नफरत का इलाज सिर्फ मोहब्बत है, इसी से समाज का इलाज सम्भव: सय्यद मोहम्मद अशरफ

नफरत का इलाज सिर्फ मुहब्बत है इसे से समाज का इलाज संभव – सय्यद अशरफ

19 फरवरी 2021 शुक्रवार, अजमेर राजस्थान

हज़रत ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती रहमतुल्लाह अलैहि के उर्स के मौके पर आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफ़ी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने दुनिया भर में हज़रत ख़्वाजा गरीब नवाज से अकीदत रखने वालों को उर्स की बधाई देते हुए कहा कि दुनिया का इलाज सिर्फ मुहब्बत है ,क्योंकि मुहब्बत नाइंसाफी को खतम करती है और इंसाफ हर बुराई को खतम कर देता है ,क्योंकि बिना इंसाफ कायम किए अमन नहीं हो सकता।

नाइंसाफी से नफरत पनपती है और नफरत सिर्फ नुकसान कर सकती है इससे कोई फायदा हासिल नहीं किया जा सकता है,उन्होंने उर्स के मौके पर चिश्ती मंज़िल झालरा दरगाह अजमेर शरीफ में आयोजित बोर्ड की प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने यह विचार रखे।
बोर्ड की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य हज़रत अम्मार अहमद अहमदी उर्फ नय्यर मियां रुदौली शरीफ ने कहा कि समाज में हमेशा मुहब्बत का संदेश इन सूफियों की बारगाह से दिया जाता रहा है , इन वालियों की चौखट पर कभी किसी से उसका मज़हब,उसकी जात उसकी पहचान नहीं पूछी गई हमेशा बिना किसी भेदभाव के लोगों की ज़रूरत को पूरा किया गया यही वजह है कि हज़रत ख्वाजा गरीब नवाज़ के आंगन में एक ऐसा गुलदस्ता नजर आता है जिसमें हर रंग ,नस्ल के फूल है जो आप पर निसार हुए जाते है उन्होंने सभी को उर्स की मुबारकबाद दी।
बोर्ड के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य हज़रत सय्यदी मियां मदारी मकनपुर शरीफ ने कहा कि आपसी भाईचारे की जो सीख सूफियों ने दी वह हमारे मुल्क की मजबूती की जमानत है अगर इसे तोड़ा गया तो देश का नुकसान तय है,मुहब्बत ही एक ऐसा रास्ता है जिससे दुनिया को खूबसूरत बनाया जा सकता है उन्होंने लोगों को उर्स की मुबारकबाद देते हुए कहा कि हज़रत ख्वाजा गरीब नवाज़ से अकीदत का पहला क़दम यह है कि सबसे मुहब्बत की जाए।
बोर्ड के कर्नाटक राज्य के प्रदेश अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य हज़रत सय्यद तनवीर मियां ने कहा कि हज़रत ख्वाजा गरीब नवाज़ रहमतुल्लाह अलैहि का पैग़ाम नफरत किसी से नहीं मुहब्बत सबके लिए इस दौर में कामयाबी का नारा है क्योंकि जिस तरह हर रोज़ नफरत को परोसा जा रहा है और आग लगाने की कोशिश हो रही है यही पैग़ाम है जो हमें महफूज़ रख सकता है उन्होंने लोगों को उर्स की मुबारकबाद देते हुए कहा कि अब होशियार भी रहना होगा क्योंकि नफरत ने मुखौटा बदला है और मुहब्बत के आंगन को अपनी साजिशों के लिए इस्तेमाल करने का मंसूबा बना लिया है लिहाज़ा नफरत वाला अगर कोई संदेश या किसी नफरत के एजेंडे को पैरवी अगर यहां का सहारा लेकर की जाए तो समझ जाए कि यह नकली पैकिंग वाला है जिसने खाल ओढ़ ली है।
बोर्ड के राष्ट्रीय सचिव सय्यद सलमान चिश्ती ने लोगों को उर्स की मुबारकबाद देते हुए कहा कि दुनिया कोरोना के बाद काफी बदली है और हमने समझ लिया कि नफरत से सिर्फ नुकसान है और मुहब्बत ही अकेला रास्ता है कामयाबी का लिहाज़ा सभी हुज़ूर गरीब नवाज़ के पैग़ाम पर अमल करें।

