नफरत का संक्रमण काल चल रहा है देश बचाना होगा: सय्यद मोहम्मद अशरफ

12 फरवरी/कोलकाता,
नफरतों का संक्रमण काल चल रहा है देश बचाना होगा” यह विचार कोलकाता में एक धर्मसभा को संबोधित करते हुए आल इन्डिया उलमा व मशाइख बोर्ड के संस्थापक, अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने रखे, हज़रत यहां जलसे में मुख्य वक्ता के तौर पर आये थे। उन्होंने कहा, देश में नफरतों का बुखार महामारी की तरह फ़ैल रहा है अगर दिल और दिमाग़ की सफाई नहीं की गई तो यह पूरे देश को अपनी चपेट में ले लेगी ।
हज़रत ने कहा कि इसका इलाज सिर्फ मोहब्बत है जिसका प्रयोग सूफिया ने किया और लोगों को एक माला में पिरो दिया, आज भी दरगाहें अकेली ऐसी जगह है जहां सभी धर्म के लोग दिलो में अकीदत लेकर आते हैं और मोहब्बत भाईचारे का सबक हासिल करते हैं, हमें औलिया अल्लाह की ज़िंदगी से सीखना चाहिए, वह गुनहगार से नहीं गुनाह से नफरत करते और गुनहगार को मोहब्बत के आगोश में लेकर उसे गुनाहों से दूर कर देते, अब हमें यही अमल करना है ।
उन्होंने कहा कि अफवाहों पर ध्यान न दिया जाए और हकीकत को समझा जाएँ तो हम काफी हद तक बच सकते हैं, हज़रत ने शिक्षा प्राप्त करने पर बल देते हुए कहा कि इस्लाम ने शिक्षा पर कितना बल दिया है इसे इससे समझना चाहिए कि क़ुरआन में सबसे पहले कहा गया “इकरा” यानी पढ़ो, अल्लाह के हबीब ने फरमाया कि अगर तालीम हासिल करने के लिए चीन भी जाना पड़े तो जाओ, लिहाज़ा मुसलमानों को खास तौर पर अपने बच्चो को पढ़ाना चाहिए, इसके लिए चाहे उन्हें कितनी भी तकलीफ उठानी पड़े।
हज़रत ने कहा कि मुल्क में नफरतों के इस दौर को रोकने के लिए हमारे पास गरीब नवाज़ का दिया बेहरीन फार्मूला है, वह यह है कि” मोहब्बत सबके लिए नफरत किसी से नहीं” हमें इसे अपने अमल में लाना होगा।

By: यूनुस मोहानी

नफरत से इंसानियत और मुल्क दोनों का नुक़सान : सय्यद मोहम्मद अशरफ

10 फरवरी/नागपुर
नफरत इंसानियत और मुल्क दोनों का नुक़सान कर रही है, ये बात आल इंडिया उलमा मशाइख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने नागपुर में आयोजित कार्यक्रम ” हम कहां है” में बोलते हुए कही, हज़रत ने कहा कि यह इस वक़्त में खुद से पूछा जाने वाला सबसे पहला और जरूरी सवाल है कि हम कहां है?
उन्होंने कहा, हमारे इतिहास में हमने जिस तरह इंसानियत को बचाने और ज़ुल्म को खतम करने के लिए कुर्बानियां दी उसे रहती दुनिया तक भुलाया नहीं जा सकता लेकिन अब हम अपने आप को पहचान नहीं रहे क्योंकि हमने अपने गुज़रे हुए कल से सीखने का हुनर खो दिया है, अगर वापस वही मुकाम हासिल करना है तो हमें अपने गुज़रे हुए कल को देखना होगा और सूफिया के तरीके पर अमल करते हुए इंसानियत की भलाई के लिए काम करना होगा।
नफरत को हर हाल में रोक देना होगा और तलीमे नबी पर पूरी तरह अमल करना होगा वरना यह सवाल हमारे सामने ऐसे ही खड़ा रहेगा और हम खुद कभी इसका जवाब नहीं ढूंढ पाएंगे ।
हज़रत ने कहा कि किसी भी मसले पर सिर्फ सुनकर राय बनाने की आदत छोड़ दीजिए, चीज़ों को खोल कर देखिए बच्चो को गुमराह होने से बचने के लिए पढाएं।

