता है लिहाज़ा हम अपने उन लोगों के लिए भी क़ुरबानी का जज्बा दिखाएँ जिन्हें इस मुश्किल वक़्त में हमारी ज़रूरत है .आल इंडिया उलमा मशाइख बोर्ड के ज़रिये भी आप अपनी मदद भेज सकते हैं .

हज़रत ने कहा कि कुर्बानी में इस बात का ख्याल रखना है कि हमारी वजह से किसी को तकलीफ न पहुंचे और हम कोई ऐसा काम न करें जिससे मुल्क में अमन को खतरा है जिस जानवर पर पाबंदी है उसकी कुर्बानी न करें .कुरबानी का मकसद समझें क्योंकि यह एक तरह से भुकमरी के खिलाफ जंग है .

हज़त ने सभी को ईद की मुबारकबाद देते हुए कहा कि केरल सैलाब में जो लोग बेघर हुए हैं सब उनकी मुमकिन मदद करें यह हम सब की साझा ज़िम्मेदारी है .

By: Yunus Mohani

आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड ने संयुक्त राष्ट्र संघ और हॉलैंड सरकार को दर्ज कराया विरोध

पैग़म्बर ए अमन की शान में गुस्ताखी ना क़ाबिल ए बर्दाश्त: सय्यद अशरफ

18 अगस्त (दिल्ली)

“पैग़म्बर ए अमन की शान में गुस्ताखी ना क़ाबिल ए बर्दाश्त” आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष व वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन सय्यद मोहम्मद अशरफ किछोछ्वी ने हॉलैंड के एक सांसद द्वारा पैग़म्बर ए अमन का कार्टून बनाने का कॉम्पीटिशन पार्लियामेंट हाउस में उनकी पार्टी के दफ्तर में आयोजित करने के देहश्तगरदान काम पर कही. हज़रत ने कहा कि किसी भी मज़हब कि तौहीन आतंकवाद ही है, उनहोंने बताया कि आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड ने संयुक्त राष्ट्र संघ व हॉलैंड सर्कार को अपना विरोध पत्र लिख कर दर्ज कराया है और मांग की है कि ऐसा करने वाले किसी व्यक्ति/संस्था को कड़ी से कड़ी सज़ा दी जाए और ताकि भविष्य में कोई ऐसा करने का प्रयत्न भी ना करे. उन्होंने कहा भारत सरकार से भी बोर्ड मांग करता है कि इस मसले पर अपना विरोध हॉलैंड सरकार से जताए क्योंकि इससे भारत में रहने वाले करोड़ों भारतीय मुसलमानों की भावनाएँ आहत हुई हैं. पैग़म्बर की शान में गुस्ताखी मुसलमान बर्दाश्त नहीं कर सकता इसलिए नफरत फैलाने वले उनके जज्बात को इसी के जरिये भड़काना चाहते हैं, जो कि एक वैश्विक षडयंत्र का हिस्सा है. हमें नफरत को पछाड़ने के लिए ऐसा करने वालों को रोकना होगा.

ग़रीबी और अशिक्षा को मिटाने की बात कीजिए तलाक़ पर तकरार बेमानी : सय्यद मोहम्मद अशरफ

श्रीलंका/कोलंबो 9 अगस्त “गरीबी और अशिक्षा मिटाने की बात कीजिए तलाक़ पर तकरार बेमानी” यह बात वर्ल्ड सूफी फोरम व आल इंडिया उलमा व मशायख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने पत्रकारों द्वारा तीन तलाक़ पर पूछे गए सवाल के जवाब में कहीं। वह इस समय श्रीलंका दौरे पर हैं।
हज़रत ने भारत सरकार द्वारा संसद में पेश ट्रिपल तलाक़ बिल में संशोधन पर पूछे गए सवाल पर कहा कि तलाक़ मुसलमानों का सबसे बड़ा मसला नहीं है सबसे बड़ा मसला हिन्दुस्तानी मुसलमानों की बदहाली गरीबी और अशिक्षा है इसपर बहस कर इसे दूर करने का इमानदार प्रयास होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अभी संशोधन क्या हुआ है इसकी जानकारी नहीं है लिहाजा इस पर बात करना सही नहीं है लेकिन यह ज़रूर कहूंगा कि तलाक़ से प्रभावित मुस्लिम महिलाओं की संख्या .5 फीसदी है जबकि अनुच्छेद 341 पर प्रतिबंध होने से लगभग 95% मुसलमान परेशान है और अपने अधिकारों से वंचित हैं यदि सरकार वास्तव में सबका साथ सबका विकास के एजेंडे पर काम करना चाहती है तो इसपर बहस करवाकर इस प्रतिबंध को हटाने का मार्ग प्रशस्त करे।
हज़रत ने कहा कि नफरत को रोकने के लिये मोहब्बत को आम कीजिए , तलाक़ पर कोई बात करने से पहले मुसलमानों को विश्वास में लिया जाना ज़रूरी है।
उन्होंने राज्यसभा के उपसभापति चुने जाने पर श्री हरिवंश जी को मुबारकबाद देते हुए कहा कि हम उम्मीद करते है कि वह अपने अनुभव से देश के लोकतंत्र को और मजबूत करेंगे।