इस मौके पर बोर्ड द्वारा मास्क का वितरण जायरीनों के बीच किया गया और देश एवम दुनिया की सलामती की दुआ की गई देश में मुहब्बत ,अमन,और इंसाफ कायम रखने का अज्म भी लिया गया।
यूनुस मोहानी

देश का माहौल खराब करने की हो रही है साजिश : सय्यद मोहम्मद अशरफ

07 जनवरी 2021 नई दिल्ली,
आल इंडिया उलमा मशाईख बोर्ड के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफ़ी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने एक नफरत के वाहक द्वारा हज़रत ख्वाजा गरीब नवाज की शान में गुस्ताखी कर सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने पर सरकार से मांग की है कि इस तरह के लोगों पर सख्त से सख्त कार्यवाही की जाये,क्योंकि इस तरह की बाते करने वाले देश के दुश्मन है और देश को तोड़ने की साजिश कर रहे हैं ,क्योंकि हज़रत ख्वाजा गरीब नवाज में हर धर्म और मजहब के लोग आस्था रखते हैं लिहाज़ा यह देश एवम दुनिया के करोडों करोड़ लोगों की भावनाओं को आहत करने वाला है और इस प्रकार देश का माहौल खराब करने की साजिश रची जा रही है।
उन्होंने कहा कि यह देश गंगा जमुनी तहजीब का देश है यहां सभी की भावनाओं का आदर होता है ऐसे में ऐसे लोग देश के हर कोने में नजर आ रहे हैं जो देश को कमज़ोर करने की कोशिश में दिन रात एक किए हैं यह साफ तौर से विदेशी साजिश जान पड़ती है ,हमारी सीमाओं पर अपनी गंदी नजर गड़ाये लोग हमारे मुल्क के माहौल को खराब करने के लिए इस तरह के लोगों को प्रोत्साहन से रहे हो सकते है इसकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए और नफरत के वाहकों को तुरंत सलाखों के पीछे भेजा जाना चाहिए।
हज़रत ख़्वाजा गरीब नवाज़ की शान में गुस्ताखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जा सकती यह भारत की ज़मीन सूफ़ी संतों की ज़मीन है इनके दरबार से मुहब्बत का संदेश आम होता है और भारत की सुन्दरता यहां दिखाई देती है लेकिन यह नफरत के सौदागर इसे बर्दाश्त नहीं कर पा रहे और विदेशी ताकतों के हाथों में खेल कर देश को कमज़ोर करने में लगे हुए हैं।
हज़रत ने कहा कि हमने प्रधानमंत्री और ग्रह मंत्री को पत्र लिखकर मांग की है कि जल्द से जल्द ऐसे लोगों की गिरफ्तारी हो और देश का माहौल खराब करने वालों को सलाखों के पीछे धकेला जाए ,हज़रत ने कहा कि पूरे देश में अलग अलग जगहों पर इस प्रकार का काम ऐसे देशद्रोहियों के द्वारा किया जा रहा है अभी मध्य प्रदेश से जिस प्रकार धार्मिक स्थलों पर हमले के जो वीडियो वायरल हुए वह सब इसी ओर इशारा करते हैं।
उन्होंने कहा कि हज़रत ख्वाजा गरीब नवाज पर भद्दी अपमानजनक टिप्पणी करने वाले व्यक्ति को तुरंत गिरफ्तार करने की हम मांग करते हैं भारत को कमज़ोर करने वालो को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता सरकार फौरन कार्यवाही करे ।