By: यूनुस मोहानी

मुसलमान मुल्क के वफादार, मुल्क को नुक्सान पहुँचाने वाले नहीं : सय्यद मोहम्मद अशरफ

जबलपुर/23 जनवरी ,मुसलमान मुल्क के वफादार, मुल्क को नुक्सान पहुंचाने वाले नहीं “ यह बात आल इंडिया उलेमा व मशायख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने जबलपुर में एक जलसे को संबोधित करते हुए कही .उन्होंने कहा कि जब भी मुल्क को कुर्बानियों कि ज़रूरत पड़ी है मुसलमान सबसे आगे निकल कर आये हैं .चाहे वह मुल्क की आज़ादी कि लडाई रही हो या दुश्मन से लोहा लेने का मौक़ा और आज भी वही जज्बा है.
हजरत ने मुल्क में मौजूदा दौर में जिस तरह के हाल बने हुए हैं उसपर कहा कि लोगों को मुल्क के सम्मान का ख्याल रखना चाहिए अदालतों के फैसले के खिलाफ जिस तरह लोग सड़कों पर उतर कर हिंसा कर रहे हैं वह ठीक नहीं है .
उन्होंने कहा कि आल इंडिया उलेमा व मशायख बोर्ड 25 जनवरी को पुरे हिन्दोस्तान में “हम हिन्दोस्तानी” (We The INDIAN’S) नाम से कार्यक्रम आयोजित कर रहा है जिसका उद्देश्य लोगों में संविधान के प्रति और अधिक भरोसा पैदा करना है साथ ही अपनी गंगा जमुनी तहजीब को बढ़ावा देना एवं लोकतान्त्रिक प्रणाली को और अधिक मज़बूत करते हुए जनमानस का भरोसा मज़बूत करना है .उन्होंने सभी से इस कार्यक्रम में अपने अपने शहरों में सम्मिलित होने की बात कही.

हज़रत किछौछवी ने कहा कि सबको चाहिए कि मुल्क की तरक्की में अपना भरपूर योगदान दें और नफरत की हवा को थाम दे ताकि मोहब्बत की खुशबू से अपना चमन महक उठे.

By: यूनुस मोहानी

सरकार शिक्षा और रोजगार पर ध्यान दे : सय्यद मोहम्मद अशरफ

19जनवरी/ बुरहानपुर
सरकार शिक्षा और रोजगार पर ध्यान दे,आल इन्डिया उलमा व मशायख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने सरकार को चेताते हुए यह बात कही. उन्होंने कहा देश युवाशक्ति को सही दिशा दिए बिना आगे नहीं बढ़ेगा. देश का विकास युवाओं को बेहतर शिक्षा व्यवस्था और रोजगार देने से होगा। वह यहां मीडिया से रूबरू थे।
हज सब्सिडी खत्म किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा, हम इस क़दम का स्वागत करते हैं साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर सरकार अपने बयान के मुताबिक़ सब्सिडी की रकम मुस्लिम समाज की बच्चियों की शिक्षा पर खर्च करेगी तो समाज के गरीब वर्ग को इसका फायदा पहुंचेगा।
उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री का बयान कि “हम मदरसों के खिलाफ नहीं और सरकार इन्हें बंद नहीं करने जा रही बल्कि इसमें अच्छी व्यवस्था हो” का भी स्वागत योग्य है, सरकार को सभी नागरिकों के हित में काम करना चाहिए यही लोकतंत्र का तकाजा है।
उन्होंने कहा, जिस तरह देश में बेरोजगारों की भीड़ बढ़ रही है यह खतरनाक है हमारे नौजवान अवसाद ग्रस्त हो रहे हैं और गलत राह पर जा रहे हैं. जिसका नतीजा दिन प्रतिदिन बढ़ता अपराध का ग्राफ है। सरकार को इस और देखना होगा, न सिर्फ केंद्र सरकार बल्कि राज्य में बैठी सरकारों को भी प्रबंध करना चाहिए वरना देश खतरे में है।
हज़रत ने कहा, सूफी संतो की यह पावन धरती आज नफरत की आग में झुलस रही है, सभी को इसे बचाने के लिए आगे आना होगा। हज़रत ने कहा कि ख्वाजा गरीब नवाज़ का यह कौल कि “मोहब्बत सबके लिए नफरत किसी से नहीं” आज बहुत ज़रूरी है क्योंकि इसपर अमल करके ही नफरत को हराया सकता है।