By: Younus Mohani

आतंक को नकारने के लिए पाक की आवाम मुबारकबाद की पात्र – सय्यद अशरफ

26 जुलाई/लखनऊ

“आतंक को नकारने के लिए पाक की आवाम मुबारकबाद की पात्र ” यह बात वर्ल्ड सूफी फोरम व आल इंडिया उलमा व मशायख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने पाकिस्तान इलेक्शन में आतंकी सरगना हाफ़िज़ सईद की पार्टी को एक भी सीट न मिलने पर खुशी जाहिर करते हुए कही ।उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की आवाम ने साफ तौर से बता दिया है कि वह दहशतगर्दी को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करना चाहते और अमन के साथ हैं ।
हज़रत ने कहा कि इस बार पाकिस्तान में जो बदलाव दिखाई दे रहा है वह हमारे मुल्क के लिए बेहतर है हम उम्मीद करते हैं कि नई हुकूमत से दोनों देशों के ताल्लुकात बेहतर होंगे हज़रत ने इमरान खान को बधाई देते हुए कहा कि हम दुआ करते हैं कि इमरान खान सूफिया की तालीम पर अमल करते हुए पाकिस्तान में मोहब्बत की फिजा को बहाल कर आवाम की बेहतरी के लिए काम करें।हज़रत ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि दोनों मुल्को के सम्बन्ध बेहतर होंगे।
उन्होंने कहा कि आतंक को रोकना सबकी ज़िम्मेदारी है अगर हमने इसे नहीं समझा तो सबका नुक़सान होगा लिहाजा दोनों मुल्कों को क़दम से क़दम मिलाकर चलना होगा।

 

By: Yunus Mohani

मज़लूम की पहचान मज़हब से न करें, नफरत के एजेंडे को बढ़ने से रोकें : सय्यद मोहम्मद अशरफ

25 जुलाई/अम्बेडकरनगर

मज़लूम की पहचान मज़हब से न करें, नफरत के एजेंडे को बढ़ने से रोकें” यह विचार वर्ल्ड सूफी फोरम व आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड के संस्थापक, अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने हज़रत मख़दूम अशरफ जहांगीर सिमनानी रहमतुल्लाह अलैहि की दरगाह पर हाज़िरी के बाद मीडिया से कही, उन्होंने कहा हम जब मज़लूम की पहचान उसके मज़हब या ज़ाति की बुनियाद पर करते हैं तो नफरत के एजेंडे को ताक़त मिलती है और वह कामयाब हो जाता है।
हज़रत ने कहा कि मज़लूम सिर्फ मज़लूम होता है उसका कोई धर्म या ज़ा नहीं होती लेकिन खास तौर से इस बात को कहना कि यहां मरने वाला मुसलमान है या दलित या फिर कोई और तो इससे समाज में एक तरह का खौफ पनपता है और नफरत फैलती है. हमारा प्रयास होना चाहिए कि अतिताईयों के मक़सद को कामयाब न होने दें जो हम को ज़ाती और धर्म के साथ बांटना चाहते हैं ताकी उनके खतरनाक इरादे कामयाब हो जाएं।
उन्होंने कहा कि सूफिया ने गंगा जमुनी तहज़ीब को जन्म दिया जिसमें नफरत के लिए कोई जगह नहीं है, हमारा मुल्क अपनी इसी खूबसूरती और इस मोहब्बत वाली तहज़ीब के लिए जाना जाता है। कुछ देश के दुश्मन हमसे हमारी यह तहज़ीब छीनना चाहते हैं, हमें मज़हब और ज़ाती के नाम पर बांट कर वह अपने घिनौने एजेंडे को कामयाब करने पर तुले हैं।
हज़रत ने कहा कि मीडिया को भी अपनी ज़िम्मेदारी निभाते हुए इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि नफरत बढ़ाने वाली बातों और खबरों को रोका जाए, यह मुल्क मेरा और आपका नहीं बल्कि हमारा है, हम मिलकर इसका मुस्तक़बिल संवार सकते हैं, हम का माना हिन्दू और मुस्लिम से है, साथ में भारत में रहने वाले सभी धर्म के मानने वाले हैं अगर हम को मैं और तुम में बदला दिया गया तो देश का बड़ा नुक़सान होगा ।
उन्होंने साफ शब्दों में सरकार से कहा कि अब सरकार तय करे कि देश में क़ानून का राज चलेगा या भीड़ फैसला करेगी? हिन्दू ,मुसलमान ,सिख ,ईसाई सब आपस में हैं भाई भाई, क्या यह अब सिर्फ एक जुमला बन गया है या फिर मुल्क की बुनियादी ज़रत है ?

 

By: यूनुस मोहानी