By: Yunus Mohani

रीयल्टी पर बात हो रियूमर्स पर नहीं : सय्यद मोहम्मद अशरफ

27 दिसंबर 2020, नई दिल्ली
आल इंडिया उलमा मशाईख बोर्ड के अध्यक्ष एवम वर्ल्ड सूफ़ी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने देश में कोरोना वैक्सीन को लेकर मचे बवाल पर कहा है कि किसी को भी अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए बल्कि हकीकत पर बात होनी चाहिए ,मुंबई में एक मुस्लिम संगठन द्वारा यह बहस छेड़ी गई है कि जो वैक्सीन भारत में आ रही है उसमें इस्लाम में हराम की गई चीज़ों को इस्तेमाल किया गया है,इस बात से एक नई बात निकल पड़ी है।
हालांकि यह सवाल इंडोनेशिया से उठा जहां चीन में निर्मित कोरोना वैक्सीन का इस्तेमाल किया जाना है क्योंकि यह कहा जा रहा है कि उस वैक्सीन में इस्लाम में हराम पोर्क बेस्ड जिलेटिन का इस्तेमाल हुआ है लिहाज़ा इस वजह से मुसलमान इसे नहीं लगवा सकते और यही बहस हमारे मुल्क में आ पहुंची है जबकि हमारे यहां अभी चीन में निर्मित वैक्सीन को आयात करने का कोई फैसला नहीं हुआ है ,लिहाज़ा इस बहस का अभी कोई औचित्य नहीं है।
उन्होंने कहा लेकिन यह ज़रूरी है कि जो वैक्सीन भारत के लोगों को दी जानी है उसका कंपोजीशन लोगों को बताया जाये यह जानने का उनका हक़ है ,अगर ऐसी बात कही जा रही है तो उसमें कोई बुराई नहीं है क्योंकि हर दवा की पैकिंग पर उसमें इस्तेमाल की जाने वाली चीजों को लिखा जाता है अगर ऐसा कोई मामला है तो इसे भी लोगों को बता दिया जाना चाहिए इसमें कोई बुराई नहीं है।
हज़रत ने कहा लेकिन इसे विवाद का विषय बनाने का काम किसी को भी नहीं करना चाहिए क्योंकि इस वक्त इस महामारी से निपटने के लिए जो भी ज़रूरी है किया जाना है, क्योंकि जान बचाना फ़र्ज़ है और जान पर अगर बन आती है और इसके सिवा कोई विकल्प मौजूद नहीं है तो इसे है लगवाना होगा ,इसलिए इस पर पहले तहकीक होनी चाहिए फिर कोई बात कहनी चाहिए जोश में की गई बातों से सिर्फ समाज में गुमराही फैलती है ।
इससे पहले भी इस तरह के विवाद हो चुके हैं जब एक आयु्वेदिक दवा बनाने वाली कम्पनी के उत्पादों में मानव अस्थियों के प्रयोग की बात आई थी लिहाज़ा ऐसी कोई भी चीज जो हमारे जैन समुदाय के भाइयों ,हिन्दू समाज के लोगों और मुसलमानों के यहां धार्मिक रूप से वर्जित है उसका उपयोग किया गया है तो जानकारी देना आवश्यक है क्योंकि यह सभी की धार्मिक आस्था का सवाल भी है और अगर ऐसा कोई विकल्प मौजूद है जिसमें ऐसा तत्व शामिल नहीं है तो उसे प्राप्त करने का हक़ है वरना महामारी से निपटने के लिए जो भी आवश्यक होगा उसे सभी को लगवाना होगा ऐसे में किसी भी प्रकार का विवाद पैदा करना उचित नहीं होगा।अगर किसी बात पर सवाल उठा है तो उसकी हकीक़त भी बता दी जानी चाहिए इससे समाज में विश्वास बढ़ता है और सवाल का जवाब ना मिलने पर भ्रम फैलता है।

By: यूनुस मोहानी

सय्यद अफजल मियाँ देश के लिए गौरव थे : सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी

20, दिसंबर 2020, किछोछा, अम्बेडकर नगर
जामिया मिल्लिया इस्लामिया और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पूर्व रजिस्ट्रार और एडीजी (IPS) भोपाल मध्य प्रदेश के सय्यद मोहम्मद अफजल मियां देश के लिए एक अहम शख्शियत थे। आप एक खुश अख़लाक़, एक साहिबे किरदार शख्शियत हमारे बीच से रुखसत हुई है। आप बहुत ही नेकदिल और रहमदिल अफसर थे। इतना ऊंचा पद संभालने के बावजूद आप विनम्र स्वभाव और सहनशीलता के प्रतीक थे। बेशक, आपका निधन न केवल जमात-ए-अहल-ए-सुन्नत बल्कि पूरे देश के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
उक्त बातें आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हजरत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने अपनी ख़ानक़ाह अशरफिया किछौछा मुकद्दसा में एक समारोह को संबोधित करते हुए व्यक्त की । हजरत ने कहा कि मरहूम अफ़ज़ल मियां देश की खिदमत के साथ-साथ दीनी तालीम से युवाओं को जोड़ने का उनका लक्ष्य निरंतर जारी था। देश की तरक्की और मज़लूमो को न्याय मिले इसलिए उन्होंने आईपीएस को चुना और समाज सेवा में जुट गए।
उन्होंने युवाओं को शिक्षित होकर ही उन मुकामों को हासिल करने का लक्ष्य बताया जिसके लिए आज का युवा सोच रखता है। दीनी तालीम के साथ साथ आज के हालात पर उनका विशेष ध्यान रहता था। निश्चित ही हम सबको यह कमी सदियों तक महसूस होगी। हज़रत सय्यद अफ़ज़ल मियाँ बरकाती मारहरवी का निधन एक बहुत बड़ी क्षति है जिसकी भरपाई मुश्किल है। हज़रत ने अंत में दुआ फ़रमाई की अल्लाह तआला आपके दरजात बुलन्द फरमाए और घर परिवार और अकीदतमंदों को सब्र अता फरमाए ,आमीन

By: नुरूलहुदा मिस्बाही। भारत डेली न्यूज

जिससे मुल्क में खुशहाली आती हो उस बात का समर्थन : सय्यद मोहम्मद अशरफ

13 दिसंबर,2020,नई दिल्ली,रविवार
आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफ़ी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने एक बयान जारी कर कहा कि हम हर उस बात का समर्थन करते हैं जिससे देश के हर नागरिक को उसका हक़ मिलता हो और देश में खुशहाली आती हो।
उन्होंने कहा कि देश में जिस तरह देश का किसान सड़कों पर है और लगातार हुकूमत से कृषि बिल वापिस लेने की मांग की जा रही है उसमें सरकार और किसानों दोनों के जरिए अलग बात की जा रही है, जहां किसानों की बात है उनका मानना है कि यह देश के किसानों के हक़ में नहीं वहीं सरकार कह रही है कि यह किसानों को बहुत फायदा पहुंचाने वाला है,लेकिन सरकार ने काफी हद तक कानून में बदलाव की बात की है जिससे यह समझ तो आता है कि कुछ कमी ज़रूर रह गई ऐसे में गंभीरता से विचार की ज़रूरत है।
हमारा मुल्क खेती पर निर्भर है ऐसे में अपने खेत छोड़ कर किसान सड़क पर हैं इससे देश का नुकसान हो रहा है लिहाज़ा सरकार को इस पर फौरन फैसला लेना चाहिए और इस गतिरोध को समाप्त करना चाहिए, उन्होंने कहा कि किसी भी हाल में आंदोलन को मज़हबी रंग नहीं देना चाहिए और न हीं इसे हिंसक होना चाहिए जिस तरह कुछ पोस्टर को लेकर विवाद हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण है।
सभी गतिरोध के बाद भी देशहित सर्वोपरि रखना है इसे सरकार को भी समझना चाहिए, उन्होंने कहा कि हर जायज़ मांग का हम समर्थन करते हैं जिससे देश का फायदा होता है हर उस बात का विरोध सबको करना चाहिए जिससे देश का अहित होता है।
हज़रत ने कहा कि हमारा काम है कि देश की और देश के लोगों की दोनों की सेवा करें, अभी हमारे देश के लोग सड़कों पर अगर आये है तो भी हमारा कर्तव्य है कि इनकी सेवा सत्कार की जाये, यह बात सरकार को भी समझ आनी चाहिए, उन्होंने कहा कि हमने बोर्ड के लोगों को निर्देशित किया है कि वह खिदमते खल्क के जज्बे के साथ लोगों की खिदमत करें और लोगों की परेशानी में काम आयें यही धर्म है,।
उन्होंने यह भी कहा कि देश के किसानों की जायज़ मांगों को सरकार को फौरन मान लेना चाहिए और इस मसले को जल्द से जल्द हल करना चाहिए ।