मस्जिदों को नमाजियों से भर दें लाउडस्पीकर की इजाज़त ले: सय्यद मोहम्मद अशरफ

संभल/ 8 जनवरी
मस्जिदों को नामाजियो से भर दें और लाउडस्पीकर की प्रशासन से इजाज़त लें यह बात आल इन्डिया उलेमा व मशायख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने संभल में एक जलसे को संबोधित करते हुए कही ।हज़रत ने साफ तौर पर कहा कि मुसलमान लाउडस्पीकर की आवाज़ की वजह से नमाज़ नहीं पड़ता बल्कि अपने रब के हुक्म से नमाज़ पढ़ता है हमें इस बात को अमली तौर पर बताना होगा।
उन्होंने कहा कि लाउडस्पीकर के लिए जो भी कानूनी तरीका हो उसे अपना कर इजाज़त हासिल करे और क़ानून का पूरा पालन करते हुए अपने दीनी फरीजे को भी पूरा करें । हज़रत ने लोगों से होश से काम लेने की बात कही जज्बात को काबू में रखते हुए काम करे ताकि नफरत अपने मकसद में हरगिज़ कामयाब न हो सके और मोहब्बत के फूल की खुश्बू पूरे चमन को महका दे।
हज़रत किछौछवी ने यह भी कहा कि मस्जिदों को हमे भरना होगा यह हमारी ज़िम्मेदारी है जिसे मुसलमान जान तो रहे हैं लेकिन अमल नहीं कर रहे हम जिस चीज का खुद ख्याल नहीं रख रहे अगर उसे लेकर बात होती है तो गलती हमारी है ,लोग आज तरह तरह से हमे उकसाने की साजिश रच रहें है हमें होशियार रहना होगा ।
अल्लाह के वालियो ने अल्लाह के हुकम और नबी की तालीम को हम तक पहुंचाया अगर हम औलिया अल्लाह से मोहब्बत रखते हैं तो मोहब्बत का तकाजा है कि महबूब की अदा को अपनाया जाय।

By: Yunus Mohani

मोहब्बत ज़िन्दगी है नफरत मौत : सय्यद मोहम्मद अशरफ

गोरखपुर/19 दिसम्बर
मोहब्बत ज़िन्दगी है और नफरत मौत यह बात कल मोहल्ला तुर्कमान गोरखपुर में एक धर्मसभा को संबोधित करते हुए आल इंडिया उलेमा व मशायख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने कहीं ,उन्होंने कहा नफरत समाज को तोड़ती है और मोहब्बत सभ्य समाज का निर्माण करती है ,नफरत आग लगाती है मोहब्बत उस आग को बुझाने का काम करती है,धर्म का संदेश मोहब्ब्त है और अधर्म नफरत है, फैसला आपको करना है कि आप धर्म के साथ हैं या अधर्म के।
हज़रत ने कहा लोग देश को तोड़ने की साजिश रच रहे हैं ,अफवाहों के बाज़ार गर्म है ऐसे माहौल में पैगम्बर हजरत मुहम्मद मुस्तफा सल्लललाहू अलैहि वसल्लम की शिक्षाओं पर अमल करके हम न सिर्फ अपने प्यारे देश बल्कि पूरे संसार में शांति स्थापित कर सकते हैं,उन्होंने कहा खास तौर से हमारी ज़िम्मेदारी है कि हम आपसी रिश्तों को मजबूत करे पड़ोसी के हक अदा करे साफ सफाई का ध्यान रखे ।
अपने धर्म पर पूरी तरह अमल करते हुए दूसरों की धार्मिक भावनाओं एवं धर्म का सम्मान करें,यही पैग़म्बरे इस्लाम की तालीम है अगर हम इसपर अमल नहीं करते तो हमारा मोहब्ब्त का दावा कमजोर है।देश के मौजूदा हालात पर बोलते हुए हज़रत ने कहा नफरत रोज़ नई सूरत में दिखाई दे रही है लोगों की इज्जत ,जान और माल सब वहशी दरिंदों के निशाने पर है देश का सम्मान तिरंगा भी इस बिगड़ी भीड़ को रास नहीं आ रहा और धर्मांध लोग इसे अपमानित कर रहे हैं सरकार को ऐसे तत्वों से सख्ती से निपटना होगा और सभी शांति के समर्थकों को एक साथ आकर इनके खिलाफ खड़ा होना होगा। हमे अपराधी धर्म आधार पर नहीं देखना चाहिए और न ही पीड़ित को अगर किसी पर भी ज़ुल्म होता है तो ज़ालिम का विरोध करना होगा।क्योंकि अपराधी सिर्फ अपराधी है हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई के रूप में उसकी पहचान नहीं की जानी चाहिए।
जलसे में बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत की जलसे का समापन सलातो सलाम के बाद मुल्क में अमन की दुआ के साथ हुआ।

By: Yunus Mohani

अमन वालों की ख़ामोशी भी ज़ुल्म है : सय्यद अशरफ

कोटा /11 दिसम्बर “अमन वालों कि ख़ामोशी भी ज़ुल्म है’ यह बात आल इंडिया उलेमा व मशायख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने एक जलसे में ख़िताब करते हुए कही .हजरत ने कहा सिर्फ ज़ुल्म करना ही इंसान को ज़ालिम नहीं बनाता बल्कि किसी के किसी के साथ ज़ुल्म करने पर खामोश रहना भी हमे ज़ालिम बनाता है .

उन्होंने कहा जिस तरह आये दिन वहशी दरिन्दे मजलूमों को अपना शिकार बना रहे है उन्हें मज़हब के आधार पर नहीं देखा जाना चाहिए बल्कि उन्हें दरिन्दे के तौर पर देखा जाना चाहिये और उनके खिलाफ इंसानियत के तकाजे पर खड़ा होना चाहिए, लेकिन समाज में जिस तरह की नफरत घुल रही है वहां धर्म पैमाना बनता जा रहा है, जोकि धर्म है ही नहीं ,क्योंकि धर्म मोहब्बत का सन्देश देता है, ज़ुल्म को समाप्त करने का मार्ग दिखाता है, न कि हमें हिंसक पशु बनाता है .

हज़रत ने कहा पैगम्बरे अमनो शांति सल्लललाहूअलहिवसल्लम की तालीमात पर अमल करने से आदमी इंसान बनता है और इंसान ज़ालिम नहीं होता, क्योंकि ज़ालिम आदमी हो सकता है इंसान नहीं.हज़रत ने बिना धर्म सम्प्रदाये का फर्क किये अमन वालों से ज़ुल्म के खिलाफ खड़े हो जाने की अपील की. उन्होंने कहा कि रसूले खुदा का फरमान है कि ज़ालिम और मजलूम दोनों की मदद करो ज़ालिम की मदद यह है कि उसे ज़ुल्म से रोक दिया जाये .
अमन वालों की ख़ामोशी ज़ालिम को और ज़ालिम बनाती है इस चुप्पी को तोडना होगा सबको मोहब्बत के साथ एक जुट होकर ज़ालिम के खिलाफ खड़ा होना होगा पैगाम वही है “मोहब्बत सबके लिए नफरत किसी से नहीं “
जलसे को मौलना उमर अशरफी ने भी संबोधित किया और हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे .

BY: Yunus Mohani

बिके हुए लोग अफवाहों को हवा देकर नफरत फैला रहे हैं :सय्यद मोहम्मद अशरफ

संतकबीर नगर /9 दिसम्बर
बिके हुए लोग अफवाहों को हवा देकर नफरत फैला रहे है यह बात संतकबीनगर ज़िले के धर्मसंघवा नामक स्थान पर एक कार्यक्रम में बोलते हुए आल इंडिया उलमा व मशायख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने कहीं ।
उन्होंने कहा, पूरी दुनिया में अफवाहों के कारोबारी ज़हर बेच रहे हैं हर तरफ ज़ुल्म हो रहा है, ऐसे में अगर अमन वाले लोग खामोश रहे तो दुनिया जल जायेगी, हमे न सिर्फ इस प्यारे वतन को बल्कि पूरी दुनिया को बचाने के लिए आगे आना होगा, अफवाहों पर ध्यान न दें आपस में मोहब्बत को बढ़ाइए ।
हज़रत ने कहा मुल्क में वहशी भेड़ियों की एक टोली घूम रही है जो ज़ुल्म के अंधेरे को कायम करना चाहती है ताकि अमन के उजाले को ख़तम कर दिया जाय, राजस्थान ,शब्बीरपुरा,दादरी ,हरियाणा इसी मंसूबे की कड़ियां हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि न कोई मुस्लिम हिन्दू से नफरत करता है न कोई हिन्दू मुसलमान से, न सिख ईसाई से, नफरत तो सियासत का घिनौना हथियार है जिसको मजहब का लिबास पहना कर ज़ुल्म किया जा रहा है। हज़रत ने कहा याद रखिए अगर ज़ुल्म के खिलाफ नहीं खड़े हुए तो आप भी मुजरिम हैं आप भी ज़ालिम साथ दे रहें है,लिहाज़ा मोहब्ब्त का दिया रोशन किजिए नफरत को नकार दीजिये ।हमारा पैग़ाम वही है मोहब्बत सबके लिए नफरत किसी से नहीं।
जलसे में मौलाना अली अहमद बिस्मिल अजीजी और मौलाना मकबूल सालिक मिस्बाही ने भी अपने ख्यालात का इजहार किया।

By: यूनुस मोहानी

पैग़म्बर -ए-अमन की तालीम पर अमल से ही दुनिया में अमन मुमकिन : सय्यद मोहम्मद अशरफ

कोलकाता/1दिसंबर
पैग़म्बर –ए-अमन की तालीम पर अमल सेे ही दुनिया में अमन मुमकिन है, यह बात एक जश्ने ईद मिलादुन्नबी प्रोग्राम में शिरकत करने कोलकाता आए आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने कहीं। उन्होंने आक़ा अलैहिस्सलाम की एक हदीस बयान की ”तुम्हारे शर (उत्पीड़न)से अगर तुम्हारा पड़ोसी सुरक्षित नहीं है तो तुम मोमिन नहीं हो सकते” और कहा कि अगर पूरी दुनिया इस पर अमल कर ले तो पूरी दुनिया में अमन कायम हो सकता है, क्योंकि एक इंसान दूसरे इंसान का पड़ोसी है, इसी तरह एक मोहल्ला दूसरे मोहल्ले के, एक गांव दूसरे गांव का, शहर दूसरे शहर का, एक प्रदेश दूसरे प्रदेश का, एक देश दूसरे देश का, इस तरह पूरी दुनिया एक दूसरे की पड़ोसी है, लिहाज़ा न किसी फौज की ज़रूरत होगी, न सुरक्षा की, न हथियारों की और यह धन स्वास्थ्य और शिक्षा पर खर्च होगा और दुनिया में अमन क़ायम हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि सबलोग मिलकर आक़ा की यौमे मीलाद मनाएं, इस दिन को यौमे अमन के तौर पर मनाया जाये, लोग मज़लूमों, ग़रीबों,बीमारों और यतीमों की खूब मदद करें और मज़हब और संप्रदाय देखे बिना लोगों की मदद करते रहें।
उधर बोर्ड के ऐलान पर पूरे भारत में आज बोर्ड की यूनिट में वृक्षारोपण का कार्यक्रम संपन्न हुआ, इसी क्रम में महाराजगंज शाखा में भी वृक्षारोपण कार्यक्रम संपन्न हुआ. इस मौके पर मुख्य मोहम्मद इद्रीस अशरफ़ी, रफ़ीक़ अशरफ़ी, इम्तियाज कुरैशी, मोबीन अशरफ़ी, गुलाम रसूल, मोहम्मद सलीम, फरमान कुरैशी, रशीद मोहम्मद साहब और शमीम अशरफ़ी मौजूद रहे।