By: Yunus Mohani

अग्निकांड में तबाह परिवारों के साथ खड़ा है बोर्ड, जल्दी मिलेगा प्रतिनिधिमंडल: सय्यद अशरफ

29 नवंबर रविवार,नई दिल्ली,
आल इंडिया उलमा मशाइख़ बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफ़ी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने संजरी चौक मालेगांव महाराष्ट्र में हुए भीषण अग्निकांड पर अफसोस जताते हुए कहा है कि ऐसे दौर में जब कोरोना महामारी की वजह से कारोबार चौपट है ऐसे में जिन लोगों के आशियाने जल गए हम सब उनके साथ खड़े है आल इंडिया उलमा मशाईख बोर्ड का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही मौके पर पहुंच कर जिन लोगों का नुकसान हुआ है उनसे मुलाक़ात करेगा और मुमकिन मदद करने की कोशिश करेगा,
हज़रत ने कहा कि सभी का फ़र्ज़ है कि वह मुसीबतजदा लोगों की मदद को आगे आएं बिना किसी भेदभाव के यही हमारा इन्सानी और दीनी फरीजा है ग्यारहवीं के इस मुकद्दस महीने में इस बार गौसे आजम की न्याज को इस तरह भी करे क्योंकि इस बार हर साल की तरह घरों में ढेग पकवा कर आप लोगों को बुला कर नहीं खिला पा रहे हैं क्योंकि महामारी का दौर चल रहा है तो इसे इस तरह किया जाए कि इस तरह जहां ज़रूरत है वहां हम खुद को पहुंचाएं और परेशान लोगों की मुमकिन मदद करें।
हज़रत ने महाराष्ट्र सरकार से भी अपील की है कि वह पीड़ित परिवारों को उचित मदद करे ताकि उनके नुकसान की भरपाई की जा सके।
उन्होंने कहा कि लोगों की मदद करते वक्त उनका मजहब,मसलक और जात पात न देखी जाए बल्कि हर परेशानहाल की मदद को आगे आया जाए इससे जहां हमसे हमारा खुदा खुश होगा वहीं समाज में मोहब्बत भी फैलेगी जो नफरत के जहर को खतम कर देगी।

By: यूनुस मोहानी

कुर्बानियों से मिली आज़ादी की हिफाज़त हमारी ज़िम्मेदारी : सय्यद मोहम्मद अशरफ

कुर्बानियों से मिली आजादी इसकी हिफ़ाज़त हमारी ज़िम्मेदारी – सय्यद अशरफ
14 अगस्त 2020 नई दिल्ली
आल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफ़ी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने आजादी की पूर्व संध्या पर सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए कहा कि यह आज़ादी हमें बड़ी कुर्बानियों के बाद हासिल हुई है इसकी हिफाज़त हम सब की ज़िम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि नफरतों से देश को कमजोर करने की भयानक साजिश चल रही है और एक प्रयास किया जा रहा है कि भारत की सुंदरता अनेकता में एकता को खत्म कर दिया जाए ,इससे सिर्फ देश कमजोर होगा और घाट लगाये बैठे दुश्मन इसका भरपूर फायदा उठायेगा ,सभी देशवासियों को इस साजिश को समझ लेना चाहिए और किसी भी प्रकार की हिंसा से दूर रहना चाहिए हमें अपने देश को आगे बढ़ाना है और यह हम आपस में लड़ कर नहीं कर सकते हमारी आपसी लड़ाई हमारे देश को कमजोर करती है।
हज़रत ने कहा कि सभी को सबकी भावनाओं की इज्जत करनी चाहिए और सभी धर्मों का सम्मान करना चाहिये यही निर्देश हमें हमारा धर्म भी देता है वतन से मोहब्बत आधा ईमान है यह पैग़म्बरे इस्लाम की तालीम है हमें इसपर अमल करते हुए अपने मुल्क को आगे ले जाना है हमें अपने बुजुर्गों कि कुर्बानी नहीं भूलनी चाहिए कि किस तरह 40 हज़ार से ज़्यादा उलमा की लाशे पेड़ों पर लटका दी गई लेकिन हमारे क़दम पीछे नहीं गए यह इस आजादी का मोल है यह आसानी से हासिल नहीं हुई।
उन्होंने कहा सभी लोग स्वतंत्रता दिवस पर शान से तिरंगा लहराते हुए यह निश्चय करें कि अब एक सूत्र के साथ हम इस देश को आगे ले जाएंगे नफरत किसी से नहीं मोहब्बत सबके लिए।