By: यूनुस मोहानी

मज़लूमों की मदद है आक़ा अलैहिस्सलाम की मीलाद मानने का तरीक़ा : सय्यद मोहम्मद अशरफ

पूना/30 नवंबर
मज़लूमों की मदद है आका अलैहिस्सलाम की मीलाद मनाने का एक तरीक़ा, यह बात आल इंडिया उलमा व मशाईख बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष हज़रत सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने पूना में आयोजित एक धर्मसभा में कहीं,हज़रत ने कहा कि मुस्तफा करीम सल्ललल्लाहू अलैहि वसल्लम की मीलाद से मज़लूमों को ज़ुल्म से निजात मिली, गुमराहियों के घनघोर अंधेरों से छुटकारा मिला और तौहीद की रोशनी नसीब हुई, जहां खुद से खुद पर किए जा रहे ज़ुल्म से इस तरह निजात मिली वहीं ज़ालिमों के ज़ुल्म से भी लोगों को आजादी मिली, औरतों, यतीमों, गरीबों और मिस्कीनो को इज्जत से ज़िन्दगी गुजारने की आज़ादी और अधिकार मिले, यानी आक़ा की मीलाद से मज़लूमों को ज़ुल्म से निजात मिली, लिहाज़ा हमें इसे यौमे अमन के तौर पर मनाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बेहतर से बेहतर तरीक़े से हमें लोगों तक मदद पहुंचाना चाहिए, लोगों की ज़रूरतों का ख्याल रखा जाना चाहिए, यातीमों ,बेवाओं,गरीबों का ख्याल रखिए, बीमारों की अयादत कीजिए, महफ़िल सजाइए, लोगों में खाना बांटिए, दुरूद और सलाम की महफ़िल कीजिए, जुलूस निकालिये लेकिन ख्याल रहे कि यह रहमते आलम की मीलाद का जुलूस है, किसी को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए, अपने घर और मोहल्ले को साफ सुथरा कीजिए और सबको इस जश्न में शामिल होने की दावत दीजिए।
हज़रत किछौछवी ने हरे झंडे के साथ हर मज़हबी जलसे जुलूस में मुल्क के झंडे तिरंगे को शामिल करने की अपील भी की। आल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य हज़रत अम्मार अहमद अहमदी उर्फ नय्यर मियां की सरपरस्ती में दिल्ली के जोघाबाई एक्सटेंशन पर गरीबों को गरम कपड़े बांटे, इस मौक़े पर बोर्ड के राष्ट्रीय सचिव सय्यद हसन जामी, यूनुस मोहानी ,मौलाना मुख्तार अशरफ, अंजर अल्वी मौजूद रहे। बोर्ड के ऐलान के मुताबिक बोर्ड की हर शाखा इस काम को कर रही है, बोर्ड के अध्यक्ष के ऐलान पर पूरे देश में मीलाद को यौमे अमन के तौर पर मनाया जा रहा है।
By: यूनुस मोहानी