यूनुस मोहानी

पैगंबर की शान में गुस्ताखी बर्दाश्त नहीं फौरन कार्यवाही हो : सय्यद मोहम्मद अशरफ

12 अगस्त 2020 बुधवार नई दिल्ली
आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफ़ी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने कल बैंगलुरू में एक लड़के द्वारा फेसबुक पर पोस्ट कर पैगम्बरे इस्लाम की शान में अभद्र एवम अशोभनीय टिप्पणी किए जाने पर कड़े शब्दों में कहा कि इस तरह की घटनाओं को सरकार फौरन रोके और दोषी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की जाए।
कल शाम बैंगलुरू में यह खबर फैलते ही कि किसी विधायक के भतीजे ने ऐसी पोस्ट की है वहां के स्थानीय लोगों ने विधायक के घर के बाहर जमा होकर प्रदर्शन किया और उसके बाद पुलिस से उस लड़के की गिरफ्तारी की मांग की इसी बीच वहां से कुछ शरारती लोगों द्वारा उपद्रव किए जाने की खबर भी आई विषय पर बोर्ड ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए का उत्त रण लड़के की गिरफ्तारी की मांग कर्नाटक के मुख्मंत्री से की है।
हज़रत ने कहा जो लोग देश तोड़ना चाहते हैं और देश में नफरत फैलाना चाहते हैं उनके द्वारा ही इस तरह का काम किया जा रहा है सुरक्षा एजेंसियों को इस पर कड़ी निगाह रखनी चाहिए और ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्ती से निपटा जाना चाहिए दरअसल ऐसे लोग वैचारिक आतंकवादी हैं,जो बहुत खतरनाक है ।
उन्होंने कहा मुसलमानों को भी कानून के दायरे में रहकर विरोध दर्ज कराना चाहिए क्योंकि हिंसा पैगम्बर की तालीम नहीं है ,और हैं भी ऐसा करके कानून का उल्लंघन करके पैगम्बर की तालीम को अनदेखा कर रहे हैं जो अपनी तरह से गुस्ताखी है लिहाज़ा इस बात का ख्याल रखा जाए कि लोकतांत्रिक तरीके से ही अपनी बात रखी जाए ।
पथराव और आगजनी की तालीम हमें हमारा मजहब नहीं देता और जिनकी शान के लिए सड़कों पर आए हैं यह उनके दुश्मनों का अमल है इस बात को समझना होगा हालांकि कुछ खबरे ऐसी भी आ रही हैं कि भीड़ में कुछ से शरारती तत्वों ने घुस कर ऐसा काम किया है इसकी जांच होनी चाहिए।
पैग़म्बरे इस्लाम की शान में ज़रा भी गुस्ताखी मुसलमान बर्दाश्त नहीं कर सकता ऐसा करने वाले इंसानियत के दुश्मन हैं और देश के गद्दार वैचारिक आतंकवाद के वाहक है।

نفلی قربانی کے بجائے لاک ڈاؤن میں بے روزگار غریب مزدوروں کی مالی مدد کریں: سید محمد اشرف

نئی دہلی (پریس ریلیز) ۲۵/جولائی

آل انڈیا علما ء و مشائخ بورڈ کے بانی وصدر اور ورلڈ صوفی فورم کے چیئرمین حضرت سید محمد اشرف کچھوچھوی نے کورونا وبا میں آنے والے تہوار عید الاضحی کے موقع پر مسلمانان ہند سے اپیل کرتے ہوئے کہا کہ ہمیں گورنمنٹ کے ذریعہ جاری کی گئی ضروری ہدایات پر عمل کرتے ہوئے قربانی کی سنت پر عمل کرنا ہے کیونکہ معاشرے کو ہر طرح کے فساد،بیماری،وبا وغیرہ سے بچنے کی ذمہ داری ہم پر ہمارے دین نے ڈالی ہے جسے ہمیں انجام دینا ہے جس میں ہمیں خاص باتوں کا خیال رکھنا ہے جس سے برادران وطن کے جذبات کو ٹھیس نہ پہنچے،اس لئے راستوں اور عوامی جگہوں پر قربانی نہ کریں بلکہ ممکن ہو تو بڑے احاطوں میں اہتمام کریں، جن جانوروں پر قانونی طور پر پابندی ہے ان کی قربانی کرنے سے پرہیز کریں۔ قربانی کا خون نالیوں میں نہ بہائیں بلکہ اسے دفن کریں، جانوروں کا وہ حصہ جو نہیں کھایا جاتا دفن کریں۔صاف صفائی کا خاص خیال رکھیں، کسی کو آپ کی وجہ سے پریشانی نہ ہو۔ قربانی کا ویڈیو بنا کر سوشل میڈیا پر نہ ڈالیں۔قربانی کے گوشت کو غریبوں اور پریشان حال لوگوں تک پہنچانے کا خاص انتظام کریں۔جو لوگ نفلی قربانی کا ارادہ رکھتے ہیں بہتر ہے کہ وہ سیلاب، کورونا وبا کے چلتے لاک ڈاؤن میں بھوک سے پریشان بے روزگار غریب مزدوروں یا دوسری مصیبتوں میں مبتلا لوگوں کی مالی مدد کریں، نظم و ضبط بنائے رکھیں اور قانون کی خلاف ورزی نہ کریں۔قربانی کے گوشت کو کھلا نہ لے جائیں، پولیس انتظامیہ کی مددکریں۔

शेरानी आबाद के सूफ़ी नगर में ऑल इंडिया उलमा मशाईख बोर्ड ने वृक्षारोपण किया l

20 जुलाई 2020, शेरानी आबाद

ऑल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड दिल्ली के ज़िम्मेदार हाफ़िज़ हुसैन शेरानी ने बताया कि बोर्ड के कार्यकर्ता अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफ़ी फोरम के चेयरमैन विश्वविख्यात इस्लामिक धर्मगुरु हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी के आह्वान पर देश के विभिन्न स्थानों पर वृक्षारोपण कर रहे हैं और ज़मीन को हरा भरा रखने का संकल्प दोहरा रहे हैं, वैसे भी स्वयं बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने हर मौके पर लोगों से पेड़ लगाने की अपील की है ताकि हमारे इस काम से हम अपनी आने वाली नस्लों को शुद्ध हवा दे पाएं।

वहीं इसके साथ हज़रत सय्यद अशरफ किछौछवी ने यह भी कहा कि पेड़ लगाते वक्त यह भी याद रखना चाहिए कि हमें पेड़ जैसा बनना है जो हमें हवा देता है,फल देता है,छाया देता है और जब सूख जाता है तो जलाने के काम आता है और किसी से उसका मजहब उसकी ज़ात उसका मसलक नहीं पूछता यही सूफिया का तरीका रहा है। उनकी इसी बात से प्रेरणा लेकर आज शेरानी आबाद के सूफ़ी नगर भेणियाद में शहादत अली खान के नेतृत्व में कई घरों में हरे भरे पेड़ पौधे लगाए, उनके साथ यूसुफ खान, मोहम्मद हुसैन, मौती खान, मोहम्मद इरशाद, मोहम्मद अरशद व मोहम्मद तारीफ मौजूद रहे ।